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‘केरल में मॉक ड्रिल के दौरान EVM में सारे वोट BJP को जा रहे थे’: सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण का दावा, चुनाव आयोग ने बताया मनगढंत कहानी

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में उन दावों का खंडन किया, जिसमें कहा जा रहा था कि केरल में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी पाई गई है। वकील प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केरल के कासरगोड में 4 ऐसी ईवीएम मशीनें मिली, जिसके बारे में बताया गया कि इन मशीनों में एक वोट करने पर अपने आप एक वोट बीजेपी को मिल जा रहा है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब माँगा था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि ये दावे गलत हैं। मनगढंग बातों की कोर्ट में कोई जगह नहीं है। चुनाव आयोग ने कहा कि उनके अधिकारियों ने जाँच में ऐसा कुछ नहीं पाया।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखा। चुनाव आयोग के वरिष्ठ उपायुक्त नितेश कुमार व्यास ने कहा, “केरल की खबरें झूठी हैं। हमें जिला कलेक्टर से इस मामले की जाँच कराई है। इस पर हम अदालत को पूरी रिपोर्ट भी सौंपेंगे।” चुनाव आयोग ने ये बात उस समय कही है, जब सुप्रीम कोर्ट में इस बात की सुनवाई चल रही है कि क्या सभी ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट जोड़ा जाए और इवीएम के आँकड़ों के साथ ही वीवीपैट की पर्चियों का भी मिलान किया जाए।

बता दें कि गुरुवार (18 अप्रैल 2024) को वकील प्रशांत भूषण ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया था कि केरल के कासरगोड में मॉक टेस्ट के दौरान ऐसी 4 ईवीएम मशीनें मिलीं, जो हरेक वोट के साथ एक अतिरिक्ट वोट बीजेपी के हिस्से में डाल रही थी। प्रशांत भूषण ADR नाम के एनजीओ की तरफ से कोर्ट में बहस कर रहे हैं।

प्रशांत भूषण के दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह से जानकारी माँगी थी। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के उपायुक्त ने बताया कि ईवीएम और वीवीपैट किस तरह से काम करती हैं। उन्होंने कहा कि ईवीएम बनाने वालों को ये नहीं पता होता है कि कौन सा बटन किस पार्टी को दिया जाएगा और कौन सी मशीन किस राज्य में जाएगी।

चुनाव आयोग ने कहा कि याचिकाएँ सिर्फ आशंका हैं, और कुछ नहीं है। वीवीपैट सिर्फ एक प्रिटिंग मशीन है और सिंबल मशीन में अपलोड किए जाते हैं। जस्टिस खन्ना ने कहा कि आपने कहा कि वीवीपैट केवल एक प्रिंटर है। सिंबल का डेटा किस यूनिट में अपलोड किया जाता है? सुप्रीम कोर्ट में मौजूद ईसीआई अधिकारी ने डायस लेते हुए कहा कि मैं चुनाव योजना को देखता हूँ। मैं जो भी कह रहा हूं अधिकारपूर्वक कह ​​रहा हूँ। मतपत्र इकाई केवल बटन नंबर बताती है। 3 दबा दिया गया है। बटन इकाई उम्मीदवारों के लिए तय नहीं है। कंट्रोल यूनिट में कुछ भी लोड नहीं है। हर एक मशीन में बटन नंबर अलग होता है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘चुनावी प्रक्रिया में पवित्रता होनी चाहिए। लेकिन किसी को भी इस बात पर कोई आशंका नहीं होना चाहिए कि कुछ गलत हो रहा है।’ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 5 घंटे तक बहसों को सुना और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

बता दें कि वीवीपैट एक तरह की स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली होती है, जिसमें मतदाता ये देख पाता है कि उसका वोट सही तरीके से पड़ा है या नहीं, साथ ही वो ये भी जान सकता है कि उसने वोट जिसे डाला है, वो भी उसी को गया है या नहीं। किसी विवाद की स्थिति में वीवीपैट की पर्चियों का भी मिलान किया जाता है। अभी के नियम के हिसाब से हर विधानसभा क्षेत्र में 5 वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर पर्चियों का मिलान किया जा सके।

कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका लेकर गई मुस्लिम लड़की, कहा- 12वीं से पहले निकाह की न हो इजाजत: मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने खारिज की PIL

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार (18 अप्रैल 2024) को निकाह से संबंधित एक मुस्लिम महिला की जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दी। इस याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया था कि वह राज्य के अधिकारियों को निर्देश दे कि बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने तक किसी भी मुस्लिम लड़की को निकाह करने की अनुमति नहीं देने का आदेश जारी करें।

कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री को दिए गए अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, “किसी भी स्थिति में यह नीतिगत मामले से संबंधित है। जैसा कि माँग किया गया है कि कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता। इसे खारिज किया जाता है।”

