Home Blog Page 452

केरल में महिला RJ ने की आत्महत्या, हॉस्टल में पंखे से लटकी मिली लाश: सुसाइड नोट में लिखा, ‘अपनी मर्जी से दे रही हूँ जान’

कोच्चि में एक 25 साल की रेडियो जॉकी ऐश्वर्या मिथिली ने आत्महत्या कर ली। ऐश्वर्या काक्कनाड के वनिता मित्रम हॉस्टल में रहती थी और शुक्रवार (28 फरवरी 2025) की रात को अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली।

थ्रिक्काकारा पुलिस के मुताबिक, ऐश्वर्या ने शाम 7:30 से रात 1 बजे के बीच आत्महत्या की। उसका शव शॉल से छत के पंखे पर लटका मिला। हॉस्टल की वार्डन ने पुलिस को बताया कि ऐश्वर्या के कमरे से कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़ा गया। उसका शव कलामास्सेरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। ऐश्वर्या मलप्पुरम की रहने वाली थी। उसके माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे और उसकी बहन अनिला अमेरिका में रहती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐश्वर्या इंटर ध्वनि मीडिया एकेडमी में रेडियो जॉकी थी और केरल मीडिया एकेडमी से पीजी डिप्लोमा भी कर रही थी। उसकी दोस्त लीना ने बताया कि ऐश्वर्या ने उसे रात 7:20 बजे फोन किया था, लेकिन वो कॉल मिस हो गया। लीना का एक हफ्ते पहले एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद वो बेड रेस्ट पर थी। वो बोली, “अगर मैंने फोन उठाया होता, तो शायद कुछ पता चलता। वो बहुत हिम्मत वाली थी, ऐसा कदम उठाएगी, सोचा नहीं था।”

ऐश्वर्या के डेस्क से एक छोटा नोट मिला, जिसमें उसने लिखा कि वो अपनी मर्जी से जान दे रही है और किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उसने अपनी बहन को खुश रहने की दुआ भी दी। पुलिस का कहना है कि नोट में कुछ संदिग्ध नहीं मिला।

ऐश्वर्या सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी। उसके यूट्यूब चैनल पर मजेदार वीडियो थे, लेकिन हाल में वो चुप हो गई थी। दोस्तों का कहना है कि वो पहले जैसी नहीं लग रही थी। उसके रिश्तेदार रात को हॉस्टल पहुँचे। पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन अभी तक आत्महत्या की वजह साफ नहीं हुई।

‘अकेले में लगाता था जबरन गले, गंदे ढंग से छूता था’: 22 साल की महिला ने पादरी बजिंदर पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, बोली- वो डराता, धमकाता था

पंजाब के कपूरथला में 22 साल की एक महिला ने पादरी बजिंदर सिंह पर उसकी किशोरावस्था में यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार (28 फरवरी) को ईसाई प्रचारक बजिंदर के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी देने और पीछा करने का मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता दिसंबर 2017 से पादरी बजिंदर सिंह की मंडली में शामिल हो रही थी।

पीड़िता 2020 तक पादरी की ‘वर्शिप टीम’ का हिस्सा गई। बकौल पीड़िता, उसका फ़ोन नंबर लेकर पीड़िता उसे अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उस समय वह 17 की साल थी। FIR में लिखा है, “मैं उससे डरने लगी, लेकिन माता-पिता से बताने में कतराती थी। 2022 में उसने मुझे रविवार को अपने केबिन में बैठाने लगा। जब मैं अकेली होती तो वह मुझे जबरन गले लगाता और गंदे तरीके से छूता था।”

पीड़ित महिला ने बताया, “जब मैं कॉलेज जाती थी तो वह अपनी कार से मेरा पीछा करने लगा। वह मुझे धमकी देता था कि अगर मैंने उससे शादी नहीं की या इस बारे में अपने माता-पिता को बताया तो वह मेरे माता-पिता और भाई को मरवा देगा। इसके बाद मुझे घबराहट के दौरे पड़ने लगे।” पीड़िता ने बताया कि पादरी बजिंदर सिंह ने उससे शादी करना चाहता था, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था।

