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PAK: भारत मोर्चे से हटाए लड़ाकू विमान, तब खोलेंगे एयरस्पेस

बालाकोट एयर स्ट्राइक से सहमे पाकिस्तान ने कहा है कि वह अपना एयरस्पेस तभी खोलेगा, जब भारत मोर्चे से लड़ाकू विमान हटा लेगा। उसने कहा है कि जब तक भारत अग्रिम एयरबेस से लड़ाकू विमान नहीं हटाता, वह कर्मिशयल उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस नहीं खोलेगा।

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद 26 फरवरी से ही पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर रखा है।

रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान के उड्डयन सचिव शाहरुख नुसरत जो सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) के महानिदेशक भी हैं ने संसदीय समिति को बताया कि पाकिस्तान अपना एयरस्पेस तभी खोलेगा जब भारत अग्रिम एयरबेस से लड़ाकू विमान हटा लेगा। पाकिस्तानी एयरस्पेस के बंद होने के कारण रोजाना करीब 400 विमानों के परिचालन पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण जून के अंत तक पाकिस्तान को 700 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। पहले से ही आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान की हालत इससे और चरमराई हुई है।

हालॉंकि इससे भारत के विमानन उद्योग को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, एयर इंडिया को लंबे मार्गों पर ₹430 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने पड़े हैं।

नुसरत ने संसदीय समिति को बताया कि भारत सरकार ने हवाई क्षेत्र खोलने का अनुरोध किया था और हमने उन्हें (भारत को) अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से भारत सभी यात्री विमानों का परिचालन वैकल्पिक मार्गों से कर रहा है।

सीएए महानिदेशक ने अपना एयरस्पेस खोलने के भारत दावे पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ” भारतीय हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद थाईलैंड से पाकिस्तान आने वाली उड़ानों को अभी तक बहाल नहीं किया गया है। इसके अलावा मलेशिया के लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की उड़ानें भी निलंबित हैं।”

गौरतलब है कि, पिछले महीने पाकिस्तान ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की विशेष अनुमति दी थी। इससे पहले, पाकिस्तान ने भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को 21 मई को बिश्केक में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति दी थी।

मुस्लिम लड़की को हिंदू बॉयफ्रेंड के साथ देखकर शफियुल्लाह और इब्राहिम ने किया चाकू और बेल्ट से हमला

कोयंबटूर पुलिस ने बुधवार (जुलाई 10, 2019) को एक मुस्लिम लड़की और उसके बॉयफ्रेंड पर हमला करने के आरोप में दो लोगों- एम शफियुल्लाह और एस मोहम्मद इब्राहिम को गिरफ्तार किया है। खबर के मुताबिक, इन दोनों ने 2 जुलाई को लड़की और उसके दोस्त पर हमला किया था। कारुम्बुकदाई की रहने वाली मुस्लिम लड़की ने 9 जुलाई को इन दोनों लड़कों की शिकायत दर्ज करवाई थी।

जानकारी के मुताबिक, एक निजी कॉलेज से बीए, अंग्रेजी की पढ़ाई पूरी कर चुकी लड़की 2 जुलाई को अपना ट्राँसफर सर्टिफिकेट लेने के लिए अपने कॉलेज गई थी। कॉलेज में, वह अपने बॉयफ्रेंड योगनाथ और अपने दोस्त ढिलीफन से मिलीं। इसके बाद जब वह कोयंबटूर में अपने घर लौटने वाली थी। तभी योगनाथ ने उससे अपनी मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने की बात कही। फिर योगनाथ, वो मुस्लिम लड़की और उनके दोस्त एक साथ वहाँ से निकले।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, तीन मुस्लिम युवक ने तीनों को मोटरसाइकल पर जाते हुए देखा और उनका पीछा किया और अथुपलम में उनका रास्ता रोककर खड़े हो गए। जिसके बाद उन्होंने लड़की के ऊपर हमला किया और लड़कों के साथ बाइक पर जाने की वजह से प्रताड़ित किया। इसके बाद वो लड़की को उसके घर ले गए और साथ ही लड़कों को भी घसीट कर वहाँ ले गए। वहाँ पर दो और लोग आ गए और उन्होंने बेल्ट से योगनाथ और उसके दोस्त की बेरहमी से पिटाई की। उन लड़कों ने योगनाथ का फोन छीन लिया और चाकू से उन पर वार किया। फिर रात के 9 बजे के आस-पास ही उन्हें वहाँ से जाने दिया गया।

