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K कविता को अब CBI ने किया गिरफ्तार, तिहाड़ जेल में हैं बंद: BRS नेता को दिल्ली शराब घोटाले में ED ने पकड़ा था

दिल्ली शराब नीति घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बीआरएस नेता और तेलंगाना की एमएलएसी के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे सीबीआई ने जेल में पूछताछ की थी, इसके बाद कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी की अनुमति माँगी थी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई ने के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। वो फिलहाल ईडी की न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई उन्हें कोर्ट में पेश करेगी और फिर अपनी हिरासत में ले लेगी।

के.कविता मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी द्वारा गिरफ्तार की गईं थी। अभी वो तिहाड़ जेल में बंद हैं। पिछले शनिवार (06 अप्रैल 2024) को सीबीआई ने उनसे जेल के अंदर पूछताछ की थी। जिसके बाद अब सीबीआई ने यह एक्शन लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की माँग करेगी। बता दें कि सीबीआई ने बुधवार (10 अप्रैल 2024) को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल कर के. कविता को गिरफ्तार करने की अनुमति माँगी थी। कोर्ट ने सीबीआई को गिरफ्तारी की अनुमति दे दी थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने उन्हें आपराधिक षड़यंत्र, पैसों की हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं के कविता

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार (09 अप्रैल 2024) के. कविता की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। इससे पहले, शुक्रवार (05 अप्रैल 2024) को ही विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ करने की अनुमति दे दी थी।

हैदराबाद जाकर ईडी ने हिरासत में लिया था

गौरतलब है कि ईडी ने दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में के कविता को 15 मार्च को हैदराबाद से हिरासत में लिया और अगले दिन दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहाँ से उन्हें सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया था और 23 मार्च को अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को उनकी तीन और दिनों की हिरासत दी थी। के. कविता पर ईडी का आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में लाभ पाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ साजिश रची।

चीन हो या पाकिस्तान, सीमा विवाद हो या QUAD… सब पर बोले PM मोदी: इंदिरा गाँधी के बाद ‘न्यूजवीक’ के कवर पर छाने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री बने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी मैगजीन ‘न्यूजवीक’ को एक साक्षात्कार दिया है, जिसमें उन्होंने देश के विकास से लेकर चीन-पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों पर खुलकर अपनी बात कही है। चीन के साथ भारत रिश्ते, सीमा विवाद का समाधान और QUAD को लेकर चीन की चिंता पर भारत का पक्ष रखा। वहीं, पाकिस्तान के मामले में भी उन्होंने हिंसामुक्त माहौल की जरूरत बताई।

चीन से आर्थिक प्रतिस्पर्धा के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति और वैश्विक आर्थिक विकास के इंजन के रूप में भारत उन लोगों के लिए एक स्वाभाविक पसंद है, जो अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना चाहते हैं। इसके लिए भारत की सरकार ने वैश्विक मानदंडों के तहत देश में बदलाव किए हैं। बता दें कि इंदिरा गाँधी के बाद ये दूसरे पीएम हैं, जो न्यूजवीक के कवर बने हैं।

उन्होंने कहा, “हमने परिवर्तनकारी आर्थिक सुधार किए हैं। जैसे कि वस्तु एवं सेवा कर, कॉर्पोरेट कर में कटौती, दिवालियापन संहिता, श्रम कानूनों में सुधार, एफडीआई मानदंडों में छूट। हमने अपने नियामक ढाँचे, अपनी कराधान प्रथाओं के साथ-साथ अपने बुनियादी ढाँचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसका दुनिया पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे और कुशल प्रतिभा की उपलब्धता के साथ व्यवसायों और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने वाली हमारी नीतियों के परिणाम मिले हैं। हमारी प्रमुख वैश्विक विनिर्माण इकाइयाँ भारत में इकाई स्थापित कर रही हैं। हमने भारत में विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उत्पादन से जुड़ीं 14 क्षेत्रों में प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की हैं।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत को अब विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी लागत पर विश्वस्तरीय सामान बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। दुनिया के लिए उत्पादन करने के अलावा, विशाल भारतीय घरेलू बाजार एक अतिरिक्त आकर्षण है। भारत उन लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है, जो विश्वसनीय और लचीली आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करना चाहते हैं।ठ

