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‘दो राजकुमारों की शूटिंग फिर शुरू हो गई है’ : PM मोदी ने कॉन्ग्रेस-सपा को घेरा, बोले- अमरोहा की एक ही थाप, फिर मोदी सरकार

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में विशाल जनसभा के बीच आज (19 अप्रैल 2024) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने सभी मतदाताओं, खासकर युवाओं से अपने अधिकार का उपयोग करने की अपील की। अमरोहा की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा अमरोहा की एक ही थाप है- कमल छाप! और अमरोहा का एक ही स्वर है – फिर एक बार मोदी सरकार।

पीएम ने कहा, “अमरोहा केवल ढोलक ही नहीं, देश का डंका भी बजाता है। क्रिकेट वर्ल्ड कप में भाई मोहम्मद शामी ने जो कमाल किया, वो पूरी दुनिया ने देखा है। खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड दिया है और योगी जी की सरकार यहाँ के युवाओं के लिए स्टेडियम भी बनवा रही है।”

उन्होंने 2024 के चुनावों को देश के भविष्य का चुनाव बताया और कहा कि बीजेपी गाँव, गरीब के लिए बड़े विजन और बड़े लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ रही है, लेकिन INDI गठबंधन के लोगों की सारी शक्ति गाँव, देहात को पिछड़ा बनाने में लगती है। इस मानसिकता का सबसे बड़ा नुकसान अमरोहा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों को उठाना पड़ा है।

उन्होंने कॉन्ग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा, यूपी में एक बार फिर दो शहजादों की जोड़ी की फिल्म की शूटिंग चल रही है जिसे लोग पहले ही नकार चुके हैं। हर बार ये लोग परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की टोकरी उठाकर यूपी की जनता से वोट माँगने निकल पड़ते हैं। अपने इस अभियान में ये लोग हमारी आस्था पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। यहाँ से जो कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी हैं, उन्हें तो भारत माता की जय बोलने में भी परेशानी होती है।

उन्होंने कहा, “आज जब पूरा देश राममय है, तब समाजवादी पार्टी के लोग रामभक्ति करने वालों को सार्वजनिक रूप से पाखंडी कहते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन वाले सनातन से घृणा करते हैं। अभी मैं द्वारका गया और समुद्र में नीचे जाकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। लेकिन कॉन्ग्रेस के शहजादे कहते हैं कि समुद्र के नीचे पूजा करने योग्य कुछ है ही नहीं। हमारी हजारों वर्ष की आस्था और भक्ति को ये लोग सिर्फ वोटबैंक के लिए खारिज कर रहे हैं।”

वह बोले- “बिहार और उत्तर प्रदेश में अपने आप को यदुवंशी कहने वाले नेताओं से मैं पूछना चाहता हूँ कि आप भगवान श्रीकृष्ण और द्वारका का अपमान करने वालों के साथ कैसे समझौता कर सकते हो।” उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के इसी खेल ने यूपी को और खासकर हमारे पश्चिमी यूपी को दंगों की आग में जलाया है यहाँ के लोग गुंडाराज को नहीं भुला सकते।

‘हम अलग-अलग समुदाय से, तुम्हारे साथ नहीं बना सकती संबंध’: कॉन्ग्रेस नेता ने बताया फयाज ने उनकी बेटी को क्यों मारा, कर्नाटक में हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन

कर्नाटक के हुबली में कॉन्ग्रेस के कार्पोरेटर निरंजन हिरेमठ की 23 वर्षीय बेटी नेहा की फयाज नाम के युवक ने हत्या कर दी। CCTV फुटेज में देखा गया कि फयाज ने नेहा पर कई बार चाकू से वार किया। वो कॉलेज में उसके साथ ही पढ़ता था। गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को हुए इस हत्याकांड में फयाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। नेहा ‘मास्टर्स इन कम्प्यूटर एप्लीकेशंस (MCA)’ की फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। मृतका और आरोपित, दोनों ही स्थानीय BVB कॉलेज में पढ़ते थे। हत्या से 5 मिनट पहले ही नेहा की माँ गीता ने उससे बात की थी, वो उसे लेने कॉलेज भी आई थी।

नेहा के पिता ने इस हत्याकांड के संबंध में जानकारी देते हुए बताया, “सुबह के 8 बजे से मेरी बेटी का क्लास था। शाम को साढ़े 4 बजे जैसे ही क्लास खत्म कर के जैसे ही बाहर आई, किसी अनजान व्यक्ति ने आकर 30 सेकेण्ड में 7-8 बार चाकू घोंपा, जिस कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वो नेहा का सीनियर था, उसने प्रोपोज किया था लेकिन मेरी बेटी ने उसका प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया। उसे ऐसी चीजें पसंद नहीं थीं, वो दूर रहती है, इसीलिए उसने इनकार कर दिया।”

