Homeदेश-समाजअमृतसर के बाद अब कपूरथला में सिख भीड़ ने मार डाला, 'निशान साहिब' की...

अमृतसर के बाद अब कपूरथला में सिख भीड़ ने मार डाला, ‘निशान साहिब’ की बेअदबी का आरोप: पुलिस की मौजूदगी में घटना

सुबह के 4 बजे उसे पकड़ा गया। गाँव वालों का कहना था कि उसने 'निशान साहिब (सिख ध्वज)' की बेअदबी की है।

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बाद अब कपूरथला में सिख भीड़ ने एक व्यक्ति को गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी का आरोप लगा पीट-पीट कर मार डाला। अमृतसर वाली घटना के कुछ ही घंटों बाद रविवार (19 दिसंबर, 2021) को ये घटना हुई। रविवार की तड़के सुबह ही निजामपुर गाँव के लोगों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया था। सुबह के 4 बजे उसे पकड़ा गया। गाँव वालों का कहना था कि उसने ‘निशान साहिब (सिख ध्वज)’ की बेअदबी की है।

इस मामले का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें लोगों को उक्त व्यक्ति की पिटाई करते हुए देखा गया था। पुलिस की मौजूदगी में ये घटना हुई है। हाथ-पाँव बाँध कर उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। सिख जत्थेबंदियों ने उसे बंधक बना कर रखा हुआ था। वहाँ भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और सिख भीड़ के साथ उसकी झड़प भी हुई। पुलिस ने काफी देर तक मौत की पुष्टि नहीं की और श्रद्धालुओं के घायल होने की बात कही। हालाँकि, अब उसके मौत की खबर सामने आई है।

इससे पहले क्या मिली थी जानकारी

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की घटना और एक युवक की हत्या के 12 घंटों के भीतर कपूरथला जिले में स्थित गाँव निजामपुर में फिर से ऐसी ही घटना घटी। एक युवक ने निजामपुर के गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का प्रयास किया। आरोपित युवक को गाँव की संगत ने पकड़ लिया। निजामपुर गुरुद्वारा में बेअदबी के आरोपित युवक को पकड़ने के बाद बहुत मारा गया। इसका वीडियो भी बनाया गया। भीड़ का कहना था कि वो आरोपित को पुलिस को नहीं सौंपेंगे।

निजामपुर के ग्रामीणों ने सिख संगठनों को इस मामले में बुलाया और उनके द्वारा ही फैसला करने की बात कही थी। निजामपुर गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का आरोपित खुद को दिल्ली का बता रहा था। यह पूरी घटना रविवार सुबह 4 बजे की बताई जा रही है। आरोपित युवक गुरुद्वारे के निशान साहिब के ऊपर चढ़ कर कपड़ा खोल रहा था। जब वो नीचे उतरा तो गुरुद्वारा में नितनेम के लिए आई संगत ने उसे पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -