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बीजेपी नेता की तस्वीर का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं ने किया हाथरस के एक आरोपित का पिता होने का झूठा दावा, फैलाया फेक न्यूज़

हाथरस की घटना ने पूरे देश को दहला दिया है। अलग-अलग जगहों से लोग 19 वर्षीय मृतका के लिए इंसाफ माँग रहे है। हालाँकि, अभी तक इस घटना की जाँच पूरी नहीं हुई है। हर दिन मामले में अलग-अलग साक्ष्य सामने आ रहे है।

बता दें इस मामले का पूरा विवरण अभी तक सामने नहीं आया है, फिर भी विपक्षी पार्टी और मीडिया की ओर से घटना का राजनीतिकरण जारी है। भाजपा को नीचा दिखाने और अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने के लिए कोई भी विपक्षी पार्टी पीछे नहीं है।

हाथरस पीड़िता की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का राजनीतिकरण करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की एक और कोशिश करते हुए विपक्षियों द्वारा सोशल मीडिया पर आरोपितों में से एक के पिता को भाजपा नेता साबित करने के लिए कई तस्वीरें शेयर की जा रही है। साथ ही तस्वीरों में आरोपित के पिता की निकटता राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी बताया जा रहा है।

टीएमसी नेता डॉ काकोली दस्तीदार ने हाथरस की घटना के आरोपितों में से एक के पिता का भाजपा के टॉप नेताओं के साथ कथितरूप से संबंधों को बताते हुए एक व्यक्ति की कई तस्वीरों को साझा किया है। कथिततौर पर जिस व्यक्ति को आरोपित का पिता बताया गया है उसकी फोटो यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भी है। साथ ही टीएमसी नेता ने यह आरोप लगाया कि भाजपा ने 19 वर्षीय लड़की के हत्यारों का समर्थन किया।

कई अन्य सोशल मीडिया ने भी इन चित्रों को साझा करते हुए एक जैसा ही दावा किया है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ दिख रहे एक व्यक्ति को हाथरस के केस में गिरफ्तार चार आरोपितों में से एक का पिता बताया गया है।

एक अन्य टीएमसी नेता उत्तर 24 परगना के जिला महासचिव पारोमिता सेन ने भी फेसबुक पर तस्वीरें साझा करके आरोप लगाया कि आरोपित के पिता का भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

टीएमसी नेता पारोमिता सेन का फेसबुक पोस्ट

वहीं शिवसेना के कार्यवाहक लालाभाई गढ़वी ने भी यह कहते हुए तस्वीरें साझा की कि हाथरस की घटना में गिरफ्तार अभियुक्त के पिता के साथ योगी जी और मोदी जी दिखाई दे रहे हैं।

शिवसेना के कार्यवाहक लालाभाई गढ़वी द्वारा शेयर की गई फोटो

फैक्ट चेक

गौरतलब है कि जिन तस्वीरों को वायरल कर विपक्षी आरोपित के पिता का संबंध भाजपा के साथ जोड़ कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, दरअसल वह तस्वीर आरोपित के पिता की नहीं बल्कि प्रयागराज के भाजपा नेता डॉ श्याम प्रकाश द्विवेदी की है। जिसका पता रिवर्स सर्च से चला है।

भाजपा नेता डॉ श्याम प्रकाश द्विवेदी की फेसबुक प्रोफाइल

डॉ श्याम प्रकाश द्विवेदी के फेसबुक अकाउंट पर भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ उनकी कई तस्वीरें हैं। द्विवेदी भाजपा युवा मोर्चा के काशी मंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और प्रयागराज के वरिष्ठ नेता हैं।

इसलिए पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ हाथरस के आरोपित पिता की फ़ोटो होने का दावा फर्जी है। अपनी राजनीति चमकाने और जनता के बीच भाजपा की लोकप्रियता पर दाग लगाने की एक मात्र कोशिश की गई है। रिवर्स सर्च से यह साबित हो गया है कि जिन चित्रों को साझा किया जा रहा है, वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के भाजपा नेता डॉ श्याम प्रकाश द्विवेदी की हैं।

द‍िल पर हाथ रखकर कैसे झूठ बोल दूँ कि बॉलीवुड में ड्रग्स की समस्या नहीं: अक्षय कुमार ने सुशांत सहित कई मुद्दों पर तोड़ी चुप्पी

एक्‍टर सुशांत स‍िंह राजपूत की मौत के बाद शुरू हुई जाँच ने बॉलीवुड में फैले ड्रग्‍स के महाजाल का खुलासा शुरू कर द‍िया। सुशांत की मौत के बाद से ही बॉलीवुड को लेकर दर्शकों में खासा गुस्‍सा देखा जा रहा है और लोग कई फिल्‍मों का बायकॉट कर रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने इस सारे मामले पर बोलते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अक्षय ने अपने इस वीडियो में कहा क‍ि बॉलीवुड में ड्रग्‍स की समस्‍या है इससे इनकार नहीं है लेकिन इसका मतलब ये नहीं क‍ि पूरी इंडस्‍ट्री को टारगेट क‍िया जाए।

