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जज की टिप्पणी ही नहीं, IMA की मंशा पर भी उठ रहे सवाल: पतंजलि पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ईसाई बनाने वाले पादरियों के ‘इलाज’ पर चुप्पी क्यों

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट बाबा रामदेव और पतंजलि के खिलाफ सुनवाई कर रहा है। IMA ने साल 2022 में याचिका दायर करते हुए पतंजलि पर भ्रामक विज्ञापन देने का आरोप लगाया था। 10 अप्रैल 2024 को भी इस मामले में सुनवाई हुई और इस दौरान केस में काफी सख्त टिप्पणी की गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह इतने नाराज हो गए कि उन्होंने ‘बखिया उधेड़ देने’ जैसी बात कही। इसके अलावा पतंजलि द्वारा जो हलफनामा दिया गया कि वो बिन शर्त मामले में माफी माँगने को तैयार हैं, उसे भी कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया। कोर्ट का कहना है कि वो इस मामले में कोई उदारता नहीं दिखाने वाले।

जस्टिस की ऐसी टिप्पणी सुनने के बाद पतंजलि के मामले में दिखाई जा रही सख्ती पर सवाल उठने लगे हैं। पूछा जा रहा है कि IMA की शिकायत के बाद पतंजलि के साथ जो हो रहा है, उसके पीछे कारण भ्रामक प्रचार ही है या मंशा अलग है?

यूजर्स उन उत्पादों के नाम बता रहे हैं जिन्हें फर्जी दावों के साथ बेचा जाता है, जो शरीर के लिए नुकसान दायक हैं लेकिन फिर भी कभी IMA ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की नहीं सोची। इन उत्पादों में लाइफब्वॉय जैसे प्रोडक्ट के उदाहरण हैं, जो कीटाणु मारने का दावा करता है; ऐसी खतरनाक ड्रिंक जिन्हें एनर्जी ड्रिंक कहकर बेचा जा रहा है।

गलती किसकी?

इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने भी उठाया है। 10 अप्रैल 2024 को उनके एक्स अकॉउंट पर साझा वीडियो में वो कहते हैं कि इस मामले में कुछ लोगों को लग रहा है कि सुप्रीम कोर्ट पतंजलि को बोलकर गलत कर रहा है, तो कुछ को लगता है कि बाबा रामदेव ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे उन्हें फटकार लग रही है।

इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में साल 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा बनाए गए कानून का जिक्र किया। उन्होंने बताया इस कानून में कहा गया था कि कुछ बीमारी ( जैसे अंधापन, बहरापन, हकलाना, तुतलाना, कैंसर, मोटापा, डायबिटीज, पागलपन, लकवा, नपुंसकता, बाझपन, टीबी, टयूमर ) के लिए प्रचार नहीं हो सकता।

अश्विनी उपाध्याय दावा करते हैं कि ये कानून नेहरू उस लॉबी के दबाव में लेकर आए थे जिनके पास इन बीमारियों का इलाज नहीं था। लॉबी ने उनसे कहा कि ऐसा कानून बनाओ और इनका प्रचार करने को अपराध बनाओ… आज चूँकि पतंजलि ऐसी बीमारियों का इलाज बता रहा है और अपना प्रचार कर रहा है तो उनके विरुद्ध सख्ती दिखाई जा रही है।

उन्होंने ये बात भी गौर करवाई कि जिन बीमारियों को ठीक करने के दावे करने पर IMA ने बाबा रामदेव और पतंजलि की शिकायत कर दी, उन्हीं बीमारियों को ठीक करने के दावे पंजाब में हो रहे हैं, और धर्मांतरण करवाया जा रहा है।

मालूम हो कि अश्विनी उपाध्याय का ऐसा आरोप पतंजलि मामले में सामने आया है लेकिन IMA का ईसाई धर्म के प्रति झुकाव की खबरें बहुत पहले से आती रही हैं। इसके अध्यक्ष ने क्रिश्चियनिटी टुडे को दिए गए एक इंटरव्यू में कह दिया था“मैं मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हूँ, और यह मेरे लिए एक अच्छा मौका है कि मैं ईसाई धर्म की उपचार पद्धतियों का प्रसार कर सकूँ।” जबकि जब बात आयुर्वेद को बढ़ावा देने की आई थी तो उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में हिन्दू पद्धति पर सरकार ज़ोर दे रही है।

ऐसे समय में जब IMA की शिकायत पर पतंजलि के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट अपनी सुनवाई कर रहा है और ऐसी ईसाई संस्थाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, तब सोशल मीडिया के यूजर्स लोगों का ध्यान इस ओर खिंचवा रहे हैं।

‘नो कन्वर्जन’ नाम के एक्स हैंडल ने पादरी अंकुर नरूला की वो वीडियो को शेयर की जिसमें वो दावा कर रहे थे कि उन्होंने उन महिलाओं को ठीक कर दिया है जिनका यूटरेस बाहर आ रहा था। इस वीडियो में वो साफ कह रहे हैं कि उन्होंने प्रार्थना करके महिलाओं को वाशरूम में भेजा कि वो चेक करें कि वो ठीक हुईं या नहीं। उन महिलाओं ने बाहर आकर बताया है कि वो ठीक हो गई हैं। इसमें पादरी कहता है ये भी कहता है कि परमेश्वर आज ठीक करने के लिए आया है आपको।

विजय गौतम लिखते हैं, “IMA का अध्यक्ष ईसाई है और उसने पतंजलि के खिलाफ केस किया है। बाबा रामदेव के पीछे बड़ी लॉबी पड़ी है। ये कोर्ट आखिर क्यों पादरियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेती तो खुलेआम कहते हैं कि वो एड्स और कैंसर चर्च में प्रार्थना से ठीक कर सकते हैं।” उन्होंने इस मामले को पतंजलि बनान आयुर्वेद विरोधी गैंग कहा है।

इसी प्रकार दक्षिणपंथी रतन शारदा इस मुद्दे को उठाते हैं और कहते हैं- “आईएमए पतंजलि के पीछे हाथ धोकर पड़ गया। हां, पतंजलि पर जुर्माना लगना चाहिए, लेकिन आईएमए ने एक असोसिएशन के तौर पर ज्यादा बड़े उल्लंघनकर्ताओं पर चुप्पी साध रखी है। इसका अध्यक्ष डॉ. जयलाल भी रहा था। उसने एक इंटरव्यू में क्या कहा था, देख लीजिए।”

BJP कार्यकर्ता को मिली ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, पोस्टर घर पर चिपकाया : लिखा- ‘देखते हैं तुझे तेरा राम बचाता है या हिंदू धर्म’

राजस्थान के कोटा में एक भाजपा कार्यकर्ता को कट्टरपंथियों की तरफ से ‘सर तन से जुदा’ का पैगाम भेजा गया है। कोटा के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता के दरवाजे पर ये पोस्टर चिपका मिला, जिसमें उसे और उसके परिवार को ‘अल्लाह के बंदों’ की तरफ से ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी भेजी गई है। इस पत्र के मिलने के बाद सनसनी फैल गई, जिसके बाद हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोटा के उद्योग नगर इलाके में भाजपा कार्यकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मामले की शिकायत पीड़ित ने उद्योग नगर थाने में दी है। पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि जो वह घर से बाहर निकाला तब एक पेपर उसके घर के बाहर लगा हुआ था।

मनोज के दरवाजे पर चिपकाए गए पन्ने पर लिखा है, ‘ अल्लाह का पैगाम, गुस्ताख ए रसूल की एक ही सजा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा। कोटा। सुन अब तुझे तेरा राम बचाता है, या तेरा हिंदू धर्म। तू हिंदू के लिए बहुत आवाज उठाता है, अब तेरी आवाज बंद हो जाएगी। अब हम तुझे नहीं छोड़ने वाले हैं। अल्लाह के बंदे हैं, अब तेरा सर तन से जुदा होकर रहेगा। मनोज.. अब तेरा समय आ गया है और अब तुझे और तेरे परिवार को हमसे कौन बचाता है। गुस्ताख ए रसूल की एक ही सजा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा। अल्लाह हाफिज’

पीड़ित के दरवाजे पर चिपकाया गया पोस्टर (फोटो साभार : भास्कर)

पत्र मिलने के बाद से ही पीड़ित का परिवार दहशत के माहौल में हैं। भाजपा कार्यकर्ता के घर के बाहर धमकी भरा पत्र मिलने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित अन्य पदाधिकारी उद्योग नगर थाने के बाद इकठ्ठा हो गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन कर दिया। जिलाध्यक्ष का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह का काम किया गया है।

इस मामले में उद्योगानगर थाना एसएचओ जितेंद्र सिंह ने बताया है कि पीड़ित मनोज की शिकायत पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। इस हरकत को अंजाम देने वाले को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के समय भी हुआ था विवाद

पीड़ित युवक मनोज ने बताया कि जनवरी में अयोध्या में श्रीराम प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान झंडे लगाने को लेकर कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। मोहल्ले में भगवा झंडा लगाते समय दौरान कुछ लोगों ने मंदिर के पास बकरा बाँध दिया। इस दौरान उसका झगड़ा हो गया। मनोज का यह भी कहना है कि उस समय उसे जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत थाने में दी थी। ताजे मामले को उस मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

‘बंगाल बन गया है आतंक की पनाहगाह’: अब्दुल और शाजिब की गिरफ्तारी के बाद BJP ने ममता सरकार को घेरा, कहा- ‘मिनी पाकिस्तान’ से तुलना सही साबित हुई

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे धमाका मामले में मुख्य 2 आतंकी NIA ने पश्चिम बंगाल के दीघा से गिरफ्तार किए। NIA की इस कार्रवाई के बाद भाजपा नेताओं ने बंगाल की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता जताई। भाजपा ने बंगाल को आतंकियों की पनाहगाह बताया। राज्य की पुलिस इस मामले पर ममता सरकार के बचाव में आ गई। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस गिरफ्तारी को लेकर बयान दिया।

पश्चिम बंगाल में आतंकियों के शरण लेने पर भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने प्रश्न उठाए। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “NIA ने रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के दो मुख्य आतंकियों, मुस्सविर हुसैन शाजिब और साथी अब्दुल मतीन अहमद ताहा को कोलकाता से हिरासत में लिया। दोनों जहाँ तक कर्नाटक के शिवमोगा में ISIS सेल से संबंधित हैं। ममता बनर्जी के राज में, पश्चिम बंगाल आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है।”

पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी ममता सरकार पर हमले बोले। पश्चिम बंगाल भाजपा ने लिखा कि राज्य अब आतंकियों के लिए एकदम खुला पनाहगाह है और इसकी मिनी पाकिस्तान से तुलना सही साबित हो रही है। अन्य भाजपा नेताओं ने भी ममता सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमले बोले।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा,”रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के मुख्य आरोप पश्चिम बंगाल से पकड़े गए हैं, सवाल उठता है कि बंगाल आखिर आतंकियों के लिए एकदम स्वर्ग क्यों बन गया है, शायद ऐसा इसलिए हैं क्योंकि NIA कार्रवाई के दौरान यहाँ के विधायक-सांसद दिल्ली में धरने पर बैठ जाते हैं।”

