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ईद से पहले गोहत्या कर रहा था नईम कुरैशी, मुंबई पुलिस ने पकड़ा: 2 साथी भागने में हुए कामयाब, चाकू और मवेशी का खून-खाल बरामद

महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र के काशीगाँव पुलिस स्टेशन ने बुधवार (10 अप्रैल 2024) को शहर के मीनाक्षी नगर मीरा रोड क्षेत्र में पशु वध की गतिविधि में शामिल होने पर नईम सैफ कुरैशी नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित ने अपने दो अज्ञात साथियों के साथ मिलकर इस्लामी त्योहार ईद से एक दिन पहले एक गाय की हत्या कर दी थी।

पुलिस ने नईम को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। हालाँकि, 9 अप्रैल की रात को गाय की हत्या के दौरान आरोपितों के साथ आए उसके दो साथी पुलिस को देखकर मौके से भाग गए। इस मामले में IPC की धारा 429 और 32 और महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम की धारा 5C, 9A, 9B और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 3 और 11 के तहत FIR दर्ज की गई है।

ऑपइंडिया को मिली एफआईआर कॉपी के मुताबिक, घटना 9 अप्रैल 2024 की रात की बताई जा रही है। काशीगाँव पुलिस स्टेशन के पुलिस कॉन्स्टेबलों को सूचना मिली थी कि मुंबई के मीनाक्षी नगर इलाके में गाय की कत्ल की घटना हो रही है। इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और घटनास्थल से हत्या के बाद मवेशी की खाल और खून के अवशेष बरामद किए।

पुलिस ने मवेशी के इन अवशेषों के आसपास कुल तीन लोगों को भी देखा। हालाँकि, पुलिस कॉन्स्टेबल को पास आता देखकर तीनों संदिग्ध मौके से भागने की कोशिश की। उनमें से दो आरोपित भागने में सफल रहे, जबकि एक आरोपित को पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया। हिरासत में लिए गए आरोपित की पहचान नईम कुरैशी के रूप में की गई।

आरोपित नईम कुरैशी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अन्य दो आरोपितों की पहचान बताने से इनकार कर दिया। पुलिस ने मौके से एक बड़ा चाकू, एक करस्सी और मवेशियों की खाल बरामद की है। पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने लेकर जाँच के लिए भेज दिया है। कॉन्स्टेबल चैतन्य नाराले ने FIR दर्ज कराई है। जिस समय उन्हें सूचना मिली, उस समय वे काशीगाँव पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर थे।

‘दुनिया में रहेंगे तो गाज़ी की तरह…’: जानें इस्लामी किताबों में क्या है इसका अर्थ, क्या काफिरों के कत्लेआम के लिए भड़का रहे हैं ओवैसी?

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने रविवार (7 अप्रैल 2024) को पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का एक छोटा वीडियो एक्स पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ओवैसी लोगों को संबोधित कर रहे हैं, जिसमें ओवैसी कह रहे हैं कि वो ‘गाजी’ के रूप में जीना या मरना पसंद करते हैं। उन्होंने अपने साथी मुस्लिमों से भी गाजी के तौर पर जीने-मरने की बात कही। बता दें कि गौरतलब है कि इस्लामिक पुस्तकों में गाजी का मतलब अल्लाह के बताए रास्ते पर चलने वाला इस्लामिक लड़ाका होता है। एक गाजी काफिरों (मतलब इस्लाम को न मानने वालों) के खिलाफ लड़ता है। वह या तो काफिरों और अनेकेश्वरवादियों को मार डालता है या लड़ाई में मारा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि असदुद्दीन ओवैसी भारत में मुस्लिमों से आख़िर क्या करने को कह रहे हैं?

इस वीडियो में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”तुम हमको मारना चाहते हो तो मारो प्यारे, कौन रोक रहा है तुमको? मेरी जिंदगी अल्लाह ने लिख दी, जब मैं अपनी माँ के पेट में था। मेरी जिल्लत, मेरी इज्जत सबकुछ अल्लाह लिख चुका है। तुम क्या लोगे मुझसे? अरे याद रखो, दुनिया में रहेंगे तो गाजियों की तरह रहेंगे, या फिर मौत आएगी तो शहादत को पसंद करेंगे। हम अपने माता-पिता को शर्मिंदा नहीं होने देंगे, इंशाल्लाह!”

गाजी का क्या मतलब होता है?