पीड़िता का कहना है कि पादरी की धमकियों और उत्पीड़न से उसे पैनिक अटैक आने लगे। इसके कारण उसे 3 अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ा। पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि मार्च 2023 में एक अन्य ईसाई प्रचारक राजा सिंह से शादी से पहले पादरी बजिंदर ने उसे धमकाया था। उसने अपने चर्च के अध्यक्ष से उसकी माँ से बात करवाकर चुप रहने के लिए धमकाया था।

पादरी बजिंदर सिंह ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ चलाता है। इस पादरी को लोग ‘चमत्कारी उपचार’ के लिए भी जानते हैं, जो लोगों को ईसाई धर्म में लुभाने के लिए यह पादरी आजमाता है। पादरी बजिंदर को इससे पहले जुलाई 2018 में पंजाब के जीरकपुर में एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उससे भी पहले वह हत्या के एक मामले में जेल में बंद था।

गोरखपुर में मस्जिद कमेटी ने खुद गिराई 4 मंजिला अवैध मजहबी इमारत: नगर निगम का नोटिस देख घबराए, बुलडोजर चलने के बाद दोबारा किया था निर्माण

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मस्जिद कमिटी ने घोष कंपनी चौक पर स्थित अबू हुरैरा मस्जिद को स्वेच्छा से गिराना शुरू कर दिया है। इस मस्जिद को अवैध तरीके से बनाया गया था। अवैध निर्माण को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने 15 दिन पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि खत्म होने के साथ ही मस्जिद कमिटी ने शनिवार (1 मार्च) को खुद ही ढाँचा गिराना शुरू कर दिया।

गोरखपुर में घोष कंपनी चौक के पास नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से चार मंजिला का मस्जिद बना दिया गया था। निगम ने इस अवैध ढाँचे को हटाने के लिए मस्जिद कमिटी को कई नोटिस जारी किए थे। कुछ महीने पहले बुलडोजर लगाकर अवैध अतिक्रमण को हटा दिया गया था। हालाँकि, उसी जमीन पर चार मंजिल की एक मस्जिद फिर से बना दी गई।

कहा जा रहा है कि डिजाइन को मंजूर कराए बिना ही इस मस्जिद का निर्माण किया गया था। इसके बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मस्जिद समिति को नोटिस जारी कर उन्हें 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने का आदेश दिया। यह नोटिस मस्जिद की देखभाल करने वाले के बेटे शोएब अहमद को 15 फरवरी को दी गई थी और अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था।

समय सीमा समाप्त होने के बाद मस्जिद समिति के सदस्यों ने शनिवार (1 मार्च) को खुद ही निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। अब उसी जमीन पर बहुस्तरीय व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में गोरखपुर के पड़ोसी जिले कुशीनगर में मदनी मस्जिद को बुलडोजर लगाकर गिरा दिया गया था। इसी तरह मेरठ में 85 साल पुरानी जहाँगीर खान मस्जिद भी गिरा दी गई।

गोरखपुर प्राधिकरण का अल्टीमेटम

पिछले महीने की शुरुआत में गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने एक तीन मंजिला मस्जिद को गिराने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम जारी किया था। इसे पिछले विध्वंस के बाद हाल ही में फिर से बनाया गया था। जीडीए के अनुसार, मस्जिद को घोष कंपनी चौराहे के पास नगर निगम की जमीन पर ‘अवैध रूप से’ बनाया गया था।

इस नोटिस को 15 फरवरी को मस्जिद के ट्रस्टी के बेटे शोएब अहमद को दिया गया। इसमें कहा गया कि मस्जिद को 15 दिन के अंदर ध्वस्त कर दिया जाए। नोटिस में कहा गया था कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो जीडीए बुलडोजर से इमारत को ध्वस्त कर देगा और बिल्डर से उसका खर्च वसूल करेगा। नोटिस की एक कॉपी मस्जिद पर भी चिपका दी गई।

