Home Blog Page 3950

माओवादी लिंक को लेकर वकीलों-एक्टिविस्ट्स के ठिकानों पर रेड, आंध्र-तेलंगाना में NIA की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई बड़े वकीलों और विभिन्न संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी की। छापेमारी 22 ऐसे लोगों पर की गई जिन पर माओवादियों के साथ संबंध का संदेह था। हैदराबाद में एनआईए ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तेलंगाना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता वी रथुनाथ और जन नित्या मंडली के पूर्व सदस्य दप्पू रमेश के घरों पर छापा मारा।

आंध्र प्रदेश में भी कई व्यक्तियों पर माओवादी के साथ संबंध के संदेह में छापे मारे गए। इनमें मानव अधिकार मंच के समन्वय समिति के सदस्य वीएस कृष्णा, आंध्रप्रदेश सिविल लिबर्टीज कमेटी (APCLC) के महासचिव चिलिका चंद्रशेखर, रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन की वरलक्ष्मी, APCLC के अध्यक्ष सी बाबू, अधिवक्ता के. पद्मा और के. चेलम, रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन के जी. पिनाकपाणी और ‘रायलसीमा विद्यावंथुला वेदिका’ के अध्यक्ष सोमशेखर शर्मा शामिल हैं।

रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन, सिविल लिबर्टीज कमेटी, प्रजा कला मंडली और चैतन्य महिला संगम जैसी संस्थाओं के अन्य सदस्यों और कार्यकर्ताओं के घरों पर भी एनआईए द्वारा छापेमारी की गई।

OpIndia पहले भी सिविल सोसायटी, सीआरपीपी और माओवादियों के संबंधों पर आधारित रिपोर्ट दे चुका है।

APCLC और चिलिका चंद्रशेखर के माओवादी संबंध

हथियारों से लैस माओवादियों के साथ संबंध रखने और जिला पंचायत के वाइस चेयरमैन समिदा रविशंकर की हत्या में माओवादियों का साथ देने के जुर्म में APCLC के कई कार्यकर्ता पकड़े जा चुके हैं। 2012 में माओवादियों की सांस्कृतिक संस्था चेतना नाट्य मंच के 18 सदस्यों के साथ APCLC के 2 सदस्य गिरफ्तार हुए थे। 2003 में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर हमले के आरोप में आंध्रप्रदेश पुलिस ने APCLC के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

2014 में वारवरा राव और APCLC के महासचिव चिलिका चंद्रशेखर समेत 50 लोग हैदराबाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। दरअसल उच्च न्यायालय ने प्रतिबंधित माओवादी पार्टी के प्रमुख संगठन ‘फोरम फॉर पॉलिटिकल अल्टरनेटिव’ को मीटिंग की अनुमति नहीं दी थी और उसके बाद भी इस मीटिंग का आयोजन किया जा रहा था। APCLC के संबंध वारवरा राव के साथ रहे हैं जो 2017 में गढ़चिरौली में मारे गए माओवादी के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था और माओवादी कमांडर कपुका प्रभाकर के मौत की बरसी पर भी गया था।  

सीआरपीपी और भीमा-कोरेगाँव हिंसा

CRPP एक अन्य संगठन है जिसके विरुद्ध पुणे पुलिस द्वारा जाँच की जा रही है। इस संगठन पर भीमा-कोरेगाँव की हिंसा और प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की साजिश का आरोप है। पुणे पुलिस द्वारा एक अन्य कार्यकर्ता वर्नोन गोंसाल्विस पर छापेमारी की गई जो सीआरपीपी का एक कार्यकारी सदस्य है। जून में गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक रोना विल्सन है, जो सीआरपीपी का जनसंपर्क सचिव है। सीआरपीपी का अध्यक्ष एसएआर गिलानी है जो 2016 में राजद्रोह के लिए गिरफ्तार किया गया था। गिलानी स्वतंत्र कश्मीर का समर्थक रहा है।

जिस सीआरपीपी के सदस्यों पर पुणे पुलिस द्वारा की गई छापेमारी का कॉन्ग्रेस विरोध करती रही है, उसे कॉन्ग्रेस ने ही 2011 में एक माओवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित किया था। 5 मार्च को आंध्रप्रदेश द्वारा फाइल किए गए मंचिंगपुट केस को एनआईए ने अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था। इस केस में 80 लोगों के विरुद्ध UAPA के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। नवंबर 2020 में पुलिस ने स्थानीय पत्रकार पी. नागन्ना के यहाँ छापेमारी करके माओवादी साहित्य जब्त किया, जिसके आधार पर केस दर्ज हुआ। इसके बाद ही 80 लोगों का नाम दर्ज किया गया और जाँच प्रारंभ हुई।

