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बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का मुंबई-पुणे का बंगला जब्त: बिटकॉइन घोटाले में ED ने की कार्रवाई, लगभग 98 करोड़ रुपए है कीमत

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुुरुवार (18 अप्रैल 2024) को बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके बिजनेसमैन पति राज कुंद्रा की लगभग 98 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह एक्शन लगभग 6,600 करोड़ रुपए के बिटकॉइन पोंजी घोटाले में लिया गया है। ED ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जाँच के तहत अभिनेत्री के पुणे स्थित बंगले और इक्विटी शेयरों को जब्त किया गया है।

ED के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई का जुहू स्थित फ्लैट है, जो शिल्पा शेट्टी के नाम पर है। वहीं, पुणे का बंगला राज कुंद्रा के नाम पर है। उसे भी जब्त किया गया है। इसके अलावा, जब्त संपत्ति में इक्विटी शेयर भी शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत कुर्की आदेश जारी किया गया है।

ED ने महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस की तरफ से वन वेरिएबल टेक पीटीई लिमिटेड और आरोपित दिवंगत अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर के बाद जाँच शुरू की थी। दरअसल, आरोपितों ने लगभग 8000 लोगों से प्रति माह 10 प्रतिशत रिटर्न देने का झूठा वादा करके उनसे काफी बिटकॉइन जमा की थी।

सभी आरोपितों ने लोगों से प्राप्त बिटकॉइन को अपने निजी हित में बिटकॉइन माइनिंग के लिए किया था। ये एक तरह की पोंजी स्किम थी। बिजनेसमैन राज कुंद्रा के पास इस घोटाले के प्रोसीड ऑफ क्राइम से 285 बिटकॉइन आए थे, जिनकी कीमत आज की तारीख में 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। 

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया कि प्रमोटरों ने निवेशकों को धोखा दिया और गलत तरीके से प्राप्त बिटकॉइन को अस्पष्ट ऑनलाइन वॉलेट में छिपा रहे हैं। शिल्पा शेट्टी बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री हैं। वहीं, उनके पति राज कुंद्रा भी फिल्मी दुनिया में कदम रख चुके हैं। राज कुंद्रा ने बीते वर्ष फिल्म ‘UT69’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 

इससे पहले साल 2018 में ED ने राज कुंद्रा से बिटकॉइन घोटाला मामले में पूछताछ की थी। तब ED के एक अधिकारी ने बताया था कि ठाणे क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करके पूछताछ की गई थी। तब अध‍िकारी ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की घोटाले में कोई भूमिका है या फिर वह पीड़‍ित हैं।

बता दें कि पुणे के दो बिजनसमैन अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज, विवेक भारद्वाज एवं अन्य ने अपनी कंपनी ‘गेनबिटकॉइन’ के जरिए करीब 8,000 से अधिक लोगों को धोखा दिया था। ईडी ने मई 2018 में महाराष्‍ट्र पुलिस की FIR के आधार पर सभी के खिलाफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंग का मामला दर्ज किया था। इस मामले के मुख्य आरोपित अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार है।

इस मामले में अमित और विवेक भारद्वाज को पुणे पुलिस ने 5 अप्रैल 2018 को गिरफ्तार किया था। 17 दिसंबर 2023 को सिंपी भारद्वाज, 29 दिसंबर 2023 को नितिन गौर और 16 जनवरी 2023 को अखिल महाजन गिरफ्तार हुए थे। ये सभी अभी जेल में हैं। जो फरार हैं, उन्हें ED तलाश कर रही है। इस मामले में ED पहले भी 69 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त कर चुकी है।

गौरतलब है कि राज कुंद्रा अश्लील फिल्में बनाने के मामले में भी जेल जा चुके हैं। 19 जुलाई 2021 को 11 अन्य लोगों के साथ राज कुंद्रा को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, 20 सितंबर को मुंबई की एक अदालत ने 50,000 रुपए के मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी थी। कुंद्रा पर ‘हॉटशॉट्स’ नामक मोबाइल ऐप का उपयोग करके अश्लील फिल्में बनाने और वितरण के आरोप लगे थे।

