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जिसने की सरबजीत सिंह की हत्या, उसे ‘अज्ञातों’ ने निपटा दिया: लाहौर में सरफ़राज़ को गोलियों से छलनी किया, गवाहों के मुकरने के कारण हो गया था बरी

पाकिस्तान में ‘अज्ञात’ का कहर जारी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे आतंकी कह रहे हैं, कुछ बदमाश तो कुछ लोग इसे ‘मानवता का पुजारी’ बता रहे हैं। दरअसल, कुछ महीनों में अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान के कई कट्टरपंथियों की हत्या कर दी है। अब ताजा मामले में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की पाकिस्तान की जेल में हत्या करने वाले शख्स की लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

दरअसल, गलती से भारत की सीमा पारकर पाकिस्तान पहुँचे सरबजीत को वहाँ के कोट लखपत जेल में बंद कर दिया गया था। उसी जेल में लाहौर के अंडरवर्ल्ड डॉन अमीर सरफराज उर्फ तांबा भी बंद था। उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सरबजीत की पीट-पीटकर और गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उन्हें तड़पाकर मारने वाले सरफराज को ‘अज्ञात हमलावरों’ ने गोली मारकर हत्या कर दी।

‘अज्ञात हमलावरों’ ने सरफराज को एक के बाद एक करके कई गोलियाँ मारीं, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। दरअसल, अप्रैल 2013 में अमीर सरफराज और उसके साथी कैदी मुदासिर मुनीर पर दिखावे के लिए सरबजीत सिंह की हत्या आ आरोप तय किया गया था, लेकिन 15 दिसंबर 2018 को लाहौर की जिला एवं सत्र अदालत ने सभी गवाहों के मुकरने के बाद दोनों को बरी कर दिया था।

दरअसल, पंजाब के रहने वाले सरबजीत सिंह 29 अगस्त 1990 को पाकिस्तानी सीमा में चले गए थे। पाकिस्तानी सेना ने उन्हें जासूस बताकर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद साल 1991 में लाहौर और फैसलाबाद में हुए बम धमाके के मुख्य आरोपित बताकर मौत की सजा सुना दी गई। वहीं, सरबजीत सिंह के परिवार ने कहा था कि नशे की हालत में वे गलती से पाकिस्तानी सीमा में चले गए थे।  

भारत भी लगातार पाकिस्तान पर सरबजीत सिंह को लौटाने का दबाव बना रहा था। वैश्विक दबाव भी था। इसके बाद पाकिस्तान ने फाँसी की सजा को टाल कर दूसरा प्लान बनाया और ISI ने अमीर सरफराज के जरिए साल 2013 में ईंटों, तेज धातु की चादरों, लोहे की छड़ों और ब्लेड से हमला करके उन्हें तड़पाकर मार डाला। उनका गला भी दबाया गया था।

बताते चलें कि पाकिस्तान में छिपकर बैठे भारत के ऐसे कई दुश्मनों की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं। यहाँ तक कहा जाता है कि भारत का वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद की भी हत्या की जा चुकी है। हालाँकि, पाकिस्तान इनको लेकर कभी कुछ नहीं बोला और ना ही भारत ने आधिकारिक रूप से इसको लेकर कुछ कहा है।

दरअसल, पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों ने इन हत्याओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इन अधिकारियों का हवाला देते हुए ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ ने 4 अप्रैल 2024 को ‘भारत सरकार ने पाकिस्तान में हत्याओं का आदेश दिया, खुफिया अधिकारियों का दावा है’ शीर्षक से यह विवादित लेख छापा था। अखबार ने अज्ञात स्रोतों, खासकर पाकिस्तानी खुफिया को आधार बनाया था।

अखबार ने इन खुफिया अधिकारियों को हवाला देते हुए पीएम मोदी को ‘अतिरिक्त-क्षेत्रीय हत्याओं’ के सूत्रधार के रूप में प्रदर्शित किया था। इस लेख के ठीक अगले दिन पीएम मोदी ने राजस्थान के चुरु में एक रैली की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैंने उस दिन चुरू की धरती पर जो शब्द कहे थे, मैं आज उन भावनाओं को वीरों की धरती पर दोहराना चाहता हूँ। मैंने यहाँ कहा था- ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूँगा… मैं देश नहीं रुकने दूँगा… मैं देश नहीं झुकने दूँगा। मेरा वचन है भारत माँ को, तेरा शीश नहीं झुकने दूँगा’।”

5 अप्रैल की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने 26 फरवरी 2019 को अपनी चुरू यात्रा को याद किया और कहा, “हमने आतंकवादियों को सबक सिखाया है।” दरअसल, 26 फरवरी 2019 वही दिन था, जब भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करके आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। यह भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है। उसी दिन उन्होंने देश नहीं ‘झुकने दूँगा’ वाली बात भी कही थी।

‘ये तो सिर्फ ट्रेलर है’: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई ने ली सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी, CM शिंदे ने अभिनेता से की बात

बॉलीवुड ऐक्टर सलमान खान के मुंबई स्थित घर के बाहर रविवार (14 अप्रैल 2024) को बाइकसवार कुछ अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि यह हमला कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने करवाया है। वहीं, हमले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सलमान से बात की और उनकी सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया।

इस गोलीबारी के बाद पुलिस ने सलमान खान के आवास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस ने बताया कि मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट्स’ के बाहर रविवार की सुबह करीब पाँच बजे दो व्यक्तियों ने चार गोलियाँ चलाईं और भाग गए। स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रान्च ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। वहीं, सलमान के पिता सलीम खान ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

इस गोलीबारी को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अमरेका में रहने वाले भाई अनमोल बिश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा, “सलमान हमने ये हमला तुम्हें सिर्फ ट्रेलर दिखाने के लिए किया था। ये हमारी पहली और आखिरी वार्निंग है।”