यह याचिका नाज़िया इलाही खान नाम की एक मुस्लिम महिला ने दायर की थी। नाजिया ने अदालत को बताया कि उन्होंने राज्य के अधिकारियों से सभी मुस्लिम लड़कियों के लिए निकाह से पहले कम-से-कम बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य बनाने के लिए आग्रह किया था, लेकिन उनके अनुरोध पर वे कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिकग, नाजिया इलाही खान ने अपनी याचिका में कहा, “यह मुद्दा बड़े पैमाने पर जनता, विशेषकर इस्लामी समुदाय को प्रभावित करता है।” उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम लड़कियों के लिए कम से कम बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई करना असंभव हो गया है, क्योंकि उनके लिए निकाह करना बेहतर समझा जाता है।

याचिकाकर्ता ने आगे दावा किया, “मुस्लिम समुदाय की युवा लड़कियों की निकाह तब कर दी जाती है, जब वह युवावस्था या किशोरावस्था की उम्र प्राप्त कर लेती है, जो लगभग बारह साल की उम्र से शुरू होती है।” नाजिया खान ने 12 फरवरी को इस संबंध में एक अभ्यावेदन दायर किया था और आरोप लगाया था कि तब से राज्य द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नाजिया इलाही खाने कहा कि राज्य सरकार की इस तरह की निष्क्रियता ने मुस्लिम लड़कियों की तकलीफों को और बढ़ा दिया है, जिसके कारण उन्हें और भी अधिक हाशिए पर धकेल दिया है। इस आधार पर उन्होंने हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की माँग की थी। हालाँकि, हाई कोर्ट ने इस आवेदन को खारिज कर दिया।

‘देश हो या परदेस मोदी की गारंटी हमेशा पूरी होती है’: ईरान ने जिस जहाज को बनाया बंधक, उस पर सवार भारतीय महिला ऐन टेस्सा जोसफ घर लौटीं

ईरान में कब्ज़े में लिए गए मालवाहक जहाज़ एमएससी एरीज़ पर काम करने वाली केरल की एन टेसा जोसफ़ भारत लौट आई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि तेहरान में भारतीय दूतावास मालवाहक जहाज़ पर अब भी मौजूद 16 लोगों के बारे बातचीत कर रहा है। बयान में कहा गया है कि जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीय स्वस्थ हैं और उन्हें भारत में अपने परिवार से बातचीत करने दी जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि तेहरान में भारतीय मिशन और ईरानी सरकार के ठोस प्रयासों से केरल के त्रिशूर की रहने वाली भारतीय डेक कैडेट एन टेसा जोसेफ, जो कंटेनर जहाज एमएससी एरीज़ के भारतीय चालक दल के सदस्यों में से थीं, आज (18 अप्रैल 2024) दोपहर कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गई हैं। कोचीन हवाई अड्डे पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने जोसेफ का स्वागत किया।

तेहरान में भारतीय मिशन मामले से अवगत है और कंटेनर जहाज के शेष 16 भारतीय चालक दल के सदस्यों के संपर्क में है। चालक दल के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा है और वो सभी भारत में अपने परिवार के सदस्यों के संपर्क में हैं। भारतीय मिशन एमएससी एरीज़ के शेष चालक दल के सदस्यों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ भी संपर्क में है।

इससे पहले, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मामले पर अपने ईरानी समकक्ष विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियन से बात की थी। उन्होंने ईरान में स्थित भारतीय दूतावास के कामों की तारीफ की और कहा कि एन टेसा जोसेफ की वापसी से खुश हूँ। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी हमेशा पूरी होती है, घर हो या बाहर।

बता दें कि ईरानी कमांडो ने शनिवार (13 अप्रैल 2024) को 17 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे एक इजरायली-संबद्ध कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया था। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के सदस्य एक हेलीकॉप्टर से होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पुर्तगाली ध्वज वाले एमएससी एरीज़ पर उतरे और जहाज को ईरानी जलक्षेत्र में ले गए। यह जहाज भारत आ रहा था। यह जहाज लंदन स्थित ज़ोडियाक मैरीटाइम से जुड़ा है। ज़ोडियाक मैरीटाइम इज़रायली अरबपति इयाल ओफ़र के ज़ोडियाक समूह का हिस्सा है।

ईरान में जब्त किए गए जहाज के चालक दल में शामिल भारतीयों के परिजनों ने केंद्र सरकार से उनकी जल्द से जल्द रिहाई की माँग थी। इसके बाद सोमवार को ईरान ने जहाज पर मौजूद भारतीयों को अपने परिजनों से बात करने की अनुमति दी थी और अब एक भारतीय को रिहा भी कर दिया है।