चीन के साथ सीमा विवाद पर उन्होंने कहा, “भारत के लिए चीन के साथ रिश्ते अहम हैं। मेरा मानना है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से चल रही स्थिति को तत्काल हल निकालने की आवश्यकता है, ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असामान्यता को पीछे छोड़ा जा सके। भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध न केवल हमारे दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं।”

उन्होंने भारत और चीन के बीच संबंधों के सामान्य बनने की उम्मीद जताई। न्यूजवीक मैगजीन को लिखित में भेजे गए अपने जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “मुझे आशा और विश्वास है कि राजनयिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय जुड़ाव के माध्यम से हम अपनी सीमाओं पर शांति और स्थिरता बहाल करने और उसे बनाए रखने में सक्षम होंगे।”

वहीं, चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत ने समूह बनाया है। इसेे क्वाड (QUAD) के नाम से जाना जाता है। QUAD और चीन की प्रतिक्रिया को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत, चीन: ये सभी देश कई समूहों के सदस्य हैं। हम विभिन्न समूहों में विभिन्न संयोजनों में मौजूद हैं। क्वाड का उद्देश्य किसी देश के खिलाफ नहीं है।”

पीएम मोदी ने कहा, “एससीओ, ब्रिक्स और अन्य जैसे कई अंतरराष्ट्रीय समूहों की तरह क्वाड भी समान विचारधारा वाले देशों का एक समूह है, जो साझा सकारात्मक एजेंडे पर काम कर रहा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक व्यापार, नवाचार और विकास का इंजन है और इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा न केवल क्षेत्र के लिए, बल्कि दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “जलवायु, आपदा प्रबंधन, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी कार्यक्रमों के साथ-साथ भारत प्रशांत क्षेत्र में साझा प्रयासों और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए क्वाड देश स्वतंत्र दृष्टिकोण अपना रहे हैं।”

पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी है। भारत ने हमेशा अपने क्षेत्र में आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को आगे बढ़ाने की वकालत की है।” वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कैद से संबंधित सवाल को पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताकर पीएम ने टिप्पणी से इनकार कर दिया।

कॉन्ग्रेस ने किया ‘विश्वासघात’ तो निशा बांगरे के सिर से उतरा नेतागिरी का ‘नशा’, पूर्व डिप्टी कलेक्टर ने नौकरी पर वापस लेने की BJP सरकार से लगाई गुहार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफ़ा देने वाली निशा बांगरे को अपनी नौकरी वापस चाहिए। बांगरे को कॉन्ग्रेस ने विधानसभा चुनाव में टिकट का वादा किया था लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। अब बांगरे ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें उनकी सरकारी नौकरी वापस दे दी जाए। इसके लिए उन्होंने एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से सहानुभूति दिखाने का आग्रह किया है।

मध्य प्रदेश शासन को लिखे गए एक पत्र में उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान अपना काम पूरी निष्ठा से किया है। उन्होंने कहा कि उनका रिकॉर्ड साफ़ रहा है और उन्होंने एक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति ना मिलने पर इस्तीफ़ा दिया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से मात्र 2 दिन पहले ही उनका इस्तीफ़ा मंजूर हुआ और वह नामांकन नहीं दाखिल कर पाई। उन्होंने इन्हीं सब बातों को आधार बनाते हुए कहा कि उन्हें शासन सेवा में वापस ले ले। उन्होंने कहा है कि वह दायित्व का निर्वहन सही तरीके से करेंगी।

Source: X/psamachar1

निशा बांगरे 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात थीं। उन्होंने बैतूल जिले की अमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मन बनाया था। इसके लिए उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार को अपना इस्तीफ़ा सौंपा था। उनको कॉन्ग्रेस ने अमला विधानसभा से टिकट का भरोसा भी दिया था। बांगरे ने अपने इस्तीफे को लेकर तत्कालीन भाजपा सरकार पर खूब हमले बोले थे। बांगरे ने अपना इस्तीफ़ा सरकार से मंजूर करवाने के लिए एक यात्रा भी निकाली थी।

उन्होंने भाजपा सरकार पर काफी आरोप लगाए थे। उन्होंने अपना इस्तीफ़ा सरकार से मंजूर करवाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया था। उनकी यात्रा में भी खूब बवाल हुआ था। उन्होंने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को महिला विरोधी होने का तमगा दिया था। कॉन्ग्रेस ने उनके इस्तीफे को देखते हुए अमला विधानसभा पर टिकट का ऐलान रोक भी लिया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने बाद में यह सीट दूसरे प्रत्याशी को दे दी। निशा का इस्तीफ़ा भी मंजूर हो गया और वह सेवा से बाहर हो गईं।

कॉन्ग्रेस से टिकट ना मिलने के बाद वह संगठन में किसी बड़े पद का इन्तजार करती रहीं। जब उन्हें यह भी नहीं मिला तो उन्होंने जनवरी, 2024 में नौकरी वापस पाने के लिए पत्र लिख दिया। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया है कि उनके इस निर्णय के पीछे उनका परिवार है। निशा बांगरे ने बताया कि कॉन्ग्रेस ने उनसे लोकसभा टिकट का भी वादा किया था लेकिन यह भी पूरा नहीं किया। उन्हें कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता की कुर्सी दी गई थी। हालाँकि, वह इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हुईं और अब वह नौकरी वापस माँग रही हैं।

निशा बांगरे का कहना है कि उन्हें किसी ने बताया था कि लोगों ने चुनाव लड़ कर भी वापस नौकरी ज्वाइन की है। ऐसे में उन्होंने जब चुनाव लड़ा ही नहीं तो फिर वह भी नौकरी वापस पा सकती हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने अभी उन्हें इस विषय में कोई जवाब नहीं दिया है।

‘कॉन्ग्रेस के लिए पहले दिल्ली का शाही परिवार और फिर अपना परिवार ही सब कुछ’: ऋषिकेश में बोले PM मोदी- ये हिंदू धर्म का अपमान करने वाले लोग

लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार (11 अप्रैल 2024) को उत्तराखंड में ऋषिकेश पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मजबूत मोदी सरकार में आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारा जाता है।

लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज देश में एक मजबूत सरकार है। मज़बूत मोदी सरकार में आतंकवादियों को घर में घुस के मारा जाता है। जब-जब देश में कमजोर और अस्थिर सरकार रही है, तब-तब हमारे दुश्मनों ने उसका फायदा उठाया है।” उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्ष में भारत को पहले के मुकाबले कई गुणा मजबूत कर दिया है।”

पीएम मोदी ने कहा, “जब भारत में कमजोर और अस्थिर सरकारें थीं, तब भारत में आतंकवाद ने पैर पसारे। आज भारत में मजबूत सरकार है, इसलिए भारत का तिरंगा युद्ध क्षेत्र में भी सुरक्षा की गारंटी बन जाता है। 7 दशक बाद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 निरस्त किया गया। तीन तलाक के खिलाफ कानून बना। महिलाओं को लोकसभा-विधानसभा में 33% आरक्षण मिला।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के समय में तो जवानों के पास बुलेटप्रूफ जैकेट तक की कमी थी। दुश्मन की गोली से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं था। ये भाजपा है, जिसने भारत में बनी बुलेटप्रूफ जैकेट अपने सैनिकों को दी, उनके जीवन की रक्षा की। आज आधुनिक रायफल से लेकर लड़ाकू विमान और विमानवाहक पोत तक देश में ही बन रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस की कमजोर सरकार सीमाओं पर आधुनिक Infrastructure नहीं बना पाई। आज देखिए सीमा पर आधुनिक सड़कें बन रही हैं, आधुनिक सुरंगें बन रही हैं। जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, तब लोगों के हक का पैसा बिचौलिए खा जाते थे। अब लोगों के हक का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में जा रहा है। ये लूट मोदी ने बंद की है, इसलिए मोदी पर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के नेताओं के लिए तो पहले दिल्ली का शाही परिवार और फिर अपना परिवार ही सब कुछ है, लेकिन मोदी के लिए तो मेरा भारत ही मेरा परिवार है। कॉन्ग्रेस विकास और विरासत दोनों की विरोधी है। उसने प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, राम मंदिर का विरोध किया, राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बहिष्कार किया।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “अब तो कॉन्ग्रेस ने प्रण लिया है कि हिंदू धर्म में जो शक्ति है, उसका विनाश करेंगे। उत्तराखंड की आस्था को तबाह करने की जो साजिशें चल रही हैं, उसमें कॉन्ग्रेसे ये बातें आग में घी का काम करेंगी। उत्तराखंड की संस्कृति की रक्षा करना, हम सभी का दायित्व है।”

