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‘सेरोगेसी से रेडीमेड बच्चे हासिल करने वाली माँ के भीतर कैसी भावना होती होगी?’: तसलीमा नासरीन, प्रियंका की बहन मीरा बोलीं- बनेंगी सुपर मॉम

तसलीमा ने लिखा, "मैं तब तक सरोगेसी स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक कि अमीर महिलाएँ सरोगेट मॉम नहीं बनतीं। मैं तब तक बुर्का स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक पुरुष इसे प्यार से नहीं पहनेंगे। मैं तब तक वेश्यावृत्ति स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक कि पुरुष वेश्यावृत्ति में नहीं आ उतर जाते और वे महिला ग्राहकों का इंतजार नहीं करते। तब तक मैं इसे महिलाओं और गरीबों का सिर्फ शोषण ही मानूँगी।"

बॉलीवुड-हॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और उनके पति निक जोनस (Nick Jonas) ने बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि वो सरोगेसी के जरिए एक बच्चे के माता-पिता बन गए हैं। इस खुशखबरी पर प्रियंका की कजिन मीरा चोपड़ा की प्रतिक्रिया सामने आई है। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में मीरा चोपड़ा (Meera Chopra) ने कन्फर्म किया है कि उनकी बहन को बेटी हुई है। उन्होंने बताया, “प्रियंका हमेशा से बहुत सारे बच्चे चाहती थीं। मैं उनके जीवन के नए अध्याय को लेकर काफी खुश हूँ। वह अपनी बेटी की सुपर मॉम बनने वाली हैं। उन्होंने अपने जीवन के हर हिस्से में बेहतरीन किया है। माँ बनना उनके पावरफुल व्यक्तित्व का एक्सटेंशन है। हम सभी को प्रियंका पर काफी गर्व है।”

वहीं, दूसरी ओर सरोगेसी के दुरुपयोग को लेकर मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन (Taslima Nasreen) ने बिना नाम लिए ट्विटर पर प्रियंका चोपड़ा को लताड़ा है। तसलीमा ने ट्वीट किया, “सरोगेसी गरीब महिलाओं के कारण संभव है। अमीर अपने फायदे के लिए समाज में गरीबी हमेशा बनाए रखना चाहते हैं। अगर आपको बच्चे पालने बेहद जरूरी हैं तो किसी बेघर बच्चे को गोद लें। बच्चों को आपके गुण विरासत में मिलने चाहिए- यह एक स्वार्थी और संकीर्णतावादी अहंकार है।”

लेखिका ने आगे लिखा, “उन माताओं को कैसा महसूस होता है, जब वे सरोगेसी के माध्यम से अपने रेडीमेड बच्चे प्राप्त करती हैं? क्या उनमें भी बच्चों के लिए वैसी ही भावनाएँ होती हैं जैसी कि बच्चों को जन्म देने वाली माँ के भीतर होती हैं?” सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स तसलीमा नसरीन के विचारों से सहमत नजर आए। उन्होंने इस तथ्य की ओर भी इशारा किया कि सरोगेसी का विकल्प अक्सर मेडिकल संबंधी परेशानियों के कारण चुना जाता है।

तसलीमा नसरीन यही नहीं रुकीं, उन्होंने सरोगेसी को लेकर रविवार (23 जनवरी 2022) को भी एक और ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मैं तब तक सरोगेसी स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक कि अमीर महिलाएँ सरोगेट मॉम नहीं बनतीं। मैं तब तक बुर्का स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक पुरुष इसे प्यार से नहीं पहनेंगे। मैं तब तक वेश्यावृत्ति स्वीकार नहीं करूँगी, जब तक कि पुरुष वेश्यावृत्ति में नहीं आ उतर जाते और वे महिला ग्राहकों का इंतजार नहीं करते। तब तक मैं सरोगेसी, बुर्का, वेश्यावृत्ति को महिलाओं और गरीबों का सिर्फ शोषण ही मानूँगी।”

सरोगेसी होती क्या है?

सरोगेसी का अर्थ यदि सामान्य भाषा में समझें तो जब एक महिला अपनी कोख में किसी और का बच्चा पालने के लिए समझौता करती है और फिर बच्चे के जन्म के बाद उन्हें सौंप देती है तो उस प्रक्रिया को ‘सरोगेसी’ कहा जाता है, जबकि बच्चा पैदा करने वाली औरत ‘सरोगेट मदर’ कहलाती है। सामान्यत: इस प्रक्रिया को उस समय इस्तेमाल किया जाता है, जब दंपत्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो, प्रेगनेंसी से महिला को खतरा हो या फिर औरत खुद अपनी इच्छा से बच्चे को जन्म न देना चाहती हो।

बता दें कि प्रियंका और अमेरिकी सिंगर निक जोनस ने शुक्रवार (21 जनवरी 2022) देर रात सोशल मीडिया पर वेलकम बेबी का मैसेज शेयर कर अपने फैंस को इसकी जानकारी दी थी। 39 वर्षीय एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था, “हमें यह बताते हुए बेहद खुशी है कि हमने सरोगेसी के जरिए अपने बच्चे का स्वागत किया है। हम सम्मान के साथ कहना चाहते हैं कि इस खास मौके पर आप हमारी प्राइवेसी का ख्याल रखें, क्योंकि हम अपने परिवार पर फो​कस करना चाहते हैं। धन्यवाद।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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