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सपा के जिस MLA ने नमाज के लिए विधानसभा में माँगा था कमरा, उसके भाई पर तीन तलाक का केस: बीवी ने लगाया पीटने व अवैध संबंध का आरोप

इरफान ने सितंबर 2021 में उन्होंने झारखंड की तर्ज पर UP विधानसभा में भी नमाज़ के लिए कमरे की माँग की थी। मई 2020 में उन्होंने कोरोना काल में गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए उन्होंने भीड़ जुटाई थी। मार्च 2022 में विधानसभा में जीत के बाद उन्होंने प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए एक बड़ा जुलूस निकाला था। इस मामले में उन पर FIR भी दर्ज हुई थी।

कानपुर (Kanpur) की सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा (Samajwadi Party) विधायक इरफान सोलंकी के भाई फरहान पर उनकी पत्नी ने तीन तलाक को लेकर FIR दर्ज करवाई है। इसके साथ पीड़िता ने चकेरी थाने में दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत दी है। इस मामले में पीड़िता ने अपने देवर इमरान और उसकी बीवी रूबी को भी नामजद किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता का नाम अम्बरीन फातिमा है। कानपुर के ही डिफेन्स कॉलोनी की रहने वाली फातिमा का निकाह 25 मार्च 2009 को कानपुर के फरहान सोलंकी से हुआ था। पीड़िता के 3 बच्चे भी हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया, “निकाह के 2 साल बाद फरहान के दूसरी लड़की से अवैध रिश्ते हो गए। जब मैंने इसका विरोध किया तब मुझे मारा-पीटा गया।”

शिकायत में आगे कहा गया है, “कुछ समय बाद फरहान ने मुझ से 5 लाख रुपए दहेज लाने के लिए कहा। मेरे इनकार पर वो लगातार दूसरा निकाह की धमकी देता रहा। 8 सितंबर 2019 को फरहान ने मुझे 3 तलाक देकर घर से निकाल दिया। मैंने इसकी शिकायत चकेरी थाने में की, लेकिन विधायक इरफान सोलंकी के दबाव में पुलिस ने कोई करवाई नहीं की।” फातिमा के मुताबिक, जब वह फरहान की शिकायत अपने जेठ इरफ़ान से करती, तब वह समझौता करवाने का झूठा दिलासा देते थे।

पीड़िता अम्बरीन ने इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कानपुर के पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है। कमिश्नर के आदेश के बाद चकेरी थाना पुलिस ने आरोपित शौहर फरहान के साथ पीड़िता के देवर और देवरानी पर तीन तलाक, मारपीट, दहेज अधिनियम और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। ACP कैंट मृगांक शेखर ने अमर उजाला को बताया कि केस दर्ज कर के मामले की जाँच की जा रही है और सबूतों को जुटाया जा रहा है।

विवादित बयानों और कारनामों के लिए चर्चित हैं इरफान सोलंकी

गौरतलब है कि सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी अपने विवादित बयानों और कारनामों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। कुछ दिन पहले 18 जून 2022 को उन्होंने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अग्निपथ योजना के विरोध में पुतला फूँकते हुए प्रदर्शन किया था।

सितंबर 2021 में उन्होंने झारखंड की तर्ज पर UP विधानसभा में भी नमाज़ के लिए कमरे की माँग की थी। मई 2020 में उन्होंने कोरोना काल में गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए उन्होंने भीड़ जुटाई थी। मार्च 2022 में विधानसभा में जीत के बाद उन्होंने प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए एक बड़ा जुलूस निकाला था। इस मामले में उन पर FIR भी दर्ज हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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