अब गया में कन्हैया के काफिले पर लोगों ने अंडा, स्याही, जला हुआ मोबिल और पत्थर फेंके है। विरोध कर रहे लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाए। पथराव में कॉन्ग्रेस विधायक अवधेश प्रसाद सिंह की गाड़ी का शीशा टूट गया।
सवाल उठता है कि क्या अब सोने को भी विरोध-प्रदर्शन माना जाएगा? बाकी समय 'ऑल्टन्यूज' नासा के सॉफ़टवेयर इस्तेमाल करके फोटो लेने की तारीख, समय और फोटोग्राफर का मूड तक बता दिया करता है, लेकिन इस तस्वीर के बारे में यही बता पाया कि प्रदर्शनकारी सो रहे थे।
आरिफ और उसके परिवार वाले बोलेरो की मॉंग कर रहे थे। मॉंग पूरी नहीं होने पर आरिफ ने पहले तीन तलाक दे सीमा को घर से निकलने को कहा। इसका विरोध करने पर परिजनों के साथ मिल उसे आग के हवाले कर दिया।
आप की जीत पर कॉन्ग्रेस नेताओं की खुशी शर्मिष्ठा मुखर्जी को नागवार गुजरी है। उन्होंने पूछा है कि अपनी बुरी हार पर चिंतित होने की बजाए कॉन्ग्रेस किसी दूसरी पार्टी की जीत पर ख़ुश क्यों हो रही है?
शीर्ष नेतृत्व की मोदी घृणा ने कॉन्ग्रेस को इतना कुंठित कर दिया है कि वह राजनीति के सामान्य तकाजे से भी दूर जा चुकी है। इस नियति को उसने खुद चुना है। अतीत के अनुभवों से नहीं सीखा। न ही यह याद रख पाई कि दिल्ली की सत्ता में AAP उसे बेदखल कर आई थी न कि BJP को।
मुफ्त में चीजें देने के बल पर राजनीति हर जगह नहीं चल सकती। ये ट्रेंड दक्षिण भारत से चला लेकिन आज वहीं फेल हो रहा है। ये चुनाव विकास के मुद्दे पर नहीं लड़ा गया, ये स्पष्ट है। फिर मुद्दे क्या थे? जब चुनाव में कोई बड़ा चेहरा आता है, तो दिल्ली उस पर भरोसा जताती है।
भास्कर पहले शुद्ध शाकाहारी था लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड को पाने के लिए उसने माँसाहार शुरू किया। ईसाई होने के कारण पहले वो चर्च जाता था लेकिन फिर वो दिन भर में 5 बार नमाज़ पढ़ने लगा। उसने नमाज पढ़ते हुए और इस्लामी आयतें पढ़ते हुए कई वीडियो बनाए और लड़की के परिवार वालों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें भेजे।