Home Blog Page 1020

मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम… हत्या के वक्त अधूरे रह गए थे जो माफिया ब्रदर्स के शब्द, 1 साल बाद अतीक अहमद के बेटे अली ने उसे पूरा किया

भारत के दुर्दांत माफियाओं की लिस्ट में शुमार अतीक अहमद की मौत हुए 1 साल पूरे हो चुके हैं। ठीक 1 साल पहले 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में 3 हमलावरों ने मीडियाकर्मी बन कर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोलियों से भून दिया था। हत्या के ठीक पहले अतीक ने गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ बोलना चाहा था लेकिन गोली लगने की वजह से शब्द अधूरे रह गए थे। अब अतीक के जेल में बंद बेटे अली ने बताया है कि उसके अब्बा गुड्डू मुस्लिम के बारे में क्या बताना चाह रहे थे। वहीं उस कब्रिस्तान की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है जहाँ अतीक अपने भाई अशरफ और बेटे असद के साथ दफन है।

एक साल पहले अतीक अपने भाई अशरफ के साथ प्रायगराज के मेडिकल कॉलेज में पुलिस कस्टडी में लाया गया था। तब, पत्रकारों ने उस से असद के जनाजे में न जाने को ले कर सवाल किया था। इसके जवाब में अतीक बोला कि वह इसलिए नहीं गया था क्योंकि उसे ले ही नहीं जाया गया था, तभी बीच में अशरफ ने टोकते हुए कहा, “मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम…।” इसके बाद दोनों भाइयों की हत्या हो गई थी। तब से लोगों में यह जानने की इच्छा थी कि आखिर गुड्डू मुस्लिम के बारे में अशरफ क्या बोलना चाहता था। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों से बताया गया है कि अतीक अहमद के बेटे अली ने बताया है कि अशरफ कहना चाहता था कि गुड्डू मुस्लिम गद्दार है।

अतीक और अशरफ का मानना था कि उमेश पाल की हत्या के दौरान असद को गाड़ी के बाहर नहीं निकलना था लेकिन उसे गुड्डू मुस्लिम ने ही इशारा कर कर बाहर निकलवाया था। बकौल अली उसके अब्बा अतीक और चाचा अशरफ नहीं चाहते थे कि उमेश पाल की हत्या के दौरान असद गाड़ी से बाहर निकले। अतीक ये मान कर चल रहा था कि गुड्डू मुस्लिम ने ही उसके बेटे को गाड़ी से बाहर आने का इशारा किया था। इसी वजह से दोनों गैंगस्टर भाइयों का मानना था कि गुड्डू मुस्लिम ने उनके साथ गद्दारी की है।

अतीक अहमद को इस बात का भी शक था कि उनके बेटे असद की पुलिस को मुखबिरी गुड्डू मुस्लिम ने की है। वह मानता था कि असद की लोकेशन गुड्डू के अलावा और किसी को भी नहीं पता थी। आखिरकार 13 अप्रैल 2023 को UP STF ने असद को झाँसी में मार गिराया था। बमबाज गुड्डू मुस्लिम अभी भी फरार चल रहा है। वहीं अतीक की मौत के 1 साल पूरे होने पर प्रयागराज के उस कब्रिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है जहाँ वो अपने भाई अशरफ और बेटे असद के साथ दफन है।

कालिंदीपुरम में पड़ने वाले इस कब्रिस्तान के आसपास सादे वेश में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आशंका इस बात की भी जताई गई है कि फरार चल रही अतीक की बीवी शाइस्ता और अशरफ की बीवी जैनब अपने बेटों सहित कब्रिस्तान आ सकते हैं।

कौन है कॉन्ग्रेस का वो नेता, जिसने कन्हैया कुमार को किया नंगा, सारे पुराने पाप एक साथ लाया सामने: ‘सेना बलात्कारी’, ‘गरीबों को हटाओ’ वाले वीडियो किए शेयर

कॉन्ग्रेस पार्टी ने रविवार (14 अप्रैल 2024) को दिल्ली में अपने तीन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। कॉन्ग्रेस की ओर से दिल्ली की चाँदनी चौक सीट से जेपी अग्रवाल, उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार, उत्तर पश्चिम दिल्ली से उदित राज को टिकट दिया गया है। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार का है। कम्युनिष्ट पार्टी सीपीआई के नेता रहे कन्हैया ने पिछला लोकसभा चुनाव सीपीआई के टिकट पर बिहार के बेगूसराय से लड़ा था, जो उनका गृहजिला है, लेकिन उसमें उन्हें करारी हार मिली थी। इस बार वो कॉन्ग्रेस के टिकट पर वहीं से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन आरजेडी ने खेल कर दिया। खैर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से जैसे ही कन्हैया कुमार के नाम का ऐलान हुआ, कॉन्ग्रेस के भीतर से ही कन्हैया का विरोध होने लगा। दिल्ली में कॉन्ग्रेस के नेता ने कन्हैया कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल किया है।

कौन हैं कन्हैया कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले कॉन्ग्रेस नेता?

कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी के खिलाफ कॉन्ग्रेस के संगठन केकेसी-असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता सुभरांश कुमार राय हैं। उन्होंने कन्हैया कुमार के विवादित बयानों का वीडियो पोस्ट किया और कन्हैया कुमार का खुला विरोध किया। सुभरांश कुमार राय ने कन्हैया की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद एक्स पर लिखा, “भारत तेरे टुकड़े होंगे? ये कहने वाला या नारेबाजी करती हुई भीड़ की साथ मौन रह कर खड़ा रहना दोनों अपराध है। और एक तरफ राहुल गाँधी न्याय की बात करते है, देश जोड़ने की बात करते है और दूसरी तरफ़ देश को तोड़ने वालों को टिकट? क्या CEC सच में है?”

सुभरांश कुमार राय ने कन्हैया कुमार की सेना को बलात्कारी कहने वाला वीडियो भी पोस्ट किया और अपना जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। उन्होंने लिखा, “‘सेना कश्मीर में बलात्कार कर रही है’ -कन्हैया कुमार। जिस सेना ने कश्मीर को आज सही मायने में धरती का स्वर्ग बनाया है उसे ही गली? ये कैसा सम्मान है और कैसी न्याय का हक मिलने तक की बात हो रही है राहुल गाँधी जी? देश और देश रक्षक प्रथम।”

कॉन्ग्रेस नेता राय ने एक वीडियो भी रीट्वीट किया है, जिसमें कन्हैया कुमार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी पर चुटकी लेते दिख रहे हैं।

इस वीडियो में कन्हैया कुमार बोल रहे हैं, “श्रीमती इंदिरा जी ने कहा था कि ‘गरीबी हटाओ’। कुछ दिन में जब गरीबी नहीं हटा, तो कहा-‘गरीबों को भगाओ।'”

राय के एक्स हैंडल का स्क्रीनशॉट

इस मुद्दे पर ऑपइंडिया ने सुभरांश कुमार राय से संपर्क कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वो कॉन्ग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “कॉन्ग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहाँ पर सभी को अपने विचार और बात रखने का हक है।” उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ये नहीं कहता कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कन्हैया कुमार ने कहा या नहीं कहा। इस बात से भी कोई मतलब नहीं है कि कोर्ट में ये केस पेंडिंग है, ऐसे लाखों केस अदालतों में पेंडिंग है। लेकिन आपने कहा या आप वहाँ परोक्ष रूप से मौजूद थे, उस समय अगर आपने प्रतिरोध नहीं किया, तो इसका मतलब आपका समर्थन ही है।‘

कॉन्ग्रेस नेता सुभरांश कुमार राय ने किया कन्हैया का तीखा विरोध

राय ने कहा, “जो हमसे हर बात से आजादी माँगता है, और टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करता है, मेरा उससे विरोध है।” सुभरांश कुमार ने बताया कि वो केकेसी के प्रवक्ता हैं और अन-ऑर्गनाइज सेक्टर में काम कर रहे लोगों के हक के लिए काम करते हैं। केकेसी के अध्यक्ष अदित राज हैं, उन्हें भी कॉन्ग्रेस ने टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखता हूँ। राहुल गाँधी जी भी यही बोलते हैं कि हमें डरना नहीं है।’

बता दें कि कन्हैया कुमार जेएनयू में छात्रसंघ अध्यक्ष के पद पर चुनाव जीतने के बाद रातों-रात चर्चा में आ गए थे। इस दौरान ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और ‘हम लेकर रहेंगे आजादी’ जैसे स्लोगनों से उनका नाम जुड़ा। इस लोकसभा चुनाव में उन्हें कॉन्ग्रेस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है, जहाँ उनका मुकाबला बीजेपी के दो बार के सांसद और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रहे भोजपुरी अभिनेता-गायक मनोज तिवारी से है। मनोज तिवारी मौजूदा सांसद भी हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में ही साल 2020 के हिंदू-विरोधी दंगे हुए थे, जिसमें हिंदुओं की काफी संपत्ति को नुकसान पहुँचा था और कई लोगों की जान गई थी। इस दौरान आईबी अधिकारी की भी हत्या कर दी गई थी। कन्हैया कुमार के साथी उमर खालिद भी इन दंगों का आरोपित है। वो अभी जेल में बंद है।

टाटा की बनाई सेमीकंडक्टर चिप खरीदेगी टेस्ला, दोनों कम्पनियों के बीच हुआ समझौता: एलन मस्क जल्द भारत आकर कर सकते हैं ऐलान

अमेरिका की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कम्पनी टेस्ला ने भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से सेमीकंडक्टर चिप को लेकर एक रणनीतिक समझौता किया है। टेस्ला, भारत में बनी हुई सेमीकंडक्टर चिप को अपनी गाड़ियों में लगाएगी। अभी इसका आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई है।

द इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कम्पनी के साथ भारत के बड़े कारोबारी समूह का यह समझौता कुछ महीने पहले हुआ है लेकिन इसकी जानकारी मीडिया को नहीं दी गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टाटा से खरीदी हुई चिप को टेस्ला विश्व भर में बेचे जाने वाले वाहनों में लगाएगी।

टाटा सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में उतर रही है। उसने हाल ही में असम, गुजरात और तमिलनाडु में अपने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने का काम चालू किया है। जल्द ही इन प्लांट में चिप का निर्माण चालू हो जाएगा। उधर टेस्ला लम्बे समय से भारत में एंट्री को लेकर योजना बना रही है।

टेस्ला के भारतीय बाजार में आने को लेकर पहले कुछ नीतिगत अड़चने सामने आ रही थी। अब सरकार ने वाहन आयात की नीतियाँ बदली हैं जिससे टेस्ला की गाड़ियाँ अब भारत में आयात हो सकेंगी और उन पर ज्यादा इम्पोर्ट ड्यूटी भी नहीं लगेगी। हालाँकि , इसके लिए टेस्ला को भारत में कम से कम लगभग ₹4000 करोड़ का निवेश करना होगा।

टेस्ला के मुखिया एलन मस्क के अप्रैल माह के अंत तक भारत आने की भी सूचना है। इसी दौरान वह भारतीय बाजार में टेस्ला की एंट्री, भारत में उनकी कंपनी के निवेश और साथ ही अन्य भारतीय कम्पनियों के साथ सहयोग को लेकर घोषणाएं करेंगे। इससे पहले उनके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की चर्चा है।

बताया जा रहा है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अब तक देश में सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश कर चुकी है। यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों को दुनिया भर से बुला रही है। टाटा आने वाले कुछ सालों में भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की सबसे अग्रणी कम्पनी बनने के प्रयास में है।

टेस्ला के टाटा से समझौता करने के पीछे उसकी चीन पर निर्भरता को भी कारण माना जा रहा है। टेस्ला अधिकाँश सामान चीन से आयात करती है। हालाँकि, कोविड महामारी के बाद से उसने अपने स्रोतों को बढ़ाना चालू कर दिया है। इसी क्रम में उसने भारत से भी सेमीकंडक्टर खरीदने की योजना बनाई है।

बालासोर में हनुमान जयंती की शोभा यात्रा पर पथराव, उपद्रवियों ने SP की गाड़ी का शीशा भी फोड़ा: 4 घायल, पिछले साल भी हुई थी ऐसी हिंसा

ओडिशा के बालासोर में हनुमान जयंती से पहले निकाली गई शोभा यात्रा पर पथराव की खबर है। घटना रविवार (14 अप्रैल 2024) की है। बताया जा रहा है कि पत्थबाजी के बाद यहाँ दोंनों पक्षों में झड़प भी हुई। पूरे विवाद में 4 लोग घायल हो गए हैं। हिंसा के दौरान पुलिस के एक वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। फिलहाल, हालात काबू करने के लिए क्षेत्र में बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बालासोर के रेमुना इलाके की है। यहाँ रविवार को हिन्दू समाज के लोगों द्वारा हनुमान जयंती के अवसर पर शोभा यात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा गनीपुर गाँव के रास्ते से कनक दुर्गा मंदिर की तरफ जा रही थी। बताया जा रहा है कि शाम के लगभग 4:40 पर अचानक ही इस शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस पथराव की चपेट में यात्रा में शामिल कई श्रद्धालु आ गए और वहाँ भगदड़ जैसे हालात हो गए।

शोभा यात्रा पर इस प्रकार से पत्थरबाजी देख हिन्दू नाराज हो गए और विवाद शुरू हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में भिड़ंत हुई, जिसकी वजह से घटनास्थल पर मौजूद तमाम सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचा। मामले की सूचना पर हालात संभालने पुलिस पहुँची मगर, उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस हमले की वजह से पुलिस अधीक्षक सागरिका नाथ की कार का शीशा फूट गया। इसके अलावा रेमुना थाने के एक स्टाफ का मोबाइल फोन भी तोड़ डाला गया।

अतिरिक्त पुलिस बल ने मौके पर पहुँच कर पत्थरबाजी के बीच किसी तरह से हालात को काबू किया। ओडिशा के ADG कानून व्यवस्था IPS संजय कुमार के अनुसार, विवाद की शुरुआत शोभा यात्रा में बज रहे म्यूजिक की आवाज कम करने को ले कर हुई थी। उन्होंने इस हिंसा में कुल 4 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। पत्थरबाजी दोनों तरफ से होने की बात कहते हुए संजय कुमार ने बताया कि IG दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल हालत सामान्य करने की कोशिशों में जुटा हुआ है। दोनों ही पक्षों के जिम्मेदार लोगों से प्रशासन बात भी कर रहा है।

वर्तमान समय में हालात सामान्य और नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने बताया है कि केस दर्ज कर के घटना की जाँच की जा रही है। वीडियो फुटेज व अन्य माध्यमों से आरोपितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह हिंसा हुई है पिछले साल भी यहाँ पर शोभा यात्रा पर इसी प्रकार का हमला हुआ था।

लेफ्ट-कॉन्ग्रेस ने लूटा पूरा केरल, कर्मचारियों को देने के पैसे भी नहीं बचे: PM मोदी का वामपंथी सरकार पर हमला, आर्थिक संकट के लिए ठहराया जिम्मेदार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल के तिरुवनंतपुरम में वामपंथी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि केरल की सरकार पर सोना तस्करी में लिप्त होने के आरोप हैं। पीएम मोदी ने लेफ्ट और कॉन्ग्रेस पर आर्थिक संकट लाने के आरोप लगाए हैं। पीएम मोदी राज्य में हुए घोटालों को लेकर भी कॉन्ग्रेस-लेफ्ट पर हमलावर हुए।

पीएम मोदी सोमवार (15 अप्रैल, 2024) को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के अत्तिंगल पहुँचे। यहाँ वह तिरुवनंतपुरम से भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर और अत्तिंगल से वी मुरलीधरन के समर्थन में वोट माँगने पहुँचे हैं। यहाँ उन्होंने राज्य की वामपंथी सरकार पर जम कर हमला बोला।

पीएम मोदी ने कहा कि देश ने लेफ्ट और कॉन्ग्रेस को रिजेक्ट कर दिया है। उन्होंने दोनों को विकास विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह दोनों पार्टियां दूसरों के कामों का क्रेडिट लेते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस और ल्लेफ्त ने मिलकर केरल को भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बनाया है।

केरल की वामपंथी सरकार पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह एक ऐसी सरकार है, जिस पर खुद सोना तस्करी में शामिल होने और इसमें शामिल अपराधियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के हर वर्ग से लूट हो रही है।

पीएम मोदी ने कहा, “केरल में 300 से ज्यादा सहकारी बैंक हैं, इनके पास केरल के गरीबों के ₹1 लाख करोड़ से अधिक जमा हैं। सीपीएम के भ्रष्टाचार की वजह से यह पैसा खतरे में है। सीपीएम के भ्रष्टाचार की वजह से कई जगह गरीबों का पैसा लूट लिया गया है। इस भ्रष्टाचार में सीपीएम के नेताओं को सैकड़ों करोड़ की रिश्वत मिली है।” पीएम मोदी ने भरोसा दिया कि वह केरल के गरीबों का पैसा वापस करेंगे। पीएम मोदी का यह भाषण आप यहाँ सुन सकते हैं।

केरल की खराब आर्थिक हालत को लेकर पीएम मोदी ने वामपंथी और कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा, “खुली लूट के कारण केरल में आर्थिक तबाही हो चुकी है। केरल के पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए पैसे नहीं हैं। सरकार खजाना खाली है। केंद्र सरकार जो पैसा विकास के लिए भेज रही है, उसे राज्य सरकार कर्ज चुकाने को उपयोग कर रही है।”

पीएम मोदी ने चेताया कि अगर कॉन्ग्रेस और वामपंथी यहाँ मजबूत रहे तो केरल को बर्बाद कर देंगे। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस और वामपंथी दलों के गठबंधन पर भी हमला बोला। पीएम मोदी ने इस जनसभा में केरल में आगे के समय में किए जाने विकास को लेकर भी बात की।

चुनावी रिपोर्टिंग के नाम पर कॉन्ग्रेसी CM के साथ चिकेन करी पार्टी, नवरात्रि में मछली दिखा-दिखा कर खाना… राजदीप सरदेसाई पत्रकार हैं या खानसामा

राजदीप सरदेसाई लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं। कैसे? आपको लगता होगा कि वो एक बड़े मीडिया संस्थान में काम कर रहे हैं तो वो घूम-घूम कर जनता का मूड जानते होंगे, नेताओं से कड़े सवाल पूछते होंगे और उम्मीदवारों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते होंगे। लेकिन नहीं, जरा ठहरिए। राजदीप सरदेसाई ऐसे इलेक्शन कवरेज नहीं कर रहे। वो देश भर में घूम-घूम कर नॉनवेज खा रहे हैं। कहीं मछली, कहीं चिकेन करी, कहीं खाना न सही तो इसकी बातें ही करते दिखते हैं।

