53555 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

हिन्दू छात्रा की हत्या पर उबला कराची, देर रात सड़कों पर उतरे लोग

नमृता के भाई विशाल जो कि खुद मेडिकल कंसलटेंट हैं का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। विशाल ने कहा, मैंने नमृता की गर्दन पर तार के निशान देखे हैं। ऐसे ही निशान उसके हाथ पर थे। लेकिन उसकी दोस्त का कहना है कि नमृता के गले में दुपट्टा बॅंधा था।

‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए आया और सैनिक के गर्दन में घोंप दी कैंची

बीते साल इसी तरह पेरिस में अज्ञात हमलावरों ने आम लोगों को निशाना बनाया था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 2017 में मिलान के ही रेलवे स्टेशन पर सेना और रेलवे पुलिस के अधिकारियों पर भी हमले हुए थे।

तमिलनाडु में मिशनरी विरोधी BJP नेता की हत्या, कार्यकर्ताओं ने धर्मान्तरण गिरोह पर जताया शक

मणिवन्नन ने भाजपा नेता चिनाराज के घर में घुस कर उन्हें चाकू से मार डाला। भाजपा नेता की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित मणिवन्नन भाग खड़ा हुआ, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

तुलसी बाबा ने यूॅं ही नहीं लिखा- झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन को केवल इस बात का सबूत चाहिए कि अयोध्या के किस खास जगह पर राम का जन्म हुआ था। वरना इकबाल के इमाम-ए-हिंद को वे भी याद करते हैं। कृपानिधान तो वाजिद अली शाह के भी राम ही थे। लेकिन, किसी ने न लिखा, न गाया। राम किस प्लॉट में पैदा हुए थे?

‘स्त्री की मर्यादा कैसे रखी जाती है, रामायण में वर्णन हैं, स्त्री की मर्यादा के लिए युद्ध उचित है तो होना चाहिए’

"रामायण में कई ऐसे काव्य हैं जो ज्ञान-विज्ञान, सुशासन सबका वर्णन करते हैं। स्त्री की मर्यादा कैसे रखी जाती है उसका रामायण में वर्णन है। स्त्री की मर्यादा के लिए युद्ध उचित है तो होना चाहिए।"

राम अयोध्या में तो पैदा हुए, लेकिन किस गली-मोहल्ले में, ये कैसे साबित होगा: मुस्लिम पक्ष

बाबरी मस्जिद सुन्नी वक़्फ़ के एकाधिकार में हमेशा से रही है। गर हिन्दू रामजन्मभूमि की सटीक जगह बता दें तो सुन्नी वक्फ बोर्ड श्रीरामजन्मभूमि से मस्जिद हटा लेगा।

कर्नाटक में भाजपा सांसद को गाँव में घुसने से रोका, कहा दलित है, नहीं आ सकता

राज्य के उपमुख्यमंत्रियों में से एक सीएन अश्वत नारायण ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर यह सच है तो वे इसकी निंदा करते हैं, और इस पर कार्रवाई होगी।

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।