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अलीगढ़ हत्याकांड: टप्पल में सड़कों पर उतरे लोग, आरोपियों के खिलाफ फाँसी की माँग तेज

अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना को लेकर आज (जून 9, 2019) टप्पल में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इसके मद्देनज़र टप्पल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भारी सुरक्षा बलों के बावजूद भी लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन करने वाले लोग आरोपितों के लिए फाँसी की सजा की माँग कर रहे हैं।

अलीगढ़ हत्याकांड की जाँच SIT कर रही है। शनिवार (जून 8, 2019) को अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, “आरोपी जाहिद की पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का शव जिस कपड़े में लिपटा हुआ था, वो जाहिद की पत्नी का दुपट्टा था। हम पीड़ित परिवार से मिले हैं। उन्होंने माँग की है कि आरोपितों को फाँसी की सजा मिले। मामले में चार्जशीट बनानी है।”

जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और दो फिलहाल फरार हैं। गिरफ्तार चार लोगों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने इस मामले में अब तक जाहिद, असलम, जाहिद के भाई मेहंदी और जाहिद की पत्नी शाहिस्ता को हिरासत में लिया है। वहीं, 5 पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर आरोप है कि बच्ची जब गायब हुई थी तो इन्होंने रिपोर्ट नहीं लिखी और जाँच में भी लापरवाही दिखाई।

अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि पुलिस आरोपितों के खिलाफ मजबूत मामला बना रही है, ताकि यह सभी कानूनी प्रक्रियाओं पर खरा उतरे और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तेजी से न्याय सुनिश्चित हो सके। सभी संदिग्धों के फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए कहीं कैंडल मार्च निकाला जा रहा है, तो कहीं पुलता फूँका जा रहा है। कहीं लोग अनशन पर बैठे हैं, तो कहीं प्रतीकात्मक फाँसी लगाकर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। वहीं, यूपी के लखीमपुर में लोग अन्न त्याग कर धरने पर बैठकर बच्ची की इंसाफ की माँग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बच्ची 30 मई को अपने घर के बाहर से गायब हो गई थी। 2 जून को उसकी क्षत-विक्षत लाश कूड़े के ढेर में मिली थी। बच्ची के पिता ने पहले ही दिन हत्या का शक मुहल्ले के जाहिद पर जताया था। वहीं वकीलों ने भी आरोपितों के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने आरोपितों की तरफ से केस न लड़ने का फैसला किया है। बार एसोसिएशन की माँग है कि आरोपितों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।

नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के बाद हत्या: मुँह में बाँधा गमछा, पत्थर से किए चेहरे पर कई प्रहार…

26 मई को बिहार के जमुई जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की मीना (बदला हुआ नाम) के साथ बलात्कार करने और फिर बेरहमी से उसकी हत्या करने की ख़बर सामने आई थी। दिल दहला देने वाला मामला झाझा-प्रखंड के जामोखरेया गाँव का है। गाँव से कुछ दूरी पर बदमाशों ने मिलकर एक 15 वर्षीय नाबलिग लड़की के मुँह में गमछा बाँधकर बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इसके अलावा हमलावरों ने लड़की के चेहरे पर पत्थर से कई प्रहार भी किए।

जामुखरैया गाँव के शत्रुघ्न सिंह की पुत्री मीना अपने घर से शौच करने के लिए सुबह 8 बजे निकली और जब वो घंटो बाद भी वापस नहीं आई तो घरवालों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। लगभग दो घंटे बाद ग्रामीणों द्वारा सूचना मिली कि इस्लामनगर और जामोखरेया गाँव के बीच बने जोना अहरा (पोखर) मे एक लड़की का शव पड़ा हुआ है। शव देखने के बाद लोगो को आशंका था कि नाबालिग के साथ पहले दुष्कर्म किया गया है, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद परिजन एवं ग्रामीण घटना-स्थल पर पहुँचे, जहाँ उसकी पहचान हो गई। घटना की जानकारी पूरे गाँव मे आग तरह फैल गई और गाँव वालों ने इसकी सूचना तुरंत झाझा थाने को दी।