ताज़ा उदाहरण से शुरू करते हैं। राजदीप सरदेसाई कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुँचे, जहाँ मोदी-मोदी और ‘जय श्री राम’ के नारों से उनका स्वागत हुआ। उसके बाद वो सीधे पहुँच गए कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास, जो चिकन करी खा रहे थे। ओल्ड मैसूर पहुँचे राजदीप सरदेसाई इस वीडियो में कहते नज़र आए कि अक्सर ऐसा नहीं देखा जाता कि कोई CM अपने इलाके का भोजन आपको कराए। यहाँ राजदीप सरदेसाई अगर भोजन कहें तो उसका तात्पर्य मांसाहार से होता है, शाकाहारियों के लिए वो शो नहीं बनाते।

राजदीप सरदेसाई ने सिद्धारमैया से कावेरी पानी मुद्दे को लेकर सवाल नहीं पूछा, बेंगलुरु में पानी की समस्या को लेकर सवाल नहीं पूछा, बल्कि उन्हें इस बात से ख़ुशी हुई कि वहाँ चैत्र नवरात्र नहीं मनाया जा रहा। राजदीप सरदेसाई के लिए ये विविधता है। ये अलग बात है कि कर्नाटक में वहाँ का नया साल उगादि/युगादि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही मनाया जाता है, जिसे हिन्दू नववर्ष भी कहा जाता है। इस दिन लोग मंदिर जाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं। हाँ, राजदीप सरदेसाई इसका जिक्र नहीं करेंगे क्योंकि ये उनके एजेंडे में फिट नहीं बैठता।

उनके एजेंडे में फिट बैठता है मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ बैठ कर ये सीखना कि रागी मुड्डे कैसे खाते हैं। सिद्धारमैया को देखा जा सकता है कि वो रागी मुड्डे को हाथ से गोला बना कर उसे चिकेन करी में डुबो कर खा रहे हैं। फिर इसे निगलना होता है। राजदीप सरदेसाई के हिसाब से ये कठिन कार्य है। वो इसे स्वास्थ्य के लिए भी ठीक बताते हैं। CM से पूछते हैं कि एक दिन में वो 4-5 रैलियाँ कर रहे होंगे, जिस पर वो जवाब देते हैं कि रोज कम से कम 3 रैलियाँ।

और जब राजदीप सरदेसाई ये बातें कर रहे हैं, बेंगलुरु में क्या हालात हैं? बेंगलुरु, जिसे IT सिटी के रूप में जाना जाता है और जो कर्नाटक का सबसे बड़ा महानगर है, वहाँ लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। पूर्वी बेंगलुरु में कई ऐसी हाउसिंग सोसाइटी, जहाँ पानी की सप्लाई बोरवेल पर आधारित है, वहाँ लोग पानी की कमी से जूझ रहे। व्हाइटफील्ड में इस कारण रेंट के लिए निवेश में भी कमी आ गई है। नॉर्थ बेंगलुरु में 30,000 रुपए तक में 2 BHK कमरे वाले फ़्लैट मिल रहे हैं। पानी की कमी के कारण अब हाउसिंग परिसरों में रेंट घट रहे हैं।

हाल ही में RJD नेता तेजस्वी यादव और और उनके गठबंधन साथी VIP के संस्थापक मुकेश साहनी हेलीकॉप्टर में मछली खाते हुए दिखे। ये वीडियो नवरात्रि के दौरान पोस्ट किया गया, तारीख़ लिखते हुए कि ये पुराना है। फिर इसे पोस्ट कर के दिखाने का उद्देश्य क्या था, एक खास समाज को खुश करना? ये दिखाना कि हम हिन्दू व्रत-त्योहारों का सम्मान नहीं करते, मुस्लिम हमें वोट करें? भाजपा ने जब इस वीडियो को लेकर निशाना साधना शुरू किया तो तेजस्वी यादव को सफाई देनी पड़ी।

लेकिन, इन सबके बीच राजदीप सरदेसाई पहुँच गए तमिलनाडु के मरीना बीच के पास एक रोडसाइड रेस्टॉरेंट में साउथ इंडियन स्टाइल का फीश खाने पहुँच गए। बेबी क्रैब्स को उन्होंने स्पेशल बता दिया। शार्क मीट भी उनकी प्लेट में दिखा। भोजन को वो विशेष बताने लगे। साथ ही वो लोगों से पूछते ही नज़र आए कि कहाँ की मछली सबसे अच्छी बनती है। नवरात्र के दौरान जानबूझकर ऐसा करने के पीछे क्या मंशा हो सकती है, खासकर तब जब तेजस्वी यादव के वीडियो को लेकर विवाद जारी हो?

राजदीप सरदेसाई को भले ही लग रहा होगा कि उन्होंने चुनावी कवरेज के साथ भारत के विविध क्षेत्रों के व्यंजनों को दिखाते हुए एक यूनिक शो का निर्माण कर लिया है, लेकिन इसका नाम ‘एलेक्शंस ऑन माय नॉनवेज प्लेट’ कर देना चाहिए था। उन्हें हर जगह जाकर चिकन, मटन, केंकड़े का बच्चा और शार्क ही खाना है, फिर सिर्फ प्लेट क्यों? नॉनवेज प्लेट होना चाहिए। और हाँ, भारत का कौन सा हिस्सा सनातन से नहीं जुड़ा है या जहाँ हिन्दू व्रत-त्यौहार नहीं मनाए जाते हैं, फिर नवरात्र का न मनाया जाना दावा कर के विविधता की बातें करना कहाँ तक सही है?

और हाँ, राजदीप सरदेसाई की चालाकी देखिए। आपने आज तक उन्हें पोर्क खाते हुए नहीं देखा होगा। खासकर नवरात्र के दौरान तो उन्हें आपने सूअर का मांस खाते हुए नहीं देखा होगा, जितने धड़ल्ले से वो नवरात्र में केंकड़े का बच्चा खा रहे हैं। और तो और, हिन्दुओं को चिढ़ाने के लिए राजदीप सरदेसाई बीफ भी खा चुके हैं। CNN-IBN में रहते हुए उन्होंने ‘बीफ फेस्टिवल’ और चर्चा चलाई, सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि वो स्टीक खाने जा रहे हैं, साथ ही खुद को भारतीय और हिन्दू बताना भी नहीं भूले।

इसी तरह राजदीप सरदेसाई तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई के साथ बातचीत के दौरान भी जबरन नॉनवेज का मुद्दा उठाते हुए दिखे। उन्होंने चुनाव, देश और पत्रकारिता सबको एक ही शब्द में समेट दिया है – मांसाहार। मुट्ठी से रागी मुड्डे को दबा-दबा कर गोल बना कर उसे चिकेन करी में डुबो कर निगल लेना ही अगर पत्रकारिता है तो राजदीप सरदेसाई को ये मुबारक हो! मछली, चिकेन, मटन, केंकड़ा, शार्क और बीफ खाना ही अगर पत्रकारिता है तो राजदीप सरदेसाई को मुबारक हो! किसी और में ये बीमारी न फैले, यही बेहतर है।

जिस अडानी ग्रुप में पैसा लगाने पर विपक्ष उठा रहा था सवाल, उसने ही LIC को किया मालामाल: सालभर में 59% रिटर्न, निवेश घटाने के बाद भी ₹22378 करोड़ मुनाफा

सार्वजनिक क्षेत्र की इंश्‍योरेंस कंपनी एलआईसी ने वित्त वर्ष 2023-24 में अडानी ग्रुप की कंपनियों में किए गए अपने इन्‍वेस्‍टमेंट वैल्‍यू में 59 फीसदी का मुनाफा दर्ज किया है। अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, जिसके बाद एलआईसी के निवेश की वैल्‍यू कम हुई, लेकिन कुछ दिनों बाद जब अडानी ग्रुप शेयरों ने वापसी की, तो उसका जोरदार फायदा एलआईसी को भी मिला। महज एक ही साल में एलआईसी को 22,378 करोड़ रुपए का फायदा मिला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी ग्रुप की सात कंपनियों में एलआईसी का कुल निवेश 31 मार्च, 2023 को 38,471 करोड़ रुपए से बढ़कर 31 मार्च, 2024 को 61,210 करोड़ रुपए हो गया। यानी इसमें एक फाइनेंशियल ईयर में 22,378 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले साल, हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के शेयरों में हेराफेरी के आरोपों के बाद इंश्‍योरेंस कंपनी को भी अडानी ग्रुप में निवेश करने के अपने फैसले पर सवालों का सामना करना पड़ा था।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने तो यहाँ तक आरोप लगा दिए थे कि एलआईसी को अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश के लिए मजबूर किया गया और आम लोगों का पैसा डुबाया गया। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने एलआईसी दफ्तरों के सामने प्रदर्शन भी किया था। कॉन्ग्रेस का आरोप था कि पीएम मोदी ने गौतम अडानी को एलआईसी के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए दिए हैं। हालाँकि ताजे रिपोर्ट्स कुछ और ही कहानी बयाँ कर रहे हैं।