अक्षय कुमार ने अपना वीडियो शुरू करते हुए कहा, “आज बड़े भारी मन से आपसे बात कर रहा हूँ। प‍िछले कुछ हफ्तों में कई बातें आई मन में कहने के लिए लेकिन हर तरफ इतनी निगेटिव‍िटी थी क‍ि समझ नहीं आता क‍ि क्‍या बोलूँ, किससे बोलूँ और कितना बोलूँ। स्‍टार भले ही हम कहलाते हैं लेकिन बॉलीवुड को आपने अपने प्‍यार से बनाया है। हम स‍िर्फ एक इंडस्‍ट्री नहीं है, हमने फिल्‍मों के जर‍िए अपने कल्‍चर, अपने वेल्‍यूज को दुनिया के हर कोने तक पहुँचाया है।”

वो कहते हैं, “जब-जब हमारे देश की जनता के सेंटिमेंट्स की बात आई, जो भी आप महसूस करते हैं, हमने उसे ही द‍िखाने की कोशिश की। फिर चाहे वो एंग्री यंग मैन वाला आक्रोश हो या फ‍िर करप्‍शन, गरीबी, बेरोजगारी, हर मुद्दे को स‍िनेमा ने अपने तरीके से द‍िखाने की कोशिश की है। अगर आज आपके सेंटिमेंट में गुस्‍सा है तो वो गुस्‍सा भी हमारे सिर माथे पर।”

अक्षय कुमार ने अपने इस वीडियो में आगे कहा, “सुशांत स‍िंह राजपूत की मौत के बाद से ऐसे कई मुद्दे सामने आए हैं, जिन्‍होंने हमें भी उतना ही दर्द द‍िया है, जितना आप सबको। और इन मुद्दों ने हमारे खुद के ग‍िरेबान में झाँकने के लिए हमें मजबूर क‍िया। हमारी फिल्‍म इंडस्‍ट्री की ऐसी कई खामियों को देखने को मजबूर किया है जिन पर ध्‍यान जाना बहुत ज्यादा जरूरी है।”

अक्षय ने कहा, “जैसे नारकोट‍िक्‍स और ड्रग्‍स के बारे में आजकल बात हो रही है। मैं आज द‍िल पर हाथ रखकर कैसे आपसे झूठ बोल दूँ कि ये प्रॉब्‍लम एग्जिस्‍ट नहीं करती। जरूर करती है। वैसे ही जैसे हर इंडस्‍ट्री में होती होगी, लेकिन हर इंडस्‍ट्री का हर इंसान उस समस्‍या में ल‍िप्‍त हो जरूरी नहीं। ऐसा नहीं हो सकता।”

अक्षय कुमार आगे कहते हैं, “ड्रग्स कानूनी मैटर है और मुझे यकीन है कि हमारी अथॉरिटी और कोर्ट इस पर जो भी एक्शन लेगा, वो बिल्कुल सही होगा। मैं यह भी जानता हूँ कि इंडस्ट्री का हर इंसान उनके साथ पूरी तरह सहयोग देगा। लेकिन प्लीज मैं आपसे हाथ जोड़कर कहता हूँ कि ऐसे तो मत करो न कि पूरी इंडस्ट्री को एक ही बदनाम दुनिया की नजरों के साथ देखने लगो। ये सही नहीं है। ये तो गलत है न।”

अक्षय ने आगे कहा, “मुझे पर्सनली हमेशा से मीडिया की ताकत में बहुत विश्वास रहा, अगर मीडिया सही मुद्दे सही वक्त पर न उठाए तो शायद बहुत से लोगों को न आवाज मिलेगी न इंसान। मैं मीडिया से तहेदिल से रिक्वेस्ट करता हूँ कि वो अपना काम, अपनी आवाज उठाना जारी रखे। लेकिन प्लीज थोड़ा सेंसेटिवली। क्योंकि एक निगेटिव न्यूज किसी इंसान की बरसों की इज्जत और कड़ी मेहनत को बर्बाद करके रख देगा।”

फैन्स को लेकर अक्षय ने कहा, “आखिर में लोगों से एक ही मैसेज ही यार आप सभी ने तो हमें बनाया है। आपका विश्वास जाने नहीं देंगे। अगर आपको कोई नाराजगी है तो हम और मेहनत करेंगे अपनी खामियों को दूर करने की। आपका प्यार और विश्वास जीतकर रहेंगे। आप हो तो हम हैं, बस साथ बनाए रखना।”

अक्षय की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो हाल ही में उन्होंने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘बेल बॉटम’ की शूटिंग खत्म की है। फिल्म में अक्षय के साथ हुमा कुरैशी, वाणी कपूर और लारा दत्ता लीड रोल में हैं।

दोषियों को सजा देना प्रशासन की ज़िम्मेदारी: CM योगी ने कहा- लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है पुलिस

हाथरस मामले में योगी सरकार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से कहा, “दोषियों को सजा देना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।” सीएम ने कहा, “लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए उनका पुलिस बल किसी भी हद तक जा सकती है और सरकार सजा देने के कानूनी तरीकों में भी बदलाव कर सकती है।”