मंदिर की दानपेटी में कंडोम रखा, घर की दीवार पर सिर मार-मार मरा नवाज: रहीम-तौफीक गुनाह कबूलने भगवान की शरण में पहुँचे

कर्नाटक के मंगलुरू में स्वामी कोरगज्जा को लेकर स्थानीयों के मन में असीम आस्था है। लोग उन्हें भगवान शिव का अवतार मानते हैं। पिछले दिनों कोरगज्जा के मंदिर में कई अभद्र घटनाएँ हुईं। मंदिर की दानपेटी में कंडोम तक डाल दिया गया।

ऐसे घृणित वाकये के बावजूद पुलिस आरोपितों को ढूँढने में असमर्थ थी। निराश श्रद्धालु लगातार कोरगज्जा भगवान से ऐसे विधर्मियों को सजा देने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। कुछ दिन पहले भगवान ने अपने श्रद्धालुओं की सुनी और ऐसी स्थिति पैदा हो गई कि विधर्मी स्वयं मंदिर में आकर माफी माँगने लगे।

ये बिलकुल वास्तविक घटना है। इसी साल जनवरी में मंदिर की दानपेटी से एक कंडोम निकला था, जिसके बाद से वहाँ हड़कंप था। लेकिन तीन दिन पहले अचानक दूसरे समुदाय के दो लड़के मंदिर में आए और पुजारी के सामने माफी के लिए गिड़गिड़ाने लगे।

मंदिर की दानपेटी में कंडोम
मंगलुरु में मंदिर की दानपेटी में मिला कंडोम (साभार: Public TV)

पहले पुजारी को लगा कि वह मजाक कर रहे हैं। लेकिन नहीं! वह गंभीर थे। उन दोनों ने पुजारी को बताया कि अपने साथी नवाज के साथ मिल कर उन्होंने ही कुछ दिन पहले मंदिर की दानपेटी में कंडोम डाला था।

नवाज माफी माँगने के लिए जिंदा नहीं था। दानपेटी में कंडोम डालने के बाद उसे एक दिन खून की उल्टियाँ हुईं और फिर पेचिश से उसके मल से खून निकला। अंत में वह अपने घर की दीवारों पर सिर मारते हुए मर गया। मरते समय उसने उन्हें बताया कि कोरगज्जा उन सब पर नाराज हैं।

अब सिर्फ़ वही दोनों यानी अब्दुल रहीम और अब्दुल तौफीक ही जिंदा हैं। लेकिन वक्त बीतने के साथ रहीम को भी खून की उल्टियाँ शुरू हो गई हैं। बिलकुल वैसे ही जैसे नवाज को हुई थी। उसके बाद दोनों अपनी जान जाने के डर से घबराकर पुजारी की शरण में जाकर माफी की भीख माँग करने लगे। भगवान के सामने खड़े होकर दोनों ने सब स्वीकार कर लिया और दया की भीख माँगने लगे।

पुलिस ने कहा है कि दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। दोनों अब भी डरे हुए हैं। मीडिया से बात करते हुए पुलिस ने भी कहा कि ये एक रहस्यमयी केस था। आरोपितों के जुर्म कबूलने के बाद सबूत जुटाने की कोशिश हो रही है। हालाँकि, कृत्य के पीछे का उद्देश्य साफ नहीं हो पाया है। जाँच चल रही है। अभी तक की जाँच में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने 3 जगह ऐसा किया था।

उल्लेखनीय है कि इस पूरे विषय के ऊपर ट्विटर पर चीरू भट्ट नाम के यूजर ने एक थ्रेड डाला है। इसके मुताबिक कोरगज्जा भगवान को लेकर लोगों का मानना है कि वह अपने न्याय के लिए जाने जाते हैं। उनके पास से जल्द से जल्द फैसला आता है और दोषी को 100% सजा मिलती है।

बता दें कि ये पहली दफा नहीं है जब स्वामी कोरगज्जा की शरण में इस तरह कोई माफी माँगने पहुँचा हो। 4 साल पहले मनोज पंडित नाम के एक आदमी ने स्वामी कोरगज्जा को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। लेकिन बाद में उसकी हालत ऐसी हो गई कि वो गुरपुर के वज्रदेही मठ में माफी माँगने चला आया। मनोज ने स्वीकारा की उसे कोरगज्जा की आस्था के बारे में नहीं पता था।

मध्य प्रदेश: लव जिहाद पर 10 साल तक की सजा, जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लागू

मध्य प्रदेश में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने का नया कानून लागू हो गया है। राज्य सरकार ने शनिवार (27 मार्च 2021) को ‘मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट, 2020’ का नोटिफिकेशन जारी किया। इस धर्मांतरण विरोधी कानून में शादी के बाद बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन को गंभीर अपराध माना गया है और इसके लिए 10 वर्षों की सजा का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को बिल पर अपनी सहमति दी और अगले ही दिन आधिकारिक गैजेट में अधिनियम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।

अधिनियम की प्रस्तावना में लिखा हुआ है कि यह अधिनियम धर्मांतरण के विरुद्ध धर्म की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही विवाह, धमकी अथवा बलपूर्वक, लालच जैसे अवैध माध्यमों से धर्मांतरण को रोकता है।

अधिनियम की ‘धारा 3’ के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बहलाकर, धमकी के माध्यम से, बलपूर्वक, विवाह के द्वारा एवं ऐसे ही अन्य माध्यमों से किसी अन्य व्यक्ति का धर्मांतरण नहीं करेगा। ‘धारा 5’ में धर्मांतरण के अपराध के लिए सजा का प्रावधान है जो कि कम से कम एक वर्ष और अधिक से अधिक 5 वर्ष है। नाबालिग, महिला तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों के संबंध में धर्मांतरण के लिए सजा की अवधि 10 वर्ष तक की हो सकती है। सामूहिक धर्मांतरण के लिए भी इस कानून में 10 साल तक की सजा तथा कम से कम एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में नवंबर 2020 में धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश लाया गया था। उत्तर प्रदेश में भी व्यक्तिगत एवं सामूहिक धर्मांतरण पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

गुजरात विधानसभा में कॉन्ग्रेस MLA इमरान खेडावाला ने फाड़ी जबरन धर्मांतरण विरोधी बिल की कॉपी

गुजरात विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन कॉन्ग्रेस विधायक इमरान खेडावाला ने जबरन धर्मांतरण विरोधी विधेयक ( Anti forced religious conversion bill) की प्रति फाड़ डाली। कॉन्ग्रेस MLA ने कहा कि यह बीजेपी का नया हथकंडा है, जिसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

इमरान खेडावाला ने यह भी दावा किया कि उन्होंने विधेयक को इसलिए फाड़ा, क्योंकि इसमें जिहाद शब्द का इस्तेमाल है और ये एक समुदाय को निशाना बनाने वाला है। उन्होंने कहा, “राज्य के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने केवल इसमें ये बताया है कि हिंदू समुदाय की बेटियों को एक विशेष समुदाय के पुरुषों द्वारा लक्षित किया जाता है। बेटियाँ, किसी भी धार्मिक समुदाय से हों, हमेशा हमारी बेटियाँ रहेंगी।”

खेडावाला ने बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह शादी से पहले या धोखे से करवाए गए जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा नहीं देते। उनके अनुसार इस कृत्य के लिए विधेयक में जितनी सजा लिखी है उससे ज्यादा मिलनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध के लिए सऊदी अरब के शरिया कानून जैसी सजाएँ होनी चाहिए।

इस घटना के बाद गुजरात के भाजपा विधायक प्रदीप सिंह जडेजा ने विधानसभा में इतना आक्रमक होने के लिए इमरान के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

बता दें कि गुजरात विधानसभा में इमरान खेडावाला द्वारा फाड़ा गया विधेयक, जबरन धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों के खतरे को रोकने का प्रयास करता है। विशेषकर जहाँ मुस्लिम पुरुष हिंदू होने का दिखावा करते हैं या शादी के बहाने हिंदू महिलाओं के साथ संबंध बनाने के लिए अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हैं। आप ऐसे तमाम मामले यहाँ पढ़ सकते हैं।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में लागू लव जिहाद विरोधी कानून की तर्ज पर गुजरात विधानसभा में यह विधेयक राज्य के गृह मंत्री प्रदीप सिंह ने पेश किया था। इसके मुताबिक युवा महिला का धर्मांतरण करवाने पर 5 साल की सजा और 2 लाख जुर्माना हो सकता है। वहीं नाबालिग के साथ ऐसा करने पर 7 साल की सजा और 3 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में बनेगा भगवान वेंकटेश्वर का भव्य मंदिर, TTD को 62 एकड़ जमीन लीज पर देने के प्रस्ताव पर लगी मुह​र

