तमिलनाडु के नागापट्टनम जिले में एक युवक के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट की घटना सामने आई है। द हिन्दू की एक रिपोर्ट के अनुसार मुहम्मद फ़िज़ान नाम के इस युवक ने फेसबुक पोस्ट में बीफ का सूप पीने और उसे ‘एन्जॉय’ करने की बात लिखी थी, जिसके कारण बहस होने के बाद कुछ युवकों ने मुहम्मद फ़िज़ान को पीट दिया।
24 वर्षीय मुहम्मद फ़िज़ान की चार लोगों द्वारा पिटाई की घटना के बाद अभी वो अस्पताल में हैं। यह घटना बृहस्पतिवार (जुलाई 11, 2019) शाम 7 बजे, पोरवाचेरी गाँव, किलवेलूर थानाक्षेत्र की है। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को पकड़ा है। मुहम्मद फ़िज़ान और पकड़े गए आरोपित एक ही गाँव के हैं।
पुलिस के अनुसार, मुहम्मद फ़िज़ान, जो कि एक फोटोकॉपी की दुकान चलाता है, ने अपनी एक फोटो फेसबुक पर यह कहते हुए पोस्ट की थी कि वो बीफ खा रहा है और उसे ये बहुत पसंद आ रहा है।
इस तस्वीर को देखने के बाद गाँव के ही 4 युवक – दिनेश कुमार (28 साल), आर अगाथियन (29 साल), गणेश कुमार (27 साल), मोहनकुमार (28 साल) की मुहम्मद फ़िज़ान के साथ ऐसी तस्वीर पोस्ट करने को लेकर बहस हो गई। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपितों में से एक युवक स्थानीय राजनीतिक पार्टी का सदस्य है।
बहस के बाद चारों युवकों ने मुहम्मद फ़िज़ान को डंडों से पीटा। इसके बाद घायल फ़िज़ान को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। पुलिस ने चारों युवकों पर IPC की धारा 153(A) के तहत FIR दर्ज कर ली है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने गोकशी में लिप्त एक गैंग के 14 सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इनमें गैंग का सरगना महबूब आलम और एक महिला भी है। उसने घर में हथियार बनाने की फैक्ट्री भी खोल रखी थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई कर पुलिस ने यह सफलता हासिल की है।
आजमगढ़ के एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इस गैंग को धरने वाली पुलिस टीम को 25,000 रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि मुखबिर से आजमगढ़ के कोतवाली क्षेत्र में गोकशी का काम किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी सिटी कमलेश बहादुर और शहर कोतवाल सहित एसओजी टीम को इसकी जांच दी गई। पुलिस की टीम ने जब बुधवार को गांव के कसाईबाड़ा में छापेमारी की तो वह मौजूद लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए गो-तस्करी के मुख्य अभियुक्त महबूब आलम सहित गैंग के एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से कुछ बछड़े बरामद किए गए। घर में चल रहे अवैध हथियार फैक्ट्री से कट्टा, रिवॉल्वर, पिस्टल, चापड़ सहित कार्बाइन और राकेट लॉन्चर बनाने के सामान भी बरामद हुए।
गिरफ्तार लोगों में मुख्य अभियुक्त महबूब आलम सहित अब्दुल, टीपू सुल्तान, मोहम्मद सुहैल, सफीक, आरिफ, जमील अहमद ,फ़ैज़ अहमद ,मोहम्मद तारिक, मोहम्मद जैस, रिजवान अहमद और जवाद अहमद शामिल हैं। एसपी ने बताया कि इनलोगों से पूछताछ के बाद और भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
एक युवा कश्मीरी क्रिकेटर की मौत गर्दन पर गेंद लगने से हो गई। मृतक जहाँगीर अहमद वार 11वीं कक्षा का छात्र था। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक ने युवा खिलाड़ी की मौत पर गहरा दु:ख जताते हुए उसके परिजनों को पाँच लाख रुपए सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
यह घटना उत्तरी कश्मीर के बारामुला ज़िले के पट्टन इलाक़े में एक मैच के दौरान हुई। 18 वर्षीय जहाँगीर बारामुला क्रिकेट क्लब के लिए खेलता था।
J&K Governor Satya Pal Malik has expressed grief over the death of Jahangir Ahmad War, an 18-year-old cricketer, who died while playing a cricket match in Anantnag district. He has announced an ex-gratia of Rs 5 Lakh to the next of kin of the deceased. (file pic) pic.twitter.com/2ikRoXGHhR
ख़बर के अनुसार, पट्टन के नानिल खेल मैदान में अनंतनाग ज़िले के खेल विभाग की तरफ़ से बुधवार (11 जुलाई) को एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में बारामुला और बड़गाम के बीच मैच खेला जा रहा था। मैच के दौरान गोशबाग पट्टन निवासी गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल का छात्र जहाँगीर बैटिंग कर रहा था। बाएँ हाथ के इस बल्लेबाज ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से गेंद उसके गले में जा लगी। इसके बाद वो वहीं मैदान में गिर गया।
जहाँगीर को अचेत अवस्था में तुरंत मट्टन उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना पर खेल महानिदेशक सलीम-उर-रहमान ने बताया कि क्रिकेटर ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन गेंद नाज़ुक जगह पर लगी थी। उन्होंने बताया कि इस घटना से सभी बहुत आहत हैं, तमाम कोशिशों के बावजूद हम उभरते खिलाड़ी को बचाने में असमर्थ रहे। युवा सेवाएँ एवं खेल विभाग के सचिव सरमद हफ़ीज़ ने दिवंगत के परिवार को हरसंभव सहायता देने की बात कही है।
भाजपा नेता एवं वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा निकाह हलाला और बहुविवाह के ख़िलाफ़ जल्द सुनवाई के लिए दायर की गई याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में माँग की गई थी कि इस मसले को जल्द से जल्द सुना जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
आजतक की खबर के अनुसार अदालत की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले पर जल्द सुनवाई नहीं हो सकती है और न ही अभी संविधान पीठ के गठन की गुँजाइश है।
अदालत में निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा के खिलाफ याचिका दायर की गई थीhttps://t.co/M8tFWX6XAd
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में इससे पहले इस मामले में चार याचिकाएँ दायर हो चुकी हैं। नफीसा खान सहित भाजपा और अन्य हिंदू संगठन भी न्यायालय में इन प्रथाओं पर रोक लगाने व इन्हें असंवैधानिक करार देने की माँग कर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार नफीसा द्वारा दायर याचिका में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि आईपीसी की सभी धाराएँ नागरिकों पर बराबरी से लागू होनी चाहिए। उनका कहना था कि आईपीसी की धारा 498ए के तहत तीन तलाक क्रूर माना जाता है, और धारा 494 के तहत बहुविवाह एक अपराध माना जाता है। ऐसे में इन प्रथाओं पर रोक लगाई जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के निकाह हलाला और बहुविवाह पर जल्द सुनवाई से किया इनकार https://t.co/WbguapRzsj
जबकि अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि बहुविवाह और हलाला अनुच्छेद-14 (विधि के समक्ष समानता), 15 (धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक) और 21 (जीवन जीने का अधिकार) तथा लोक व्यवस्था, नैतिकता एवं स्वास्थ्य के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों के लिए नुकसानदेह है। इसलिए इन प्रथाओं पर रोक लगानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक मदरसे से बुधवार (जुलाई 10,2019) को अवैध हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। इसका बचाव करते हुए एक मौलवी ने हिन्दू त्योहार का हवाला देते हुए कहा है कि जब रामनवमी पर तलवारें लहराई जाती हैं, तब तो कुछ नहीं होता।