सबसे पहले तो ये समझने की जरूरत है कि गाजी का मतलब आखिर क्या होता है? गाजी शब्द की पैदाइश अरबी भाषा में हुई, जिसमें ग़ज़व का अर्थ लड़ाई है। गाज़ी का अर्थ है लड़ने वाला, या योद्धा। इस्लामी संदर्भ में गाज़ी शब्द स्पेशल माना जाना है। इस्लाम में गाज़ी का मतलब वह व्यक्ति है जो इस्लाम और उसकी शिक्षाओं के लिए जिहाद में लड़ता है। जिहाद का मूल मतलब काफिरों और गैर-इस्लामियों या इस्लाम त्यागने वालों के खिलाफ धर्म की लड़ाई है। यह हर किसी और हर उस चीज़ के खिलाफ लड़ाई है जो इस्लाम में विश्वास नहीं करता है। इस प्रकार गाजी का मतलब अनिवार्य रूप से एक जिहादी है जो गैर-मुस्लिमों के खिलाफ लड़ने को तैयार है। इस युद्ध में वह या तो मरने या दूसरों को मारने के लिए तैयार रहता है।

सुन्नन अन-नसाई 2625 (पुस्तक 24, हदीस 7) के अनुसार, गाजी अल्लाह के तीन सबसे प्रिय मेहमानों में से एक हैं। इस्लामिक धर्मग्रंथों की एक वेबसाइट पर इस हदीस की व्याख्या में कहा गया है, “अबू हुरैरा द्वारा सुनाई गई हदीस के अनुसार, अल्लाह के दूत ने तीन प्रकार के लोगों का उल्लेख किया है जिन्हें अल्लाह का मेहमान माना जाता है। इनमें एक गाजी, एक हज यात्री और एक मुतामिर शामिल हैं। गाज़ी वह है जो इस्लाम और उसकी शिक्षाओं के लिए जिहाद में लड़ता है। हज यात्री वह व्यक्ति होता है जो अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार मक्का की तीर्थयात्रा करता है यदि उसके पास ऐसा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हों। अंत में, मुतामिर वह व्यक्ति होता है जो ज्ञान प्राप्त करने या अल्सेलाह से ईनाम पाने करने के लिए व्यापार या शिक्षा जैसे किसी भी उद्देश्य के लिए यात्रा करता है। इन तीनों को अल्लाह का अतिथि माना जाता है और उसके लिए किए गए कामों या प्रयासों के हिसाब से उन्हें ईनाम भी दिया जाता है।

एक गाजी की मदद करना भी गाजी होने के बराबर

इस्लामी किताबों में सिर्फ गाजी को ही सम्मान नहीं मिला, बल्कि उन लोगों को भी सम्मान मिलता है, जो गाजी की मदद करता है। या फिर गाजी के परिवार के सदस्यों की मदद करता है या देखरेख की जिम्मेदारी लेता है। साहिह अल-बुखारी 2843  ( किताब 56, हदीस 59) ने इसे विस्तार से बताया है। यह उन लोगों के लिए इनाम की बात करता है, जो गाजी के बच्चों या परिवार की देखभाल करते हैं और उनकी मदद करते हैं या फिर गाजियों को इस्लाम के लिए लड़ने के लिए तैयार करते हैं। इस हदीस के अनुसार , पैगंबर मुहम्मद ने कहा, “जो अल्लाह के रास्ते पर जाने के लिए एक गाजी को तैयार करता है, उसे एक गाजी के बराबर इनाम दिया जाता है। और जो अल्लाह की राह में जाने वाले गाजी के परिजनों की ठीक से देखभाल करता है, उसे भी गाजी के बराबर इनाम दिया जाता है।

इसके अलावा, रियाद अस-सलीहिन (किताब 11 हदीस 22) के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद ने कहा था, “वह जो अल्लाह के रास्ते में एक गाजी (लड़ाकू) को तैयार करता है, ऐसा लगता है जैसे उसने खुद लड़ाई में भाग लिया हो; और जो गाज़ी की अनुपस्थिति में उसके आश्रितों की देखभाल करता है, वह मानो स्वयं लड़ाई में भाग लेता है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हम गाजियों की तरह जिएँगे’

