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‘कॉन्ग्रेस का जासूसी कराने का रहा है इतिहास’: रविशंकर प्रसाद ने पेगासस फोन टैपिंग के आरोपों को बताया निराधार

रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉन्ग्रेस के सभी आरोपों को स्तरहीन बताते हुए कहा, ''कॉन्ग्रेस का इतिहास जासूसी का रहा है। हरियाणा के दो सिपाही जब राजीव गाँधी के आस-पास देखे गए तो उन्होंने केंद्र में चंद्रशेखर की सरकार गिरा दी थी।''

कॉन्ग्रेस ने केंद्र सरकार पर इजरायल के पेगासस (pegasus) सॉफ्टवेयर के जरिए फोन टैपिंग का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कॉन्ग्रेस के इन आरोपों को निराधार और स्तरहीन बताया है। उन्होंने इसे देश विरोधी एजेंडा चलाने की साजिश कहा है। बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉन्ग्रेस के सभी आरोपों को स्तरहीन बताते हुए कहा, ”कॉन्ग्रेस का इतिहास जासूसी का रहा है। हरियाणा के दो सिपाही जब राजीव गाँधी के आस-पास देखे गए तो उन्होंने केंद्र में चंद्रशेखर की सरकार गिरा दी थी।”

प्रसाद ने कहा कि दुनिया में लाखों डाटा बेस (DATA BASE) हैं। जब तक इसका कोई लिंक नहीं देगा तब तक यह कैसे प्रमाणित किया जा सकता है कि फोन की टैपिंग हुई है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने स्टोरी ब्रेक की है, उनके पास डाटा बेस होने का मतलब ये नहीं कि फोन टैप किए गए हैं। उन लोगों ने खुद कहा है कि ये फोन नंबर का डाटा बेस में होना इस बात का संकेत नहीं है कि इसे है​क किया गया है। उन्होंने कहा कि वायर की खबरें पहले भी झूठी साबित हो चुकी हैं। इसी तरह एम्नेस्टी इंटरनेशनल का रवैया भी हमेशा से भारत खिलाफ रहा है।

रविशंकर ने इस दौरान कॉन्ग्रेस से सवाल पूछा कि पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उस वक्त के गृहमंत्री चिदम्बरम के खिलाफ स्नूपिंग का आरोप लगाया था। उस बारे में आपका क्या कहना है। उन्होंने आगे कहा, “साल 2013 में हजारों लोगों के फोन टैप होते थे, उसके बारे में कॉन्ग्रेस का क्या कहना है?”

बता दें कि उन्होंने मॉनसून सत्र से पहले इस मामले पर कॉन्ग्रेस द्वारा बवाल करने पर सवाल उठाया है। प्रसाद ने कहा कि सारा मामला सामने आने के पीछे कॉन्ग्रेस का क्या एजेंडा है, यह देश को इस बारे में पता चलना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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