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किसी को ‘मियाँ-तियाँ’ या ‘पाकिस्तानी’ कहने से मजहबी भावना को नहीं पहुँचती ठेस: जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं माना अपराध, उर्दू ट्रांसलेटर ने झारखंड में करवाया था केस

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी को ‘मियाँ-तियाँ’ और पाकिस्तानी कहना अपराध नहीं है। कोर्ट ने इसे मजहबी भावनाएँ भड़काने वाला भी मानने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह सारी टिप्पणियाँ झारखंड के एक मामले में की हैं। कोर्ट ने ऐसा कहने वाले हिन्दू व्यक्ति को बाइज्जत बरी कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस सतीश शर्मा की बेंच ने की। सुप्रीम कोर्ट ने कह़ा, “FIR के अवलोकन से पता चलता है कि आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 353, 298 और 504 के तहत लगाई गई है लेकिन जरूरी सबूत ही नहीं मौजूद हैं। आरोपित ने कोई हमला नहीं किया था, इसलिए IPC की धारा 353 नहीं लगती।”

कोर्ट ने आगे कहा, “ऐसे में, हाई कोर्ट को आरोपित को बरी कर देना चाहिए था। इसके अलावा, अपीलकर्ता पर ‘मियाँ-तियाँ’ और ‘पाकिस्तानी’ कहकर मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप है। जरूर ये बातें ठीक नहीं हैं लेकिन यह मजहबी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाती।”

सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही मुस्लिम व्यक्ति की मजहबी भावनाएँ भड़काने के आरोपित हिन्दू व्यक्ति को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही गई थी। हाई कोर्ट ने यह बातें निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए कही थी।

क्या था मामला?

यह मामला झारखंड के बोकारो का है। यहाँ उर्दू ट्रांसलेटर के तौर पर काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी ने 2020 में एक हिन्दू व्यक्ति हरी नंदन सिंह के विरुद्ध FIR दर्ज करवाई थी। मुस्लिम व्यक्ति ने आरोप लगाया था हरी नंदन सिंह ने उसकी मजहबी भावनाएँ आहत की हैं।

पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी लगा दी थी और हरी नंदन सिंह को मजहबी भावनाएँ भड़काने, शान्ति खराब करने समेत कई मामलों में आरोपित बताया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हरी नंदन सिंह को तलब किया था। मैजिस्ट्रेट ने कहा था कि सिंह के खिलाफ मामला चलाने के लिए काफी सबूत मौजूद हैं।

हरी नंदन सिंह ने इसके खिलाफ जिला कोर्ट में अपील दाखिल की और मामला रद्द करने की माँग की। हालाँकि, बोकारो के कोर्ट ने उनकी यह अपील खारिज कर दी। इसके बाद हरी नदंन सिंह ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया। हालाँकि हाई कोर्ट ने भी यह अपील खारिज कर दी।

हरी नंदन सिंह ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और माँग की कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला रद्द किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिला अदालत और हाई कोर्ट ने इस मामले में आरोपित को बरी कर देना चाहिए था लेकिन उन्होंने नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को देखते हुए हरी नंदन सिंह को बरी कर दिया।

संभल के जिस इलाके में ‘शांतिदूतों’ ने की पत्थरबाजी, अब वहाँ बन रही पुलिस चौकी: भूमिपूजन के बाद ASP ने बाँटी मिठाई, यहीं है MP जियाउर्रहमान से लेकर अलकायदा आतंकियों तक के घर

उत्तर प्रदेश के संभल में नवम्बर, 2024 में हुई हिंसा के बाद लगातार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास चल रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अब संभल में एक और नई चौकी बना रही है। यह चौकी मुस्लिम बहुल इलाके में बन रही है। विवादित शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान इसी इलाके में पुलिस पर पत्थरबाजी हुई थी और गोलियाँ चली थी।

संभल में यह नई चौकी दीपासराय मुहल्ले में बन रही है। इसके लिए जमीन की पहचान कर काम चालू कर दिया गया है। दीपासराय में यह चौकी बिजली चोरी के आरोपित सपा सांसद जियाउर्रहमान के घर के पास ही बन रही है। इसके लिए सोमवार (3 मार्च, 2025) को भूमिपूजन भी किया गया है।

संभल पुलिस के अधिकारियों ने यहाँ पर जगह पहचान कर खुदाई करवाना चालू कर दिया है। नींव डाले जाने से पहले पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को मिठाई भी बाँटी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से इस चौकी के संबंध में राय ली है। अभी तक दीपासराय इलाके में पुलिस एक अस्थायी चौकी बना कर कानून व्यवस्था संभाल रही थी।

यह चौकी एक कंटेनर में बनाई गई थी, लेकिन अब यहाँ पक्की पुलिस चौकी बनने जा रही है। पुलिस ने यह कदम दीपासराय की संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया है। विवादित जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान दीपासराय में पथराव और हिंसा हुई थी और इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

इस इलाके में कई अपराधियों के घर भी हैं। संभल हिंसा की साजिश रचने वाला शारिक साठा भी यहीं का रहने वाला है। शारिक साठा वर्तमान में दुबई में रहता है और उस पर भारत में कई मामले दर्ज हैं। वह उत्तर भारत का कुख्यात कार चोर था। कार चोरी के अलावा वह नकली नोट के धंधे में भी शामिल था।

शारिक साठा के ही गुर्गों ने संभल में गोलियाँ चलाई थीं, इसमें 4 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने इन गुर्गों को गिरफ्तार किया था। इनके लिए शारिक साठा ने हथियार भी भिजवाए थे। साठा के अलावा अल कायदा के कई आतंकी तक इसी इलाके के रहने वाले थे। पुलिस ने इसी के चलते यहाँ चौकी बनाने का फैसला किया है।

