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गाने को लेकर हुआ झगड़ा: SFI सदस्य ने SFI सदस्य को मारा चाकू, मुख्य आरोपित नसीम फरार

तिरुवनंतपुरम में SFI की कॉलेज इकाई के सदस्यों ने कथित तौर पर एक छात्र को सीने में चाकू मार दिया। शनिवार (14 जुलाई, 2019) सुबह की इस घटना के बाद से आरोपित छात्र पुलिस की गिरफ़्त से फ़रार है। पीड़ित अखिल तृतीय वर्ष का बीए (राजनीति) का छात्र है और बताया जा रहा है कि मामला मामूली झगड़े से शुरू हुआ था। अखिल को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

गाने को लेकर हुआ झगड़ा?

ऐसी जानकारी आ रही है कि घायल अखिल समेत मामले के सभी पक्ष SFI से ही ताल्लुक रखते हैं। जानकारी के अनुसार अखिल और उसके मित्र कॉलेज कैंटीन में गाते-बजाते थे, जो कैंटीन के बगल में ही स्थित SFI की स्थानीय इकाई के कमरे में रहने वाली एक महिला SFI सदस्या को पसंद नहीं आया। उसने SFI की स्थानीय इकाई में गाना बंद कराने की शिकायत कर दी और इसके चलते अखिल की SFI के बाकी सदस्यों से जुबानी जंग कई दिन तक चली। इसके बाद 10 जुलाई को एक छोटी-मोटी हाथापाई हुई लेकिन शुक्रवार को समझौते के लिए बैठक बुलाई गई थी

लेकिन सुलह के बुलाई गई इस बैठक में मामला हाथ से निकलता गया और देखते-ही-देखते अखिल के एक दोस्त पर हमला हो गया। इसके बाद बाहर से भी एक बड़ा गुट अंदर आया और अखिल के ग्रुप धावा बोल दिया। इस हाथापाई में अखिल को चाकू मार दिया गया।

‘हम फिर भी समर्थक लेकिन फ़ासिस्ट SFI’

इस घटना की जानकारी फैलते ही छात्रों का एक बड़ा समूह SFI के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने लगा। प्रदर्शन करने वालों में SFI के भी सदस्य थे। उनका कहना था कि कॉलेज में SFI के 13 यूनिट सदस्यों का व्यवहार फासिस्टों जैसा ही है, हालाँकि वे SFI समर्थक हैं। छात्रों को कॉलेज में अपनी मर्ज़ी से कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं है और कहीं भी वे पेड़ों के आस-पास बैठें या गाना गाएँ तो उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता है।

नसीम SFI रूम का करता है पुलिस से छिपने के लिए इस्तेमाल’

इस बीच यूनिवर्सिटी कॉलेज की पूर्व छात्रा निखिला ने अखिल के मामले के मुख्य आरोपी नसीम समेत SFI से जुड़े कई मुद्दों पर मीडिया से बात की। उनके मुताबिक उन्हें SFI सदस्यों के हाथों शोषण का शिकार होना पड़ा, जिससे उन्होंने आत्महत्या का भी प्रयास किया था। अंत में उन्हें कॉलेज छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। नसीम के बारे में निखिला ने बताया कि नसीम ने कॉलेज के SFI यूनियन रूम का इस्तेमाल पिछले साल पुलिस से बचने के लिए किया था जब दिसम्बर-जनवरी में दो ट्रैफिक पुलिसवालों के साथ मार-पीट के मामले में पुलिस उसको तलाश रही थी

Exclusive: इमाम से नहीं बुलवाया गया ‘जय श्री राम’, न नोची गई दाढ़ी: SP ने मीडिया रिपोर्ट्स का किया खंडन