टाइम्स नॉउ से बातचीत के दौरान मौलवी रशीदी ने कहा, “देखिए होता क्या है कि मुस्लिम बच्चे पकड़े जाते हैं तो पुलिस या एनआईए उन्हें प्रेस के सामने लाकर सीधा आतंकवादी घोषित कर देती है। ऐसे ही मदरसे वाला केस है, जहाँ फौरन कह दिया गया कि यहाँ हथियार मिले हैं। ठीक है अगर मिले भी, तो यह जाँच का मसला है। हथियार कैसे मिले? कहाँ से मिले? हथियार कैसे आए? यह सब पता किया जाना चाहिए। हो सकता है जाँच में यह निकले कि ये लाइसेंसी बंदूक थे। लेकिन मैं ये जानना चाहता हूँ कि जब रामनवमी पर बंदूकें लहराई जाती हैं तो उस वक्त क्यों कुछ नहीं बोला जाता? वो भी अवैध हथियार हैं। “
गौरतलब है जिस मदरसे के बचाव में मौलवी रशीद उतरे हैं वहाँ से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। साथ ही मदरसे के बाहर से पुलिस को स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी मिली थी जिस पर ‘शिवसेना’ लिखा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने मदरसा संचालक मुहम्मद साजिद समेत 6 आरोपितों को पकड़ा था। बताया जाता है कि हिकमत (इलाज) की आड़ में मदरसे से हथियारों की सप्लाई की जाती थी।
छापेमारी के दौरान मदरसे से 36 बोर का एक पिस्टल व आठ कारतूस, 315 बोर के तीन तमंचे व 32 कारतूस, 32 बोर का एक रिवॉल्वर व 16 कारतूस बरामद हुए थे।
भाजपा से निलंबित चल रहे उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी ने अब बाहर का रास्ता दिखा दिया है। विधायक प्रणव चैंपियन का बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो शराब के नशे में धुत होकर बंदूक लहराते हुए डांस कर रहे थे।
इस दौरान वो उत्तराखंड को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहे थे। जिसके बाद बुधवार (जुलाई 10, 2019) को प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के पार्टी प्रमुख अजय भट्ट को प्रणव के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था और शाह के निर्देश के बाद प्रणव को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही उनसे 10 दिन के अंदर जवाब भी माँगा गया है।
#Breaking | BJP MLA Pranav Singh Champion (@PranavChampion) who was seen brandishing guns in a video has been expelled from the party.
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने चैंपियन के पार्टी से निष्कासन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालिया वायरल वीडियो में उन्होंने जिस तरह की हरकतें की हैं, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनकी इन्हीं हरकतों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व से उनके निष्कासन की सिफारिश की गई थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को प्रदेश भाजपा की ओर से चैंपियन को बर्खास्तगी का नोटिस भी भेजा गया था।
प्रणव सिंह चैम्पियन ने वायरल वीडियो पर कहा था कि गाली देने और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने कि लिए वो माफी चाहते हैं। उनका कहना है कि वो उस वक्त शराब पिए हुए थे, इसलिए नशे में थे और नशे में ऐसा हो जाता है। साथ ही विधायक का यह भी कहना है कि ये वीडियो एडिट किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी माँ की तरह है और माँ उन्हें माफ कर देगी। हालाँकि, बीजेपी विधायक के इस ट्वीट का पार्टी पर कोई असर नहीं हुआ और उन्हें निष्कासित कर दिया गया।
गौरतलब है कि, यह पहला मामला नहीं है, जब चैंपियन सुर्खियों में आए हों। इससे पहले एक पत्रकार को धमकाते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर भी उनकी काफी आलोचना हुई थी। भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता का मामला मानते हुए चैंपियन को पार्टी से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया था।
