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EVM का सोर्स कोड सार्वजनिक करने को लेकर प्रलाप कर रहे प्रशांत भूषण, सुप्रीम कोर्ट पहले ही ठुकरा चुका है माँग, कहा था- इससे बढ़ेगा खतरा

प्रोपेगेंडा और झूठ फैलाने के लिए कुख्यात सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर गड़े मुर्दे उखाड़े हैं। भूषण ने माँग की है कि चुनाव आयोग EVM का सोर्स कोड सार्वजनिक कर दे। भूषण ने यह माँग तब की है जब इसे पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा नकारा जा चुका है। कोर्ट ने कहा था कि सोर्स कोड सार्वजनिक करने से इसमें गड़बड़ी का खतरा बढ़ेगा।

चुनाव आयोग के विरुद्ध प्रलाप करते हुए प्रशांत भूषण ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “जिस तरह से चुनाव आयोग सरकार की गोद में बैठ कर काम कर रहा है और EVM की चिप का सोर्स कोड नहीं दे रहा है और ना ही विपक्षी पार्टियों से इस मामले पर बातचीत कर रहा है और यहाँ तक कि VVPAT की पर्चियों की गिनती से इनकार कर रहा है, उसके खराब मंतव्य को दर्शाती है।”

प्रशांत भूषण ने चुनाव आयोग को धमकी दी कि अगर यह लोग EVM के साथ गड़बड़ी करते पाए जाते हैं तो उन्हें जेल जाना होगा। EVM को लेकर यह प्रलाप भूषण ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से किया है जिसमें कहा गया कि मुख्य सूचना आयुक्त ने चुनाव आयोग की आलोचना की। यह RTI, EVM और VVPAT के सम्बन्ध में दी गई थी। यह RTI पूर्व IAS अधिकारी एम जी देवसहायम द्वारा दायर की गई थी।

देवसहायम उन लोगों में से हैं जिन्होंने EVM, VVPAT और वोटों की गिनती के बारे में भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की थी। देवसहायम ने इस सम्बन्ध में एक RTI नवम्बर, 2022 में चुनाव आयोग के समक्ष लगाई थी।

प्रशांत भूषण ने जिस आधार पर चुनाव आयोग पर हमला बोला, उसको लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पहले ही आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट इस माँग को ठुकरा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने नवम्बर 2023 में एक याचिका खारिज की थी जिसमें यह माँग की गई थी कि VVPAT पर्चियों की भी गिनती की जाए। इसी याचिका में EVM के सोर्स कोड को भी सार्वजनिक किए जाने की माँग की गई थी।

देश के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि हमारे पास भला ऐसा क्या सबूत है कि हम चुनाव आयोग पर शंका व्यक्त करें। उन्होंने कहा था कि सोर्स कोड सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, इससे इसको लेकर खतरा और बढ़ जाएगा।

भूषण ने यह झूठ भी बोला कि चुनाव आयोग VVPAT पर्चियों की गिनती करने को तैयार नहीं है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच EVM-VVPAT की पर्चियों की गिनती की जाती है। इन पर्चियों की गिनती के लिए VVPAT को सामान्य पर्यवेक्षक और उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में चुनाव अधिकारी द्वारा पाँच EVM VVAPT चुनी जाती हैं। इन पर्चियों की गिनती सुरक्षित तौर पर मतगणना हॉल में होती है।

VVPAT से निकली सभी पर्चियों की गिनती को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी लंबित है। चुनाव आयोग ने इसका विरोध किया है। आयोग ने कहा है कि इससे परिणाम जारी करने की तिथि 5-6 दिन आगे बढ़ जाएगी।

चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर भी यह साफ़ कर चुका है कि EVM क्यों नहीं हैक हो सकती। चुनाव आयोग ने साफ़ कहा है कि वह कोई भी EVM विदेश से नहीं मंगाता। सारी EVM भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन द्वारा निर्मित हैं। इनमे लगने वाली चिप विदेश से आती है क्योंकि यह भारत में कोई बनाता ही नहीं। इसकी सुरक्षा को लेकर भी पहले भारत में सोर्स कोड लिखा जाता है और उसे मशीन कोड में बदला जाता है। विदेशी कम्पनी को यह मशीन कोड दिया जाता है, इसमें गड़बड़ी नामुमकिन है।

दिल्ली में मनोज तिवारी Vs कन्हैया कुमार के लिए सजा मैदान: कॉन्ग्रेस ने बेगूसराय के हारे को राजधानी में उतारा, 13वीं सूची में 10 नाम

लोकसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने 10 नामों की 13वीं सूची जारी की है। लोकसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली से इस बार मनोज तिवारी के खिलाफ कन्हैया कुमार को उतार दिया है। कॉन्ग्रेस ने 13वीं लिस्ट में कुल 10 प्रत्याशियों का ऐलान किया है। इसमें कॉन्ग्रेस के हिस्से की दिल्ली की सभी तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारा गया है। कॉन्ग्रेस की ओर से दिल्ली की चाँदनी चौक सीट से जेपी अग्रवाल, उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार, उत्तर पश्चिम दिल्ली से उदित राज को टिकट दिया गया है।

इसके अलावा पंजाब की 6 सीटों पर भी कॉन्ग्रेस ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। पंजाब की अमृतसर सीट पर गुरजीत सिंह औजला, जालंधर से पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, फतेहगढ़ साहिब से अमर सिंह, भटिंडा से जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, संगरूर से सुखपाल सिंह खैरा और पटियाला से डॉ. धर्मवीर गांधी को टिकट दिया गया है।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की एक लोकसभा सीट इलाहाबाद से भी उम्मीदवार का ऐलान हुआ है। कॉन्ग्रेस ने इस ऐतिहासिक सीट से उज्जवल रेवती रमन सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उज्जवल रमण सिंह समाजवादी पार्टी नेता कुंवर रेवती रमण सिंह के बेटे हैं। उज्जवल रमण सिंह साल 2004 और 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं। बता दें इलाहाबाद सीट से रीता बहुगुणा जोशी मौजूदा सांसद हैं लेकिन इस बार उनका टिकट कट गया है। बीजेपी ने नीरज त्रिपाठी को टिकट दिया है जो पूर्व राज्यपाल पंडित केसरी नाथ त्रिपाठी के बेटे हैं।

गौरतलब है कि बिहार की बेगूसराय की सीट वामदलों के खाते में जाने के बाद से ही चर्चा थी कि कन्हैया कुमार को दिल्ली की किसी सीट से उतारा जा सकता है। वहीं बात करें उत्तर पूर्वी दिल्ली की तो मनोज तिवारी यहाँ पहले से भी सांसद हैं। वहीं दिल्ली की सात सीटों में से इस बार केवल इसी सीट पर भाजपा ने उम्मीदवार रिपीट किया है। ऐसे में यह सीट इंडिया गठबंधन के लिए भी अहम है। आपको बता दें कि कन्हैया कुमार 2019 में बेगूसराय की सीट पर भाकपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार नसीब हुई थी।

‘सूअर खाओ.. हाथी-घोड़ा खाओ.. दिखा कर क्या संदेश देना चाहते हो?’: बिहार में गरजे राजनाथ सिंह, कहा – किसने अपनी माँ का दूध पिया है जो मोदी को जेल में डाल दे

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पूरे मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने अपनी रैलियों के दौरान बताया है कि कैसे पूरी दुनिया में पिछले 10 वर्षों में भारत का कद बढ़ा है। वहीं अब बिहार के बाँका में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि अभी नवरात्रि का पर्व चल रहा है, और वो बड़ी-बड़ी मछलियाँ बना कर खाते हुए दिखा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या सन्देश दिया जा रहा है? बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव और VIP के मुकेश साहनी ने नवरात्रि के दौरान वीडियो डाला था, जिसमें वो मछली खाते दिखे थे।

राजनाथ सिंह ने कहा, “आप मछली खाएँ, सूअर खाएँ, हाथी-घोड़ा खाएँ, आपको जो खाना है खाएँ। आप दुनिया को दिखाते क्यों हैं? लोगों की भावनाओं को आहत करने का अधिकारी आपको किसने दिया? और तो कोई दिखाता नहीं है? आपका हौसला इतना बढ़ गया है? रामायण काल में सबने देखा है कि जिनके अंदर अहंकार पैदा होता है उनका क्या हश्र होता है? इस हद तक इनका मन बढ़ जाता है कभी कभी कि ये अपनी सरकार बना लेंगे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल में डाल देंगे।”

राजनाथ सिंह ने गरजते हुए कहा कि किसने अपनी माँ का दूध पिया है कि मोदी को जेल में डाल दे? इसके बाद दर्शकों ने ‘जय श्री राम’ की नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जो खुद जेल बेल और बेल में हैं वो गिरफ्तार करेंगे? उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने सारी ज़िंदगी देश के लिए खपा दी, बूढ़ी माँ की आजीवन सेवा करते रहे, उसे आप जेल भेज देंगे? उन्होंने कहा कि वो व्यक्ति किसके लिए कमाएगा, कैसे उस पर भ्रष्टाचार का आरोप लग सकता है?

