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1200 निर्दोषों के नरसंहार पर चुप्पी, जवाबी कार्रवाई को ‘अपराध’ बताने वाला फोटोग्राफर TIME का दुलारा: हिन्दुओं की लाशों का ‘कारोबार’ करने वाले को भी ऐसे ही मिला था ‘अवॉर्ड’

Time मैगजीन ने 2024 में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची जारी की है, जिसमें ‘आइकॉन्स’ वाली केटेगरी में फिलिस्तीन के फोटोग्राफर मोताज़ अज़ैज़ा को भी जगह दी गई है। मीडिया संस्थान का कहना है कि मोताज़ अज़ैज़ा गाजा में 108 दिनों तक दुनिया की आँख और कान बन कर रहे। कहा गया है कि कैमरा और PRESS लिखे सुरक्षा जैकेट से लैस 25 वर्षीय फोटोग्राफर ने लगभग 4 महीने गुजार कर गाजा में इजरायली बमबारी को कवर किया, पलायन को दिखाया, अपने सगों की मौत पर रोती महिलाओं को दिखाया और मलबे में फँसे व्यक्ति को दिखाया।

फोटोग्राफर मोताज़ अज़ैज़ा बना Time का दुलारा

मोताज़ अज़ैज़ा ने खुद को फिलिस्तीनी बताए जाने पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने देश का नाम अपनी उपलब्धि के साथ साझा करने पर गर्व है। इस दौरान इस मंच का इस्तेमाल वो अंतरराष्ट्रीय प्रोपेगंडा के लिए करना नहीं भूले और उन्हें ललकारा जो लोग फिलिस्तीन को अलग मुल्क की मान्यता नहीं देते या जो इसे अपनी जमीन बताते हैं। मोताज़ अज़ैज़ा ने कहा कि फिलिस्तीन ‘यहूदी कब्जे’ से एक दिन मुक्त होगा और इसमें सब अपना किरदार अदा कर रहे हैं और उनका किरदार अभी खत्म नहीं हुआ है।

क्या आपने कभी देखा है कि ‘Time’ मैगजीन ने किसी ऐसे फोटोग्राफर को प्रभावशाली लोगों की सूची में डाला हो, जिसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रह बर्बरता की तस्वीरें खींची हो? जिसने ISIS, अलकायदा या बोको हराम जैसे क्रूर इस्लामी आतंकी संगठनों द्वारा पीड़ित लोगों की तस्वीरें खींची हों? जिसने म्यांमार में रोहिंग्या द्वारा किए जाने वाले हिन्दुओं और बौद्धों के नरसंहार को दिखाया हो? शायद ऐसी तस्वीरें Time के एजेंडा को सूट नहीं करती, इसीलिए ऐसे फोटोग्राफरों को इनाम नहीं दिया जाता।

Time ने बड़ी चालाकी से लिखा है कि 7 अक्टूबर, 2024 से लेकर अब तक गाजा में 95 पत्रकार मारे जा चुके हैं, लेकिन उसने ये नहीं बताया कि उससे पहले क्या हुआ था। फोटोग्राफर मोताज़ अज़ैज़ा की तारीफ़ करते हुए कहा गया है कि वो गाजा में युद्ध रुकवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यानाकर्षण चाहते हैं, उन्हें सोशल मीडिया पर लाइक-शेयर की चिंता नहीं है, बल्कि वो चाहते हैं कि दुनिया अब एक्शन ले। इंस्टाग्राम पर उनके 1.82 करोड़ फॉलोवर्स हैं।

Time पर उक्त फोटोग्राफर का प्रोफाइल उसकी पत्रकार यास्मीन सेरहन ने लिखा है, जो सोशल मीडिया पर इजरायल विरोधी प्रोपेगंडा के लिए कुख्यात हैं। Time पर उनके लेख आप देखेंगे तो किसी में इजरायल और उसके साथी देशों पर युद्ध अपराधी होने का आरोप मढ़ा गया है, किसी में कहा गया है कि इजरायल वैश्विक विश्वसनीयता खो चुका है, किसी में राम मंदिर को सांप्रदायिक बताया गया है। बड़ी बात तो ये है कि 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए जिस हमले में 1200 लोग मारे गए, उस पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

हर जगह वामपंथी-इस्लामी गिरोह की वही फितरत

वामपंथी-इस्लामी गिरोह की 3 प्रमुख खासियत है – उनके कनेक्शंस बहुत मजबूत होते हैं, वो जिस जनसमूह को अपना विरोधी मानते हैं उसका नरसंहार भी हो जाए तो चूँ तक नहीं करते और वो नए-नए किस्म के शब्द गढ़ कर खुद को बुद्धिजीवी दिखाते हैं। भारत में भी असहिष्णुता, मॉब लिंचिंग, भगवा आतंकवाद, हिन्दू नेशनलिस्ट जैसे शब्द गढ़े गए, ‘जय श्री राम’ को वॉर कराई बताया गया। सेक्युलरिज्म जैसे शब्द तो अक्सर उनके मुँह पर ही रहता है। भारत में आजकल ये गिरोह ‘संविधान बचाओ’ नारे के साथ चुनावी मैदान में है।

अगर कनेक्शन मजबूत नहीं होते तो मोताज़ अज़ैज़ा Time में न आ जाता। इसका एक और उदाहरण देखिए, हाल ही में उसने राशिदा तलैब से मिला था। वो फिलिस्तीनी मूल की अमेरिकी सांसद हैं, इजरायल के खिलाफ अमेरिकी नीति को प्रभावित करने की कोशिश में लगी रहती हैं। दूसरी बात, 7 अक्टूबर को इस गिरोह ने पूरी तरह छिपा दिया। आइए, जानते हैं कि 7 अक्टूबर को ऐसा क्या हुआ था कि इजरायल को जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।

7 अक्टूबर को भुलाया: ‘क्रिया’ गायब, ‘प्रतिक्रिया’ की कवरेज

उस दिन हमास के आतंकी बड़ी संख्या में इजरायल में घुसे और 1200 लोगों का नरसंहार किया, जिसमें महिलाएँ-बच्चे शामिल थे। पालतू जानवरों तक को गोली मारी गई। घरों को लूट कर फूँक दिया गया। मजहबी नारे लगाए गए। रीम में ‘सुपरनोवा’ म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल महिलाओं का अपहरण किया गया, उनके साथ बलात्कार हुआ। वहाँ 300 के करीब लाशें मिलीं। शानी लॉक नाम की जर्मन महिला को किस तरह नग्न कर के परेड निकाला गया, इसका वीडियो भी सबने देखा।

क्या आपने इस ‘क्रिया’ की कवरेज देखी? नहीं। लेकिन, अपने हजार से अधिक लोगों का बेरहमी से क़त्ल किए जाने और पूरी जनता के भयाक्रांत होने के बाद एक छोटे से मुल्क ने जवाबी कार्रवाई कर दी तो उस ‘प्रतिक्रिया’ को युद्ध अपराध बता कर कथित पीड़ितों की तस्वीरें लेने वालों को प्रभावशाली लोगों की सूची में डाला जाने लगा। हमास ने जो आतंकी हमला किया, उन 1200 लाशों में से किसी एक की भी तस्वीर Time ने लगाईं, अपने फोटोग्राफर भेजे?

और हाँ, हमास खुद ही अपने लोगों का इस्तेमाल खुद को पीड़ित दिखाने के लिए करता रहा है। एक बार इजरायल की सेना फिलिस्तीन में घुसी थी तो वहाँ महिलाओं-बच्चों को एक इमारत में वहीं की फ़ौज ने बंधक बना कर रखा था। इजरायली सेना ने उन्हें छुड़ा कर निकाला, फिर इमारत को उड़ाया। हमास जब खुद ऐसी हरकतें करता है, फिर फिलिस्तीन के लोगों की इस हालत के लिए इजरायल कैसे जिम्मेदार हुआ, यहूदी कैसे दोषी हुए? वामपंथी-इस्लामी कौन सा गणित पढ़ कर ये गणनाएँ करते हैं?

दानिश सिद्दीकी: जिन आतंकियों का था हमदर्द, उन्होंने ही मार डाला

दानिश सिद्दीकी आपको याद हैं? वही Reuters का फोटोग्राफर, जो कोरोना के दौरान हिन्दुओं की जलती चिताओं की तस्वीरें बेच-बेच कर कमाई करता था। उसने इस्लामी कब्रिस्तानों की एक भी तस्वीर नहीं ली, हिन्दुओं की लाशों का सौदा किया। इसके लिए उसे दोबारा पुलित्जर पुरस्कार तक से सम्मानित कर दिया गया। कंधार के स्पिन बोल्डक में अफगानिस्तान फौजियों और तालिबान के बीच युद्ध को कवर करते समय आतंकियों ने उसे भी मार डाला, उसकी लाश के साथ बदतमीजी की।

ये वही इस्लामी आतंकी थे, जिनकी वो पैरवी करता था। रोहिंग्यों की तस्वीरें खींचने के लिए उसे पहली बार पुलित्जर इनाम मिला था। वही रोहिंग्या, जो भारत में घुसपैठ करते हैं, अवैध रूप से रह कर अपराधों को अंजाम देते हैं। वही रोहिंग्या, जिन्होंने अगस्त 2017 में म्यांमार में 100 से भी अधिक हिन्दुओं का नरसंहार किया। महिलाओं के सामने ही पुरुषों को काट डाला गया। महिलाओं-बच्चों को भी काटा गया। दानिश सिद्दीकी इन्हीं आतंकियों की पैरवी करता था, उसके ही वैचारिक भाइयों ने उसकी जान ले ली।

‘7 बच्चे अल्लाह की देन, लेकिन गरीबी मोदी की’ वोट देकर निकली मुस्लिम महिला ने दिया तर्क, बताया हिन्दुओं में होते 2-3 लेकिन मुस्लिमों में 5-6

शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) से देश में लोकसभा चुनाव 2024 की शुरुआत हो गई। शुक्रवार को वोटिंग का पहला चरण चालू हुआ है। पहले चरण से ही मतदान के बाद देश के मूड का अंदाज लगाया जा रहा है। इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ है जहाँ वोट देकर निकली मुस्लिम महिलाएँ राजद को वोट देने के पीछे अपने तर्क बता रही हैं। इस बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक मुस्लिम महिला कह रही है कि बच्चे अल्लाह की देन हैं, जबकि महंगाई पीएम मोदी की।

बिहार के गया में चुनाव पर रिपोर्टिंग कर रही एक महिला रिपोर्टर ने जब मतदान के बाद मुस्लिम महिलाओं से वोट करने के विषय में पूछा तो उन्होंने काफी चौंकाने वाले जवाब दिए। एक मुस्लिम महिला रज़ा खातून ने महंगाई का जिम्मेदार पीएम मोदी को बताया। महिला के सात बच्चे थे।

रिपोर्टर ने बुर्का पहने मुस्लिम महिला से पूछा कि वह वोट किन मुद्दों पर करके आई है। महिला ने जवाब दिया कि वह महंगाई पर वोट करके आई है और उनसे तेजस्वी यादव की पार्टी को वोट दिया है। महिला ने महंगाई को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। महिला ने बताया वह अब बदलाव चाहती है।

महिला ने कहा महंगाई बहुत ज्यादा है, गरीब आदमी को रोजगार नहीं है इसलिए वह तेजस्वी को वोट देकर आई है। महिला ने कहा कि यदि राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह देश बदल देंगे। महिला ने इसके बाद प्रश्न पर बताया कि उसके सात बच्चे हैं। जब उससे ज्यादा बच्चों के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि बच्चे अल्लाह की देन हैं। इसके बाद उससे पूछा गया कि जब बच्चे ज्यादा हैं तो घर चलाने में परेशानी आना लाजमी बात है तो उसने कहा कि बच्चे अल्लाह की देन हैं लेकिन गरीबी मोदी जी कि देन है।

एक महिला ने बताया कि उनके 10 बच्चे हुए। एक युवती ने बताया कि उसके 6 बच्चे हैं। ज्यादा बच्चों पर उससे प्रश्न पूछा गया तो उसने बताया कि हिन्दुओं में कम बच्चे होते हैं, मुस्लिमों में बच्चे ज्यादा होते हैं। उसने इसे किस्मत की बात बताया। रिपोर्टर ने अन्य मुस्लिम महिलाओं से भी बात की जिन्होंने तेजस्वी यादव् के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ भी तेजस्वी उनका (मुस्लिमों का) साथ देंगे। यह वीडियो आप नीचे लगे लिंक पर देख सकते हैं।

शुक्रवार को देश के 21 राज्यों-केन्द्रशासित प्रदेशों में मतदान हो रहा है। इस चरण में 102 सीटों पर मतदान हो रहा है।

10 नए शहर, ₹10000 करोड़ के नए प्रोजेक्ट… जानें PM मोदी तीसरे कार्यकाल में किस ओर देंगे ध्यान, तैयार हो रहा 100 दिन का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहे अनुसार चुनाव के बाद के कार्यों के लिए सरकारी अधिकारियों ने 100 दिन का रोडमैप बनाना शुरू कर दिया है। इस नए प्लान में 10 नए शहरों के विकास के लिए एजेंडा तैयार हो रहा है। ये प्लान इस तह का बनाया गया है कि इसे लागू करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की शुरुआती फंडिंग लगेगी।

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से इसकी जानकारी दी गई है। अधिकारी के नाम का खुलासा रिपोर्ट में नहीं हुआ है लेकिन ये बताया गया है कि योजनाओं में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का विस्तार करने के लिए लगभग 10 नए शहर स्थापित करना शामिल है। इसके अलावा जनसंख्या की बढ़ती रफ्तार को रोकना भी इसमें एक मुद्दा है।

बताया जा रहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी ने घोषणापत्र में जो अपने विकास के वादे किए हैं, ये प्रस्ताव उन्हीं लक्ष्यों का विस्तार रूप हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दावा है कि अधिकारी किफायती घरों के लिए ऋण पर एक नई ब्याज सब्सिडी योजना की योजना पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसकी घोषणा पहली बार मोदी ने पिछले साल की थी। सब्सिडी का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देना है।