फिल्म ‘कबीर सिंह’ में काम करने पर आदिल हुसैन ने जताया अफसोस, बोले ‘एनिमल’ के डायरेक्टर रेड्डी वांगा- लालची, तुम्हारा चेहरा बदल दूँगा

हाल में फिल्म अभिनेता आदिल हुसैन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘कबीर सिंह’ करना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी और इसका उन्हें बहुत अफसोस है। उनके इस इंटरव्यू की वीडियो सार्वजिनक प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने के बाद अब फिल्म के डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

संदीप ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर ट्वीट कर लिखा है- “30 कला फिल्मों के विश्वास ने आपको इतनी पॉपुलैरिटी नहीं दिलाई होगी, जो एक ब्लॉकबस्टर के अफसोस ने आपको दिलाई है।” वांगा ने आगे तीखे शब्दों में आदिल की आलोचना करते हुए कहा, “मुझे तुम्हें कास्ट करने का अफसोस है, ये जानते हुए भी कि तुम्हारा लालच, जुनून से काफी हद तक बड़ा है। अब AI की सहायता से आपके फेस को फिल्म में बदलकर आपको शर्म से बचाऊँगा। मुझे लगता है अब आपके लिए सब ठीक होगा।”

बता दें कि कबीर सिंह फिल्म साल 2019 में आई थी। ये तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी की रीमेक है। इस मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर अपार सफलता हासिल की थी और 278 करोड़ का बंपर कलेक्शन किया था। इस फिल्म में आदिल हुसैन ने कॉलेज डीन का रोल अदा किया था। अब पाँच साल बाद उन्होंने इस रोल पर एक इंटरव्यू में टिप्पणी की।

फिल्म करने पर अफसोस जताते हुए उन्होंने वीडियो में कहा कि शुरुआत में उन्होंने टाइम की कमी की वजह से फिल्म करने से मना कर दिया था। बाद में मेकर्स ने उन्हें सीन भेजा तो उन्होंने मेकर्स से पूरी स्क्रिप्ट माँगी लेकिन मेकर्स ने उन्हें तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी, जिसपर कबीर सिंह बेस्ड है उसकी स्क्रिप्ट भेजी। आदिल कहते हैं कि उन्हें स्क्रिप्ट देखने का टाइम नहीं मिला, इसलिए उन्होंने मैनेजर से फिल्म के लिए मेकर्स से ज्यादा पैसे माँगने के लिए कहा, जिससे वह खुद ही उन्हें कास्ट करने से मना कर दें, लेकिन उनका ऑफर एक्सेप्ट हो गया।

क्यों विवादों में घिरी सेरेलक बनाने वाली नेस्ले, बेबी फूड में कैसे कर रही मिलावट: जानिए सबकुछ, खुलासे के बाद एक्टिव हुईं भारतीय एजेंसियाँ

खाने पीने के उत्पाद बनाने वाली कम्पनी नेस्ले के भारतीय समेत तमाम विकाशील या गरीब देशों के बच्चों पर दोहरे मानक सामने आ गए हैं। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नेस्ले भारतीय बच्चों के लिए बेचे जाने फूड सेरेलेक में मिठास के लिए चीनी जैसे उत्पाद मिलाती है जबकि यही काम यूरोप के बच्चों के लिए नहीं किया जाता। भारतीय बच्चों और यूरोपियन बच्चों के लिए बेंचे जाने एक ही उत्पाद में इतना अंतर कैसे है,नेस्ले से इस बात का जवाब देते नहीं बन रहा है। अब भारत सरकार भी इस मामले का संज्ञान ले रही है।

क्या है पूरा मामला?

स्विटज़रलैंड के पब्लिक आई और इंटरनेशनल बेबीफूड एक्शन नेटवर्क (IBFAN) ने पूरे विश्व से नेस्ले के बच्चों के लिए बेंचें जाने वाले उत्पादों के सैंपल की जाँच की है। भारत समेत कई देशों में यह उत्पाद सेरेलेक के नाम से बेचा जाता है। यह उत्पाद छोटे बच्चों को खाने के रूप में दिया जाता है। फिलिपीन्स में बेचे जाने वाले इसी उत्पाद में प्रति खुराक में 7.3 ग्राम चीनी पाई गई। स्विटज़रलैंड समेत अन्य यूरोपियन देशों में बेंचे जाने वाले इन्हीं उत्पादों में बिलकुल भी चीनी नहीं थी।

इस रिपोर्ट में बताया गया कि नेस्ले सेरेलेक के सभी उत्पादों में चीनी डाली जाती है। औसतन यह 4 ग्राम होती है। सबसे ज्यादा फ़िलीपीन्स के सैंपल में चीनी पाई गई। यूरोपियन बाजारों के सैंपल में चीनी नहीं मिली। भारत से लिए गए सैंपल की जाँच में भी बड़े खुलासे हुए। भारत में बिकने वाले सेरेलेक में औसतन हर खुराक में 3 ग्राम चीनी पाई गई है। यह भी बताया गया है कि चीनी इस उत्पाद में डाली गई लेकिन उसके विषय में डिब्बों पर स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया।