‘फिगर देख लड़कियों को नौकरी, स्ट्रिंगर्स से वसूली’: पत्रकार ने लगाए यौन शोषण के आरोप, बोले अजीत अंजुम- नोटिस भेज दिया है, केस करूँगा

यूट्यूबर अजीत अंजुम पर हाल में एक पत्रकार ने एक इंटरव्यू में गंभीर आरोप लगाए। पत्रकार का नाम कुमार श्रीकांत है। 12 अप्रैल 2024 को उन्होंने ‘ऑल्टरनेट मीडिया’ नाम के यूट्यूब चैनल की होस्ट गायत्री को साक्षात्कार देते हुए दावा किया था कि अजीत अंजुम महिला एंकरों का यौन शोषण करते थे। पत्रकार के इन आरोपों का अजीत अंजुम ने पूरी तरह से खंडन कर दिया है, साथ ही इंटरव्यू लेने वाली गायत्री को मानहानि केस की धमकी दी है।

गायत्री को दिए गए इंटरव्यू में पत्रकार श्रीकांत, अजीत अंजुम के नाम से लेकर उनकी जाति, उनके करियर और उनकी संपत्ति तक पर बातें करते दिखे। इसी इंटरव्यू के बीच श्रीकांत ने अजीत अंजुम को लेकर दावा किया कि जब अजीत अंजुम आजतक, टीवी9 और न्यूज 24 जैसे मीडिया संस्थानों में काम करते थे तब उन्होंने महिला एंकरों का यौन शोषण किया था। वीडियो में श्रीकांत ये भी दावा करते दिखे कि अजीत अंजुम जब न्यूज 24 में थे तब वो महिलाओं की फिगर और लुक पर उन्हें नौकरी देते थे न कि काम करने पर।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अजीत के दोस्तों से उन्हें यह भी पता चला कि अजीत रिपोर्टिंग के समय किसी और को माइक देने की परमिशन भी तभी देते थे जब उन्हें उसके पैसे मिलें। श्रीकांत का दावा है कि उन ‘दोस्तों’ ने उन्हें यह भी बताया है कि अजीत अंजुम ने स्ट्रिंगरों से भी 20 से 40 हजार रुपए लिया था। इतना ही नहीं श्रीकांत बताते हैं कि, राजीव शुक्ला ने अजीत अंजुम को नौकरी से उनकी घूस लेने की आदत के चलते निकाला था।

श्रीकांत ने दावा किया कि इंडिया टीवी में आने के बाद भी अजीत ने यौन उत्पीड़न किया था। वह महिला एंकरों को गालियाँ देते थे और कुछ को चुस्त कपड़े पहनने को कहते थे। श्रीकांत के अनुसार ऐसी बातें एक ऐसी बड़ी महिला एंकर को कही गईं थी जो शादीशुदा थी और उसके बच्चे भी थे। अंजुम ने बाद में इस एंकर को नौकरी से निकालने की भी धमकी दी थी।

वीडियो में श्रीकांत आगे भी आरोप लगाते रहते हैं। वो दावा करते हैं कि अजीत अंजुम कैबिन में बैठकर शराब पीते थे और महिला इंटर्न से उन्हें ऑफिस की पेंट्री से सोडा लाने के लिए कहते थे। इसके बाद शराब पीकर वो लोगों को बताते थे कि वो स्टार कैसे बने। श्रीकांत के अनुसार, टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ने के बाद भी अजीत अंजुम करप्शन में लिप्त थे।

अजीत अंजुम की प्रतिक्रिया

बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद अजीत अंजीम ने हर आरोप का जोरदार खंडन किया है और श्रीकांत का इंटरव्यू लेने वाली पत्रकार और उनके यूट्यूब चैनल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा है कि उनकी जानकारी में उनकी सहकर्मी हैं जो इन सारे आरोपों का खंडन करेंगी और उनकी ओर से गवाही देंगी।