इससे पहले पुलिस विवादित जामा मस्जिद के सामने भी एक चौकी का निर्माण कर चुकी है।

जिसका अब्बू काटता है मुर्गी, वो राम मंदिर को हैंड ग्नेनेड से उड़ाता: धोखा देने के लिए नाम रख लिया था शंकर, जमात और निजामुद्दीन मरकज से है कनेक्शन

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली गाँव में गुजरात और हरियाणा की एटीएस टीम ने मिलकर एक संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा है। अब्दुल अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था। उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए हैं। वो पिछले 10 माह से इस्लामिक स्टेट-ISKP से जुड़ा था, और ऑनलाइन ट्रेनिंग भी ले रहा था। खास बात ये है कि अब्दुल फरीदाबाद में ‘शंकर‘ नाम से छिपा था और उसे आतंकी संगठन के हैंडलर ने 2 हैंड ग्रेनेड मुहैया करा दिए थे।

मरकज में बने आतंकियों से कनेक्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल का कनेक्शन जमात और निजामुद्दीन मरकज से भी सामने आया है। करीब छह महीने पहले वह अयोध्या शहर गया था। वहाँ वह मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में आया। इसके बाद वह दिल्ली के मरकज और फिर विशाखापट्टनम तक गया। चार महीने बाद वह गाँव लौटा।

पुलिस को शक है कि मरकज में रहते हुए वह परवेज अहमद उर्फ पीके से मिला। पीके जम्मू में लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों के लिए पैसों का इंतजाम करता था। एटीएस ने पीके को 27 फरवरी 2025 को निजामुद्दीन स्थित एक गेस्ट हाउस से पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद रहमान के बारे में पता चला। यहीं उसे दो हैंड ग्रेनेड भी उपलब्ध कराए गए थे।

पुलिस का कहना है कि अब्दुल ISI और ISKP मॉड्यूल से जुड़ा था। ISKP यानी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस एक आतंकी संगठन है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है। अब्दुल को करीब 10 महीने पहले इस मॉड्यूल ने ऑनलाइन ट्रेनिंग दी थी। वीडियो कॉल के जरिए उसे हथियार चलाने और हमले की प्लानिंग सिखाई गई। राम मंदिर पर हमला उसका सबसे बड़ा टारगेट था।

‘शंकर’ नाम से रह रहा था अब्दुल

गुजरात और हरियाणा की एटीएस ने रविवार (2 मार्च 2025) की शाम फरीदाबाद के पाली गाँव से अब्दुल को पकड़ा। वह वहाँ शंकर नाम से छिपा हुआ था। एक फार्म हाउस के ट्यूबवेल वाले कमरे में रह रहा था। उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड मिले, जो उसे किसी हैंडलर ने दिए थे।

पुलिस का कहना है कि वह राम मंदिर पर ग्रेनेड से हमला करने वाला था। इसके लिए उसने पहले कई बार मंदिर की रेकी भी की थी। वह अयोध्या से ट्रेन से फरीदाबाद पहुँचा था। उसे ग्रेनेड लेकर वापस अयोध्या जाना था, लेकिन उससे पहले ही वह पकड़ा गया।

बाप काटता है मुर्गा, बेटा 5 वक्त का नमाजी

अब्दुल रहमान अयोध्या के थाना इनायतनगर के मंजनाई गाँव का रहने वाला है। उसका जन्म 28 अगस्त 2005 को हुआ था। उसने अपनी पढ़ाई 10वीं तक मनीराम यादव इंटर कॉलेज, मंजनाई से की। गाँव वालों के मुताबिक, अब्दुल पाँच वक्त का नमाजी था। वह रोजाना नमाज पढ़ता था और मजहबी कामों में हिस्सा लेता था। उसकी माँ यास्मीन बताती हैं कि अब्दुल ई-रिक्शा चलाता था। वह गाँव और आसपास के इलाकों में लोगों को ढोने का काम करता था। घर पर भी वह कुछ न कुछ बनाता रहता था। उसका बाप अबू बकर मुर्गा काटता है और घर पर ही चिकन शॉप चलाता है।

इस बीच अब्दुल के ‘दिल में छेद’ की भी बात सामने आ रही है, जो दिक्कत उसे बचपन से थी। अहमदाबाद में उसे ऑपरेशन करके बचाया गया था। अब्दुल की माँ का कहना है कि 1 मार्च को वह दिल्ली किसी दोस्त से मिलने गया था। उसने कहा था कि मंगलवार (4 मार्च 2025) तक लौट आएगा, लेकिन उसकी गिरफ्तारी की खबर आ गई। माँ का दावा है कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है। पुलिस अबू बकर को भी ले गई और घर से बैंक पासबुक जैसे कुछ कागजात उठा ले गई।

निशाने पर कई धार्मिक स्थल

अब्दुल की गिरफ्तारी के बाद अयोध्या में भी हड़कंप मच गया। एसटीएफ की टीम उसके गाँव पहुँची और घर की तलाशी ली। वहाँ से कुछ संदिग्ध चीजें मिली हैं। अयोध्या में खुफिया एजेंसियाँ अब हर जानकारी खंगाल रही हैं। फरीदाबाद में भी पुलिस चौकस हो गई है। शक है कि वहाँ आतंकी स्लीपर सेल हो सकते हैं। अब्दुल फरीदाबाद में भी कोई वारदात करने की फिराक में था।

अब्दुल के फोन से कई धार्मिक स्थलों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। वह चार-पाँच दिन पहले मरकज जाने की बात कहकर घर से निकला था। इस मामले में फरीदाबाद के डबुआ थाने में केस दर्ज हुआ है, जहाँ से अब्दुल रहमान को गुजरात एटीएस उठाकर ले गई है।

