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हादसा या हत्या: धनबाद जज उत्तम आनंद मामले में ऑटो के पीछे जा रहे बाइक सवार की तलाश, आखिर रुका क्यों नहीं?

जज उत्तम आनंद को ऑटो ने जिस वक्त टक्कर मारी, ठीक उसी समय बाइक से एक शख्स हेलमेट पहने जा रहा है। आखिर क्या कारण है कि वो एक पल के लिए भी नहीं रुका, न ही एक बार पलट कर सड़क किनारे पड़े जज को देखा।

धनबाद सिविल कोर्ट के जज उत्तम आनंद की मौत की गुत्थी सुलझाने में एसआइटी लगी हुई है। इस मामले में एक बात सामने आई है कि 28 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान न्यायाधीश को ऑटो ने जिस वक्त टक्कर मारी थी, ठीक उसी समय बाइक से एक शख्स हेलमेट पहने जा रहा था।

उसका चेहरा और मोटरसाइकल नंबर सीसीटीवी में पता नहीं चल पा रहा है, लेकिन यह शख्स घटना के बाद एक पल के लिए भी मौका-ए-वारदात पर नहीं रुका, न ही एक बार भी पलट कर सड़क किनारे पड़े न्यायाधीश को देखा। यह ऑटो के पीछे-पीछे चला जा रहा था। बाइक सवार युवक की गतिविधि प्रथम दृष्टया संदेहास्पद लग रही है। पुलिस इसकी तलाश कर रही है।

इस बीच इस मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें बताया गया है कि उनके सिर पर लोहे की किसी भारी चीज से वार किया गया था। साथ ही सीने पर भी गहरी चोट थी। ऑटो की टक्कर से जज को मुँह के बल गिरना चाहिए था, जबकि वे पीछे की तरफ गिरे थे।

पुलिस हर एंगल से सुराग तलाशने में जुटी हुई है। पीडब्लूडी की मदद से पुलिस ने ये भी पता लगाने की कोशिश की कि कहीं सड़क पर फिसलन के कारण वे पीछे की तरफ तो नहीं गिरे, लेकिन जाँच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया।

इधर जज की मौत के मामले में लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। धनबाद एसएसपी संजीव कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत के मामले में पाथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी को निलंबित कर दिया है। इससे पहले  एसआईटी (SIT)  की टीम ने शनिवार (जुलाई 31, 2021) की देर रात पाथरडीट भोरिक खटाल निवासी ऑटो मालकिन सुगनी देवी के पति रामदेव लोहार को पाथरडीह के जंगल से धर दबोचा। रामदेव लोहार डकैती सहित कई अपराधिक वारदातों में शामिल रहा है।

गौरतलब है कि झारखंड के धनबाद में बुधवार (जुलाई 28, 2021) को दिनदहाड़े अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से एक हफ्ते में रिपोर्ट माँगी है। साथ ही कहा कि देश भर में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के संबंध में निश्चित तौर पर सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने  मामले में झारखंड सरकार से जवाब भी माँगा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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