गौरतलब है कि इस इंटरव्यू के दौरान गायत्री ने अजीत अंजुम पर खुद से कोई आरोप नहीं लगाए हैं। सारे आरोप कुमार श्रीकांत ने लगाए हैं। बावजूद इसके अजीत अंजुम ने मानहानि केस की धमकी गायत्री को दी है। उनका कहना है कि वो अभी कानूनी नोटिस भेज रहे हैं और आगे मानहानि केस के लिए कोर्ट भी जा सकते हैं। उन्हें डर है कि इसी तरह के वीडियो आगे उनके दोस्त विनोद कापड़ी, अभिसार शर्मा और अन्य यूट्यूबर्स के खिलाफ भी बनाए जा सकते हैं।

अजीत अंजुम की पूरी प्रतिक्रिया आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

मालूम हो कि इस वीडियो में यौन उत्पीड़न के इल्जाम के अलावा पत्रकार श्रीकांत ने अजीत अंजुम की संपत्ति को लेकर भी कई तरह की बात की। दावा किया कि अजीत अंजुम के नोएडा में कई अपार्टमेंट हैं। इसके अलावा उनका नाम अजीत अंजुम नहीं बल्कि अजीत झा है… अब अजीत अंजुम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जितने भी आरोप उनके ऊपर पत्रकार श्रीकांत और गायत्री ने लगाए हैं उन आरोपों को इन्हें कोर्ट में सिद्ध करना होगा।

मर गए चाचा, पर कर्ज लेने के लिए व्हीलचेयर पर ‘जिंदा’ बिठाकर ले गई युवती: बार-बार सिर गिरने से हुआ संदेह, पुलिस आई तो खुली पोल

ब्राजील में एक महिला अपने अंकल की लाश लेकर बैंक पहुँच गई। महिला अंकल के नाम पर 3400 डॉलर (₹2.8 लाख) का कर्ज लेना चाहती थी। महिला की चोरी पकड़ी गई है और यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो की इताऊ बैंक की एक शाखा में पहुँची थी। यहाँ वह मृतक को ज़िंदा बता कर 3400 डॉलर (₹2.8 लाख) का एक कर्ज लेने पहुँची थी। महिला यहाँ अपने मृतक अंकल को एक व्हीलचेयर पर बिठा कर पहुँची थी।

बैंककर्मियों ने इस कर्ज को मंजूरी दे दी थी लेकिन इसकी निकासी के लिए खाताधारक के हस्ताक्षर चाहिए थे। महिला अपने मृतक अंकल के मरने के बाद भी उनके नाम पर कर्ज लेना चाहती थी इसलिए उनकी लाश लेकर बैंक पहुँच गई। जब हस्ताक्षर करने का मौक़ा आया तो महिला ने व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति के हाथ में पेन पकड़ा कर हस्ताक्षर करने की कोशिश की।

इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हुई है। इसमें दिखता है कि हस्ताक्षर के दौरान मृतक का सर बार बार पीछे गिरता है। वह हस्ताक्षर नहीं कर पाता। महिला इसको लेकर उस पर गुस्सा भी होती है। उससे महिला कहती है कि उसे अब और समस्या नहीं चाहिए।

यह सब देख कर अस्पताल वालों ने पुलिस और मेडिकल स्टाफ को फ़ोन कर दिया। बैंक पहुँचे अस्पताल वालों ने जाँच की तो पाया कि व्हीलचेयर पर लाया गया शख्स मर चुका है और महिला उसके नाम पर कर्ज लेने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने इस महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि महिला का नाम एरिक डी सूजा है और जिस मृतक को वह बैंक लेकर आई थी, वह उसके अंकल हैं जिनके साथ वह रहती थी। वह उनकी देखरेख करती थी। उनकी मौत के बाद वह उनके खाते पर कर्ज मंजूर करवाना चाहती थी जिसकी कोशिश में वह लाश लेकर आई थी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

‘रोहिणी आचार्य को इतने भारी वोट से हराइए कि…’: जिस मंच पर बैठे थे लालू, उसी मंच से राजद MLC ने उनकी बेटी को हराने की कर दी अपील

राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और चारा घोटाले में सजायाफ्ता नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। अपनी किडनी देकर पिता की जान बचाने वाली रोहिणी आचार्य के लिए पिता लालू प्रसाद यादव ने जनसभा की, लेकिन पिता लालू प्रसाद यादव के सामने ही ‘रोहिणी आचार्य को हराने की अपील’ कर दी गई। अब इस मामले से जुड़े क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, बिहार के सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही रोहिणी आचार्य के समर्थन में जनसभा आयोजित की गई। मंच पर लालू प्रसाद यादव समेत तमाम नेता बैठे थे, तभी अपने संबोधन के दौरान आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार ने रोहिणी आचार्य को हराने की अपील कर दी। हालाँकि उन्होंने मामले को तुरंत संभालने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सोशल तमाशा नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “रोहिणी आचार्य को जबरदस्त वोटों से हराइए।” इस वीडियो में वो दिख रहे हैं, “आरजेडी नेताओं से मैं इतना ही कहना चाहता हूँ कि रोहिणी आचार्य को इतने भारी वोट से हराइए कि…”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि आरजेडी नेता और एमएलसी सुनील कुमार की जुबान फिसल गई। उन्होंने पहले तो कहा कि रोहिणी आचार्य को इतने वोटों से हराइए… हालाँकि तुरंत ही उन्होंने अपनी गलती पकड़ ली और रोहिणी आचार्य को जिताने की अपील करने लगे। उन्होंने कहा कि लोगों को याद रहना चाहिए कि ‘कोई रोहिणी आचार्य भी थीं।’

नेताजी की जुबान फिसलने के कारण मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति हो गई थी। इस बीच लालू प्रसाद यादव ने अपने तरीके से स्थिति को संभाल लिया। फिर आगे का कार्यक्रम जारी रहा। बता दें कि ये पूरा मामला जुबान के फिसलने का है। फिर भी सोशल मीडिया पर तो हंसाई हो ही रही है।

ममता बनर्जी ने भड़काया, इसलिए मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हुई पत्थरबाजी: रामनवमी हिंसा की BJP ने की NIA जाँच की माँग, गवर्नर को लिखा पत्र

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बुधवार (17 अप्रैल 2024) को रामनवमी के जुलूस पर पथराव और बमबाजी की गई। इसके कारण कई श्रद्धालुओं को चोट आई हैं। कुछ की स्थित गंभीर बताई जा रही है। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। इस घटना को लेकर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की भड़काऊ भाषण के कारण राज्य के कई इलाकों में हमला हुआ है।

सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार (17 अप्रैल 2024) को इस संबंध में राज्यपाल को एक शिकायती पत्र भी भेजा है। अपनी चिट्ठी में भाजपा नेता ने कहा है, “मुख्यमंत्री के भड़काऊ भाषण के कारण पश्चिम बंगाल राज्य में विभिन्न स्थानों पर रामनवमी के जुलूसों को बाधित किया गया और उन पर हमला किया गया। भाषण के जरिए उपद्रवियों को सफलतापूर्वक उकसाया।”

उन्होंने कहा, “उन्हें (उपद्रवियों को) आश्वासन दिया गया था कि कानून प्रवर्तन एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि रामनवमी पर सीएम के सार्वजनिक रुख पर उनके हाथ बँधे हुए हैं। उनके अनुसार, रामनवमी ‘दंगा करने का दिन है’। मैंने माननीय राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस को को पत्र लिखा है।”

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ” उन्हें (राज्यपाल को) 17.04.2024 को रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूसों पर हुए हमलों के संबंध में अवगत कराया है। उनसे कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही इन घटनाओं की जाँच राष्ट्रीय एजेंसी NIA से कराने का अनुरोध किया है।”

चिट्ठी में उन्होंने कहा कि बंगाल में हिंदुओं के त्योहार मनाने के दौरान उन पर हमले आम बात हो गए हैं। इस दौरान हिंदुओं पर हमले किए जाते है, पत्थरबाजी की जाती है और बम फेंके जाते हैं। उन्होंने बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर खराब होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि रामनवमी 2024 के दिन शक्तिपुर, बेलडांगा- II ब्लॉक, मुर्शिदाबाद में भगवान राम की शोभायात्रा पर पत्थरबाजी की गई और बम फेंके गए। इसमें महिलाओं एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी मेदिनीपुर में भी 5 लोग घायल हुए हैं। बकौल अधिकारी, ये सारे हमले एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा की गई हैं।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस मौजूद थी, लेकिन हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय शोभायात्रा में शामिल लोगों पर ही आँसू गैस के गोले फेंकने लगी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा उद्देश्य हमलावरों को बचाना और हिंदुओं को उनके त्योहार को मनाने से रोकना था। इसके कारण इलाके में तनाव फैल गया है।

बता दें कि मुर्शिदाबाद में हिंदुओं की शोभायात्रा पर हमले का एक वीडियो पश्चिम बंगाल भाजपा द्वारा सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में इस वीडियो में कई लोग ऊँची छतों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। वो वहाँ से नीचे ईंट-पत्थर फेंक रहे हैं। नीचे शोभायात्रा में शामिल लोगों में चीख-पुकार मची हुई दिखाई दे रही है।

वीडियो में हेलमेट पहने कुछ पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं। वो छत से पत्थर फेंक रहे उपद्रवियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालाँकि उनकी अपील का कोई भी असर हमलावरों पर होता नहीं दिख रहा है। 23 सेकेंड के इस वीडियो में नीचे खड़े लोग शोरगुल करते सुनाई दे रहे हैं। इस घटना में लोगों के सिर भी फट गए हैं, जिनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

‘साले तुझे जान से मार देंगे, तेरे टुकड़े-टुकड़े कर देंगे’: मुस्लिम युवती के साथ कलावा बाँधे युवक को देख ‘भीड़’ ने किया हमला, UP के बरेली की घटना

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हिन्दू युवक पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। हिन्दू युवक को इसलिए पीटा गया क्योंकि वह बाईक से अपनी मुस्लिम सहकर्मी के साथ कहीं जा रहा था। पुलिस ने इस घटना पर मामला दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल, 2024 को बरेली के फीनिक्स मॉल में काम करने वाले आनंद अपने साथ ही काम करने वाली मुस्लिम युवती के साथ बाइक से किसी काम से जा रहे थे। इसी दौरान जब वह बरेली के पीर बहोड़ा इलाके में पहुँचे तो उन्हें यहाँ पहले से मौजूद कुछ मुस्लिम युवकों ने रोक लिया।

इन मुस्लिम युवकों ने पहले मुस्लिम युवती का नाम पूछा और फिर आनंद के हाथ में कलावा देख कर उनके नाम पते के बारे में पूछताछ करने लगे। जब आनंद ने अपने विषय में बताया तो इस भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया।

इस दौरान आनंद ने साफ़ किया कि वह कंपनी के काम से अपनी सहकर्मी मुस्लिम युवती को लेकर आए हैं लेकिन भीड़ ने उनकी नहीं सुनी और उन्हें मारना पीटना चालू कर दिया। उनके ऊपर 25-30 लोगों की भीड़ हमलावर हो गई। उन्हें सड़क पर दौड़ा कर पीटा गया। इस दौरान उनके टुकड़े टुकड़े करने की भी धमकी दी गई।

आनंद की पिटाई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग एक व्यक्ति को दौड़ते हुए दिखते हैं। बताया गया कि आनंद ने इसके बाद किसी तरह घटनास्थल से भाग कर अपनी जान बचाई और इज्जतनगर थाने पहुँचे। इस मामले में इज्जतनगर थाने में उन्होंने 25-30 अज्ञात लोगों के विरुद्ध FIR भी दर्ज करवाई है।

इस घटना के बाद इलाके में मजहबी तनाव बना हुआ है। बरेली पुलिस ने इस विषय में बताया है कि उनसे मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। अभी 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जाँच जारी है। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में कड़ा प्रतिरोध दर्ज करवाया है।

अष्टमी को पुरी जगन्नाथ और कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना, रामनवमी पर दतिया में माँ पीतांबरी के किए दर्शन: अनंत अंबानी ने मंदिरों को दिए ₹50000000

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने असम के कामाख्या मंदिर और पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और दिल खोलकर दान किया। अनंत अंबानी ने दोनों मंदिरों में 2.51-2.51 करोड़ रुपए का दान किया। इसके बाद अनंत अंबानी मध्य प्रदेश के दतिया पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ पीताबंरी देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से मुलाकात भी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनंत अंबानी बुधवार (17 अप्रैल 2024) को नवमी के दिन तांत्रिक शक्तिपीठ पीतांबरा माता के दर्शन के लिए दतिया पहुँचे। उन्होंने गर्भगृह में किनारे की तरफ खड़े होकर विशेष पूजा-अर्चना की। अनंत अंबानी इसके बाद धूमावती माता की आरती में शामिल हुए और फिर महाभारत कालीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक भी किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनंत अंबानी शाम करीब पौने 6 बजे ग्वालियर पहुँचे थे। यहाँ से वो सड़क के रास्ते दतिया पहुँचे और माता पीताबंरी मंदिर में पश्चिम द्वार से अंदर गए। मंदिर के गर्भगृह में मंदिर के मुख्य पुजारी ने उन्हें पूजा करवाई। इसके बाद अनंत अंबानी रात 8 बजे होने वाली धूमावती माता की आरती में शामिल हुए। माता के दर्शन के बाद वे मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया से मिले और करीब 30 मिनट तक चर्चा की। इसके बाद पीतांबरा माता की आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वनखंडेश्वर मंहादेव मंदिर में भी जलाभिषेक किया।

इससे पहले, मंगलवार (16 अप्रैल 2024) को वो ओडिशा के पुरी शहर में स्थित विश्वविख्यात पुरी जगन्नाथ धाम पहुँचे थे। उन्होंने मंगलवार की रात करीब 10.30 बजे पूचा अर्चनी की और मंदिर को 2.51 करोड़ रुपए का दान भी किया। इसके बाद वो असम के लिए रवाना हो गए थे। अनंत अंबानी ने असम के विश्व विख्यात माँ कामाख्या देवी मंदिर पहुँचकर भी पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिए थे और यहाँ उन्होंने 2.51 करोड़ रुपए दान दिए। हालाँकि अनंत अंबानी या रिलायंस की तरफ से दान की रकम की पुष्टि नहीं की गई है। पर तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में यही दावा किया जा रहा है।

बता दें कि अनंत अंबानी जल्द ही (जुलाई के महीने में) राधिका मर्चेंट के साथ विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। मार्च के महीने में उनकी शादी का प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन गुजरात के जामनगर हुआ था जिसमें देश-विदेश की कई हस्तियाँ, कारोबारी, फिल्म स्टार, स्पोर्ट पर्सन, नेता इत्यादि शामिल हुए थे।

सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने भारत: एलन मस्क की डिमांड को अमेरिका का समर्थन, कहा- UNSC में सुधार जरूरी