हम कैसे मनाएँ ईद… इस्लाम के नाम पर बना जो मुल्क, उससे मुस्लिम ही पूछ रहे सवाल: पाकिस्तानी फौज के अत्याचार के विरोध में सड़क पर बलोच

पाकिस्तान में बलोच समुदाय समुदाय ने पाकिस्तानी फौज के अत्याचारों और दमन के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन किया। उन्होंने ईद के दिन त्यौहार मनाने की जगह अगवा किए गए अपने लोगों को लौटाने की माँग को लेकर सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के पंजाब और राजधानी इस्लामाबाद से लेकर बलोचों ने लाहौर, क्वेटा, कराची समेत पूरे देश में प्रदर्शन किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शैक्षणिक संस्थानों में बलोच छात्रों के जबरन गायब होने, उत्पीड़न और नस्लीय प्रोफाइलिंग के खिलाफ बलोच छात्र परिषद ने पंजाब और इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन की कमान संभाली। इस संगठन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मानवाधिकार उल्लंघन के कारण कई छात्रों पढ़ाई छोड़ दी। प्रोफाइलिंग के कारण कई लोगों का अपहरण कर लिया गया। हम फिरोज और अहमद खान सहित सभी बलोंचों की रिहाई की माँग करते हैं।

बलोच छात्र परिषद ने कहा कि हम अहमद खान, फिरोज बलोच और अन्य बलोच छात्रों की सुरक्षित बरामदगी की माँग करते हैं, जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्हें अवैध रूप से जेलों में बंद रखा गया है और उनकी सारी जानकारी छिपा दी गई है।

कराची में भी जोरदार प्रदर्शन

बलोच एक्टिविस्ट सम्मी दीन बलोच ने कराची में प्रदर्शन की तस्वीरों को शेयर किया। सम्मी के पिता को भी पाकिस्तानी फौज गायब कर चुकी है और वो लगातार पाकिस्तानी फौज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की कमान संभालती रही हैं। वो क्वेटा से इस्लामाबाद तक 1000 किमी के लॉन्ग मार्च में भी शामिल हो चुकी हैं।

सम्मी ने एक्स पर लिखा, “कराची में जबरन गायब किए जाने के खिलाफ विरोध रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। सरकार जबरन गायब किए गए लोगों के मुद्दों को दबाने के लिए बहाने बनाती है और फर्जी नेरेटिन गढ़ती है, लेकिन कराची से लेकर इस्लामाबाद तक बलूचिस्तान के हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। सत्ता और सत्ता के नशे में चूर नेता इन लोगों की मौजूदगी को कैसे नकार सकेंगे?”

बलूच वॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि ईद के दिन बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तानी फासीवादी फौज द्वारा जबरन गायब किए गए पीड़ितों की आजादी और सुरक्षा की रिहाई की माँग कर रहे हैं। 

जिन्होंने मुझे माँ के अंतिम संस्कार में जाने नहीं दिया, वही हमें तानाशाह कह रहे: राजनाथ सिंह ने उजागर किया कॉन्ग्रेस का दोगलापन, बोले- जब तक सामर्थ्य मोदी रहेंगे PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की माँ का निधन ब्रेन हेमरेज से हो गया था, लेकिन उन्हें अंतिम संस्कार में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसका जिक्र उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI की संपादक स्मिता मिश्रा के पॉडकास्ट में किया है।

इस पॉडकास्ट का कुछ हिस्सा न्यूज एजेंसी ने सोशल मीडिया में शेयर किया है। इसमें रक्षा मंत्री ने पाकिस्तानी आतंकवाद, चीन से लेकर इमरजेंसी के दौर तक विभिन्न मुद्दों पर बात की है। उनकी माँ का निधन भी इमरजेंसी के दौरान ही हुआ था। उस समय राजनाथ सिंह जेल में थे। उन्होंने बताया कि 27 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनकी माँ का निधन हो गया, लेकिन अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इन्हें पैरोल नहीं दिया गया। इसका जिक्र कर उन्होंने कहा कि आज वही लोग हम पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इंदिरा गाँधी के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने देश पर इमरजेंसी थोप कर नागरिकों के अधिकारों का खुलेआम दमन किया था।

राजनाथ सिंह ने पॉडकॉस्ट में कहा, “मेरी माँ का 27 दिन अस्पताल में रहने के बाद ब्रेन हैमरेज हो गया था। उस समय मुझे परोल तक नहीं मिली। क्रियाक्रम के लिए भी मुझे परोल नहीं दी गई थी। मैं अपनी माँ से मिल तक नहीं सका। आज ये सभी लोग हमारे ऊपर तानाशाह होने का इल्जाम लगाते हैं। कल्पना करिए। उस समय मेरी माँ ब्रेन हैमरेज के 27 दिन बाद तक वाराणसी के माता आनंदमयी हॉस्पिटल में थीं। उन्होंने फिर भी मुझे परोल नहीं दी।”

रक्षा मंत्री ने पॉडकॉस्ट में इमरजेंसी के अलावा और भी मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में सामर्थ्य हैं तब तक वही सरकार का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने स्मिता प्रकाश के सवाल पूछने पर कहा- “चिंता काहे कर रही हैं। मोदी जी कहीं नहीं जा रहे। चौथे टर्म में भी वही नेतृत्व करेंगे।”

उन्होंने चीन के मुद्दे पर कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम रहते हुए देश की एक इंच जमीन पर भी किसी का कब्जा नहीं हो सकता। उन्होंने पीओके पर कहा, “पीओके हमारा था, हमारा है और हमारा रहेगा। पाकिस्तान अगर आतंकवाद का सहारा लेकर अगर उसने भारत को अस्थिर करने का प्रयास किया तो अंजाम बुरे होंगे। अगर वो आतंकवाद से लड़ने में सक्षम नहीं है तो भारत उनके साथ कॉपरेट करने को तैयार है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में जिन लोगों इमरजेंसी को लागू किया वो लोग भाजपा पर तानाशाह होने का इल्जाम लगाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें उस समय जेल में इसलिए डाला गया था क्योंकि वो इमरजेंसी को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करते थे कि किस तरह से ये आपातकाल घातक है।

साजिद-जावेद का ‘खून’ साफ करने आया ऑल्टन्यूज वाला मोहम्मद जुबैर, बदायूँ पुलिस की चेतावनी मिलते ही भागा: हिंदू बच्चों का रेत दिया था गला

ऑल्टन्यूज के को फाउंडर और लगातार प्रोपेगेंडा फैलाने वाले मोहम्मद जुबैर ने बदायूँ में हुई हिन्दू बच्चों की हत्या को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया। जब उसे उत्तर प्रदेश प्रदेश पुलिस ने चेतावनी दी तो वह पोस्ट डिलीट कर के भाग गया। ऑपइंडिया ने इस मामले में मारे गए हिन्दू बच्चों के पिता से बातचीत की।

मोहम्मद जुबैर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर हिन्दू बच्चों की हत्या के मामले में लिखा, “बदायूँ में 2 बच्चों की नाई साजिद द्वारा नृशंस हत्या के पीछे के कारण पर कोई अपडेट है क्या? बच्चों के पिता ने 24 मार्च को अपनी बाइक में आग लगा दी थी क्योंकि तब तक इस हत्या के पीछे का कारण साफ़ नहीं था। हत्या के मकसद पर बदायूँ पुलिस द्वारा कोई अपडेट।”