पीटीआई के हवाले से आज कई मीडिया संस्थानों ने ख़बर चलाई कि इमाम इमलाकुर रहमान नामक व्यक्ति को प्रताड़ित किया गया और उसे ‘जय श्री राम’ बोलने को मजबूर किया गया। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि आरोपितों ने उसकी दाढ़ी खींची और इस मामले में कुल 12 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। अब पता चला है कि यह भी एक फेक ‘हेट क्राइम’ था क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। बागपत के एसपी ने ऐसी किसी भी रिपोर्ट को ग़लत ठहराया है और साफ़-साफ़ कहा है कि इमलाकुर रहमान को किसी ने भी ‘जय श्री राम’ बोलने को बाध्य नहीं किया।

एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इमलाकुर रहमान को जबरन ‘जय श्री राम’ बोलने को मजबूर नहीं किया गया, उसकी दाढ़ी नहीं खींची गई और उसके साथ हुए दुर्व्यवहार में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। यह कुछ लोगों और इमाम के बीच हुआ एक वाद-विवाद था, इसमें मज़हब के आधार पर ‘हेट क्राइम’ जैसा कुछ भी नहीं था।

इमाम और सभी आरोपित मुज़फ्फरनगर के हैं। एसपी पांडेय ने बताया कि इस झगड़े के बाद इमाम अपने सहयोगियों के साथ मुजफ्फरनगर थाना पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई। उस दौरान इमाम ने जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने या फिर दाढ़ी खींचे जाने का कोई जिक्र नहीं किया। इमाम को बताया गया कि जहाँ घटना हुई, वह क्षेत्र बागपत पुलिस के अंतर्गत आता है। जब वह बागपत थाना पहुँचा, तब उसने अपनी शिकायत में ‘जय श्री राम’ वाली बात जोड़ी।

एसपी पांडेय ने मुज़फ्फरनगर पुलिस से बात की तो उन्हें पता चला कि शुरुआती एफआईआर में कहीं भी जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने का जिक्र नहीं किया गया था। जब इमाम ने मुज़फ्फरनगर पुलिस स्टेशन में अपनी आपबीती सुनाई, तब उसके पूरे बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। एसपी पांडेय ने ऑपइंडिया को बताया कि उक्त वीडियो फुटेज देखने के बाद यह साफ़ हो गया कि उसने अपनी शिकायत में जबरन ‘जय श्री राम’ बोलने को मजबूर करने वाली बात नहीं कही थी। अर्थात, इसे बाद में मैनुफैक्चर किया गया।

जब बागपत एसपी से यह पूछा गया कि आखिर इमाम ने बाद में अपनी शिकायत में ‘जय श्री राम’ वाली बात क्यों जोड़ी, तो उन्होंने कहा कि अपने सहयोगियों के प्रभाव में आने के बाद उसने ऐसा किया। एसपी ने अंदेशा जताया कि उसके मित्रों ने उसे सलाह दी होगी कि जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने वाली बात शिकायत में जोड़ देने के बाद मीडिया इस घटना को ज्यादा महत्त्व देगा और इसे फैलाया जाएगा। इसे सांप्रदायिक एंगल देने से ज्यादा गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी, ऐसा उसका सोचना था।

एसपी ने ऑपइंडिया को बताया कि अभी शहर में माहौल पूरी तरह शांत है और पुलिस इस झगड़े की जड़ तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। एसपी ने बताया कि अभी तक किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ मामला दर्ज नहीं किया गया है। उसका बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के उलट था, जिसमें 12 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज होने की बात कही जा रही थी।

मेरे भाई को थाने में मार डाला, बीवी का गैंगरेप किया, नाखून उखाड़ दिए: राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप

राजस्थान के चुरु जिले में दलित युवक की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। मृतक की 35 वर्षीय भाभी और परिजनों ने आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है। परिजनों ने दोनों ही मामले में सीबीआई से जाँच करवाने की माँग की है। पीड़िता एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।