एक नाबालिग लड़की। उम्र – 15 साल। एक महिला ने न सिर्फ इस नाबालिग को अपने घर में बंधक बनाकर रखा बल्कि सामूहिक बलात्कार भी करवाया। यह नाबालिग किसी तरह बचते-बचाते गुरुवार (12 जुलाई 2019) को वहाँ से भागने में सफल हुई और अपने घर वापस आई। यह घटना चेन्नई के पुरसावलम की है।
ख़बर के अनुसार, नाबालिग लड़की को तीन महिलाओं द्वारा जबरन सेक्स रैकेट में शामिल किया गया। पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिक़ायत पर कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया है। तीनों आरोपितों की पहचान मुबीना बेगम (37 साल), निशा (36 साल) और सबीना (31 साल) के रूप में की गई है।
मीडिया में आई ख़बर के मुताबिक़, सबीना और मुबीना बेगम ने नौकरी का झाँसा देकर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाया और अपने साथ ले गई। फिर निशा ने उसे अपने घर में नज़रबंद कर दिया और उसे ज़बरदस्ती वेश्यावृति में धकेल दिया।
पीड़िता अपनी माँ और दादी के साथ पुलियानथोप में रहती है। नाबालिग की माँ एक दिहाड़ी मजदूर हैं। 3 जुलाई को नाबालिग लड़की और उसकी दादी के बीच में किसी बात को लेकर बहस हो गई थी, इसके बाद लड़की ने गुस्से में अपना घर छोड़ दिया। बच्ची के घर वापस न आने पर 6 जुलाई को उसकी माँ ने पुलियानथोप पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलियानथोप पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि लड़की कुछ समय से एक आरोपित सबीना को जानती थी और अपना घर छोड़ने के बाद वो उससे मिलने (3 जुलाई) उसके घर गई थी। बाद में दोनों की मुलाकात सबीना की पड़ोसी मुबीना से हुई थी, जिसने लड़की को नौकरी दिलाने का झाँसा दिया। इसके बाद सबीना और मुबीना दोनों उस लड़की को निशा के घर ले गए, जहाँ उसे एक कमरे में बंद कर दिया।
अगले कुछ दिनों में, पाँच लोग कथित तौर पर उस कमरे में आए और उसके साथ बलात्कार किया। इस बात की पुष्टि एक पुलिस अधिकारी ने की। उन्होंने बताया, “वह कमरे से भागने में कामयाब रही और सोमवार को अपने घर पहुँच गई।”
पुलिस ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि तीनों महिला आरोपितों के ख़िलाफ़ पहले से ही वेश्यावृत्ति के मामले लंबित हैं।
पुलियानथोप पुलिस स्टेशन की सभी महिला टीम ने उन पाँच पुरुषों के मोबाइल नंबर जुटा लिए हैं, जिन्होंने कथित रूप से पीड़िता के साथ बलात्कार किया था। इसके अलावा गिरफ़्तार की गई महिलाओं से भी उन पुरुषों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
इस बीच, लड़की को राजीव गाँधी सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है। बुधवार (11 जुलाई 2019) को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) में संशोधन को मंज़ूरी दी थी। नए संशोधनों में नाबालिग लड़की या लड़के के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामलों में मृत्युदंड समेत कठोर दंड का प्रावधान शामिल है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा-420 के तहत 24 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस केस के सिलसिले में पुलिस उनसे पूछताछ के लिए गुरुवार को मुंबई में उनके जुहू स्थित रामायण बंगले पहुँची थी, लेकिन वो वहाँ नहीं मिलीं।
UP Police: Case registered against actress Sonakshi Sinha at Katghar Police Station under sections 420 (cheating) & 406 of IPC. In 2018, she had taken ₹24 lakh for a stage performance but didn’t turn up. Police went to her residence in Mumbai, y’day but she wasn’t present then. pic.twitter.com/MB9347mgtn
पुलिस के अनुसार, शिवपुरी गाँंव निवासी प्रमोद शर्मा ने 24 नवंबर 2918 को मुरादाबाद के एसएसपी से सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ शिक़ायत की थी। प्रमोद ने अपनी शिक़ायत मे बताया था कि उन्होंने दिल्ली में 30 सितंबर 2018 को इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम मे सोनाक्षी को अवॉर्ड बाँटने के लिए बुलाया गया था।