न सहरी के लिए मिल रही गैस, न इफ्तार में खाने को सस्ता आटा: रमजान में पाकिस्तान में मची मारामारी, प्रधानमंत्री शहबाज को करनी पड़ी अफसरों संग बैठक

पाकिस्तान में भोजन और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही है। भूख, खाने की कमी और गैस की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। खासकर कराची में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। रमजान के महीने में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। सरकार ने आटे और रोटी के दाम तय किए, लेकिन बाजार में ये चीजें तय कीमत से ज्यादा में बिक रही हैं।

रोटी और आटे की कीमतें भी तय कर रही सरकार

ऐसे में पाकिस्तान में अब हर रोज आटे-रोटी की कीमत तय करनी पड़ रही है। इसी कड़ी में कराची के कमिश्नर सैयद हसन नकवी ने नोटिफिकेशन जारी कर आटे की कीमतें तय कीं। नंबर 2.5 आटा थोक में 83 रुपये और खुदरा में 87 रुपये प्रति किलो तय हुआ। फाइन आटा थोक में 88 रुपये और खुदरा में 92 रुपये प्रति किलो रखा गया, जबकि चक्की आटा 100 रुपये प्रति किलो तय किया गया। लेकिन बाजार में फाइन आटा 90 से 100 रुपये और चक्की आटा 110 से 115 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। रोटी 100 ग्राम की 10 रुपये और 120 ग्राम नान 15 रुपये तय हुआ, पर लोग 18 से 20 रुपये में चपाती और 25 से 28 रुपये में नान खरीदने को मजबूर हैं।

रमजान में राहत देने के लिए कमिश्नर ने किराने की चीजों के दाम भी तय किए और हर सुबह नई प्राइस लिस्ट जारी करने का ऐलान किया। शिकायत के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि तय दाम से ज्यादा वसूलने पर जुर्माना और गिरफ्तारी होगी। लेकिन हालात सुधरते नहीं दिख रहे।

गैस की किल्लत से जूझ रहे लोग, पीएम को करना पड़ा हस्तक्षेप

एक तरफ खाने पीने की चीजों की भयंकर कमी है, तो पाकिस्तानियों को गैस की कमी ने भी परेशान कर रखा है। सहरी और इफ्तार के वक्त गैस नहीं मिल रही, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कराची के कई इलाकों जैसे लियाकताबाद, नॉर्थ नजीमाबाद और गुलशन-ए-इकबाल में लोग गैस कटौती से परेशान हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसकी खबर लेते हुए गैस कंपनियों के अफसरों के साथ बैठक की और सहरी-इफ्तार के दौरान गैस सप्लाई बढ़ाने के आदेश दिए। सुई सदर्न गैस कंपनी ने गैस प्रेशर 10% बढ़ाने और कंट्रोल रूम बनाने का वादा किया। फिर भी, लोग शिकायत कर रहे हैं कि हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। गैस कंपनी का कहना है कि 95% इलाकों में सप्लाई ठीक है, लेकिन बाकी 5% में दिक्कतें हैं।

हत्या केस में गया जेल तो बना ईसाई, बाहर आकर करवाने लगा धर्मांतरण: जानें ‘यशु-यशु’ गाकर वायरल होने वाले पादरी बजिंदर सिंह की पूरी हिस्ट्री, दूसरी बार हुआ रेप का केस दर्ज

पंजाब के कपूरथला में 22 साल की एक महिला ने पादरी बजिंदर सिंह पर उसकी किशोरावस्था में यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पंजाब की जालंधर पुलिस ने ईसाई प्रचारक बजिंदर के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी देने और पीछा करने का मामला दर्ज कर लिया है। जालंधर पुलिस ने रविवार (2 मार्च) को इसकी जानकारी दी।

पीड़िता का कहना है कि वह दिसंबर 2017 में पादरी बजिंदर सिंह की मंडली में शामिल हो गई थी। इसके बाद 2020 में ‘वर्शिप टीम’ का हिस्सा बन गई। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान बजिंदर ने उसका फ़ोन नंबर ले लिया और उसे अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उस समय उसकी उम्र 17 साल थी। पीड़िता का आरोप है कि साल 2022 में बजिंदर ने उसके साथ गलत हरकत की।

FIR में कहा गया है, “साल 2022 में उसने (बजिंदर सिंह ने) मुझे रविवार को अपने केबिन में बैठाने लगा। जब मैं अकेली होती तो वह मुझे जबरन गले लगाता और गंदे तरीके से छूता था। जब मैं कॉलेज जाती थी तो वह अपनी कार से मेरा पीछा करने लगा। वह धमकी देता था कि अगर मैंने उससे शादी नहीं की या इस बारे किसीको बताया तो वह मेरे माता-पिता और भाई को मरवा देगा।”

पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बजिंदर को जुलाई 2018 में पंजाब के जीरकपुर में एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उससे भी पहले वह हत्या के एक मामले में जेल में बंद था।

कहा जाता है कि बजिंदर सिंह हमेशा सूट-बूट में रहता है और 24 घंटे सिक्योरिटी में घिरा रहता है। पादरी बजिंदर सिंह अपने भाषणों के दौरान सुंदर लड़कियों पर नजर रखता था। बाद में उन लड़कियों को अपनी स्पेशल टीम में शामिल करता था। इसके पहले जिस लड़की के साथ उसने बलात्कार किया, वह भी बजिंदरकी सभाओं में जाती थी। वहीं बजिंदर ने उसे देखा और फँसाया था।

कौन है पादरी बजिंदर सिंह?

बजिंदर सिंह मूलत: हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला है। उसका जन्म एक हिंदू जाट परिवार में हुआ था। करीब 15 साल पहले एक हत्या के मामले में वह जेल में बंद हुआ था। इसके बाद उसने ईसाई धर्म अपना लिया और चर्च में पादरी के तौर पर काम करने लगा। बजिंदर ‘चमत्कारी उपचारों’ के नाम पर हजारों लोगों को अपनी सभाओं में बुलाता है। वह ‘यशु यशु’ नाम के अपने वीडियो के कारण चर्चा में आया।

जालंधर के एक चर्च में पादरी के रूप में काम करने के बाद बजिंदर ने साल 2016 में ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ नाम से अपना खुद का चर्च एवं ईसाई मिशनरी बना लिया। उस समय जालंधर चर्च से जुड़ी संस्था के प्रवक्ता फादर पीटर ने कहा था, “बजिंदर और उनके चर्च का हमारी संस्था से कोई लेना देना नहीं है। उसे किसी चर्च से मान्यता भी प्राप्त नहीं है।”

खुद का चर्च बनाकर पादरी बजिंदर सिंह तरह-तरह के दावे करके लोगों को अपने झाँसे में लेने लगा। उसने पूरे पंजाब में खुद को एक चमात्कारिक हीलर के रूप में स्थापित करने में तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। उसका दावा है कि उसने HIV-एड्स, कैंसर, गूंगापन, अंधापन सहित कई खतरनाक बीमारियों से पीड़ितों को ठीक किया है। वह मंच पर चमत्कार दिखाता और उसे अपने सोशल मीडिया पर डालता।

हीलर बाबा’ के नाम से मशहूर बजिंदर के यूट्यूब पर 37.40 लाख सब्सक्राइबर हैं। उसके इंस्टाग्राम हैंडल पर उसे ‘पैगंबर बजिंदर सिंह’ बताया गया है। बजिंदर सिंह को कई मशहूर हस्तियाँ द्वारा समर्थन दिया गया है। इसके कारण पादरी बजिंदर सिंह की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। वह मंच पर कथित चमत्कार दिखाने के बाद ईसाइयों के देवता यीशु मसीह के लिए ‘मेरे यशु… मेरे यशु’ नाम से गाना गाता।

उसने सलमान खान सहित कई बड़े फिल्मी सितारों और राजनीतिक हस्तियों को लेकर भविष्यवाणी करता रहा है। हाल ही में उसने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ विधानसभा से विधायक कविता प्राण लहरे को उसने विधायक बनने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। कविता का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह बजिंदर को ‘पप्पा जी’ कहते हुए उसका पैर छू रही थीं।

पादरी बजिंदर सिंह का नेटवर्क राजस्थान के भरतपुर सहित देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। इससे जुड़े छोटे-छोटे संस्थान लोगों को बहकाकर उन्हें ईसाई में धर्मांतरण कराने के काम में लगे हुए हैं। कहा जाता है कि बजिंदर सिंह को इटली सहित कई देशों से लोगों को ईसाई में धर्मांतरण के लिए फंडिंग होती है। इस पैसे वह अपने छोटे-छोटे नेटवर्क में बाँटता है।

चंडीगढ़ में फॉलोअर से बलात्कार का आरोप

साल 2018 में एक महिला ने बजिंदर सिंह पर बलात्कार का एक मामला दर्ज कराया था। इस दौरान पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बजिंदर ने चंडीगढ़ के सेक्टर 63 स्थित अपने घर में उसका बलात्कार किया था। इस दौरान बजिंदर ने यौन उत्पीड़न का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। लड़की ने आरोप लगाया था कि बजिंदर ने उसे विदेश भेजने के नाम पर झाँसा दिया था और अपने घर पर बुलाया था।

पीड़ित महिला ने बताया था, “उसने (बजिंदर ने) शिकायत करने के जवाब में उसके रेप का वीडियो वायरल कर देने के धमकी दी थी।” उस समय बजिंदर जालंधर के एक चर्च में पादरी था और पीड़ित लड़की बजिंदर फॉलोअर थी। इसके बाद पंजाब की जीरकपुर पुलिस ने बजिंदर को 21 जुलाई 2018 को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था।

बजिंदर सिंह इंग्लैंड की राजधानी लंदन भागने की फिराक में था। उस पर IPC की धारा 376, 420, 354, 294, 323, 506, 147, 149 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में वह फिलहाल बेल पर है। बेल पर आने के बाद वह खुलेआम घूम रहा है और अभी भी तरह-तरह की बीमारियों को ठीक करने का दावा कर रहा है। 

नाबालिग बच्चे वाले वीडियो पर NCPCR का एक्शन

अगस्त 2021 में एक वीडियो सामने आया था। इसमें एक लड़के को रोते हुए दिखाई दे रहा था। फिर एक आदमी (पादरी बजिंदर) उससे पूछता है कि क्या उसकी बहन पहले बोल सकती थी। लड़का ‘नहीं’ में जवाब देता है। फिर उससे पूछा जाता है कि क्या वह अब बोल सकती है और इस बार वह ‘हाँ’ में जवाब देता है। तभी बैकग्राउंड में गाना बजता है, “मेरा यशु यशु।”

अब इस वीडियो पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ ने संज्ञान लिया था। NCPCR ने कहा था कि उसे एक वीडियो का ट्विटर लिंक मिला है, जिसमें पादरी बजिंदर सिंह को एक नाबालिग लड़के के साथ विचित्र अंधविश्वास का कारनामा करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में बच्चे को रोते हुए देखा जा सकता है।

इसमें बच्चे और पादरी दोनों की बॉडी लैंग्वेज काफी असामान्य लग रही है। इसके बाद आयोग ने CPCR एक्ट 2005 की धारा 13 (1) (j) के तहत संज्ञान लिया और चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर को मामले की जाँच कर 7 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का अनुरोध किया। उस समय बजिंदर सिंह की उम्र लगभग 39 साल थी।

बजिंदर के ठिकाने पर आयकर की रेड

धोखाधड़ी के आरोप में आयकर विभाग ने जनवरी 2023 में बजिंदर सिंह के चर्च पर रेड डाली थी। इस चर्च के भक्तों ने आरोप लगाया था कि बजिंदर ने उनसे पैसे लिए थे और चमत्कार का वादा किया था, जो कभी पूरा नहीं हुआ। शिकायत मिलने के बाद आयकर विभाग ने जालंधर में बजिंदर के ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ में छापेमारी की और पैसे के लेन-देने को लेकर तमाम दस्तावेज खंगाले।

विभाग ने बजिंदर के बैंक खातों के साथ उसकी चल और अचल सम्पत्तियों की भी तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान आयकर विभाग के साथ पैरामिलिट्री के 50 से अधिक जवान साथ थे। हालाँकि, आयकर विभाग की छापेमारी का बजिंदर के चर्च की महिला भक्तों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। महिला भक्तों का दावा था कि बजिंदर के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर लोकप्रिय पादरी को बदनाम किया जा रहा है।

न मंदिर में पूजा करने देते हैं, न इलाके से आने-जाने देते हैं: पूर्णिया के बायसी में मुस्लिम आबादी से 150+ हिंदू परिवार परेशान, बयाँ किया दर्द; मुखिया आलम ने आरोपों को नकारा

पूर्णिया के बायसी प्रखंड में शादीपुर भुटहा गाँव की शर्मा टोली में करीब डेढ़ सौ हिंदू परिवार पिछले कई दिनों से परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनके घर तक जाने का रास्ता मुस्लिम पक्ष ने बंद कर दिया है। गाँव के चारों तरफ मुस्लिम बस्ती और उनकी निजी जमीन होने की वजह से ये लोग अपने घर तक नहीं पहुँच पा रहे।

हालात इतने खराब हो गए हैं कि इन परिवारों के बेटे-बेटियों की शादी तक नहीं हो पा रही। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे निजी रास्ते से आते-जाते थे, लेकिन अब 12 डिसमिल जमीन के छोटे से टुकड़े की वजह से 100 मीटर का रास्ता बंद कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने जमीन मालिक को रास्ते के लिए एक लाख रुपये तक दे दिए थे, ताकि समस्या हल हो सके। लेकिन बाद में मुस्लिम समाज के दबाव में वो पैसे लौटा दिए गए और रास्ता भी नहीं मिला। अब चारों तरफ से रास्ता बंद होने की वजह से ये लोग पूरी तरह घिर गए हैं।

ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष उन्हें पूजा-पाठ करने और लाउडस्पीकर बजाने से भी रोकता है। उनका कहना है कि इससे उनकी धार्मिक आजादी पर भी रोक लग रही है। इस परेशानी से तंग आकर लोगों ने पहले एसडीएम कोर्ट में गुहार लगाई। वहाँ उनके हक में फैसला भी आया, लेकिन बाद में सिविल कोर्ट ने उस फैसले को पलट दिया और मुस्लिम पक्ष को जीत मिल गई।

ऑपइंडिया से बातचीत में संतोष कुमार ने कहा, “एसडीएम मैडम और सीओ साहब की जाँच में रास्ते की जरूरत को माना गया। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों के हक में फैसला सुनाया, लेकिन सिविल कोर्ट ने उस फैसले को पलट दिया।”

संतोष कुमार का कहना है कि मुस्लिम पक्ष आक्रामक रूख अपनाए हुए है। पहले जमीन के मालिक लोग मान गए थे और ये तय हुआ था कि जमीन के बदले में उन्हें रुपये दे दिए जाएँगे। उन्होंने 1 लाख रुपया ले भी लिया, लेकिन अन्य मुस्लिमों के दबाव की वजह से उन्होंने पैसे लौटा दिए और फिर से रास्ता न देने पर अड़ गए हैं। संतोष कुमार का कहना है कि स्थानीय मुस्लिम दबंगई दिखा रहे हैं। थाने में भी उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। अब इन परिवारों ने जिलाधिकारी कुंदन कुमार से मदद माँगी है।

बायसी की एसडीएम कुमारी तौसी का कहना है कि कानून में साफ लिखा है कि अगर 100 से ज्यादा परिवार किसी जगह रहते हैं, तो उनका रास्ता कोई नहीं रोक सकता। यहाँ डेढ़ सौ से भी ज्यादा परिवार हैं, फिर भी समस्या का हल नहीं निकल रहा। उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना और अंचल अधिकारी को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ऑपइंडिया के पास एसडीएम के आदेश की कॉपी भी मौजूद है। जिसमें रास्ता बनाने को लेकर आदेश दिया गया है। हालाँकि एसडीएम के आदेश को मुस्लिम पक्ष ने सिविल कोर्ट में चुनौती दी, जहाँ सिविल कोर्ट ने एसडीएम के आदेश को खारिज कर दिया।

इस बीच, सोशल मीडिया पर स्थानीय लोगों की परेशानियों से जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक महिला ने आरोप लगाया कि हिंदुओं को मूर्ति विसर्जन के लिए नहीं जाने देते। पूजा-पाठ में भी मुस्लिम विघ्न डालते हैं। महिला ने आरोप लगाया कि मुस्लिमों का कहना है कि हिंदू लोग ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हैं, इसलिए उन्हें नहीं दिया जाएगा।

