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सदियों के बलिदान का फल है राम मंदिर: अमेरिकी मीडिया से बोले PM मोदी, 11 दिनों के विशेष अनुष्ठान का भी किया स्मरण

प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि प्रभु श्रीराम की छवि देश की चेतना पर अंकित है। उन्होंने राम मंदिर के लिए किए गए अनुष्ठान को भी याद किया और बताया कि यह मंदिर सदियों के बलिदान का फल है। पीएम मोदी ने देश में अल्पसंख्यकों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक खुद ही अपने साथ भेदभाव के नैरेटिव को नहीं मानते हैं। उनकी सरकार की योजनाएँ सबको लाभ पहुँचाती हैं, ऐसे में भेदभाव का सवाल नहीं उठता।

पीएम मोदी ने यह बातें अमेरिकी समाचार पत्रिका न्यूजवीक (Newsweek) को दिए गए एक साक्षात्कार में कहीं। पीएम मोदी ने इस दौरान राम मंदिर, भारत में अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर उठने वाले सवाल, भारत की आर्थिक प्रगति और महिला सशक्तिकरण समेत तमाम मुद्दों पर बात की।

पीएम मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर न्यूजवीक से बात की। उन्होंने कहा, “श्री राम का नाम हमारी राष्ट्रीय चेतना पर अंकित है। उनके जीवन से हमारी सभ्यता में विचारों और भावों की रूपरेखा तय हुई है। उनका नाम हमारी पूरी पवित्र भूमि में गूंजता है। इसलिए, मैंने 11 दिन के विशेष अनुष्ठान के दौरान, मैंने उन सभी जगहों की तीर्थयात्रा की, जहाँ श्रीराम के पदचिन्ह हैं। मेरी यात्रा ने दिखाया कि कैसे हम सबके भीतर श्रीराम का श्रद्धेय स्थान है।”

पीएम मोदी ने कहा, ”श्रीराम की अपनी जन्मभूमि पर वापसी राष्ट्र की एकता के लिए ऐतिहासिक पल है। यह सदियों की मेहनत और बलिदान का परिणाम था। जब इसे मुझसे समारोह का हिस्सा बनने के लिए कहा गया, तो मुझे यह पता था कि मैं देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधि बनूँगा। इन 140 करोड़ लोगों ने रामलला की वापसी के लिए सदियों से इंतजार किया है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस शुभ आयोजन से पहले के 11 दिनों के दौरान, मैंने अपने साथ करोड़ों श्रृद्धालुओं की भावनाएँ अपने साथ रखीं, वह इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस समारोह के कारण देश में दूसरी दिवाली मनाई गई। राम ज्योति के प्रकाश से हर घर जगमगा उठा। मैं इसे भगवन के आशीर्वाद के रूप में देखता हूँ कि 140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रूप में प्राण प्रतिष्ठा में मौजूद रह सका।”

पीएम मोदी ने अल्पसंख्यक समुदायों के साथ भारत में भेदभाव के दावों को लेकर कहा, “ये कुछ लोगों की आदत बन गई है, वह अपने एक घेरे के बाहर के लोगों से मिलने की कोशिश नहीं करते। यहाँ तक कि भारत के अल्पसंख्यक भी अब इस बात को नहीं मानते। भारत में सभी धर्मों के अल्पसंख्यक, चाहे वे मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, जैन या यहाँ तक कि पारसी जैसा छोटा अल्पसंख्यक समुदाय हो, खुशी से रह रहे हैं और समृद्ध हो रहे हैं।”

उन्होंने भारत में अल्पसंख्यकों को मिलने वाले लाभ को लेकर कहा, “हमारी सरकार ने पहली बार योजनाओं को इस तरीके से बनाया है कि वह सभी तक पहुँचे। यह योजनाएँ किसी एक इलाके या एक समुदाय को लेकर नहीं बनती। यह योजनाएँ सभी तक लाभ पहुँचाने के लिए बनाई गई हैं। यह इस तरीके से डिजाइन की गई हैं कि इनमें भेदभाव हो ही नहीं सकता।”

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि चाहे घर, शौचालय, जल कनेक्शन या खाना LPG सिलेंडर जैसी सुविधाएँ हों या बिना गारंटी का लोन तथा स्वास्थ्य बीमा, यह समुदाय और मजहब देखे बिना सब तक पहुँच रहे हैं।

पीएम मोदी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले लगातार मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने तमिलनाडु के एक टीवी चैनल और उत्तरपूर्व के एक अखबार को भी इंटरव्यू दिया था। पीएम मोदी ने इन दोनों इंटरव्यू में भी कई अहम मुद्दे उठाए थे।

ईसाइयों के ‘पवित्र स्थान’ पर चल रहा था बच्चों का यौन शोषण, अभियान चला तो सामने आए 50+ मामले: पीड़ित बोले- हमारे साथ ‘फादर’ ने गलत किया, जाँच शुरू