इस प्लान के तहत के और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते का समापन होने की बात भी रिपोर्ट में है। साथ ही 2035 तक भारत में निर्मित वाणिज्यिक विमानों के लिए एक उद्योग विकसित करना शामिल होगा। वाहन प्रदूषण रोकने पर भी ध्यान देने को भी इस प्रस्ताव में जगह दी गई है। कहा गया है कि राज्यों को दबाव देकर इन्हें सुधार की दिशा में काम करने को कहा जाएगा और नगर निगमों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके अलावा भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता कानून को संशोधित करने की सिफारिश भी इसमें है जिससे रिटर्न अधिक मिलने में मदद हो।

बता दें कि पीएम मोदी का सपना देश को 2047 तक विकसित देश बनाने का है। कुछ अर्थशास्त्री इसे संंभव बताते हैं तो कुछ कहते हैं कि अगर विकास की दर 8 फीसद से नीचे हुई तो ये सपना पूरा नहीं होगा। ऐसे में पीएम मोदी ने अधिकारियों से पहले से कहा था कि वो प्लान तैयार रखें ताकि बिन समय गँवाए काम शुरू हो सके।

मुस्लिम ठेकेदार ने पहचान छिपा हिंदू इंजीनियर लड़की से किया जबरन निकाह, पहनाया बुर्का… मुस्तफा ने किडनैप की नाबालिग हिंदू लड़की: अपराध में मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल

महाराष्ट्र और त्रिपुरा से लव जिहाद की दो घटनाएँ सामने आई हैं। पहली घटना छत्रपति संभाजी नगर की है, जहाँ एक मुस्लिम कॉन्ट्रैक्टर ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर एक हिंदू इंजीनियर लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराया और निकाह कर लिया। तीनों ने उसके साथ मारपीट भी की। अब पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

दूसरी घटना त्रिपुरा की है, जहाँ एक नाबालिग हिंदू लड़की को मोहम्मद मुस्तफा ने ज्योत्सना खातून के साथ मिलकर एक लड़की को घर छोड़ने के बहाने किडनैप कर लिया और असम लेकर भाग गया। पुलिस ने इस मामले में भी तीन को गिरफ्तार किया है और नाबालिग लड़की को मुक्त कराया है।

दोनों ही घटनाओं में मुस्लिम महिलाओं का हाथ सामने आया है। महाराष्ट्र में ताहेर पठान, तैय्याब शब्बीर पठान और आयेशा बहेर पठान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, तो त्रिपुरा के मामले में मोहम्मद मुस्तफा और उसकी मदद करने वाले पार्था नाग के साथ ही ज्योत्सना खातून को गिरफ्तार किया है।

महाराष्ट्र लव जिहाद का गंभीर मामला

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक मुस्लिम कॉन्ट्रैक्टर ने हिंदू महिला इंजीनियर को जबरन इस्लाम में कन्वर्ट कराया और निकाह कर लिया। इस मामले में पुलिस ने ताहेर पठान, तैय्यब शब्बीर पठान और आयेशा बहेर पठान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि ताहेर पठान ने अपनी पहचान छिपाकर और खुद को अविवाहित बताकर हिंदू इंजीनियर लड़की को प्रेम जाल में फाँसा और 11 फरवरी 2024 को उसे इस्लाम में कन्वर्ट करा दिया। ये लोग उस पर नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और जबरन निकाह करवाने में शामिल थे।

इस मामले की एफआईआर सिटी चौक पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसी इलाके में कुछ दिनों पहले दो नाबालिग लड़कियों का भी जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने की बात सामने आई थी।

त्रिपुरा से अपहृत नाबालिग असम से बरामद

त्रिपुरा के सेपहीजला जिले में स्थित बिशालगढ़ पुलिस थाना इलाके से 15 अप्रैल को एक नाबालिग लड़की का स्कूल से घर लौटते समय अपहरण कर लिया गया। इस मामले में ज्योत्सना खातून नाम की महिला ने नाबालिग को गाड़ी में ये कहकर बिठाया कि वो लोग उसे घर छोड़ देंगे, इसके बाद मोहम्मद मुस्तफा गाड़ी को लेकर असम भाग गया। पुलिस ने उसे ही मास्टरमाइंड बताया है। लड़की की तलाश में लगी पुलिस ने अगले ही दिन असम के सिलचर के एक होटल से उसे बरामद कर लिया और आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुस्तफा के साथी पार्था दास को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, एक कमांडेंट जख्मी: बंगाल में बम मिले और मणिपुर में फायरिंग, बिहार से SLR रायफल चोरी, लोकसभा चुनाव में कई जगह हिंसा

सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के मतदान के दौरान शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा की कई घटनाएँ सामने आ रही हैं। पश्चिम बंगाल के साथ-साथ मणिपुर और छत्तीसगढ़ में भी हिंसा की खबर है। वहीं, बिहार के नवादा में बूथ संख्या 234 पर एक सिपाही की SLR रायफल और 20 गोलियाँ चोरी हो गईं। सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है।