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भगवान वेंकटेश्वर के भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को जमीन देने के प्रस्ताव पर प्रशासनिक परिषद ने मुहर लगा दी है। परिषद की श्रीनगर में हुई बैठक में टीटीडी को मंदिर एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए 496 कनाल 17 मरले (लगभग 62 एकड़ अथवा ढाई लाख वर्ग मीटर) जमीन देने का फैसला हुआ है। जम्मू में यह जमीन 40 साल के लीज पर दी जाएगी। बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की।  

इस भूमि पर टीटीडी मंदिर के अलावा वेद पाठशाला, आध्यात्म केंद्र और आवास जैसी अन्य सुविधाओं का निर्माण करेगा। निकट भविष्य में स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य जम्मू में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। जम्मू और कटरा के बीच बनने वाला यह मंदिर तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर की प्रतिकृति होगा। टीटीडी ने वैदिक स्कूल और अस्तपाल के साथ दो वर्षों में मंदिर निर्माण की बात कही है।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड का गठन सरकार ने टीटीडी एक्ट 1932 एक्ट के तहत किया था। यह ट्रस्ट आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थित भगवान वेंकटेश्वर के भव्य मंदिर की प्रशासनिक जिम्मेदारी देखता है।

जम्मू में टीटीडी के इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद धार्मिक पर्यटन एवं क्षेत्र में आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होगी। जम्मू में बाबा अमरनाथ और माता वैष्णो देवी के बाद भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बन सकता है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन इसी वर्ष फरवरी में श्रीवारी मंदिर के निर्माण के लिए भी 100 एकड़ भूमि दे चुका है।

जम्मू-कश्मीर के अलावा टीटीडी ने भगवान वेंकटेश्वर का भव्य मंदिर वाराणसी और मुंबई में भी बनाने की योजना बना रखी है। चेन्नई, विशाखापत्तनम और भुवनेश्वर में मंदिरों का निर्माण जारी है। टीटीडी हैदराबाद, कुरुक्षेत्र और कन्याकुमारी में पहले ही श्री वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर बना चुका है और ये आस्था के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं।

ओडिशा: भगवान जगन्नाथ की ‘मौसी माँ’ मंदिर में चोरी, स्थानीय नाराज

अराजक तत्वों ने पुरी के ‘मौसी माँ’ मंदिर में बुधवार (31 मार्च 2021) की रात चोरी कर चार हजार रुपए नगद और अन्य बहुमूल्य वस्तुएँ ले गए। रिपोर्ट्स के अनुसार चोरों ने दान पात्र का ताला तोड़कर चोरी की। ‘मौसी माँ’ मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। रथ यात्रा की परंपराओं में इस मंदिर का बहुत महत्व है।

स्थानीय निवासियों ने मंदिर में हुई चोरी के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में अपराध और अवैध नशे का व्यापार बढ़ता जा रहा है। ‘मौसी माँ’ मंदिर के भीतर चोरी होना एक गंभीर बात है। निवासियों ने शहर के सीसीटीवी कैमरों की खराबी पर भी आक्रोश व्यक्त किया।

हालाँकि पुरी एसपी विशाल सिंह ने कहा कि चोरों ने दान पात्र से चार हजार रुपए नगद चुराए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी की खबर सही नहीं है। सिंह के अनुसार कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और उनसे पूछताछ जारी है। मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार चोरों ने दानपात्र में कुछ भी नहीं छोड़ा। मूर्ति के आभूषण चोरी होने से बच गए हैं, क्योंकि रात्रि में मंदिर के कपाट बंद होने से पहले मूर्ति से आभूषण उतार लिए जाते हैं।

इस साल जनवरी में लुटेरों ने पुरी जिले के पिपिली क्षेत्र के काकुड़िया स्थित 13वीं शताब्दी के श्री गोपीनाथदेव मंदिर का ताला तोड़कर पुरानी धातु की मूर्तियों को चुरा लिया था। पिछले महीने उन लुटेरों को गिरफ्तार किया गया था।