बंगाल में शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु पर हमला, कई प्रोफेसर घायल: जादवपुर यूनिवर्सिटी में SFI गुंडों ने किया बवाल, वाहन तक तोड़े

कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी में शनिवार (01 मार्च 2025) को एसएफआई और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े गुंडों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। इस हंगामे में पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और कई प्रोफेसर घायल हो गए। दरअसल, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की माँग की जा रही थी। इसी को लेकर शनिवार (01 मार्च 2025) को प्रदर्शन शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री की कार पर हमला किया, टायरों की हवा निकाल दी और शीशे तोड़ डाले। मंत्री का कहना है कि उन पर ईंट फेंकी गई, जिससे उनके हाथ और चेहरे पर चोट आई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षा मंत्री शनिवार (01 मार्च 2025) को विश्वविद्यालय में तृणमूल समर्थक प्रोफेसरों के संगठन वेबकूपर की बैठक में शामिल होने आए थे। बैठक खत्म होने के बाद जब वह बाहर निकले, तो वामपंथी गुंडों ने उनका रास्ता रोक लिया। ‘चोर-चोर’ और ‘वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए गए। हालात इतने बिगड़ गए कि मंत्री की कार के साथ-साथ उनकी सुरक्षा में चल रही दो पायलट कारों में भी तोड़फोड़ हुई। इस दौरान कुछ प्रोफेसर भी निशाने पर आ गए।

वेबकूपर के सदस्य और प्रोफेसर ओमप्रकाश मिश्रा को हमलावरों ने लाठियों से दौड़ाया। एक छात्र के सिर पर गहरी चोट लगी, वहीं दो प्रोफेसर भी घायल हुए। एक महिला प्रोफेसर की साड़ी फाड़ने का भी आरोप लगा है।

ब्रात्य बसु ने घटना पर कहा, “हम चाहते तो पुलिस बुला सकते थे, लेकिन मैंने परिसर में एक भी पुलिसवाले को आने नहीं दिया। अगर ये उत्तर प्रदेश में होता, तो क्या कोई छात्र ऐसा करता?” उन्होंने ये भी कहा कि हमला करने वाले बस तृणमूल के लोगों को निशाना बनाते हैं।

इस बीच, जादवपुर विश्वविद्यालय में तृणमूल से जुड़े कर्मचारी संगठन के दफ्तर में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें भी आईं। आरोप है कि मंत्री की कार ने एक छात्र को टक्कर मारी, जिससे उसका सिर फट गया।

वामपंथी छात्र संगठनों जैसे एसएफआई, आइसा और डीएसएफ ने इस घटना के लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुचलने की कोशिश की। इसके विरोध में इन संगठनों ने सोमवार (01 मार्च 2025) को छात्र हड़ताल का ऐलान किया है।

दूसरी ओर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरजी कर रेप और मर्डर केस के बाद छात्रों में गुस्सा भरा हुआ है और शिक्षा मंत्री पर हमला इसी का नतीजा है।

हंगामा शुरू होने से पहले ही विश्वविद्यालय में तनाव था। वामपंथी छात्र संगठन गेट नंबर 2 पर नारेबाजी कर रहे थे। जवाब में तृणमूल छात्र परिषद ने मानव श्रृंखला बनाई। ब्रात्य को गेट नंबर 3 से अंदर ले जाया गया। हंगामे के बाद जादवपुर 8बी चौराहे पर सड़क जाम भी हुआ। तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा, “हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझें। हमलावरों को लोकतांत्रिक जवाब दिया जाएगा।” इस घटना ने पूरे राज्य में सियासी हलचल मचा दी है।

हाथ में मेहंदी, गले में चुन्नी… रोहतक में महिला कॉन्ग्रेस नेता की सूटकेस में मिली लाश, शव देख मचा हड़कंप: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में दिखी थी राहुल गाँधी के साथ