मृतका के पिता निरंजन हिरेमठ ने बताया कि उनकी बेटी ने उक्त युवक को कड़े शब्दों में स्पष्ट कह दिया था कि हम अलग-अलग समुदाय के हैं, तुम्हारे साथ संबंध नहीं बढ़ा सकते। विद्यानगर पुलिस का कहना है कि उसने 1 घंटे के भीतर हत्यारे को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। पुलिस का कहना है कि फयाज ने नेहा की हत्या की, क्योंकि वो उसे नज़रअंदाज़ कर रही थी। पीठ और गर्दन पर चाकू घोंपा गया। KIMS अस्पताल में उसे ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद और केंद्रीय संसदीय मामलों, कोयला एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि कॉन्ग्रेस सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने हत्यारे के लिए कड़ी सज़ा की माँग की। वहीं छात्र संगठन ABVP ने हुबली और धारवाड़ में बंद का आह्वान किया है। मटर रोड्स स्थित श्मशान में नेहा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। फयाज बेलागावी के सवदत्ती का रहने वाला है। KLE टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से BCA करने के दौरान नेहा हिरेमठ और फयाज की जान-पहचान हुई थी।

पुलिस का कहना है कि फयाज ने नेहा के साथ रोमांटिक रिलेशनशिप बनाने की कोशिश कई बार की। नेहा के परिजनों ने फयाज को चेताया भी था और उसे दूर रहने को कहा था। उसकी हरकतों के कारण नेहा कई दिनों तक कॉलेज भी नहीं जा पाई थी। फिर वो MCA की परीक्षाएँ देने के लिए कॉलेज आ रही थी। हिन्दू संगठनों ने जिले के वकीलों से निवेदन किया है कि वो फयाज का केस न लड़ें। विद्यानगर पुलिस थाने के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया गया।

चंदामारी में BJP बूथ अध्यक्ष से मारपीट-पथराव, दिनहाटा में भाजपा कार्यकर्ता के घर के बाहर बम, तूफानगंज में झड़प: ममता बनर्जी के बंगाल में चुनाव के दिन भी जंगलराज

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आज (19 अप्रैल 2024) हो रही वोटिंग के बीच पश्चिम बंगाल से हिंसा की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वहाँ कूचबिहार के चंदामारी इलाके में जमकर पथराव हुआ। इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए हैं। तूफानगंज में भी झड़प हुई है। इसके अलावा कूचबिहार के ही दिनहाटा इलाके में भाजपा कार्यकर्ता के घर के बाहर के बाहर बम मिला है। सोशल मीडिया पर इसकी एक वीडियो भी सामने आई है। इसे देख आसपास के लोगों में दहशत बैठ गई है। बम एकदम घर के मुख्य दरवाजे से थोड़ी दूरी पर ही रखा दिख रहा है।

सोशल मीडिया पर सामने आ रही कूचबिहार की तस्वीरों को देख लगता है कि वहाँ वोटिंग वाले दिन माहौल ठीक नहीं है। लोग कह रहे हैं कि अगर ऐसा हाल रहा तो कौन वोट देने आएगा। एक वीडियो में दो ओर से पथराव होता दिख रहा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि कूचबिहार के चांदमारी में भाजपा के बूथ अध्यक्ष लाब सरकार के साथ मारपीट भी हुई है जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए हैं। उनके सिर में गहरी चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि बंगाल में पूर्व में चुनावों के समय हुई घटनाओं को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता शुरू से कह रहे थे कि वोटिंग के दिन राज्य में हिंसा हो सकती है और इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम पहले होने चाहिए। ऐसे में पोलिंग बूथों पर पुलिस की मुस्तैदी हर स्थिति को संभालने के लिए की गई थी, मगर फिर भी आज जब बंगाल में कूचबिहार पहले चरण में वोटिंग शुरू हुई और इस तरह से हिंसा की खबरें आईं तो भाजपा वाले इसका इल्जाम टीएमसी पर लगाने लगे। इधर बंगाल में 18 अप्रैल को टीएमसी के दो कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था। उस समय उत्तर बंगाल विकास मंत्री और टीएमसी के दिनहाटा विधायक उदयन गुहा ने बीजेपी पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था। हालाँकि, भाजपा का कहना था कि टीएमसी की अंदरुनी कलह है। इसमें बीजेपी का हाथ नहीं है।”

इजरायल ने किया ईरान पर हमला, एयरबेस को बनाया निशाना: कई बड़े शहरो में एयरपोर्ट बंद, हवाई उड़ानों पर भी रोक