रिपब्लिक न्यूज़ के रिपोर्ट के अनुसार सीएम योगी ने कहा, “यूपी पुलिस देश में सबसे बड़ा पुलिस बल है। हम सजा देने के कानूनी तरीकों में भी बदलाव कर सकते हैं। एक तरफ, हमें दोषियों के साथ सख्त रहना पड़ता है तो दूसरी तरफ, हमें पीड़ितों के साथ नरमी बरतनी चाहिए। लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस बल को किसी भी हद तक जाना चाहिए।”

साभार- ज़ी न्यूज़

वहीं इससे पहले यूपी सीएम ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुँचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आपकी उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक माता-बहन की सुरक्षा व विकास हेतु संकल्पबद्ध है।”

वहीं हाथरस मामले में योगी सरकार ने प्राथमिक जाँच की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन द्वारा बरती गई लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए हाथरस के एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित करने का भी निर्देश दिया था। और अब वहीं इस मामले में सीबीआई जाँच के भी आदेश दे दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि यूपी प्रशासन ने मीडिया को अनुमति दे दी है कि वह पीड़ित परिवार वालों से मिलकर बात कर सकते हैं। एसडीएम ने कहा, “इस मामले में एसआईटी की जाँच पूरी हो चुकी है इसलिए मीडिया के लिए लगाई गई पाबंदी भी हटा दी गई है। फ़िलहाल उस इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है, इसलिए एक समय पर 5 से अधिक मीडियाकर्मी मौजूद नहीं रह सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “अभी वहाँ सिर्फ मीडियाकर्मियों को जाने की अनुमति है। जब प्रतिनिधिमंडल के लिए हरी झंडी दिखाई जाएगी तब हम सभी को प्रवेश करने की अनुमति देंगे। इस तरह के जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि पीड़िता के परिवार वालों के फोन लिए जा चुके हैं या उन्हें घर में बंद करके रखा गया है, यह सभी आरोप बेबुनियाद है।” उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पर इस तरह के आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने पीड़िता के परिवार वालों के फोन जब्त कर लिए हैं।

हाथरस मामले में CM योगी आदित्यनाथ ने दिए CBI जाँच के आदेश, ट्वीट कर दी जानकारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस मामले की सीबीआई जाँच के आदेश दिए हैं। यह फैसला इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग के बाद आया है। पीड़िता के पिता ने सीबीआई जाँच की माँग की थी, जिसे यूपी के सीएम ने मान लिया है। यूपी सीएम दफ्तर की ओर से ट्वीट कर सीबीआई जाँच की जानकारी दी गई है।

यूपी सीएम दफ्तर की ओर से ट्वीट किया गया, “मुख्यमंत्री श्री योगी जी ने सम्पूर्ण हाथरस प्रकरण की जाँच सीबीआई से कराए जाने के आदेश दिए हैं।” इससे पहले, उन्होंने अपराध की जाँच के लिए एक एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। तब से, मामला बेहद पेचीदा हो गया है और कई नए पहलू सामने आए हैं।

बता दें कि आज यूपी के डीजीपी और गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने पीड़ित परिवार के साथ मुलाकात की थी और उनसे उनकी शिकायतें और माँगें सुनीं। परिवार से मुलाकात के बाद अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पीड़ित परिवार की सारी माँगों को रखा, जिसके बाद ही यूपी के सीएम ने सीबीआई जाँच के आदेश दे दिए।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत के बाद से हाथरस मामले को लेकर काफी बहस और राजनीतिकरण हो रहा है। पीड़िता के साथ दो सप्ताह पहले कथित तौर पर बलात्कार किया गया था। मामले में देशव्यापी आक्रोश का माहौल उत्पन्न हो गया जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि हाथरस पुलिस ने परिवार के सदस्यों की सहमति के बिना रात में लड़की का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने बाद में बताया था कि पीड़िता के पिता दाह संस्कार के दौरान मौजूद थे।

एएनआई से बात करते हुए, एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया था कि जिन फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार था, वो आ गई हैं। एडीजी ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट में ‘बलात्कार’ का कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह निष्कर्ष निकाला गया था कि कोई यौन हमला नहीं था, और मौत का कारण गला घोंटने और रीढ़ की चोट थी।

आरोपितों के परिवार ने भी आरोपों से इनकार किया है और यह दावा किया कि आरोप झूठे हैं और पीड़ित परिवार के साथ एक पुराने पारिवारिक झगड़े की वजह से लगाए गए हैं। ठाकुर समुदाय ने भी यह माँग की है कि इस मामले की निष्पक्ष सुनवाई की जाए और निष्पक्ष जाँच के बाद निर्दोष पाए जाने पर आरोपितों को छोड़ दिया जाए।

हाथरस मामले में सवर्ण समाज के दो दर्जन से अधिक गाँवों की पंचायत: नार्को टेस्ट कराने की माँग, आरोपितों के निर्दोष होने पर बरी करने की अपील