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘हम (खुद और अन्य मुस्लिम जिनका वह दावा करते हैं कि वह प्रतिनिधित्व करते हैं) गाजियों की तरह रहेंगे।’ एआईएमआईएम प्रमुख के इस भाषण के बाद स्वाभाविक रूप से उठने वाले सवालों को इस्लामिक धर्मग्रंथ में इस शब्द के स्पष्ट अर्थ और संदर्भ को देखते हुए हेरफेर करना आसान नहीं है। क्या ओवेसी का मतलब यह है कि वह और भारत में जिन मुस्लिमों का वह नेतृत्व करने का दावा करते हैं, वे देश में गैर-मुस्लिमों के खिलाफ लड़ाई कर रहे हैं? क्या इसका मतलब यह है कि गाजी बनकर ओवैसी और उसके साथी गैर-मुस्लिमों, काफिरों, इस्लाम त्यागने वालों को मारना चाहते हैं या ऐसी उनपर हुक्म करने की इच्छा रखते हैं?

असदुद्दीन ओवैसी ने बलिदान और मौत को वरीयता देने की बात कही है, जैसे ही वो गाजी शब्द पर आए, वैसे ही ‘मैं’ की जगह ‘हम’ कहने लगे। इसका मतलब साफ है कि वो अन्य मुस्लिमों को भी गाजी बनने के लिए उकसा रहा है। ऐतिहासिक रूप से, मुहम्मद बिन कासिम, गजनी के महमूद, मुहम्मद गोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर, औरंगजेब आदि इस्लामी अत्याचारियों को इस्लामिक हलकों में गाज़ियों के रूप में पहचाना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने भारत पर हमला किया, जोकि अनेकेश्वरवादियों और गैर-मुस्लिमों का देश है। उन्होंने यहाँ रहने वाले लोगों को लूटा और मार डाला, क्योंकि वे गैर-मुस्लिम थे। इस तरह से वे ग़ाज़ी कहलाने के योग्य हो गए। खुद को और अपने साथियों को ग़ाज़ी कहकर, असदुद्दीन ओवेसी यकीनन खुद को और उन्हें मानने वालों को इन गाजियों से जोड़ रहे हैं।

क्या इस क्लिप को पोस्ट करने के समय में कोई संदेश छिपा है?

AIMIM ने यह वीडियो क्लिप 7 अप्रैल को पोस्ट किया – हिंदू नव वर्ष से ठीक दो दिन पहले, जो 9 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा के साथ शुरू हुआ था। 17 अप्रैल को, देश राम नवमी मनाएगा – हिंदू देवता भगवान राम का जन्म उत्सव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में उनके जन्मस्थान पर बने भव्य मंदिर में भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली राम नवमी होगी।

पिछले कुछ सालों में देश के विभिन्न हिस्सों में रामनवमी जुलूसों और शोभा यात्राओं पर हमले हुए हैं। खास तौर पर 2022 और 2023 में, भारत में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने शांतिपूर्ण जुलूसों पर पथराव और हमले किए। इसके बाद कानूनी कार्रवाई में जब दंगाइयों के घरों को जमींदोज किया गया, तो ये खुद को पीड़ित दिखाने लगे। और अब रामनवमी से कुछ ही दिन पहले ओवैसी ने गाजियों वाली अपील की है।

बता दें कि इस साल 2024 की रामनवरी 17 अप्रैल को है, जो लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार का आखिरी दिन है। 19 अप्रैल को देश के 21 राज्यों के 102 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। अब तक के चुनाव प्रचार में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी अपने विरोधियों पर भारी पड़ती दिख रही है। बीजेपी उम्मीदवार और हिंदू शेरनी माधवी लता हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी को चुनौती दे रही हैं और ओवैसी पर भारी पड़ती दिख रही हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी और एनडीए अजेय दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ हताश हो चुके विपक्ष को ये तक नहीं समझ आ रहा कि वो मोदी का सामना कैसे करें। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ओवैसी के इस वीडियो पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। मूल लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

ईद की नमाज के बाद फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी, अलीगढ पुलिस ने पकड़ा तो करने लगे हंगामा: लुधियाना में मस्जिद पर लगाया हमास के मुल्क का झंडा

:देश भर में आज गुरुवार (11 अप्रैल 2024) को रमजान के अंतिम दिन मुस्लिमों द्वारा ईद-उल-फितर मनाया जा रहा है। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों सहित विभिन्न जगहों पर ईद की नमाज पढ़ी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और पंजाब के लुधियाना जैसी कुछ जगहों पर नमाज के बाद फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए गए और पोस्टर लहराए गए।