अनमोल बिश्नोई ने पोस्ट में लिखा है, “ॐ जय श्रीराम, जय गुरुजी जम्भेश्वर, जय गुरु दयानंद सरस्वती, जय भारत। हम अमन चाहते हैं। जुल्म के खिलाफ फैसला अगर जंग से हो तो जंग ही सही। सलमान खान हमने ये तुम्हें सिर्फ ट्रेलर दिखाने के लिए किया है, ताकि तुम समझ जाओ हमारी ताकत को। और मत परखो। यह पहली और आखरी वॉर्निंग है।”

अनमोल बिश्नोई के कथित सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा गया है, “इसके बाद गोलियाँ खाली घर पर नहीं चलेगी। तुमने दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील को भगवान मान रखा है, उसके नाम से हमने दो कुत्ते पाले हुए हैं। बाकी ज्यादा बोलने की हमें आदत नहीं है। जय श्रीराम जय भारत सलाम शाहिद। लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप, गोल्डी बराड़ ग्रुप, रोहित गोदारा, काला जठेड़ी।”

अनमोल बिश्नोई का कथित सोशल मीडिया पोस्ट (साभार: दैनिक भास्कर)

इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सलमान खान से फोन पर बात की। सीएम शिंदे ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर को सलमान खान की सिक्योरिटी बढ़ाने का आदेश दिया है। इसके बाद उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी मिलते ही उसे साझा किया जाएगा। अटकलबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।

मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार, फायरिंग जिस बंदूक से की गई थी, वो 7.6 बोर की बंदूक थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके से एक जिंदा बुलेट मिला है। पुलिस ने आरोपितों की एक बाइक को भी जब्त किया है, जिसकी जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित राज्य के बाहर के हो सकते हैं। उनकी लंबाई 5 फीट 8 इंच हो सकती है।

दरअसल, हमले के वक्त दोनों बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था, इसलिए उनकी पहचान नहीं हो पाई है। सलमान खान के घर के बाहर और आसपास के इलाके में जितने भी CCTV कैमरे लगे थे, उनके DVR को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस के हाथ एक CCTV फुटेज लगी है, जिसमें आरोपित चेहरा ढंके हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस इन फुटेज की जाँच कर रही है।

सलमान खान के घर पर दो गोलियों के निशान मिले हैं। एक बाहरी दीवार पर और दूसरा बालकनी की दीवार पर। इस घटना को लेकर सलमान खान के पिता सलीम खान ने सीएनएन न्यूज 18 को बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, “बताने को कुछ नहीं है। वे (आरोपित) सिर्फ प्रचार चाहते हैं। चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”

बता दें कि सलमान खान को इससे पहले भी कई बार धमकी मिल चुकी है। जून 2022 में मॉर्निंग वॉक पर निकले सलमान के पिता सलीम खान को एक अज्ञात पत्र मिला था, जिसमें उन्हें और सलमान को जान से मारने की धमकी दी गई थी। दरअसल, सलमान खान द्वारा काला हिरण मारने के आरोप के बाद उनके पीछे लॉरेंस बिश्नोई पीछे पड़ा हुआ है। इसको देखते हुए सलमान की सुरक्षा कड़ी की गई है।

राजस्थान का बिश्नोई समाज प्रकृति और जीव-जन्तुओं से प्यार करने के लिए जाना जाता है। यह समाज जानवर को भगवान का रूप मानता हुए उसकी पूजा करता है। सबसे ज्यादा हिरण की पूजा की जाती है। लॉरेंस चाहता है कि सलमान हिरण को मारने को लेकर बिश्नोई समाज से माफी माँगे। उसने धमकी दी है कि अगर सलमान खान ने माफी नहीं माँगी तो वह उन्हें जान से मार देगा।

लॉरेंस बिश्नोई की धमकी मिलने के बाद सलमान खान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। इस सुरक्षा घेरे में सलमान के साथ 11 जवान हर समय साथ रहते हैं। इनमें दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियाँ हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है।

गाय बचाने पर आफताब ने दर्ज कराई FIR, झारखंड पुलिस ने भेजा नोटिस: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूछा, “हिंदू धर्म में पैदा होना गुनाह है क्या?”​

झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे को देवघर की मोहनपुर थाने की पुलिस ने नोटिस जारी किया है और 19 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। मोहनपुर थाने में मोहम्मद आफताब द्वारा दर्ज कराए गए मामले में उनके खिलाफ नोटिस जारी हुआ है। पुलिस ने कहा है कि उन्हें पूछताछ में सहयोग करते हुए पूछताछ में शामिल होना है। बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके ऊपर केस किया गया है।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने भी रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद उन्हें पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद भड़के निशिकांत दुबे ने कहा कि क्या गाय को बचाने की वजह से राज्य सरकार उन्हें प्रताड़ित करेगी?

निशिकांत दुबे ने इस मामले की न्यूजपेपर कटिंग एक्स पर शेयर की और लिखा, ”मैं एक सनातनी हूं, गौ माता की रक्षा मेरा धर्म का हिस्सा है। विपक्ष एक खास धर्म से प्रेम करती है और हिंदू से नफरत, अगर मैंने गौ माता को बचाया तो क्या मुझे राज्य सरकार प्रताड़ित करेगी ? क्या मैंने हिंदू धर्म में पैदा होकर गुनाह किया है?’

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ‘झारखंड सरकार का नियम है कि राज्य से गाय को खरीदने के बाद उसे बेचने के लिए उसी राज्य में ले जा सकते हैं जहां गौ हत्या पूर्ण प्रतिबंध हो। वैसे वो गाय बांग्लादेश जा रही थी जिसकी मैंने शिकायत की थी। एफआईआर कहा गया है कि वो गाय को लेकर बिहार जा रहे थे। बिहार में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।’

सांसद ने आगे कहा, “आप ही का एफआईआर कहता है कि दो गौ तस्कर को हमने पकड़ा। उन दोनों गौ तस्करों को आपने भगा दिया और किसी तीसरे आदमी से आपने एफआईआर दर्ज करवा दी। अदालत ने इसकी जांच पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद चुनाव के समय आप यह मुद्दा उठाते हैं।”

निशिकांत दुबे ने आगे कहा, “चुनाव आयोग बार-बार कह चुका है कि आप हिंदू के नाम पर, गाय के नाम पर और धर्म के नाम पर वोट नहीं माँग सकते हैं। लेकिन गौ तस्करों को पकड़वाने पर आप मुझे नोटिस भेज रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप मुझे मजबूर कर रहे हैं। पूरा प्रशासन जेल में बंद हेमंत सोरेन के इशारे पर मुझे मजबूर कर रहा है कि मैं धर्म के नाम पर ही वोट माँगने जाऊँ और राजनीति करूँ। मेरे ऊपर तो यह आरोप है कि मैंने गाय माता को बचाया। गाय माता तो हिंदू की गाय माता है। भारत का संविधान कहता है कि गौ हत्या नहीं होनी चाहिए।”

ये मामला साल 2023 का है। दिसंबर में मोहनपुर-हंसडीहा रोड पर एक शख्स दर्जनों की संख्या में गायों को लेकर जा रहा था। गायों के इस काफिले के सांसद ने रोक लिया था और सांसद की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने इन गायों को मुक्त करा दिया था। उस वक्त पुलिस उस शख्स को अपने साथ ले गई थी। बाद में सांसद पर बलथर गाँव के रहने वाले मोहम्मद आफताब ने केस दर्ज कराया था। अब केस के जाँच अधिकारी ने सांसद को जाँच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है।

पत्थरबाजी, उन्मादी नारे… ‘डोरमैट पर काबा प्रिंट है’ कह उतावली हुई मुस्लिम भीड़: यूपी पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी वारदात, दुकानदार बोले – थैंक यू

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया था। यहाँ एक शॉपिंग मार्ट में डोरमैट के ऊपर मक्का के काबा का प्रिंट होने का आरोप लगा कर एक भीड़ हमलावर हो उठी थी। हालाँकि, पुलिस द्वारा इसे वाल हैंगिंग बता रही है। तब भीड़ ने उत्तेजक नारेबाजी के साथ पत्थरबाजी भी की थी। हालाँकि, मुस्लिम बाहुल्य उतरौला बाजार में पुलिस की सक्रियता के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। अब पुलिस 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर के दबिश दे रही है। CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित करने की कोशिश की जा रही है।

यह घटना बलरामपुर जिले के थाना क्षेत्र उतरौला की है। यहाँ के बीच बाजार में V-बाजार नाम से एक शॉपिंग मार्ट है। इस मार्ट के मैनेजर का नाम अखिलेश जायसवाल है। 12 मार्च को शॉपिंग मॉल में मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्ट के अंदर डोरमैट पर काबा की तस्वीर प्रिंट कर के बेचा जा रहा है। एक वायरल वीडियो में वो युवक मैनेजर से डोरमैट लाने का दबाव दे रहे हैं। हालाँकि उन्हें डोरमैट न बेचे जाने का जवाब मिल रहा है। एक अन्य वीडियो में मुस्लिम समुदाय के उन्ही लोगों द्वारा फोटो खींच कर पत्रकारों के ग्रुप में भेजे जाने जैसी बातें की जा रहीं हैं।

पुलिस ने दी कानून हाथ में न लेने की हिदायत

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, पहले कुछ लोग डोरमैट का आरोप लगा कर V बाजार पहुँचे। उन्होंने मैनेजर से बहस शुरू कर दी। माहौल भाँप कर मैनेजर ने उतरौला थाना पुलिस को सूचना दे दी। थाने से सब इंस्पेक्टर किसलय मिश्रा अपने साथ कुछ सिपाहियों के साथ तत्काल वी-बाजार पहुँच गए। संख्या बल कम होने के बावजूद उन्होंने नाराज लोगों को समझाया और मार्ट में मौजूद दर्जनों स्टाफ की सुरक्षा करते रहे। इस बीच इंस्पेक्टर उतरौला संजय दुबे भी अतिरिक्त फ़ोर्स के साथ वहाँ पहुँच गए। उन्होंने भीड़ को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी और अपनी समस्या की लिखित शिकायत देने की अपील की।

सब इंस्पेक्टर किसलय और इंस्पेक्टर संजय दुबे की इस अपील का सकारात्मक असर भी पड़ा और कुछ लोग लिखित शिकायत देने के लिए आगे आए। उन्होंने वी मार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कुछ अन्य स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी। अपने अकीदत को आहत करने की इस शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली और लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील की। हालाँकि, इस दौरान प्रशासन निश्चिंत होने के बजाय चौकन्ना रहा और उसकी यही सक्रियता काम भी आई।

शिकायत दर्ज होने के बाद हिंसक हुई भीड़

उतरौला थाने में शिकायत दर्ज होने के बावजूद हिंसा पर आमादा एक भीड़ ने पर पुलिस की अपील का असर नहीं पड़ा। वह उत्तेजक नारेबाजी करते हुए वी-मार्ट के आगे जमा होने लगी। इसमें ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘लब्बैक-लब्बैक’ आदि नारे शामिल हैं। रास्ते को जाम करने की कोशिश की गई। पहले से सतर्क पुलिस बल फिर फ़ौरन मौके पर जमा हुआ। संख्या बल कम होने के बावजूद पुलिस ने मोर्चा संभाला और धारा 144 लागू होने जैसी बातों से लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालाँकि पुलिस की मौखिक नसीहत का भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा।

खदेड़ी गई उपद्रवी भीड़

बताया जा रहा है कि हिंसक भीड़ ने वी-बाजार पर पथराव कर दिया। इस पत्थरबाजी में वी-बाजार के ग्लोसाइन बोर्ड का एक हिस्सा टूट गया। बाजार में अफरातफरी का माहौल बनने लगा। कुछ दुकानदारों ने अपने शटर गिराने शुरू कर दिए। लोगों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने घरों की खिड़कियाँ और दरवाजे बंद कर लिए। आखिरकार पुलिस ने हिंसा पर उतारू भीड़ को दौड़ा लिया। पुलिस द्वारा सख्ती दिखाए जाने के महज 10 मिनट के अंदर उपद्रवी भाग खड़े हुए और माहौल सामान्य हुआ।