इजरायल ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। इजरायल का यह हमला ईरान के इसफहान प्रांत में हुआ है। बताया गया है कि ईरान ने इसफहान प्रांत में एक एयरपोर्ट और ईरान के सैन्य साजोसामान को निशाना बनाया। अभी इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ईरान ने कहा है कि यह हमला काफी छोटा था और उसे कोई नुकसान नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार, इजरायल ने यह हमला शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) सुबह किया है। इजरायल ने यह हमला ड्रोन के जरिए किया है। ईरानी मीडिया का कहना है कि इजरायल का हमला सफल नहीं हो पाया क्योंकि उसने इजरायली ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

इसफहान में शुक्रवार सुबह तेज धमाके सुने गए। बताया जा रहा है कि इजरायल का हमला ईरान के असफ़हान के एयरपोर्ट को निशाना बना कर किया गया था। इस हमले के बाद ईरान के बड़े शहरो में एयरपोर्ट बंद कर दिए गए और साथ ही हवाई उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई। ईरान की राजधानी तेहरान भी इससे प्रभावित हुई है।

ईरानी अन्तरिक्ष एजेंसी के मुखिया ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इजरायली हमले के विषय में बताते हुए कहा कि यह कुछ ड्रोन के द्वारा किया गया था जिसने कोई नुकसान नहीं हुआ। ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि देश के सुरक्षा ढाँचे ने तीन ड्रोन मार गिराए थे। जिस जगह यह हमला हुआ वह ईरानी सेना का एक प्रमुख बेस माना जा रहा है।

कुछ न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल का यह हमला एक मिसाइल हमला था। हालाँकि, इस बात कि अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि इजरायल के इस हमले के विषय में 24-48 घंटे पहले सूचित कर दिया गया था। इजरायल का यह हमला ईरान के परमाणु संस्थानों के आसपास किया गया है। हालाँकि, ईरानी परमाणु प्रोग्राम को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

इजरायल का यह हमला ईरान के हमले का जवाब माना जा रहा है। ईरान ने हाल ही में इजरायल पर लगभग 300 ड्रोन के जरिए हमला किया था। ईरान ने इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया था। ईरान ने इजरायल पर मिसाइल भी दागी थी। इजरायल ने तमाम ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था।

ईरान और इजरायल के बीच यह तनाव 1 अप्रैल के बाद से चालू हुआ है। इजरायल ने 1 अप्रैल को सीरिया में ईरानी दूतावास को निशाना बनाया था। इजरायल ने इस दूतावास पर हवाई हमला किया था। इस हवाई हमले में ईरान के कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने बदला लेने की बात कही थी।

अगर आप दूध (अमूल) पीते हैं तो आप मांस (गाय) खा रहे हैं… आप गौहत्या करवा रहे हैं: मेनका गाँधी के आरोपों को कोऑपरेटिव सोसाइटी ने नकारा

भाजपा सांसद मेनका गाँधी ने Amul पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसे डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी ने नकार दिया है। सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में एक इंटरव्यू के दौरान वो इससे सहमति नहीं जताती हुई दिख रही हैं कि Amul किसानों की मदद करता है, उनका कहना है कि वो सिर्फ गायों को बड़ा करने और उन्हें बेचने व उनकी हत्या में किसानों की मदद करता है। साथ ही उन्होंने Amul पर कई गायों की हत्या का आरोप मढ़ते हुए कहा कि जैन समुदाय की सबसे अधिक जनसंख्या गुजरात में है, अमूल भी गुजरात में स्थित है और सबसे ज्यादा गोहत्या भी गुजरात में ही होती है।

लोकसभा चुनाव 2024 में सुल्तानपुर से भाजपा प्रत्याशी मेनका गाँधी कहती हैं, “प्रतिदिन कई ट्रकों में भर कर गायों को महाराष्ट्र के Allana (बीफ कंपनी) में ले जाया जाता है। इन सभी को मार डाला जाता है। ये गाये डेयरी से ले जाई जाती हैं। अगर मैं गलत नहीं हूँ तो भारत में पहला बूचड़खाना Amul ने ही स्थापित किया था। उन्होंने गोवा में ऐसा किया, क्योंकि वो गुजरात में ये नहीं कर सके। डेयरी वाले जानते हैं कि वो मीट इंडस्ट्री के लिए एक बिचौलिए हैं।”