अलीगढ़ शहर के पुरानी ईदगाह में नमाज के बाद कुछ युवक हाथों में फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर लेकर उसके लिए दुआ माँगी। इन बैनर-पोस्टर पर ‘फ्री फिलिस्तीन’ लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, अलीगढ़ में लोगों ने ‘मस्जिदे अक्सा जिंदाबाद’, ‘बैतूल मुकद्दस जिंदाबाद’, ‘गाजा जिंदाबाद’, ‘फिलिस्तीन जिंदाबाद’ और ‘नारा-ए-तकबीर अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाए गए।

नारे लगाते हुए और हाथों में फ्री फिलिस्तीन के बैनर देखकर पुलिस हाथ-पाँव फूल गए। उसने हड़बड़ी में ने तीन युवकों को गाड़ी में बैठा लिया। पुलिस को ऐसा करते हुए देखकर मुस्लिमों ने हंगामा शुरू कर दिया। आखिरकार पुलिस ने तीनों के नाम-पते पूछकर जाने दिया। इनमें एक शाहजमाल निवासी अबरार बताया गया है। सीओ अभय पांडे ने बताया कि युवकों को हिदायत देकर जाने दिया गया है।

इतना ही नहीं, यूपी में सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अलीगढ़ में कुछ युवकों ने सड़क पर नमाज पढ़ी और कानून की धज्जियाँ उड़ाने की कोशिश की। सड़कों पर नमाज पढ़ने वाले ये सभी लोग शाहजमल ईदगाह जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही बीच सड़क पर बैठकर नमाज पढ़ने लगे। इसको लेकर जब उनके पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ईदगाह पहुँचने पर देर हो जाती।

दरअसल, ईद को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। मस्जिदों और नई एवं पुरानी ईदगाह के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। इस दौरान खुफिया तंत्र भी सतर्क रहा। हालाँकि, फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाकर और बैनर दिखाकर माहौल खराब करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।

वहीं, पंजाब के लुधियाना में भी ऐसा ही हुआ। फिलिस्तीन और गाजा के पक्ष में दुआ पढ़ी गई। लुधियाना के जामा मस्जिद पर फिलिस्तीन का झंडा लहराया गया। यहाँ नमाज पढ़ने आने वाले अधिकांश लोगों के हाथों में फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के विरोध में बैनर थे। इस दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए जाने की बात भी कही जा रही है।

लुधियाना में शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि ईद के दिन फिलीस्तीन के मजलूम मुस्लिमों को नहीं भुलाया जा सकता। उनका इजरायल द्वारा नरसंहार किया गया है। उसकी गुंडागर्दी को सहन नहीं किया जा सकता। इजरायल का हर एक कदम गैर-इंसानी और गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि आवाज उठाना मुस्लिमों की जिम्मेदारी है।

बता दें कि ऐसा सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि दुनिया भर के मुस्लिम देश गाजा और फिलिस्तीन को लेकर दुआ पढ़ रहे हैं। फिलिस्तीन और गाजा के मुस्लिमों की सलामती की दुआ माँग रहे हैं। बताते चलें कि पिछले साल अक्टूबर में फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर अचानक हमला करके 250 लोगों मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद इजरायल ने गाजा पर जबरदस्त कार्रवाई की थी।

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर जुनैद ने साथियों संग मिल ठगे ₹4 करोड़, हॉन्गकॉन्ग से लिंक और 120 बैंक खाते मिले: पुणे पुलिस ने सलमान, अब्दुल, आरिफ, तौफिक को भी पकड़ा

महाराष्ट्र के पुणे में फर्जी शेयर ट्रेडिंग कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करके पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कई लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान जुनैद मुख्तार कुरैशी, सलमान मंसूर शेख, अब्दुल अजीज अंसारी, आरिफ अनवर खान और तौफिक गफ्फार शेख के रूप में की गई है।

अपराध शाखा के डीसीपी संदीप डोईफोडे के अनुसार, पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड़ शहर के कई निवासियों की शिकायतों के बाद अधिकारियों ने इसकी जाँच शुरू की। एक महिला से इस गैंग ने 31.6 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। एडवांस तकनीकी का उपयोग करते हुए पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की साइबर सेल ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग एप्लिकेशन से जुड़े पाँच संदिग्धों की पहचान करके उन्हें पकड़ लिया।

डोईफोडे ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पुणे पुलिस ने 7 लाख रुपए नकद, 7 मोबाइल फोन, नकदी गिनने की एक मशीन, विभिन्न बैंकों के 8 डेबिट कार्ड और विभिन्न बैंकों के 12 चेकबुक बरामद किए। उन्होंने कहा, “जाँच के दौरान यह पाया गया कि सभी पाँच आरोपितों ने लगभग 120 बैंक खातों के माध्यम से कई लोगों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की।” इनमें से 80 बैंक खाते पुणे में हैं।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस गैंग का एक विदेशी लिंक भी था, क्योंकि उन्हें विदेशी लोगों से भी पैसा मिलता था। इस पैसे को वो क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे और हॉन्गकॉन्ग में अपने हैंडलर्स के पास भेज देते थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपित बेरोजगार थे और शेयर ट्रेडिंग में रुचि लेने वाले लोगों को वे निशाना बनाते थे।

अपराध शाखा के डीसीपी संदीप डोईफोडे ने आगे बताया, “बाद में इस गैंग के लोग निशाना बनाए गए लोगों को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ते थे और बेहतर रिटर्न के लिए निवेश करने के लिए कहते थे। निवेश करने के कुछ दिनों के बाद ये लोग ग्रुप में शांत हो जाते थे और जमाकर्ताओं के मैसेज का जवाब भी नहीं देते थे। इस संबंध में पिंपरी चिंचवाड़ में 75 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

दरअसल, पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की साइबर सेल ने बुधवार (10 अप्रैल 2024) को 4 करोड़ रुपए के ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग रैकेट का खुलासा किया, जिसमें फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप, मनी म्यूल अकाउंट (ऐसे व्यक्ति जो किसी और को कमीशन के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए अपने बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति देते हैं) और का उपयोग शामिल है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “तिंगरेनगर निवासी जुनैद मुख्तार कुरैशी (21) ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करता था। इससे पहले वह एक कॉल सेंटर में काम करता था। शेयर ट्रेडिंग के दौरान वह सबसे पहले हॉन्गकॉन्ग स्थित हैंडलर के संपर्क में आया। उसने अपना नाम ‘ग्रेग’ बताया था। उसने कुरेशी से उनकी गतिविधि को सुविधाजनक बनाने के लिए उनके लिए म्यूल अकाउंट के लिए कहा।”

इसके बाद कुरैशी ने सलमान मंसूर शेख (22), अब्दुल अजीज अंसारी (23), आरिफ अनवर खान (29) और तौफीक गफ्फार शेख (22) को अपने साथ शामिल किया। वे सब मिलकर अपने दोस्तों और सहयोगियों के 120 मनी म्यूल खातों को बिना किसी संदेह के सुरक्षित करने में कामयाब रहे। इन्हीं खातों में वे पैसे मँगाते थे और उसे निकालकर हॉन्गकॉन्ग भेजकर क्रिप्टो में कमीशन लेते थे।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने TOI को बताया कि सलमान, अब्दुल अजीज और तौफीक लोहेगाँव रोड के रहने वाले हैं, जबकि आरिफ कोंढवा का रहने वाला है। कुरैशी को छोड़कर बाकी चार लोग भोजन और पार्सल डिलीवरी सहित छोटे-मोटे काम करते थे। डीसीपी डोइफाइड ने नागरिकों से केवल स्वतंत्र और प्रामाणिक शेयर ट्रेडिंग निवेश कंपनियों के माध्यम से ही निवेश करने की सलाह दी है।

देश दामादों से आगे निकल चुका है: रॉबर्ट वाड्रा पर मेनका गाँधी का सीधा जवाब, राहुल गाँधी पर बोलीं- सलाह उसको दूँ जो सुने

उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा सांसद मेनका गाँधी ने कॉन्ग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के पास न तो कोई बड़ा लीडर है और न ही कोई बड़ा आइडिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी ने रॉबर्ट वाड्रा पर तंज कसते हुए कहा कि देश दामादों से आगे बढ़ चुका है। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति हैं, उन्होंने कुछ दिन पहले ये कहा था कि अमेठी की जनता चाहती है कि वो अमेठी से चुनाव लड़ें।