‘मौसी माँ’ मंदिर भगवान जगन्नाथ की मौसी को समर्पित है। प्रत्येक वर्ष होने वाली रथ यात्रा में इस मंदिर का विशेष स्थान है। ‘बहुड़ा यात्रा’ के दौरान भगवान जगन्नाथ का रथ ‘मौसी माँ’ मंदिर के सामने रुकता है और भगवान वहाँ से ‘पोड पिठा’ ग्रहण करते हैं।  

ना-हाँ-ना: भारत के साथ व्यापार पर दबाव में पलटा पाकिस्तान, खुद ही प्रतिबंध हटाकर फिर लगाया

पाकिस्तान की सरकार वहाँ की इस्लामी कट्टरवादियों के सामने झुक गई है। वहाँ की केंद्रीय कैबिनेट ने ‘इकोनॉमिक कोआर्डिनेशन कमिटी (ECC)’ के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें भारत से कॉटन और शुगर इम्पोर्ट करने की बात कही गई थी। 1 दिन पहले ही पाकिस्तान ने भारत से होने वाले व्यापार पर से पाबंदी हटाई थी। 2019 में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में ये निर्णय लिया था।

पाकिस्तान को डर था कि टेक्सटाइल प्रोडक्शन के इनपुट में काफी कमी आ सकती है, इसलिए उसने बुधवार (मार्च 31, 2021) को भारत से कॉटन इम्पोर्ट किए जाने पर पाबंदी हटाने का फैसला लिया था। इसके बाद पाकिस्तान में विभिन्न हलकों से विरोध के स्वर उठने लगे थे। वहाँ के कट्टरपंथियों और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि इमरान खान सरकार भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने में लगी हुई है।

उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर पर भारत ने एक कदम भी पीछे नहीं खींचा है, ऐसे में पाकिस्तान द्वारा अपने कदम पीछे लेना ठीक नहीं है। जम्मू-कश्मीर पर भारत ने पाकिस्तान या किसी भी बाहरी ताकत के सामने न झुकते हुए अपने निर्णय का बचाव किया, जबकि पाकिस्तान की मीडिया ही वहाँ की सरकार की ‘हाँ-ना’ पर तंज कस रही है। इससे पता चलता है कि इमरान सरकार कन्फ्यूज्ड है और खुद ही उछाल-कूद कर इधर-उधर के फैसले ले रही है और पलट रही है।

केंद्रीय कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि व्यापार पर से प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा, भले ही पाकिस्तान में आर्थिक संकट चाहे कितना भी गहरा हो जाए। पहले पाकिस्तान ने कहा था कि भारत अपने कदम वापस लेगा, तभी व्यापार खुलेगा। इसी तरह मई 2020 में पाकिस्तान ने भारतीय दवाओं पर लगा प्रतिबंध हटाया था। कोरोना के कारण मात्र एक साल बाद ही उसे ये प्रतिबंध हटाने को मजबूर होना पड़ा। अब पाकिस्तान ने 24 घंटे में फिर अपना फैसला पलटा है।

कश्मीर: BJP नेता अनवर खान के घर आतंकी हमला, पुलिसकर्मी की मौत; आतंकियों की तलाश जारी

जम्मू-कश्मीर के नौगाम के अरीबाग में भाजपा नेता अनवर खान के घर पर आतंकी हमला हुआ। इसमें पुलिस के एक जवान रमीज राजा की मौत हो गई। हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी पुलिसकर्मी की एके-47 भी लेकर फरार हो गए। आतंकियों की तलाश में सेना और पुलिस टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों की गोली से जवान घायल हो गया था। बाद अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस वक्त ये हमला हुआ उस दौरान भाजपा नेता अनवर खान उत्तरी कश्मीर में कैंपेन कर रहे थे। इस कारण वह अपने घर पर नहीं थे।

अनवर खान भाजपा के बारामुला जिले के सचिव और कुपवाड़ा जिले के इंचार्ज हैं। 2018 में भी पुलवामा में उन पर आतंकियों ने गोली चलाई थी। उस दौरान उन्हें बचाने के चक्कर में एक पुलिस अधिकारी बुरी तरह से घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में संदिग्ध हमलों के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक बीते चार दिन में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला नेताओं पर हुआ है। बीते सोमवार को सोपोर में हुए आतंकी हमले में दो काउंसलरों की मौत हो गई थी। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक पीएसओ वारगति को प्राप्त हो गया था। आतंकी संगठन द रेजिस्टेंट्स फ्रंट ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी।