मेनका गाँधी ने ये भी कहा कि अगर आप दूध पीते हैं तो आप गोहत्या में हिस्सा ले रहे हैं, आप समझिए कि मीट खा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर मेनका गाँधी के इस वीडियो में Amul के टैगलाइन से छेड़छाड़ करते हुए ‘अमूल खून पीता है इंडिया’ लिख कर शेयर किया गया। हालाँकि, Amul ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए सच्चाई बताई है। कोऑपरेटिव सोसाइटी ने कहा है कि गोवा में उसके द्वारा बूचड़खाना स्थापित किए जाने की फर्जी खबर सोशल मीडिया व व्हाट्सएप्प में फ़ैल रही है।

Amul ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि ये एक फर्जी खबर है, इस वीडियो में कई अन्य आधारहीन दावे किए गए हैं जो गलत हैं, फर्जी हैं। Amul ने कहा कि ऐसा कर के वो लोग उन लाखों महिला किसानों के योगदान का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने पिछले 77 वर्षों में कई पीढ़ियों को पोषण दिया है, भारत में फ़ूड सिक्योरिटी सुनिश्चित की है। भारत के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादन होने का जिक्र करते हुए Amul ने कहा कि डेयरी इंडस्ट्री में हमारा देश आत्मनिर्भर है।

Amul ने कहा, “डेयरी इंडस्ट्री ने हमारी महिला किसानों को सम्मान दिया है, रोजगार दिया है और उनके लिए नियमित आय की व्यवस्था की है। गुजरात के 36 लाख किसान जिनके पास Amul का स्वामित्व है, हम आश्वासन देते हैं कि ये लोग पशुओं का अपने परिवार के सदस्यों की तरह ख्याल रखते हैं। उन्हें प्यार मिलता है, उनका ध्यान रखा जाता है और हर उम्र में उनके लिए अच्छे इलाज की व्यवस्था की जाती है। इस वीडियो का इस्तेमाल भ्रामक सूचनाएँ फैलाने व ग्राहकों में गैर-ज़रूरी डर और चिंता बिठाने के लिए किया जा रहा है।”

Amul ने अंत में अपने बयान में निवेदन किया है कि उसके इस सन्देश को रिश्तेदारों-दोस्तों तक फैलाएँ और उन्हें आश्वस्त करें कि Amul एक जिम्मेदार ब्रांड है और इसके 36 लाख किसान अपने पशुओं से प्यार करते हैं, उनकी सुरक्षा करते हैं और उनका ध्यान रखते हैं। कोऑपरेटिव सोसाइटी ने किसी भी सवाल के जवाब के लिए उसके नंबर 18002593333 पर कॉल करने को कहा है। बता दें कि ‘गुजरात मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन’ की स्थापना गुजरात के आणंद में दिसंबर 1946 में हुई थी। ये भारत की ‘श्वेत क्रांति’ का अहम हिस्सा है।

फयाज ने कॉन्ग्रेस नेता की बेटी नेहा को चाकुओं से गोद कर मार डाला, कहा था – ‘मेरा ऑफर ठुकराया, उसे खत्म कर दूँगा’, CCTV में पूरा वीडियो कैद

कर्नाटक के हुबली में नेहा हिरेमठ नाम की 24 साल की युवती को फयाज नाम के लड़के ने चाकू घोंप-घोंपकर मार डाला। नेहा कॉन्ग्रेस के पार्षद निरंजन हिरेमठ की बेटी थी। फयाज ने कॉलेज कैंपस में ही उसे ताबड़तोड़ चाकू मारे।

पूरी घटना बीवी भूमाराद्दी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की है। नेहा वहाँ से MCA के प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रही थी। वहीं बेलगावी जिले के सावदत्ती का फयाज उसी कॉलेज से बीसीए पढ़ रहा था और किसी समय में वह नेहा का क्लासमेट भी था।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि फयाज कॉलेज के बाहर आकर नेहा का इंतजार कर रहा था और जैसे ही नेहा बाहर निकली उसने उसे चाकू घोंप दिया। उसने नेहा के गर्दन पर ताबड़तोड़ चाकू मारे। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद है। फुटेज में नजर आ रहा है कि फयाज अपना चेहरा ढककर आया था। जैसे ही नेहा के गर्दन से खून की धार निकली, वो वैसे ही वहाँ से हाथ में अपना हथियार लेकर फरार हो गया।

वीडियो में देख सकते हैं कि फयाज पहले नेहा के सामने आता है तो नेहा भागने की कोशिश करती है, मगर फयाज उसे पकड़ता है और जमीन पर लिटाकर उसे कई दफा चाकू घोंपता है। घटना के दौरान कई लोग नेहा की चीख सुनकर भागकर आते हैं, पर तब तक फयाज वहाँ से जा चुका होता है। इसके बाद आसपास जमा लोग पीड़िता को KIMS अस्पताल में भर्ती करवाते हैं लेकिन घाव गहरे होने के कारण नेहा बच नहीं पाती।

पुलिस ने अब इस मामले में फयाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि फयाज युवती पर उसके साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था और लड़की ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में फयाज उसका महीनों पीछा करता था। घटना वाले दिन जब नेहा उसके सामने आई तो उसने उसके गले पर वार किए, जो बताते हैं कि उसकी मंशा नेहा को जान से ही मारने की थी।

पुलिस की जाँच में भी सामने आया है कि फयाज अपने दोस्तों से बोलते हुए फिरता था कि जिस लड़की ने उसका ऑफर ठुकराया है वो उसे खत्म कर देगा। मामले के बारे में बताते हैं सिटी पुलिस कमिशनर रेणुका एस सुकुमार ने कहा वे दोनों (पिछले साल तक) बीसीए साथ में पढ़ रहे थे। लेकिन, बीसीए के बाद नेहा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और फयाज ने छोड़ दी।

पुलिस कमिश्नर के हिसाब से आरोपित को पकड़ लिया गया और पूछताछ की जा रही है। जाँच अधिकारी का कहना है कि ये मामला ऐसा लग रहा है जैसे प्रेम नकारे जाने के बाद फयाज ने ऐसी हरकत की है। मामले में नेहा की दोस्तों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि पता लग सके कि मर्डर का असली मोटिव था क्या? नेहा के परिजनों ने अब तक कहा है कि वो फयाज को नहीं जानते हैं। युवती ने कभी उन्हें उसके बारे में नहीं बताया।

घटना के बाद तमाम कॉन्ग्रेस नेता नेहा के परिवार को सांत्वना देने पहुँचे। इस दौरन एबीवीपी ने भी कॉलेज के आगे प्रदर्शन करते हुए आरोपित की गिरफ्तारी की माँग की है।

AAP विधायक अमानतुल्लाह नहीं हुए गिरफ्तार, आतिशी-संजय सिंह ने मचाया था हल्ला: आधी रात को एजेंसी ने पूछताछ के बाद छोड़ा

आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार नहीं किया है। उनसे केवल पूछताछ की गई है। गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) रात को उनकी गिरफ्तारी की खबर आई थी, इसको लेकर AAP नेताओं ने खूब शोर शराबा किया था। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान पूछताछ के बाद एजेंसी द्वारा छोड़ दिए गए।

अमानतुल्लाह दिल्ली स्थित ED के दफ्तर से रात्रि 1 बजे निकले। वह पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे पहुँचे थे। इसके बाद रात में उनकी गिरफ्तारी की खबर भी आई। अमानतुल्लाह के एक्स (पहले ट्विटर) पर भी यह दावा किया गया था कि उन्हें एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि, यह दावा फर्जी निकला और वह देर रात घर पहुँच गए।

अमानतुल्लाह खान ने ED दफ्तर से निकलने के बाद मीडिया से बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूछताछ में शामिल होने पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने उनसे जितने प्रश्न पूछे उन्होंने उन सभी के उत्तर दे दिए हैं, अपना बयान दर्ज करवा दिया है। उनसे लगभग 12-13 घंटे तक पूछताछ की गई। ED ने अगली बार उनसे कुछ दस्तावेज साथ लाने को कहा है।

अमानतुल्लाह के एजेंसी के दफ्तर से निकलने से पहले दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है। संजय सिंह ने इसे ऑपरेशन लोटस करार दे दिया था। वहीं आतिशी ने इसे भाजपा की साजिश बताया था। हालाँकि, गिरफ्तारी के दावे झूठे निकले और वह रात को घर लौट गए।

इससे पहले अमानतुल्लाह खान ED से बचते आए थे। वह ED के समन पर पेश नहीं हो रहे थे। उन्होंने इससे बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी सहारा लिया था। हालाँकि, उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी और उनके वकील ने कोर्ट को यह विश्वास दिलाया था कि वह 18 अप्रैल, 2024 को ED के सामने पेश होंगे।

अमानतुल्लाह खान से यह पूछताछ दिल्ली वक्फ बोर्ड घोटाला मामले में हुई है। ED ने आरोप लगाया है कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड में पैसों के बदले अवैध तरीके से कर्मचारियों की भर्तियाँ कर ‘अपराध के जरिए बड़ी रकम’ प्राप्त की और अपने सहयोगियों के नाम से प्रॉपर्टी में निवेश किया। वक्फ बोर्ड घोटाले के मामले में ED ने अमानतुल्लाह खान को नवंबर 2023 में गिरफ्तार भी किया था।

गौरतलब है कि ED ने साल 2016 में ही इस केस की जाँच शुरू की थी, जिसमें दिल्ली वक्फ बोर्ड में अवैध तरीके से लोगों को नौकरियाँ दी गई और बदले में उनके पैसे लिए गए।इससे दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ, लेकिन अमानतुल्लाह को पर्सनल फायदा पहुँचा। अमानतुल्लाह खान पर वक्फ की संपत्तियों को अवैध तरीके से पट्टे पर देने के भी आरोप हैं, जिसके बदले खान को पैसे मिले।

ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था। जिसमें अमानतुल्लाह खान पर अपने सहयोगियों के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीदने का मामला दर्ज हुआ। इस मामले में अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 11 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी।

बंगाल में मतदान से पहले CRPF जवान की मौत, सिर पर चोट के बाद बेहोश मिले: PM मोदी ने की वोटिंग का रिकॉर्ड बनाने की अपील, तमिलनाडु से लेकर मेघालय तक पोलिंग

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पहले चरण का मतदान शुक्रवार (19 फरवरी, 2024) को शुरू हो चुका है। इस चरण में कुल 102 सीटों पर मतदान चल रहा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के माथाभंगा में चुनावी ड्यूटी में लगे CRPF के जवान की मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुँच के जायजा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि बाथरूम में गिर जाने के कारण उक्त जवान के सिर में चोट आई थी।

घटना गुरुवार रात की है। बाथरूम में CRPF जवान लोगों को अचेत स्थिति में मिला, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जाँच-पड़ताल की जा रही है। 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदान की प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण की वोटिंग के साथ ही 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव खत्म हो जाएगा। जहाँ तक पश्चिम बंगाल की बात है, वहाँ कूचविहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में मतदान चल रहा है। जम्मू कश्मीर के उधमपुर में एक जोड़े ने शादी के तुरंत बाद वोट डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कई भाषाओं में ट्वीट करते हुए लिखा, “लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव आज से शुरू हो रहा है! लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में 21 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की 102 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इन सभी सीटों के मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग ज़रूर करें और वोटिंग का नया रिकॉर्ड बनाएँ। पहली बार वोट देने जा रहे अपने युवा साथियों से मेरी यह विशेष अपील है कि वे भारी संख्या में मतदान करें। लोकतंत्र में हर वोट कीमती है और हर आवाज का महत्व है!”

मध्य प्रदेश में 6 लोकसभा सीटों पर मतदान चल रहा है। वहीं अंडमान की एकमात्र सीट पर भी मतदान पहले चरण में ही संपन्न हो जाएगा। मेघालय में भी मतदान संपन्न हो जाएगा। असम में 5 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी इसी दिन मतदान है। चेन्नई में कॉन्ग्रेस नेता P चिदंबरम और नागपुर में RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और लक्षद्वीप में भी मतदान आज ही संपन्न हो जाएगा।

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में 21 राज्य-केंद्रशासित प्रदेशों के 102 सीटों पर मतदान: 8 केंद्रीय मंत्री, 2 Ex CM और एक पूर्व राज्यपाल समेत मैदान में 1625 प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव 2024 में शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को पहले चरण के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 संसदीय सीटों पर मतदान होगा। इन सभी लोकसभा एवं विधानसभा सीटों के लिए बुधवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम राज्य की 92 विधानसभा सीटों पर भी शुक्रवार को मतदान कराया जाएगा। हालाँकि सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के नतीजे 2 जून को ही आ जाएँगे। चुनाव आयोग ने इसके लिए सारी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान

चुनाव आयोग के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उत्तर प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों, अरुणाचल प्रदेश की 2, असम की 14, बिहार की चार, छत्तीसगढ़ की 11, मध्य प्रदेश छह सीट, महाराष्ट्र की पाँच, मणिपुर की दो सीट, मेघालय की सभी दो सीट, मिजोरम की एक, सिक्किम की एक, नगालैंड की एक, राजस्थान की 12, तमिलनाडु की सभी 39, त्रिपुरा की एक सीट, लक्षद्वीप की इकलौती, पुडुचेरी की इकलौती सीट, उत्तराखंड की सभी पाँच, पश्चिम बंगाल की तीन, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की इकलौती सीट और जम्मू-कश्मीर की एक लोकसभा सीट पर मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होगा और 6 बजे तक चलेगा। 6 बजे के बाद जो लोग लाइन में होंगे, वो देर तक मतदान करते रहेंगे।

इस दौरान 18 लाख से अधिक मतदान अधिकारी 1.87 लाख मतदान केंद्रों पर 16.63 करोड़ से अधिक मतदाताओं का स्वागत करेंगे। मतदाताओं में 8.4 करोड़ पुरुष; 8.23 करोड़ महिला और 11,371 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

