Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयअफगानी झंडा लहराने की माँग को लेकर जलालाबाद में सड़कों पर उतरे लोग, तालिबान...

अफगानी झंडा लहराने की माँग को लेकर जलालाबाद में सड़कों पर उतरे लोग, तालिबान ने गोलियों से भूना

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सैकड़ों लोगों को अफगानिस्तान का झंडा लेकर मार्च निकालते देखा जा सकता है। वीडियो के बैकग्राउंड में गोलियों की आवाजें आ रही हैं। लोग तालिबानियों से दूर भागते देखे जा सकते हैं।

अफगानिस्तान में तालिबानियों के कब्जे के बाद अब वहाँ खुली सड़कों पर गोलियाँ चल रही हैं। ताजा घटना जलालाबाद शहर में देखने को मिली, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारी अपना झंडा लेकर तालिबान का विरोध कर रहे थे कि तभी तालिबानियों ने गोली चलानी शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में 2 लोगों की मौत और 8 घायल हुए हैं। 

संबंधित खबर का स्क्रीनशॉट

जानकारी के मुताबिक, तालिबान के विरोध में अफगानिस्तान के जलालाबाद में लोग सड़कों पर उतरे थे। उनकी माँग थी कि कार्यालयों पर अफगानिस्तानी झंडे लगाए जाएँ। लेकिन, इस बीच तालिबानियों ने उन पर गोली चला दी। साथ में कुछ प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को बुरी तरह पीटा भी गया।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सैकड़ों लोगों को अफगानिस्तान का झंडा लेकर मार्च निकालते देखा जा सकता है। वीडियो के बैकग्राउंड में गोलियों की आवाजें आ रही हैं। लोग तालिबानियों से दूर भागते देखे जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अफगान महिलाओं के एक समूह ने अपने अधिकारों की माँग के लिए प्रदर्शन किया था। हालाँकि वहीं दूसरी ओर एक महिला को बुर्का न पहनने के लिए मार देने का मामला भी सामने आया था। इधर, काबुल एयरपोर्ट पर भी तालिबानी हमले की घटना हुई। वहाँ तालिबान ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारधार हथियारों का इस्तेमाल किया और बिना इधर-उधर देखे महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मारा गया। सामने आई तस्वीरों में खून से लथपथ पीड़ित काबुल एयरपोर्ट पर देखे जा सकते हैं।

तस्वीर साभार: डेलीमेल

कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि तालिबानी अब न केवल डोर-टू-डोर जाकर उन लोगों को मार रहे हैं जिन्होंने अमेरिकी सेना के लिए काम किया बल्कि जबरन लड़कियों को उठा कर उनसे शादी भी कर रहे हैं।

तस्वीर साभार: डेलीमेल
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -