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21 जून से सभी को लगेगी मुफ्त कोरोना वैक्सीन, CoWin पोर्टल पर पहले से रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं

21 जून से शुरू होने वाले इस चरण में Cowin.gov.in पर पहले रजिस्ट्रेशन कराना भी जरूरी नहीं है। सभी सरकारी और निजी टीकाकरण केंद्रों पर ही यह सुविधा लोगों को मुहैया कराई जाएगी।

भारत में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ फ्री वैक्सीनेशन अभियान के नए चरण की शुरुआत 21 जून यानी कल से होने वाली है। इस चरण में केंद्र सरकार 18 साल से ऊपर सभी लोगों को मुफ्त में वैक्सीन मुहैया करवाएगी। इस संबंध में 7 जून को ऐलान किया गया था। 

सरकार ने कहा था कि राज्य को अब टीका बनाने वाली कंपनियों से वैक्सीन नहीं खरीदनी होगी। 75% वैक्सीन केंद्र खरीदेगा और इसे राज्यों को मुफ्त में वितरित करेगा। बता दें कि बाकी बचे 25 फीसद वैक्सीन की खरीदारी निजी अस्पताल सीधे टीका निर्माता कंपनी से कर सकते हैं। लेकिन ये आँकड़ा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निजी अस्पतालों की माँग को अपने रिकॉर्ड में रखेंगे, ताकि राज्य के सभी अस्पतालों को समान हिस्सा मिल सके।

21 जून से शुरू होने वाले इस चरण में Cowin.gov.in पर पहले रजिस्ट्रेशन कराना भी जरूरी नहीं है। सभी सरकारी और निजी टीकाकरण केंद्रों पर ही यह सुविधा लोगों को मुहैया कराई जाएगी। इस चरण में किस राज्य को कितनी खुराक मिलेगी ये इस बात पर निर्भर होगा कि राज्य की आबादी क्या है, वहाँ कितने कोरोना मामले हैं और टीकाकरण की बर्बादी तो नहीं की गई आदि।

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया जा रहा ये अगला चरण भले ही सभी 18 साल के ऊपर के लोगों को वैक्सीन मुफ्त में मुहैया करवाएगा। लेकिन यदि किसी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वर्कर, 45 वर्ष की आयु वाले नागरिक और फिर वे नागरिक जिनकी दूसरी खुराक बाकी है तो उन्हें वैक्सीन का शॉट देना पहली प्राथमिकता होगी। इसके बाद 18 वर्ष और उससे अधिक के नागरिकों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र का कहना है कि जनसंख्या समूह के भीतर 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश वैक्सीन की आपूर्ति के आधार पर प्राथमिकता तय की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि भारत में पहला टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू 30 अप्रैल तक चला था। इस दौरान केंद्र सरकार की नीति यह रही कि उसने टीका निर्माताओं से 100% वैक्सीन की खरीद की और उन्हें राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में दिया। बाद के चरण में सरकार ने उदारीकृत नीति को लागू किया और टीका बनाने वाली कंपनियों से 50 प्रतिशत वैक्सीन खरीदी। वहीं बाकी की खरीददारी 50% राज्य और निजी अस्पतालों ने की। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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