इन महत्वपूर्ण सीटों पर मतदान

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर सबकी नजरें होंगी। इन महत्वपूर्ण सीटों में यूपी की सहारनपुर, रामपुर, पीलीभीत, मुजफ्फरनगर सीट है, तो असम की डिब्रूगढ़, सोनितपुर सीट पर भी सबकी नजर होगी। वहीं, नक्सल हिंसा प्रभावित छत्तीसगढ़ की बस्तर भी काफी अहम होगी। पहले चरण में बिहार की जमुई और गया सीट पर भी सबकी नजर रहने वाली है, तो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की उधमपुर सीट भी काफी अहम है।

इसके अलावा मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा, तमिलनाडु की चेन्नई उत्तर, चेन्नई दक्षिण, चेन्नई सेंट्रल, कोयंबटूर, थूथुक्कुडी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, मणिपुर दो आंतरिक और बाह्य सीट, राजस्थान की बीकानेर और पश्चिम बंगाल की कूचबिहार और अलीपुरद्वार पर भी सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

इन चेहरों पर सबकी निगाहें

उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर सीट से केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान चुनाव मैदान में हैं। राजस्थान के अलवर से केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बीकानेर से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, तमिलनाडु की नीलगिरी लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन चुनाव मैदान में हैं। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई कोयंबटूर से मैदान में हैं, उनपर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में नागपुर लोकसभा सीट से नितिन गडकरी चुनाव मैदान में हैं। वो दो बार ये सीट जीत चुके हैं, इस बार वो हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में हैं। जम्मू-कश्मीर की उधमपुर सीट से केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मैदान में हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू तीन बार के सांसद हैं। उनपर भी सबकी निगाहें होगीं, तो केन्द्रीय मंत्री एवं असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल असम के डिब्रूगढ़ से चुनावी मैदान में हैं। तेलंगाना की राज्यपाल और पुडुचेरी की उपराज्यपाल पद से इस्तीफा देकर राजनीति में लौटी तमिलिसाई सौंदर्यराजन चेन्नई दक्षिण से चुनाव लड़ रही हैं।

कॉन्ग्रेस के बड़े उम्मीदवारों की बात करें तो शिवगंगा के सांसद कार्ति चिदंबरम फिर से चुनाव मैदान में हैं। उनके पिता और कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रहे चिदंबरम यहाँ से सात बार जीत चुके थे। असम की कलियाबोर सीट से गौरव गोगोई पर सभी की नजरे होंगी। वहीं, उत्तरी राजस्थान में भाजपा के गढ़ चूरू से दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र झाझरिया पहली बार चुनावी मैदान में हैं। एमपी के छिंदवाड़ा से नकुलनाथ पर भी सभी की निगाहें होंगी।

सात चरण में हो रहा लोकसभा चुनाव

गौरतलब है कि 19 अप्रैल को लोकसभा की 102 सीटों पर मतदान होना है। इन सीटों पर चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, लोकसभा चुनाव सात चरण में होंगे। दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को 89, तीसरे चरण के तहत 7 मई को 94, चौथे चरण के तहत 13 मई को 96, पाँचवें चरण के तहत 20 मई को 49, छठे चरण के तहत 25 मई को 57 और सातवें चरण के तहत 1 जून को लोकसभा की 57 सीटों पर मतदान होगा। नतीजों की घोषणा 4 जून को होगी।

हनुमान दीक्षा ले रहे हिंदू छात्रों को मिशनरी स्कूल प्रशासन ने कक्षा में जाने से रोका, तनाव के बाद परिसर में तोड़फोड़, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR

तेलंगाना के एक ईसाई मिशनरी स्कूल में छात्रों के धार्मिक पोशाक पहनने पर स्कूल प्रशासन ने आपत्ति जताई, जिसके बाद तनाव उत्पन्न हो गया और स्कूल में तोड़फोड़ की घटना हुई। यह घटना 16 अप्रैल 2024 को मंचेरियल जिले के कन्नेपल्ली गाँव में लक्सेटिपेट के मदर टेरेसा स्कूल में हुई। यहाँ पर कुछ हिंदू छात्र ‘हनुमान दीक्षा पोशाक’ पहनकर पहुँचे थे।

भगवा रंग की धार्मिक पोशाक पहने हुए छात्रों को कथित सूचित किया गया था कि यदि वे बिना स्कूल यूनीफॉर्म के स्कूल आना चाहते हैं तो उनके माता-पिता को इसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी। जब छात्र भगवा कपड़े और माला पहनकर आए तो स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें क्लास में जाने की अनुमति नहीं दी। उन्हें तब तक बाहर खड़ा रखा गया, जब तक वे अपने माता-पिता को स्कूल नहीं बुला लाए।

छात्रों द्वारा अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी गई तो एक धार्मिक समूह के सदस्य स्कूल के बाहर पहुँचे और विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने छात्रों को उनकी पोशाक के कारण स्कूल में प्रवेश करने और उनकी वार्षिक परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं देने के लिए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

कुछ देर बाद में कुछ प्रदर्शनकारी स्कूल में घुस गए और खिड़कियों में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के हेडमास्टर सहित कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई तो वह मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करने लगी। इस दौरान प्रदर्शनकारी स्कूल स्टाफ से माफी की माँग कर रहे थे।

वहीं, स्कूल प्रबंधन ने तोड़फोड़ को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच, अभिभावकों ने भी स्कूल के खिलाफ उनके बच्चों को कक्षा में प्रवेश नहीं करने देने की शिकायत दर्ज करायी है। मामला धारा 153 (ए) (धर्म या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295 (ए) (धार्मिक भावनाओं का अपमान) के तहत दर्ज कर लिया गया।

अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों ने 21 दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत धार्मिक पोशाक पहन रखी थी। उन्होंने कहा कि स्कूल एक समुदाय की धार्मिक प्रार्थना की अनुमति देता है, लेकिन वे हनुमान दीक्षा के दौरान छात्रों को धार्मिक पोशाक पहनने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

एक छात्र के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे और कक्षा 4 में उसके दो सहपाठियों को स्कूल से निकाल दिया गया, क्योंकि वे ‘हनुमान दीक्षा माला’ पहने हुए थे। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ एक समुदाय को प्रार्थना की अनुमति है, लेकिन हनुमान दीक्षा, जिसके दौरान लोग मोतियों की माला और भगवा पोशाक पहनते हैं, की अनुमति नहीं है।

घटना के बारे में बात करते हुए मंचेरियल के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अशोक कुमार ने कहा, “परीक्षाएँ चल रही थीं। परीक्षा के बाद प्रिंसिपल ने छात्रों से कहा कि वे यूनीफॉर्म में आएँ। अगर वे भगवा कपड़े पहनना चाहते हैं तो उन्हें इजाजत लेनी होगी। इससे माता-पिता भड़क गए। पहले भी प्रिंसिपल के खिलाफ कुछ शिकायतें थीं और यह बात अभिभावकों के मन में थी।”

DCP अशोक कुमार ने आगे कहा, “मंगलवार का दिन था और पास में ही एक मंदिर है। मामला बढ़ गया और फिर तोड़फोड़ हुई।” पुलिस के अनुसार, युवा 21 दिन की अराधना कर रहे थे जिसे ‘हनुमान दीक्षा’ के नाम से जाना जाता है। दांडेपल्ली पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और बच्चों के माता-पिता के आरोपों के जवाब में दो एफआईआर दर्ज की हैं। अपराधियों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो देख रही है।

अपनी शिकायत में स्कूल प्रशासन ने चार संदिग्धों सहित कई लोगों पर परिसर में घुसने, स्कूल स्टाफ को जबरन हिरासत में लेने की तैयारी करने, उस पर शारीरिक हमला करने और कक्षा की खिड़कियाँ तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने 30,000 रुपए मूल्य की संपत्ति के नुकसान का दावा किया है और कहा है कि गेट और मदर टेरेसा की एक मूर्ति को तोड़ दिया गया है।

स्कलू की देखरेख करने वाले मिशनरी कॉन्ग्रिगेशन ऑफ द ब्लेस्ड सैक्रामेंट (एमसीबीएस) के सदस्य एवं स्कूल के स्टाफ फादर जैमन जोसेफ के अनुसार, छात्रों को 15 अप्रैल को परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा, “गलत खबर को सोशल मीडिया पर फैलाई गई, जिसके कारण मंगलवार की सुबह 500 से अधिक लोग स्कूल पहुँचे और लगभग चार घंटे तक हमला किया। यह पूर्व नियोजित था।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रिंसिपल ने सोमवार दोपहर छात्रों से कहा कि उन्हें भगवा कपड़े पहनकर आने की अनुमति लेनी होगी। अगर उनके माता-पिता ने हमें फोन भी किया होता तो हम अनुमति दे देते। मंगलवार की सुबह भी एक छात्र भगवा कपड़े में आया और हमने उस छात्र को नहीं रोका। तब तक एक बड़ी भीड़ स्कूल में आ गई और हम पर हमला कर दिया।”

(यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है। आप इस पर क्लिक करके इसे पढ़ सकते हैं।)