पुलिस ने 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ IPC की धारा 143, 504, 506, 188, 341, 336 और 427 के साथ आपराधिक कानून अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत FIR दर्ज कर ली है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भीड़ में शामिल उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। घटना के अगले दिन बाजार सामान्य तौर पर खुले और लोगों ने खरीदारी की। पुलिस बल के अतिरिक्त इलाके में पैरामिलिट्री व PAC के जवान तैनात कर दिए गए हैं। लगातार बाजार में गश्त की जा रही है। फिलहाल उतरौला में हालात सामान्य हैं।

गौसिया मस्जिद के पास जमा हुई थी भीड़

जब ऑपइंडिया ने इस मामले की जमीनी पड़ताल की तो पता चला कि उपद्रव करने वाली भीड़ गौसिया मस्जिद के पास जमा हुई थी। गौसिया मस्जिद उतरौला बाजार के बीचो-बीच बनी हुई है। यहाँ से वी-मार्ट की दूरी महज कुछ ही कदमों की है। पुलिस द्वारा हिंसा को जब काबू करने का प्रयास किया गया तो भी अधिकतर उपद्रवी उस तरफ भागे थे। हिंसक भीड़ जब आगे बढ़ रही थी तब वी-मार्ट में कई महिला स्टाफ और ग्राहक भी मौजूद थीं। इसके अलावा उसी जगह पर शुभम मिष्ठान भंडार भी मौजूद है। हालाँकि प्रशासन की सक्रियता से ये सब सुरक्षित हैं।

पुलिस ने हमारी रक्षा की, हम उनके आभारी

इस हिंसा के चश्मदीद और घटनास्थल पर ही शुभम मिष्ठान भंडार नाम से मिठाई की दुकान चलाने वाले अमन मोदनवाल ने ऑपइंडिया से बात की। अमन ने हमें बताया कि घटना के समय उन्होंने भीड़ को देखते हुए एहतियातन अपनी दुकान को बंद कर लिया था। अब अमन अपनी दुकान फिर से खोल कर चला रहे हैं। अमन ने हमसे कहा, “पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया। अगर वो सक्रियता दिखाती तो न जाने हमारा क्या होता।”

अफवाहबाजों पर भी सख्ती

जहाँ एक तरफ बलरामपुर पुलिस ने उपद्रवियों को बिना कोई नुकसान किए खदेड़ा तो वहीं सोशल मीडिया पर भी कड़ी पहरेदारी की। पुलिस के तमाम स्टाफ ने उन खबरों पर कड़ी नजर रखी जो उकसावे वालीं थीं। इसमें से कई लोगों को हिदायत दे कर झूठी और भ्रामक खबरें डिलीट भी करवाई गईं। ऑपइंडिया के पास कई ऐसे स्क्रीनशॉट मौजूद है जहाँ अफवाहबाजों ने अपनी गलती मानते हुए अपनी पोस्ट डिलीट की है और दुबारा गलती न करने का संकल्प लिया है।

मुस्लिम का मकान, 2 साल पुराना स्टॉक

ऑपइंडिया ने अपनी जमीनी पड़ताल में यह भी पाया कि जिस मकान में वी-बाजार खुला है वह एक मुस्लिम का ही है। जिस स्टॉक पर भीड़ हिंसा पर उतारू हुई थी वह साल 2022 का बताया जा रहा है। वी-बाजार यह भी पता करने की कोशिश कर रहा है कि 2 साल पुराना स्टॉक अचानक ही स्टोर में कैसे आ गया। साथ ही पड़ताल इसकी भी की जा रही है कि कुछ ही देर में फोटो, वीडियो वायरल करने के साथ भीड़ का जमावड़ा कैसे हो गया।

जनजातीय समाज से राष्ट्रपति, बाबसाहेब के स्थल विकसित होकर बने पंचतीर्थ, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती गौरव दिवस: MP में PM मोदी ने बताया पिछड़ों को कैसे दिया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। भाजपा का संकल्प-पत्र ‘मोदी की गारंटी’ जारी किए जाने के बाद रविवार (14 अप्रैल, 2024) को ये रैली हुई। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस की मानें तो उसके शासनकाल में लोकतंत्र ठीक चल रहा था, फल-फूल रहा था, लेकिन जैसे ही गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बना तो कांग्रेस अफवाह फैलाने लगी कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में आ गया।

पीएम मोदी ने कहा कि अब तो कॉन्ग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना तो देश में आग लग जाएगी। उन्होंने कहा कि आग देश में नहीं, बल्कि आग और जलन उनके दिलों में लगी है। बकौल पीएम मोदी, ये जलन उनके दिल और दिमाग में ऐसे भरी पड़ी है कि वो उनको अंदर से जला रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हताश कॉन्ग्रेस ऐसी घोषणाएँ कर रही है, जो खुद कॉन्ग्रेस के नेताओं को ही समझ नहीं आ रही।

पीएम मोदी ने तंज कसा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे ने घोषणा की है कि वो एक झटके में देश से गरीबी हटा देंगे! बकौल पीएम मोदी, ये बात सुनकर पूरा देश हैरान है और पूछ रहा है कि आखिर ये शाही जादूगर, इतने बरसों तक कहाँ छुपा था? प्रधानमंत्री ने कहा कि 50 साल पहले इनकी दादी ने देश से गरीबी हटाने की घोषणा की थी, 2014 से पहले 10 साल तक इन्होंने रिमोट से सरकार चलाई और कह रहे हैं कि अब बस इनको झटके वाला मंत्र मिल ही गया है। बकौल पीएम मोदी, ये ऐसे दावे करते हैं, तभी ये देश भर में हँसी के पात्र बने हुए हैं।