हरियाणा के रोहतक जिले में शनिवार (1 मार्च 2025) को बस स्टैंड के पास एक सूटकेस में कॉन्ग्रेस की महिला कार्यकर्ता का शव मिला। मृतक की पहचान 22 साल की हिमानी नरवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि हिमानी कॉन्ग्रेस के सांसद राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से जुड़ी थी। वहीं, कॉन्ग्रेस पार्टी ने हिमानी की मौत की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब अगले दिन यानी रविवार 2 मार्च को हरियाणा में 33 नगर निकायों के लिए मतदान होने वाले हैं। मृतक इन चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही थी। दरअसल, सांपला बस स्टैंड के पास नीले रंग का एक सूटकेस पड़ा हुआ था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फोरेंसिक टीम के साथ पहुँची पुलिस ने जब सूटकेस खोला तो उसमें एक युवती की लाश पड़ी थी।

पुलिस ने बताया कि मृतक के हाथों में मेहंदी लगी हुई थी और गले में दुपट्टा बँधा हुआ था। शव के होठों पर खून लगा हुआ था और चेहरा नीला पड़ा हुआ था। जब युवती की पहचान कराई गई तो उसकी पहचान कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल के रूप में हुई। हिमानी हरियाणा के रोहतक में विजयनगर इलाके की रहने वाली रहने वाली थी। वह वैश्य कॉलेज से MBA और लॉ की पढ़ाई की थीं।

पुलिस को संदेह है कि हिमानी नरवाल की हत्या दुपट्टे से गला घोंटकर की गई है। वहीं, शव की स्थिति को देखकर कहा जा रहा है कि हिमानी की बेहद क्रूरता से उसकी पिटाई की गई होगी। इसके बाद दुपट्टे से उसका गला घोंटकर मार दिया गया गया होगा। संदेह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शव को सूटकेस में डालकर रात के अंधेरे में उसे सुनसान एरिया में फेंक दिया गया होगा।

हिमानी नरवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के साथ अपनी कई तस्वीरें शेयर की थीं। इनमें कई तस्वीरें भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की भी है। इसके अलावा, हिमानी नरवाल ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे एवं कॉन्ग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के अलावा पार्टी विधायक भरत भूषण बत्रा के साथ अपनी कई तस्वीरें पोस्ट की थीं।

हिमानी की हत्या की पीछे की वजह का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है। सांपला थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने कहा कि उनके और उनकी टीम के मौके पर पहुँचने के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस संंबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना को कॉन्ग्रेस ने चौंकाने वाला बताया है। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हिमानी नरवाल की ‘बर्बर हत्या’ चौंकाने वाली है। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच की माँग की है। वहीं, विधायक बीबी बत्रा ने हत्याकांड की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने की माँग की है। बत्रा ने कहा कि हिमानी नरवाल कॉन्ग्रेस के हर कार्यक्रम में हिस्सा लेती थी।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, हिमानी के बड़े भाई की भी 12 साल पहले हत्या कर दी गई थी। वहीं, 10 साल पहले हिमानी के पिता शेर सिंह नरवाल ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद हिमानी की माँ उसे और उसके छोटे भाई जतिन को लेकर दिल्ली चली गई थी। पाँच माह से हिमानी रोहतक में अकेली रह रही थी।

बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले हिमानी रोहतक के एक गाँव में शादी में गई थी। इसलिए उसके हाथों में मेहंदी लगी थी। शादी के बाद से ही वह लापता थी। पुलिस फिलहाल इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल सके। हिमानी का मोबाइल फोन भी गायब मिला है। पुलिस फिलहाल उसकी जाँच कर रही है।

‘मोदी सरकार ही करवाएगी POJK की भारत में वापसी’ : केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का दो टूक बयान, संकल्प दिवस पर लोगों को याद दिलाई नेहरू की गलतियाँ

