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BJP ने बनाया कैंडिडेट तो मुस्लिमों के लिए ‘गद्दार’ हो गए प्रोफेसर अब्दुल सलाम, बोले- मस्जिद में दुर्व्यव्हार से मेरा दिल टूट गया

केरल में भारतीय जनता पार्टी के अकेले मुस्लिम प्रत्याशी डॉ अब्दुल सलाम को भाजपा ज्वाइन करने पर मुस्लिम गद्दार बता रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें मल्लापुरम संसदीय क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। यहाँ 68.3 फीसदी मुस्लिम रहते हैं। ऐसे में उन्हें कैसे अपने ही समाज के लोगों से बात करते हुए कैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है इसकी जानकारी उन्होंने पुलिक्कल के नजदीकी एक गाँव में जनता से बात करते हुए दी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि ईद के दिन मल्लापुरम शहर में मदीन मस्जिद में वह नमाज के लिए गए थे, लेकिन वहाँ उन्हें ईद की मुबारकबाद की जगह गद्दार कहा गया। उन्होंने कहा, “नमाज के बाद, मैं मस्जिद से बाहर आया और ईद की मुबारकबाद देने के दौरान एक 60 साल का आदमी ने मुझे बेइज्जत किया। उसने मुझे गद्दार कहा। वहीं बाकी के लोग जो आसपास खड़े थे वो सब शांत रहे। मेरा दिल टूट गया। मैं भी तो मुस्लिम हूँ लेकिन उन्होंने मेरे साथ ऐसा बर्ताव इसलिए किया क्योंकि मैंने बीजेपी ज्वाइन की है।”

बता दें कि डॉ अब्दुल सलाम, भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से वो लगातार घूम-घूमकर सबको पीएम मोदी के कार्यों के बारे में बता रहे हैं। एनडीए की विकास परियोजनाओं के बारे में बता रहे हैं। लेकिन, उनका समाज उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रहा है, जिससे उन्हें दुख पहुँच रहा है।

उन्होंने मंगलवार को अपने कैंपेन की शुरुआत कोलाथुर के करीब कोनडोट्टी से की है। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के अलावा मल्लापुरम में अपनी पार्टी की मशीनरी से भी कुछ दिक्कत आ रही हैं। हाल में उन्होंने एक फैमिली मीटिंग भी की थी जिसमें वह आरएसएस के स्थानीय नेता के घर पहुँचे, लेकिन वहाँ सिर्फ उन्हें 25 लोग मिले। उनमें भी अधिकांश बच्चे थे।

गौरतलब है कि डॉ अब्दुल सलाम कालीकट यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके हैं। उन्हें बीजेपी ने इससे पहले साल 2016 में तिरूर विधानसभा सीट से सलाम को मैदान में उतारा था। तब सलाम को मात्र 9097 (5.33 फीसद) वोट मिले थे। अब पार्टी ने करीब सात साल बाद लोकसभा चुनावों का टिकट दिया है। अब्दुल सलाम बीजेपी ज्वाइन करने की बात पर कहते हैं कि उन्हें पीएम मोदी ने प्रभावित किया है। सलाम यहाँ तक कहते हैं कि वे इकलौते शख्स हैं जिन्होंने मुझे मंत्रमुग्ध किया है।

झारखंड के बोकारो में रामनवमी की शोभा यात्रा पर इस्लामी भीड़ का हमला, 12 घायल: मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी

झारखंड के बोकारो में बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को रामनवमी के उपलक्ष्य में निकाले जा रही एक शोभा यात्रा को इस्लामी भीड़ ने मस्जिद के सामने रोक लिया। इसके बाद जुलूस पर पथराव भी किए जाने की सूचना है। इस पथराव में कई हिन्दू श्रद्धालु घायल हो गए। अभी इस इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

बताया जा रहा है कि बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में रामनवमी के उपलक्ष्य में बुधवार शाम को एक शोभा यात्रा निकाली जा रही थी। यह शोभा यात्रा शाम 6:30 बजे मस्जिद से होते हुए शिव मंदिर के पास पहुँचने वाली थी। जब शोभा यात्रा मस्जिद के पास पहुँची तो इसे इस्लामी भीड़ ने घेर लिया।

बताया गया कि इसके बाद इस यात्रा पर पथराव हुआ जिसमें हिन्दू श्रृद्धालु घायल हो गए। यहाँ भारी पुलिस बल तैनात करके धारा 144 लागू कर दी गई है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस्लामी भीड़ ने यहाँ कुछ गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। इस पथराव में 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिसकर्मी भी घायल बताया जा रहा है।

बोकारो में तैनात SDM ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया, “जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव की घटना हुई थी, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। फिलहाल किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।” इससे पहले झारखंड पुलिस ने छतों का सर्वे कर लोगों को चेतावनी जारी की थी।