‘दीदी को जय श्रीराम से दिक्कत, भगवा-तिलक से दिक्कत’: जयनगर में बोले PM मोदी- बंगाल में 200 के पार जाएगी BJP

पश्चिम बंगाल की 30 विधानसभा सीटों पर गुरुवार (1 अप्रैल 2021) को वोट डाले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्य के जयनगर में रैली की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए ममता सरकार को घेरा। पहले चरण में हुई भारी वोटिंग का हवाला दे कहा कि भाजपा की जीत का आँकड़ा 200 भी पार कर जाएगा। दूसरे चरण में भी उन्होंने भाजपा का बोलबाला बताया।

उन्होंने शोभा मजूमदार को भी श्रद्धांजलि दी, जिनकी पिछले दिनों तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों की पिटाई की वजह से मौत हो गई थी। उन्होंने कहा, “शोभा जी, बंगाल की उन अनगिनत माताओं, उन अनगिनत बहनों का चेहरा थीं जिन पर तृणमूल के लोगों ने अत्याचार किया। शोभा जी का वो चेहरा मेरी आँखों से उतरता नहीं है।”

ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “धमकी और गालियाँ देने वाली दीदी कह रही हैं- Cool Cool! दीदी, तृणमूल, कूल नहीं, बंगाल के लोगों के लिए शूल है। बंगाल को असहनीय पीड़ा देने वाला शूल है तृणमूल। बंगाल को रक्तरंजित करने वाला शूल है तृणमूल। बंगाल के साथ अन्याय करने वाला शूल है तृणमूल।”

पीएम ने कहा कि बंगाल की राजनीति का ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल, सब कुछ ममता दीदी के फैसले बन गए हैं। वह भवानीपुर छोड़ नंदीग्राम गईं। वहाँ जब उन्हें लगा कि उनसे गलती हुई तो वह लोगों के अपमान पर उतर आईं। उन्होंने कई नेताओं से मदद की अपील की है। जो लोग उनकी नजर में बाहरी हैं, टूरिस्ट हैं, जिन्हें वो कभी मिलने तक का समय नहीं देती थीं, अब उनसे समर्थन माँग रही हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ममता दीदी जिस तरह यूपी और बिहार के लोगों के खिलाफ दुश्मनी की भाषा बोल रही हैं, वो उनकी राजनीतिक समझ पर सवाल पैदा कर रहा है। दीदी आप ये भूल रही हैं कि आपने सीएम के नाते संविधान की शपथ ली हुई है। भारत का संविधान आपको इसकी इजाजत नहीं देता कि आप दूसरे राज्यों का इस तरह अपमान करें।”

पीएम ने कहा कि दीदी को जय श्रीराम के आह्वान से दिक्कत है, दुर्गा जी की प्रतिमा के विसर्जन से दिक्कत है, ये पूरा बंगाल पहले से जानता है। लेकिन अब दीदी को तिलक से दिक्कत है। अब दीदी को भगवा वस्त्र से दिक्कत है और तो और अब दीदी के लोग चोटी रखने वालों को राक्षस कहने लगे हैं।

पीएम ने कहा कि दीदी की समस्या क्या है। वो पूरा क्षेत्र जानता है। सुंदरबन का इलाका जानता है। घुसपैठियों को खुश करने के लिए दीदी बंगाल के लोगों को भूल गईं। यहाँ उन्नयन के नाम पर उन्होंने 10 साल में क्या किया, इसका कोई ठोस जवाब दीदी के पास नहीं है।

किसानों को हुए नुकसान पर बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने कटमनी जैसे मुद्दे को उठाया। भाजपा द्वारा की गई मदद और योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें जशोरेश्वरी काली माता मंदिर जाता देख दीदी को क्या आपत्ति है। उनके ओरकांडी के पुण्य भूमि जाने से उन्हें क्यों गुस्सा आ रहा है।

बंगाल में मतदान के बीच BJP कार्यकर्ताओं की हत्या, मुस्लिमों पर वोट डालने से रोकने के आरोप: खुद पोलिंग बूथ पर डटीं ममता