बता दें कि लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने पीएम मोदी को जेल भेजने की बात की थी, जो पाटलिपुत्र से राजद की उम्मीदवार हैं। हाल ही में राजनाथ सिंह ने बताया था कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फोन कॉल से क़तर में फँसे 9 भारतीय पूर्व नौसेना अधिकारियों की फाँसी की सज़ा रुक गई थी। उन्होंने ये भी बताया कि कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पीएम मोदी की पहल पर संघर्ष-विराम हुआ और भारतीयों को वहाँ से सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।

भतीजे अखिलेश पर भारी पड़े चाचा शिवपाल यादव, आखिरकार आदित्य को बनाना पड़ा बदायूँ से उम्मीदवार: सुल्तानपुर में सपा ने बदला प्रत्याशी

समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव 2024 के रण के बीच लड़ाई में फंसती नजर आई। अखिलेश यादव इस लोकसभा चुनाव में पहले से ही कन्फ्यूज नजर आ रहे हैं, जिसकी वजह से कई लोकसभा सीटों पर तीन-तीन बार तक प्रत्याशी बदल चुके हैं, तो उन्हें परिवार का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। ताजे मामले में अखिलेश यादव का कन्फ्यूजन और उन पर पड़ रहे परिवार के दबाव का असर भी दिख रहा है। समाजवादी पार्टी ने 2 प्रत्याशियों की नई लिस्ट जारी कर दी है। ये दोनों ही प्रत्याशी पुराने प्रत्याशियों की जगह पर घोषित किए गए हैं।

सपा की 2 नए प्रत्याशियों की घोषणा सुल्तानपुर और बदायूँ सीट के लिए हुई है। यहाँ से पहले घोषित उम्मीदवारों को बदला गया है। सुल्तानपुर से सपा ने भीम निषाद की जगह गोरखपुर के राम भुआल निषाद को मैदान में उतारा है। उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, वो कई बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी चर्चा फिर कभी। अभी दूसरे उम्मीदवार आदित्य यादव के बारे में।

आदित्य यादव को बदायूँ से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा गया है। अखिलेश यादव के लिए ये उम्मीदवार अनचाहा है, क्योंकि वो चाचा शिवपाल को ही यहाँ से लड़ाना चाहते थे, लेकिन शिवपाल यादव लगातार चुनाव लड़ने से इन्कार करते रहे और युवा प्रत्याशी की बात करते रहे। ऐसे में नामांकन के लिए जब समय कम बचा है, आखिर में अखिलेश यादव को झुकना पड़ गया और आदित्य यादव के नाम की घोषणा करनी पड़ी।

समाजनवादी पार्टी की नई लिस्ट

दरअसल, शिवपाल यादव के कई अनुरोधों के बावजूद इस सीट पर अखिलेश यादव अड़े हुए थे कि शिवपाल यादव ही इस सीट से चुनाव लड़ें। कई सप्ताह से दोनों नेता अड़े हुए थे। शिवपाल यादव चाहते थे कि पार्टी बदायूँ लोकसभा सीट से उनके बेटे आदित्य को टिकट दे। इसके लिए बाकायदा बदायूँ जिला से पार्टी पदाधिकारियों ने प्रस्ताव भी पास किया है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही थी।

बता दें कि समाजवादी पार्टी में चाचा-भतीजे के बीच लड़ाई के दौरान अखिलेश यादव भारी पड़े थे। इसके बाद शिवपाल सिंह यादव ने अपनी अलग पार्टी बना ली थी, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों ही पार्टियाँ एक हो गई। हालाँकि इसके बावजूद चाचा-भतीजा में पटरी नहीं बैठ रही है। बदायूँ सीट पर फैसले को लेकर इतना समय लगना बताता है कि परिवार और पार्टी में सबकुछ नहीं चल रहा। हालाँकि बदायूँ सीट पर अखिलेश यादव आखिर में अपनी हार मानते दिखे और आदित्य यादव के नाम की घोषणा कर दी।

दरअसल, चाचा-भतीजे में मनमुटाव की सुगबुगाहट पर विपक्षी भी चुटकी लेने लगे थे। शिवपाल और आदित्य यादव दोनों में से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी कौन होगा इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य अपनी सभी जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं में कहते नजर आ रहे हैं कि भतीजे(अखिलेश) ने चाचा को बदायूं में फँसा दिया है और शिकंजा इतना कस दिया है कि चाचा निकल नहीं पा रहे हैं।

बता दें कि बदायूँ में चुनाव प्रचार के लिए शिवपाल यादव के साथ उनके बेटे आदित्य यादव भी घूम रहे थे। पहले दौर के बाद ही बदायूँ में आदित्य यादव के प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा होने लगी यह चर्चा समाजवादी के मंच से बदायूँ के नेता करने लगे। धर्मेंद्र यादव जब चाचा शिवपाल यादव के चुनाव प्रचार के लिए बदायूँ आए तो उन्होंने भी मंच से शिवपाल की जगह आदित्य यादव के लिए माहौल बनाया। शिवपाल यादव लगातार मीडिया से यही कहते नजर आ रहे हैं कि प्रत्याशी वह होंगे या उनका बेटा या कोई और समाजवादी पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ेगी।

बहरहाल, बदायूँ को लेकर अखिलेश यादव की चुप्पी काफी कुछ कह रही थी। वो नहीं चाहते कि चुनावी माहौल में गलत मैसेज मतदाताओं में जाए, इसीलिए वो पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। वो मानकर चल रहे हैं कि बदायूँ पर परिवार का जोर काम कर गया, तो ठीक है, वर्ना एक सीट हार जाने में दिक्कत नहीं, लेकिन अगर इस तनातनी का असर पूरे यूपी पर पड़ गया, तो कहीं हालत 2019 जैसे न हो जाए। ऐसे में उन्होंने इस सीट को लेकर शिवपाल यादव की बात आखिर में मान ली और आदित्य यादव के नाम की घोषणा कर दी, साथ ही सूत्रों की मानें तो इस सीट की पूरी तरह से गारंटी लेने के लिए शिवपाल यादव को कह दिया गया है।

’10 साल में PM मोदी ने किया बहुत काम’: काशी पहुँचे रणवीर सिंह, कृति सेनन और मनीष मल्होत्रा ने बुलंद किया ‘विकास भी, विरासत भी’ का नारा, बोले – संस्कृति पर गर्व करें युवा

अभिनेता रणवीर सिंह, अभिनेत्री कृति सेनन और फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। तीनों बॉलीवुड हस्तियों को पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के बीच मंदिर के भीतर ले जाकर दर्शन कराया गया। इस दौरान कृति सेनन ने ‘हर हर महादेव’ और ‘जय सिया राम’ का उद्घोष करते हुए बताया कि वो 10 साल पहले एक विज्ञापन की शूटिंग के लिए वाराणसी आई थीं, लेकिन तब उनके पास समय नहीं था।

कृति सेनन ने कहा कि उस वक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं हो पाए थे, ये उनके मन में रह गया था। ‘बरेली की बर्फी’ (2017) और ‘भेड़िया’ (2022) जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं कृति सेनन ने कहा कि 2014 में उनकी पहली फिल्म ‘हीरोपंती’ के बाद वो काशी आई थीं एड शूट के लिए। उन्होंने बताया कि काशी आकर विश्वनाथ मंदिर का दर्शन और शिवजी की आरती करने के बाद उनके मन मर कृतज्ञता की भावना है, वो खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हैं।

कृति सेनन ने कहा, “यहाँ जो ऊर्जा है, स्पंदन है नगर में… बहुत अच्छे तरीके से दर्शन हुए। मैंने इससे पहले शिवजी की आरती और पूजा इस तरह से नहीं की थी। जब आप अचानक से बहुत सुकून महसूस करते हो, गंगा घाट पर यहाँ यही महसूस होता है। ऐसा लगता है कि यहाँ पहले क्यों नहीं आए। हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो प्रयास है ‘विकास भी, विरासत भी’ का, काशी उसका उदाहरण है। शहर आधुनिक हुआ है, यहाँ विकास कार्य हुए हैं, कनेक्टिविटी बढ़ी है।”

कृति सेनन ने कहा कि विकास कार्यों के बावजूद काशी के भीतर की आत्मा वही है, इसमें वही प्राचीनता है। कृति सेनन ने कहा कि विकसित होना बहुत ज़रूरी है, लेकिन अपनी संस्कृति और सभ्यता को साथ लेकर चलना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले 10 वर्षों में काशी में रेलवे-सड़कों से लेकर कॉरिडोर बनाने तक, नए सुंदर घाटों तक, बहुत काम हुआ है। वहीं रणवीर सिंह ने कहा कि वो शब्दों में बयाँ नहीं कर पा रहे हैं, वो जीवन भर भगवान शिव के भक्त थे हैं और पहली बार यहाँ दर्शन हुए हैं।

रणवीर सिंह ने कहा कि वो अगली बार अपनी माँ और पत्नी को लेकर भी आएँगे। उन्होंने कहा कि आरती के समय ऐसा लगा कि एक अलग ही शक्ति आ जाती है, सभी उस ऊर्जा में लीन हो जाते हैं। रणवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य यही था कि हम हमारे इतिहास, संस्कृति और सभ्यता का सम्मान करें। रणवीर सिंह ने कहा कि हम भारतवर्ष आधुनिकता की तरफ तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन हमें हमारी जड़ों और संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए, ‘विकास भी, विरासत भी’ का मतलब है भूत एवं भविष्य का मिश्रण।

उन्होंने कहा कि काशी का भूत तो इतिहास से भी पुराना है। उन्होंने अपने अनुभव को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि मंदिर में उन्हें कई विदेशी मिले जिन्हें उन्होंने ‘अतिथि देवो भव’ कह कर स्वागत किया। ‘बजराव मस्तानी’ (2015) और ‘पद्मावत’ (2018) के अभिनेता ने कहा कि वो पहली बार काशी आए हैं, लेकिन एक समय होता है जब बुलावा आता है। उन्होंने कहा कि वो धन्य हो गए हैं, फूले नहीं समा रहे। रणवीर सिंह ने युवाओं को सन्देश दिया कि वो अपनी संस्कृति व जड़ों पर गर्व करें, काशी आएँ।

उन्होंने उदाहरण दिया कि पश्चिमी जगत भी भारत के सिखाए हुए योग-आयुर्वेद से लेकर यहाँ हुई शून्य की खोज का अनुसरण कर रहा है। वहीं मनीष मल्होत्रा ने कहा कि वो कई बार काशी आए हैं, यहाँ बहुत शांति मिलता है। उन्होंने बताया कि कई बार वो नाव से गंगा के घाटों पर घूम चुके हैं। बकौल मनीष मल्होत्रा, रणवीर-कृति इन चीजों को समझते हैं। फैशन डिजाइनर ने कहा कि ये रविवार उनके लिए बहुत-बहुत विशेष हो गया। तीनों ने एक कार्यक्रम में भी भागीदारी की।

‘UCC बर्दाश्त नहीं करेगा मुल्क का मुस्लिम, CAA-NRC की तरह देंगे जवाब’: BJP के संकल्प-पत्र के बाद मौलाना की धमकी, कहा – लाल किले पर झंडा नहीं फहरा पाएँगे मोदी

भाजपा ने रविवार (14 अप्रैल, 2024) को लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपना संकल्प-पत्र जारी कर दिया, जिसे ‘मोदी की गारंटी’ नाम दिया गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने इस घोषणा-पत्र (Manifesto) को तैयार किया है। इसमें लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद UCC (समान नागरिक संहिता) का वादा किया है। UCC भाजपा के लिए पुराना मुद्दा है। अब मौलाना मुस्ताक मलिक ने यूसीसी को लेकर धमकी दी है।

हैदराबाद स्थित ‘तहरीक मुस्लिम शब्बन’ के अध्यक्ष मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा है कि UCC के मसले पर हम इसके खिलाफ हैं और इसे लाने की कोशिश की जाएगी तो इसके विरोध में प्रतिक्रिया वैसी ही होगी जैसी CAA (नागरिकता संशोधन कानून) और NRC पर रिएक्शन आया था। उन्होंने कहा कि मुल्क के मुस्लिम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक हित के मुद्दों पर इनकी (भाजपा की) जबान बंद रहती है और मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की जा रही है।

मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा कि ये इस तरफ मुल्क को ले जा रहे हैं, जहाँ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर चुनाव लड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पहला चरण जब करीब आ गया है, भाजपा अपने इरादे में कामयाब नहीं हो पाएगी। इतना ही नहीं, ‘तहरीक मुस्लिम शब्बन’ के अध्यक्ष ने ये भविष्यवाणी भी कर डाली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में लाल किले से झंडा नहीं फहरा पाएँगे। बता दें कि हैदराबाद में AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा की माधवी लता के बीच है।

बता दें कि भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में ‘सुशासन की मोदी की गारंटी’ हिस्से के अंतर्गत समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है। पार्टी का कहना है कि भारत के अनुच्छेद-44 में समान नागरिक संहिता राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों के रूप में दर्ज की गई है और भाजपा का मानना है कि जब तक इसे नहीं अपनाया जाता, महिलाओं को समान अधिकार नहीं मिल सकता। पार्टी ने कहा कि भाजपा सर्वश्रेष्ठ परंपराओं से प्रेरित UCC के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें उन परंपराओं को आधुनिक हिसाब से ढाला जाएगा।

अपनी ही स्टूडेंट के साथ सेक्स करती थी टीचर, कार की पिछली सीट पर संबंध बनाती पकड़ी गई: हुई गिरफ्तार

अमेरिका में एक लेडी टीचर को गिरफ्तार किया गया है। उस पर अपने ही 16 साल के स्टूडेंट के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप हैं। वो कम से कम 5 मौकों पर छात्र के साथ संबंध बना चुकी थी। ताजे मामले में वो एक प्रोटेक्टेड वाइल्डलाइफ जोन में कार खड़ी कर पीछे की सीट पर स्टूडेंट के साथ सेक्स कर रही थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मामला अमेरिका के न्यू जर्सी शहर का है। 37 वर्षीय टीचर जेसिका सविकी को अरेस्ट कर लिया गया है। अमेरिका में सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कानून है, लेकिन न्यू जर्सी में सहमति से सेक्स करने के लिए 18 वर्ष की उम्र होनी अनिवार्य है।

वाइल्डलाइफ एरिया के इंस्पेक्टर ने बताया कि जेसिका सविकी को गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वो कार में अपने ही स्टूडेंट के साथ सेक्स कर रही थी। इस साल कई बार कार में दोनों को बिना कपड़ों के पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई है।

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू जर्सी में के हैमिल्टन हाई स्कूल वेस्ट में जेसिका सविकी ट्रेंटन टीचर है, जो अंग्रेजी विषय पढ़ाती थी। अधिकारियों के अनुसार, सॉविकी और स्कूली छात्र को न्यू जर्सी के अधिकारियं ने बिना पकड़ों के पाया। दस्तावेज़ों में कहा गया है कि दोनों ने कार की पिछली सीट पर सेक्स किया था।

अमेरिका के न्यू जर्सी में सहमति से संबंध बनाने की उम्र 18 वर्ष है। इस मामले में महिला को यौन उत्पीड़न का आरोपित बनाया गया है। उसके खिलाफ सेकंड डिग्री यौन उत्पीड़न का केस लगा है। सविकी ने कथित तौर पर जाँचकर्ताओं को स्वीकार किया कि दिसंबर से 6,393 एकड़ के राज्य के स्वामित्व वाले वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्र में उनके और लड़के के बीच कम से कम पाँच बार सेक्स किया।

बता दें कि अमेरिका में पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें लेडी टीचर्स पर अपने स्टूडेंट्स के साथ सेक्स करने के आरोप लगे। पिछले साल अप्रैल महीने में दो दिन के अंदर एक जैसे कारनामे करने वाली 6 लेडी टीचर्स को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इस साल जनवरी में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। इस मामले में मैथ पढ़ाने वाली टीचर बाकी बच्चों को क्लासरूम से बाहर भेज कर उनके रखवाली कराती थी और क्लासरूम के भीतर ही छात्र के साथ संबंध बनाती थी।

हरियाणा के युवक की कनाडा में हत्या, गोलियों से भून कर हमलावरों ने बुझा दिया घर का ‘चिराग’: परिवार ने PM मोदी से लगाई हस्तक्षेप की गुहार

भारत से स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गए एक 24 वर्षीय युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम चिराग अंतिल है जो मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का निवासी था। मृतक के परिजनों ने अंतिल का शव भारत लाने और उनके कातिलों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। घटना शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) की है। की है। कनाडा पुलिस अभी तक हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा पाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक चिराग का परिवार मूल रूप से सोनीपत के सेक्टर 12 में रहता है। उनके पिता हरियाणा राज्य सरकार के सुगर मिल विभाग से रिटायर हुए हैं। सितंबर 2022 में चिराग अंतिल MBA की पढ़ाई करने कनाडा गए थे। यहाँ उन्होंने बैंकूवर के ब्रिटिश कोलंबिया में एडमिशन लिया था। कुछ ही दिनों पहले चिराग की पढ़ाई पूरी हो गई थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने बैंकूवर की ही एक कम्पनी में नौकरी भी शुरू कर दी थी। नौकरी के लिए चिराग को वर्क वीजा मिला था। जिस एजेंसी में चिराग काम कर रहे थे वो मैनपॉवर और सिक्योरिटी संबंधित है।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए चिराग के भाई रोनित ने बताया कि शनिवार सुबह तक सब कुछ ठीक था। चिराग ने अपने घर में बात भी की थी। तब वो काफी खुश भी थे। थोड़ी देर बाद वो खाना खाने के लिए अपनी ऑडी कार से बाहर निकले। इस दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनको गोलियों से भून दिया। चिराग की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी हत्या की जानकारी कनाडा पुलिस ने सोनीपत में रहने वाले उनके परिजनों को दी। परिजनों ने हत्या की वजह पूछने के लिए कनाडा पुलिस और चिराग के दोस्तों को कई कॉल किए लेकिन उन्हें अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है।

