बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव में चल रहे एक मुकदमे के मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें साजिश के तहत फँसाया जा रहा है।
NGO ने शुरू में दावा किया था कि संबंधित क्षेत्र संरक्षित आर्द्रभूमि है और फिर उसने बताया कि यह प्राकृतिक जलाशय है। आख़िरकार उसने पीठ से कहा कि वह वर्षा जल से बना तालाब है। हालाँकि, सरकारी दस्तावेज़ो से साबित होता है कि वह इनमें से कुछ भी नहीं है।
अपने बयान में बलूच नेता ने बताया कि पाकिस्तानी फौज के सिपाहियों ने एक महीने के अंतराल में मरदान की एक महिला और ग्वादर की एक महिला के साथ दुष्कर्म किया है।
अफ़ग़ानिस्तान में 28 सितम्बर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और अधिकतर रैलियों में अशरफ गनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही जनसभाओं को सम्बोधित किया है। लेकिन, इस बार उन्होंने ख़ुद रैली स्थल पर मौजूद थे।
इस ट्वीट पर भारतीयों द्वारा भी उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई गई। उन्हें कहा गया कि उनके पास दिमाग बच्चों वाला है और पाकिस्तान ने उन्हें विज्ञान और तकनीक मंत्री बनाया हुआ है।
"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"
एनआईए ने जैश के चारों सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 121A और अनलॉफुल एक्टीविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया है।
इससे धर्मान्तरण में लिप्त एनजीओ व उनके कार्यकर्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। साथ ही सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाले एनजीओ व उनके सदस्यों को भी एफआरसीए रजिस्ट्रेशन नहीं प्राप्त होगा। इससे उन्हें विदेश से फंड या चंदा नहीं मिल सकेगा।