पश्चिम बंगाल में गुरुवार (अप्रैल 1, 2021) को दूसरे चरण की 30 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इनमें TMC और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना नंदीग्राम भी है। यहाँ मुख्य लड़ाई सीएम ममता बनर्जी और अधिकारी परिवार के शुभेन्दु के बीच है। इस बीच नंदीग्राम में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव लटकता हुआ मिला है। पूर्वी मेदिनीपुर के चाँदीपुर में भी एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हुई है।

हत्या के आरोप तृणमूल के गुंडों पर ही लगे हैं। मृत भाजपा कार्यकर्ता का नाम गुरुपद प्रधान है। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग को टैग कर इस घटना के बारे में बताया। जगह-जगह पोलिंग बूथ पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में झड़प की भी खबर है। नंदीग्राम के एक बूथ पर आरोप लगा कि वहाँ के मुस्लिम लोगों को वोट नहीं डालने दे रहे थे, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी नोकझोंक हुई और सशस्त्र बलों को तैनात करना पड़ा।

पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर मे TMC के गुंडों ने ‘Zee 24 घंटा’ की महिला रिपोर्टर को निशाना बनाया और उसकी गाड़ी पर लाठी-डंडों से वार किए। महिला रिपोर्टर की गाड़ी को चारों तरफ से घेर कर ताबड़तोड़ प्रहार किया गया, जिससे गाड़ी के कई हिस्से टूट-फूट गए। नंदीग्राम के गोकुलनगर में खुद मुख्यमंत्री ममता पहुँच गईं और पोलिंग बूथ के भीतर बैठ गईं। इससे वहाँ के TMC कार्यकर्ता उग्र हो गए और मारपीट की।

जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। गोकुल नगर इलाक़े में ही नंदीग्राम आंदोलन के समय किसानों पर गोली चली थी, ऐसे में ये इलाका खास संवेदनशील है। गाँव के बूथ पर ममता बनर्जी के होने के कारण तृणमूल के कार्यकर्ता काफी उग्र होकर विचरने लगे। वहाँ ममता बनर्जी के सामने ही ‘जय श्री राम’ के नारे लगे। ममता ने मीडिया के सामने ही राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन कॉल कर इसकी शिकायत की।

ममता बनर्जी ने पोलिंग बूथ से गवर्नर को फोन कर आरोप लगाया कि वहाँ पर उनकी पार्टी के समर्थकों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वो सुबह से ही इलाके में हैं और देख रही हैं कि स्थानीय लोगों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है, इसीलिए वो राज्यपाल से अपील करती हैं कि वो संज्ञान लें। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 30 सीटों पर 19 महिलाओं सहित 171 उम्‍मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में हमेशा से अधिकाधिक मतदान का रेकॉर्ड बनता रहा है, ऐसे में इस बार भी दोपहर 3:30 बजे तक 71% से अधिक मतदान हुआ है और उम्मीद है कि पहले चरण की तरह इस बार भी प्रतिशत 80 के पार जाएगा। नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हार के डर से ममता बनर्जी  परेशान हैं और डर के मारे अब वे लोग बूथ कैप्चरिंग पर उतर आए हैं। शुभेंदु ने कहा कि टीएमसी के लोगों ने बूथों पर कैप्चरिंग की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धर-दबोचा।

शुभेन्दु ने आरोप लगाया कि टीएमसी वालों ने दूसरे बूथों पर फेक आईडी से वोट डालने की कोशिश की, लेकिन वहाँ भी पकड़े गए। ममता बनर्जी ने आज की रैलियों को रद्द कर रेयापारा क्षेत्र में बने अपने वॉर रूम में कैंप करने का फैसला किया है और वो दिन भर नंदीग्राम में ही डटी रहेंगी। इससे पहले बंगाल पुलिस ने देबरा में भाजपा के मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह को हंगामा करने के आरोप में हिरासत में लिया।

तृणमूल कॉन्ग्रेस को राज्य में चुनाव संपन्न कराने आए CRPF के जवानों से भी शिकायत है। पार्टी का कहना है कि CRPF की वर्दी में भाजपा के लोग घूम रहे हैं। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए अदालत जाने की धमकी दी है। उनका कहना है कि सुबह से पार्टी ने 63 शिकायतें दायर की हैं। केशपुर के भाजपा उम्मीदवार तन्मय घोष की गाड़ी पर भी हमला हुआ और तोड़फोड़ की गई।