अब चिराग के घर वाले अंतिम संस्कार के लिए उनका शव कनाडा से वापस लाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से गुहार लगाई है। इसी के साथ कातिलों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशा की है। कनाडा पुलिस ने बताया है कि चिराग अंतिल की हत्या की सूचना पर जब वो पहुँची तब वो अपने वाहन में मृत पाए गए थे। फिलहाल अभी तक किसी भी भी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में लोगों से सहयोग देने की अपील की है।

TMC सांसद के पति राजदीप सरदेसाई का बेंगलुरु में ‘मोदी-मोदी’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से स्वागत: चेहरे का रंग उड़ा, झूठी मुस्कान लिए खिसियाते रह गए

इंडिया टुडे के साथ बतौर कंसल्टेंट कार्यरत वरिष्ठ टीवी ‘पत्रकार’ राजदीप सरदेसाई का बेंगलुरु में लोगों ने अलग तरीके से स्वागत किया। कुछ दिन पहले तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष अन्ना मलाई से खाने के लिए रेस्टोरेंट का पता पूछने वाले राजदीप बेंगलुरु में सुबह-सुबह स्थानीय लोगों से घिर गए, और उनका स्वागत ‘मोदी-मोदी’ के नारे के साथ हुआ। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ये वीडियो बेंगलुरु का है, जहाँ वो चुनावी कवरेज के लिए पहुँचे थे। राजदीप सरदेसाई सुबह-सबेरे ही बेंगलुरु के बोटेनिकल गार्डन वॉक करने वाले लोगों के बीच पहुँच गए, क्योंकि उस समय बेंगलुरु में बीजेपी प्रत्याशी और मौजूदा सांसद तेजस्वी सूर्या ‘रन फॉर नमो’ नाम के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे। चूँकि राजदीप को कुछ मसालेदार चाहिए था, ऐसे में वो आम लोगों के बीच पहुँच गए। लेकिन आम लोगों को राजदीप की मौजूदगी शायद अखर सी गई।

बोटेनिकल गार्डन में स्थानीय लोगों ने राजदीप सरदेसाई को देखते ही हूटिंग शुरू कर दी। राजदीप सरदेसाई का स्वागत ‘मोदी-मोदी-मोदी’ और ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ हुआ। इन नारों के लगते ही राजदीप सरदेसाई के चेहरे की रंगत उड़ती नजर आई। कहाँ तो वो पहुँचे थे अपने टीवी चैनल के लिए मसाला ढूँढने, लेकिन लोगों ने उनके ही मजे ले लिए। अब इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अंकुर सिंह ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “किस तरह से बेंगलुरु ने राजदीप सरदेसाई का स्वागत किया। राजदीप के चेहरे के भाव सबकुछ बयाँ कर रहे हैं।”

हार्दिक भावसर ने इसी वीडियो पर राजदीप सरदेसाई को ट्वीट में मेंशन करके पूछा, ‘कैसा लगा स्वागत?’ इसका जवाब राजदीप सरदेसाई ने भी दिया। उन्होंने लिखा, “बहुत बढ़िया, बेंगलोर में हम नमस्कारा से लोगों का स्वागत करते हैं, जमाना बदल गया है।” उनके कहने का साफ मतलब है कि वो बेंगलुरु के माहौल में आए राष्ट्रवादी बदलाव को महसूस कर पा रहे हैं।

बता दें कि राजदीप सरदेसाई का एक वीडियो कुछ समय पहले भी वायरल हुआ था, जिसमें वो तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई से खाने को लेकर कई सवाल पूछ रहे थे। उस वीडियो में दक्षिण भारतीय खाने के साथ ही मांसाहारी खाने के बारे में वो सवाल पूछ रहे थे, जिसपर अन्नामलाई ने बेहद विनम्रता से राजदीप की बोलती बंद कर दी थी। इस वीडियो पर राजदीप को सफाई भी देनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि राजदीप सरदेसाई की पत्नी सागरिका घोष टीएमसी की ओर से राज्यसभा सांसद हैं। कुछ दिन पहले वो दिल्ली में प्रदर्शन करती नजर आई थी। राजदीप सरदेसाई और सागरिका घोष दोनों ही खुद को ‘पत्रकार’ साबित करते रहे हैं और अक्सर मोदी विरोधी प्रोपेगेंडा में लिप्त रहे हैं। हालाँकि राजदीप सरदेसाई को न्यूयॉर्क तक में आम लोगों का विरोध झेलना पड़ेगा है। ऐसे में लगता है कि राजदीप को इन सबकी आदत सी लग चुकी है।