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना तो देश में आग लग जाएगी। आग देश में नहीं, बल्कि आग और जलन उनके दिलों में लगी है। ये जलन उनके दिल और दिमाग में ऐसे भरी पड़ी है कि वो उनको अंदर से जला रही है। ये जलन मोदी के प्रति 140 करोड़ देशवासियों के प्रेम के कारण है। बाबा साहेब ने जो संविधान बनाया है, उसके कारण ही आज गरीब माँ का ये बेटा मोदी, आपसे तीसरी बार सेवा का आशीर्वाद माँग रहा है।”

बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पीएम मोदी ने जानकारी दी कि महू में उनका घर हो या देश-विदेश में वे भी रहे, उन स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित करने का सौभाग्य भाजपा सरकार को मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि जो सम्मान कॉन्ग्रेस ने बाबासाहेब को कभी नहीं दिया, वो सम्मान करने का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जैसी पार्टियों ने हमेशा बाबा साहेब को अपमानित करने का ही काम किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस समाज को सबसे अंत में पूछा गया, जिसको वंचित रखा गया, उस समाज की बेटी आज देश की राष्ट्रपति के रूप में पहली नागरिक है। उन्होंने याद दिलाया कि आप मोबाइल फोन से जो डिजिटल पेमेंट करते हैं, उस डिजिटल पेमेंट योजना का नाम BHIM UPI है, ये नाम हमने बाबा साहेब के नाम पर ही रखा है। बकौल पीएम मोदी, कॉन्ग्रेस ने जनजातीय समाज के योगदान को कभी भी स्वीकार नहीं किया, जबकि भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित करने का सौभाग्य भी भाजपा सरकार को मिला है।

उन्होंने गाँधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसी परिवार ने देश में आपातकाल लगाया था। उन्होंने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस देशभर में लोकतांत्रिक सरकारों को जब मर्जी आई, तब गिरा देती थी। साथ ही कहा कि कॉन्ग्रेस ने अपने हिसाब से इतिहास तोड़ा-मरोड़ा और लिखवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग 10 साल से सत्ता से बाहर हैं और 10 साल में ऐसे छटपटा रहे हैं कि जैसे उनका और उनकी भावी पीढ़ियों का सबकुछ लूट गया हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वाले अगर यही कारनामे करते रहेंगे और उनका तौर-तरीका यही रहेगा, तो ये जलन उनको इतना जला देगी कि देश उनको आगे कभी मौका नहीं देगा।

पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा का संकल्प पत्र मोदी की गारंटी के रूप में आपके सामने है। गांव हो या शहर, सरकार हर गरीब का पक्के घर का सपना पूरा करेगी, ये मोदी की गारंटी है। आने वाले समय में 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प हमने लिया है। दिव्यांग साथियों को भी आवास योजना का लाभ मिलेगा। I.N.D.I. गठबंधन के दलों के घोषणा पत्र में एक से बढ़कर एक खतरनाक वादे हैं। उनके एक साथी के घोषणा पत्र की एक एक लाइन ऐसी है, जो देश को आर्थिक रूप से दिवालिया बना सकती है। उनके एक साथी का घोषणा पत्र कहता है कि भारत से परमाणु हथियार खत्म कर देंगे।”

‘यमराज ने चित्रगुप्त को बुलाया…’: कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा की तुकबंदी पर बिफरे यूजर्स, बोले- ये कायस्थों का नहीं, हिंदुओं का अपमान

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति तय करने में लगा हुआ है। हालाँकि, INDI गठबंधन की प्रमुख पार्टी कॉन्ग्रेस रोज-नए विवाद पैदा कर रही है। कभी कंगना रनौत को लेकर आपत्तिजनक बयान देती है तो कभी हिंदू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी करती है। अब कॉन्ग्रेस के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। यूजर्स का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने कायस्थ समाज के कुलदेवता चंद्रगुप्त भगवान का अपमान किया है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार (14 अप्रैल 2024) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “आज की प्रेस कॉन्ग्रेस की शुरुआत में यमलोक की एक घटना का मैं जिक्र करना चाहता हूँ। यमराज ने एक ऐसी मशीन बनाई थी कि जब भी कोई झूठ बोलता था तो टन…टन… आवाज शुरू हो जाती। आज सुबह से मशीन बंद ही नहीं हुई। टन…टन…टन… बजे जा रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “यमराज बहुत चिंतित हुए और चित्रगुप्त को बुलाया और कहा कि चित्रगुप्त ये बंद क्यों नहीं हो रही है। चित्रगुप्त ने कहा- महाराज, आज मोदी जी का संकल्प पत्र जारी होने वाला है। अभी तक बज रही है, आपको आवाज आ रही होगी। ये स्थिति एक ऐसे नेता की हो गई है, जो 10 साल से प्रधानमंत्री है। मोदी जी के घोषणा पत्र का नाम संकल्प पत्र नहीं, माफीनामा होना चाहिए।”

पवन खेड़ा ने भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधने के लिए जिस तरह की कहानी गढ़ी और उसमें यमराज एवं चित्रगुप्त का वर्णन किया, उससे सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। सोशल मीडिया यूजर्स पवन खेड़ा और कॉन्ग्रेस को हिंदू विरोधी बता रहे हैं। उन पर हिंदू देवता का अपमान करने का आरोप लग रहा है।

NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी इसको लेकर पवन खेड़ा और कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने X पर लिखा, “चित्रगुप्त जी “भगवान” हैं, अपमानजनक तरीक़े से भगवान चित्रगुप्त जी का नाम लेना भगवान की निंदा करना है। ये केवल हमारे कायस्थ कुल का नहीं बल्कि समस्त हिंदुओं का अपमान है, ये असहनीय है।”

अंकुश नाम के सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “चित्रगुप्त जी संपूर्ण कायस्थ समाज के लिए भगवान स्वरुप हैं। वह तो स्वयं संपूर्ण कायस्थ समाज के कुलदेवता भी हैं। हैरानी तो नहीं हुई के पवन खेड़ा जी उनका सम्मान नहीं कर पाए क्यूंकि कॉन्ग्रेस तो समस्त सनातन के विनाश में ही लगी हुई है। कॉन्ग्रेस का विनाश निश्चित है।”

राकेश पांडेय नाम के यूजर ने लिखा, “चित्रगुप्त देव हैं, उनका अपमान करना हिंदुओं का अपमान है। संपूर्ण कॉन्ग्रेस हिंदुओं के देवी-देवताओं को अपमानित करने का ठेका लेकर बैठी है। अब इस पर कार्यवाही हो तो ये मूर्ख प्रवक्ता और नेता विक्टिम कार्ड दिखाने लगते है।”

पंकज सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा, “बोलते रहो, बोलते-बोलते अपने आप एक दिन ऐसा होगा कि मुख से आवाज आनी बंद हो जाएगी और फिर अचानक तुम्हारे मुख आवाज निकलने लगेगी – मोदी, मोदी। भारत को भारत नहीं बनने देनेवाले तुम्हारे जैसे लोग और तुम्हारा दल कांग्रेस का अब कोई महत्व नहीं है।”

शुभम वर्मा ने लिखा, “भगवान चित्रगुप्त सभी कायस्थों के अराध्य देव हैं । कॉन्ग्रेस को इनका अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। कॉन्ग्रेस को माफी माँगनी चाहिए, अन्यथा कोई भी कायस्थ कभी कॉन्ग्रेस को वोट नही करेगा।”

कॉन्ग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया यूपी का ये ‘बागी’: एक दिन में 3000 कॉन्ग्रेसी BJP में शामिल हुए, पूरी कानपुर टीम ही ले उड़े

कानपुर में तीन बार विधायक रहे अजय कपूर अब अपनी पूर्व पार्टी के लिए ही खतरा बन गए हैं। अजय कपूर ने बीजेपी ज्वॉइन कर लिया है और अब हर रोज कॉन्ग्रेस को बड़े झटके दे रहे हैं। अजय कपूर ने बीजेपी से जुड़ने के बाद 10 से अधिक कॉन्ग्रेसी और निर्दलीय पार्षदों को भाजपा में शामिल कराया, तो शनिवार को कानपुर से लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र तक कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका देते हुए एक साथ 3 हजार से अधिक कॉन्ग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करा दिया।

अजय कपूर ने चुनौती दी है कि कानपुर में कॉन्ग्रेस का कोई नामो-निशान नहीं बचेगा। अपनी चुनौती को पूरा करते हुए उन्होंने एक साथ हजारों कॉन्ग्रेसियों को भाजपा से जोड़ा। इसमें कॉन्ग्रेस के जमीनी संगठन सेवा दल के कई जिलों के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष भी हैं। यही नहीं, कई पूर्व विधायक, पार्षद भी बीजेपी से जुड़े। अजय कपूर साल 2002, 2007 और 2012 में कॉन्ग्रेस के टिकट पर पहले गोविंद नगर फिर किदवई नगर से विधायक रहे थे। उन्हें कानपुर में पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। हालाँकि वो 2017 और 2022 में नजदीकी मुकाबले में बीजेपी प्रत्याशी से हार गए थे। वो भी तब, जब हर बार पिछली बार के मुकाबले उन्हें अधिक वोट मिले थे।

एक साथ तीन हजार कॉन्ग्रेसी बीजेपी में शामिल

कानपुर के शास्त्री नगर स्थित एस्सेल पैलेस में पूर्व विधायक अजय कपूर ने कार्यक्रम का आयोजन किया और पूर्व कॉन्ग्रेसियों का बीजेपी में स्वागत किया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र सिंह और भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी, भाजपा उत्तर जिला अध्यक्ष दीपू पांडेय, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह की मौजूदगी में पार्षद, सेवादल के प्रांतीय पदाधिकारी, कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष, पूर्व वार्ड अध्यक्ष, दक्षिण जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ली।

पूर्व विधायक अजय कपूर के प्रति आस्था जताते हुए कानपुर-बुंदेलखंड जोन के कॉन्ग्रेस सेवादल युवा ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष संगीत तिवारी, नौ जिलाध्यक्षों समेत कई पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व को भेजे इस्तीफा में कहा है कि पार्टी नेता एसी से बाहर नहीं निकलते हैं। इसलिए हम सब भाजपा में जा रहे हैं। सेवादल नेता संगीत की ओर से पार्टी अध्यक्ष अजय राय को भेजे गए इस्तीफे में कहा गया है कि नगर निकाय चुनाव में सेवादल के कई कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी गई थी लेकिन लोकसभा व विधानसभा चुनाव में इन्हें पूछा नहीं जाता। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कॉन्ग्रेस के नेता आराम पसंद हो गए हैं। इसलिए उनकी अनदेखी हो रही है।

इसके साथ ही कॉन्ग्रेस सेवादल युवा टीम के प्रदेश उपाध्यक्ष शानू सिंह, कानपुर जिलाध्यक्ष अंकित पाल, प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी, गिरीश कमल, प्रदेश सचिव राजेंद्र कुमार, आनंद तिवारी व अन्नू अवस्थी, नगर-ग्रामीण के पंकज गुप्ता ने भी कॉग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली।

‘मंडी से रं** को टिकट, संसद को भाजपा बनाएगा चकला’: खुद को ‘दलितों का नेता’ बताने वाले रूद्र प्रताप कुशवाहा का एक और वीडियो वायरल, कहा – महिलाओं को दिखा कर वोट…

अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाला रुद्र प्रताप कुशवाहा फिर से विवादों में है। उसने इस बार लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी कैंडिडेट और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ जमकर बकवास की है। उसने बीजेपी के साथ ही देश की सर्वोच्च पंचायत यानी संसद के बारे में भी बुरा भला कहा है। यही नहीं, कुशवाहा ने संसद की तुलना ‘कोठे’ तक से कर दी है। वहीं, कंगना रनौत के लिए उसने बेहद शर्मनाक शब्दों का इस्तेमाल किया है।