एलआईसी ने घटाया निवेश, फिर भी तगड़ा मुनाफा

बता दें कि एलआईसी पर कॉन्ग्रेस के आरोपों के बीच एलआईसी ने अडानी ग्रुप में अपने निवेश को घटा दिया था। एलआईसी ने अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड और अडानी एंटरप्राइजेज में अपना निवेश कम करते हुए अपने शेयर बेच दिए थे। एलआईसी के इस कदम के बावजूद इन दोनों कंपनियों के शेयरों में वित्त वर्ष 2023-24 में 83 फीसदी और 68.4 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।

बता दें कि एलआईसी ने अडानी की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइज लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी में भी एलआईसी का निवेश है। आँकड़ों के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइज लिमिटेड में एलआईसी का निवेश 31 मार्च, 2023 को 8,495.31 करोड़ रुपए से बढ़कर एक साल बाद 14,305.53 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड में निवेश 12,450.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,776.89 करोड़ रुपए हो गया। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में एलआईसी का निवेश एक साल में दोगुना से अधिक होकर 3,937.62 करोड़ रुपये पर पहुँच गया।

मुर्गा बेचने वाले इमरान ने रमजान में किया 4 साल की हिन्दू बच्ची का रेप, प्राइवेट पार्ट में उंगली डालकर खून निकाला: हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद गिरफ्तार

मुंबई में 4 साल की एक हिन्दू बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। रेप का आरोप पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद इमरान दराज खान पर लगा है। इमरान मुर्गे के मांस बेचता है। हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद रविवार (14 अप्रैल 2024) को पुलिस ने इमरान के खिलाफ FIR दर्ज के उसे गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना इसी माह 7 अप्रैल की है जब रमजान चल रहा था। अब मामले की जाँच की जा रही है।

यह पूरा मामला मुंबई के मीरा रोड में आने वाले पुलिस स्टेशन नवघर का है। यहाँ रविवार को 4 साल की बच्ची के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि मीरा रोड के पास ऑरेंज अस्पताल है जहाँ मोहम्म्द इमरान दराज खान की चिकन की दुकान है। इसी दुकान के पड़ोस में उनका भी सैलून है। बच्ची की माँ कुछ दिनों के लिए मायके गई थीं जिस वजह से बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी पिता ही उठा रहे थे। ऐसे में इमरान की गंदी नजर बच्ची पर पड़ी और वो बच्ची को टॉफी-चॉकलेट का लालच देने लगा। शुरू में बच्ची के पिता ने इमरान को टोका भी मगर इमरान बाज नहीं आया।

7 अप्रैल को लड़की को घर में अकेला देख कर इमरान ने उसे अपनी चिकन शॉप पर बुलाया। यहाँ उसने बच्ची को चॉकलेट दी और थोड़ी ही देर में उसकी पैंट जबरन उतार दी। जब बच्ची ने रोना चाहा तो उसे एक बड़ा सा चाकू दिखा कर चुप रहने के लिए कहा गया। इमरान ने धमकाया कि अगर शोर मचाया तो वो बच्ची को मार डालेगा।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ देर बाद इमरान ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में अपनी उँगलियाँ डाल दीं। इस से बच्ची को तेज दर्द हुआ। उसके आंतरिक अंगों से खून निकलने लगा। हालाँकि चाकू के डर से वह दर्द सहती रही। घर आने के बाद बच्ची गुमसुम रहने लगी। पिता द्वारा कई बार उदासी की वजह पूछने पर भी पीड़िता ने कुछ नहीं बताया। हालाँकि बच्ची के पिता को पीड़िता के व्यवहार में काफी बदलाव नजर आ रहा था।

रविवार (14 अप्रैल) को अचानक बच्ची ने अपने पेट में तेज दर्द उठने की शिकायत की। पहले तो पिता ने सोचा कि शायद गर्मी या कुछ खाने की वजह से यह समस्या हुई हो। हालाँकि इसके बावजूद पीड़िता दर्द की शिकायत करती रही और थोड़ी देर बाद वह रोने लगी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी से बड़े शांत भाव से वजह पूछी तो उसने सब बता दिया। पीड़िता ने बताया कि चिकन शॉप के मालिक इमरान खान ने उसके साथ रेप किया था।

मामले की जानकारी होने के बाद पीड़िता के पिता ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया। साथ ही शिकायत पुलिस में दी गई। नवघर पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 376 और 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। घटना की जानकारी होते ही हिन्दू संगठनों में नाराजगी फ़ैल गई। उन्होंने 14 अप्रैल की ही रात को मीरा रोड इलाके में प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों के पास तख्तियाँ थीं जिसमें पीड़िता को न्याय दिलाने की माँग लिखी हुई थी। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था लेकिन उनका रोष शांत नहीं हुआ। इसके बाद खबर आई कि पुलिस ने आरोपित इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। बच्ची की काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही है।