न्यूज़ मिनट की खबर के अनुसार, 9 जुलाई को दायर की गई शिकायत में, लड़की ने कहा कि हमलावरों ने उससे पूछा कि क्या वह एक मुस्लिम महिला है? इसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपशब्द भी कहे। साथ ही लड़की ने ये भी आरोप लगाया कि वे पूछते रहे कि क्या वह लड़के से प्यार करती है? इस सवाल के बाद उन लोगों ने लड़की के दोस्त की पिटाई शुरू कर दी। लड़की का कहना है कि इस घटना से वो काफी डर गई थी, जिसकी वजह से वो पुलिस स्टेशन जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।

भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 342, 294 (b), 323, 324, 506 (ii) और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न अधिनियम, 2002 की धारा 4 के तहत कुनिमुथुर में कुरुमची नगर में  44 वर्षीय एम शफियुल्लाह और एस मोहम्मद इब्राहिम के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज किए। जिसके बाद आरोपित को बुधवार को कोयंबटूर से गिरफ्तार कर लिया गया।

TikTok: झील में मस्ती कर रहे थे दो भाई, एक डूबा-दूसरा बनाता रहा Video

हैदराबाद से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ टिकटॉक वीडियो बनाने के फेर में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

घटना मेडचल जिले के दुलपल्ली झील की है। टिकटॉक वीडियो बनाने के चक्कर में 2 चचेरे भाइयों (प्रशांत और नरसिम्हा) में से एक की पानी में डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी गुरुवार (जुलाई 12, 2019) को दी।

खबरों के मुताबिक प्रशांत और नरसिम्हा झील में नहाने गए थे। वहाँ पहुँचकर दोनों डांस करते हुए सेल्फी लेने लगे। बाद में प्रशांत किनारे आकर टिकटॉक के लिए झील में वीडियो बनाने लगा। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण नरसिम्हा डूब गया।

पहले प्रशांत को लगा कि उसका भाई ये सब वीडियो के लिए कर रहा है। लेकिन जब उसे भाई के डूबने का एहसास हुआ तो उसने स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई। लेकिन अफसोस! वे उसे बचा नहीं पाए। युवक का शव अगले दिन बुधवार को पानी से बाहर निकाला गया।

घटना से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर इस समय खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों युवक पानी में नाचते और मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं।

15 साल के लड़के ने किया 80 साल की वृद्धा का बलात्कार, सांप्रदायिक तनाव के कारण पुलिस तैनात

बिहार के मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी थाना अंतर्गत जमैला गाँव में 80 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ बुधवार रात बलात्कार करने वाले एक नाबालिग लड़के की पिटाई करने के बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मधुबनी थाना क्षेत्र में 80 साल की एक वृद्धा के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग आरोपित (मुहम्मद जुबैर – नाबालिग के कारण बदला हुआ नाम) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है।

मामला दो संप्रदायों से जुड़े होने के कारण गाँव में तनाव है। सांप्रदायिक तनाव की आशंका के कारण पुलिस चौकस है। 80 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बुधवार (जुलाई 10, 2019) रात वह अपने घर के बरामदे में सो रही थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जमैला बाजार गाँव में एक बुजुर्ग महिला बुधवार की रात अपने घर में सो रही थी। इसी मौके का फायदा उठाते हुए देर रात आरोपित लड़का मच्छरदानी में घुसा और उनके साथ बलात्कार किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे पहले मुहम्मद जुबैर ने महिला के मुँह में कपड़ा ठूँस दिया, जिससे वह चिल्ला न सके और विरोध करने पर उसने बुजुर्ग महिला को जान से मारने की धमकी दी। महिला ने जब शोर मचाया तो घर के लोग और ग्रामीण पहुँचे। इसके बाद उन्होंने आरोपित युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की।

