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ममता बनर्जी को कोविड के नाम पर चाहिए वो ‘छूट’ जो पहले ही केंद्र दे चुकी है, निर्मला सीतारमण ने हकीकत से कराया साक्षात्कार

वित्त मंत्री ने ट्विटर पर नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जानकारी दी कि कोविड-19 राहत वस्तुओं की सूची को आयात के लिए IGST से छूट 3 मई को ही दी गई थी, जबकि सीमा शुल्क/हेल्थ सेस से छूट बहुत पहले दी गई थी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डोनर्स के अनुरोध पर केंद्र सरकार से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, सिलेंडर और कोरोना से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी/सीमा शुल्क समेत अन्य ऐसे करों में छूट देने की माँग की है। इसको लेकर उन्होंने 9 मई, 2021 को पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।

पत्र में ममता ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बीच माँग और आपूर्ति के अंतर को कम करने के लिए बड़ी संख्या में संगठन, व्यक्ति और एजेंसियाँ जरूरी मेडिकल सेवाओं की आपूर्ति के लिए आगे आए हैं। इन दानदाताओं ने राज्य से एसजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी और कस्टम में छूट देने की माँग की है।

ममता द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा गया पत्र

हालाँकि, सीएम के पत्र से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें केंद्र की योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जिस छूट की माँग वो केंद्र से कर रही हैं वो पहले से ही राज्यों को दी गई हैं। लेकिन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा की गई माँग को सार्वजनिक किए जाने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें जवाब दिया। वित्त मंत्री ने ट्विटर पर नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जानकारी दी कि कोविड-19 राहत वस्तुओं की सूची को आयात के लिए IGST से छूट 3 मई को ही दी गई थी जबकि सीमा शुल्क/हेल्थ सेस से छूट बहुत पहले दी गई थी।

सीतारमण ने ममता बनर्जी से उस लिस्ट को दोबारा चेक करने का आग्रह किया है, क्योंकि सूची में जिन सामानों का जिक्र है उनमें पहले से ही छूट दी गई थी।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने ममता को इस बात की भी जानकारी दी कि भारतीय रेड क्रॉस द्वारा देश में बिल्कुल मुफ्त वितरण के लिए आयात की गईं सभी कोरोना राहत सामग्री को IGST समेत सभी प्रकार के टैक्स से छूट दी गई थी।

केंद्र द्वारा बनाए गए प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सीतारमण ने स्पष्ट किया कि परीक्षण किटों, ऑक्सीजन उपकरणों, महत्वपूर्ण दवाओं इत्यादि विभिन्न वस्तुओं पर टैक्स छूट तब लागू होती है जब किसी भी संस्था, राज्य सरकार, राहत एजेंसी, या स्वायत्त निकाय द्वारा किसी भी राज्य सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर देश में मुफ्त वितरण के लिए नि: शुल्क आयात किया जाता है।

वैक्सीन पर टैक्स स्लैब को स्पष्ट करते हुए, वित्त मंत्री ने मूल्य निर्धारण, टैक्सेशन और छूट का एक विस्तृत ब्यौरा दिया, जिसमें बताया गया कि क्यों वैक्सीन पर जीएसटी की पूरी छूट संभव नहीं है।

पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटों में लगभग कोरोना वायरस के 20,000 नए संक्रमित मिले। वहीं एक दिन में सर्वाधिक 127 मरीजों की मौत भी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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