हिन्दू बच्चों की हत्या पर जुबैर का ट्वीट

मोहम्मद जुबैर की इस पोस्ट के नीचे जवाब देते हुए बदायूँ पुलिस ने लिखा, “उक्त प्रकरण के संबंध मे स्थानीय थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा आवश्यक विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है। कृपया अनावश्यक पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश ना करें। अनावश्यक पोस्ट करने वालो की जाँच कर उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी।”

बदायूँ पुलिस के जवाब देने के बाद मोहम्मद जुबैर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। जुबैर के इस ट्वीट करने के पीछे उसका उद्देश्य था इस हत्या को लेकर भ्रम फैलाया जाए। जुबैर ने मृतक बच्चों के पिता की मोटरसाइकिल जलाने की घटना का हवाला देते हुए यह धारणा बनाने का प्रयास किया कि इस हत्या का असल मकसद प्रशासन द्वारा छिपाया जा रहा है।

जुबैर ने अपनी पोस्ट में मारे गए हिन्दू बच्चों के पिता विनोद कुमार के बाइक जलाने का भी जिक्र किया। यह घटना 24 मार्च को हुई थी। उसने इसके जरिए यह सन्देश देने कोशिश की कि उत्तर प्रदेश पुलिस सही से मामले की जाँच नहीं कर रही और परिजन पुलिस से संतुष्ट नहीं है।

भड़काने पर जलाई थी बाइक, पुलिस की जाँच से संतुष्ट: बच्चों के पिता विनोद सिंह

इस मामले में ऑपइंडिया ने विनोद सिंह से बातचीत की है। विनोद सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि उन्होंने बाइक जरूर जलाई थी लेकिन उन्होंने ऐसा जाँच से असंतुष्ट होकर नहीं बल्कि लोगों के भड़काने पर जलाई थी। उन्होंने कहा कि मोहल्ले वालों के बोलने पर यह कदम उठा लिया था।

उन्होंने कहा कि उनकी पुलिस सही से जाँच कर रही है उनको पुलिस से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने जाँच में किसी भी प्रकार की कोताही से इनकार किया है।

गौरतलब है कि 19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। उसका भाई जावेद यहाँ से भागने में सफल रहा था। पुलिस ने जावेद को भी 21 मार्च, 2024 को बरेली गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस इस मामले में आगे की जाँच कर रही है।

हिन्दू बच्चों की हत्या करने वाले साजिद के जनाजे में भी काफी भीड़ जुटी थी। ऑपइंडिया ने इस मामले में ग्राउंड पर जाकर जब बात की थी तो जावेद और साजिद के घरवालों ने गुमराह करने के भी प्रयास किए थे। यहाँ गाँव वालों ने भी इस बात पर विश्वास करने से इनकार किया था कि हत्या साजिद और जावेद ने की या फिर किसी और ने।

अब DM की अनुमति के बिना बौद्ध नहीं बन सकेंगे हिंदू, गुजरात सरकार ने जारी किया सर्कुलर: जैन और सिख को भी अलग बताया

बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदुओं को भी अब अनुमति लेने की जरूरत होगी। गुजरात सरकार ने एक सर्कुलर जारी करके कहा है कि बौद्ध और जैन धर्म हिंदू धर्म से अलग हैं। इसलिए अगर कोई हिंदू अपना धर्म बदलकर बौद्ध, जैन या सिख धर्म अपनाता है तो उसे गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी होगी।

गुजरात सरकार के गृह विभाग द्वारा 8 अप्रैल 2024 को परिपत्र जारी किया गया। दरअसल, सरकार के संज्ञान में आया था कि बौद्ध धर्म में धर्मांतरण के लिए आवेदन में प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। उपसचिव (गृह) विजय बधेका के हस्ताक्षर वाले इस सर्कुलर में कहा गया है कि ये देखने में आया है कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की मनमाने ढंग से व्याख्या कर रहे हैं।

इसमें कहा गया है, “यह देखने में आया है कि हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म में धर्मांतरण की अनुमति माँगने वाले आवेदनों में नियमों के अनुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, कभी-कभी आवेदकों और स्वायत्त निकायों से अभ्यावेदन प्राप्त हो रहे हैं कि हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म में धार्मिक परिवर्तन के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।”