इस पूरे मामले में शादीपुर भुटहा के मुखिया सबनूर आलम ने कहा कि कुछ लोगों की निजी जमीन होने के कारण वे लोग रास्ता नहीं दे रहे हैं, लेकिन उन लोगों को दूसरी तरफ से रास्ता देने की बात हुई थी। लेकिन शर्मा लोग दूसरे तरफ से रास्ता लेने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने लाउडस्पीकर और पूजा-पाठ रोकने के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि कुछ लोग मामले को सांप्रदायिक रूप दे रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर बायसी थाने में तैनात सुरेश कुमार ने ऑपइंडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर थाने में बैठक हुई थी। दोनों पक्ष मौजूद थे। रास्ते को लेकर तनाव नहीं है, लेकिन हकीकत ये है कि रास्ता नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन रास्ता निकलवाने को तैयार है, लेकिन मुस्लिम पक्ष अपनी जमीन का हवाला देकर कह रहा है कि वो कहाँ जाए।

सुरेश कुमार ने बताया कि सिविल कोर्ट में दूसरे रास्ते को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन वो रास्ता अभी मिला नहीं है। यही वजह है कि हिंदू पक्ष रास्ते की परेशानी को लेकर लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहा है। हालाँकि उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन पहले से तय जगह पर किया गया, और मौजूदा समय में सांप्रदायिक तनाव जैसी कोई बात नहीं है।

सोशल मीडिया पर दोस्ती, सेक्स, वीडियो और ब्लैकमेल: 2 बच्चों के बाप सचिन से पैसे माँगती थी हिमानी नरवाल – आरोपों पर मृतका की माँ बोलीं- ब्वॉयफ्रेंड जैसे कीड़े नहीं पालती थी वो

कॉन्ग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने सचिन नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। उसके पास से हिमानी का मोबाइल और ज्वैलरी बरामद हुई है। सचिन बहादुरगढ़ के खैरपुर गाँव का रहने वाला है और वह खुद हिमानी का ब्वॉयफ्रेंड बताया। उसका कहना है कि हिमानी उसे पैसों के लिए ब्लैकमेल करती थी। इसलिए उसने हत्या कर दी। अब इसको लेकर हिमानी की माँ सविता रानी ने सवाल उठाया है।

सविता रानी का कहना है, “न्यूज में उल्टी-सीधी खबर चल रही है। उसे ब्वॉयफ्रेंड बताया जा रहा है। फ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड में बहुत ज्यादा फर्क होता है। ब्वॉयफ्रेंड जैसे कीड़े मेरी लड़की नहीं पालती थी। उसे किसी ने एक लफ्ज भी बोल दिया और उसे पता चल गया कि इस लड़के के दिमाग में ये चल रहा है तो कट मारती थी बिल्कुल।” सविता रानी ने पैसे के लिए ब्लैकमेल वाले आरोप से भी इनकार किया।

सविता रानी ने कहा, रही पैसे वाली तो जिनके लिए दिन-रात मेहनत करती थी उनसे अपनी गाड़ियों में तेल तक नहीं डलवाती थी। अपनी स्कूटी में भी तेल नहीं डलवाया उसने। इलेक्शन के दौरान भी उसने किसी से पैसे की मदद नहीं ली।” हिमानी की माँ ने कहा कि जिस पर हिमानी नरवाल विश्वास करती थी, उसका उनके घर तक आना-जाना था। इसलिए हत्यारा कोई भी हो सकता है।

न्यूज18 से बातचीत में हिमानी की माँ सविता रानी ने कहा कि जिस पर उनकी बेटी हिमानी विश्वास करती थी, वही घर के अंदर आता था। जिस पर उसका विश्वास नहीं होता था, उसे वह गेट के अंदर भी नहीं आने देती थी। हिमानी की माँ ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाला कोई भी हो सकता है। वह हिमानी का जानकार हो सकता है या कॉन्ग्रेस पार्टी का कोई कार्यकर्ता हो सकता है।

NDTV से बातचीत में सविता रानी ने कहा, “मैं तो कह रही हूँ कि आरोपित कोई अपना ही है… कोई नजदीकी ही है। चाहे वो पार्टी से जुड़ा हो… दोस्त हो… कॉलेज का हो या कोई रिश्तेदार हो। वही बंदा मेरे घर तक आ सकता है, जिस पर वह हद से ज्यादा विश्वास करती हो। उसका विश्वास अगर कोई तोड़ता है… मतलब एक लफ्ज भी गलत बोलता है तो वो एक्शन उठाती थी। चाहे वो उससे चार गुना बड़ी उम्र का क्यों ना हो।”

22 साल की हिमानी की माँ सविता रानी ने आगे कहा, वो (हिमानी) कभी गलत बर्दाश्त नहीं करती थी। उसके साथ क्या हुआ, क्या नहीं हुआ… किसने क्या किया… जो पकड़वाया है, उसने भी कुछ गलत हरकत करने की कोशिश की तो उसने (हिमानी ने) एक्शन लिया है तो उसके साथ गलत हादसा हुआ है। मैं 100 परसेंट कह सकती हूँ। वो किसी का एक लफ्ज भी गलत बर्दाश्त नहीं करती थी।”

हिमानी की माँ ने कहा कि अगर कोई हद पार करने की कोशिश करता था तो हिमानी उससे दूर रहती थी। दुश्मनी की सबसे बड़ी वजह यही हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा एक-दो बार पहले भी हिमानी के साथ ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आरोपित खुद को हिमानी का ब्वॉयफ्रेंड मानता होगा, लेकिन उनकी बेटी नहीं मानती थी। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा होता तो उनकी बेटी उन्हें जरूर बताई होती।