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में उत्तर प्रदेश में ठाकुर समुदाय के सदस्यों को हाथरस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी पर पीड़ा व्यक्त करते हुए सुना जा सकता है। साथ ही वे यह दावा भी कर रहे है कि अभियुक्तों को झूठे मामले में झूठा फँसाया जा रहा है। इस सभा का आयोजन शुक्रवार को दो दर्जन से अधिक गाँवों के सवर्ण समाज द्वारा किया गया था।

वीडियो में सभा की भीड़ में यह कहते हुए सुना जा सकता है, “एफएसएल रिपोर्ट कहती है कि बलात्कार नहीं था लेकिन राजनेताओं और मीडिया का दावा था कि बलात्कार हुआ था।” सभा के एक नेता का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए और यदि कोई भी आरोपित दोषी नहीं पाया जाता है, तो उन्हें बिना जमानत दिए छोड़ दिया जाना चाहिए। उनका का कहना है कि समुदाय की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।

सभा को संबोधित करते हुए व्यक्ति यह भी कहता है कि कोई भी उपद्रव नहीं करेगा और किसी भी तरह की गुंडागर्दी का सहारा नहीं लेना है। साथ ही व्यक्ति ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी राजनीतिक दल उनके बीच नहीं आना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि हर किसी ने उनके बच्चों और उनके समुदाय की थूं-थूं की है और इसकी वजह से उनकी भावनाओं को ठेस पहुँची है। वे कहते है, “केवल राजनीतिक दलों का विरोध करते हैं, बाकी खुद वो समस्या को हल कर लेंगे।”

पंचायत ने सभी आरोपितों का नार्को टेस्ट कराने का भी समर्थन किया है। इस बीच जागरण की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि हाथरस मामला शुरू में हत्या के प्रयास से संबंधित था। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआत में मृतक के भाई ने केवल हत्या के प्रयास से संबंधित मामला दर्ज करवाया था और प्रारंभिक शिकायत में बलात्कार का आरोप नहीं लगाया गया था।

जागरण रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, शुरू के 5 दिनों तक कोई अन्य शिकायत नहीं की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कहानी में पहला मोड़ 19 सितंबर को कुछ नेताओं द्वारा पीड़िता से मिलने के बाद आया। जिसके बाद पीड़िता द्वारा शिकायत में छेड़छाड़ का आरोप जोड़ा गया था। फिर 22 सितंबर को आरोपों में बलात्कार का मामला जोड़ा गया। साथ भी तीन अन्य नाम भी आरोपितों की सूची में डाले गए। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने 19 सितंबर को पीड़ित से मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि मेडिकल रिपोर्ट ने भी बलात्कार से इंकार किया है। इसके अलावा जागरण की रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व राज्य सचिव श्योराज जीवन द्वारा पीड़ित परिवार और पीड़िता से मिलने के बाद कहानी में बदलाव आना शुरू हुआ था। वहीं कॉन्ग्रेस नेता का एक बयान भी वायरल हो रहा जिसमें कहा गया था, “हमारी बेटी ने अपना सम्मान बचाया है, लेकिन पापियों ने उसकी जीभ काट दी है, उसकी रीढ़ टूट गई है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले का राजनीतिकरण होने के बाद छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप जोड़े गए। जिसके बाद पुलिस ने मामले में प्रासंगिक धाराएँ जोड़ते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इन आरोपितों के परिवारवालों ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया है कि आरोप झूठे हैं और पीड़ित परिवार के साथ एक पुराने पारिवारिक झगड़े से प्रेरित हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हाथरस की कथित सामूहिक बलात्कार पीड़िता की मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही मामले में सभी विपक्षी पार्टियों को अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने का मौका मिल गया है। खबरों के अनुसार, उसके साथ दो सप्ताह पहले कथित तौर पर बलात्कार किया गया था। वहीं लोगों का गुस्सा तब और भड़क गया जब सोशल मीडिया पर यह भ्रामक खबर चलाई गई कि हाथरस पुलिस ने परिवार के सदस्यों की सहमति के बिना लड़की का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया। हालाँकि, पुलिस ने बाद में खबरों को खरिज करते हुए कहा था कि दाह संस्कार के दौरान मृतका के पिता मौजूद थे।

एडीजी प्रशांत कुमार ने एएनआई से बात करते हुए बताया था कि फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक़ लड़की के साथ बलात्कार की घटना नहीं हुई थी। पीड़िता के साथ किसी भी तरह का यौन शोषण नहीं हुआ था। मौत का कारण गला दबाना और रीढ़ की हड्डी में लगी चोटें थीं।

मुंबई: फैयाज शेख, सादिक और नदीम ने अश्लील वीडियो बना कर 22 वर्षीय महिला का 2 साल तक किया बलात्कार

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक दिल दहलाने वाला बलात्कार का मामला सामने आया है। नॉर्थ मुंबई के दिंडोशी में तीन लोगों ने 22 वर्षीय महिला के साथ दो साल तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म के वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में 2 आरोपित 31 वर्षीय फैयाज शेख और 27 वर्षीय सादिक को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं तीसरा आरोपित नदीम फरार है।