इसके बाद, थानाध्यक्ष दलजीत झा, एसआई पंकज कुमार दल-बल के साथ घटना-स्थल पर पहुँचे और शव को क़ब्ज़े में ले लिया। पुलिस ने घटना-स्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये जमुई भेज दिया। मृतका की माँ और बड़ी बहन का रो-रो कर बुरा हाल है और इस वजह से वो बार-बार बेहोश हो जाती हैं। फ़िलहाल, गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित परिवार को लगातार केस वापस लेने की धमकी मिल रही है। मीना (बदला हुआ नाम) की माँ ममता सिंह ने बताया कि उनके परिवार पर केस उठाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महामंत्री विशाल सिंह तथा विनोद यादव के अनुसार, दुष्कर्म एवं हत्या के इस मामले में पीड़ित परिवार की सुरक्षा पुलिस के लिए प्राथमिकता है जिससे मृतका का परिवार सुरक्षित रह सके। उन्होंने पीड़ित परिजन को डालसा के तहत तीन लाख रुपए मुआवजा देने की भी माँग की।

मृतका की माँ और उसकी बड़ी बहन शबनम कुमारी ने बताया कि उसकी छोटी बहन (मृतका) घर की कामकाज करने के बाद सुबह 8 बजे घर के बगल से दूध लेकर घर आई और पेट दर्द की बात करते हुए शौच के लिए बाहर चली गई। काफ़ी समय गुज़रने के बाद जब वो घर नहीं लौटी तो उन्होंने अपने रिश्तेदार से मीना के घर वापस न लौटने की बात कही। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। लड़की के पिता पानीपत में अपने भाई कैलाश के साथ एक कपडे़ की दुकान मे काम करते हैं। मृतका केशापुर विधालय में दसवीं कक्षा की छात्रा थी जो अगले वर्ष परीक्षा देनी वाली थी।

पुलिस को घटना-स्थल से ख़ून से सना एक पत्थर, ठंडे पेय पदार्थ की दो बोतल और एक प्लास्टिक का गिलास मिला है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है, जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा और अपराधी पुलिस की हिरासत में होगा।

आजम खान का लोकसभा निर्वाचन रद्द हो: ‘लाभ का पद’ विवाद को लेकर भाजपा महिला नेता की माँग

भाजपा नेत्री जय प्रदा ने निर्वाचन आयोग से रामपुर के लोकसभा सांसद आजम खान का लोकसभा निर्वाचन रद्द करने की माँग की है। उनका तर्क है कि आजम खान ने लोकसभा सांसद होते हुए भी ‘लाभ के पद’ जौहर विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर के तौर पर इस्तीफा नहीं दिया है। इसलिए वह लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य हैं और उन्हें लोकसभा से निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने सपा नेत्री जया बच्चन के ऐसे ही लाभ के पद विवाद के चलते राज्यसभा से इस्तीफा देने का उदाहरण दिया।

जया प्रदा का रामपुर वालों को वचन, अब होगा न्याय

जया प्रदा ने ANI से बात करते हुए कहा कि सांसद या विधायक होते हुए भी लाभ के पद पर काबिज रहना गलत है, और वह निर्वाचन आयोग से अपील करती हैं कि आजम खान को माफ़ न किया जाए। उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि रामपुर के लोगों से उन्होंने वादा किया है कि (इस मामले में) न्याय होगा। उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग ने उनकी बात अनसुनी कर दी तो वे हाई कोर्ट जाएँगी

जया बच्चन, सोनिया गाँधी गँवा चुकी हैं सांसदी

अगर इस मामले में आजम खान की सांसदी जाती है तो वे ऐसे पहले सांसद नहीं होंगे। उनसे पहले सपा नेत्री और बॉलीवुड अभिनेत्री जया बच्चन और कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी भी इस विवाद में क्रमशः राज्यसभा और लोकसभा सीटें गँवा चुकी हैं। जया बच्चन को उत्तर प्रदेश फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा होने के चलते राज्यसभा और सोनिया गाँधी को राष्ट्रीय सलाहकार समूह के नेतृत्व के कारण लोकसभा छोड़नी पड़ी थी। हालाँकि सोनिया गाँधी ने अपना इस्तीफा अपने मामले में निर्णय आने से पहले ही दे दिया था, और दोबारा उसी लोकसभा क्षेत्र रायबरेली में उतर कर विजयी हुईं थीं, जबकि जया बच्चन ने निर्वाचन आयोग की अनुशंसा पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. कलाम द्वारा राज्यसभा से बर्खास्त किए जाने को सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी थी, लेकिन फैसला नहीं बदला।

