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‘बड़ों के लिए WFH तो बच्चों को स्कूल जाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है?’: प्रदूषण पर केजरीवाल सरकार को SC की फटकार, कहा- 24 घंटे में पेश करें समाधान

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण रोकने के लिए 24 घंटे के अंदर योजना के साथ पेश होने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि अगर यह सरकार प्रदूषण रोकने में कोई कदम उठाने में चूकती है तो कोर्ट इस बारे में आदेश देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में बढ़ रहे प्रदूषण के बीच बच्चों के स्कूल खोलने पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई है। स्कूल खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की खिंचाई करते हुए पूछा, “जब सरकार ने बड़ों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू किया है तो बच्चों को स्कूल जाने पर क्यों मजबूर किया जा रहा है?” कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद कुछ नहीं किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा, “आपने हमें कहा था कि स्कूल बंद हैं, लेकिन छोटे बच्चे स्कूल जा रहे हैं। बड़े वर्क फ्रॉम होम करें और बच्चे स्कूल जाएँ?” दिल्ली सरकार की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में अदालत को बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण रोकने के लिए 24 घंटे के अंदर योजना के साथ पेश होने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि अगर यह सरकार प्रदूषण रोकने में कोई कदम उठाने में चूकती है तो कोर्ट इस बारे में आदेश देगा। सर्वोच्च न्यायालय अब इस मामले में कल (3 दिसंबर 2021) सुबह 10 बजे सुनवाई करेगा। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (2 दिसंबर 2021) को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर 17 वर्षीय छात्र आदित्य दुबे की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमें लगता है वायु प्रदूषण के मुद्दे पर कुछ हो ही नहीं रहा, जबकि इसका स्तर लगातार खराब होता जा रहा है। सिर्फ समय बर्बाद हो रहा है।” 

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सीजेआई ने कहा, “हम औद्योगिक और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को लेकर गंभीर हैं। आप हमारे कंधों पर रखकर बंदूक नहीं चला सकते। आपको कदम उठाने होंगे। स्कूल क्यों खुले हैं? अगर आप बाहर निकलने का विकल्प देंगे तो घर में कौन करना चाहेगा? हमारे भी बच्चे और नाती-पोते हैं। हम चाहते हैं कि आप इस पर गंभीरता से विचार करें और समाधान निकालें।” 

वहीं, दिल्‍ली में प्रदूषण के हालात पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉल‍िसीटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। मेहता ने अदालत को बताया कि अधिकारी इस दिशा में गंभीरतापूर्वक और तेजी से काम कर रहे हैं और उन उद्योगों को बंद किया जा रहा है, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस बारे में राज्य सरकारों को भी जानकारी दी गई है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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