नेस्ले सेरेलेक सुगर

रिपोर्ट में बताया गया है, “भारत में, जहाँ इस उत्पाद की बिक्री 2022 $250 मिलियन (लगभग ₹2000 करोड़) के पार थी, सभी सेरेलैक बेबीफूड में प्रति खुराक लगभग 3 ग्राम अतिरिक्त चीनी होती है। यही स्थिति अफ्रिका के मुख्य बाज़ार दक्षिण अफ़्रीका में भी है, जहाँ सभी सेरेलैक प्रति खुराक में 4 ग्राम या अधिक चीनी होती है।”

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत तमाम देशों में भी नेस्ले ने यही किया। यह भी बताया गया कि इनमें से कुछ पैकेज पर इनमें चीनी होने की बात लिखी तक नहीं थी। इन उत्पादों में शहद के रूप में चीनी थी जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मना करता है।

नेस्ले का यह कदम बच्चों के लिए खतरनाक क्यों?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के खाने में छोटी उम्र से ही अधिक चीनी दिया जाना ठीक नहीं है। इससे उनमें मोटापा, ह्रदय सम्बंधित बीमारियाँ और कैंसर आदि का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा बच्चों के दांतों पर भी चीनी का विपरीत प्रभाव पड़ता है। मिठास के लिए उत्पाद कम्पनियाँ उपयोग करती हैं, वह भी शुद्ध चीनी ना होकर अन्य मिठास वाले उत्पाद होते हैं। ऐसे में इनसे बचने की सलाह दी जाती है।

औपनिवेशिक सोच का नतीजा

नेस्ले के दोहरे मानकों पर सवाल उठाते हुए, जोहान्सबर्ग में विटवाटरसैंड विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य के प्रोफेसर और एक बाल रोग विशेषज्ञ करेन हॉफमैन ने पब्लिक आई से कहा, ”मुझे समझ में नहीं आता कि दक्षिण अफ्रीका बिकने वाले उत्पाद उन उत्पादों से अलग क्यों है जो विकसित देशों में बेचे जाते हैं। यह औपनिवेशीकरण का एक रूप है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों के खाने में चीनी मिलाना भी एकदम सही नहीं है।”

नेस्ले ने क्या कहा?

नेस्ले ने इस मामले पर बयान जारी किया है। भारत में नेस्ले के प्रवक्ता ने कहा है, “नेस्ले इंडिया अपने उपभोक्ताओं को सबसे अच्छा न्यूट्रीशन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, यह हम पिछले 100 सालों से कर रहे हैं और हम हमेशा अपने उत्पादों में पोषण, गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे।”

भारत में खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवता का प्रमाणन करने वाली एजेंसी FSSAI ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और पब्लिक आई की रिपोर्ट के बाद इस पर कार्रवाई करेगी।

‘चुनाव प्रचार से दूर रहें BJP नेता’: छत्तीसगढ़ में कसा शिकंजा तो बौखलाए नक्सली, जगह-जगह टाँगे हत्या की धमकी वाले बैनर-पोस्टर

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ भाजपा सरकार की कार्रवाई को कॉन्ग्रेस ने फेक बताया था। इसके बाद नक्सलियों ने बस्तर में बैनर टाँग कर भाजपा नेताओं को धमकी दी है। नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर के माध्यम से कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों की मौत की जिम्मेदार भाजपा है। इसलिए वे लोकसभा चुनाव प्रचार से दूर रहें, वर्ना तिरुपति कटला और कैलाश नाग जैसा अंजाम होगा और मारे जाओगे।

दरअसल, अभी दो-तीन दिन पहले केंद्रीय बलों ने कांकेर जिले में एक मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों की इतने बड़े पैमाने पर झटका देने के बाद यह वाकया सामने आया है। उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के इंद्रावती नदी के पास छिंदनार, चेरपाल और तुमरीगुंडा मार्ग पर भारी संख्या में बैनर पोस्टर चस्पा किए हैं। हालाँकि, पुलिस ने सभी बैनर-पोस्टर्स को हटा दिया है।

इन बैनर-पोस्टर पर भाजपा नेताओं को चेतावनी दी गई है और उन्हें चुनाव प्रचार से दूर रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। इसके साथ ही जिले के छिंदनार-तुमरीगुंडा रास्ते पर उन्होंने पेड़ों को काटकर और पत्थरों से सड़क को जाम कर दिया है। नक्सलियों की चेतावनी के बाद इलाके के भाजपा नेताओं में दहशत का माहौल है।

नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर और पर्चे में लिखा है, “बीजेपी नेता और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार से दूर रहें, आदिवासियों के हत्याओं के लिए बीजेपी के नेता लोग ही जिम्मेदार हैं। चुनाव प्रचार में शामिल होने वाले बीजेपी नेताओं को तिरुपति कटला और बीजेपी नेता रहे कैलाश नाग जैसी सजा मिलेगी।” वहीं, पुलिस ने किसी भी नेता को बिना जानकारी के प्रचार में जाने से मना किया है।

इससे पहले बुधवार (17 अप्रैल 2024) को नक्सलियों ने राज्य के सुकमा जिले के केरलापेदा में पोलिंग बूथ पर चुनाव बहिष्कार को लेकर पर्चे लगाए। इसके अलावा, उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार इलाके के पाहुरनार, छोटे करका, चेरपाल, तुमरीगुंडा में नक्सलियों ने बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं को धमकी भरा पत्र जारी किया है। इससे स्थानीय भाजपा नेताओं में दहशत का माहौल है।

बता दें कि अभी दो दिन पहले ही नारायणपुर जिले में बीजेपी नेता और दण्डवन गाँव के उप सरपंच पंचमदास मानिकीपुरी को घर से अगवा करके उनकी हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने कॉन्ग्रेस नेता अमित भद्र और बीजेपी सरपंच बिसेल नाग को भी जान मारने की धमकी दी है। दरअसल, पिछले दो सालों में नक्सलियों ने संभाग के अलग-अलग जिलों में 10 से अधिक बीजेपी नेताओं की अब तक हत्या कर दी है।

दरअसल, नक्सली हमेशा से बस्तर में चुनावों का बहिष्कार करते रहे हैं। चुनाव के दौरान नेताओं की हत्या, अपहरण और चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेने की धमकी अक्सर दी जाती है। इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया है। बस्तर में मतदान प्रथम चरण में ही 19 अप्रैल को होना है। इसको लेकर नक्सली सक्रिय हो गए हैं और जगह-जगह धमकी एवं चुनाव बहिष्कार की पर्ची फेंक रहे हैं।

चिराग पासवान की माँ-बहन को गाली तेजस्वी यादव के लिए ‘बात का बतंगड़’, बोले बिहार के डिप्टी CM- करेंगे कार्रवाई: चुनाव आयोग तक पहुँचा मामला

बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान की माँ-बहन को पिछले दिनों तेजस्वी यादव की एक रैली में भद्दी-भद्दी गालियाँ दी गई थीं। उस समय तेजस्वी यादव मंच पर ही थे लेकिन उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा। अब ये मामला धीरे-धीरे बढ़ रहा है।लोजपा ने चुनाव आयोग में जाकर इस मामले में अपनी कंप्लेन दे दी है और मामले में एफआईआर दर्ज कराने की माँग की है। वहीं ऐसी गंदी गालियों के विरोध में लोग अपनी प्रतिक्रिया देकर सवाल उठा रहे हैं। चिराग पासवान ने भी इसपे प्रतिक्रिया दी है और तेजस्वी यादव ने भी अपनी सफाई दी है।

चिराग पासवान ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर तेजस्वी यादव को घेरा। उन्होंने कहा- “मेरे मंच पर रहते अगर किसी ने राबड़ी देवी या मीसा भारती के बारे में ऐसी हरकत की होती तो उसे मुँहतोड़ जवाब मिलता। राबड़ी देवी मेरे लिए माँ और मीसा भारती बड़ी बहन हैं। उनके लिए वही सम्मान है जो मेरा मेरी माँ और बहन के लिए है। राजनीति बिलकुल अलग बात है।”

चिराग पासवान ने इस घटना पर तेजस्वी के चुप रहने पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा- “मेरी माँ-बहन को गाली दी जा रही थी और तेजस्वी यादव ने एक शब्द भी नहीं बोला। ताज्जुब है कि उनकी महिला प्रत्याशी तक ने इसका विरोध नहीं किया।”

चिराग पासवान की माँ को गाली दिए जाने के मामले में भाजपा की महिला नेत्रियों ने भी चुनाव आयोग के पास जाकर राजद कार्यकर्ताओं के विरुद्ध शिकायत दी है और साथ ही कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। इसी तरह भाजपा नेता संजय जायसवाल ने भी इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि राजद का ट्रैक रिकॉर्ड यही है।

वहीं नीतीश कुमार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने भी राजद पर हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर चुन-चुन कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान दलितों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं। उनकी पत्नी और चिराग पासवान की माँ के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग कोई नहीं भूल सकता है। इंतजार करिए। इसमें मामले में कार्रवाई होगी, जिसने गाली दी है वो बचने नहीं जा रहा है। इसी तरह विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ये सब राजद की कार्य संस्कृति है। यह उनकी मानसिकता और संस्कार को दर्शाता है।

बता दें कि चारों ओर से घिरने के बाद तेजस्वी यादव ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मेरे पास भी वीडियो भेजी गई है। पब्लिक में शामिल कोई व्यक्ति यह काम कर रहा है और वीडियो बना रहा है। यह वीडियो पब्लिक में बनाया गया है और जिसकी मुझे कोई जानकारी नहीं मिली। मंच से तो गाली नहीं दी गई। हो सकता है कि मेरे बारे में ऐसा बोलता होगा। अभी चुनाव के समय में ऐसा करने का रिस्क वही लेगा जो बेवकूफ होगा। मै सुन लेता ऐसा उस समय तो बिलकुल बर्दाश्त नहीं करता। इस मामले को तूल देकर बेवजगह बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है।”

वीडियो में क्या है?

जिस वायरल वीडियो पर विवाद है उसमें मंच पर पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भाषण देते हुए दिख रहे हैं। उनके बगल में जमुई से राजद की उम्मीदवार अर्चना रविदास खड़ी हैं। वही मंच पर एक और नेता मौजूद है, जिसे संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकर्ता नीचे से भोजपुरी में कहते हैं, “ऐ विजय भइया, तेजस्वी यादव के मइया चो% द।” फिर बार-बार चिराग पासवान की माँ को गाली दी जाती है। इतना ही नहीं, चिराग पासवान की बहन को भी इसी तरह की गालियाँ बकी जाती है। हालाँकि, हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं और अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि ये कब का है।

सोशल मीडिया में लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि अभी अर्चना रविदास जीती नहीं हैं तो ये हाल है, अगर वो जीत गईं तब क्या होगा। राजद पर महिला विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं। अर्चना रविदास रील्स बनाने के लिए भी जानी जाती हैं। बॉलीवुड गानों पर उनके कई रील वायरल हुए थे। बता दें कि तेजस्वी यादव शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को अर्चना रविदास के लिए चुनाव प्रचार करने जमुई पहुँचे थे। वहीं इसके 4 दिन बाद मंगलवार को फिर से तेजस्वी यादव अपने गठबंधन साथी VIP के मुकेश सहनी के साथ जमुई पहुँचे।

डायबिटीज के मरीज हैं अरविंद केजरीवाल, फिर भी तिहाड़ में खा रहे हैं आम-मिठाई: ED ने कोर्ट में किया खुलासा, कहा- जमानत के लिए जानबूझकर बढ़ा रहे शुगर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब नीति घोटाला मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच ईडी ने केजरीवाल को लेकर कोर्ट में बड़ा दावा किया है। ईडी ने कहा कि केजरीवाल हाई ब्लड शुगर का दावा करते हैं लेकिन वह जेल के अंदर मिठाई और आम खा रहे हैं। ईडी ने कोर्ट से कहा है कि जमानत पाने के लिए अरविंद केजरीवाल खुद की तबियत खराब कर रहे हैं और इसके लिए वो तिहाड़ जेल में आलू-पूड़ी, आम और मिठाई खा रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने दावा किया कि वह मेडिकल आधार पर जमानत लेने के लिए जानबूझकर मीठा खा रहे हैं ताकि इससे उनका शुगर लेवल बढ़े और उन्हें जमानत मिल जाए। ईडी ने कहा कि केजरीवाल के डाइट चार्ट में आम और मिठाई है, जिसकी शुगर के मरीज को अनुमति नहीं होती है। डाइट चार्ट कोर्ट के सामने रखा गया है।

ईडी ने कहा कि अदालत ने उन्हें घर का खाना खाने की मंजूरी दी है। जेल डीजी ने हमें केजरीवाल की डाइट भेजी है। उन्हें शुगर-बीपी की समस्या है, लेकिन देखिए, वे क्या खा रहे हैं- आलू पूड़ी, केला, आम और हद से ज्यादा मीठी चीजें।

मीडिया से बातचीत में ईडी के विशेष वकील ज़ोहेब हुसैन ने कहा, “डाइट चार्ट अदालत के सामने रखा गया है। आहार चार्ट में आम और मिठाइयाँ थीं, हमने इसे अदालत के सामने रखा है। वह विशेष रूप से मीठा भोजन खा रहे थे, जिसकी अनुमति किसी भी शुगर रोगी को नहीं है।”

अदालत ने कहा कि वह मामले पर शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को सुनवाई करेगी। अदालत ने साथ ही जेल प्रशासन को केजरीवाल की हेल्थ रिपोर्ट पेश करने को कहा। बता दें कि अरविंद केजरीवाल डायबिटीज के मरीज हैं। ऐसे में उनके वकीलों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पहले एप्लिकेशन दायर कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केजरीवाल को डॉक्टर से नियमित कंसल्टेशन देने की माँग की थी, लेकिन अब उनके वकीलों ने ये एप्लिकेशन वापस ले ली है। इसी एप्लिकेशन के विरोध में ईडी ने अदालत के समक्ष ये बातें कही।