प्रेमी से बात करने पर अब्बू-अम्मी ने किशोरी को दी तालिबानी सज़ा, दोनों पैरों में हथौड़े से ठोकी कीलें

बरेली में एक किशोरी को अपनों द्वारा ही प्यार करने की ऐसी सज़ा दी गई, जिसे सुन कर कोई भी काँप जाए। 16 वर्षीय किशोरी पर हुए अत्याचार की जानकारी जब पुलिस को मिली, तो अधिकारी भी इस दर्द भरी दास्तान को सुन कर सिहर गए। मामला उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित इज्ज़त नगर का है। मदरसे में पढ़ी किशोरी पड़ोस के एक दुकानदार से प्यार करती है। जब यह बात उसके अब्बू, अम्मी व भाई को पता चली, तो तीनों ने मिल कर उसकी चोटी काट दी। इसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर के लाठी-डंडों से इतना पीटा गया कि उसका हाथ टूट गया। जब इतने पर से भी परिजनों का मन नहीं भरा तो पीड़िता के दोनों पैरों में कील ठोक कर लहूलुहान कर दिया।

इस घटना का खुलासा शनिवार (जून 8, 2019) की सुबह तब हुआ, जब उक्त किशोरी अपने घर से किसी तरह भाग निकली। उसकी हालत इतनी ख़राब थी कि वह ज्यादा दूर भाग भी नहीं पाई और सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। दर्द से कराहती किशोरी को यास्मीन जहाँ नामक एक समाजसेविका ने देखा, जिसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। ‘नारी सम्मान सेवा समिति’ के सदस्यों ने पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने परिजनों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर किशोरी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पुलिस ने आरोपितों की जल्द गिरफ़्तारी का आश्वासन भी दिया।

दैनिक जागरण के ‘बरेली नगर’ संस्करण में छपी ख़बर

पीड़िता ने बताया कि इससे पहले उसके परिजन उसे नहीं मारते थे। इसीलिए जब उन्होंने उसे पीटना शुरू किया तो वह काफ़ी डर गई। वह अपने अम्मी व अब्बू से अल्लाह के नाम पर रहम माँगती रही लेकिन उन लोगों ने उसे पीटना जारी रखा। बार-बार गिड़गिड़ाने के बावजूद परिजनों ने अपनी बेरहमी जारी रखी। पीड़िता ने कहा कि वह अपनी प्रेमी से प्यार करती है और उससे ही निकाह करेगी, भले ही उसकी जान ही क्यों न चली जाए। परिजन उस पर कड़ी नज़र रखते थे। एक दिन जब वो अपनी प्रेमी से मिल कर घर पहुँची, तब से परिजन उसे कहीं भी फोन पर बात तक नहीं करने देते थे पर वो छिप कर किसी तरह बात कर लिया करती थी।

शनिवार को उसके छोटे भाई ने उसे फोन पर बात करते पकड़ लिया, जिसके बाद उसे कमरे में बंद कर पीटा गया। उसकी चोटी काटने के लिए चाकू व कैंची का इस्तेमाल किया गया। वहीं उसके पैरों में कील ठोकने के लिए हथौड़े का प्रयोग किया गया।

आसिफ़ की मृत्यु के बाद 600 पत्थरबाज़ों ने पुलिस पर बोला हमला, घंटों हाइवे रखा जाम: FIR दर्ज

मुरादनगर के 600 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। इन सभी ने पुलिस पर हमला बोला था। दरअसल, ईद के दिन गंगा कनाल में आसिफ़ नामक व्यक्ति की डूबने से मृत्यु हो गई थी। ज़रूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस जब आसिफ़ के परिवार को उसका शव सौंपने आई, तब वहाँ उपस्थित लोगों ने भारी संख्या में पुलिस पर ही हमला बोल दिया। शनिवार (जून 8, 2019) को इन सभी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार की रात को आसिफ़ के परिवार वालों व पड़ोसियों सहित कई अन्य लोगों ने जम कर हंगामा बरपाया।

