Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयअफगानिस्तान से सिखों को ही नहीं, गुरुग्रंथ साहिब भी ला रही मोदी सरकार: सिर...

अफगानिस्तान से सिखों को ही नहीं, गुरुग्रंथ साहिब भी ला रही मोदी सरकार: सिर पर पवित्र पुस्तकों को रख विमान का इंतजार

इससे पहले भारत ने अफगान से अपने नागरिकों को निकालने के प्रयास में करीबन 400 लोगों को एयरलिफ्ट किया था। इनमें 60 अफगानी थे जिनमें 23 सिख और हिंदू थे। इनके अलावा इनमें वहाँ के दो सांसद (अनारकली होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा) भी शामिल थे।

अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में अफगान में फँसे हिंदू और सिखों की मदद भी की जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल में फँसे भारतीय नागरिकों समेत 46 अफगान हिंदू और सिखों को एक विमान के जरिए भारत लाया जा रहा है। खास बात यह है कि वहाँ से ये लोग विमान में तीन श्री गुरुगंथ साहिब साथ में ला रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, “भारतीय वायु सेना के विमान से अफगानिस्तान में फँसे भारतीय नागरिकों और 46 अफगान हिंदुओं और सिखों के साथ तीन श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भारत लाया जा रहा है।”

वीडियो में देख सकते हैं कि कई सिख एक गाड़ी में बैठे हैं और कोई एक व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वीडियो रिकॉर्ड करते हुए बता रहा है कि वो लोग बस प्लेन में बैठने जा रहे हैं। वीडियो में देख सकते हैं कि भारत से मदद पाकर ये अफगानी सिख भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय और पुनीत सिंह का आभार जता रहे हैं। सिखों का कहना है कि उनकी मदद करके उन्हें अफगानिस्तान से बाहर निकाला जा रहा है।

इसके अलावा एक तस्वीर सामने आई है जिसमें तीन सिख श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सिर पर लेकर एयरपोर्ट पर प्लेन का इंतजार कर रहे हैं। इस तस्वीर को पिक्चर ऑफ द डे बता कर कई यूजर्स भावुक हो रहे हैं और ‘जो बोले सो निहाल’ कहते हुए भारत को आभार दे रहे हैं।

भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह लिखते हैं, “अफ़गानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब का भारत लाया जाना भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को मानने वाली संस्कृति का प्रतीक है जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार हर धर्म के हमारे भाइयों बहनों की आस्था, विश्वास और श्रद्धा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है!”

बता दें कि इससे पहले भारत ने अफगान से अपने नागरिकों को निकालने के प्रयास में करीबन 400 लोगों को एयरलिफ्ट किया था। इनमें 60 अफगानी थे जिनमें 23 सिख और हिंदू थे। इनके अलावा इनमें वहाँ के दो सांसद (अनारकली होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा) भी शामिल थे। एक अफगान महिला ने भारत की जमीन पर कदम रखते ही भारत का धन्यवाद दिया था। महिला ने कहा था कि तालिबान ने उनका घर जला दिया। वो भारत की मदद के लिए धन्यवाद देती हैं।

खालसा ने रिपोर्टरों से बात करते हुए कहा, “भारत हमारा दूसरा घर हैं। चाहे हम अफगान में ही रहे लेकिन तब भी वहाँ के लोग हमें हिंदुस्तानी कहते थे। मैं इस मदद के हाथ के लिए धन्यवाद देता हूँ।” वह कहते हैं, “मुझे रोना आ रहा था। सब कुछ बर्बाद हो गया। देश छोड़ने का निर्णय बहुत ही दर्दनाक और दुखद था। ऐसा लगता है जैसे सब छिन गया।” वहीं होनरयार ने कहा, “मैं भारत का, पीएम मोदी का, विदेश मंत्रालय का, भारतीय वायुसेना का आभार व्यक्त करती हूँ कि उन्होंने काबुल से सब लोगों को लेकर उड़ान भरी और मेरी जान बचाई।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

FCRA Bill को ‘ईसाई संस्थानों की लूट’ बताने वाले बिशप जोसेफ डिसूजा के दावों की खुली पोल, द वायर ने फिर फैलाया वही नैरेटिव:...

द वायर ने बिशप जोसेफ डिसूजा के FCRA Bill विरोधी दावों को फिर से उछाला है, जबकि प्रस्तावित कानून पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

कॉन्ग्रेस-NSUI को घुसाकर छात्र आंदोलन को कमजोर कर रही सरकार, छात्रों ने कहा- हमें बाँटने की हो रही कोशिश: सुप्रीम कोर्ट पहुँचा मामला, CBI...

झारखंड छात्र आंदोलन में कॉन्ग्रेस-NSUI को घुसाने की कोशिश। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आंदोलन को बाँटकर कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है।
- विज्ञापन -