सर्कुलर में आगे कहा गया है, “ऐसे मामलों में पूर्व अनुमति के लिए जहाँ आवेदन दायर किए जाते हैं, वहाँ का संबंधित कार्यालय ऐसे आवेदनों का निपटान यह कहते हुए कर रहे हैं कि संविधान के अनुच्छेद 25 (2) के तहत सिख धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म हिंदू धर्म के भीतर शामिल हैं। इसलिए आवेदक को ऐसे धर्मांतरण के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।”

इसमें कहा गया है कि यह संभव है कि कानूनी प्रावधानों के पर्याप्त अध्ययन के बिना धार्मिक रूपांतरण जैसे संवेदनशील विषय में आवेदकों को दिए गए जवाबों के परिणामस्वरूप मुकदमेबाजी हो सकती है। इसलिए गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट के संदर्भ में बौद्ध धर्म को एक अलग धर्म माना जाएगा। बता दें कि गुजरात में हर साल दलित समुदाय के बहुत सारे लोग सामूहिक रूप से बौद्ध धर्म अपनाते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, परिपत्र में यह भी कहा गया है कि इस अधिनियम के अनुसार, जो व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म/सिख धर्म/जैन धर्म में परिवर्तित करा रहा है, उसे निर्धारित प्रारूप में जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लेनी होगी। साथ ही धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित प्रारूप में जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी।

बताते चलें कि गुजरात में दलितों के बीच बौद्ध धर्म अपनाने की प्रवृत्ति प्रचलित है। गुजरात बौद्ध अकादमी (जीबीए) उन प्रमुख संगठनों में से एक है, जो राज्य में नियमित रूप से ऐसे धर्मांतरण कार्यक्रम का आयोजन करते रहता है। जीबीए के सचिव रमेश बैंकर ने सर्कुलर का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि बौद्ध एक अलग धर्म है और इसका हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा, “प्रशासन द्वारा कानून की गलत व्याख्या करते हुए भ्रम पैदा किया गया। हमारा शुरू से ही मानना था कि बौद्ध धर्म हिंदू धर्म का हिस्सा नहीं है और बौद्ध धर्म में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रारूप में जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। ऐसा स्पष्टीकरण जारी करने की हमारी माँग थी, जो पूरी हो गई है।”

बैंकर ने कहा कि साल 2023 में कम-से कम 2,000 लोग, जिनमें मुख्य रूप से दलित शामिल थे, वे बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए। पिछले साल 25 अक्टूबर को अहमदाबाद में करीब 400 लोगों ने बौद्ध धर्म अपना लिया था। अक्टूबर 2022 में गिर सोमनाथ में करीब 900 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया था साल 2011 की जनगणना के अनुसार, गुजरात में 30,483 बौद्ध हैं, जो राज्य की आबादी के 0.05 प्रतिशत हैं।

पांड्या ब्रदर्स को भाई ने ही ठगा, धंधे में पाटर्नर बन हार्दिक-क्रुणाल को वैभव ने लगाया ₹4.3 करोड़ का चूना: मुंबई पुलिस ने जालसाजी में पकड़ा

मुंबई इंड‍ियस के कप्तान हार्द‍िक पांड्या और लखनऊ सुपर जायंट्स के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। पांड्या ब्रदर्स को करोड़ों रुपए की चपत उनके ही सौतेले भाई वैभव पांड्या ने लगाई है। हार्द‍िक-क्रुणाल से ठगी करने वाले आरोपी सौतेले भाई वैभव पांड्या को मुंबई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही भाई इस समय आईपीएल 2024 में अपनी टीमों के लिए खेल रहे हैं।

वैभव पांड्या पर आरोप है कि उन्होंने पांड्या ब्रदर्स को 4 करोड़ से अधिक का चूना लगाया है। वैभव ने बिजनेस का पैसा पार्टनरशिप फर्म से निकाल कर कहीं और डायवर्ट कर लिया। उन्होंने कुल 4.3 करोड़ की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर ली, जिससे हार्दिक और क्रुणाल को 4.3 करोड़ का नुकसान हुआ है।