मणिपुर के इनर लोकसभा सीट के अंतर्गत बिष्णुपुर जिले के थमनपोकपी में एक मतदान केंद्र पर गोलीबारी हुई, जिसमें 3 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इम्फाल पूर्व के थोंगजू के एक बूथ पर EVM में तोड़फोड़ की खबर है। राज्य की दोनों लोकसभा सीटों- इनर मणिपुर और आउटर मणिपुर सीट पर आज वोटिंग हो रही है। अब आउटर सीट के हिंसा प्रभावित इलाकों के कुछ बूथ पर 26 अप्रैल को भी वोटिंग होगी।

मणिपुर में कुकी समुदाय के ग्रुप यंग कुकी ने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने नारा लगाया कि ‘न्याय नहीं तो वोट भी नहीं‘। इस समूह से करीब 1000 लोग जुड़े हुए हैं। ग्रुप की सदस्य हटजल हॉकिप कहती हैं, “यंग कुकी कोई ऑर्गेनाइजेशन नहीं है और न ही ये किसी से जुड़ा है। कुकी युवाओं के अधिकारों की बात करता है। हम मणिपुर में बने हालात की वजह से इस चुनाव के खिलाफ हैं।”

वहीं, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर थाना इलाके के गलगम में अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL) सेल ब्लास्ट होने से एक जवान को चोट आई है। इससे 500 मीटर के फासले पर ही मतदान केंद्र है। घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया है। उधर, भैरमगढ़ के चिहका गाँव में इलेक्शन ड्यूटी पर तैनात CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट IED ब्लास्ट में घायल हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के चांदमारी इलाके में जमकर पथराव हुआ। इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए हैं। भाजपा के बूथ अध्यक्ष लाब सरकार के साथ मारपीट हुई है। बीजेपी नेता के सिर में चोट आई है। कूचबिहार के ही दिनहाटा में भाजपा कार्यकर्ता के घर के बाहर के बाहर बम मिला है। राज्य के तूफानगंज और दिनहाटा ब्लॉक के भेटागुड़ी में भी झड़प की भी खबर है। राजाखोरा क्षेत्र में तनाव है।

दिनहाटा इलाके में मिले बम का सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। इसे देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई है। सोशल मीडिया पर सामने आ रही कूचबिहार की तस्वीरों को देखकर लगता है कि वहाँ वोटिंग वाले दिन माहौल ठीक नहीं है। जलपाईगुड़ी के डाबग्राम-फूलबाड़ी जैसे कुछ इलाकों में कुछ राजनीतिक दलों के अस्थायी कार्यालयों में आग लगा दी गई है।

लोग कह रहे हैं कि अगर ऐसा हाल रहा तो कौन वोट देने आएगा। एक वीडियो में दो ओर से पथराव होता दिख रहा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि कूचबिहार के चांदमारी में भाजपा के बूथ अध्यक्ष लाब सरकार के साथ मारपीट भी हुई है जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए हैं। उनके सिर में गहरी चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, बारोकोडाली ग्राम पंचायत में भी हमला किया गया है। कहा जा रहा है कि सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक नेता पर हमला किया गया है। पार्टी के नेताओं ने इसको लेकर भाजपा पर आरोप लगाया है। उनके बूथ अध्यक्ष के नेतृत्व में सुबह मतदान केंद्र 226 और 227 पर पहुँचने से पहले तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हिंसा की।

जिस निजाम अशगर हाशमी ने उमेश का गला काटा, हाईकोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा रद्द कर दे दी बेल: गर्लफ्रेंड के भाई का मिला था शव

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रेमिका के चचेरे भाई का सर काटकर मौत के घाट उतारने वाले निजाम असगर हाशमी की उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है, साथ ही उसे जमानत भी दे दी है कि वो कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र होगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने हत्या में प्रयुक्त बाँके पर मिले खून के निशान वाली रिपोर्ट को भी नहीं माना और कहा कि निजाम असगर हाशमी करीब साढ़े 5 से ज्यादा समय जेल में बिताया है, इसलिए उसे तुरंत रिहा कर दिया जाए।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस श्याम सी चांडक की खंडपीठ ने की और 8 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि हत्या में प्रयोग किए गए बाँके पर इंसानी खून मिला। कोर्ट ने कहा, “अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार एक खाई में मिला, जिसमें घुटने तक पानी भरा हुआ था। इसके बावजूद फॉरेंसिक रिपोर्ट में उस हथियार पर इंसानी खून मिलने की बात कही गई है, जिसे हम खारिज करते हैं, क्योंकि PW2 की उपस्थिति में ऐसा होना संभव नहीं।” कोर्ट ने इस बात का भी लाभ असगर हाशमी को दिया कि वो CCTV फुटेज में भले ही उमेश के साथ दिखा था, लेकिन उमेश का शव तीन दिन बाद मिला था।