पीड़िता के अनुसार, इसकी शुरुआत 2018 से शुरू हुई, जब फैयाज शेख ने उसे किसी काम के बहाने अपने घर बुलाया और चाकू की नोक पर उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया। उसने यौन हमले का वीडियो भी फिल्माया और धमकी दी कि अगर उसने कभी इस बारे में बात की तो वह उस पर एसिड से हमला कर देगा। बाद में, उसने उन वीडियो का इस्तेमाल करते हुए उसे ब्लैकमेल किया और कई बार उसका बलात्कार किया।

यह दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। फैयाज ने फिर महिला की वीडियो को अपने दोस्त को भी व्हाट्सएप कर दिया और साथ ही महिला का नंबर भी दे दिया। वीडियो देखते ही सादिक की भी हैवानियत जाग गई। उसने भी महिला को ब्लैकमेल किया और जबरन कई बार उसका बलात्कार किया।

सादिक ने फिर अपने एक खास दोस्त नदीम को महिला के बारे में बताया। साथ ही उसने खुद के और फैयाज द्वारा बनाई गई महिला की अश्लील वीडियो को नदीम को दिखाया। फिर नदीम ने भी फैयाज और सादिक की तरह महिला को अपने हवस का शिकार बना लिया। वहीं महिला के विरोध करने पर उसने उसके पति को दोनों पुरुषों के बारे में बताने की धमकी दी।

वीडियो के बलबूते पर इन दरिंदों ने कई बार महिला का शिकार किया और महिला अपनी शादी को बचाने के लिए आरोपितों की दरिंदगी सहती रही। हालाँकि, यह यहीं समाप्त नहीं हुआ, महिला को तीनों आरोपितों के अन्य दोस्तों द्वारा फोन कॉल के माध्यम से ब्लैकमेल और परेशान किया जा रहा था।

वहीं जब महिला की सहन शक्ति ने जब जवाब दे दिया तो तंग आकर उसने सारी बाते अपने पति को बता दी। महिला ने जब इस मामले में दिंडोशी पुलिस स्टेशन में जाकर तीनों आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी तो उसकी कहानी सुनकर पुलिसकर्मियों की भी रूह काँप गई।

रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की उम्र 22 साल है। यानी 2018 में वह महज 19 साल की थी। उसकी हाल ही में शादी हुई थी। ऐसे में वह अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी को बचाए रखने के लिए इस प्रताड़ना को बर्दाश्त करती रही।

पुलिस ने 29 सितंबर को 376 (2) एन, 354, 345 डी, 506 (2) के तहत आईटी एक्ट 66 ई सहित कई मामले दर्ज किए। पुलिस ने 29 सितंबर को फैयाज शेख और सादिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया लेकिन नदीम को अपने दो दोस्तों की गिरफ्तारी की जैसे ही खबर मिली वह फरार हो गया है। जिसकी धर-पकड़ में पुलिस जुटी है

पुलिस ने सादिक और फैयाज के मोबाइल को जब्त कर वीडियो भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने मोबाइल फ़ॉरेंसिक टीम को दिया है, जिससे यह पता लग सके कि आरोपितों ने वीडियो को और कितने लोगों को भेजा है।

‘हाथरस मामले पर दंगा करवाना चाहता है विपक्ष’: योगी के मंत्री का बड़ा आरोप, कहा- ट्वीट्स, ऑडियो टेप से साजिश का इशारा

यूपी के हाथरस में 19 साल की लड़की की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के राजनीतिकरण का विपक्ष द्वारा समर्थन किए जाने के कुछ दिनों बाद, भाजपा नेता और योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री, रमापति शास्त्री ने विपक्षी नेताओं पर क्षेत्र में जातिगत दंगा भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। 

रमापति शास्त्री ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि इस मामले में विपक्ष गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे के बहाने जातीय दंगा करवाना चाह रहा है। साथ ही मामले में सच्चाई को भी दबाना चाहता है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस घटनाक्रम में विपक्ष के ट्वीट्स, ऑडियो टेप और पुरानी घटनाएँ, ये सब दंगे की साजिश की ओर इशारा करती हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बसपा प्रमुख मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती इस मामले की संवेदनशीलता नहीं समझ रही। शास्त्री ने कहा कि मायावती ने इस मामले में बयान देकर एक दलित बेटी का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि मायावती प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री हैं, उन्हें इस मामले की संवेदनशीलता को समझना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सरकार ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। शास्त्री ने कहा कि सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर दिया है और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। साथ ही मुख्यमंत्री ने नार्को और पॉलिग्राफ टेस्ट के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल से मामले का सच जरूर सामने आएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त कानून बनाए हैं। वो आगे कहते हैं, “इससे न्यायालयों को एक निर्धारित समय के भीतर पीड़िता को न्याय दिलाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए के मुआवजे की भी घोषणा की है।”

 इससे पहले कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा यह सूचना दी गई थी कि राहुल गाँधी, अपनी बहन और पार्टी की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के साथ शनिवार को एक बार फिर हाथरस जाने की कोशिश की क्योंकि वे पीड़िता के परिवार से मुलाकात करना चाहते हैं और उनका पक्ष जानना चाहते हैं।