इस कार्यक्रम के लिए प्रमोद ने टैलेंट फुल ऑन कंपनी से करार किया था। उन्होंने दावा किया कि सोनाक्षी के निजी सचिव मालविका पंजाबी से बातचीत के बाद उन्होंने उनके अकाउंट में फीस के रूप में रकम का भुगतान कर दिया था। लेकिन सोनाक्षी ने अचानक उस कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रमोद ने सोनाक्षी के ख़िलाफ़ शिक़ायत कर दी।
ख़बर के अनुसार, वादी ने एक पत्र लिखकर न्याय की माँग की थी, लेकिन इस मामले को गंभीरता से न लेते हुए क्षेत्राधिकारी टाल-मटोल करते रहे। इससे आहत होकर प्रमोद शर्मा ने 13 फरवरी को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस क़दम के बाद राज्य की पुलिस ने आईपीसी की घारा-420, 120 बी, 406, 34 के तहत FIR दर्ज कर ली थी।
FIR में सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक सिन्हा, मालविका पंजाबी, धूमिल कक्कड़, एडगर सकारिया के नाम शामिल हैं, जिन्हें इस मामले में आरोपी ठहराया गया है। जानकारी के अनुसार, इस FIR को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सोनाक्षी सिन्हा की गिरफ़्तारी पर रोक लग गई थी।
आपको बता दें कि सोनाक्षी मशहूर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं। शत्रुघ्न सिन्हा पहले बीजेपी के नेता थे फिर पाला बदल कर कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। सोनाक्षी का माँ और शत्रुघ्न सिन्हा की बीवी सपा नेता हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में सपा और कॉन्ग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़े थे लेकिन फिर भी कॉन्ग्रेसी शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी लाइन से अलग जाकर अपनी पत्नी (यानी सपा नेता) के लिए चुनाव प्रचार किया था।
पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना किसी अपराध से कम नहीं है। फिर चाहे जय श्री राम का ये नारा कोई बड़े-बुजुर्ग लगाए, या फिर कोई स्कूल का छात्र। इस अपराध की सजा हर किसी को भुगतनी पड़ती है। लोकसभा चुनाव 2019 के समय से ही पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर टीएमसी गुंडों द्वारा लोगों के साथ मारपीट की जा रही है। अब छोटे-छोटे मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा जा रहा।
ताजा मामला हावड़ा के श्री रामकृष्ण शिक्षालय नामक स्कूल का है, जहाँ गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को एक शिक्षक ने पहली कक्षा में पढ़ने वाले छात्र आर्यन सिंह की सिर्फ इसलिए बेरहमी से पिटाई कर दी, क्योंकि उसने क्लास में जय श्री राम बोल दिया था। पिटाई से छात्र काफी डरा हुआ है, वो स्कूल जाने से मना कर रहा है।
पीड़ित छात्र आर्यन के पिता चंदन सिंह का कहना है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब वो आर्यन को लाने के लिए गए तो उसने जय श्री राम बोलने पर की गई मारपीट की शिकायत की। आर्यन ने बताया कि पहली क्लास खत्म होने और दूसरी क्लास शुरू होने के बीच उसके एक दोस्त आकाश साव ने उससे जय श्री राम बोलने के लिए बोला तो उसने बोल दिया। उसी समय क्लास रुम के पास से गुजर रहे एक शिक्षक ने सुन लिया और फिर कक्षा में आकर उसकी पिटाई कर दी और जय श्री राम का नारा लगाने से मना भी किया।
चंदन सिंह ने कहा कि वो इसके बारे में शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को हेडमास्टर से शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि वो इस मामले में कोई राजनीति नहीं, बल्कि स्कूल से स्पष्टीकरण चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर जय श्री राम कहने में दिक्कत क्या है? स्कूल के नाम से राम का नाम जुड़ा है, ऐसे में जय श्री राम कहने में परेशानी क्या है? चंदन सिंह ने इस बाबत स्कूल संचालान कमेटी को चिट्ठी लिखकर अपने बेटे के अपराध के बारे में पूछा है।