परिवारवालों का कहना है कि पुलिस ने महिला के साथ गैंगरेप किया और चोरी के एक मामले में अवैध रूप से तकरीबन 8 दिनों तक उसे हिरासत में रखा। इसके साथ ही पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने जबरन कुछ कागजातों पर अँगूठा लगवाया, इसके अलावा बलात्कार और देवर की हत्या वाली बात किसी को नहीं बताने की धमकी भी दी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 6 जुलाई को महिला के देवर को गिरफ्तार किया गया और उसी रात उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। एक अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इस मामले की न्यायिक जाँच की जा रही है। महिला के पति ने शनिवार (13 जुलाई, 2019) को जयपुर में पत्रकारों को बताया,

“30 जून को चोरी के एक केस में पुलिस मेरे 22 वर्षीय भाई को पकड़ कर ले गई। 3 जुलाई को पुलिस उसे वापस घर ले आई मगर उसी दिन फिर से उठाकर ले गई। पुलिस मेरी पत्नी को भी साथ ले गए। बाद में 6-7 जुलाई की रात पुलिस ने मेरे भाई पर खूब अत्याचार किए और उसकी हत्या कर दी। मेरी पत्नी जो इस अत्याचार की गवाह थी, उसके साथ पुलिस ने गैंगरेप किया। उन्होंने उसके नाखून उखाड़ दिए। उसकी आँखों और उंगलियों को चोट पहुँचाई।”

महिला के पति ने यह भी बताया कि उसके भाई की हत्या के बाद भी पुलिस ने जबरन उसकी पत्नी को 10 जुलाई तक पुलिस हिरासत मे रखा।

महिला के परिवार द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद कार्मिक विभाग ने शुक्रवार देर रात एक आदेश जारी किया। जिसके बाद चुरु के एसपी राजेंद्र कुमार शर्मा को हटा दिया गया। इसके अलावा संबंधित पुलिस सर्कल के अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया। इससे पहले दलित की पुलिस हिरासत में मौत के बाद एसपी ने उस पुलिस स्टेशन के एसएचओ, एक हेड कांस्टेबल और 6 कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था।

पीड़ित महिला के एक अन्य देवर ने बताया कि 6 जुलाई को जब पुलिस उसके भाई को गाँव से ले जा रही थी, तब उसने कहा था कि वो आखिरी बार अपने परिवार को देख रहा था और 8 दिन तक हिरासत में रहने के बाद जब उसकी भाभी घर वापस आई, तो उनकी हालत बेहद खराब थी। जिसके बाद 11 जुलाई को महिला को जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसके परिवार ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की माँग की।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध), बीएल सोनी ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि पीड़ित महिला का बयान दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने दावों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच क्राइम ब्राँच को सौंप दी है।” इस मामले में जहाँ एक ओर महिला के परिवार वाले दावा कर रहे हैं कि पुलिस हिरासत में मरने वाले व्यक्ति को 30 जून को गिरफ्तार किया गया था, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि उसे 3 जुलाई को हिरासत में लिया गया था, फिर छोड़ दिया गया। इसके बाद उसे दोबारा 6 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया,

“3 जुलाई को पुलिस के पास सूचना आई की गाँव में एक संदिग्ध चोर को पकड़ा गया है। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुँची तो देखा कि गाँव वालों ने चोर की बुरी तरह पिटाई की थी। फिर उसे पुलिस थाने लाया गया, जहाँ पता चला कि पिछले साल चोरी के एक मामले में की गई एफआईआर में उसका नाम शामिल था। हालाँकि इस मामले में कोई चार्जशीट फाइल नहीं की गई थी।”

प्रकाश कुमार शर्मा ने कहा कि स्थानीय पुलिस के मुताबिक उसे 6 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। थाने के पुलिसकर्मियों ने बताया कि रात को तकरीबन 1:45 बजे उस युवक की तबियत बिगड़ी थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वहाँ रात को 2:15 बजे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उसकी मौत हृदय गति रुक जाने से हुई थी। हालाँकि, व्यक्ति की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की न्यायिक जाँच की जा रही है।

‘अंतिम सेलेक्शन के लिए बॉस को कैसे satisfy करेंगी?’- अभिनेत्री ने बिग बॉस आयोजकों पर ठोका मुकदमा

हैदराबाद में रहने वाली अभिनेत्री और टीवी एंकर श्वेता रेड्डी ने बिग बॉस टीवी सीरियल के तेलुगु संस्करण के आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हैदराबाद के बंजारा हिल्स की पुलिस के पास दर्ज शिकायत में रेड्डी ने आरोप लगाया है कि शो के अंतिम सेलेक्शन के लिए उनसे सेक्सुअल फेवर माँगे गए थे। गौरतलब है कि श्वेता रेड्डी को बिग बॉस के तेलुगु संस्करण के तीसरे सीज़न के लिए नॉमिनेट किया गया है।

पुलिस ने की शिकायत की पुष्टि

ANI से बात करते हुए बंजारा हिल्स डिवीज़न के एसीपी केएस राव ने इसकी पुष्टि की कि पुलिस ने रियलिटी शो की टीम के चार सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चारों व्यक्तियों की पहचान अभिषेक, रविकांत, रघु और श्याम के रूप में हुई है। उन पर आईपीसी की धारा 354 (महिला के साथ उसका शीलभंग करने के इरादे से आपराधिक जबरदस्ती) का मामला दर्ज किया गया है। उनके अनुसार 13 जुलाई की दोपहर को उन्हें शिकायत मिली कि रेड्डी को मार्च में फ़ोन कर बताया गया था उनके बिग बॉस तेलुगु में चयन के बारे में। उन्हें यह भी बताया गया कि 21 जुलाई से तीसरे सीजन की शुरुआत होनी है। उन्होंने बताया कि स्वाति रेड्डी ने वह प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया और चारों आरोपितों से मिलीं। उनके कथनानुसार चारों ने उनके साथ बदसलूकी की और अंतिम सेलेक्शन के लिए अपने बॉस को satisfy करने के लिए कहा

‘उन्होंने बॉडी-शेमिंग भी की’

रेड्डी ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने उनकी बॉडी-शेमिंग भी की। उनके अनुसार आयोजकों ने उन्हें कोई करार नहीं दिया और पूछा कि वह (रेड्डी) उनके बॉस को कैसे satisfy करेंगी। सुपरस्टार अक्किकेनि नागार्जुन को होस्ट के तौर पर लेकर बिग बॉस तेलुगु का तीसरा सीज़न 21 जुलाई से शुरू होना है

‘NDTV के झाँसे में न फँसें’- गोदरेज के असहिष्णुता राग पर Infosys के पूर्व डायरेक्टर की सलाह

उद्योगपति अदि गोदरेज ने ‘भारत में बढ़ रहे हेट क्राइम’ को लेकर चिंता जताई है। गोदरेज ने कहा कि बढ़ती असहिष्णुता और मोरल पुलिसिंग के कारण भारत के आर्थिक विकास को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है। हालाँकि, गोदरेज ने साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को उनके ‘न्यू इंडिया’ रोडमैप के लिए बधाई दी। मोदी सरकार ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लक्ष्य रखा है। अदि गोदरेज ने कहा कि अभी देश में कुछ अच्छा नहीं चल रहा है और सामाजिक स्तर पर कुछ ऐसी चीजें हो रही हैं जो विकास को नुक़सान पहुँचा सकती हैं।

सेंट जेवियर्स कॉलेज की 150वें स्थापना दिवस पर सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा:

“अभी का दृश्य पूरी तरह उज्ज्वल नहीं दिख रहा है। हमें देश में बढ़ रही ग़रीबी को ध्यान में रखना चाहिए, जो हमें हमारी वास्तविक क्षमता को पहचाने की राह में बाधा है। सामजिक अस्थिरता, हेट क्राइम्स, बढ़ती असहिष्णुता, महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार और जाति-धर्म से सम्बंधित हिंसा हमारे देश में अनियंत्रित हो चले हैं। सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए अगर इन्हें नियंत्रित नहीं किया गया तो आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ेगा।”