इन लोगों ने आसिफ़ के दोस्तों को गिरफ्तार करने की माँग की। इनका आरोप था कि आसिफ़ के दोस्तों ने ही साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी है। मुरादनगर थाना के एसएचओ ओम प्रकाश सिंह ने अधिक जानकारी देते हुए बताया, “जब पुलिस आसिफ़ का शव उसके परिवार वालों को सौंपने पहुँची, तो उसके परिवार वालों व पड़ोसियों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। उन्होंने एक घंटे से भी अधिक समय तक दिल्ली-मेरठ हाइवे को जाम रखा व कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को जम कर नुकसान पहुँचाया, तोड़फोड़ मचाया और कानून व्यवस्था को धता बताया।

लोगों ने इस कदर कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लिया कि कई पुलिस स्टेशन से सैंकड़ों जवानों को इलाक़े में तैनात किया गया। एक सीनियर पुलिस अधिकारी के अनुसार, कई जवानों को चोटें भी आई हैं। कुछ पुलिस बलों के जवानों को स्टैंडबाई पर रखा गया है और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में उनकी मदद ली जाएगी। 15 ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है, जिनके नाम पुलिस को पता हैं। वहीं 600 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है।

आरोपितों के ख़िलाफ़ लगभग 2 दर्जन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें दंगे जैसे हालात पैदा करना, सरकारी अधिकारियों को उनका काम करने से रोकना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने सहित कई मामले शामिल हैं। आसिफ़ के भाई रियाज़ ने बताया कि उनके मृत भाई के पैरों व हाथ पर निशान थे, जिससे पता चलता है कि उसका अपहरण किया गया और फिर डूबो कर मार डाला गया। रियाज़ के अनुसार कनाल में डूब कर मरने की ख़बर बस एक अफवाह है।

9 साल की दलित बच्ची को शाहनवाज़ ने बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने किया गिरफ़्तार

वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजमंदिर इलाक़े में शनिवार (8 जून) को एक 9 वर्षीय दलित बच्ची के साथ एक युवक ने कथित तौर पर बलात्कार किया, जिसे बच्ची के परिवार वालों ने रंगे हाथ पकड़ा।

लड़की के परिवार के सदस्य पीड़ित बच्ची को लेकर कोतवाली थाने पहुँचे। ख़बर के अनुसार, आरोपित की पहचान शाहनवाज़ के रूप में उजागर हुई। इंस्पेक्टर शरद त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 511 (दंडनीय अपराध), 325 एससी/ एसटी अधिनियम और 7/8 POCSO के तहत FIR दर्ज कर लिया है और शाहनवाज़ को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि पीड़ित बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।

वहीं, 9 वर्षीय बच्ची के पिता ने बताया कि उनके इलाक़े के मूल निवासी शाहनवाज़ ने अपनी बेटी को कुछ कपड़े देने के लिए बुलाया। जब वो मासूम बच्ची शाहनवाज़ के पास पहुँची तो वह उसे एक कमरे में ले गया और उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया। जब बच्ची रोने लगी तो उसने उसे अपने कमरे के बाहर धकेल दिया। बाद में, लड़की घर लौट आई और परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसके माता-पिता ने शाहनवाज़ को पकड़ लिया और उसे पुलिस स्टेशन ले गए।

पत्रकार ने पोस्ट किया ‘CM योगी की प्रेमिका’ वाला फर्जी वीडियो, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फेसबुक और ट्विटर पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने शनिवार (जून 8, 2019) को स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत जगदीश कनौजिया को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। कनौजिया ने गुरुवार (जून 6, 2019) को अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया था।

कनौजिया के खिलाफ सब इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता ने लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपित ने मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरोपित ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। कनौजिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 500, 505 और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्रशांत कनौजिया द्वारा फेसबुक पर अपलोड किए गए वीडियो का स्क्रीनशॉट

दरअसल, कनौजिया ने फेसबुक और ट्विटर पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें हेमा नाम की एक युवती मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर खड़ी होकर खुद की योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी। साथ ही वो ये भी दावा कर रही थी कि सीएम योगी उसके साथ एक साल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर रहे हैं। प्रशांत ने इस वीडियो को ‘इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी’ कैप्शन के साथ शेयर किया था।