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) की वापसी सिर्फ मोदी सरकार में ही हो सकती है। ये बात उन्होंने जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम और मीरपुर POJK बलिदान समिति द्वारा आयोजित ‘POJK संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में कही। इस मौके पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता भी मौजूद थे, जिन्होंने कहा कि POJK को भारत में मिलाने का सपना अब हकीकत बन सकता है। दोनों ने 1947 की उन गलतियों की याद दिलाई, जिनकी वजह से POJK आज पाकिस्तान के कब्जे में है।

नेहरू-जिन्ना की महत्वाकांक्षाओं की वजह से भारत का बँटवारा

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का बँटवारा एक बहुत बड़ी भूल थी, जो नेहरू और जिन्ना की महत्वाकांक्षाओं की वजह से हुई। उन्होंने बताया कि जब 1948 में भारतीय सेना मीरपुर तक पहुँचकर POJK को आजाद करा रही थी, तभी नेहरू ने सीजफायर करवा दिया और मामला यूएन में ले गए। अगर ऐसा न हुआ होता, तो POJK आज भारत का हिस्सा होता। उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों की वजह से भारत ने अपनी हजारों किलोमीटर जमीन खो दी। लेकिन अब मोदी सरकार POJK (Pakistan-Occupied Jammu & Kashmir), POTL (पाकिस्तान अधिकृत लद्दाख- Pakistan-Occupied Territories of Ladakh) और COTL (चीन अधिकृत लद्दाख- China-Occupied Territories of Ladakh) को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ये काम मोदी सरकार में ही पूरा होगा।

POJK के लोग भारत के साथ आने को तैयार

तुषार मेहता ने कहा कि आर्टिकल 370 को हटाना पहले असंभव लगता था, लेकिन मोदी सरकार ने करके दिखाया। अब कोई भी दल इसकी बहाली की बात नहीं करता। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि POJK भारत का हिस्सा है और इसके लिए हम जान भी दे देंगे। मेहता ने ये भी कहा कि आज पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है और POJK में लोग खाने-पीने की चीजों के लिए तरस रहे हैं। वहाँ 35% लोग बेरोजगार हैं। जम्मू-कश्मीर में विकास देखकर POJK के लोग भी भारत के साथ आने को तैयार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें ‘आजाद कश्मीर’ जैसे नाम को हटाकर इसे सिर्फ POJK कहना चाहिए।

कश्मीर में हिंदुओं पर पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों की भी हुई बात

इस कार्यक्रम में 1947 के नरसंहार की भी बात हुई। उस वक्त पाकिस्तानी सेना ने मीरपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली और राजौरी जैसे इलाकों में हजारों हिंदू-सिखों को मार डाला, महिलाओं का अपहरण किया और लूटपाट मचाई। लाखों लोग बेघर हो गए, जो आज भी भारत में संघर्ष कर रहे हैं। ये इतिहास का वो दर्दनाक हिस्सा है, जिसे कम लोग जानते हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि POJK का क्षेत्र 13,297 वर्ग किमी, POTL 67,791 वर्ग किमी और COTL 42,735 वर्ग किमी है। 1962 के युद्ध के बाद चीन ने अक्साई चिन समेत लगभग 37 हजार वर्ग किमी भूमि पर कब्जा कर लिया और 1963 में पाकिस्तान ने 5,180 वर्ग किमी शक्सगाम घाटी उसे सौंप दी। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और भारत की संप्रभुता के लिए अनिवार्य अंग है।

उन्होंने कहा कि साल 1994 में संसद ने संकल्प पास किया था कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और पाकिस्तान को कब्जा छोड़ना होगा। इस संकल्प को पूरा करने के लिए अब सरकार और जनता को मिलकर काम करना होगा।

मणिपुर में आवाजाही के लिए खोलो सारे रास्ते, अवरोध पैदा करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश, डेडलाइन 8 मार्च तक की