पुलिस ने जाँच के दौरान निजाम असगर हाशमी की निशानदेही पर एक नहर के पास बनी खाई से हत्या का हथियार सत्तूर यानी बाँका, मृतक का पैन कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 30 सितंबर 2023 को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इस मामले में हाशमी के वकीलों ने सजा पर रोक लगाने और हाशमी को जमानत पर रिहा करने की माँग करते हुए याचिका दाखिल की थी, जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगा दी। इस मामले में हाई कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट खारिज कर दी और कहा कि उमेश और हाशमी एक साथ जब दिखे, उसके तीन दिन बाद शव मिला। इसकी जाँच की जरूरत है। वहीं. चूँकि हाशमी 21 जून 2018 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है, इसलिए उसकी सजा इस केस की सुनवाई जारी रहने तक निलंबित की जाती है और 50 हजार के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश देती है।

कोर्ट ने कहा है कि जब तक मामला चलता रहेगा, तब तक हाशमी को जमानत प्राप्त रहेगी, लेकिन वो शर्तों का उल्लंघन करता है, तो जमानत निरस्त भी की जा सकती है। कोर्ट ने हाशमी को शुरू के एक साथ तक हर माह के पहले सोमवार को पुणे के कोंढावा पुलिस स्टेशन में हाजिरी देने के लिए कहा है, इसके बाद वो हर तीन माह पर पहले सोमवार को अपनी हाजिरी देगा। अगर 2 बार वो लगातार हाजिरी नहीं देता है, तो उसकी जमानत खारिज कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि 19 जून 2018 को पुणे के कोंढावा में एक शव बरामद हुआ था। इस शव का सिर गायब था और शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था। डीएनए जाँच के बाद ये पता चला कि शव उमेश इंगले का था। उमेश इंगले की चचेरी बहन के साथ असगर हाशमी का संबंध था। उमेश पुणे के बिबावेवाड़ी में बालाजी फिटनेस क्लब अक्सर जाया गया था, लेकिन 16 जून 2018 को जिम से घर निकलने के बाद उमेश गायब हो गया था। एक व्यक्ति ने शाम के समय उमेश को हाशमी के साथ देखा था। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों करीब 7.50 बजे शाम को दिखे थे, इसके तीन दिन बाद उमेश का सिर कटा शव मिला था।

BJP कार्यकर्ता की हत्या में कॉन्ग्रेस MLA विनय कुलकर्णी की संलिप्तता के सबूत: कर्नाटक हाई कोर्ट ने 3 महीने के भीतर सुनवाई का दिया आदेश

कर्नाटक हाई कोर्ट ने भाजपा कार्यकर्ता योगेश गौदर की हत्या के मामले में कॉन्ग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने से भी इनकार कर दिया है। यानी कॉन्ग्रेस विधायक के खिलाफ मामला चलेगा।

न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित ने कहा कि साल 2016 में विनय कुलकर्णी मंत्री थे। अप्रैल 2016 में आयोजित एक पंचायत बैठक में विवाद के बाद उन्होंने अपने करीबियों एवं अन्य आरोपियों के साथ भाजपा कार्यकर्ता योगेश गौदर की हत्या की साजिश रची थी। अदालत ने लंबी सुनवाई पर टिप्पणी किया कि कुलकर्णी सहित अन्य आरोपित 2016 में हुई घटना के बाद से कई बार अदालतों का रुख कर चुके हैं।

कोर्ट ने कहा, “वर्षों बीत गए, लेकिन एक पत्ता भी नहीं हिला। लंबे समय तक चलने वाला आपराधिक मामला आपराधिक न्याय प्रशासन के हित में प्रतिकूल होगा। प्रत्येक मामले, विशेष रूप से इस तरह के मामले में ‘स्मृति धुंधली होने से पहले’ उसका निपटारा किया जाना चाहिए। इसलिए, मेरा मानना है कि इस मामले की सुनवाई युद्धस्तर पर होनी चाहिए।”

बता दें कि धारवाड़ जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्य योगेश गौदर की जून 2016 में उनके जिम में हत्या कर दी गई थी। इस मामले की शुरुआत में कर्नाटक पुलिस ने जाँच की थी और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भाजपा सरकार ने साल 2019 में मामले को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया था।

कॉन्ग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को साल 2020 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया और ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2023 में उनके खिलाफ आरोप तय किए। कुलकर्णी ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि उन्हें हत्या से जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सामग्री नहीं है। इसलिए, उनके खिलाफ कोई आरोप तय नहीं किया जा सकता।

हालाँकि, सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने तर्क दिया कि कुलकर्णी के खिलाफ मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य और कई गवाहों द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। उन्होंने यह भी दलील दी कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष दायर किए गए दस्तावेज़ अभियोजन पक्ष के मामले को पर्याप्त विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।