अदि गोदरेज के इस बयान पर दिग्गज आईटी कम्पनी इनफ़ोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पाई ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि एनडीटीवी के प्रोपेगंडा में फँसने से लोगों को बचना चाहिए। जब बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने गोदरेज के बयान को ट्वीट किया, तब मोहनदास पाई ने कहा कि फेक नैरेटिव गढ़ने से पहले आदि गोदरेज को कम से कम आँकड़े देख लेने चाहिए।

मोहनदास पाई ने ट्विटर पर लिखा, “बिजनेस लीडर्स के साथ यही समस्या है। वे लुटियंस फेक मीडिया के झाँसे में आ जाते हैं और एकाध घटना के आधार पर राय बनाने लगते हैं। हम आख़िर इतनी नेगेटिविटी क्यों पैदा कर रहे हैं? क्या बिजनेस लीडर्स को यही करना चाहिए? भारत को गाली देनी चाहिए?” मोहनदास पाई की ट्वीट को सोशल मीडिया पर लोगों ने सराहा और अदि गोदरेज को आड़े हाथों लिया।

आजम खान का नाम होगा भू-माफिया की लिस्ट में! 26 किसानों की जमीन हड़पने का आरोप

दो दर्जन से भी अधिक मामलों में फँसे समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और सांसद आजम खान अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ समय में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन उनकी मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती। अब सपा नेता के पैतृक शहर रामपुर का जिला प्रशासन राज्य सरकार के ऐंटी-भू माफिया पोर्टल पर आजम खान को भूमि माफिया के रूप में सूचीबद्ध करने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश में 2017 में सत्ता संभालने के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भू-माफिया की पहचान करने और जमीन कब्जा करने से संबंधित लोगों की शिकायत दर्ज कराने के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की थी।

पुलिस के मुताबिक, नवनिर्वाचित लोकसभा सांसद आजम खान के खिलाफ 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर मामले सरकारी जमीन और गरीबों की जमीन हथियाने से संबंधित हैं। रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने बताया कि जमीन हथियाने के कई मामलों को ध्यान में रखते हुए आजम खान का नाम ऐंटी-भू माफिया पोर्टल में सूचीबद्ध करने पर विचार किया गया है।

उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा ने बताया, “जिलाधिकारी और मैं जिले के विभिन्न थानों में आजम खान और उनके सहयोगियों द्वारा जमीन हथियाने को लेकर दर्ज रिपोर्ट (एफआईआर/ मामले) पर समीक्षा करेंगे। उसके बाद ही उनके नाम को सरकारी भू-माफिया पोर्टल पर सूचीबद्ध करने की सिफारिश की जाएगी।” वहीं, जब अजय पाल शर्मा से यह पूछा गया कि क्या आजम खां को गिरफ्तार किया जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह किसी भी समय हो सकता है। जाँच जारी है।

इससे पहले शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में राजस्व विभाग द्वारा आजम खान और उनके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के अनुसार, आजम खान और उनके सहयोगी अलेहसन खान नाम के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर 26 किसानों से जमीन हड़प ली और इस जमीन का उपयोग आजम खान ने अपनी करोड़ों की मेगा परियोजना- मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में किया। राजस्व विभाग की एफआईआर के बाद रामपुर के 26 किसान, जिन्हें कथित रूप से जाली भूमि बिक्री डीड पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था, अब अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराएँगे। क्योंकि इसमें जमीन के अलग-अलग हिस्से और अलग-अलग मालिक शामिल हैं।

इसके साथ ही राजस्व विभाग की शिकायत में यह भी कहा गया है कि गरीब किसानों की जमीन हड़पने में आजम खान ने अपने पद (उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री, 2012-2017 के रूप में) का भी दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 5 हजार हेक्टेयर की विशाल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।

इस जमीन के बारे में राजस्व अधिकारी ने कहा कि यह भूमि नदी किनारे की है, इसका अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है। राजस्व अधिकारी ने बताया कि आजम खान ने जाली राजस्व रेकॉर्ड बनाकर कई सौ करोड़ की इस जमीन को जौहर अली विश्वविद्यालय के रूप में अवैध रूप से कब्जा कर लिया। अधिकारी के अनुसार, नदी के किनारों पर कब्जा करने के लिए व धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से बनाए गए यही जाली दस्तावेज अब आजम खान के खिलाफ मजबूत सबूत के तौर पर उपलब्ध हैं।

पुलिस का कहना है कि आजम खान या उनके सहयोगियों द्वारा जमीन हड़पने के अन्य मामलों से संबंधित कई शिकायतें रामपुर पुलिस अधीक्षक को मिली हैं। वहीं, आजम खान के समर्थकों का कहना है कि उनके नेता को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वो जिले में विपक्ष की एकमात्र आवाज हैं और सांसद के तौर पर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते रहते हैं। सपा के एक पदाधिकारी ने लखनऊ में कहा कि आजम खान के  खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है, क्योंकि उन्होंने (आजम खान) अपने निजी इस्तेमाल के लिए किसी जमीन पर कब्जा नहीं किया है। 

होटल की 3 मंजिला इमारत जमींदोज, सेना के जवान सहित 35 लोगों के फँसे होने की आशंका

हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक बिल्डिंग के गिर जाने के बाद उसमें फँसे 35 लोगों के दब जाने की बात सामने आई है। कई ख़बरों में लोगों के मरने की भी सूचना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सोलन के कुमारहट्टी में एक तीन मंजिला होटल ढह गया, जिससे वहाँ खाना खा रहे सेना के 30 जवान भी उसमें फँस गए। अभी तक 18 लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है। हालाँकि, अभी तक इमारत के गिरने की वजह सामने नहीं आई है। बचाए गए लोगों में से 10 सेना के जवान हैं।

सेना के जवानों के अलावा कई होटलकर्मी और अन्य लोगों के भी अंदर फँसे होने की आशंका है। बचाव कार्य चल रहा है। वहाँ ज़ोर की बारिश भी हो रही थी। पंचकूला से एनडीआरएफ की टीम भी पहुँच रही है। इस घटना के बारे में और जानकारी मिलते ही इस ख़बर को अपडेट किया जाएगा।

इंस्पेक्टर बीवी की वर्दी चुरा प्रेमिका को पहनाता था, फिर करता था लूटपाट: धोखेबाज पति-GF गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ इंदौर में एक महिला व उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ़्तार किया गया। इन्होंने ऐसा कारनामा किया था, जिसे सुन कर आप भी दंग रह जाएँगे। आरोपित महिला पुलिस अधिकारी की वेशभूषा में लूटपाट को अंजाम दिया करती थी और उसका प्रेमी इन सब में उसकी मदद करता था। एक और जानने लायक बात यह है कि आरोपित महिला का प्रेमी पहले से ही शादीशुदा है।

सबसे हास्यास्पद बात यह है कि आरोपित प्रेमी की पत्नी पुलिस अधिकारी है और उसी की वर्दी चुरा कर वह अपनी प्रेमिका को दिया करता था। उसकी पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर है। पत्नी की वर्दी के सहारे दोनों आरोपित प्रेमी युगल लूटपाट की साज़िश को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपित महिला के पास से फेक पुलिस आई कार्ड भी ज़ब्त किया है।

अभी तक पुलिस ने आरोपितों की पहचान उजागर नहीं की है। इंडिया टुडे की ख़बर के अनुसार, पुलिस मामले को दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर उतारने वाला पहला देश बनेगा भारत: चंद्रयान-2 के लिए उल्टी गिनती शुरू