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का मुंबई-पुणे का बंगला जब्त: बिटकॉइन घोटाले में ED ने की कार्रवाई, लगभग 98 करोड़ रुपए है कीमत

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुुरुवार (18 अप्रैल 2024) को बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके बिजनेसमैन पति राज कुंद्रा की लगभग 98 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह एक्शन लगभग 6,600 करोड़ रुपए के बिटकॉइन पोंजी घोटाले में लिया गया है। ED ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जाँच के तहत अभिनेत्री के पुणे स्थित बंगले और इक्विटी शेयरों को जब्त किया गया है।

ED के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई का जुहू स्थित फ्लैट है, जो शिल्पा शेट्टी के नाम पर है। वहीं, पुणे का बंगला राज कुंद्रा के नाम पर है। उसे भी जब्त किया गया है। इसके अलावा, जब्त संपत्ति में इक्विटी शेयर भी शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत कुर्की आदेश जारी किया गया है।

ED ने महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस की तरफ से वन वेरिएबल टेक पीटीई लिमिटेड और आरोपित दिवंगत अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर के बाद जाँच शुरू की थी। दरअसल, आरोपितों ने लगभग 8000 लोगों से प्रति माह 10 प्रतिशत रिटर्न देने का झूठा वादा करके उनसे काफी बिटकॉइन जमा की थी।

सभी आरोपितों ने लोगों से प्राप्त बिटकॉइन को अपने निजी हित में बिटकॉइन माइनिंग के लिए किया था। ये एक तरह की पोंजी स्किम थी। बिजनेसमैन राज कुंद्रा के पास इस घोटाले के प्रोसीड ऑफ क्राइम से 285 बिटकॉइन आए थे, जिनकी कीमत आज की तारीख में 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। 

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया कि प्रमोटरों ने निवेशकों को धोखा दिया और गलत तरीके से प्राप्त बिटकॉइन को अस्पष्ट ऑनलाइन वॉलेट में छिपा रहे हैं। शिल्पा शेट्टी बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री हैं। वहीं, उनके पति राज कुंद्रा भी फिल्मी दुनिया में कदम रख चुके हैं। राज कुंद्रा ने बीते वर्ष फिल्म ‘UT69’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 

इससे पहले साल 2018 में ED ने राज कुंद्रा से बिटकॉइन घोटाला मामले में पूछताछ की थी। तब ED के एक अधिकारी ने बताया था कि ठाणे क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करके पूछताछ की गई थी। तब अध‍िकारी ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की घोटाले में कोई भूमिका है या फिर वह पीड़‍ित हैं।

बता दें कि पुणे के दो बिजनसमैन अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज, विवेक भारद्वाज एवं अन्य ने अपनी कंपनी ‘गेनबिटकॉइन’ के जरिए करीब 8,000 से अधिक लोगों को धोखा दिया था। ईडी ने मई 2018 में महाराष्‍ट्र पुलिस की FIR के आधार पर सभी के खिलाफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंग का मामला दर्ज किया था। इस मामले के मुख्य आरोपित अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार है।

इस मामले में अमित और विवेक भारद्वाज को पुणे पुलिस ने 5 अप्रैल 2018 को गिरफ्तार किया था। 17 दिसंबर 2023 को सिंपी भारद्वाज, 29 दिसंबर 2023 को नितिन गौर और 16 जनवरी 2023 को अखिल महाजन गिरफ्तार हुए थे। ये सभी अभी जेल में हैं। जो फरार हैं, उन्हें ED तलाश कर रही है। इस मामले में ED पहले भी 69 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त कर चुकी है।

गौरतलब है कि राज कुंद्रा अश्लील फिल्में बनाने के मामले में भी जेल जा चुके हैं। 19 जुलाई 2021 को 11 अन्य लोगों के साथ राज कुंद्रा को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, 20 सितंबर को मुंबई की एक अदालत ने 50,000 रुपए के मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी थी। कुंद्रा पर ‘हॉटशॉट्स’ नामक मोबाइल ऐप का उपयोग करके अश्लील फिल्में बनाने और वितरण के आरोप लगे थे।

‘फिगर देख लड़कियों को नौकरी, स्ट्रिंगर्स से वसूली’: पत्रकार ने लगाए यौन शोषण के आरोप, बोले अजीत अंजुम- नोटिस भेज दिया है, केस करूँगा