‘अल्लाह-हू-अकबर’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ के नारे: नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को घोषित किया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल’, सड़क पर उतरी भीड़ ने जलाए पुतले

नेपाल में वहाँ के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कमलनारायण दास के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पोस्ट के खिलाफ मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है। उन्मादी भीड़ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगा कर कई जगहों पर सड़क जाम कर रही है। भीड़ में शामिल लोग पोस्ट में लिखी बातों को अपने पैगंबर का अपमान बता कर पुतले जला रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लिखे जा रहे हैं। नेपाल के मुस्लिम आयोग ने भी इस मामले में अपनी सरकार से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

इस घटना पर नेपाल के मुस्लिम आयोग ने सरकार को एक शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया गया है कि फेसबुक पर कमल नारायण दास के नाम से इस्लाम को बदनाम करने के लिए झूठी और भ्रामक बातें लिखी गईं है। इस पोस्ट में मुस्लिम समुदाय द्वारा रखे जाने वाले रोजा पर टिप्पणी की गई है। मुस्लिम आयोग ने इस पोस्ट पर रमजान में शेयर करने के पीछे नेपाल के भाईचारे को खत्म करने की साजिश करार दिया है। मुस्लिम आयोग ने दुःख प्रकट करते इसे नेपाल में साम्प्रदायिकता फैलाने की साजिश बताया है।

नेपाली मुस्लिम आयोग का बयान

नेपाल में सभी मत-मजहबों को एक जैसा बताते हए मुस्लिम आयोग ने कहा है कि कुछ लोग कमल नारायण दास के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं। मुस्लिम आयोग ने अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे तर्कों को इस मामले में गलत बताते हुए इसको अपनी संस्कृति पर हमला करार दिया है। मुस्लिम आयोग का मानना है कि ऐसी पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बताना नेपाली कानून और संविधान का उल्लंघन होगा। अंत में मुस्लिम आयोग ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पत्र पर अध्यक्ष के तौर पर शमीम मियाँ अंसारी के दस्तखत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की गिरफ्तारी की माँग

यह पोस्ट जिस हैंडल किया किया गया है वह नॉन-वेरिफाइड है। अभी तक नेपाली पुलिस या कोई जाँच एजेंसी आधिकारिक तौर पर यह नहीं बता पाई है कि पोस्ट किसके द्वारा लिखी गई है। इसके बावजूद नेपाल के एक बड़े हिस्से में मुस्लिम वर्ग वहाँ की सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कमल नारायण दास के खिलाफ सड़क पर उतर कर कार्रवाई की माँग कर रही है। ‘नेपाली मुस्लिम शांति समाज सरलाही मलंगवा’ नाम के फेसबुक पेज पर तो ‘Arrest Kamal Naranyan Das’ नाम से कैप्शन भी दे दिया गया है। 12 अप्रैल (शुक्रवार) को इस कैप्शन से साथ अटैच वीडियो में मुस्लिम भीड़ चौराहे पर आग जला कर नारेबाजी कर रही है।

कमल नारायण दस ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ घोषित

फरहाद अहमद नाम के व्यक्ति ने शनिवार (13 अप्रैल, 2024) को अपने फेसबुक पर कमलनारायण दास के खिलाफ नेपाल के सरलाही जिला स्थित मलंगवा में निकले जुलूस के वीडियो शेयर किए हैं। यह जुलूस मुस्लिम बोर्ड नेपाल द्वारा निकाला गया है। इस प्रदर्शन के जुलूस में छपे बैनरों पर ‘गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ कार्रवाई’ लिखा हुआ है। जुलूस में कई मौलवी और मौलाना शामिल दिख रहे हैं। ये सभी पुलिस के आगे ही उत्तेजक नारे लगा रहे हैं।

इन नारों में अल्लाह हु अकबर, नारा ए तकबीर के साथ ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ जैसी बातें बोली जा रहीं हैं। बीच में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘सर तन से जुदा’ वाला लगाओ। फ़िलहाल अभी तक नेपाली पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।