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने को लेकर ममता सरकार के बचाव में बंगाल पुलिस उतर आई। बंगाल पुलिस ने ट्विटर पर लिख कर बताया कि उसने NIA के साथ मिलकर यह कार्रवाई की है और पश्चिम बंगाल कभी आतंकियों की शरणस्थली नहीं बनेगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कहा कि आंतकियों को राज्य में दो घंटे में ही पकड़ लिया गया।

बताया गया है कि दीघा में पकडे गए दोनों आतंकी धमाके के पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की राडार पर थे। यह दोनों 2020 से ही गायब थे। यह अल हिन्द मॉड्यूल में शामिल थे। NIA की दबिश पर यह गायब हो गए थे। इसके बाद से यह आतंक की प्लानिंग कर रहे थे। इन्होने मिलकर बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में मार्च 2023 में धमाके को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि 1 मार्च, 2024 को बेंगलुरु के वाइटफील्ड इलाके में स्थित रामेश्वरम कैफे में दोपहर में एक धमाका हुआ था। इस धमाके में 9 लोग घायल हुए थे। धमाके के पीछे की जानकारी बाद में निकल कर सामने आई थी। इसके बाद इस मामले की जाँच NIA ने चालू कर दी थी। तब से ही एजेंसी उनको पकड़ने का प्रयास कर रही थी।

CBI ने 5 दिन के लिए माँगा, कोर्ट ने 3 दिन के लिए K कविता का दिया रिमांड: एजेंसी ने बताया- दिल्ली शराब घोटाले की मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं BRS नेता

दिल्ली के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद अब भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता को CBI ने कर लिया। CBI ने शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को उन्हें दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 15 अप्रैल तक तीन दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया गया। दरअसल, सीबीआई ने कोर्ट से पाँच दिन की रिमांड माँगी थी।

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश की। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि कविता दिल्ली की शराब नीति मामले की प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक हैं। इस दौरान सीबीआई ने कोर्ट में साउथ ग्रुप को लेकर भी दलील दी, जो इस घोटाले से जुड़ा है।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि साउथ ग्रुप के एक शराब कारोबारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर के दिल्ली में कारोबार करने के लिए उनसे सहयोग माँगा था। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस कारोबारी को सहयोग करने का आश्वासन दिया था। सीबीआई ने सरकारी गवाह बने एक पूर्व आरोपित दिनेश अरोड़ा के बयान का भी हवाला दिया।

सीबीआई ने कहा कि अरोड़ा ने कहा है कि एक आरोपित (अभिषेक बोइनपल्ली) ने उसे बताया कि विजय नायर को करोड़ों का भुगतान किया गया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि बयान और व्हाट्सएप चैट फ़ाइल में संलग्न हैं। सीबीआई ने आगे कहा कि कविता के सीए बुच्ची बाबू की चैट से पता चलता है कि वह अपने प्रॉक्सी के माध्यम से इंडो स्पिरिट्स में थोक लाइसेंस में साझेदारी कर रही थी।

सीबीआई आगे बताया कि चैट से यह भी पता चला कि कविता ने कंपनी की एनओसी प्राप्त करने में राघव मगुंटा की सहायता करने की कोशिश की थी। ताज होटल दिल्ली में आयोजित बैठक में शरत रेड्डी के साथ-साथ बाबू, बोइनपल्ली आदि उपस्थित थे। इसमें यह निर्णय लिया गया कि इंडो स्पिरिट्स को परनोड रिचर्ड के थोक विक्रेता के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

सीबीआई ने आगे बताया कि मार्च और मई 2021 में जब उत्पाद शुल्क नीति तैयार की जा रही थी, तब अरुण पिल्लई, बुची बाबू और बोइनपल्ली दिल्ली में रह रहे थे और विजय नायर के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रहे थे। कविता को दिल्ली में शराब कारोबार का आश्वासन दिया गया। नवंबर-दिसंबर 2021 में कविता को पहले तय किए गए प्रति जोन 5 करोड़ रुपए की दर से 25 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए कहा।

सीबीआई ने तर्क दिया कि वह कविता से पहले पूछताछ कर चुकी है और सबूतों को देखते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने कहा जाँच में पता चला कि कविता उत्पाद शुल्क नीति की प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक है। वह अनुचित आधार का हवाला देते हुए जाँच में शामिल नहीं हुईं। इसलिए उससे पूछताछ नहीं की जा सकी। वह फिलहाल जेल में बंद थी।

सीबीआई ने कहा कि पूछताछ के दौरान कविता ने अपनी भूमिका के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उनके जवाब सीबीआई द्वारा बरामद दस्तावेजों के विपरीत हैं। वह उन तथ्यों को छिपा रही हैं, जो विशेष रूप से उसकी जानकारी में हैं। इससे पहले भी वह नोटिस के बावजूद जाँच में शामिल नहीं हुई हैं।

सीबीआई का कहना है कि शराब नीति से जुड़ी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कविता का सबूतों एवं अन्य लोगों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। वह मुख्य सरगना या साजिशकर्ता हैं। इसमें और लोग भी शामिल हैं। उसने सहायता की है। मुख्य पैसा इन्होंने ही सर्वाइव करवाया था।

सीबीआई ने आगे कहा कि इसमें और लोग कौन शामिल हैं, उसका जवाब नहीं है अभी। इसका पता लगाने के लिए पाँच दिन की रिमांड चाहिए। इसके बाद दोनों पक्षों को सुनकर कोर्ट ने अपना सुनाते हुए कविता को पाँच दिन की रिमांड पर सीबीआई के हवाले कर दिया।