इसे देखते हुए यूपी पुलिस ने ना सिर्फ हाथरस ज़िले की सीमा पर, बल्कि नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर भी पुलिस की अतिरिक्त तैनाती कर दी थी। लेकिन बाद में उन्हें मिलने की परमिशन दे दी गई। वहीं अब खबर आ रही है कि लंदन से लौटने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने 4 अक्टूबर को हाथरस पहुँचने का फैसला किया है।

हाथरस टेप लीक मामले में सवाल पूछने पर इंडिया टुडे कर रहा यूजर्स को ब्लॉक: लोगों ने शेयर किए स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया द्वारा हाथरस केस में इंडिया टुडे की पत्रकार के टेप का खुलासा करने के बाद अब सोशल मीडिया यूजर्स इंडिया टुडे से सवाल पूछ रहे हैं। इस टेप में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से बातचीत कर रही थीं। वो संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।

बाद में चैनल की तरफ से एक बयान जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि टेप प्रामाणिक था। इसके बाद, नेटिज़न्स ने उनकी पत्रकारिता की नैतिकता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इंडिया टुडे ने सवाल करने वाले ट्विटर यूजर्स को ब्लॉक करना शुरू कर दिया।

एक ट्विटर यूजर (@BefittingFacts) ने इंडिया टुडे द्वारा ब्लॉक किए जाने का स्क्रीनशॉट शेयर किया। यूजर ने मीडिया हाउस को उनके पत्रकार द्वारा पीड़िता के भाई को फोन पर काल्पनिक कहानी बनाने पर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि एक सच्चे पत्रकार को कॉल टैपिंग से कभी डर नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकार “लीक” से डरता है तो इसका मतलब है कि वह कुछ छिपा रहा है या नहीं चाहता कि सच्चाई सामने आए।

ट्विटर यूजर के अनुसार, इंडिया टुडे के हिप्पोक्रेसी को उजागर करने के बाद उन्हें ब्लॉक किया गया। उन्होंने सवाल किया था कि उनके फोन टैप किए जाने के बाद टेप को किस कानून के तहत लीक किया गया था, जबकि इससे पहले, इसी चैनल ने सुशांत सिंह राजपूत और उनके वेल्थ मैनेजरों के बीच बातचीत की रिपोर्टिंग की थी।

इंडिया टुडे उस घमंडी बच्चे की तरह व्यवहार करने लगता है, जो झूठ पकड़े जाने पर नखरे करने लगता है। कई लोगों ने यह भी शेयर किया कि हाथरस टेप पर चैनल से सवाल करने के बाद इंडिया टुडे ने कैसे उन्हें ब्लॉक कर दिया।

इंडिया टुडे हाथरस टेप की प्रामाणिकता को स्वीकार करता है

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ‘इंडिया टुडे’ की पत्रकार तनुश्री पांडेय और हाथरस मामले की मृतका के भाई संदीप के बीच हुई बातचीत के लीक हुए फ़ोन ऑडियो के विषय में चैनल ने पूछा था कि सबसे पहला सवाल तो ये है कि हाथरस मामले को कवर कर रहीं उसके पत्रकार का फोन टैप क्यों किया जा रहा है? चैनल ने आशंका जताई थी कि अगर मृतका के शोक-संतप्त परिजनों का फोन सर्विलांस पर है या टैप किया जा रहा है तो इसके लिए सरकार को जवाब देना पड़ेगा।

अपनी किरकिरी होने के बाद चैनल ने बयान जारी करते हुए कहा था कि जिस टेलीफोन कॉल को ‘अवैध तरीके से’ लीक कर दिया गया, उसमें उसकी पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई से ‘दृढ़ता से’ कह रही हैं कि वो पीड़ित पिता का वीडियो शूट करें और उन्हें भेजें। चैनल ने दावा किया है कि इस ऑडियो को बदनीयत से लीक किया गया है। 

अपनी सफाई में चैनल ने आगे कहा था, “मृतका के पीड़ित परिजनों को सरकार द्वारा मिल रही धमकियों और दबाव के बीच अपनी आवाज़ उठाने के लिए तैयार करना उसी प्रक्रिया का एक भाग है, जो एक पत्रकार को करना ही चाहिए। ‘इंडिया टुडे’ चैनल इस मामले में अपने पत्रकार के साथ खड़ा है। हम यूपी सरकार से भी माँग करते हैं कि सारे प्रतिबन्ध हटाए जाएँ और और बिना ‘डर या एहसान’ के पत्रकारों को हाथरस मामले की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने दिया जाए।”

हाथरस मामले में स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस को घेरा, कहा- यह राहुल की राजनीति का हिस्सा, न्याय दिलाने से कोई सम्बन्ध नहीं

हाथरस मामले पर मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण करने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “लोग कॉन्ग्रेस की रणनीति के बारे में जानते हैं, इसलिए उन्होंने 2019 में भाजपा के लिए ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की। लोग जानते हैं कि राहुल गाँधी का हाथरस जाना उनकी राजनीति का ही एक हिस्सा है और इससे पीड़िता को न्याय दिलाने का कोई संबंध नहीं है।