लंबे समय से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में शांति बहाल करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है। मणिपुर फिलहाल सेना के हवाले है और वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू है। नई दिल्ली में शनिवार (1 मार्च 2025) को एक उच्चस्तरीय बैठक में अमित शाह ने 8 मार्च से मणिपुर की सभी सड़कों पर मुक्त आवाजाही सुनिश्चित का निर्देश दिया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उन्होंने कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करने और इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए फेंसिंग लगाने की गति को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “(आम लोगों से) जबरन वसूली के सभी मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।”

उन्होंने मणिपुर को नशामुक्त बनाने के लिए अधिकारियों से पूरे नशीली दवाओं के व्यापार को खत्म करने और ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए कहा है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने बैठक के मणिपुर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद इस तरह की यह पहली समीक्षा बैठक थी।

बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, राज्य के शीर्ष अधिकारी, सेना के अधिकारी, अर्धसैनिक बल के अधिकारी शामिल हुए। सुरक्षा समीक्षा राज्यपाल भल्ला द्वारा 20 फरवरी को जारी किए गए अल्टीमेटम के मद्देनजर की गई है। राज्यपाल ने अवैध रखे गए और पुलिस एवं सुरक्षाबलों से लूटे गए हथियारों को लोगों से सरेंडर करने के लिए कहा था।

राज्यपाल के अल्टीमेटम के बाद सात दिनों की अवधि में 300 से अधिक हथियार समर्पित कर दिए गए। इनमें से अधिकतर हथियार घाटी के जिलों में थे। मैतेई समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा लगभग 246 हथियार जमा किए गए। राज्यपाल ने लोगों के अनुरोधों पर अवैध और लूटे गए हथियारों को जमा करने की समय सीमा 6 मार्च को शाम 4 बजे तक बढ़ा दी है।

दरअसल, मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा से त्रस्त है। कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी हिंसा में अब तक बच्चों एवं महिलाओं सहित 250 से अधिक लोगों अपनी जान गँवा चुके हैं। हिंसा की शुरुआत मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने को लेकर हुआ था। कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को आदेश दिया था। इसका कूकी समुदाय ने विरोध किया।

इस हिंसा को लेकर ही मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन ने 13 फरवरी 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनके विकल्प की खोज की गई। हालाँकि, राजनीतिक सहमति नहीं बनने पर आखिरकार विधानसभा को भंग कर दिया गया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल अभी 2027 तक है।

‘ढीठ सु@र की हुई धुलाई, US में थप्पड़ खाते-खाते बचा’: ट्रंप से जेलेंसकी की बहस देख रूस ने लिए मजे, कहा- जो जिसका हकदार था उसे वो मिला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की व्हाइट हाउस में मुलाकात बड़े ड्रामे के साथ खत्म हुई। इसके बाद देश-दुनिया के नेताओं की आ रही प्रतिक्रिया ने इसे त्रासदी में बदल दिया। शनिवार (1 मार्च) को रूस ने इस घटना को लेकर कहा कि यूक्रेनी नेता को वही मिला जिसके वह हकदार थे। रूस ने जेलेंस्की को अहंकारी सुअर तक कह दिया।

इस घटना को लेकर रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि ज़ेलेंस्की को डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से एक जोरदार तमाचा मिला है। रूस की सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने अपने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, “एक अहंकारी सुअर की ओवल ऑफिस (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में क्रूर तरीके से पिटाई की गई।” रूस जेलेंस्की को आत्म-मुग्ध कहता रहा है।

मेदवेदेव ने कहा कि आखिरकार वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के मुँह पर सच बता दिया गया कि ‘कीव शासन तीसरे विश्व युद्ध की तैयारी कर रहा है’। उन्होंने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया कि यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकी जाए। बता दें कि अमेरिका द्वारा यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को रोकने के लिए मास्को लंबे समय से दबाव बना रहा है।

वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह चमत्कार था कि ‘ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की को थप्पड़ मारने से खुद को रोक लिया’। उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खिलाया था। उन्होंने ज़ेलेंस्की पर हर किसी के साथ अप्रिय व्यवहार करने का आरोप लगाया।