15 वर्षीय मुहम्मद जुबैर की ग्रामीणों ने पहले पिटाई की और फिर पुलिस को सौंपा। आरोपित नाबालिग को स्थानीय अस्पताल में उपचार कराने के बाद पुलिस ने हिरासत में रखा है। अंधराठाढ़ी के थाना प्रभारी अमित बर्मन ने बताया कि पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। पीड़िता को चिकित्सीय जाँच के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया है।

‘इटैलियन और उनकी संतानों को हटाएँ, ममता बनर्जी संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें’

अपने बयानों के कारण भाजपा को अक्सर परेशानी में डालने वाले BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर से अपने बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं। स्वामी ने कर्नाटक और गोवा की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए कॉन्ग्रेस के हाई कमान पर तंज कसा है, साथ ही अपनी पार्टी पर भी निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट करके लिखा, “गोवा और कश्मीर के हालातों को देखते हुए मुझे लगता है कि यदि देश में भाजपा एकमात्र पार्टी बच गई तो इससे राष्ट्र का लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। इसका हल क्या है? इटैलियन और उनकी संतानों को हटने के लिए कहें, ताकि उसके बाद ममता संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) को भी इसी राह पर चलना चाहिए और शामिल (कॉन्ग्रेस में) हो जाना चाहिए।”

गौरतलब है स्वामी का यह बयान उस समय चर्चा में आया है जब कर्नाटक और गोवा में अपनी बिगड़ती स्थिति के लिए कॉन्ग्रेस खुलकर भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही है। इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेस नेता गुलाब नबी आजाद तो राज्यसभा में भाजपा पर संविधान की परवाह न करने का आरोप भी लगा चुके हैं।

स्वामी द्वारा दिए गए विवादित बयान ‘बीजेपी में शराब बैन हो‘; ‘बीजेपी के नेता वेस्टर्न कपड़ों में क्यों‘; ‘राजीव की हत्या से सोनिया को फायदा हुआ’ आदि पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। उस दौरान भी स्वामी के कारण पार्टी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और अब फिर वैसा ही हो रहा है।

बता दें कि इन दिनों कर्नाटक में जहाँ बागी विधायकों के कारण कॉन्ग्रेस और जेडीएस सरकार पर संकट गहरा गया है, वहीं गोवा में भी कॉन्ग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा से जुड़ गए हैं, जिस कारण कॉन्ग्रेस के पास विधानसभा में सिर्फ़ 5 विधायक बचे हैं।

यूपी: 81 पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट, वाराणसी जोन से सबसे ज्यादा

उत्तर प्रदेश में 81 अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 47 वाराणसी जोन, 29 कानपुर रेंज और पाँच बुलंदशहर से शामिल हैं।

आईजी (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल ने बताया कि कानपुर शहर और कानपुर देहात क्षेत्र के 7 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्ति दी गई है। इनमे से चार इटावा, कन्नौज, औरैया और तीन फतेहगढ़ से हैं।

उन्होंने बताया, “यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। विभाग की छवि को धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी जाएगी। 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि इस आयु सीमा से नीचे के अक्षम लोगों को भी अलग-अलग प्रावधानों के तहत हटाया जाएगा।”

दरअसल, अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के शासन के आदेश के बाद आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। इसमें मोहित अग्रवाल के अलावा एसएसपी (कानपुर) अनंत देव और एसपी (कन्नौज) अमरेन्द्र प्रसाद सिंह शामिल थे। इस कमेटी ने शासन को दागी पुलिसकर्मियों की लिस्ट भेजी थी। इसमें ड्यूटी से गैर-हाज़िर रहने वाले, भ्रष्टाचारी, घूसखोर, काम न करने वाले पुलिसकर्मी शामिल थे।

कानपुर में, एलआईयू के हेड कॉन्स्टेबल उदय प्रताप, कॉन्स्टेबल उदयवीर सिंह, केशव सिंह भदौरिया, समरपाल बनमाली, जगदीश सिंह, संतराम यादव को समिति की सिफ़ारिश पर सेवानिवृत्त किया गया है।

बुलंदशहर में गुरुवार को दो सब-इंस्पेक्टर सहित पाँच पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया।

एसपी (शहर) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी पाँच कर्मियों की उम्र 50 वर्ष और उससे अधिक थी, वे भ्रष्ट थे। साथ ही प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी नहीं कर रहे थे।

आईजी (मेरठ रेंज) आलोक सिंह ने सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार गौतम और भगवान सिंह के जबरन सेवानिवृत्ति पर, जबकि एसएसपी बुलंदशहर ने हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुमार शर्मा, अजोत सिंह और जसवीर सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।

लालू यादव को चारा घोटाला मामले में मिली ज़मानत… लेकिन जेल से नहीं मिलेगी छुट्टी!