वैभव ने ऐसे लगाया हार्दिक और क्रुणाल को चूना

ये मामला साल 2021 से शुरू हुआ, जब हार्दिक और क्रुणाल पांड्या ने अपने सौतेले भाई वैभव पांड्या के साथ पॉलिमर बिजनेस की एक कंपनी शुरू की। इस कंपनी में हार्दिक और क्रुणाल की हिस्सेदारी 40-40 प्रतिशत ती, तो वैभव इसमें 20 प्रतिशत का मालिक था। इस कंपनी से होने वाला फायदा भी इसी अनुपात में तीनों के बीच में बंटना था। लेकिन वैभव पांड्या ने इस कंपनी के पैसों को दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया। यही नहीं, उसके फायदे में अपने हिस्सेदारी भी बढ़ाकर 33 प्रतिशत कर ली।

इस पूरे हेरफेर से हार्दिक और क्रुणाल को करीब 4.3 करोड़ का नुकसान हुआ है। वैभव ने कंपनी को हुए फायदे की रकम एक अलग कंपनी बनाकर उसमें ट्रांसफर कर ली थी। अब मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वैभव को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 5 दिन की हिरासत में भेज दिया।

बात दें कि हार्दिक पांड्या आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के कप्तान हैं, जबकि क्रुणाल पांड्या केएल राहुल की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स टीम में शामिल हैं। इससे पहले दोनों लंबे समय तक अंबानी फैमिली की फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस में एक साथ खेल चुके हैं। तो दोनों ही भाई टीम इंडिया के लिए भी खेल चुके हैं।

बुलाया किसी ने, खाने कहीं और चले गए मुनव्वर फारुकी… इतने अंडे पड़े कि तिलमिला उठा हिंदूफोबिक कॉमेडियन, देखें Video

बिग बॉस-17 जीतने के बाद मुनव्वर फारुकी आए दिन किसी न किसी वजह से चर्चा में रहने लगे हैं। कुछ दिन पहले उन्हें एक हुक्का बार से हिरासत में लिया गया था और अब उनका मुंबई के मोहम्मद अली रोड पर एक नया विवाद हो गया।

दरअसल, हिंदूफोबिक कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी मुंबई के मोहम्मद अली रोड पर एक रेस्टोरेंट में गए थे जहाँ कथिततौर पर दूसरे रेस्टोरेंट के मालिक ने उनके ऊपर अंडा फेंक दिया और फिर मुनव्वर फारुकी भी अपना आपा खो बैठे।

इस दौरान उनकी मिनारा मस्जिद स्थित रेस्टोरेंट के मालिक से लड़ाई हो गई। घटना की एक छोटी सी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वहीं पुलिस तक मामला पहुँचने के बाद केस दर्ज झगड़े के संबंध में केस दर्ज हो गया।

सामने आई वीडियो में मुनव्वर फारुकी भीड़ के बीचों ही रेस्टोरेंट के मालिक पर भड़कते नजर आ रहे हैं। वहीं मुनव्वर को उनके सिक्योरिटी गार्ड्स ने कसकर पकड़ा हुआ है और उन्हें लड़ाई से बचाने के लिए दूर लेकर जाया जा रहा है। इस घटना के संबंध में मीडिया ने भी कवरेज की है।

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आरोपितों ने मुनव्वर फारुकी को मिनारा मस्जिद क्षेत्र में अपने रेस्टोरेंट में आमंत्रित किया थ, लेकिन वह पास के दूसरी जगह पर खाना खाने चले गए। जब रेस्टोरेंट के मालिक ने मुनव्वर को दूसरी जगह जाते देखा तो उन्हें और उनके स्टाफ को गुस्सा आ गया और उन्होंने मुनव्वर पर अंडों से अटैक करना शुरू कर दिया। इसी घटना के बाद मुनव्वर भड़क गए और अपना आपा खो बैठे

बता दें कि मुनव्वर ने अभी इस मामले पर अपनी ओर से कोई बयान नहीं दिया है लेकिन रेस्टोरेंट के मालिक और 5 स्टाफ सदस्यों के अलावा मुनव्वर पर ङी अराजकता फैलाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार में हिरासत में लिया था। उस समय भी उन्होंने मामले पर कुछ नहीं बताया था।