उधर, डॉक्टरों की एक टीम ने रविवार (2 मार्च) को हिमानी के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिमानी के साथ किसी तरह की दरिंदगी या जोर-जबरदस्ती के निशान नहीं मिले हैं। इसके बावजूद सीमन, यूट्रेस कोर और खून व हिस्टोपैथ के नमूने लेकर जाँच के लिए मधुबन लैब में भेज दिए गए हैं, ताकि स्थिति और स्पष्ट हो सके।

अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करती थी हिमानी

बता दें कि रोहतक में हिमानी नरवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने 30 साल के सचिन नाम के शख्स को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। वह बहादुरगढ़ के खैरपुर गाँव का रहने वाला है और मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाता है। उसके पास से हिमानी का मोबाइल फोन और उसकी ज्वैलरी भी बरामद की गई है। सचिन ने बताया कि हिमानी उसकी गर्लफ्रेंड थी और वह लंबे समय से उसके साथ रिलेशनशिप में था।

आरोपित सचिन कॉन्ग्रेस की युवा नेत्री हिमानी नरवाल से मिलने के लिए उसके घर भी आता-जाता था और वहाँ रुकता भी था। आरोपित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि हिमानी उसे ब्लैकमेल करती थी और उससे पैसे माँगती थी। उसने कहा कि उसने हिमानी को कई बार करके लगभग 3 लाख रुपए भी दिए थे, लेकिन वह बार-बार और भी अधिक पैसों की माँग कर रही थी। इससे वह तंग आ गया।

कहा जा रहा है कि 2 मार्च को हरियाणा में नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने वाले थे। उससे पहले हिमानी ने आरोपित सचिन को अपने घर बुलाया और उससे पैसे की माँग की। सचिन ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद सचिन ने गुस्से में आकर मोबाइल के चार्जर से हिमानी का गला घोंट दिया।

हत्या करने के बाद आरोपित सचिन बहादुरगढ़ के कनौदा गाँव स्थित अपनी मोबाइल की दुकान पर चला गया। कुछ समय बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए वह फिर से हिमानी के घर आया। उसने हिमानी के घर से ही एक बड़ा नीले रंग का सूटकेस खोजकर निकाला और उसमें उसकी लाश रखकर अपने साथ लेकर गया।

आरोपित सचिन उस सूटकेस को पहले रिक्शा पर रखकर ले गया और फिर बस से साँपला बस स्टैंड तक लेकर गया। वहाँ बस से उतरने के बाद वह लाश वाली सूटकेस को सांपला स्टैंड के पास पास ही छोड़कर चला गया। कहा जा रहा है कि आरोपित सचिन पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

अमर उजाला के रिपोर्ट के मुताबिक, हिमानी नरवाल और सचिन एक-दूसरे को तकरीबन एक साल से जानते थे। सोशल मीडिया के जरिए दोनों की दोस्ती हुई थी। दोस्ती जब आगे बढ़ी तो एक दिन हिमानी ने सचिन को अपने घर बुलाया और वहाँ दोनों के बीच संबंध बने। इस दौरान हिमानी ने संबंधों की वीडियो बना ली और सचिन को ब्लैकमेल करने लगी। हालाँकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

Reel के कारण AMU में छात्र की निर्मम हत्या, चाकू से फेफड़ा चीरा: शोएब, अयान समेत 4 पर केस दर्ज, 1 गिरफ्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्कूल में मोहम्मद कैफ नाम के लड़के की हत्या मामले में गिरफ्तारी हुई है। आरोपित लड़के का नाम अयान है। पहले कहा जा रहा था कि कैफ की मौत गोली लगने से हुई, लेकिन अब सामने आया है कि कैफ की मौत चाकू घोंपे जाने के कारण हुई। पुलिस अयान से पूछताछ कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में काम करने वाले कर्मचारी का बेटा था और यूनिवर्सिटी के परिसर में चल रहे स्कूल में पढ़ता था। कैफ और अयान के बीच विवाद रील्स पर पोस्ट किए गए एक कमेंट के चलते हुआ था।

1 मार्च दोपहर तीन बजे छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हुआ। इस बीच गोली की आवाज सुनाई दी। मौके पर जाकर देखा गया तो कैफ घायल था। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद का कारण सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक रील पर किया गया कमेंट था। सीसीटीवी में कैफ को चाकू मारते साफ-साफ देखा जा सकता है। पोस्टमार्टम में भी सामने आया है कि चाकू इस प्रकार घोंपा गया कि वो पसलियों के बीच से होकर फेफड़े को चीरकर निकल गया।

अब इस मामले में कार्सी थाने में शोएब, अयान, फराज और मजहर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 191, 190, 61 (2) और 103 के तहत मामला दर्ज हुआ था। अलीगढ़ पुलिस के अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक का कहना है कि आरोपितों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं, उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

कॉन्ग्रेस नेता हिमानी नरवाल बॉयफ्रेंड को करती थी ब्लैकमेल, मार कर सूटकेस में भर दिया: गिरफ्तार आरोपित ने पुलिस को बताया, मृतका का मोबाइल और ज्वेलरी भी बरामद

हरियाणा के रोहतक में कॉन्ग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित सचिन बहादुरगढ़़ का रहने वाला है और खुद को हिमानी का ब्वॉयफ्रेंड बताया है। उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपित के पास से हिमानी का सामान भी बरामद हुआ है। हत्या के बाद शव को सूटकेस में भरकर फेंक दिया गया था।