वहीं कॉन्ग्रेस नेता और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत द्वारा घिनौने बलात्कार मामले पर की गई अशोभनीय टिप्पणी की निंदा और गाँधी परिवार द्वारा कुछ चयनात्मक मुद्दे पर आक्रोश जाहिर करने को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा, “उनका यह कहना कि लड़की अपनी मर्जी से गई थी, यह बयान निंदनीय है। और उन्हें उम्मीद है कि किसी दिन राहुल गाँधी या श्रीमती वाड्रा कम से कम राजस्थान के सीएम को उनके अपमानजनक टिप्पणी के लिए एक कॉल करेंगे।”

इस बीच मीडिया से बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए, चाहे वह राजनीतिज्ञ हो या कोई और, किसी भी बलात्कार पीड़िता के लिए इस तरह की असंवेदनशील और अभद्र टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है।

हाथरस गैंगरेप मामले में तेज होती राजनीति की आलोचना करते हुए स्मृति इरानी ने कहा कि उन्हें यकीन है कि सीएम योगी आदित्यनाथ इस मामले में गहन जाँच के जरिए न्याय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने भी जाँच को बाधित करने या सबूतों को दबाने या मिटाने की कोशिश की उसे सख्त सजा दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने पीड़ित के परिजनों को न्याय का आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि हाथरस मामले की जाँच में SIT की रिपोर्ट आने के बाद आधिकारिक स्तर पर योगी जी उन सभी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे जिन लोगों ने हस्तक्षेप किया या जिनकी वजह से पीड़िता को संपूर्ण न्याय न मिले इस प्रकार की साजिश रची गई।

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कॉन्ग्रेस पार्टी अपने डूबते राजनीतिक भाग्य को फिर से मजबूत करने के लिए हाथरस की घटना में अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने में लगी है। एक तरफ जहाँ भाई बहन हाथरस मामले में यूपी सरकार को नीचा दिखाने के लिए तरह-तरह के कारनामे कर रहे है। एक तरफ जहाँ राहुल गाँधी 144 लागू होने के बावजूद पीड़ित परिवार से मिलने अपने काफिले के साथ निकल लिए थे। जिस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर वह एक सुरक्षित स्थान को ढूढ़ते हुए खुद ही गिरते पड़ते नजर आए थे। वहीं पुलिस से एक बहस के दौरान बार-बार कैमरे की डिमांड करते हुए (“भैया कैमेरा लाओ“) लोगों के सामने अपनी राजनीति चमकाने में भी लगे थे।

गौरतलब है कि हाथरस मामले की लीक हुई बातचीत से पता चला कि कॉन्ग्रेस ने भावनात्मक रूप से कैसे पीड़ित परिवार को ब्लैकमेल किया और राज्य में भाजपा सरकार को नीचा दिखाने के लिए पीड़ित परिवार से जबरदस्ती प्रशासन के खिलाफ बुलवाने की कोशिश की।

ऑपइंडिया द्वारा कल प्रकाशित किए गए एक रिपोर्ट में इंडिया टुडे की पत्रकार और मृतक के भाई संदीप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का खुलासा किया गया था। ऑडियो क्लीप में संदीप से इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।

ऑडियो में यह कहते सुना जा सकता है, “संदीप, प्लीज मेरे लिए एक चीज कर दो। मैं तुमसे वादा करती हूँ कि जब तक तुम्हारे परिवार को इंसाफ नहीं मिल जाता मैं यहाँ से हिलूँगी भी नहीं… संदीप एक वीडियो अपने पिता की बनाओ जिसमें वो कहें- हाँ, मुझ पर ऐसा बयान जारी करने का बहुत प्रेशर था कि मैं संतुष्ट हूँ। मैं जाँच चाहता हूँ क्योंकि हमारी बेटी मरी है और हमें न उसे देखने का मौका मिला और न उसके अंतिम संस्कार का।” वे आगे कहती हैं, ”सिर्फ 5 मिनट लगेंगे। जल्दी से वीडियो बनाओ और सिर्फ़ मुझे भेज दो।” इस बातचीत में तनुश्री बार-बार संदीप को एसआईटी के खिलाफ भड़काती है।

वहीं एक अन्य ऑडियो में एक अज्ञात व्यक्ति संदीप से बात कर रहा है। वह उनसे कह रहा है कि वो घर से कहीं न जाएँ, क्योंकि कॉन्ग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गाँधी उनके घर आने वाली हैं। इस बातचीत में व्यक्ति यह भी कहते सुना जा सकता है:

“अगर कोई भी तुम्हें कहीं भी लेकर जाता है, तो तुम्हें कहीं नहीं जाना है, अब प्रियंका गाँधी घर आएँगी। कोई कहता है कि तुम्हें हाथरस जाना है, यहाँ जाना है -वहाँ जाना है, तुम्हें कहीं नहीं जाना है। उन्हें (प्रियंका गाँधी को) बताना है- पुलिस प्रशासन दबाव बना रहा है। मीडिया को आने नहीं दे रहा। रिश्तेदारों को आने नहीं दे रहा । कहना है ये हमारे प्रोटेक्शन में लगा रखे हैं या ठाकुरों के प्रोटेक्शन में। ठीक है, ये सब उनको बताना है।”

हाथरस पर हंगामा करने वाली TMC बंगाल में बलात्कार मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताकर दे चुकी है क्लीनचिट, जानिए क्या था मामला?

अब तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) भी हाथरस मुद्दे पर अपने राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कमर कस चुकी है। इस सिलसिले में राहुल और प्रियंका गाँधी का अनुसरण करते हुए तृणमूल कॉन्ग्रेस के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन के नेतृत्व में शुक्रवार (सितंबर 3, 2020) को हाथरस की पीड़िता से मिलकर संवेदना व्यक्त करने के लिए निकले। हालाँकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

टीएमसी भी उस मामले में कूद पड़ी है, जिसमें अभी तक बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, इससे पहले वह पश्चिम बंगाल में यौन शोषण के मामलों को ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए उसे शर्मनाक, चरित्र हनन और यहाँ तक कि यौन उत्पीड़न केस का सहारा लिया था। ऐसा ही एक उदाहरण पार्क स्ट्रीट बलात्कार मामले में पार्टी की तरफ दी गई प्रतिक्रिया का है।

पार्क स्ट्रीट मामले में बलात्कार के आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसी ने पीड़िता को दोषी ठहराया

6 फरवरी, 2012 को सुज़ैन बर्नर्ट नाम की एक एंग्लो इंडियन महिला जब कोलकाता में पार्क स्ट्रीट से घर लौट रही थी, तो पाँच युवकों ने चलती कार में उसके साथ बलात्कार किया था। इस खबर के सामने आने के तुरंत बाद TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सभी आरोपितों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने इसे ‘मनगढंत घटना’ करार दिया। जिसे कथित तौर पर ‘सरकार को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया था।’

एक समाचार चैनल से बात करते हुए, टीएमसी सांसद काकोली घोष धस्तीदार ने पीड़िता के चरित्र पर ऊँगलियाँ उठाते हुए बलात्कार के एंगल को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा था, “यदि आप पार्क स्ट्रीट मामले की बात कर रहे हैं, तो यह पूरी तरह से एक अलग मामला है। यह बलात्कार का मामला बिल्कुल नहीं है। यह महिला और उसके क्लाइंट के बीच प्रोफेशनल डीलिंग करने वाले दो लोगों के बीच की गलतफहमी थी।”

इसके साथ ही, तत्कालीन परिवहन मंत्री ने भी पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाया था और शिकायत को फर्जी बताया था। 3 साल बाद 2015 में, कोलकाता कोर्ट ने पार्क स्ट्रीट मामले में बलात्कार के आरोपों को बरकरार रखा और आरोपित नासिर खान, रुमान खान और सुमित बजाज को दोषी पाया।

उसी साल बर्दवान के कटवा में एक और बलात्कार मामला सामने आया। इस दौरान भी ममता बनर्जी ने बलात्कार के आरोपों को फिर से खारिज कर दिया, वो भी जाँच पूरी होने से पहले ही। उन्हें कहते हुए सुना गया था, “एक राजनीतिक दल बलात्कार का नारा लगाते हुए यह सब कर रही है। वे यह नाटक खेल रहे हैं। वे पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।”

2013 में, राज्य में बलात्कार के बढ़ते मामलों के बारे में पश्चिम बंगाल विधान सभा में एक बहस के दौरान सीएम ने ममता बनर्जी ने कहा था कि यह राज्य की जनसंख्या में वृद्धि के कारण हुआ। बढ़ते बलात्कार मामलों के लिए उन्होंने आधुनिकीकरण, शॉपिंग मॉल में वृद्धि और मल्टीप्लेक्सों को दोषी ठहराया था।

तृणमूल कॉन्ग्रेस हाथरस मामले में खुद को ‘न्याय के योद्धा’ के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है, मगर सच्चाई तो यह है कि बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड गंभीर सवाल उठाता है।

अरविंद केजरीवाल ने योगी सरकार पर साधा निशाना

शुक्रवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने AAP के अन्य नेताओं के साथ मिलकर योगी सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दिया था। अभियुक्तों के लिए मृत्युदंड की माँग करते हुए उन्होंने कहा, “पूरा देश आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग कर रहा है। उन्हें फाँसी दें ताकि देश में ऐसी घटना कभी न दोहराई जाए। कुछ लोगों को लगता है कि आरोपित को बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया है। उन्हें सरकार और समाज से सहानुभूति एवं समर्थन की जरूरत है। लेकिन उनसे जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह गलत है।”

मामले में कवरअप का आरोप लगाते हुए, केजरीवाल ने कहा, “हाथरस सामूहिक बलात्कार की घटना में हालिया घटनाक्रम यह बताता है कि इसमें कवरअप करने की कोशिश की जा रही है। कई दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई; तब उचित देखभाल (मृतक को) नहीं दी गई थी। जब उसने दम तोड़ दिया, तो रात में उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया। और अब वे कह रहे हैं कि बलात्कार नहीं हुआ था।”