दक्षिणी वेल्स के कैल्डी द्वीप पर ईसाई भिक्षुओं द्वारा छोटे बच्चों के साथ हुए यौन शोषण को लेकर डेलीमेल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में एक पीड़ित का जिक्र है जिसने खुलासा किया है कि ईसाइयों के मठ में कैथोलिक भिक्षुओं द्वारा 50 से अधिक बच्चों का यौन शोषण किया गया था।

बता दें कि कैल्डी मठ के ईसाई भिक्षुओं पर इस तरह के इल्जाम पिछले कुछ समय से प्रकाश में आना शुरू हुए हैं। हाल में फादर जैन रोजी को इस मठ का नया प्रमुख चुना गया था। उनकी नियुक्ति के बाद उन्होंने मठ के भिक्षुओं पर लगे सारे इल्जामों की स्वतंत्र जाँच करानी शुरू की। धीरे-धीरे सामने आया कि कुछ आरोप तो साल 1960, 1970 के भी हैं।

फादर रोजी ने कहा कि उन्होंने सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लिया है और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए प्रमुख स्वतंत्र सुरक्षा सलाहकार जन पिकल्स ओबीई को नियुक्त किया है।

गौरतलब है कि मठ में बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ ‘द कैल्डी आइलैंड सर्वाइवर्स कैंपेन’ को 61 वर्षीय केविन ओकोनेल द्वारा शुरू किया गया है। इस अभियान के कारण ऐसे कई लोग सामने आए हैं जो इस बाल यौन शोषण की सार्वजनिक जाँच के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।

ओ’कोनल का दावा है कि जब वह 10 साल के थे तो एक भिक्षु ने उनके संग बलात्कार किया था और मठ में बच्चों के साथ भी उन्होंने गलत व्यवहार होते देखा था। उनके आवाज उठाने के बाद व सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील किए जाने के बाद करीबन 50 लोग ऐसे सामने आए हैं जो दावा कर रहे हैं कि भिक्षुओं द्वारा उनके साथ दुराचार किया गया था। वो मान रहे हैं- “हमारे साथ भी गलत हुआ।” इनकी उम्र 45 से 60 के बीच की है।

डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, ओ’कोनल ने बताया- उन्हें डर ता कि द्वीर पर अभी भी लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है लेकिन पास कोई सबूत नहीं था पिछ कुछ हफ्ते पहले एक पत्र आया। वो गुमनाम पत्र था इसे लिखने वाला व्यक्ति भी द्वीप का था। इससे पता चला कि एक युवा लड़की को भी यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा था। उसकी शिकायतों पर कभी जाँच तक नहीं हुई, उलटा मठाधीशों ने आरोपों को खारिज कर दिया। वो कहते हैं कि इससे पता चलता है कि अब भी स्थिति वही है।

बता दें कि इस संबंध में पहली बार रिपोर्टें मीडिया में नहीं आई। साल 2017 से कैल्डी के ईसाई मठ को लेकर ऐसी खबरें आ रही हैं। उस समय बाल यौन शोषण के इस ममाले में छह महिलाओं को एक सिविल अदालत से मुआवजा मिला था, फैसले में कहा गया था कि मठ के भिक्षु में एक फादर थडियस कोटिक ने 1972 से 1987 तक उनके साथ यौन शोषण किया था। 1992 में आरोपित कोटिक का निधन हो गया है, मगर, उसकी हकीकत सामने आने के बाद उसके लिए हैवान जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।

जिस घोटाले में सोनिया-राहुल गाँधी आरोपित, उसमें ₹752 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त कर सकती है ED: नेशनल हेराल्ड केस में प्राधिकरण ने कार्रवाई को सही ठहराया

PMLA प्राधिकरण ने कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड और उससे जुड़ी हुई कम्पनियों की चल-अचल सम्पत्ति के अटैच करने को सही ठहराया है। ₹752 करोड़ की संपत्तियों पर यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने नवम्बर, 2023 में की थी। प्राधिकरण ने माना कि जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, वह आपराधिक तरीके से अर्जित की गई थीं।

अब बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को इस मामले में हुई सुनवाई में ED की कार्रवाई को प्राधिकरण ने भी सही ठहराया है। प्राधिकरण 6 महीने के भीतर अटैच की गई सम्पत्ति के विषय में निर्णय करती है कि यह पैसों की गड़बड़ी से सम्बंधित हैं या नहीं। ED इस निर्णय के बाद अब संपत्तियों को जब्त कर सकती है।

प्राधिकरण ने कहा कि यह दोनों कम्पनियाँ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाईं। दोनों कम्पनियाँ यह सिद्ध करने में विफल रहीं कि इनका अपराध से लेना-देना नहीं है। प्राधिकरण ने यह भी कहा ED के इस बात के सम्बन्ध काफी साक्ष्य हैं कि यह संपत्तियां अपराध से अर्जित की गईं।

नवम्बर, 2023 में ED ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और मेसर्स यंग इंडियन (YIL) की ₹751.9 करोड़ की संपत्तियाँ अटैच कर ली थीं। इसमें एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्ति की कुल कीमत ₹661.69 करोड़ है, जो दिल्ली, लखनऊ और मुम्बई जैसे शहरों में फैली हुई हैं। वहीं, यंग इंडियन की प्रॉपर्टी ₹90.21 करोड़ की है, जो शेयरों के रूप में है।

क्या है पूरा मामला?

इस मामले में दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा एक निजी शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद जारी प्रक्रिया के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की थी। अदालत ने माना था कि यंग इंडियन सहित सात आरोपितों ने प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 406 के तहत आपराधिक विश्वासघात, आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी और धोखाधड़ी से संपत्ति दिलवाने, आईपीसी की धारा 403 के तहत संपत्ति की बेईमानी से गबन और आईपीसी की धारा 120बी के तहत आपराधिक षड्यंत्र के अपराध का मामला है।

अदालत ने माना था कि आरोपितों ने प्लानिंग के तहत यंग इंडियन के माध्यम से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की सैकड़ों करोड़ रुपए की संपत्तियों को हड़पने की आपराधिक साजिश रची थी।

बता दे कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को अखबार प्रकाशित करने के उद्देश्य से भारत के विभिन्न शहरों में रियायती दरों पर जमीन दी गई थी। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड ने 2008 में अपना प्रकाशन बंद कर दिया और संपत्तियों का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करना शुरू कर दिया।

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को ₹90.21 करोड़ का ऋण चुकाना था, हालाँकि एआईसीसी ने ₹90.21 करोड़ के उक्त ऋण को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से वसूली योग्य नहीं माना और इसे ₹50 लाख में एक नई बनाई गई कंपनी यंग इंडियन को बेच दिया, जिसके पास ₹50 लाख भी देने का कोई स्रोत नहीं था।

अपने इस कृत्य से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के शेयरधारकों के साथ-साथ कॉन्ग्रेस पार्टी के दाताओं के साथ भी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और कॉन्ग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी की गई।

ED की जाँच से पता चला कि एआईसीसी से ₹90.21 करोड़ का लोन पाने के बाद यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से या तो लोन का भुगतान करने या फिर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के इक्विटी शेयरों को देने की डिमाँड की। इसके बाद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड ने एक आम बैठक (ईजीएम) आयोजित की और शेयर पूँजी बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया, जिसमें यंग इंडियन के लिए ₹90.21 करोड़ के नए शेयर जारी करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

यंग इंडियन को शेयर मिलने के बाद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के 1000 से अधिक वास्तविक शेयर धारकों की कंपनी में हैसियत महज 1 प्रतिशत की रह गई और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कंपनी पूरी तरह से यंग इंडियन कंपनी की सहायक कंपनी बन गई।

यही नहीं, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्तियों पर भी यंग इंडियन ने कब्जा कर लिया। इस तरह से महज 50 लाख रुपए में बनाई गई यंग इंडियन नाम की कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी की मालिक बन गई। यंग इंडियन के मालिकान, जिसमें राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी हैं, उनके पास उस एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की पूरी कमान आ गई, जो अब तक 1000 शेयरधारकों की कंपनी थी। राहुल गाँधी-सोनिया गाँधी के पास यंग इंडियन में 76% शेयर हैं।

ED ने बताया है कि इस पूरे मामले की जाँच अभी जारी है। ये पूरा घोटाला ₹2000 करोड़ से अधिक का है।

इसी महीने भारत आ रहे हैं एलन मस्क, PM मोदी से होगी मुलाकात: टेस्ला प्लांट का करेंगे ऐलान, चीन को छोड़ जर्मनी में बनवा रहे इंडिया की कारें

टेस्ला के मालिक एलन मस्क और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जल्द मुलाकात होने वाली है। इस संबंध में एलन ने खुद ट्वीट करके जानकारी दी है। बुधवार (10 अप्रैल 2024) को ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा- “भारत के प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूँ।”

उनके इस ट्वीट के बाद उस पर भारतीय यूजर्स की कई तरह की प्रतिक्रियाएँ आईं। दावा हुआ कि एलन मस्क इस माह के आखिर तक पीएम मोदी से मिलने आ सकते हैं और भारत में निवेश करके यहाँ एक नई फैक्ट्री भी खोल सकते हैं।यूजर्स पीएम मोदी और एलन मस्क की पुरानी तस्वीरों को शेयर करके कह रहे हैं कि दोनों ही लोग अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन हैं। उम्मीद है जल्द टेस्ला का प्लांट भारत में भी खुलेगा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र से एलन मस्क की मुलाकात कब होगी इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों से दी गई जानकारी कहती है कि एलन मस्क अपने कंपनी के कुछ लोगों के साथ इस महीने 22 अप्रैल तक पीएम मोदी से मुलाकात कर सकते हैं और । हालाँकि इस मुलाकात का कारण क्या है ये अभी कहीं नहीं बताया गया है सिर्फ सारे लोग अपने-अपने कयास लगा रहे हैं। रिपोर्टें कहती हैं कि मस्क भारत दौरे के वक्त अपने भारत में टेस्ला कार फैक्ट्री लगाने की घोषणा कर सकते हैं।