अदालत अभियोजन पक्ष के इस तर्क से सहमत हुई कि अपराध करने से पहले और बाद में आरोपित के आचरण से उसकी संलिप्तता का पता लगाया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि कुछ अभियुक्त गौदर की हत्या से कुछ दिन पहले कुलकर्णी द्वारा व्यवस्था किए गए स्थान पर रुके थे। इतना ही नहीं, हत्या से पहले आरोपियों और कुलकर्णी के बीच फोन पर बात भी हुई थी।

इसके बाद कोर्ट ने इस तथ्य को खारिज कर दिया कि विनय कुलकर्णी को शस्त्र अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी अपराध से जोड़ने के लिए कोई सामग्री नहीं थी। इस दलील के संबंध में कि कुलकर्णी को कुछ दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे, जो आरोपपत्र का हिस्सा हैं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पत्र का हवाला दिया जिसमें दर्ज किया गया था कि आरोपपत्र की प्रति उनके वकील को प्राप्त हुई थी।

कॉन्ग्रेस शासन में कर्नाटक में जंगलराज, भाजपा नेता के घर में घुस 4 लोगों की हत्या, पुलिस के हाथ खाली

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस राज में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। राज्य के गडग जिले में नगरपालिका उपाध्यक्ष के घर में घुस कर चार लोगों की हत्या कर दी गई। नगर पालिका की उपाध्यक्ष भाजपा नेता हैं। उनके बेटे को मार दिया गया। इसके अलावा 3 और लोगों की उनके ही घर में रात में हत्या कर दी गई। मामले में कर्नाटक पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।

जानकारी के अनुसार, गडग जिले की गडग-बेटागेरी नगर पालिका में शुक्रवार रात (18 अप्रैल, 2024) को दसरा ओनी इलाके में प्रकाश बकाले के घर में हमला हुआ। प्रकाश बकाले भाजपा नेता हैं और उनकी पत्नी गडग-बेटागेरी नगरपालिका की उपाध्यक्ष भी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्यारे उनके घर में रात में घुसे और प्रकाश के बेटे कार्तिक बकाले (27), परशुराम हडिमनी(55), लक्ष्मी हडिमनी (45) और आकांक्षा हडिमनी (16) की हत्या कर दी। बताया गया कि हडिमनी परिवार कार्तिक की शादी की तैयारियों में हिस्सा लेने आया था। यह बकाले परिवार के रिश्तेदार थे।

इन सभी की हत्या गोली मार कर की गई। बताया गया कि हत्यारे छत से घर में घुसे और लोगों को मारने लगे। पहले उन्होंने एक कमरे का शीशा तोड़ कर हडिमनी परिवार के तीन लोगों को मार दिया। इनकी हत्या गोली मार कर की गई। खटपट की आवाज सुन कर जब कार्तिक उस कमरे के पास पहुँचे तो हत्यारों ने उन्हें भी मार दिया।

इसके बाद हत्यारों ने प्रकाश बकाले और सुनन्दा बकाले के कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की। हालाँकि, वह इसमें सफल नहीं हुए। इस बीच प्रकाश बकाले ने पुलिस को सूचना दे दी। घटना के बाद हत्यारे भागने में सफल रहे। उन्होंने अपने हथियार एक नाले में फेंक दिए।

हत्यारों का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है। गडग के पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला डकैती का नहीं है क्योंकि मृतकों के शरीर से कोई भी गहने नहीं ले जाए गए। मामले की जाँच के लिए पाँच अधिकारीयों की टीम बनाई गई है। इस घटना के बाद कर्नाटक के मंत्री एच के पाटिल ने भी दौरा किया है।

इस जघन्य हत्याकांड के बाद से कर्नाटक की कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। कॉन्ग्रेस राज वाले कर्नाटक में पिछले 24 घंटों में हत्या की कई वारदात सामने आई हैं।

‘इसमें कीटनाशक, जो सेवन कर रहे वो डॉक्टर के पास जाएँ’: सिंगापुर ने Everest के फिश करी मसाला को बाजार से हटाने का दिया आदेश, कहा – ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

सिंगापुर ने भारतीय खाद्य कंपनी Everest के फिश करी मसाला को अपने बाजार से वापस मँगा लिया है। इसे भारत से आयात किया जाता है। हालाँकि, अब सिंगापुर का कहना है कि इसमें कीटनाशक होने के कारण ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। बकौल सिंगापुर प्रशासन, एवरेस्ट के मछली मसाला में ईथीलीन ऑक्साइड (C₂H₄O) की मात्रा बहुत अधिक है, जो कि एक कीटनाशक है और खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

असल में हॉन्गकॉन्ग स्थित ‘सेंटर फॉर फ़ूड सेफ्टी’ ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है। इसमें बताया गया है कि इस केमिकल की जितनी मात्रा डालने की अनुमति है, उससे कहीं अधिक मात्रा एवरेस्ट ने इस्तेमाल में लाया है। ‘सिंगापुर फ़ूड एजेंसी’ ने अपने बयान में लिखा है कि इस मसाले को भारत से आयात करने वाली कंपनी ‘Sp Muthiah & Sons Pte. Ltd’ को आदेश दिया गया है कि वो इस उत्पाद को वापस ले।

