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नक्सलियों के चंगुल से कोबरा कमाण्डो राकेश्वर सिंह हुए रिहा, पत्नी ने कहा- ‘मैं सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ’

उनकी पत्नी मीनू ने कहा, "आज का दिन मेरे जीवन का सबसे खुशनुमा दिन है। मुझे आशा थी कि वह वापस आएँगे। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।"

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले के बाद अगवा किए गए कोबरा कमाण्डो राकेश्वर सिंह को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस सूत्रों से पता चला है कि राकेश्वर सिंह मन्हास को जंगल के रास्ते वापस लाया गया और इस समय वह सीआरपीएफ कैंप पहुँच गए हैं।

इस बीच उनकी पत्नी मीनू ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। मीनू ने कहा, “आज का दिन मेरे जीवन का सबसे खुशनुमा दिन है। मुझे आशा थी कि वह वापस आएँगे। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।” न्यूज तक की रिपोर्ट के अनुसार, राकेश्वर सिंह मन्हास अब सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ हैं और उनका मेडिकल एग्जामिनेशन हो रहा है।

बता दें कि बीजापुर हमले के बाद दो स्थानीय पत्रकारों को एक गुमनाम कॉल आई थी। कॉल में कहा गया था कि सीआरपीएफ जवान उनके कब्जे में है, जिसे वह कोई नुकसान नहीं पहुँचाएँगे।

शुरू में इन दावों का बीजापुर के पुलिस अधीक्षक ने खंडन किया। लेकिन, बाद में नक्सलियों ने राकेश्वर की फोटो जारी करके साबित कर दिया कि कोबरा जवान उन्हीं की गिरफ्त में है। नक्सलियों ने फोटो जारी करने के साथ माँग की, कि सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति करे, जिसके बाद राकेश्वर को छोड़ दिया जाएगा। इस पर राकेश्वर के भाई ने कहा कि उन्हें इस फोटो पर भरोसा नहीं है। नक्सली राकेश्वर का वीडियो अथवा ऑडियो जारी करें।

बता दें कि 3 अप्रैल 2021 को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद नक्सलियों द्वारा प्रेस नोट जारी करके हमले की पुष्टि की गई थी। इस मुठभेड़ में 23 जवान बलिदान हुए थे। वहीं घटना के बाद से कोबरा जवान राकेश्वर सिंह लापता थे। जम्मू स्थित राकेश्वर का परिवार लगातार उनकी रिहाई के लिए पीएम मोदी से गुहार लगा रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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