मीडिया में कुछ रिपोर्ट्स ऐसी भी हैं जो दावा करती हैं कि टेस्ला और रिलायंस इंडस्ट्री के बीच ईवी प्लांट के ज्वाइंट वेंचर के लिए बातचीत हो रही है। पिछले हफ्ते फाइनेंशियल टाइम्स ने भी बताया था कि एलन ने भारत में साइट देखने के लिए टीमों को भेजा था। रिपोर्ट का कहना था कि कंपनी भारत के राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहाँ पहले से ही निर्यात की सुविधा के लिए ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र और बंदरगाह हैं, और इसके परिणामस्वरूप, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्य कंपनी के लिए उच्च प्राथमिकता पर हैं। टेस्ला को भारत में 2 से 3 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने की उम्मीद है।कार प्लांट के अलावा कंपनी बैटरी बनाने की गीगाफैक्ट्री भी लगाएगी।

मालूम हो कि टेस्ला वर्षों से भारतीय बाजार में प्रवेश करने की योजना बना रहा है, लेकिन कारों पर उच्च आयात शुल्क के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। हाल में उम्मीद तब जगी जब भारतीय सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क घटाकर केवल 15% कर दिया गया। इसके बाद टेस्ला का आना तय माना जाने लगा। कंपनी ने पिछले साल भारत सरकार के साथ इस मामले में दोबारा बातचीत शुरू की, और इसे रफ्तार उस समय मिली जब पीएम मोदी और एलन मस्क की मुलाकात हुई।

मुलाकात में मस्क ने कहा था, “मैं अगले साल भारत आने की योजना बना रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि टेस्ला भारत में आएगी और हम इसे यथाशीघ्र शुरू करेंगे। मैं पीएम मोदी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ और उम्मीद है कि हम भविष्य में कुछ घोषणा करने में सक्षम होंगे।”

बता दें कि एलन मस्क की कंपनी भारत आने से पहले अपने जर्मनी वाले प्लांट में राइंट हैंड ड्राइव के लिए कार बनाना शुरू कर चुका है जिसे इस साल के बाद एक्सपोर्ट किया जा सकता है। रॉयटर्स ने रिपोर्ट में ये भी कहा है कि वो भारत में बिजनेस कार इम्पोर्ट करके शुरू करेंगे क्योंकि कार बनाने में कुछ समय लगेगा। इससे पहले टेस्ला यूके, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे राइट-हैंड ड्राइव वाले देशों के लिए चीन के शंघाई प्लांट में कारें बनाता रहा है, मगर भारत लाने के लिए उन्होंने कारें बर्लिन में बनवानी शुरू की हैं क्योंकि वो भी जानते हैं कि चीन में बना सामान भारत इम्पोर्ट नहीं हो रहा।

CM केजरीवाल के PS बिभव कुमार को विजिलेंस ने हटाया, शराब घोटाले में हुई थी पूछताछ: AAP विधायक अमानतुल्लाह की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट पहुँची ED

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को विजिलेंस विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने कहा है कि उनकी नियुक्ति नियमानुरूप नहीं थी। बिभव कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सरकारी अधिकारी को उसके कामकाज से रोकने और नुकसान पहुँचाने का मामला दर्ज है। दूसरी तरफ AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) कोर्ट पहुँच गई है। ED ने उनके खिलाफ वारंट की माँग की है।

विजिलेंस विभाग ने कहा है कि किसी भी ऐसे सरकारी कर्मचारी को काम नहीं करने दिया जा सकता, जिसके विरुद्ध एक आपराधिक मामला चल रहा हो। विजिलेंस विभाग के आदेश में कहा गया कि बिभव कुमार की नियुक्ति के लिए पहले से मौजूद नियम और कानूनों का सही से पालन नहीं हुआ, ऐसे में उनकी नियुक्ति निष्प्रभावी हो जाती है। विशेष सचिव YVVJ राजशेखर ने कहा कि कुमार की नियुक्ति खत्म कर दी गई क्योंकि यह सिविल सेवा नियमों के विरुद्ध की गई थी।

बताया गया है कि बिभव कुमार को जिस आपाराधिक मामले के चलते हटाया गया है, वह उनके विरुद्ध 2007 में दर्ज किया गया था। यह एक सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने और उसे धमकाने से जुड़ा हुआ मामला है। इस मामले पर बिभव कुमार को पहले भी नोटिस मिल चुकी थी। नवम्बर, 2023 में विजिलेंस विभाग ने बिभव कुमार को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बिभव कुमार इस बात का जवाब देना होगा कि उन्हें पद से क्यों ना हटाया जाए।

बिभव कुमार को 2015 में CM केजरीवाल के निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था और 2020 में उनकी नियुक्ति दोबारा की गई थी। कुमार से 8 अप्रैल, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में पूछताछ की थी। ED का कहना था कि वह शराब घोटाला से सम्बंधित कुछ दस्तावेजों के विषय में जानकारी चाहती है। अब उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है।