यूट्यूबर अजीत अंजुम पर हाल में एक पत्रकार ने एक इंटरव्यू में गंभीर आरोप लगाए। पत्रकार का नाम कुमार श्रीकांत है। 12 अप्रैल 2024 को उन्होंने ‘ऑल्टरनेट मीडिया’ नाम के यूट्यूब चैनल की होस्ट गायत्री को साक्षात्कार देते हुए दावा किया था कि अजीत अंजुम महिला एंकरों का यौन शोषण करते थे। पत्रकार के इन आरोपों का अजीत अंजुम ने पूरी तरह से खंडन कर दिया है, साथ ही इंटरव्यू लेने वाली गायत्री को मानहानि केस की धमकी दी है।

गायत्री को दिए गए इंटरव्यू में पत्रकार श्रीकांत, अजीत अंजुम के नाम से लेकर उनकी जाति, उनके करियर और उनकी संपत्ति तक पर बातें करते दिखे। इसी इंटरव्यू के बीच श्रीकांत ने अजीत अंजुम को लेकर दावा किया कि जब अजीत अंजुम आजतक, टीवी9 और न्यूज 24 जैसे मीडिया संस्थानों में काम करते थे तब उन्होंने महिला एंकरों का यौन शोषण किया था। वीडियो में श्रीकांत ये भी दावा करते दिखे कि अजीत अंजुम जब न्यूज 24 में थे तब वो महिलाओं की फिगर और लुक पर उन्हें नौकरी देते थे न कि काम करने पर।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अजीत के दोस्तों से उन्हें यह भी पता चला कि अजीत रिपोर्टिंग के समय किसी और को माइक देने की परमिशन भी तभी देते थे जब उन्हें उसके पैसे मिलें। श्रीकांत का दावा है कि उन ‘दोस्तों’ ने उन्हें यह भी बताया है कि अजीत अंजुम ने स्ट्रिंगरों से भी 20 से 40 हजार रुपए लिया था। इतना ही नहीं श्रीकांत बताते हैं कि, राजीव शुक्ला ने अजीत अंजुम को नौकरी से उनकी घूस लेने की आदत के चलते निकाला था।

श्रीकांत ने दावा किया कि इंडिया टीवी में आने के बाद भी अजीत ने यौन उत्पीड़न किया था। वह महिला एंकरों को गालियाँ देते थे और कुछ को चुस्त कपड़े पहनने को कहते थे। श्रीकांत के अनुसार ऐसी बातें एक ऐसी बड़ी महिला एंकर को कही गईं थी जो शादीशुदा थी और उसके बच्चे भी थे। अंजुम ने बाद में इस एंकर को नौकरी से निकालने की भी धमकी दी थी।

वीडियो में श्रीकांत आगे भी आरोप लगाते रहते हैं। वो दावा करते हैं कि अजीत अंजुम कैबिन में बैठकर शराब पीते थे और महिला इंटर्न से उन्हें ऑफिस की पेंट्री से सोडा लाने के लिए कहते थे। इसके बाद शराब पीकर वो लोगों को बताते थे कि वो स्टार कैसे बने। श्रीकांत के अनुसार, टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ने के बाद भी अजीत अंजुम करप्शन में लिप्त थे।

अजीत अंजुम की प्रतिक्रिया

बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद अजीत अंजीम ने हर आरोप का जोरदार खंडन किया है और श्रीकांत का इंटरव्यू लेने वाली पत्रकार और उनके यूट्यूब चैनल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा है कि उनकी जानकारी में उनकी सहकर्मी हैं जो इन सारे आरोपों का खंडन करेंगी और उनकी ओर से गवाही देंगी।

गौरतलब है कि इस इंटरव्यू के दौरान गायत्री ने अजीत अंजुम पर खुद से कोई आरोप नहीं लगाए हैं। सारे आरोप कुमार श्रीकांत ने लगाए हैं। बावजूद इसके अजीत अंजुम ने मानहानि केस की धमकी गायत्री को दी है। उनका कहना है कि वो अभी कानूनी नोटिस भेज रहे हैं और आगे मानहानि केस के लिए कोर्ट भी जा सकते हैं। उन्हें डर है कि इसी तरह के वीडियो आगे उनके दोस्त विनोद कापड़ी, अभिसार शर्मा और अन्य यूट्यूबर्स के खिलाफ भी बनाए जा सकते हैं।

अजीत अंजुम की पूरी प्रतिक्रिया आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

मालूम हो कि इस वीडियो में यौन उत्पीड़न के इल्जाम के अलावा पत्रकार श्रीकांत ने अजीत अंजुम की संपत्ति को लेकर भी कई तरह की बात की। दावा किया कि अजीत अंजुम के नोएडा में कई अपार्टमेंट हैं। इसके अलावा उनका नाम अजीत अंजुम नहीं बल्कि अजीत झा है… अब अजीत अंजुम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जितने भी आरोप उनके ऊपर पत्रकार श्रीकांत और गायत्री ने लगाए हैं उन आरोपों को इन्हें कोर्ट में सिद्ध करना होगा।