भारत के चंद्रयान-2 मिशन के लिए काउंट डाउन शुरू हो गया है। इसकी लॉन्चिंग सोमवार (जुलाई 15, 2019) को 2.51 AM पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से होगी। यह यान 6 या 7 सितंबर के आसपास चाँद की सतह पर उतरेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इसरो ने यह मिशन बड़े शक्तिशाली देशों से भी सस्ते में पूरा किया है। जहाँ इजराइल ने अपने चन्द्रमा मिशन में 1400 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे, चीन को इसी प्रकार के मिशन में 1200 करोड़ रुपए ख़र्च आए थे। जबकि, भारत के चंद्रयान-2 में कुल 978 करोड़ रुपए का ख़र्च आया है।

बता दें कि GSLV Mk III भारत का अब तक का सबसे शक्तिशाली लॉन्चर है और इसे पूरी तरह से भारत में निर्मित और डिज़ाइन किया गया है। लॉन्च के समय चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क से संपर्क साधने में सफल होगा। चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब चाँद की सतह पर भारत का लैंडर उतरेगा।

भारत एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। भारत चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना यान उतारने वाला पहला राष्ट्र बन जाएगा। यह यान 16 दिनों तक यह पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए चाँद की तरफ बढ़ेगा। इस दौरान चंद्रयान की अधिकतम गति 10 किलोमीटर प्रति सेकंड होगी। चंद्रयान-2 कुल 27 दिनों तक चाँद की कक्षा में चक्कर लगाता रहेगा।

अभी तक दुनिया के पाँच देश ही ऐसे हैं, जिन्होंने चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सफलता पाई है। ये देश हैं – अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान। इसके बाद भारत यह कारनामा करने वाला छठा देश होगा। हालाँकि, रोवर उतारने के मामले में भारत विश्व का चौथा देश होगा।

मुस्लिम भीड़ द्वारा दलित की बेरहम पिटाई, अमेठी पुलिस ने की पुष्टि: वीडियो Viral पर मीडिया गिरोह में चुप्पी

मुस्लिम युवकों के एक समूह द्वारा एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिस ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर किया है उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश के अमेठी में एक दलित व्यक्ति को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पीटा।

वीडियो वायरल होने के बाद अमेठी पुलिस ने शनिवार (जुलाई 13, 2019) को एक बाइट जारी की। जिसमें तिलोई नाम के क्षेत्राधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की।

अमेठी पुलिस द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जब तिलोई से वायरल हो रहे वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि यह घटना उत्तर प्रदेश के जायस जिले में 21 जून, 2019 को हुई थी। इसमें दो समुदायों के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें दूसरे समुदाय के लोगों ने शशांक पदम घूसर को बेरहमी से पीटा। शशांक के साथ-साथ उसके भाई और पत्नी को भी चोटें आई थी। उन्होंने कहा कि शशांक की पत्नी की शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ उसी दिन अपराध संख्या 136/19 के अंतर्गत आईपीसी की धारा-323, 354, 504, 506 और एससी/ एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

साथ ही तिलोई ने बताया कि इस संबंध में दो आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है और बाकी लोगों के खिलाफ उच्च न्यायालय का अरेस्टिंग स्टे ऑर्डर है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है। जाँच में जो कुछ भी सामने निकलकर आएगा, उसके आधार पर उचित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को दंड दिया जाएगा। ऐसा कहा जा रहा है कि दूसरे समुदाय के लोग शशांक की बहन के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन लोगों ने शशांक पर हमला बोल दिया और बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी।

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा दलितों के खिलाफ अत्याचार और भेदभाव की कई घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। हाल ही में राज्य के मुरादाबाद में दलित समुदाय को मुस्लिम समुदाय के नाईयों द्वारा भेदभाव का सामना करना पड़ा था। मुस्लिम नाईयों ने दलितों के बाल काटने से मना कर दिया था।

वहीं, पिछले महीने,एक मुस्लिम भीड़ मेरठ के घसौली गाँव में मस्जिद के पास वाली मंदिर में दलितों द्वारा लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाने की वजह से मंदिर में घुसकर दलितों के एक समूह की पिटाई कर दी। भीड़ ने दलितों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। इसके बाद उन लोगों ने पथराव भी किया। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। इस वजह से इलाक़े में सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ गया।