AAP विधायक अमानतुल्लाह के खिलाफ कोर्ट पहुँची ED

ED ने दिल्ली के राउज अवेन्यू कोर्ट में AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ याचिका दाखिल की है। ED ने कोर्ट से माँग की है कि वह खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करदे। ED ने इससे पहले अमानतुल्लाह खान को 20 अप्रैल को पेश होने के लिए नोटिस भेजा था। अमानतुल्लाह खान के खिलाफ वक्फ बोर्ड में घोटाले के मामले की जाँच चल रही है। इसी मामले में ED का कहना है कि वह खान से पूछताछ करना चाहती है लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं।

अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड में 33 लोगों को नियमों को ताक पर रख कर नौकरियाँ दी। इसके बाद इन लोगों को मिले भुगतान से सम्पत्ति खरीदी गई। इस मामले में CBI ने एक FIR दर्ज की थी, इसी के आधार पर ED जाँच कर रही है। ED की याचिका पर कोर्ट 18 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को 21 मार्च, 2024 को ED ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। वह वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हने 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एजेंसी ने उन पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली शराब घोटाला में मुखिया रहे हैं।

तेजस्वी यादव की रैली में भगदड़, कोई 5 तो कोई 10 टीशर्ट लेकर चलता बना: मंच पर चढ़ गई भीड़, वीडियो में दिखी जमीन पर पड़ी टूटी-फूटी कुर्सियाँ

बिहार के औरंगाबाद में तेजस्वी यादव की रैली में भगदड़ मच गई। बिखरी हुई कुर्सियों और लड़ते लोगों का वीडियो भी वायरल हुआ है। बता दें कि तेजस्वी यादव रफीगंज में चुनावी सभा करने के लिए पहुँचे थे। रैली में पहुँचे लोगों के बीच मंच पर चढ़ने के लिए होड़ लग गई। इस वजह से सैकड़ों कुर्सियाँ टूट गईं। ऐसे में काफी समय के लिए रैली में अफरातफरी का माहौल बना रहा। असल में हंगामा तब हुआ जब तेजस्वी यादव रैली से जा चुके थे लेकिन बाकी कई नेता मौजूद थे।

तेजस्वी यादव की इस रैली में टीशर्ट बाँटे जा रहे थे। बेकाबू हुए लोगों के बीच टीशर्ट लूटने की होड़ मच गई। इनमें कई RJD कार्यकर्ता और आम लोग भी शामिल थे। मंच पर गट्ठर में बाँध कर इन टीशर्ट्स को रखा गया था। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जम कर वायरल हो रहा है। वहीं रैली के दौरान कई लोग बैरिकेड्स पर चढ़ कर तेजस्वी यादव के समर्थन में नारेबाजी भी करने लगे। लोग इधर-उधर भागने लगे। किसी तरह भीड़ पर काबू पाए जाने के बाद ये सभा संपन्न हो सकी और तेजस्वी यादव भाषण देकर निकल गए।

टीशर्ट की गट्ठर लोग लूट कर ले गए। एक नहीं, बल्कि कोई 5 तो कोई 10 टीशर्ट लेकर चलता बना। हालाँकि, टीशर्ट्स की ये खेप लोगों में बाँटने के लिए ही लाई गई थी, लेकिन ये अंदाज़ा नहीं था कि इसे लूट लिया जाएगा। लोग एक-दूसरे से टीशर्ट्स भी लूटने लगे। लोग तू-तू मैं-मैं पर उतारू हो गए। उनमें से कई युवक थे, ऐसे में महागठबंधन के जो नेता वहाँ पर मौजूद थे वो भी कुछ खास नहीं कर पाए। वीडियो वायरल होने के बाद राजद की फजीहत हो रही है।

जहाँ तक औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र की बात है, यहाँ पहले ही चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है। फ़िलहाल यहाँ से भाजपा के सुशील कुमार सिंह सांसद हैं। ये इलाका राजपूत बहुल माना जाता रहा है और सांसद भी इसी समाज से बनते रहे हैं। BJP ने एक बार फिर से मौजूदा MP पर ही भरोसा जताया है। महागठबंधन की तरफ से राजद के अभय कुशवाहा मैदान में हैं। चुनाव में यहाँ राष्ट्रीय मुद्दे ही ज़्यादा हावी हैं। महिलाएँ राम मंदिर से खुश हैं और विरोधी भी मान रहे हैं कि नक्सली घटनाओं में कमी आई है।

रहमान ने अमन बनकर हिंदू महिला को किया मैसेज, खुद को बताया दुबई में रेस्टोरेंट का मालिक: दोस्ती और मुलाकात का बनाने लगा दबाव, तेजाब फेंकने की धमकी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार (9 अप्रैल 2024) को फ्रेंडशिप नहीं करने पर एक शादीशुदा महिला के चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी गई। धमकी रहमान नाम के एक मुस्लिम युवक ने दी है। उसने महिला को जबरन अपनी बाइक पर बैठाने का भी प्रयास किया। रहमान ने पीड़िता को अपना परिचय अमन के तौर पर दिया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना देहरादून के डालनवाला थाना क्षेत्र की है। यहाँ की रहने वाली एक शादीशुदा महिला के व्हाट्सएप पर 28 मार्च 2024 को एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज में सिर्फ ‘हेलो’ लिखा हुआ था। परिचय पूछने पर मैसेज भेजने वाले ने खुद को दुबई में रेस्टोरेंट का मालिक अमन बताया। अमन ने कहा कि उसने महिला का मोबाइल नंबर उसके पड़ोसी बच्चे से लिया है।