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में लालू यादव को राहत प्रदान की है। लालू यादव को यह ज़मानत 50-50 हज़ार रुपए के मुचलके पर दी गई। साथ ही कोर्ट ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने का भी आदेश भी दिया है। इस पर उनके वकील ने जानकारी दी कि लालू यादव का पासपोर्ट पहले ही एक्सपायर हो चुका है। फ़िलहाल, लालू यादव चारा घोटाला मामले में रांची की एक जेल में बंद हैं।

दरअसल, चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार मामले में सज़ा की आधी अवधि गुज़र जाने को आधार बनाकर लालू यादव की ओर से 13 जून 2019 को ज़मानत याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें 50-50 हज़ार रुपए के मुचलके पर ज़मानत दे दी। लेकिन फ़िलहाल, लालू यादव जेल में ही रहेंगे क्योंकि इसी चारा घोटाला में उन्हें दुमका और चाईबासा कोषागार मामले में ज़मानत नहीं मिली है। हालाँकि, लालू यादव के वकील ने कहा है कि वो इन दोनों मामलों में भी ज़मानत याचिका दायर करेंगे।

ख़बर के अनुसार, देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ज़मानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इससे पहले 5 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में डिफेंस की तरफ़ से दायर याचिका पर CBI ने सवाल उठाए थे। इन सवालों के जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट ने 12 जुलाई का समय तय किया था, जिसमें उन्हें ज़मानत मिली है। 

लालू यादव के अधिवक्ता के अनुसार, लालू प्रसाद यादव 25 महीने से अधिक समय जेल में गुज़ार चुके हैं, इसी आधार पर ज़मानत याचिका दायर की गई थी। बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से लगभग 89 लाख 27 हज़ार रुपए की अवैध निकासी के मामले में 23 सितंबर 2017 को लालू यादव को दोषी ठहराया गया था। इस मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें साढ़े तीन साल की सज़ा सुनाई थी।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, सज़ा की आधी अवधि जेल में काटने पर सजायाफ्ता क़ैदी को ज़मानत दी जा सकती है। इसे ही आधार बनाकर ज़मानत याचिका दायर की गई थी। जानकारी के अनुसार, लालू यादव को कोर्ट द्वारा दुमका केस में पाँच साल और चाईबासा मामले में सात साल की सज़ा सुनाई गई है।

TDP से इस्तीफ़ा देकर एक और नेता हुए BJP में शामिल, 7 अन्य MLA भी हैं ‘चक्कर’ में

चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी से नेताओं के इस्तीफे देने का दौर अब भी थमा नहीं है। इस कड़ी में पार्टी के विधान परिषद सदस्य अन्नाम सतीश प्रभाकर ने भी आज टीडीपी को छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया है।

सतीश को भाजपा में कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को सदस्यता दिलवाई है। इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अंबिका कृष्णा भी 25 जून को भाजपा में शामिल हो गए हैं।

खबरों के अनुसार टीडीपी से जीतने वाले 7 अन्य विधायकों के भी भाजपा में संपर्क होने की बात पता चली है। राज्यसभा में टीडीपी के 4 सदस्य पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिनमें वाईएस चौधरी, टीजी वेंकटेश, जीएम राव और सीएम रमेश भी शामिल हैं।

भाजपा में शामिल हुए टीडीपी नेता

मराठा आरक्षण: रोक लगाने से SC का इनकार, महाराष्ट्र सरकार से माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा और नौकरी में मराठा समुदाय को आरक्षण देने संबंधी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब माँगा है। हालॉंकि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरक्षण कानून की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाई है। लेकिन, यह साफ कर दिया है कि इस आरक्षण को 2014 से लागू करने के पहलू को लागू नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