गौरतलब है रामनवमी के अवसर पर हिन्दू शोभा यात्रा पर हमले की सूचना की जगह से आई हैं। सबसे भीषण हमला बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ है जहाँ इस्लामी भीड़ ने घर की छतों से पत्थर बरसाए और देसी बम तक फेंके। मुर्शिदाबाद में हुए इस हमले में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

जिस महिला का था दावा ‘रवि किशन उसकी बेटी के बाप’, उस पर ₹20 करोड़ की रंगदारी माँगने की FIR: यूट्यूबर खुर्शीद खान और सपा नेता का भी नाम

सांसद और अभिनेता रवि किशन को अपनी बेटी का बाप बताने वाली महिला अपर्णा सोनी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के लखनऊ में FIR दर्ज की गई है। यह FIR रवि किशन की पत्नी ने दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अपर्णा सोनी उनसे ₹20 करोड़ वसूलना चाहती हैं, इसीलिए उन्होंने आरोप लगाए हैं।

लखनऊ के हजरतगंज थाने में रवि किशन की पत्नी प्रीती शुक्ला ने अपर्णा ठाकुर, अपर्णा के पति राजेश सोनी, बेटी शिनोवा सोनी, सपा नेता विवेक पाण्डेय और एक यूट्यूबर खुर्शीद खान के विरुद्ध कई धाराओं में FIR दर्ज करवाई है। प्रीती शुक्ला ने इस FIR में कहा है कि अपर्णा सोनी उर्फ़ अपर्णा ठाकुर पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें धमका रही हैं।

प्रीती शुक्ला ने कहा है कि अपर्णा उनके पति रवि किशन को बलात्कार के फर्जी मामले में फँसाने की धमकी दे रही हैं और ₹20 करोड़ की माँग कर रही हैं। उन्होंने अपर्णा पर आरोप लगाया कि उनके अंडरवर्ल्ड के साथ सम्बन्ध हैं। प्रीती शुक्ला ने कहा कि इस संबंध में मुंबई में भी एक शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन फिर भी 15 अप्रैल को अपर्णा ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने अनर्गल आरोप लगाए।

प्रीती शुक्ला ने कहा कि वह इस महिला से डरी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्णा का 35 वर्ष पहले ही विवाह हो चुका है और पति का नाम राजेश सोनी है। अपर्णा के बेटी शिनोवा और बेटा भी है। प्रीती शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस साजिश में समाजवादी पार्टी के एक नेता विवेक पाण्डेय और एक पत्रकार खुर्शीद खान भी शामिल हैं।

प्रीती शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को जान से मारने, उनकी छवि धूमिल करने और उनके पति को राजनीतिक नुकसान पहुँचाने की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने इस मामले में अपर्णा ठाकुर, उनके परिवार और सपा नेता तथा यूट्यूबर के विरुद्ध कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले में की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि अपर्णा ठाकुर ने 15 अप्रैल, 2024 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन उनकी 25 वर्षीय बेटी शिनोवा के पिता हैं। अपर्णा का आरोप था कि वह अपनी कथित बेटी को पूरे अधिकार नहीं दे रहे। अपर्णा ने दावा किया था कि उनकी रवि किशन से 1996 में शादी हुई थी। अब इस मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।

पहली बार कब किया सेक्स, कितनों के साथ किया सेक्स… पॉडकास्ट में बेटे से माँ का सवाल, बोले नेटिजन्स- कितने घटिया लोग हैं बॉलीवुड वाले

बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा हाल में अपने बेटे अरहान खान के पॉडकॉस्ट में नजर आईं। डंब बिरयानी नाम के यूट्यूब चैनल के एपिसोड 2 में अरहान खान अपनी माँ मलाइका अरोड़ा खान से सेक्स, रिलेशशिप, फ्रेंडशिप, पुरानी लाइफ जैसे मुद्दे पर बात करते हुए नजर आए। इस दौरान कुछ ऐसे सवाल मलाइका ने अपने बेटे से पूछ लिए, जिन्हें सुन अरहान ही शर्म से लाल हो गए।

मलाइका अरोड़ा ने इस शो में अपने बेटे से पूछा- “तुमने अपनी वर्जिनिटी कब लूज की?” अरहान ये सुन हैरान रह गए, उन्होंने जवाब देने की बजाय मिर्ची खाना चुना। इसके बाद मलाइका अरोड़ा यहीं पर नहीं रुकीं। उन्होंने आगे अरहान से ये भी पूछा कि उन्होंने कितनी बार सेक्स किया है। इसे सुन अरहान फिर हैरान हो गए।

अरहान ने सवाल सुन अपनी माँ से कहा- “आप जानते हो आप मुझसे क्या पूछ रहे हो।” मलाइका अरोड़ा कहती हैं- “मुझे ईमानदारी से जवाब दो…” (बीच में अरहान उन्हें टोंकते हैं) लेकिन मलाइका लगातार पूछती रहती हैं- “मुझे सिर्फ नंबर बताओ।” अरहान अपनी माँ की जिद्द देखखर कहते हैं कि मिर्ची का सालान खाना चुनेंगे।