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की लगातार माँग करता रहा है। साथ ही इसमें 5 स्थायी सदस्यों की संख्या में भी वृद्धि की माँग करता है। भारत UNSC में स्थायी सदस्यता की दावेदारी करता रहा है। अब X और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने भी सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया था। अब अमेरिका ने बुधवार (17 अप्रैल 2024) को एलन मस्क का समर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मेंभारत को स्थायी सीट नहीं मिलने पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के सवाल पर पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने बुधवार (17 अप्रैल 2024) को जवाब दिया। वेदांत पटेल ने कहा कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र संस्थानों में सुधार के लिए समर्थन की पेशकश की है।

वेदांत पटेल ने कहा, “राष्ट्रपति (जो बाइडेन) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी टिप्पणियों में पहले भी इस बारे में बात की है और सचिव ने भी इसका संकेत दिया है। हम सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में सुधारों का समर्थन करते हैं, ताकि इसे 21वीं सदी, जिसमें हम रहते हैं, उसको प्रतिबिंबित किया जा सके। हालाँकि, मेरे पास बताने के लिए कोई विशेष जानकारी नहीं है कि वे कदम क्या हैं।”

इस साल जनवरी की शुरुआत में एलन मस्क ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में भारत की अनुपस्थिति को ‘बेतुका’ बताया था। टेस्ला के सीईओ ने कहा था कि यूएनएससी की वर्तमान संरचना दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों का पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं करती है और इसमें व्यापक बदलाव की जरूरत है।

उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा था, “किसी बिंदु पर संयुक्त राष्ट्र निकायों में संशोधन की आवश्यकता है। समस्या यह है कि जिनके पास अधिक शक्ति है, वे इसे छोड़ना नहीं चाहते हैं। सबसे अधिक आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत के पास सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट नहीं है। यह बेतुका है। अफ्रीका को भी सामूहिक रूप से एक सीट मिलनी चाहिए।”

एलन मस्क के पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 15 सदस्य देश होते हैं। इनमें से पाँच सदस्य स्थायी होते हैं। ये स्थायी देश हैं- अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस। स्थायी सदस्यों के पास वीटो पावर होता है और वे किसी भी मुद्दे पर असहमति के बाद अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर उसे रोक सकते हैं। वहीं, बाकी 10 सदस्य अस्थायी होते हैं, जिन्हें दो साल के चुना जाता है।

सितंबर 2023 में नई दिल्ली में हुए G20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया था। पीएम मोदी और बाइडेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में स्थायी सदस्य के रूप में भारत के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की की गई थी।

भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के ‘संकल्प पत्र’ में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता हासिल करने की बता कही है। 14 अप्रैल 2024 को जारी अपने घोषणापत्र में भाजपा ने कहा, “हम वैश्विक निर्णय लेने में भारत की स्थिति को ऊपर उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

BJP ने बनाया कैंडिडेट तो मुस्लिमों के लिए ‘गद्दार’ हो गए प्रोफेसर अब्दुल सलाम, बोले- मस्जिद में दुर्व्यव्हार से मेरा दिल टूट गया

केरल में भारतीय जनता पार्टी के अकेले मुस्लिम प्रत्याशी डॉ अब्दुल सलाम को भाजपा ज्वाइन करने पर मुस्लिम गद्दार बता रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें मल्लापुरम संसदीय क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। यहाँ 68.3 फीसदी मुस्लिम रहते हैं। ऐसे में उन्हें कैसे अपने ही समाज के लोगों से बात करते हुए कैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है इसकी जानकारी उन्होंने पुलिक्कल के नजदीकी एक गाँव में जनता से बात करते हुए दी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि ईद के दिन मल्लापुरम शहर में मदीन मस्जिद में वह नमाज के लिए गए थे, लेकिन वहाँ उन्हें ईद की मुबारकबाद की जगह गद्दार कहा गया। उन्होंने कहा, “नमाज के बाद, मैं मस्जिद से बाहर आया और ईद की मुबारकबाद देने के दौरान एक 60 साल का आदमी ने मुझे बेइज्जत किया। उसने मुझे गद्दार कहा। वहीं बाकी के लोग जो आसपास खड़े थे वो सब शांत रहे। मेरा दिल टूट गया। मैं भी तो मुस्लिम हूँ लेकिन उन्होंने मेरे साथ ऐसा बर्ताव इसलिए किया क्योंकि मैंने बीजेपी ज्वाइन की है।”