5 बीवी, 21 बच्चे (12 बेटा+9 बेटी)… 1200 लोगों का है परिवार, 350 वोटर: लोकसभा चुनाव में मतदान करने को तैयार है असम का जंबो कुनबा

देश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण की मतदान की तारीख नजदीक आ गई है। 19 अप्रैल, 2024 को देश के 102 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। इसी दिन असम के सोनितपुर लोकसभा क्षेत्र में एक ही परिवार के 350 वयस्क सदस्य वोट डालेंगे।

असम के सोनितपुर जिले में फुलोगुड़ी नेपाली पाम में रहने वाला स्वर्गीय रोन बहादुर थापा का परिवार यह कारनामा करेगा। इस परिवार के 350 वयस्क सदस्य मतदाता सूची में शामिल हैं। यह सभी 19 अप्रैल, 2024 को वोटिंग करेंगे। जहाँ वोटिंग करने वालों की सँख्या 350 है, इस परिवार के कुल सदस्यों की संख्या और भी बड़ी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परिवार की संख्या में यदि बच्चों को भी जोड़ा जाए तो यह संख्या 1200 पहुँच जाती है। रोन बहादुर थापा के परिवार में 12 भाई और 9 बहनें हैं जो यहीं रहते हैं। रोन बहादुर थापा के परिजनों ने बताया कि सिर्फ यही परिवार नहीं बल्कि इलाके के 300 अन्य परिवार भी रोन बहादुर थापा को ही अपना पूर्वज मानते हैं।

यहाँ इस परिवार की नीँव रखने वाले रोन बहादुर थापा के पुत्र टिल बहादुर थापा ने मीडिया को बताया, “मेरे पिता यहाँ 1964 में आए थे। वह अपने पिता के साथ 1964 में यहाँ आकर बस गए थे। उनके पाँच बीवियाँ थी। इनसे उनके 12 लड़के और 9 लडकियां हुईं। उनके अपने बेटों से 56 पोती-पोते थे। बेटियों से कितने नाती हुए मुझे नहीं मालूम। इस चुनाव में थापा परिवार के लगभग 350 लोग वोटिंग करेंगे। अगर इसमें बच्चों को मिला ले तो यह संख्या 1200 के पार हो जाती है।”

टिल बहादुर थापा ने परिवार की बड़ी संख्या के होने के बाद भी विशेष लाभ नहीं मिलने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असम में रोजगार की समस्या है और उनके घर के बच्चे पढ़ लिख कर भी कोई अच्छा रोजगार नहीं पा रहे। रोन बहादुर के एक और लड़के सरकी बहादुर थापा ने बताया कि उनके भी तीन बीवियाँ हैं।

असम के सोनितपुर में 19 अप्रैल को मतदान होगा। सोनितपुर में लगभग 16 लाख मतदाता है। सोनितपुर से भाजपा ने रंजीत दत्ता तो वहीं कॉन्ग्रेस ने प्रेमलाल गंजू को उम्मीदवार बनाया है। 2019 में यहाँ से भाजपा के पल्लब लोचन दास चुनाव जीते थे। 2019 तक इस लोकसभा क्षेत्र का नाम तेजपुर था।

केजरीवाल ने कहा- चुनाव प्रचार से रोकने के लिए किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब 29 अप्रैल को सुनेंगे आपकी: ED से माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (15 अप्रैल 2024) को दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी और दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी रिमांड को चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को 24 अप्रैल 2024 या उससे पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका 29 अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले सप्ताह तक के लिए टाल दी है। सीएम केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि उन्हें चुनाव प्रचार से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पहले की तारीख की माँग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की। उन्होंने कहा, “यह एक असामान्य मामला है। इसमें 15 बयान (गवाहों के) हैं… 10 एक ही व्यक्ति के हैं.. ये एक बयान बन जाता है..।”

हालाँकि, सिंघवी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “16 मार्च को गिरफ्तारी का समय बहुत पहले मामला दर्ज होने के बाद का है… पहले दौर का मतदान 19 अप्रैल को है।” इस पर पीठ ने कहा, “हम तथ्यों को जानते हैं और हमने कागजी किताबों का अध्ययन किया है। हमारे द्वारा नोटिस जारी करने के बाद आपको बहस नहीं करनी चाहिए।”

शीर्ष अदालत में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका तब दायर की गई थी, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने राय दी थी कि इस घोटाले में केजरीवाल की संलिप्तता दिखाने के लिए सबूत हैं। हाई कोर्ट ने कहा था कि रिश्वत के रूप में प्राप्त धन का इस्तेमाल 2022 के गोवा विधान सभा चुनावों में राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया था।