अमन ने महिला को बताया कि वो फिलहाल दुबई से देहरादून आया है। इसके बाद खुद को अमन बता रहे उस युवक ने महिला पर दोस्ती करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। हालाँकि महिला ने इस प्रपोजल ठुकरा दिया। पीड़िता के इनकार का आरोपित पर कोई असर नहीं पड़ा। वो कुछ दिनों बाद पीड़िता पर बात करने का दबाव बनाने लगा और कहा कि वह अपने हाथों की नस काटकर महिला को फँसा देगा।

अमन नाम के उस कथित युवक ने अपनी लोकेशन भेजकर पीड़िता को खुद से मिलने के लिए भी कहा। आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने अपने पति को पूरी बात बता दी। महिला और उसके पति ने आरोपित को पुलिस से गिरफ्तार करवाने का प्लान बनाया। महिला आरोपित की भेजी लोकेशन पर पहुँच गई। थोड़ी दूरी पर उसका पति भी कार से बैठकर निगरानी करने लगा।

कुछ देर में वहाँ अमन बाइक से पहुँचा। उसने अपना असली नाम रहमान बताया। वह पीड़िता को साथ ले जाने के लिए अपनी बाइक पर बैठाने की कोशिश करने लगा। महिला ने मना किया तो रहमान ने अपनी जेब से एक छोटी सी शीशी निकाली और बताया कि यह तेजाब है। उसने कहा कि अगर वह उसकी बात नहीं मानती है तो उसके चेहरे पर फेंक देगा।

इतना सुनकर पीड़िता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला का पति वहाँ पहुँचा तो रहमान उससे भी लड़ने लगा। उसने पति-पत्नी दोनों को जान से मारने की धमकी दी। इस विवाद के चलते आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ ही देर में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँच गई और रहमान को हिरासत में ले लिया।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने रहमान के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर डालनवाला राकेश गुसाईं ने मीडिया से बात करते हुए इस कार्रवाई की पुष्टि की है। रहमान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। वह देहरादून के सहस्रधारा रोड पर किराये के मकान में रहकर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है।

अजय बन अब्दुल ने नेपाली नाबालिग को फँसाया, अब्बू-भाई और जीजा-मामा संग मिलकर किया रेप: इस्लाम अपनाने का दबाव, मांस खाने को किया मजबूर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। नेपाल की रहने वाली एक लड़की ने अब्दुल सलाम पर हिन्दू बनकर उससे शादी करने और बाद में इस्लाम कबूलने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जबरन मांस खिलाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने 6 नामजद और 2 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज करके अब्दुल सलाम को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला मुज़फ्फरनगर जिले के थाना क्षेत्र बुढ़ाना का है। यहाँ नेपाल के कपिलवस्तु जिले की रहने वाली एक 26 वर्षीया हिंदू लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह साल 2015 से दक्षिण दिल्ली के सुल्तानपुर में रह रही थी। उस समय वह नाबालिग थी। यहीं पर उसे अब्दुल सलाम मिला था। उसने अपना नाम अजय बताया था।

पीड़िता ने बताया कि अजय ने उससे दोस्ती की और प्यार का नाटक करने लगा। बाद में उसने शादी का झाँसा देकर नाबालिग की उम्र में उसके साथ रेप किया। पीड़िता का कहना है कि दूसरे देश से आने और अकेली रहने की वजह से पीड़िता अजय बने अब्दुल सलाम की इस हरकत का विरोध नहीं कर पाई। उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर अब्दुल सलाम ने उससे कई बार रेप किया।

पीड़िता ने आगे बताया कि बार-बार की रेप की वजह से वह कई गर्भवती भी हुई, लेकिन अब्दुल ने उसका हर बार गर्भपात करवा दिया। पीड़िता ने उस पर शादी का दबाव बनाया तो अब्दुल सलाम ने 6 अगस्त 2019 को दिल्ली के एक आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। इस शादी में पीड़िता से कोरे कागज पर दस्तखत करवाए गए। साल 2021 में पीड़िता एक बेटी की माँ बनी।

पीड़िता का कहना है कि जब वह अस्पताल में भर्ती हुई तो उसे पता चला कि अजय वास्तव में अब्दुल सलाम है और मुस्लिम है। तब अब्दुल सलाम ने पीड़िता और उसकी बेटी की हत्या की धमकी देकर मुँह बंद रखने को कहा। बेटी के जन्म के 7 महीने बाद अब्दुल सलाम पहली बार पीड़िता को अपने गाँव ले गया। जौला नाम का यह गाँव मुजफ्फरनगर के थाना क्षेत्र बुढ़ाना में पड़ता है।

ऑपइंडिया के मौजूद FIR की कॉपी के मुताबिक, यहाँ अब्दुल के अलावा उसके अब्बा इदरीस, भाई आसिफ एवं आमिल, मामा और 2 बहनोई ने पीड़िता से बारी-बारी से रेप किया। विरोध करने पर पीड़िता और उसकी बेटी की हत्या की धमकी दी जाती थी। कुछ दिनों बाद इन सभी आरोपितों ने पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसे जबरन मांस खिलाया जाता था।

पीड़िता का कहना है कि बीच-बीच में वह दिल्ली जाती थी तो अब्दुल उसे वापस अपने गाँव बुला लेता था और अपने घरवालों से रेप करवाता था। नवम्बर 2023 से अब्दुल सलाम पीड़िता से दूरी बनाने लगा। पीड़िता ने पता लगाया कि उसने किसी दूसरी लड़की से निकाह कर लिया है और ज्यादातर गाँव में रहने लगा। पीड़िता इसकी पड़ताल करने अब्दुल के गाँव गई तो वहाँ उसके साथ मारपीट की गई।

आखिरकार पीड़िता ने एक वीडियो जारी करके अपनी व्यथा लोगों को बताई और अब्दुल सलाम सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। हिन्दू संगठनों तक मामला पहुँचने के बाद वो पीड़िता से मिले और शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे अपने साथ लेकर थाने गए। आखिरकार अब्दुल सलाम, इदरीस, आसिफ, आमिल, अब्दुल, शमशेर को नामजद करते हुए 2 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।

पुलिस ने इन सभी आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 493, 494, 419, 376, 313, 504 और 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज कर लिया। वहीं, मुजफ्फरनगर पुलिस ने 8 अप्रैल को X पर बताया कि अब्दुल सलाम को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

‘राम मंदिर का न्योता ठुकराने वालों को सज़ा दीजिए’: महाराष्ट्र में बोले PM मोदी – जब मुझ पर बढ़ जाएँ गालियाँ तो समझ जाइए चुनाव का रुझान, मेरा हर पल देश के नाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को तमिलनाडु में ताबरतोड़ रैलियों के बाद महाराष्ट्र के रामटेक पहुँचे। वहाँ उन्होंने ‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच कहा कि आपका ये जोश, संदेश दे रहा है – फिर एक बार मोदी सरकार। पीएम मोदी ने जनता से कहा कि सिर्फ एक सांसद नहीं चुनना है, आपको अगले एक हजार साल के भारत की नींव मजबूत करने के लिए मतदान करना है। उन्होंने जनता से कहा कि आपको विकसित भारत के संकल्प के लिए मतदान करना है।

रामटेक में पीएम मोदी ने कहा कि आजकल जो मीडिया वाले चुनाव को लेकर लगातार सर्वे दिखा रहे हैं, इस सर्वे में NDA की बंपर जीत दिखाई दे रही है, लेकिन उनका मानना है कि जब मोदी पर गालियाँ बढ़ जाएँ तो रूझान समझ जाइए- फिर एक बार मोदी सरकार। बकौल पीएम मोदी, विपक्ष के पास गालियाँ देने के अलावा कोई आइडिया नहीं है, क्योंकि ये I.N.D.I गठबंधन वाले कभी गरीब को आगे बढ़ते नहीं देख सकते। लेकिन ये मोदी देश की जनता की सेवा के संकल्प से पीछे नहीं हटेगा।

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में कहा कि I.N.D.I गठबंधन वाले सिर्फ देश को बाँटने में लगे हैं, क्योंकि इन्हें मालूम है कि देश की जनता एकजुट रहेगी तो इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी कारण वो महाराष्ट्र की जनता और देशवासियों से कह रहे हैं कि एकजुट होकर देश के नाम पर वोट दीजिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार रामनवमी पर अयोध्या में हमारे रामलला टेंट में नहीं, बल्कि भव्य मंदिर में दर्शन देंगे। 500 साल बाद ये पल आ रहा है, इसलिए रामटेक को, पूरे महाराष्ट्र को, पूरे देश को अद्भुत आनंद हो रहा है।

साथ ही पीएम मोदी ये बताना भी नहीं भूले कि I.N.D.I गठबंधन वाले प्राण प्रतिष्ठा के न्योता को भी ठुकरा दिया था, इसीलिए इस बार I.N.D.I गठबंधन वालों को उनकी पापों की सजा मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास’ का हमारा मंत्र, संविधान की सच्ची भावना है, लेकिन परिवारवादी पार्टियों ने हमेशा संविधान की इस भावना का अपमान किया। बकौल पीएम मोदी, सामाजिक न्याय का झूठ बोलकर ये लोग अपने ही परिवार को आगे बढ़ाते रहे, इनके शासन में दशकों तक SC-ST-OBC परिवार मूल सुविधाओं से वंचित थे।