बता दें कि डॉ अब्दुल सलाम, भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से वो लगातार घूम-घूमकर सबको पीएम मोदी के कार्यों के बारे में बता रहे हैं। एनडीए की विकास परियोजनाओं के बारे में बता रहे हैं। लेकिन, उनका समाज उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रहा है, जिससे उन्हें दुख पहुँच रहा है।

उन्होंने मंगलवार को अपने कैंपेन की शुरुआत कोलाथुर के करीब कोनडोट्टी से की है। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के अलावा मल्लापुरम में अपनी पार्टी की मशीनरी से भी कुछ दिक्कत आ रही हैं। हाल में उन्होंने एक फैमिली मीटिंग भी की थी जिसमें वह आरएसएस के स्थानीय नेता के घर पहुँचे, लेकिन वहाँ सिर्फ उन्हें 25 लोग मिले। उनमें भी अधिकांश बच्चे थे।

गौरतलब है कि डॉ अब्दुल सलाम कालीकट यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके हैं। उन्हें बीजेपी ने इससे पहले साल 2016 में तिरूर विधानसभा सीट से सलाम को मैदान में उतारा था। तब सलाम को मात्र 9097 (5.33 फीसद) वोट मिले थे। अब पार्टी ने करीब सात साल बाद लोकसभा चुनावों का टिकट दिया है। अब्दुल सलाम बीजेपी ज्वाइन करने की बात पर कहते हैं कि उन्हें पीएम मोदी ने प्रभावित किया है। सलाम यहाँ तक कहते हैं कि वे इकलौते शख्स हैं जिन्होंने मुझे मंत्रमुग्ध किया है।

झारखंड के बोकारो में रामनवमी की शोभा यात्रा पर इस्लामी भीड़ का हमला, 12 घायल: मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी

झारखंड के बोकारो में बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को रामनवमी के उपलक्ष्य में निकाले जा रही एक शोभा यात्रा को इस्लामी भीड़ ने मस्जिद के सामने रोक लिया। इसके बाद जुलूस पर पथराव भी किए जाने की सूचना है। इस पथराव में कई हिन्दू श्रद्धालु घायल हो गए। अभी इस इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

बताया जा रहा है कि बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में रामनवमी के उपलक्ष्य में बुधवार शाम को एक शोभा यात्रा निकाली जा रही थी। यह शोभा यात्रा शाम 6:30 बजे मस्जिद से होते हुए शिव मंदिर के पास पहुँचने वाली थी। जब शोभा यात्रा मस्जिद के पास पहुँची तो इसे इस्लामी भीड़ ने घेर लिया।

बताया गया कि इसके बाद इस यात्रा पर पथराव हुआ जिसमें हिन्दू श्रृद्धालु घायल हो गए। यहाँ भारी पुलिस बल तैनात करके धारा 144 लागू कर दी गई है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस्लामी भीड़ ने यहाँ कुछ गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। इस पथराव में 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिसकर्मी भी घायल बताया जा रहा है।

बोकारो में तैनात SDM ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया, “जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव की घटना हुई थी, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। फिलहाल किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।” इससे पहले झारखंड पुलिस ने छतों का सर्वे कर लोगों को चेतावनी जारी की थी।

गौरतलब है रामनवमी के अवसर पर हिन्दू शोभा यात्रा पर हमले की सूचना की जगह से आई हैं। सबसे भीषण हमला बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ है जहाँ इस्लामी भीड़ ने घर की छतों से पत्थर बरसाए और देसी बम तक फेंके। मुर्शिदाबाद में हुए इस हमले में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।