प्रशांत कनौजिया द्वारा ट्विटर पर अपलोड किए गए वीडियो का स्क्रीनशॉट

नोएडा पुलिस ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इसकी जानकारी दी कि नोएडा सैक्टर- 65 में नेशन लाइव न्यूज़ चैनल के एक कार्यक्रम में महिला के द्वारा सीएम योगी पर लगाए गए कथित मानहानिकारक आरोपों पर चर्चा की गई थी और इसका प्रसारण बिना तथ्यों की जाँच के किया गया था। साथ ही जाँच में ये भी पाया गया कि उक्त चैनल के पास संचालन के संबंध में कोई लाइसेंस नहीं था। वो चैनल नेटवर्क 10 नाम के न्यूज़ चैनल के लाइसेंस पर बिना अनुमति प्रप्त किए संचालित किया जा रहा था। इस बाबत चैनल हेड इशिका सिंह और संपादक अनुज शुक्ला को भी गिरफ्तार किया गया है।

आरोपित प्रशांत कनौजिया सोशल मीडिया में फर्जी खबरें फैलाने, हिंदू विरोधी घृणा फैलाने के लिए और खासतौर पर दलितों के खिलाफ घटिया बयानबाजी करने के लिए जाना जाता है। प्रशांत कनौजिया का दलितों और हिंदू संतों पर अभद्र टिप्पणी करने का इतिहास रहा है।

कनौजिया दलितों को ‘बिना दिमाग वाला जानवर’ भी कहा था और साथ ही हिंदू धर्म का भी मजाक उड़ाते हुए इसे “बेकार धर्म” कहा था। हाल ही में, द वायर मीडिया चैनल से जुड़े समाजवादी पार्टी के एक अन्य पत्रकार रोहिणी सिंह कनोजा ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ इसी तरह का गलत प्रचार किया था।

प्रशांत कुमार कनौजिया ने विभिन्न मीडिया हाउस के साथ काम किया है। जिसमें द वायर, इंडियन एक्सप्रेस, बीबीसी और एनडीटीवी आदि का नाम शामिल है। कनौजिया ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट और मास कम्युनिकेशन से की है ऐसा उनकी फेसबुक प्रोफाइल बताती है।

OpIndia Disclaimer: कनौजिया या ऐसे ट्रोल आदि की चाहे हर बात गलत हो, द्वेषपूर्ण हो, घृणा फैलाती हो, हम उसका मुखर विरोध करेंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट्स आदि के कारण किसी की गिरफ़्तारी को हमारी सहमति नहीं है।

मंत्रालय छिना, सलाहकार समूहों से बाहर, सिद्धू हुए घर में ही बाहरी

पंजाब सरकार में पर्यटन मंत्रालय गँवाने के बाद अब नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के आठ महत्वपूर्ण परामर्शदाता समूहों में भी जगह नहीं मिली है। यह समूह मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नौकरशाहों को मिलाकर बने हैं और इनका काम पंजाब की राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी करना है। समूहों के सदस्यों की घोषणा कल (8 जून, शनिवार) को की गई है। एक प्रेस विज्ञिप्ति के मुताबिक मुख्यमंत्री खुद शहरी नवीनीकरण और ड्रग्स-विरोधी मुहिम से जुड़े समूहों की अध्यक्षता करेंगे।

गहराई दरार, राहुल गाँधी से मिल सकते हैं सिद्धू

लोकसभा निर्वाचन और उससे पहले पुलवामाबालाकोट प्रकरण के दौरान कॉन्ग्रेस को अपनी अनर्गल बयानबाजी से नुकसान पहुँचाने वाले सिद्धू को कैप्टेन ने लोकसभा चुनाव के बाद हुए अपने कैबिनेट पुनर्गठन में पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 1965 की जंग में सेना में सेवाएँ दे चुके कैप्टेन बालाकोट पर सिद्धू के बयान से खासा नाराज़ चल ही रहे थे। जब कैप्टेन ने सीधे-सीधे सिद्धू के पाकिस्तानी सेना प्रमुख को गले लगाने पर निशाना साधा था, तभी पक्का हो गया था कि वह सिद्धू पर कार्रवाई करेंगे। पुनर्गठन में सिद्धू को अपेक्षाकृत ‘हल्के’ माने जाने वाले ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार दिया गया था, जो उन्होंने खबर लिखे जाने तक ग्रहण नहीं किया है।