SFA ने कहा गया है कि उक्त केमिकल ईथीलीन ऑक्साइड का इस्तेमाल कृषि उत्पादों को कीट से बचाने के लिए किया जाता है, साथ ही माइक्रोबियल प्रसार रोकने के लिए भी इसको उपयोग में लाया जाता है। कहा गया है कि इसे निम्न मात्रा में लेने पर स्वास्थ्य पर अचानक से तो कोई खतरा नहीं है, लेकिन लगातार इसके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधित समस्याएँ हो सकती हैं। सलाह दी गई है कि इस पदार्थ के जितना कम संपर्क में आएँ उतना बेहतर है।

साथ ही ‘सिंगापुर फ़ूड एजेंसी’ ने Everest के फिश करी मसाले खरीद चुके उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वो इसका इस्तेमाल न करें। साथ ही जो लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे, उन्हें सलाह दी गई है कि वो चिकित्सकीय सलाह लें। उपभोक्ताओं को अधिक जानकारी के लिए वहाँ संपर्क करने की सलाह दी गई है, जहाँ से उन्होंने खरीदा है। गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को ये आदेश जारी किया गया। ये मसाले सामान्यतः 50 ग्राम के पैकेट में आता है।

त्रिपुरा में सबसे ज्यादा, लक्षद्वीप में सबसे कम… 102 सीटों पर 11 बजे तक हुई वोटिंग की पूरी डिटेल, जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

लोकसभा चुनाव की पहले चरण की वोटिंग में आज 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 102 सीटों पर मतदान हो रहा है। पीएम मोदी ने हर मतदाता से अपने वोट का इस्तेमाल करके नया रिकॉर्ड बनाने को कहा है। देश की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ पोलिंग बूथ पर अपना वोट डालकर लोगों का उत्साह बढ़ा रही हैं।

आज सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे तक जारी रहने वाली है। फिलहाल, हर जगह मतदान को होते 5 घंटे बीत गए हैं। ऐसे में 11 बजे तक राज्यों में हुए कितने फीसद मतदान हुआ इसकी डिटेल्स आ गई हैं। त्रिपुरा इस लिस्ट में (34.54 फीसद वोट शेयर के साथ) सबसे ऊपर है। वहीं सबसे नीचे अभी लक्षद्वीप है जहाँ 16.33 फीसद वोट पड़े हैं।

मौजूदा जानकारी के अनुसार,

त्रिपुरा में सुबह 11 बजे तक 34.54% मतदान हुआ।
पश्चिम बंगाल में 33.56% वोट पड़े।
मेघायलय में 33.12% मतदान हुआ।
मणिपुर में सुबह 11 बजे तक 29.23% मतदान हुआ।
तमिलनाडु में सुबह 11 बजे तक 23.87% मतदान हुआ।
मिजोरम में सुबह 11 बजे तक 28.78% मतदान हुआ।
छत्तीसगढ़ में सुबह 11 बजे तक 28.12% मतदान हुआ
पुडुचेरी में सुबह 11 बजे तक 28.10% मतदान हुआ।
असम में सुबह 11 बजे तक 27.22% मतदान हुआ।
नागालैंड में सुबह 11 बजे तक 25.24% मतदान हुआ।
उत्तर प्रदेश में सुबह 11 बजे तक 25.20% मतदान हुआ।
उत्तराखंड में सुबह 11 बजे तक 24.83% मतदान हुआ।
तमिलनाडु में सुबह 11 बजे तक 23.87% मतदान हुआ।
जम्मू-कश्मीर में सुबह 11 बजे तक 22.60% मतदान हुआ।
राजस्थान में सुबह 11 बजे तक 22.59% मतदान हुआ।
अंडमान निकोबार में सुबह 11 बजे तक 21.82% मतदान हुआ
सिक्किम में सुबह 11 बजे तक 21.20% मतदान हुआ।
बिहार में सुबह 11 बजे तक 20.42% मतदान हुआ।
अरुणाचल प्रदेश में सुबह 11 बजे तक 20.13% मतदान हुआ।
महाराष्ट्र में सुबह 11 बजे तक 19.17% मतदान हुआ।
लक्षदीप में सुबह 11 बजे तक 16.33% मतदान हुआ

बता दें कि इस समय देश के 21 राज्यों में चल रहे चुनावों के मद्देनजर हर जगह सुरक्षा टाइट है। संवेदनशील जगहों पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। कुछ जगहों पर मतदाताओं वोट डालने में किसी को परेशानी न हो हो इसके लिए टीमें इलाके में गश्त कर रही हैं। कुछ राज्यों में मतदाताओं के लिए मोटरसाइकिल और साथ में घुड़सवार भी लगाए गए हैं।