Homeदेश-समाजबुलंदशहर गोकशी के मामले में तीन आरोपितों पर लगा रासुका

बुलंदशहर गोकशी के मामले में तीन आरोपितों पर लगा रासुका

जिला मजिस्ट्रेट ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया कि जिन लोगों पर रासुका लगा है, उन्होंने हिन्दुओं की भावना को चोट पहुँचाया है।

पिछले महीने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में गोकशी घटना के संबंध में सात लोगों को गिरफ़्तार गया था। इनमें से तीन लोगों अज़हर ख़ान, नदीम ख़ान और महबूब अली पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है। दरअसल तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना तहसील में खेत के बाहर मवेशियों के कंकाल मिले थे। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपितों के विरोध में जमकर बवाल काटा था। गोकशी की घटना के बारे में सुनकर मौक़े पर पहुँची ग्रामीणों की भीड़ ने उत्पात मचाते हुए पुलिस चौकी पर हमला कर दिया था।

इस घटना के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक 20 वर्षीय नौजवान सुमित कुमार की मौत गोली लगने से हो गई थी। इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्याना का दौरा करके पुलिस अधिकारी को कानून के आधार पर सख़्त कार्रवाई करने का दिशा-निर्देश दिया था। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोकशी मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस जाँच के बाद गिरफ़्तार किए गए सात में से तीन आरोपितों पर रासुका लगाया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस मामले में घटना के संबंध में स्याना थाने में दो प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पहली प्राथमिकी हिंसा के संबंध में दर्ज हुई जिसमें करीब 80 लोगों को नामजद किया गया, जबकि दूसरी प्रथमिकी गोकशी के लिए दर्ज हुई थी।

इस मामले में सुनावाई के बाद जिला मजिस्ट्रेट अनुज झा ने कहा, “तीन आरोपितों ने जमानत के लिए आवेदन किया था और उन्हें जमानत मिलने की संभावना थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए, उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया है।” जिला मजिस्ट्रेट ने अपने बयान में यह भी कहा कि कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

पुलिस रिपोर्ट में इस बात की चर्चा है कि अज़हर ख़ान,नदीम ख़ान और महबूब अली को गलत तरह से धन कमाने के लिए गोकशी में संलिप्त पाया गया था। जज ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा था कि गोकशी में संलिप्त इन आरोपितों के कृत्य से महाव व नयाबांस गाँव में रहने वाले हिन्दुओं की भावना को चोट पहुँचाई गई है, जिसके बाद गाँव में हिंसा हुई।

इस तरह आरोपितों पर रासुका लगाए जाने के बाद उन मुट्ठी भर लोगों के मुँह पर ताला लग गया जो पूरी घटना के लिए हिन्दुओं को ज़िम्मेदार मानते थे। जिला मजिस्ट्रेट ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया कि जिन लोगों पर रासुका लगा है, उन्होंने हिन्दुओं की भावना को चोट पहुँचाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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