रुद्र प्रताप कुशवाहा एक मीडिया कर्मी से बातचीत के दौरान कंगन रनौत को बीजेपी का कैंडिडेट बनाए जाने पर अपनी बात बेहद आपत्तिजनक तरीके से रख रहा है। वीडियो में वो बोल रहा है, “मंडी में ‘र**’ को टिकट दिया है। ये भाजपा वाला बैकवर्ड समाज के लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए वैसे महिला को वहाँ पर संसद भवन में भेज रहा है, और वहाँ पर एक चकला खोलेगा, कोठा खोलेगा, जिसमें ऐसे महिला को दिखा कर के अपना वोट ट्रांसफर कराएगा। ई लोग का शुरू से इतिहास रहा है। हम तो आग्रह करेंगे मोदी जी से और शाह जी से, सनी लियोनी को काहे छोड़ा है, उसे महिला और युवा मंत्रालय दे दिया जाए।” इस दौरान जब पत्रकार ने कहा कि आप पर एफआईआर हो जाएगा, तो रुद्र प्रताप कहता है कि एफआईआर से हम डरते थोड़े न हैं।

वरिष्ठ पत्रकार ममता त्रिपाठी ने लिखा, “मंडी से रं@ऽ को टिकट दिया है, ये भाजपा वाले संसद में एक चकला खोलेगा, कोठा खोलेगा जहाँ ऐसी महिला को दिखाकर अपना वोट ट्रांसफ़र करा सके।” ये आदमी अपने पैरों पर कैसे खड़ा है अभी तक नरेंद्र मोदी जी? रुद्रप्रताप कुशवाहा जैसे आदमियों को जो महिलाओं की इज़्ज़त करना नहीं जानते, उन्हें उनकी भाषा में ही सिखाना चाहिए। वो राजपूत है तो गरियायेंगे, ब्राह्मण हैं, तब गाली देगें मतलब पूरे देश में सिर्फ़ महिला सुरक्षा, बहन बेटियों के बारे में कोरी बकवास हो रही है। हक़ीक़त में हर दिन नए नए तरीक़े इजाद करके ऐसे ज़ाहिल कुछ भी बोल रहे हैं।”

रुद्र प्रताप कुशवाहा अपने अभद्र बयानों की वजह से पहले भी चर्चा में रहा है। एक वीडियो में वो ब्राह्मणों को मारने और भगाने की बात कह रहा था। वो वीडियो में कहता दिख रहा है, अब देश में हिंदू मुस्लिम नहीं, बैकवर्ड और फॉर्वर्ड दंगा करेगा तुम लोगों को भारत से भगाने के लिए। आगे कुशवाहा कहता है कि इन 2 फीसद ब्राह्मणों को देश से खदेड़ कर मारिए। न हिंदू खतरे में है, न मुसलमान खतरे में है, न गीता खतरे में न कुरान खतरे में है। अरे सही से अपनी आँखों से धर्म का चश्मा उतारकर देखो, इन 2 % ब्राह्मणों के कारण पूरा हिंदुस्तान खतरे में है।”

एक अन्य वीडियो में वो कह दिख रहा है कि अगर देश चलाना है तो मुस्लिम को देश से भगाना जरूरी नहीं है, ब्राह्मणों को देश से भगाकर खत्म कर देना चाहिए।

आगे वो मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून बनाने पर आपत्ति जताता है। वो पीएम मोदी को ‘मुसलमान की औलाद’ जैसे शब्द कहता है। इसके बाद वो भगवान की शक्तियों पर सवाल उठाता है। राम मंदिर के लिए घृणा दर्शाता है। धर्म को नीचा दिखाने के लिए कहता है कि धर्म के कारण बैकवर्ड क्लास पढ़ नहीं पाई ऐसे में वो इस धर्म को आग लगाने का काम करेंगे। कुशवाहा ने हिंदुओं के देवी-देवताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये जो ब्रह्मा, विष्णु, महेश हैं इन्हें सब सृष्टि का मालिक कहते हैं। अगर ये लोग सच में सृष्टि के मालिक हैं तो ये हिंदुस्तान में ही क्यों पैदा हुए, चीन, जापान में क्यों नहीं हुए।

बता दें कि रुद्र प्रताप कुशवाहा युवा विचार मंच संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष है। वो समय समय पर ब्राह्मणों के खिलाफ बयानबाजी करता रहता है। जो दलित ब्राह्मणों का समर्थन करता है, उनके लिए रुद्र प्रताप कहता है कि वो लोग ब्राह्मणों की नाजायज औलाद हैं। उसके अनुसार इस देश में दलितों को मुस्लिमों को भाई मानना चाहिए क्योंकि सबसे बड़ा इतिहास मुगल वंश का है और ब्राह्मणों को मारकर भगा देना चाहिए। उसके मुताबिक जो इनका समर्थन करता है उनमें मर्दानगी नहीं है।

नाबालिग लड़की से कई बार बलात्कार करने वाला मौलाना गिरफ्तार: माँ के सामने बोलता था बहन, कमरे में बुला कर उतारता था कपड़े, गर्भपात भी कराया

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक हाफिज पर नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप लगा है। हाफिज का नाम सोनू है जिसने रेप से गर्भवती हुई नाबालिग का गर्भपात भी करवा दिया। गर्भपात की दवाओं से पीड़िता की हालात बिगड़ गई है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पीड़िता की माँ ने खुद को बेहद डरा हुआ बताया है। पुलिस ने शनिवार (13 अप्रैल, 2024) को FIR दर्ज कर के सोनू हाफिज को गिरफ्तार कर लिया है। हाफिज सोनू को स्थानीय लोग मौलाना नाम से भी बुलाते है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह मामला कानपुर दक्षिणी क्षेत्र के थानाक्षेत्र नौबस्ता का है। यहाँ 13 अप्रैल को 14 साल की नाबालिग पीड़िता की माँ ने थाने में तहरीर दी है। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया है कि आरोपित सोनू हाफिज उनका पड़ोसी है। हाफिज उनकी नाबालिग बेटी पर लम्बे समय से बुरी नजर रखता था। आरोप है कि हाफिज बच्ची को अक्सर अपने कमरे में किसी न किसी बहाने से बुलाया करता था। यहाँ वो पीड़िता के सारे कपड़े उतार कर उसके साथ रेप करता था। जब बच्ची अपने परिवार में शिकायत की बात करती थी तो उसे परिवार सहित खत्म कर देने की धमकी दी जाती थी।