वहीं, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के प्रमुख किरिल दिमित्रिव ने ट्रम्प और ज़ेलेंस्की के बीच तीखी नोकझोंक को ‘ऐतिहासिक’ बताया है। रूस के संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने कहा कि इस भीषण मुठभेड़ ने ज़ेलेंस्की को पहचान लिया है और उनके असली चेहरे को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, ज़ेलेंस्की इस राउंड में बुरी तरह हारे। अगले राउंड में उन्हें घुटनों के बल चलना होगा।”

दरअसल, इस बैठक में रूस के साथ यूक्रेन की युद्ध को लेकर मीडिया के सामने बात हो रही थी। इसी दौरान जेलेंस्की अपनी बात पर अड़े रहे। फिर वे बिना खाना खाए चले गए। कहा जाता है कि ट्रंप ने जेलेंस्की को ह्वाइट हाउस से बाहर निकाल दिया था। चीख-चिल्लाहट वाले इस वार्ता को ट्रंप ने अमेरिका का अपमान बताया है और मिनरल डील को फिलहाल रद्द कर दिया है।

बता दें कि पिछले सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की को ‘बिना चुनावों का तानाशाह’ बताया था। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भी बार-बार यही बात कहते हैं। उनका कहना है कि ज़ेलेंस्की यूक्रेन के वैध नेता नहीं हैं, क्योंकि उनका पाँच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और यूक्रेन चुनाव कराने में असमर्थ है, क्योंकि वहाँ फरवरी 2022 में युद्ध के कारण मार्शल लॉ लगा दिया गया है।

AAP ने कई महीने से नहीं भरा भोपाल वाले दफ्तर का किराया… मकान मालिक ने गुस्से में प्रॉपर्टी पर ताला लगाया: प्रदेश अध्यक्ष को कुछ पता तक नहीं

भोपाल में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर ताला लग गया है। ये ताला मकान मालिक ने लगाया है, क्योंकि आप ने पिछले चार महीनों से किराया नहीं दिया। सुभाष नगर में स्थित इस ऑफिस में लंबे समय से पार्टी की गतिविधियाँ चल रही थीं, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए कि मकान मालिक को सख्त कदम उठाना पड़ा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मकान मालिक विवेक गंगलानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किराए के साथ-साथ बिजली बिल भी बकाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑफिस में शराब की पेटियाँ और दूसरी आपत्तिजनक गतिविधियों का भी आरोप लगाया है। गंगलानी का कहना है कि किराया माँगने पर उन्हें धमकियाँ तक मिलीं, जिसके बाद वो पुलिस में शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

दिल्ली में हार का असर अब दूसरे राज्यों में भी साफ दिख रहा है। भोपाल के इस ऑफिस का किराया करीब 50 हजार रुपये बताया जा रहा है, जो दो से चार महीनों से बकाया है। मकान मालिक ने ताला तो लगा दिया, लेकिन आप के बड़े नेताओं को इसकी खबर तक नहीं। मध्य प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं और वो भोपाल के पदाधिकारियों से बात करेंगी। वहीं, भोपाल जिला अध्यक्ष सीपी सिंह चौहान ने भी अनजान बनते हुए कहा कि उनका जिला ऑफिस तो नरेला शंकरी में है, उन्हें प्रदेश कार्यालय की कोई जानकारी नहीं।

इस बीच, पार्टी के अंदर मतभेद की बातें भी सामने आ रही हैं। दिल्ली की हार के बाद आप के नेता बंटे हुए दिख रहे हैं और कार्यकर्ताओं में निराशा छाई हुई है।

बता दें कि आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश की थी। विधानसभा चुनाव में भले ही सफलता न मिली, लेकिन निकाय चुनाव में सिंगरौली की मेयर रानी अग्रवाल ने जीत हासिल कर पार्टी का झंडा बुलंद किया था। छत्तीसगढ़ में भी आप ने हाल ही में खाता खोला है। मगर अब भोपाल ऑफिस पर ताला लगने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है?