बता दें कि कविता को प्रवर्तन निदेशालय ने 15 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। उन्हें पहले ED की हिरासत में रखा गया और फिर बाद में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। हाल ही में कोर्ट ने सीबीआई को जेल में कविता से पूछताछ की इजाजत दी थी। सीबीआई ने 6 अप्रैल को जेल में कविता से पूछताछ की और 11 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हाल ही में न्यायाधीश ने कविता को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके पीछे कोर्ट ने तर्क दिया कि प्रथम दृष्टया कविता दिल्ली के शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित सबूतों को नष्ट करने और गवाहों को प्रभावित करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं। वे ऐसा फिर कर सकती हैं।

‘बबुआ, माफी मत माँगना चाहे सिर कट जाए’: माँ की ‘आखिरी सीख’ ने बनाया आज का राजनाथ, कॉन्ग्रेसी राज में अंतिम संस्कार तक में नहीं जाने दिया था

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ आपातकाल में जो कुछ हुआ उसकी चर्चा अब हर जगह है। स्मिता प्रकाश के पॉडकॉस्ट में राजनाथ सिंह ने बताया था कि इमरजेंसी के वक्त जब उन्हें जेल में डाला गया था उस समय उनकी माँ को ब्रेन हैमरेज हो गया था और 27 दिन बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ा था। इतने समय के बीच प्रशासन ने न तो उन्हें माँ से मिलने का मौका दिया था और न ही अंतिम संस्कार के लिए कोई परोल। उनके इस बयान के बाद हर कोई जानना चाहता है कि इतने बड़े दुख के बावजूद कैसे राजनाथ सिंह ने खुद को संभाला और राजनीति से मुँह मोड़ने की बजाय इसमें आगे बढ़े।

राजनाथ सिंह के जेल जाने की घटना 12 जुलाई 1975 की है। वह उस समय मिर्जापुर में शिक्षक थे और संघ के दिग्गज नेता थे। जब आपातकाल लगा तो उनकी गिरफ्तारी मीसा के तहत करवा दी गई। इस कानून के तहत वैसे ही किसी परिवार के सदस्य से मिलने की अनुमति नहीं थी और चूँकि राजनाथ सिंह संघ के बड़े नेताओं में से थे तो उनके मामले में तो सख्ती और भी ज्यादा थी।

शुरू में राजनाथ सिंह को मिर्जापुर जेल में बंद रखा गया, लेकिन जब बाद में उन्हें इलाहाबाद नैनी जेल में शिफ्ट करने के लिए ट्रेन से लाया गया तो स्टेशन पर उनकी पत्नी सावित्री और माँ गुजराती देवी भागते हुए उन्हें देखने आए। इस दौरान जो बात माँ ने जो बात राजनाथ सिंह से कही, उसी के कारण वो एक संघ के कार्यकर्ता से लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री के पद तक पहुँच पाए।।

दरअसल, उस दिन स्टेशन पर राजनाथ सिंह के लिए नारे लग रहे थे इसलिए माँ ने जो जो कहा वो उसे सही से नहीं सुन पाए, मगर जो उन्होंने सुना उसका जिक्र राजनाथ सिंह की जीवनी पर लिखी गई किताब में पढ़ने को मिलता है। इस किताब को लेखक गौतम चिंतामणि ने लिखा है। इसके अनुसार, नैनी जेल ले जाने के दौरान मिर्जापुर स्टेशन पर पुलिसकर्मी राजनाथ सिंह को जल्द-जल्दी ट्रेन में बैठाने लगे थे। इस दौरान उनकी माँ ने उनसे कहा था, “बबुआ। माफी नहीं माँगना। चाहे उम्र भर काल-कोठरी में क्यों न कट जाए। कभी सिर मत झुकाना।”

बेटे को जेल जाते हुए जब माँ ने ऐसे शब्द कहे तो राजनाथ सिंह भावुक हो गए। उन्हें तब नहीं पता था कि उनकी माँ से उनकी यह आखिरी मुलाकात है। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि माँ को ब्रेन हैमरेज हो गया है, फिर उनके निधन की खबर आई। राजनाथ सिंह चाहते तो इस घटना के बाद टूट सकते थे लेकिन उन्हें अपनी माँ के कहे अंतिम शब्द याद थे और यही शब्द उनके राजनैतिक जीवन के लिए ऐसा टर्निंग प्वाइंट साबित हुए कि उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। जेल से निकलने के बाद वह मात्र शिक्षक नहीं रह गए थे इस घटना ने उन्हें लोकप्रिय नेता बना दिया था।

रेप करे शौहर इसके लिए बेडरूम तैयार करती थी बीवी, जर्मनी में ISIS का आतंकी दंपती गिरफ्तार: यजीदी बच्चियों को ‘सेक्स स्लेव’ बना करते थे टॉर्चर