पीड़िता की माँ ने शिकायत में आगे बताया है कि हाफिज द्वारा दी गई धमकी की वजह से उनकी बेटी लम्बे समय तक चुपचाप सब सहती थी। इस दौरान कई बार रेप की वजह से पीड़िता का गर्भ ठहर गया। जब पीड़िता ने हाफिज सोनू को इसकी जानकारी दी वो उसने लिफ़ाफ़े में भर कर गर्भ निरोधक गोलियाँ दीं। हाफिज के कहने पर पीड़िता ने एबॉर्शन की गोलियाँ खा लीं। इस वजह से पीड़िता को ब्लीडिंग शुरू हो गई और वह बेहोशी की हालत में जाने लगी। लड़की के परिजन उसे ले कर अस्पताल गए तब उन्हें पता चला कि पीड़िता 3 माह की गर्भवती थी।

बच्ची की माँ ने अपनी बेटी से इस बावत सवाल पूछा तो सारी सच्चाई सामने आ गई। पीड़िता ने हाफिज सोनू का नाम बता दिया। जब बच्ची की माँ ने पुलिस में शिकायत करने की तैयारी की तो हाफिज ने उन्हें और उनके परिवार को धमकी दी। खुद को बेहद डरा बताते हुए बच्ची की माँ ने हाफिज सोनू पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस शिकायत पर हाफिज सोनू के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है। उस पर IPC की धारा 511, 506, 376 और 313 के अलावा पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की गई है। रविवार (14 अप्रैल 2024 ) को पुलिस ने आरोपित हाफिज सोनू को गिरफ्तार कर लिया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। एक वायरल वीडियो में पीड़िता की माँ ने बताया कि आरोपित सोनू हाफिज पर उन्हें लगभग 1 माह से शक था। वह बच्ची को देख कर हँसता था। बच्ची की माँ के टोके जाने पर वह पीड़िता को अपनी बहन बोलता था। हालाँकि रेप के दौरान वह पीड़िता से निकाह करने का भी वादा किया करता था। पीड़िता को गर्भनिरोधक गोलियाँ चाँद रात को दी गई थी। चाँद रात उस समय को कहते हैं जब आसमान में चाँद को देख कर ईद का त्यौहार मनाया जाता है।

‘लब्बैक… लब्बैक… या रसूल’: अल अक्सा मस्जिद के बाहर जुटी इजरायल पर ईरानी हमले का जश्न मनाती भीड़, 99% हमलों को यहूदी देश ने कर दिया है नाकाम

इस्लामी मुल्क ईरान द्वारा यहूदियों के एकमात्र देश इजरायल पर किए गए हमले का फिलिस्तीनी मुस्लिम जश्न मना रहे हैं। वे इजरायल के येरूशलम में स्थित अल अक्सा मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए हैं। वहीं, इजरायल पर हमले के समर्थन में हजारों नागरिक ईरान में इकट्ठा हुए हैं। उधर इजरायल का कहना है कि ईरान द्वारा दागे गए 300 ड्रोन एवं मिसाइल में से 99 प्रतिशत को नष्ट कर दिया गया था।

दरअसल, इस्लामी विचारक इम्तियाज महमूद ने फिलिस्तीनियों के जश्न का एक वीडियो सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि अल अक्सा मस्जिद की दिखने वाली संरचना के बाहर हजारों की संख्या में लोग जुटे हैं और ‘लब्बैक…लब्बैक, या रसूल’ के नारे लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल पर ईरान के हमले के बाद ये सभी ईरान के समर्थन में जुटे हैं।

उधर, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा ‘ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस’ के तहत इजरायल पर किए गए हमले के बाद हजारों ईरानी देश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए राजधानी तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वॉयर पर पहुँचे। यहाँ पर इन प्रदर्शनकारियों ने रविवार (14 अप्रैल 2024) को ‘इजरायल की मौत’ और ‘अमेरिका की मौत’ के नारे लगाए।

चौराहे पर एक बैनर भी लगाया गया, जिस पर लिखा था, ‘अगला जवाब और कड़ा होगा।’ बैनर-पोस्टर पर इजरायल के यहूदियों को ‘शरण खोजने’ के लिए कहा गया है। इस दौरान ईरान के साथ-साथ फिलिस्तनीन के भी झंडे लहराए गए। प्रदर्शनकारियों ने ‘अल्लाह की जीत निकट है’ लिखे हुए बैनर भी लहराए। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के हमले को बदला बताया है।

बता दें कि ईरान ने शनिवार (13 अप्रैल 2024) को हमला इजरायल पर लगभग 300 ड्रोन और मिसाइल दागे। हालाँकि, इजरायल का कहना है कि उसने 99 प्रतिशत ड्रोन-मिसाइल को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया। इजरायल ने कहा है कि उसका मल्टीलेयर्ड डिफेंस सिस्टम सफलता से काम कर रहा है।

दरअसल, इजरायल ने 1 अप्रैल 2024 को सीरिया के दमिश्क में ईरानी दूतावास की पाँच मंजिला कांसुलर एनेक्सी को नष्ट कर दिया गया था। इसमें रिवॉल्यूशनरी गार्ड के सात सैनिक मारे गए थे, जिनमें दो जनरल भी थे। इनमें से एक कुद्स बल के एक वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद रज़ा ज़ाहेदी भी थे। इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमेनेई ने बदला लेने की कसम खाई थी।