मकान मालिक का कहना है कि ऑफिस में कोई खास हलचल नहीं थी और किराया न मिलने से उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। वहीं, कुछ लोग इसे दिल्ली हार का नतीजा मान रहे हैं, जिसने पार्टी की आर्थिक हालत पर भी असर डाला है।

UP में 5 आध्यात्मिक कॉरिडोर बनकर तैयार, अब पर्यटन मिलेगी और रफ्तार: CM योगी ने की घोषणा, जानें कहाँ से कहाँ जाना हुआ आसान

प्रयागराज महाकुंभ 2025 ने उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने पाँच प्रमुख आध्यात्मिक गलियारे विकसित किए हैं। इसके बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनगरी कहलाने वाले प्रयागराज में बहुत प्रमुखता के साथ किया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (27 फरवरी 2025) को प्रयागराज दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने गंगा पूजा करके महाकुंभ का आधिकारिक तौर पर समापन की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, मीडिया कर्मियों, नाविकों, परिवहन चालकों एवं परिचालकों को धन्यवाद दिया।

महाकुंभ के दौरान जिन पाँच धार्मिक कॉरिडोर को योगी सरकार ने विकसित किया है, उनके माध्यम से श्रद्धालु राज्य भर के विभिन्न धार्मिक स्थलों तक आसानी से जा सकेंगे। इन आध्यात्मिक गलियारों में प्रयागराज-विंध्याचल-काशी कॉरिडोर भी शामिल है। इसके माध्यम से भक्त प्रयागराज से विंध्याचल देवीधाम और फिर वाराणसी तक जा सकेंगे।

विंध्याचल एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। वहीं, वाराणसी भगवान शिव की नगरी है। इस तरह यह गलियारा शिव और शक्ति को जोड़ेगा। जो दूसरा कॉरिडोर है, वह प्रयागराज-अयोध्या-गोरखपुर कॉरिडोर है। यह भगवान राम को भगवान शिव के अवतार कहलाने वाले महायोगी गुरु गोरखनाथ से जोड़ेगा। यह वैष्णव के साथ शैव परंपरा का मिलन होगा।

हिंदुओं के सप्तनगरी कहलाने वाले तीर्थस्थानों में से एक प्रयागराज की त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु भगवान हनुमान, अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन करने के बाद रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या जा सकते हैं। अयोध्या के बाद वे गोरखपुर जाकर गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन कर सकते हैं।

तीसरा जो कॉरिडोर है वह है, प्रयागराज-लखनऊ-नैमिषारण्य कॉरिडोर। इस कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालु लखनऊ होते हुए नैमिषारण्य धाम जा सकेंगे। नैमिषारण्य धाम हिंदू धर्म के 88 महातीर्थों में से एक है। यह 88,000 ऋषियों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यह ब्रह्मा, भगवान विष्णु, महादेवी सती और भगवान शिव से जुड़ा हुआ है।

प्रयागराज-राजापुर (बाँदा)-चित्रकूट कॉरिडोर भगवान राम के वनवास से जुड़ा होगा और यह श्रद्धालुओं को चित्रकूट धाम ले जाएगा। यहाँ कामदगिरि पर्वत, रामघाट और हनुमान धारा जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। राजापुर रामचरितमानस एवं विनय पत्रिका जैसे ग्रंथों को लिखने वाले गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली है।

प्रयागराज-मथुरा-वृंदावन-शुकतीर्थ कॉरिडोर के तहत श्रद्धालु बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से मथुरा-वृंदावन और फिर शुकतीर्थ जा सकेंगे। शुकतीर्थ भगवान कृष्ण और दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। इसके अलावा श्रद्धालु भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और उनके बचपन से जुड़ी मथुरा वृंदावन की यात्रा भी कर सकेंगे।