इन दोनों के बातचीत की क्लिपें यूट्यूब-इंस्टाग्राम पर हर जगह मौजूद हैं। इसे देखने के बाद लोग इन सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर कहती है- “एक माँ होने के नाते अपने बेटे से पूछना कि उसने वर्जिनिटी कब खोई सबसे घटिया सवाल है।”

एक यूजर कहता है- “क्या गंद समाज है बॉलीवुड का? कुछ तो लिहाज होना चाहिए कि माँ-बेटा कैसे बात करें। आधुनिकता के नाम पर ये सब चल रहा है। हम बच्चों को दोष नहीं देंगे। इनकी परवरिश ही ऐसे माता-पिता कर रहे हैं। कुछ शर्म करो।”

लोग इस बातचीत को सुनने के बाद बॉलीवुड में स्टारकिड्स को दिए जा रहे संस्कारों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। यूजर लिख रहे हैं कि पश्चिमी देशों जैसा होने की होड़ में अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि अरहान के इस पॉडकॉस्ट में मलाइका अरोड़ा से पहले सोहेल खान और अरबाज खान आए थे। उन्होंने सलमान से अपने रिश्तों पर कहा था- “हम एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। जब हम जवान थे, तब यकीनन हम साथ रहते थे, फिर हमने काम करना शुरू किया और घर से बाहर निकले। सलमान खान ने शादी नहीं की, लेकिन हमने की और फिर तलाक भी हुआ।”

‘केवल अल्लाह हू अकबर बोलो’: हिंदू युवकों की ‘जय श्री राम’ बोलने पर पिटाई, भगवा लगे कार में सवार लोगों का सर फोड़ा-नाक तोड़ी

कॉन्ग्रेस सत्ता वाले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में तीन हिन्दू युवकों को जय श्री राम के नारे लगाने से रोक कर पिटाई की गई। मुस्लिम युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उनसे अल्लाह हू अकबर के नारे लगवाए। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है। मामले में FIR दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के चिक्क्बेताहल्ली इलाके में बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को तीन युवक, बिनायक, डी पवन कुमार और राहुल रामनवमी के अवसर पर अपनी गाड़ी में भगवा झंडा लगा कर जा रहे थे। युवक साथ ही जय श्री राम का उद्घोष भी कर रहे थे। इतने में दो बाइक सवार मुस्लिम युवक ने आकर हिन्दू युवकों को रोक लिया।

यह मुस्लिम युवक इन युवकों को रोक कर परेशान करने लगे। वायरल वीडियो में दिखता है कि इनमें से एक मुस्लिम युवक कहता है कि नो जय श्री राम, ऑनली अल्लाह हू अकबर। वह इन युवकों को धमकाता है कि वह जय श्री राम के नारे ना लगाएँ। यहाँ मौजूद मुस्लिम युवकों ने हिन्दू युवकों से लड़ाई करना चालू कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद मुस्लिम युवक यहाँ से गए और अपने कुछ और साथियों को ले आए। इन्होंने हिन्दू युवकों पर लाठियों से प्रहार कर दिया। इस हमले में एक हिन्दू युवक के सर पर जबकि एक की नाक पर चोट आई। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद इन हिन्दू युवकों से जबरन अल्लाह हू अकबर भी बुलवाया गया। जय श्री राम के नारे लगाने पर हमला करने दो मुस्लिम युवकों की पहचान समीर और फरमान के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।

बेंगलुरु के डीसीपी बीएम लक्ष्मी प्रसाद ने बताया, “तीन युवक गाड़ी में बैठ कर भगवा झंडा लिए हुए थे और जय श्री राम का नारा लगा रहे थे। इतने दो युवकों ने उनकी गाड़ी रोक कर उनसे नारे ना लगाने को कहा। उन पर अल्लाह हू अकबर के नारे लगाने का दबाव बनाया गया। जब गाड़ी में बैठे हिन्दू युवक बाहर निकले तो हमलावरों ने अपने साथियों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया जिसमें एक युवक की नाक चोटिल हो गई।”

बताया गया है कि इस मामले में कुल पाँच लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, जिसमें से तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भडकाने और दंगे समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

छतों से पत्थरबाजी, फेंके बम, खून से लथपथ हिंदू श्रद्धालु: बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी शोभायात्रा को बनाया निशाना, देखिए Videos

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी के जुलूस पर पथराव और बमबाजी की खबर है। घटना में कई श्रद्धलुओं को चोटें आईं हैं। कुछ की स्थित गंभीर बताई जा रही है। बुधवार (17 अप्रैल 2024) को हुई इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में पत्थर फेंकते लोग और सड़क पर बम फटते साफ दिख रहे हैं।

इन्हीं में से एक वीडियो साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा ने लिखा, “पश्चिम बंगाल में रामनवमी की शोभा यात्राओं की सुरक्षा करने में ममता बनर्जी नाकाम साबित हुई हैं। ये स्थिति भयावह है। मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में हिंदुओं को निशाना बनाया गया जो उस क्षेत्र में अल्पसंख्यक हैं।”