जर्मनी में आईएसआईएस का एक कपल पकड़ा गया है, जिसे साल 2015 और 2017 के बीच इराक और सीरिया पर आईएसआईएस के कब्जे के दौरान यजीदी लोगों पर अत्याचार किए थे और नरसंहार में शामिल रहे थे। दोनों पर 12 और 5 साल की यजीदी लड़कियों को गुलाम बनाकर रखने, उनका बार-बार रेप करने, इस्लाम में कन्वर्ट करने के आरोप हैं। यही नहीं, इस कपल ने 12 साल की बच्ची को लाठियों से पीटा, तो छोटी बच्ची को सजा देने के लिए ये लोग उसके हाथ को खौलते पानी से जला देते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स में इन आईएसआईएस आतंकियों की पहचान एशिया R.A. और ट्वाना H.S. के रूप में हुई है। जर्मनी में दोनों को रेगेन्सबर्ग और दक्षिणी बवेरिया के रोथ जिले से गिरफ्तार किया गया। इस जोड़े ने साल 2015 में पाँच साल की यजीदी लड़की को गुलाम बनाया था, तो अक्टूबर 2017 से 12 साल की यजीदी लड़की को गुलाम बना रखा था।

अभियोजक पक्ष ने कोर्ट में बताया कि आईएसआईएस के इस आतंकी कपल ने बच्चियों को घरेलू काम करने और बच्चों की देखभाल के लिए मजबूर किया। उन्हें जबरदस्ती इस्लाम में कन्वर्ट कराया। यही नहीं, नवंबर 2017 में जब दोनों ने सीरिया को छोड़ा, तो उन दोनों गुलामों को दूसरे आईएस आतंकियों को सौंप दिया।

एशिया अपने शौहर ट्वाना के लिए बच्चियों का मेकअप करके उन्हें तैयार करती थी और शौहर उनका रेप करता था। उस समय बच्चियों की उम्र महज 5 और 12 साल थी। जब बच्चियाँ सहयोग नहीं कर पाती थी, तो उन्हें दोनों शारीरिक दंड दिया करते थे। उनके हाथ को जलाते थे और बाँस के डंडे से पीटते थे। दोनों बच्चियों को आईएसआईएस की विचारधारा के तहत घर का काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और उन्हें इस्लाम भी कबूल करवाया गया था। ये बात सामने आई है कि ट्वाना और एशिया ने इस्लामिक रीतियों से निकाह किया था और 2015 से 2017 के बीच आईएसआईएस के लिए काम करते थे।

जर्मनी में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

अक्टूबर 2021 में म्यूनिख की एक अदालत ने एक जर्मन महिला को यजीदी लड़की को गुलाम बनाने और बर्बरता की वजह से उसकी जान लेने के लिए 14 साल की जेल की सजा सुनाई थी। जनवरी 2023 में जर्मनी ने यजीदी समुदाय के खिलाफ हुए अपराधों को नरसंहार के रूप में मान्यता दी। जानकारी के मुताबिक, आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित होकर 1000 से अधिक जर्मन लोग आईएसआईएस से जुड़ गए थे और अपना देश छोड़कर भाग गए थे।

आईएसआईएस ने यजीदियों पर किए जमकर अत्याचार

यजीदी समुदाय बेहद पुराना समुदाय है, जो इराक के उत्तरी और सीरिया के कुछ हिस्सों में रहते हैं। ये ईरान के उत्तरी हिस्से में भी पाए जाते हैं। ये अल्पसंख्यक हैं। माना जाता है कि यजीदी लोग मेसोपोटामिया की सभ्यता के दौर से आबाद हैं, लेकिन इस्लाम की ओर से इनका जबरदस्त सफाया किया गया। कुछ साल पहले तब उस इलाके में आईएसआईएस ने पकड़ बनाई, तो उसने यदीजियों का नरसंहार किया।

अगस्त 2014 में आईएसआईएस ने जब उत्तरी इराक के सिंजर प्रांत में अपनी जगह बनाई, तो 50 हजार से अधिक यजीदियों को अपना घर-बार छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने गैर इस्लामी समूह यजीदियों के पुरुषों सदस्यों की सामूहिक हत्याएँ की और महिलाओं-बच्चियों को अपना यौन-गुलाम यानी सेक्स स्लेव बनाकर रखा।

जहाँ से निर्दलीय लड़ रहे रवींद्र सिंह भाटी के सोशल मीडिया में चर्चे, वह जमीन ‘मोदी मोदी’ के नारों से गूँज उठा: बाड़मेर में बोले PM- 4 जून, 400 पार

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को राजस्थान के बाड़मेर पहुँचे। यहाँ से भाजपा के कैलाश चौधरी उम्मीदवार हैं। वहीं, छात्र नेता से राजनीति की शुरुआत करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी रवींद्र सिंह भाटी भी मैदान में हैं। रवींद्र अभी शिव से विधायक हैं और सोशल मीडिया पर उनके काफी चर्चे हैं। यहाँ पहुँचकर पीएम ने एक बार फिर ‘भाजपा 400 के पार’ का नारा दिया।

बाड़मेर में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये जनसैलाब, ये जनसमर्थन बताता है कि बाड़मेर की जनता BJP को भरपूर आशीर्वाद देने का संकल्प ले चुकी है। इस चुनाव में आपका एक-एक वोट विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। ये चुनाव दल का नहीं, देश का चुनाव है। इसलिए आज पूरा देश कह रहा है – 4 जून, 400 पार!”