महाराष्ट्र सरकार ने बीते नवंबर में सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) आरक्षण कानून पास किया था। 27 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस कानून की संवैधानिक मान्यता पर मुहर लगा दी थी। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने याचिका दायर कर रखी है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दबाव में यह फैसला किया है। साथ ही इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन भी होता है। एसईबीसी आरक्षण कानून मराठा समुदाय को शिक्षा में 12 और नौकरी में 13 फीसदी आरक्षण प्रदान करता है। इस कानून के पास होने के बाद महाराष्ट्र में आरक्षण की सीमा बढ़कर 68 फीसदी हो गई है।

याचिकाकर्ताओं ने मोहम्मद सईद नूरी शफी अहमद की अगुवाई में कहा कि एसईबीसी आरक्षण कानून संविधान के समानता के अधिकार के खिलाफ है। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए वकील विपिन नायर और माधवी अय्यप्पन ने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला अधूरे तथ्यों पर आधारित है।

27 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा ​था कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) के रूप में वर्गीकृत करके राज्य सरकार द्वारा मराठा समुदाय को दिया गया आरक्षण वैध है। हालॉंकि हाई कोर्ट ने राज्य विधानसभा द्वारा निर्धारित आरक्षण को 16% से घटाकर शिक्षा में 12 और नौकरी में 13% कर दी थी।

तेलंगाना की ‘सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार’ गिरफ्तार, ₹93.5 लाख नकद और 400 ग्राम सोना जब्त

2 साल पहले तेलंगाना सरकार की तरफ से सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार का पुरस्कार प्राप्त कर चुकी वी लावण्या को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार (जुलाई 10, 2019) देर रात तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में तहसीलदार वी लावण्या के घर छापेमारी की। जिसमें ₹93.5 लाख और 400 ग्राम सोने की ज्वैलरी के अलावा कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। ये बरामदगी लावण्या के हैदराबाद के हयातनगर में स्थित घर से हुई है।

यह कार्रवाई एसीबी (Anti Corruption Bureau) ने ₹4 लाख घूस लेने के मामले में की है। एससीबी के अधिकारियों ने बताया कि कोंदुरु ग्राम राजस्व अधिकारी (वीआरओ) एम अंतैयाह को बुधवार को ₹4 लाख घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। दरअसल, वीआरओ के खिलाफ एम भास्कर नाम के एक किसान ने एंटी करप्शन विंग से शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि उसकी जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए ₹8 लाख की रिश्वत माँगी गई थी।

जानकारी के मुताबिक, भास्कर से कथित रूप से ₹8 लाख देने के लिए कहा गया था। रिश्वत की डील के मुताबिक, इन ₹8 लाख में से ₹5 लाख एमआरओ के लिए थे और शेष ₹3 लाख वीआरओ को मिलने वाले थे। इससे पहले भास्कर ने पासबुक के लिए वीआरओ को ₹30 हजार दिए थे और फिर जब उसने अपनी जमीन की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग में मौजूद गलतियों को ठीक करने के लिए कहा, तो रिश्वत के तौर पर उससे ₹8 लाख की माँग की गई। इसके बाद भास्कर ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी।

किसान (भाष्कर) की शिकायत पर एसीबी के अधिकारियों ने पूछताछ कर एमआरओ को हिरासत में ले लिया। जब इस बारे में लावण्या से पूछताछ की गई तो उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनका रिश्वत से कोई लेना-देना नहीं है। जिसके बाद एसीबी ने उनके घर पर छापा मारा और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जाँच के दौरान लावण्या की निजी कार में नौ पट्टादार पासबुक और तकरीबन 45 निजी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी पाए गए। ऐसे में ये आशंका जताई जा रही है कि ये पासबुक किसानों की भूमि रिकॉर्ड के पासबुक होंगे, जिसे लावण्या ने जब्त कर रखा होगा और इसे लौटाने के एवज में मोटी रकम ऐंठने की उम्मीद रही होगी।

इस बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान लावण्या के पैरों में गिरकर उसकी गुहार सुन लेने के लिए गिड़गिड़ाता नजर आ रहा है। खबर के मुताबिक, उस किसान का नाम भास्कर है। वहीं, लावण्या दो साल पहले तेलंगाना सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार का पुरस्कार भी हासिल कर चुकी हैं। लावण्या के पति ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं।