Homeदेश-समाजझंडा फहराने के समय 'भारत माता की जय' पर आपत्ति, लगाए देश-विरोधी नारे: दुकान...

झंडा फहराने के समय ‘भारत माता की जय’ पर आपत्ति, लगाए देश-विरोधी नारे: दुकान और वाहन में तोड़फोड़, इंदौर पुलिस ने 3 को लिया हिरासत में

इस मामले में सद्दाम, सोहेल, शादाब, इमरान, रफीक, रजा भाइयों समेत 8 आरोपी नामजद हैं। आरोपियों के खिलाफ बलवा, पत्थरबाजी और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में झंडा फहराने के दौरान दो पक्षों में विवाद के बाद हुई हिंसा में दो लोग घायल हो गए हैं। वहीं, बवाल के दौरान दुकान और बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़-फोड़ की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी, एएसपी और टीआई मौके पर पहुँच गए। मामला शहर के तेजाजी नगर का इलाके है।

दरअसल, इलाके के नायता मुंडला स्थित कावेरी बिल्डिंग में 15 अगस्त को झंडा फहराने का कार्यक्रम चल रहा था। झंडा फहराने के दौरान लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इस पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई और दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाना शुरू कर दिए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद होने लगा और मामले ने तूल पकड़ लिया।

इस दौरान लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिये, जिसके बाद भगदड़ मच गई। उपद्रवी यहीं तक नहीं रूके, उन्होंने बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। हमले में कार, बाइक और अन्य वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया। दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई।

घटना की सूचना मिलते ही एसपी आशुतोष बागरी के नेतृत्व में एएसपी, टीआई और कई थानों के पुलिस बल मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

एसपी बागरे ने कहा कि देश विरोधी नारे लगाने वाले और उत्पात करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों के 15-15 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें सद्दाम, सोहेल, शादाब, इमरान, रफीक, रजा भाइयों समेत 8 आरोपी नामजद हैं। आरोपियों के खिलाफ बलवा, पत्थरबाजी और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, 3 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ पहले होते थे दंगे-हत्या, उस UP में कानून-व्यवस्था की बेहतर हुई तस्वीर: NCRB 2024 के आँकड़ों में दिखा बंगाल-तमिलनाडु-केरल-पंजाब से बेहतर माहौल

उत्तर प्रदेश की खासियत यह है कि इतनी अधिक जनसंख्या, अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और बड़े प्रशासनिक ढाँचे के बावजूद वहाँ अपराध दर नियंत्रण में रही।

100 हत्याएँ, 28 रेप, 95 मंदिरों में तोड़फोड़ और ईशनिंदा… बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर नहीं थम रहा जुल्म: 2026 के शुरुआती 4 महीनों...

HRCBM की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2026 के शुरुआती 4 महीनों के भीतर अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रताड़ना और हिंसा की 505 दर्दनाक घटनाएँ दर्ज हुई।
- विज्ञापन -