भास्कर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग मुख्य कारण है। कहा जा रहा है कि हिमानी आरोपित को ब्लैकमेल कर रही थी। इससे तंग आकर आरोपित ने उसकी हत्या की। आरोपित के पास से हिमानी नरवाल का मोबाइल फोन और ज्वैलरी भी बरामद की गई है। हत्यारा बहादुरगढ़ के नजदीक के एक गाँव का रहने वाला है। आरोपित ने हत्या की बात कबूल कर ली है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जाँच में आरोपित सचिन ने पुलिस को बताया है कि उसने हिमानी की हत्या उसके घर पर ही की थी। इसके बाद शव को सूटकेस में डालकर ले गया था और सांपला बस स्टैंड के पास सुनसान देखकर फेंक दिया था। बता दें कि जिस जगह पर सूटकेस फेंका गया था, वहाँ से कुछ ही दूरी पर पुलिस का थाना भी है।

पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि हिमानी उसकी गर्लफ्रेंड थी और उसके साथ वह लंबे समय से रिलेशनशिप में था। उसने दावा किया कि हिमानी उसे ब्लैकमेल करती थी और उससे पैसे माँगती थी। उसने कहा कि उसने हिमानी को कई बार पैसे दिए भी थे, लेकिन वह बार-बार और भी अधिक पैसों की माँग कर रही थी। इससे वह तंग आ गया और हत्या कर दी।

बता दें कि 1 मार्च को हिमानी का शव नीले रंग के एक सूटकेस में रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास से बरामद हुआ था। हिमानी MBA कर चुकी थी और फिलहाल कानून की पढ़ाई कर रही थी। उसने अपनी सोशल मीडिया हैंडल पर राहुल गाँधी के साथ यात्रा के अलावा भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा सहित कई कॉन्ग्रेसी नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें डाली हैं।

उधर, हिमानी की माँ सविता रानी ने दावा किया है कि कुछ उसे राजनीति के दलदल में फँसाना चाहते थे। इसलिए वह राजनीति छोड़कर नौकरी करना चाहती थी। सविता रानी ने दावा किया था कि हिमानी 28 फरवरी को कांठवाड़ी में कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। इसके बाद उनकी बेटी लापता हो गई थी।

हालाँकि, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा का कहना है कि 28 फरवरी को कांठवाड़ी में उनका कोई कार्यक्रम नहीं था। इसके बाद यह मामला और भी उलझ गया है। सविता रानी ने हत्यारों की गिरफ्तारी तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस ने शव को फिलहाल मोर्चरी में रखा गया है। हिमानी के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सोमवार (3 मार्च 2025) को आने वाली है।

कॉन्ग्रेस की युवा नेता हिमानी नरवाल की जाँच के लिए गठित किए गए विशेष जाँच दल (SIT) के प्रमुख डीएसपी रजनीश कुमार ने कहा है कि इस मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि मृतक हिमानी का मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है। जिस सूटकेस में डेड बॉडी मिली, वह परिवार का ही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की हर एंगल से जाँच कर रही है।

महाकुंभ 2025 से मजबूत हुई देश की अर्थव्यवस्था, खेती से लेकर व्यापार-पर्यटन सब में मिला लाभ: सामने आई रिसर्च रिपोर्ट, GDP वृद्धि दर बढ़कर 6.2%

प्रयागराज महाकुंभ 2025 संपन्न हुए एक सप्ताह होने को है, लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा यह धार्मिक आयोजन आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाने में सहायक हो रहा है। यह बात एक रिसर्च एजेंसी ने कही है। केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार, महाकुंभ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में खपत की माँग को बढ़ावा देगा। इससे व्यापार, आतिथ्य और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों को लाभ होगा।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाली तिमाहियों में आर्थिक गति में तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में माँग में सुधार, कम कर, नीतिगत दरों में कटौती, खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट और सार्वजनिक पूँजीगत व्यय में वृद्धि जैसे कारकों से इस आर्थिक तेजी को और समर्थन मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि महाकुंभ उत्सव के कारण चौथी तिमाही में कई क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

दरअसल, वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में भारत का की वृद्धि दर पिछली तिमाही के 5.6 प्रतिशत से बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई है। केयरएज की इस पोर्ट में तिमाहियों के लिए उत्साहजनक संभावना के बारे में बताया गया है। हालाँकि, वैश्विक अनिश्चितताएँ, व्यापारिक तनाव और निवेश में सुस्ती इस गति को बनाए रखने में सबसे बड़े जोखिम बने हुए हैं।

शुक्रवार (28 फरवरी 2025) को जारी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आँकड़ों से पता चला है कि ग्रामीण केंद्रों में निजी खपत माँग में सुधार हुआ है। यह 5.9 प्रतिशत के मुकाबले तीसरी तिमाही में बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई। अगर GDP की बात करें तो तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही। दूसरी तिमाही में यह वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत थी।

अगर क्षेत्रवार बात की जाए तो कृषि विकास में लगातार सुधार जारी रहा। यह तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा। दूसरी तिमाही में यही वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत थी। दरअसल, खरीफ फसलों के उत्पादन में शानदार वृद्धि और रबी फसलों की स्वस्थ एवं शानदार बुवाई में बढ़ोत्तरी से कृषि गतिविधियों को मदद मिली है।

सेवा क्षेत्र अपनी व्यापक गति बनाए रखी। यह क्षेत्र तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत था। सेवा क्षेत्र की वृद्धि में सुधार व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण सेवाओं की शानदार वृद्धि के कारण हुआ। सेवा क्षेत्र के इन में यह वृद्धि दूसरी तिमाही में 6.1 प्रतिशत थी, जो बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत हो गया।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि महंगाई का कम दबाव होने और कम करों के लाभ मिलने से खपत की माँग में मजबूती आएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फरवरी में पहले ही नीतिगत रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर चुका है। वित्त वर्ष 26 में 25-50 आधार अंकों की और कटौती की उम्मीद है। इससे निजी पूँजीगत व्यय और माँग को सपोर्ट मिलेगा।