इस बीच खबर यह भी है कि दिल्ली में डेरा डाले सिद्धू ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से मिलने के लिए समय माँगा है। नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टेन ने किनारे पर खड़ा कर दिया है। जैसे कैप्टेन ने सिद्धू को सीधे बाहर कर विक्टिम-कार्ड खेलने का मौका देने की बजाय कम वरीयता के मंत्रालय पकड़ा कर ‘घर में ही बाहरी’ कर दिया है, उसी तरह भाजपा ने भी ‘शॉटगन’ शत्रुघ्न सिन्हा को उकसावे के हद तक जाने वाली अनुशासनहीनता के बावजूद बाहर निकालने की बजाय पार्टी के अंदर रखेे-रखे ही इतना अप्रासंगिक कर दिया कि खिसिया कर शत्रुघ्न को खुद ही पार्टी छोड़नी पड़ी

महासागर पर निगरानी के लिए भारत ने बनाया CSRS रडार, PM ने मालदीव में किया उद्घाटन

दोबारा प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के बाद नरेंद्र मोदी अपनी पहली विदेश यात्रा पर शनिवार (8 जून) को मालदीव पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह ने शनिवार को भारत द्वारा निर्मित तटीय निगरानी रडार प्रणाली का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। दोनों नेताओं ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर वार्ता की।

ख़बर के अनुसार, इस रडार प्रणाली का उद्घाटन बहुत महत्वपूर्ण है, इसकी वजह यह है कि चीन हिंद महासागर में अपनी समुद्री रेशम मार्ग परियोजना के लिए मालदीव को महत्वपूर्ण मानता है। चीन इसके लिए श्री लंका में हंबनटोटा बंदरगाह और अफ्रीका के पूर्वी छोर पर स्थित जिबूती पर अपना प्रभाव क़ायम कर चुका है।

तटीय निगरानी रडार, एकीकृत तटीय निगरानी प्रणाली के लिए प्राथमिक सेंसर है। दोनों देशों ने भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच ‘व्हाइट शिपिंग’ सूचनाओं का आदान-प्रदान करने संबंधी एक तक़नीकी समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

दरअसल, ‘वाइट शिपिंग’ समझौते के तहत दो देश एक दूसरे के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों के बारे में दोनों देशों की नौसेना के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बचाया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सोलेह ने संयुक्त रूप से गर्मजोशी से चर्चा की। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि परस्पर लाभकारी साझेदारी के तहत दोनों नेताओं ने एक तटीय निगरानी रडार प्रणाली और मालदीव रक्षा बलों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।


पाकिस्तान में 13 साल की हिन्दू बच्ची को जबरन शराब पिलाकर दुष्कर्म

पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों के साथ बलात्कार और हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान के सिंध में 13 साल की हिन्दू लड़की को जबरन शराब पिलाकर उसके साथ बलात्कार का मामला प्रकाश में आया है। बलात्कारी बच्ची को बेहोश छोड़ कर फरार हो गए। फ़िलहाल पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

7 जून को टांडो मुहम्मद खान जिले की घटना

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह वाकया परसों (7 जून) का है। बच्ची घर से दुकान कुछ सामान खरीदने के लिए निकली थी। पाकिस्तान के एक अख़बार की खबर के मुताबिक आरोपियों ने उसे बुलाया और जबरदस्ती शराब पिलाई, जिसके बाद उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया।

जब लड़की घर नहीं पहुँची तो उसके पिता और भाई उसकी तलाश में निकले। उन्हें वह एक चीनी मिल के पास बेहोश और ज़ख़्मी हालत में मिली। पीड़िता के पिता के अनुसार उन्होंने पहले अपनी बेटी को अस्पताल पहुँचाया और फिर पुलिस में तहरीर दी। प्राथमिक तहकीकात के बाद स्थानीय पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को स्थानीय अदालत ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

पीड़िता ने भी की बलात्कार की पुष्टि

होश आने पर पीड़िता ने भी बलात्कार की पुष्टि की है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार ने हैदराबाद (पाकिस्तानी शहर) के सिविल अस्पताल में उसकी मेडिकल जाँच में भी बलात्कार की पुष्टि का दावा किया है। दावा जिले के डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अफसर मकबूल मल्लाह के हवाले से किया गया है