पीएम मोदी ने कहा, “बाड़मेर हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय जसवंत सिंह जी का क्षेत्र है। यहाँ के लोगों ने हमेशा मुझे बोला है – मोदी जी आप देश के दुश्मनों को सबक सिखाओ, बाड़मेर जिताने की जिम्मेदारी हमारी। आप इस बार भी पहले से ज्यादा वोटों से BJP को जिताएँगे। ये मेरा पक्का विश्वास है।”

राजस्थान की धरती को नमन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिस राजस्थान के लोगों ने देश को अपने लहू से सींचा, उस राजस्थान को कॉन्ग्रेस ने पानी के लिए प्यासा रखा। जितने दिन राजस्थान में कॉन्ग्रेस सरकार रही, उसने जल जीवन मिशन में भी जमकर भ्रष्टाचार किया। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान तक पानी लाने के लिए ERCP परियोजना भी पूरी नहीं होने दी थी। कॉन्ग्रेस की सोच ही विकास विरोधी है।”

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “ये लोग देश के सीमावर्ती गाँवों को देश का आखिरी गाँव कहते हैं। ये लोग सीमावर्ती जिलों को, गाँवों को… जान-बूझकर विकास से वंचित रखते थे। हम सीमावर्ती इलाकों को, सीमावर्ती गाँवों को आखिरी गाँव नहीं, देश का प्रथम गाँव मानते हैं। हमारे लिए देश की सीमाएँ यहाँ पूरी नहीं होतीं। हमारे लिए यहाँ से देश शुरू होता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती इलाकों के विकास को लेकर कहा, “आज अगर देश में 4 करोड़ गरीबों को पीएम आवास मिले हैं, तो मेरे बाड़मेर में भी पौने 2 लाख गरीबों को पक्के आवास का लाभ मिला है। भाजपा सरकार देश की आखिरी सीमा तक सड़कें और हाइवे बना रही है। हमने बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज भी खोला है। बाड़मेर में 72,000 करोड़ रुपये लागत की रिफाइनरी शुरू होने जा रही है।”

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “यहाँ के एयरपोर्ट में भी पिछली सरकार ने जमकर रोड़े अटकाए थे। अगर कॉन्ग्रेस ने बेवजह ब्रेक न लगाया होता तो यहाँ का एयरपोर्ट 2 साल पहले ही चालू हो जाता। कॉन्ग्रेस ने जिन लोगों को दशकों तक नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है। ये मोदी ही है, जिसने देश में पहली बार संविधान दिवस मनाना शुरू किया।”

बाबासाहब भीमराव अंबेडकर की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “वो कॉन्ग्रेस, जिसने बाबा साहब के जीते-जी उन्हें चुनाव हरवाया, उन्हें भारत रत्न नहीं मिलने दिया, जिसने देश में आपातकाल लगाकर संविधान को खत्म करने की कोशिश की। आज वो मोदी को गाली देने के लिए संविधान के नाम पर झूठ की आड़ ले रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो में तो बँटवारे के गुनहगार मुस्लिम लीग की छाप है। अब इंडी अलायंस में शामिल एक और दल ने देश के खिलाफ बहुत खतरनाक ऐलान किया है। जिस पोखरण की धरती ने भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न किया, अब INDI अलायंस का कहना है कि हम भारत के परमाणु हथियार नष्ट कर देंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत जैसा देश, जिसके दो-दो पड़ोसियों के पास परमाणु हथियार हो, उस भारत के परमाणु हथियार INDI अलायंस नष्ट करना चाहता है। ये कैसा गठबंधन है, जो भारत को शक्तिहीन करना चाहता है? जिस भारत माँ के लिए हम अपने जीवन की परवाह नहीं करते, ये कॉन्ग्रेस पार्टी उसे सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा मानती है।”

कॉन्ग्रेस के शासन में राजस्थान में हुए दंगों को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “देश में राम मंदिर निर्माण का पुनीत पावन काम होता है, कॉन्ग्रेस उसका बहिष्कार करती है। रामनवमी की शोभायात्रा पर राजस्थान में पत्थरबाजी करने वाले दंगाइयों को संरक्षण देती है। देश में घुसपैठिए आते हैं तो उनका स्वागत करती है। दलित और सिख भाई-बहनों को नागरिकता देने वाले CAA का ये विरोध करते हैं।”

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट के बाद जिस टोपी को छोड़ गया था शाजिब, वही NIA के लिए बन गया सुराग: बंगाल में मास्टरमाइंड अब्दुल ताहा के साथ छिपा था

NIA ने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में धमाका करने वाले दो आतंकी अब्दुल मतीन ताहा और मुस्सविर हुसैन शाजिब को पश्चिम बंगाल के दीघा से पकड़ लिया। एजेंसी 40 दिनों की मशक्कत के बाद इन आतंकियों को पकड़ पाई। इस पूरी कवायद में एजेंसी को कई छोटे छोटे सुराग लगे, जिनकी सहायता से इन दोनों को पकड़ा गया।

बेंगलुरु के व्यस्त रामेश्वरम कैफे में धमाका करने वाले आतंकी मुस्स्विर और इस हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल मतीन ताहा की पहचान स्थापित करने के लिए एजेंसी आसपास के कई सीसीटीवी कैमरा की जाँच की थी। आनेजाने वालों का डाटा निकाला था। इस में एक आतंकी कैफे में हाथ धोने की जगह पर बम रखते हुए देखा गया था। NIA ने और भी जाँच की जिससे उसे इस आतंकी के धमाका स्थल तक आने की जानकारी निकाली।

NIA को यहाँ से इसके कुछ फुटेज मिले थे जिनमें वह सिटीबस में आते जाते देखा गया था। वह कैफे से 100 मीटर दूर एक स्टॉप पर बस से आया था और इसी से वापस भी गया था। इसके अलावा एक और सीसीटीवी से एक संदिग्ध आदमी टोपी लगाए दिखा था। NIA को यहाँ से एक टोपी भी मिली थी। बताया गया कि यह टोपी आतंकी ने कपड़े बदलने वाली जगह पर छोड़ी थी। इस टोपी पर एक निशान बना हुआ था, यह अपने आप में विशेष था और इस तरह की बहुत कम संख्या में टोपियाँ बनी थी।