भाजपा के प्रदेश महासचिव संजय सिंह ने इस मामले को दु:खद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा माहौल बनाया है कि जय श्री राम अपशब्द बनता जा रहा है। जय श्री राम बोलना जैसे गुनाह हो गया है। गौरतलब है कि, अभी कुछ दिनों पहले ही पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण देवनाथ के जय श्री राम बोलने पर टीएमसी गुंडों ने इतनी बेरहमी से पिटाई की थी कि उनकी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में क्रिकेट मैच को लेकर मदरसा दारुल उलूम फैज ए आम के छात्रों और कुछ स्थानीय युवकों के बीच आपसी झड़प हुई और बात मारपीट तक पहुँच गई। इस दौरान दोनों पक्षों में ईंट पत्थर चले। लड़ाई-झगड़े में मदरसे के 4 छात्र घायल हो गए। मदरसे के छात्रों ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनके साथ मारपीट की, उनके कपड़े भी फाड़े। इस संंबंध में 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र जीआईसी मैदान की है। यहाँ दारुल उलूम मदरसे में पढ़ने वाले अब्दुल वारिस (13 साल), मोहम्मद मकदूम (14 साल), मोहम्मद अली (13 साल) और मोहम्मद हारुन अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलने गए थे। इसी दौरान वहाँ इनका दूसरे लड़कों (मोहन, पंकज, सोहन और उनके साथियों – लड़के वयस्क हैं या नहीं, यह साबित नहीं है इसलिए नाम बदलकर लिखा गया है) से विवाद हो गया।
घायल छात्र
मदरसे तक जब छात्रों से मारपीट की घटना पहुँची तो इसने तनाव का रूप ले लिया। घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद के पास इकट्ठा होना शुरू हो गए। यहाँ पुलिस और आला अधिकारियों ने उनके बीच पहुँचकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली।
घायल छात्र
पत्रिका की खबर के अनुसार क्षेत्राधिकारी (नगर) उमेश त्यागी ने पूछताछ के बाद बताया, “क्रिकेट खेलने के दौरान बच्चों के बीच आपस में लड़ाई हुई है, जिसमें तीन को चोटें आई हैं। इनका ईलाज कराया गया है और पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
गौरतलब है कि एक ओर जहाँ इस मामले को अधिकारी क्रिकेट को लेकर हुई लड़ाई बता रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे मॉब लिंचिंग की घटना दिखाकर पेश कर रहे हैं। शहर के जामा मस्जिद के इमाम निसार अहमद मिस्बाही ने तो यहाँ तक बोला है कि अगर नामजद अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती है तो कुछ भी हो सकता है।
पत्रिका की वीडियो के मुताबिक इमाम ने कहा, “…आम तौर पर खेलने कहीं न कहीं जाते हैं। आज हमारे 2 बजे नमाज पढ़के 10-12 बच्चे छोटे-छोटे किसी की 12 साल, 13 साल, 14 साल उम्र है, जीआईसी ग्राउंड रेलवे के पास क्रिकेट खेल रहे थे। चार लड़के आए बड़े-बड़े और… एक्शन क्या है हमारा, अभी तो कोतवाल साहब हमारे आ गए हैं, चौकी इंचार्ज हैं आपके सामने, जो कानूनी प्रक्रिया है, वो की जा रही है, FIR की जा रही है। लेकिन चूँकि प्रशासन को हमने नाम और चेहरे सब सौंप दिए हैं, तीन आदमी की शिनाख्त कर दी है चार में से। कल हमारा जुमा है, अगर कल जुमा तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर हम बहुत… जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ होगा, वो होगा। चूँकि उन्नाव में अमन-शांति बनाने के लिए पूरी कोशिश की गई, और हमारे जिले में प्रशासन ने और हमारे यहाँ की पब्लिक ने ऐसा नहीं होने दिया। इसीलिए चार आदमी ने खराब किया है, अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ये माहौल न बिगड़ने दे वरना जुमा है, कल कुछ भी हो सकता है।”