इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो में 2-3 लोग एक हिंदू के शव को भीड़ से दूर लेकर जाते नजर आए थे। लेकिन भीड़ अचानक से गली के बाहर आकर अल्लाहु अकबर और नारा-ए-तकबीर का नारा लगाने लगती है। मारे गए युवक का नाम विनोद बताया जा रहा है।
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।
एनएसए ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अराजकता नहीं भड़कने दी जाएगी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को खुली छूट दी गई है।
पर्याप्त पुलिस बल, सीएपीएफ और वरिष्ठ अधिकारी उत्तर पूर्वी दिल्ली में तैनात हैं। कुछ इलाकों में धारा 144 लागू है। दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं।
आईपीएस एसएन श्रीवास्तव जम्मू-कश्मीर में एडीजी पश्चिम क्षेत्र (सीआरपीएफ) रह चुके हैं और गृह युद्ध जैसी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। दिल्ली में भड़की हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू है और अतिरिक्त पुलिसबलों की तैनाती की गई है।
अरविन्द केजरीवाल और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वीरगति को प्राप्त रतन लाल के परिवार से मिलने जैसे ही पहुँचे, आक्रोशित लोगों ने 'केजरीवाल, वापस जाओ' और 'जो बैक केजरीवाल' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद केजरीवाल उलटे पाँव वहाँ से लौट गए।