NIA के जाँच करने पर पता चला कि यह टोपी चेन्नई से खरीदी गई थी। इनके विषय में यह भी जानकारी सामने आई थी कि यह फर्जी या बिना किसी आईडी के लॉज या होटल में रुकते थे। एजेंसी को शक था कि यह लोग ऐसे होटल और लॉज में रुकते हैं जहाँ आईडी की माँग नहीं की जाती। यह लोग हिन्दू नामों का उपयोग करके फर्जी आईडी का भी उपयोग करते थे।

NIA ने इसको लेकर भी देश के उन सभी जगहों पर नजर बनाई थी जहाँ इनके जाने की संभावना थी। इनको एजेंसी लगातार ट्रैक कर रही थी। एजेंसी को एक बड़ी सफलता तब हाथ लगी जब उसने इनके मददगार मुजम्मिल को पकड़ा। मुजम्मिल ने इन्हें शहर से बाहर भागने में मदद की थी।

NIA को जब इस बात की पुख्ता जानकारी हो गई तब उसने पश्चिम बंगाल के दीघा में छापा मार कर इन दोनों आतंकी पकड़ लिया। इन्हें शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। दोनों को 12 अप्रैल की सुबह गिरफ्तार किया गया। इसी के साथ अब कैफे में हुए धमाके की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

यह दोनों आतंकी धमाके के पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की राडार पर थे। बताया गया है कि यह दोनों 2020 से ही गायब थे। यह अल हिन्द मॉड्यूल में शामिल थे। NIA की दबिश पर यह गायब हो गए थे। इसके बाद से यह आतंक की प्लानिंग कर रहे थे। इन्होने मिलकर बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में मार्च 2023 में धमाके को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि 1 मार्च, 2024 को बेंगलुरु के वाइटफील्ड इलाके में स्थित रामेश्वरम कैफे में दोपहर में एक धमाका हुआ था। इस धमाके में 9 लोग घायल हुए थे। धमाके के पीछे की जानकारी बाद में निकल कर सामने आई थी। इसके बाद इस मामले की जाँच NIA ने चालू कर दी थी। तब से ही एजेंसी उनको पकड़ने का प्रयास कर रही थी।

गुरु ग्रंथ साहिब को रोड जाम करने के लिए ढाल नहीं बना सकते प्रदर्शनकारी, राज्य सरकार ले एक्शन: पंजाब-हरियाणा HC ने भगवंत मान सरकार-चंडीगढ़ प्रशासन को लताड़ा

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शनकारी गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल बना कर महीनों तक सड़क नहीं जाम कर सकते। उनके खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी होगी। हाई कोर्ट ने प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई ना करने को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को लताड़ लगाई। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी चंडीगढ़ और मोहाली सीमा को ब्लॉक करने को लेकर सुनवाई के दौरान की।

हाई कोर्ट के कार्यकारी चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस लापिता बैनर्जी की बेंच ने कहा कि कई मौकों के बाद भी पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन ने रोजाना इस सड़क पर चलने वाले लोगों को कोई राहत नहीं पहुँचाई। आमजन लगातार सीमा पर बंदी सिखों को छोड़ने की माँग करने वाले प्रदर्शनकारियों के रास्ता जाम करने के कारण परेशानियाँ झेलते रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी यहाँ अपने साथ गुरु ग्रंथ साहिब लेकर बैठते हैं, यह कोई कारण नहीं हो सकता कि इन लोगों के खिलाफ पंजाब सरकार कार्रवाई ना करे।

हाई कोर्ट ने कहा, “केवल इस बात के आधार पर कि कुछ प्रदर्शनकारी गुरु ग्रंथ साहिब को रखकर धार्मिक भावनाओं का सहारा ले रहे हैं और इसे ढाल बना रहे हैं, इससे पंजाब को यह बहाना नहीं मिल जाता कि वह इन धर्म की आड़ लेने वालों पर कार्रवाई ना करे।” हाई कोर्ट ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों के धरना-प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला के निवासी लगातार कठिनाइयाँ झेल रहे हैं।

कोर्ट ने यह टिप्पणियाँ एक याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह याचिका के NGO द्वारा दायर की गई थी। इसने इन प्रदर्शनकारियों के हटाए जाने की माँग की थी। याचिका में कहा गया था कि इस धरना प्रदर्शन की वजह से रोजाना के यात्रियों को बड़ी समस्याएँ झेलनी पड़ रही थीं। कोर्ट ने इस दौरान इस बात का उल्लेख किया कि उसने पिछली सुनवाई में पंजाब के डीजीपी तक को बुलाया था और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि को प्रदर्शनकारी यहाँ ना रुके। कोर्ट ने कहा कि पंजाब और चंडीगढ़ मिलकर इस मामले में देरी कर रहे हैं।

हाई कोर्ट ने इस मामले में कहा, “जो तस्वीरें यहाँ रिकॉर्ड में रखी गई हैं, उसने साफ़ जाहिर है कि प्रदर्शनकारियों की कोई बड़ी भीड़ यहाँ नहीं है। गाँवों से आने वाले अधिकांश प्रदर्शनकारी खेतों में फसल कटाई में व्यस्त हैं। यह सड़क से रुकावट हटाने का सबसे बढ़िया समय है। लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ इसमें देरी कर रहे हैं। अब इसके क्या कारण हैं, यह वही सही से बता सकते हैं।” कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को अपनी नींद से जागना होगा और सुप्रीम कोर्ट के रोड रोकने को लेकर आदेश का पालन करना होगा।

कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 अप्रैल, 2024 को करेगा। इस मामले में दाखिल की गई जनहित याचिका में कहा गया था कि यह प्रदर्शन जनवरी 2023 से चल रहा है, जिससे स्कूली बच्चों और आमजन, दोनों को असुविधा हो रही है।

प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से बेअदबी के मामलों में सख्त सजा और कुछ सिख कैदियों जिन्हें बंदी सिख के नाम से भी जाना जाता है, की जल्द रिहाई की माँग कर रहे हैं। इन बंदी सिखों में 1993 दिल्ली बम विस्फोट का दोषी देविंदरपाल सिंह भुल्लर और पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह का हत्यारा कैदी बलवंत सिंह राजोआना शामिल हैं।

ताज होटल में बैठक, प्रति जोन ₹5 करोड़… दिल्ली के शराब घोटाले में K कविता की भूमिका से CBI ने कोर्ट में उठाया पर्दा, बताया- मुख्य साजिशकर्ता में से एक

दिल्ली के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में बंद भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता को CBI ने गुरुवार (11 अप्रैल) को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले उनसे जेल में पूछताछ की थी। CBI ने उनह्ें शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया।

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश करके सीबीआई ने पाँच दिन की रिमांड माँगी। सीबीआई ने कहा कि वह शराब नीति मामले की प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक हैं। इस दौरान सीबीआई ने कोर्ट में साउथ ग्रुप को लेकर भी दलील दी।

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि साउथ ग्रुप के एक शराब कारोबारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर के दिल्ली में कारोबार करने के लिए उनसे सहयोग माँगा था। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उस कारोबारी को सहयोग करने का आश्वासन दिया था। सीबीआई ने सरकारी गवाह बने एक पूर्व आरोपित दिनेश अरोड़ा के बयान का भी हवाला दिया।

सीबीआई ने कहा कि अरोड़ा ने कहा है कि एक आरोपित (अभिषेक बोइनपल्ली) ने उसे बताया कि विजय नायर को करोड़ों का भुगतान किया गया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि बयान और व्हाट्सएप चैट फ़ाइल में संलग्न हैं। सीबीआई ने आगे कहा कि कविता के सीए बुच्ची बाबू की चैट से पता चलता है कि वह अपने प्रॉक्सी के माध्यम से इंडो स्पिरिट्स में थोक लाइसेंस में साझेदारी कर रही थी।

सीबीआई आगे बताया कि चैट से यह भी पता चला कि कविता ने कंपनी की एनओसी प्राप्त करने में राघव मगुंटा की सहायता करने की कोशिश की थी। ताज होटल दिल्ली में आयोजित बैठक में शरत रेड्डी के साथ-साथ बाबू, बोइनपल्ली आदि उपस्थित थे। इसमें यह निर्णय लिया गया कि इंडो स्पिरिट्स को परनोड रिचर्ड के थोक विक्रेता के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

सीबीआई ने आगे बताया कि मार्च और मई 2021 में जब उत्पाद शुल्क नीति तैयार की जा रही थी, तब अरुण पिल्लई, बुची बाबू और बोइनपल्ली दिल्ली में रह रहे थे और विजय नायर के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रहे थे। कविता को दिल्ली में शराब कारोबार का आश्वासन दिया गया। नवंबर-दिसंबर 2021 में कविता को पहले तय किए गए प्रति जोन 5 करोड़ रुपए की दर से 25 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए कहा।

सीबीआई ने तर्क दिया कि वह कविता से पहले पूछताछ कर चुकी है और सबूतों को देखते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने कहा जाँच में पता चला कि कविता उत्पाद शुल्क नीति की प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक है। वह अनुचित आधार का हवाला देते हुए जाँच में शामिल नहीं हुईं। इसलिए उससे पूछताछ नहीं की जा सकी। वह फिलहाल जेल में बंद थी।

सीबीआई ने कहा कि पूछताछ के दौरान कविता ने अपनी भूमिका के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उनके जवाब सीबीआई द्वारा बरामद दस्तावेजों के विपरीत हैं। वह उन तथ्यों को छिपा रही हैं, जो विशेष रूप से उसकी जानकारी में हैं। इससे पहले भी वह नोटिस के बावजूद जाँच में शामिल नहीं हुई हैं।

सीबीआई का कहना है कि शराब नीति से जुड़ी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कविता का सबूतों एवं अन्य लोगों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। वह मुख्य सरगना या साजिशकर्ता हैं। इसमें और लोग भी शामिल हैं। उसने सहायता की है। मुख्य पैसा इन्होंने ही सर्वाइव करवाया था।

सीबीआई ने आगे कहा कि इसमें और लोग कौन शामिल हैं, उसका जवाब नहीं है अभी। इसका पता लगाने के लिए पाँच दिन की रिमांड चाहिए। इसके बाद दोनों पक्षों को सुनकर कोर्ट ने अपना सुनाते हुए कविता को पाँच दिन की रिमांड पर सीबीआई के हवाले कर दिया।

बता दें कि कविता को प्रवर्तन निदेशालय ने 15 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। उन्हें पहले ED की हिरासत में रखा गया और फिर बाद में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। हाल ही में कोर्ट ने सीबीआई को जेल में कविता से पूछताछ की इजाजत दी थी। सीबीआई ने 6 अप्रैल को जेल में कविता से पूछताछ की और 11 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हाल ही में न्यायाधीश ने कविता को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके पीछे कोर्ट ने तर्क दिया कि प्रथम दृष्टया कविता दिल्ली के शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित सबूतों को नष्ट करने और गवाहों को प्रभावित करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं। वे ऐसा फिर कर सकती हैं।