महाराष्ट्र के रामटेक में नरेंद्र मोदी ने कहा, “गरीबों की चिंता और उन्हें सुविधाएँ देने काम इस गरीब का बेटा मोदी ने किया है। कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष कहते हैं कि मोदी जहाँ जाते हैं तो 370 की बात करते रहते हैं। वो कहते हैं कि अनुच्छेद 370 हटाने से देश को फायदा क्या हुआ? ये भी कॉन्ग्रेस की दलित, आदिवासी, महिला विरोधी और वोटबैंक की राजनीति का जीता-जागता प्रमाण है। अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर में इन सभी वर्गों को पहली बार संवैधानिक अधिकार मिला है। कॉन्ग्रेस और I.N.D.I गठबंधन ने हिंदुस्तान के मुकुट को, वहाँ के लोगों को, वहाँ के महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा था।”

पीएम मोदी ने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर ने एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को जो अधिकार दिए, वो जम्मू-कश्मीर के लोगों को नहीं दिए गए। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले कॉन्ग्रेस की सरकार ने करीब 600 करोड़ रुपए की दाल एमएसपी पर खरीदी थी, उनकी सरकार ने 10 सालों में करीब सवा लाख करोड़ रुपए दलहन और तिलहन किसानों को MSP के रुप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि फर्क साफ दिखता है।

पीएम मोदी ने कहा, “आने वाले 5 साल में हमें देश को, महाराष्ट्र को बहुत आगे ले जाना है। इसके लिए मैं गारंटी देता हूँ – आपका सपना, मोदी का संकल्प है। मेरा हर पल देश के नाम, हर पल आपके नाम।” इस रैली में पीएम मोदी को कई बार मोदी-मोदी के नारों के कारण भाषण बीच में रोकना पड़ा। इस दौरान एक बच्ची भगवान राम की वेशभूषा में आई थी, जिसे पीएम मोदी ने नोटिस किया और हाथ हिला कर अभिवादन स्वीकार किया।

न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उमर खालिद के पक्ष में नैरेटिव चलाया जा रहा था: दिल्ली दंगों के सरगना की जमानत याचिका पर सुनवाई के वक्त सामने आई सच्चाई

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद की जमानत पर बुधवार (10 अप्रैल 2024) को सुनवाई हुई। इस दौरान सरकारी वकील ने कहा कि उमर खालिद के पक्ष में न्यायपालिका को प्रभावित करने के लिए मीडिया घरानों, एक्टिविस्ट और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर झूठी कहानी गढ़ी जा रही है।

इसके एक दिन पहले, अभियोजक ने स्पष्ट रूप से बताया था कि जब खालिद जेल में नहीं था तो वह एक कहानी स्थापित करने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का उपयोग कर रहा था। जब दिल्ली दंगों के आरोपियों की जमानत पर सुनवाई होती थी, तब वह सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था और अपने प्रभावशाली संपर्कों का उपयोग करके कहानी सेट करता था।

कोर्ट में 9 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक (SPP) अमित प्रसाद ने उमर खालिद के साथ स्वरा भास्कर, सुशांत सिंह, ऑल्टन्यूज़, योगेन्द्र यादव, संजुक्ता बसु, पूका भट्ट जैसे कई प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच व्हाट्सएप चैट का खुलासा किया, ताकि कोर्ट को बताया जा सके वह न्यायपालिका को अपने पक्ष में प्रभावित करने के लिए कैसे झूठी कहानी गढ़ने की साजिश रच रहा था।

उन्होंने द वायर की अरफा खानम शेरवानी के साथ एसक्यूआर इलियासी के साक्षात्कार का उदाहरण भी दिया था, जहाँ उन्होंने कई झूठे और भ्रामक बयान दिए थे। साक्षात्कार के दौरान इलियासी ने उमर खालिद की जमानत की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में 14 स्थगनों का उल्लेख किया, लेकिन आसानी से उस हिस्से को छोड़ दिया कि 14 में से सात स्थगन खालिद द्वारा माँगे गए थे।

वहीं, बुधवार (10 अप्रैल 2024) की सुनवाई में एसपीपी ने कहा कि जब उमर खालिद जेल से बाहर था तब भी वह अपने पक्ष में कहानी बदलने के लिए प्रभावशाली व्यक्तियों का इस्तेमाल कर रहा था। अब वह जेल में है, तब भी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया और मीडिया में न्यायपालिका को प्रभावित करने के लिए अन्य लोगों द्वारा झूठ का जहर घोला जा रहा है।

अभियोजक ने तीस्ता सीतलवाड, आकार पटेल, एमनेस्टी इंटरनेशनल, अज़हर खान, कौशिक राज और स्वाति चतुर्वेदी जैसे कई नाम लिए, जो उमर खालिद की झूठी कहानी को स्थापित करने में मदद कर रहे हैं। अभियोजक ने आगे उल्लेख किया कि ये व्यक्ति और संस्थाएँ उनके समर्थन में हैशटैग चलाते हैं और झूठी कहानी को पेश करते हैं।