इस वीडियो में कई लोग ऊँची छतों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। वो वहाँ से नीचे ईंट-पत्थर फेंक रहे हैं। नीचे शोभायात्रा में शामिल लोग हैं जिनमें चीख पुकार मची दिख रही है। वीडियो में हेलमेट पहने कुछ पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं। वो छत से पत्थर फेंक रहे उपद्रवियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालाँकि उनकी अपील का कोई भी असर हमलावरों पर होता नहीं दिख रहा है। 23 सेकेंड के इस वीडियो में नीचे खड़े लोग शोरगुल करते सुनाई दे रहे हैं।

भाजपा नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इस घटना पर अपना बयान जारी किया है। जगन्नाथ ने इस हमले के पीछे प्रशासनिक लापरवाही को मुख्य तौर पर जिम्मेदार बताया है। जगन्नाथ का आरोप है कि पहले से हमले की आशंका होने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा के कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए थे। उन्होंने चुनाव आयोग से दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करने की माँग की है। जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने जो वीडियो जारी किया है उसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ पैरामिलिट्री के जवान भी हालात को काबू करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट पहने जवान दुकानों के आगे खड़े हो कर किसी को रोकने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद ने इस घटना की जानकारी देते हुए पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई है। उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, “बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर में आज रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए हमले में रामभक्तों के घायल होने तथा अनेकों के गंभीर होने के समाचार आ रहे हैं। ममता बनर्जी की धमकियाँ और स्थानीय पुलिस प्रशासन व शासन का नि:सहाय होना किस बात का संकेत है?”

उन्होंने कहा, “बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती आवश्यक हो गई है ताकि हिंदुओं की रक्षा की जा सकें! अविलंब कार्रवाई व सुरक्षा जरूरी है। विश्व हिंदू परिषद घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सभी पीड़ितों के साथ खड़ी है।”

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी पथराव की घटना में घायल लोगों की वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बंगाल के मुर्शिदाबाद में जिहादी बे-लगाम हैं और उनके बीच में रामभक्त संकट में पड़े हैं। लगता है ममता दीदी की राम नवमी धमकियाँ का जिहादियों ने पालन किया है! स्थानीय पुलिस प्रशासन व शासन नि:सहाय व मूकदर्शक है। केंद्रीय सुरक्षा बल कमान संभाल कर शेष हिंदूओं की रक्षा करें, यह अविलंब जरूरी है।”

इस वीडियो में जुलूस के बीच बम फटते दिख रहा है। इसके अलावा तस्वीरों में किसी रामभक्त के सिर से खून आता नजर आ रहा है तो किसी के कपड़े रक्त से सने हैं। लोगों को हड़बड़ी में इधर-उधर भागते भी देखा जा सकता है।

मालूम हो कि बंगाल में रामनवमी जैसे मौकों पर हिंदुओं द्वारा शोभा यात्रा निकालना मुश्किल हो गया है। मुर्शिदाबाद में कई जगह से मिले देसी बम रिकवर किए जाने की खबरों के बीच यह घटना देखने को मिली, जहाँ रामभक्तों पर खुले में देसी बम फेंके गए और कोई कुछ नहीं कर पाया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में 20 से ज्यादा लोग घाटल हुए हैं। एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं जिसे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल में भर्ती कराया दया है। बाकियों को लोकल अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बता दें पिछले साल भी बंगाल के हावड़ा में यही हाल हुआ था जिसके मद्देनजर कुछ दिन पहले ही कोलकाता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा भी था कि वह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों को बोलें। इसके बाद पता चला कि रामनवमी के मौके पर राज्य में सुरक्षा के लिए कोलकाता में 5000 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं ताकि हालात नियंत्रित रह सकें लेकिन बावजूद इसके यह भयावह घटना घटी है।

किटी पार्टी में गई थी 40 साल की सिख महिला, देर तक नहीं लौटी घर: बेटे का आरोप- मोहम्मद आमिश ने धर्मांतरण कराके किया निकाह, जेवर और पैसे भी हड़पे

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में किटी पार्टी में शामिल होने गई 40 साल की सिख महिला को धर्मान्तरण कराकर मुस्लिम बना दिया गया है। बाद में पीड़िता से निकाह भी कर लिया गया। महिला के जेवर और रुपए भी हड़प लिए गए हैं। मुख्य आरोपित मोहम्मद आमिश बताया जा रहा है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (11 अप्रैल 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना शाहजहाँपुर के थाना क्षेत्र सदर बाजार की है। यहाँ 40 वर्षीया एक महिला के 20 साल के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि शहर के गोविन्दगंज इलाके में 11 मार्च को महिलाओं ने एक किटी पार्टी का प्रोग्राम आयोजित किया था। इसी प्रोग्राम में उसकी माँ भी शामिल होने गई थी। हालाँकि, रात हो जाने के बावजूद वह घर नहीं लौटी।

काफी रात होने तक जब महिला घर नहीं पहुँची तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने काफी खोजबीन की, लेकिन महिला का कुछ पता नहीं चला। आखिरकार पीड़िता के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी महिला की तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान शहर के कई CCTV फुटेज खंगाले गए। एक फुटेज में मोहम्मद आमिश महिला के साथ जाता दिखा।

आमिश शाहजहाँपुर के ही काँट थाना क्षेत्र के कमलनयनपुर गाँव का रहने वाला है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि मोहम्मद आमिश ने महिला का ब्रेनवॉश करके उसके साथ निकाह कर लिया है। इतना ही नहीं, पीड़िता का नया नाम निकहत खान रखने की भी बात कही गई है। पीड़ित बेटे के मुताबिक, अभी उसकी माँ ने उसके पिता से तलाक भी नहीं लिया है। इसलिए यह निकाह गैर-कानूनी है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इसमें महिला के बेटे ने पुलिस को बताया है कि निकाह और धर्मान्तरण के लिए मोहम्मद आमिश ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई शासकीय नियमावली का भी पालन नहीं किया है। बकौल शिकायतकर्ता, उसकी माँ घर से जाने के दौरान जेवर और रुपए भी अपने साथ लेकर गई थी, जिसे अब मोहम्मद आमिश ने हड़प लिया है।

आरोप है कि पुलिस में शिकायत से नाराज होकर आरोपित ने पीड़ित परिवार को व्हाट्सएप पर कॉल करके जान से मारने की धमकी दी है। शाहजहाँपुर पुलिस ने थाना सदर बाजार में FIR दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी है। मोहम्मद आमिश पर IPC की धारा 366, 406, 504 और 506 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत कार्रवाई की गई है।

हलाल-हराम के जाल में फँसा कनाडा, इस्लामी बैंकिंग पर कर रहा विचार: RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत में लागू करने की कोशिश की थी

कनाडा ने 6 अप्रैल 2024 को कहा है कि वह हलाल मॉर्टगेज जैसे वैकल्पिक वित्तपोषण उत्पादों के लिए नए उपायों का पता लगाने की योजना बना रहा है। वहाँ के बजट रिपोर्ट में कहा गया है, “कनाडा वैकल्पिक वित्तपोषण उत्पादों के एक जीवंत और बढ़ते बाजार का घर है, जिसमें हलाल मॉर्टगेज भी शामिल है। यह मुस्लिम कनाडाई और अन्य समुदायों को हाउसिंग मार्केट में भाग लेने में सक्षम बनाता है।”

इसमें लिखा है, “बजट 2024 घोषणा में उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इन उत्पादों के टैक्स में बदलाव या वित्तीय सेवा प्रदाताओं के लिए एक नया नियामक शामिल हो सकता है। कनाडा सरकार ने वित्तीय सेवा प्रदाताओं और विविध समुदायों से परामर्श करना शुरू कर दिया है कि ‘घर का मालिक बनने के इच्छुक सभी कनाडाई लोगों’ की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघीय नीतियों में क्या सुधार किया जा सकता है।”

दरअसल, शरिया कानून ब्याज को सूदखोरी मानती है। मॉर्टगेज या गिरवी को शरिया के अनुरूप या ‘हलाल’ बनाने के लिए इस्लामी दुनिया में सक्रिय वित्तीय संस्थान अक्सर गिरवी और ऋण उत्पाद पेश करते हैं, जिनमें पारंपरिक ब्याज का भुगतान नहीं होता है। कनाडा में कुछ वित्तीय संस्थान ऐसे कुछ मॉर्टगेज पेशकश करते हैं, लेकिन कनाडा के पाँच सबसे बड़े बैंकों के पास ऐसी कोई पेशकश नहीं है।

कनाडा हलाल मॉर्टगेज विकल्पों की संभावना तलाश रहा है। इसके तहत कनाडा के पाँच सबसे बड़े बैंकों को मुस्लिमों के लिए हलाल मॉर्टगेज का एक अलग खंड रखने के लिए प्रेरित कर सकता है। अक्टूबर 2022 में सीटीवी न्यूज़ की एक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मुस्लिम कनाडाई घर खरीदने से ‘छूट गए’, क्योंकि उनके पास हलाल गिरवी का विकल्प नहीं था।

कनाडा के एक इस्लामी वित्तीय संस्थान ‘मंज़िल’ के सीईओ मोहम्मद सवाफ ने सीटीवी को बताया, “वे (कनाडा के मुस्लिम) मूल रूप से खुद को इस पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर रख रहे हैं, क्योंकि यह उनके धार्मिक या नैतिक सिद्धांतों के साथ मेल नहीं खाता है। इसलिए उनका वित्तपोषण तक पहुँच बहुत मुश्किल हो जाता है।”

सवाफ़ के अनुसार, हलाल मॉर्टगेज के तहत दो विकल्प हैं: ‘मुराबाहा’ और ‘मुशरका’। मुराबाहा के तहत, वित्तीय संस्थान एक मध्यस्थ है और विक्रेता से सीधे संपत्ति खरीदता है। फिर कंपनी इसे एम्बेडेड लाभ दर के साथ ग्राहक को तुरंत बेच देती है। मुशरका के तहत विक्रेता और खरीदार एक समझौते में जाते हैं, जहाँ विक्रेता का नाम घर के मालिक के तौर पर रहता है।

जैसे ही खरीदार मॉर्टगेज का भुगतान करता है, संपत्ति में विक्रेता की इक्विटी कम हो जाती है। वहीं, मुराबाहा को भुगतान चक्र पूरा करने में लगभग 10-15 साल लगते हैं, जबकि मुशरका के मामले में भुगतान चक्र पूरा करने में लगभग 25-30 साल लगते हैं। संपत्ति की लागत से ऊपर की राशि का उल्लेख वित्तीय संस्थान द्वारा लिए गए ब्याज के रूप में नहीं, बल्कि ‘अतिरिक्त शुल्क’ के रूप में किया गया है।

रघुराम राजन ने भारत में इस्लामी बैंकिंग शुरू करने की कोशिश की थी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कॉन्ग्रेस के शासन काल के दौरान साल 2008 में भारत में इस्लामी बैंकिंग प्रणाली का प्रस्ताव रखा था। अगस्त 2007 में योजना आयोग ने रघुराम राजन की अध्यक्षता में वित्तीय क्षेत्र सुधारों पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। उस समय वे शिकागो विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे।

इस समिति ने साल 2008 में ‘ए हंड्रेड स्मॉल स्टेप्स’ शीर्षक से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस रिपोर्ट की पृष्ठ संख्या 72 पर ‘वित्तीय समावेशन के लिए बुनियादी ढाँचे में सुधार’ शीर्षक का एक खंड है, जहाँ ब्याज मुक्त बैंकिंग के विचार पर चर्चा की गई है। उस अनुभाग में एक पैराग्राफ में लिखा है, “एक और क्षेत्र, जो व्यापक रूप से समावेशन के लिए वित्तीय बुनियादी ढाँचे के दायरे में आता है, वह है ब्याज मुक्त बैंकिंग का प्रावधान।”

इसमें आगे कहा गया है, “कुछ धर्म ब्याज देने वाले वित्तीय साधनों के उपयोग पर रोक लगाते हैं। ब्याज मुक्त बैंकिंग उत्पादों की अनुपलब्धता के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय, जिनमें समाज के आर्थिक रूप से वंचित तबके के लोग भी शामिल हैं, सक्षम नहीं हो पाते हैं। यह अनुपलब्धता भारत को क्षेत्र के अन्य देशों से बचत के पर्याप्त स्रोतों तक पहुँच से भी वंचित कर देती है।”

हालाँकि, रिपोर्ट में इस्लामी बैंकिंग या शरिया काूनन बैंकिंग जैसे शब्दों का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से इस्लामी बैंकिंग की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में कुछ एनबीएफसी द्वारा ब्याज मुक्त बैंकिंग प्रदान की जाती है, लेकिन इसे बैंकिंग प्रणाली सहित बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। हालाँकि, आरबीआई ने भारत में शरिया बैंकिंग की अनुमति नहीं दी है।

हालाँकि, कंपनियों के शरिया-अनुपालक सूचकांक देश में उपलब्ध हैं। जून 2022 में ऑपइंडिया ने बताया कि कुछ X (तब ट्विटर) यूजर ने शरिया-अनुपालक म्यूचुअल फंड की पेशकश के लिए टाटा समूह की आलोचना की। हालाँकि, अधिकांश निवेशक और आमतौर पर लोग इस बात से अनजान हैं कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की कंपनियों के लिए ‘शरिया सूचकांक’ है।

क्या है शरिया इंडेक्स?

सरल शब्दों में कहें तो शरिया सूचकांक को उन कंपनियों के सूचकांक के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो शरिया कानून का अनुपालन करती हैं। सूचकांकों में सूचीबद्ध होने से पहले इन कंपनियों की एक अधिकृत बोर्ड द्वारा जाँच की जाती है। मूल रूप से इन सूचकांकों में केवल वे कंपनियाँ शामिल हैं, जो हलाल उत्पादों और सेवाओं से संबंधित हैं और हराम वस्तुओं का कारोबार नहीं करती हैं।

उदाहरण के लिए, अल्कोहल वाली पेय कंपनियों को शरिया सूचकांक में शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस्लाम में शराब हराम है। ऐसे सूचकांक दुनिया भर में मौजूद हैं और भारत में इस तरह के चार मुख्य सूचकांक हैं। ये हैं- एसएंडपी बीएसई 500 शरिया इंडेक्स, बीएसई टैसिस शरिया 50 इंडेक्स, निफ्टी 500 शरिया इंडेक्स और निफ्टी 50 शरिया इंडेक्स हैं।

शरिया सूचकांकों में शामिल करने के लिए कंपनियों की स्क्रीनिंग करने वाले बोर्ड को इस्लामी कानून या शरिया को नियंत्रित करने वाले कुरान के सिद्धांतों से अच्छी तरह वाकिफ होना आवश्यक है। शरिया-अनुपालक सूचकांक 2000 के दशक के अंत से भारत में काम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, एनएसई के शरिया सूचकांक 2008 में लॉन्च किए गए थे।

(यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है। आप इस लिंक पर क्लिक करके इसे विस्तार में पढ़ सकते हैं।

हिन्दुओं के घरों पर पत्थरबाजी, पलट दी अभिमन्यु की दुकान: अधिकतर हमलावर मुस्लिम नाबालिग, बोले पीड़ित- पलायन के लिए किया जा रहा मजबूर

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हिन्दुओं के कुछ मकानों पर पत्थरबाजी की गई है। पत्थरबाजी का आरोप मुस्लिम समुदाय के 5 लोगों पर लगा है, जिनके खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को पुलिस ने मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे उन्हें डराकर भगाने की साजिश है। बजरंग दल का आरोप लगाया है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ उपद्रवी न सिर्फ हिन्दू लड़कियों से छेड़खानी करते हैं, बल्कि पान खाकर घरों पर थूकते भी हैं।

यह मामला गाजीपुर जिले के थाना क्षेत्र दिलदारनगर का है। यहाँ के गाँव उसिया में रहने वाले शिव विलास गुप्ता ने 12 मार्च को शिकायत दर्ज करवाई कि 5 अप्रैल 2024 को 2 उपद्रवियों ने उनके घर पर पत्थरबाजी की थी। इस दौरान घर में लगे CCTV कैमरे को भी निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद 9-10 अप्रैल की रात कुछ उपद्रवी शिव विलास के घर पर पत्थरबाजी करने लगे।

पीड़ित ने बताया है कि पत्थरबाजी के दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के 5 आरोपितों की CCTV फुटेज से पहचान की है। आशंका है कि इनमें से कुछ नाबालिग भी हो सकते हैं। शिकायत में 5 नामजदों सहित 2 अज्ञात पर पत्थरबाजी का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने इन आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 352 और 427 के तहत कार्रवाई की गई है।

मैं ही नहीं, कई हिन्दू पीड़ित

ऑपइंडिया को शिव विलास ने बताया कि वह मेडिकल स्टोर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी से अकेले वो नहीं, बल्कि उसिया गाँव के कई हिन्दू प्रभावित हैं। शिव के अनुसार, गाँव में हिन्दू और मुस्लिम आबादी लगभग बराबर है। पीड़ित को यह पता ही नहीं है कि उसके घर को निशाना क्यों बनाया गया। उनका दावा है कि हमलावरों से उनका पूर्व में किसी तरह का विवाद नहीं है।

अभिमन्यु की भी दुकान तोड़ी गई

जिस रात शिव विलास गुप्ता के घर पर हमला हुआ था, उसी रात उसिया गाँव के अभिमन्यु चौरसिया की दुकान को भी निशाना बनाया गया था। अभिमन्यु चौरसिया ने 11 अप्रैल 2024 को इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। अभिमन्यु ने बताया कि 9 अप्रैल की रात को उनके पान के ठेले को पलट दिया गया था। इसी रात बदमाशों द्वारा कई अन्य हिन्दुओं के घरों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था।

मुस्लिम त्योहारों पर किया जाता है नुकसान

अपनी शिकायत में अभिमन्यु ने दावा किया है कि हिन्दुओं को प्रताड़ित करने की बात उसिया गाँव में आए दिन की है। बकौल अभिमन्यु, मुस्लिम त्योहारों में हिन्दुओं को अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। हमलावरों को आपराधिक सोच वाला बताते हुए अभिमन्यु ने भी उनको ही नामजद किया है, जिनके खिलाफ शिव विलास गुप्ता ने FIR दर्ज करवाई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

छेड़ते हैं लड़कियाँ, थूकते हैं पान खाकर

बजरंग दल के गाजीपुर सह-संयोजक शिवम चौबे ने इस घटना पर ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि घटना के बाद वो गाँव में गए थे। गाँव में उपद्रव की वजह बढ़ रही मुस्लिम आबादी को बताते हुए शिवम ने कहा कि सिर्फ पत्थरबाजी ही नहीं, बल्कि अक्सर पान खाकर हिन्दुओं के घरों पर थूका जाता है और बहन बेटियों को भी छेड़ा जाता है।

बकौल शिवम, हमलावरों के घर वाले अवैध धंधे करते हैं जिसकी वजह से उनके पास पैसे होते हैं। इन पैसे से वो अपने अपराधों की पैरवी करते हैं। ऑपइंडिया के पास घटना के वीडियो फुटेज भी मौजूद हैं। इन फुटेज में कुछ लोग पत्थरबाजी करते देखे जा सकते हैं। ऑपइंडिया ने SHO दिलदारनगर को कॉल किया, लेकिन उनका आधिकारिक नंबर नॉट रीचबल आया।

थाना प्रभारी से बात होने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा। हालाँकि हमारे द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक FIR में नामजद सभी आरोपित नाबालिग हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। हालाँकि जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद उनको जमानत मिल गई। मामले की जाँच चल रही है।

मणिपुर में कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने जारी किया व्यक्तिगत घोषणा पत्र, राज्य में NRC लागू करने की कही बात: JNU के हैं प्रोफेसर

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए लगभग हर दल ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। हालाँकि, इस मामले में कॉन्ग्रेस थोड़ी अलग निकली है। मणिपुर में कॉन्ग्रेस पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने अपना व्यक्तिगत घोषणा पत्र जारी किया है। दिलचस्प बात ये है कि जिस मुद्दे का कॉन्ग्रेस पार्टी चुप्पी साधे रहती है, उसका अकोइजम ने समर्थन किया है।

दरअसल, बिमोल अकोइजम दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर हैं। कॉन्ग्रेस ने उन्हें इनर मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। अकोइजम ने अपने ‘व्यक्तिगत घोषणा पत्र’ में राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने का वादा किया गया है। उनके घोषणा पत्र में 13 एजेंडे शामिल हैं, जिन्हें वह सांसद चुने जाने पर लागू करने का आश्वासन दिया है।

चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा, “चुनाव लड़ने का मेरा निर्णय एक सही निर्णय है, क्योंकि मैं व्यवस्था को बदलना और साफ़ करना चाहता था और गंदी राजनीति से परे जाना चाहता था। जो लोग राज्य में अराजकता कायम रखना चाहते हैं, वे चुनावी परिदृश्य में मेरी उपस्थिति से बहुत परेशान हैं। यही एक कारण है कि मेरा अभियान बाधित हुआ है और मैं एकमात्र उम्मीदवार हूँ जिसे निशाना बनाया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरी बैठक की अनुमति अधिकारी द्वारा रद्द कर दी गई है। कुछ लोग मुझे चुनाव से हटने के लिए मजबूर कर रहे हैं और मेरी आवाज को दबाने का ठोस प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद, लोगों की इच्छा की जीत होगी। इसके लिए उन्हें अंतिम निर्णय लेना होगा।”

अपने घोषणा पत्र में उन्होंने कहा है, “मेरा उद्देश्य लोगों के नेतृत्व वाले, मुद्दा-आधारित शासन व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जो सभी मणिपुरियों को लाभ पहुँचाने वाले समाधानों को प्राथमिकता देता है। मैं सद्भाव और समृद्धि द्वारा चिह्नित भविष्य की कल्पना करता हूँ, जहाँ समावेशी शासन और न्यायसंगत नीतियों के माध्यम से सामूहिक समृद्धि को प्राथमिकता दी जाती है।”

अकोइजम के वादों में जनसंख्या नीति और NRC का समर्थन करना भी शामिल है। ANI से बात करते हुए अकोइजम ने कहा कि राज्य में ‘कानूनी नागरिकों’ की पहचान के लिए एक संस्थागत तंत्र की जरूरत है। उन्होंने कहा, “जब 2003 में संसद में संशोधन पेश किया गया था तो कॉन्ग्रेस ने इसका समर्थन किया था। मणिपुर विधानसभा में 2022 में NRC की माँग करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “मणिपुर के कॉन्ग्रेस विधायकों ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया था। इसलिए, मुझे लगता है कि यह कहना बिल्कुल सही नहीं है कि कॉन्ग्रेस NRC के खिलाफ है। व्यक्तिगत रूप से मैं इसके पक्ष में हूँ। आप इसे किसी अन्य नाम से बुला सकते हैं, लेकिन हमारे पास यह अंतर करने के लिए एक संस्थागत तंत्र होना चाहिए कि कौन नागरिक है और कौन नहीं।”

उनके घोषणा पत्र की बातें:

1) जारी रही हिंसा के लिए जवाबदेही तय करना और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के लिए न्याय
2) मैतेई के लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा जैसे संवैधानिक संरक्षण का समर्थन
3) जनसंख्या नीति और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्ट्रार (NRC) का समर्थन
4) आर्थिक विकास कार्यबल का गठन करना
5) शैक्षिक सशक्तिकरण की पहल
6) अंतर-सामुदायिक संवाद और सहयोग पहल
7) शासन की जवाबदेही और निरीक्षण पहल
8) स्वदेशी कला और सांस्कृतिक एकीकरण केंद्र
9) सामाजिक-आर्थिक एवं शिक्षा स्थिति मूल्यांकन समिति का गठन
10) प्रतिमान बदलाव: सैन्य दृष्टिकोण से नागरिक शासन की ओर
11) ब्रांड मणिपुर का पुनर्निर्माण
12) प्रशासनिक सुधार
13) भारतीय संघीय राजनीति के तहत मणिपुर की स्थिति को मजबूत करना