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‘बीमारी के नाम पर कभी चुनाव प्रचार… तो कभी जीप चला रहा लालू यादव’ – कोर्ट में पेशी से राहत, भड़के यूजर्स

"चारा घोटाले की सजा पाए हुए इस आदमी ने बीमारी के नाम पर जमानत लिया और बाहर आकर कभी प्रचार, कभी जुलूस निकाल रहा है, तो कभी गाड़ी चला रहा है।"

“अगली तारीख को अदालत लगभग 200 गवाहों से पूछताछ करेगी। उस दिन लालू सीबीआई कोर्ट में पेश नहीं होंगे। वह बीमार चल रहे हैं। डॉक्‍टर उनका इलाज कर रहे हैं। इसलिए सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 30 नवम्‍बर को सशरीर उपस्थित रहने से राहत दी है। वह वकील के जरिए अपनी बात रख सकेंगे।”

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (सजायाफ्ता अपराधी) के खिलाफ करोड़ों के चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट में अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। इसी को लेकर उनके वकील ने ऊपर वाली बात कही। वकील ने यह भी कहा कि आगे कहा कि जब भी उनकी जरूरत होगी, वे अदालत के समक्ष पेश होंगे।

इससे पहले 23 नवंबर को लालू सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष सशरीर उपस्थित हुआ था। वकील भले ही लालू के बीमार (बहुत बीमार होने की बात कर रहे, इतना कि कोर्ट तक पहुँचना भी असंभव) होने की बात कह रहे लेकिन इससे इतर लालू प्रसाद ने बुधवार की सुबह (24 नवंबर 2021) पटना में जीप चलाकर सबको चौंका दिया।

73 वर्षीय बीमार लालू के ड्राइविंग कौशल का वीडियो सोशल मीडिया खूब वायरल हुआ था। एनडीटीवी के पत्रकार के साथ कई लोगों ने उनके इस वीडियो को साझा किया था। बीमार लालू सर्दी के मौसम में ओपन जीप चला रहा था और लिबरल मीडिया वीडियो शेयर कर फूले नहीं समा रही थी!

पत्रकार भले ही लालू का यह वीडियो शेयर करते हुए खुश नजर आए हों, लेकिन यूजर्स उसकी बीमारी का बहाना बनाने और जेल से बाहर मस्ती करने पर काफी भड़के हुए नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री (वर्तमान का सजायाफ्ता अपराधी) को आड़े हाथों लिया। एक यूजर ने लिखा:

”देश में चारा घोटाले की सजा पाए हुए इस आदमी ने बीमारी के नाम पर जमानत लिया और बाहर आकर कभी प्रचार, कभी जुलूस निकाल रहा है, तो कभी गाड़ी चला रहा है। क्या हमारे देश का कानून इतना कमजोर है। ऐसे किया जाता है कानून से खिलवाड़।”

साभार: ट्विटर

विकास सिंह नाम के यूजर ने लिखा, ”कौन से घोटाले के पैसे से इसे खरीदा था? या फिर सीधा शोरूम से धमका के लूट लिया था।”

साभार: ट्विटर

इसके अलावा बीमार लालू ने पटना में 25 नवंबर को राजद के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला किया था। उसने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को ‘किसानों की जीत और अहंकार की हार’ करार दिया था। साथ ही उसने किसानों के लाभ के लिए केंद्र से न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) तय करने की माँग भी की थी। 

बता दें कि लालू बीमारी में भी चुनाव प्रचार करता है। पिछले महीने कॉन्ग्रेस ने बिहार प्रभारी भक्त चरण दास के खिलाफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमकर लताड़ा था। वो भी उसके द्वारा की गई जातिगत टिप्पणी के लिए। तारापुर और कुशेश्वर अस्थान विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर 24 अक्टूबर को लालू ने अपनी पूर्व सहयोगी कॉन्ग्रेस का जमकर मजाक उड़ाया था। उसने कहा था, ”कॉन्ग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास भकचोन्हर (stupid person) हैं। उपचुनाव में हारने के लिए कॉन्ग्रेस को सीट नहीं दे सकते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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