इंडिया टीवी से बातचीत में मेनका गाँधी ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी पूरी तरह से भटक चुकी है। पार्टी के पास न तो कोई बड़ा नेता है और न ही पार्टी के पास कोई आईडिया है। वो घिसे-पिटे नारों से काम चला रही है। इस दौरान उनसे जब पूछा गया कि सुल्तानपुर से सटी अमेठी लोकसभा सीट पर गाँधी परिवार के दामाद चुनाव लड़ने के संकेत दे रहे हैं, तो उन्होंने जबरदस्त तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश दामादों से आगे निकल चुका है। उन्हें तो राजनीति का अनुभव भी नहीं है।

बता दें कि मेनका गाँधी सुल्तानपुर लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं। वो 2019 में भी यहाँ से चुनाव जीती थी और एक बार फिर से सुल्तानपुर से ही चुनाव मैदान में हैं। वहीं, उनके बेटे और सुल्तानपुर से साल 2014 में लोकसभा सांसद रहे वरुण गाँधी को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया है। वो मौजूदा समय में पीलीभीत से सांसद हैं। हालाँकि पीलीभीत सीट मेनका गाँधी की पारंपरिक सीट मानी जाती है।

मेनका गाँधी से जब पूछा गया कि बीजेपी ने वरुण गाँधी को टिकट क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने इसे पार्टी का फैसला बताया और कहा कि टिकट देने या न देने का फैसला पार्टी का होता है, मेरा नहीं। मेनका गाँधी ने कहा कि पीलीभीत से हमारा लगाव हार-जीत और राजनीति से ऊपर उठकर है।

इस मौके पर उनसे जब प्रशांत किशोर की बात पर सवाल पूछा गया कि राहुल गाँधी को पॉलिटिक्स से ब्रेक ले लेना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर का कहना सही है। कॉन्ग्रेस के पास न तो कोई नेता है और न ही कोई आईडिया है। राहुल गाँधी को कोई सलाह देने पर उन्होंने कहा कि सलाह उसे दी जाती है, जो सुने। इस दौरान उन्होंने सोनिया गाँधी पर पूछे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।

फिलाडेल्फिया में ईद के दिन मस्जिद के बाहर चली 30 राउंड गोलियाँ: 15 साल का बच्चा बंदूक समेत हिरासत में, कुल 5 गिरफ्तार

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में ईद के मौके पर मस्जिद के पास गोलीबारी की घटना प्रकाश में आई। घटना में 3 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस संबंध में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक 15 साल का लड़का भी है। पुलिस को उसके पास से भी बंदूक मिली है।

फिलाडेल्फिया पुलिस ने बताया कि शहर में एक बड़ी मस्जिद के बाहर ईद-उल-फितर का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन अचानक दोपहर 2:30 बजे वहाँ 30 राउंड गोलियाँ चलीं, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। घटना में 15 साल के संदिग्ध के अलावा एक व्यक्ति और बच्ची को चोट आई है।

प्रशासन ने बताया है कि गोलीबारी के वक्त इलाके में 1 हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। जैसे ही गोली की आवाज आई, सबने पास में बने पार्क, स्कूल और मस्जिद के पास भागना शुरू कर दिया। कुछ लोग फायरिंग से बचने के लिए पेड़ों के पीछे भी छिपे। इस भगदड़ की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

पुलिस अब पूरी घटना की जाँच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछा जा रहा है कि घटना के वक्त आखिर हुआ क्या था। एक चश्मदीद ने बताया है कि वो गोलियाँ चलने से पहले अपने कार के पास तक गईं थीं कि अचानक उन्हें वहाँ फायरिंग की आवाजें सुनाईं दीं। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों की सुरक्षा देखते हुए वापस बुला लिया। उसने लोगों को भागते हुए भी देखा। प्रत्यक्षदर्शियों ने मस्जिद के पास हुई इस घटना को जीवन का सबसे भयानक मंजर बताया है। वहीं पुलिस का कहना है ये घटना दो गुटों के बीच हुई झड़प के कारण हुई है।

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद उमर खालिद की स्वरा भास्कर से लेकर AltNews के पत्रकार तक से हुई बात: वकील ने कोर्ट में चैट पढ़कर सुनाए

साल 2020 के हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों के सरगनाओं में से एक उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान 9 अप्रैल 2024 को चौंकाने वाले खुलासे हुए। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अमित प्रसाद ने कोर्ट में जो खुलासे किए, उससे लोग संभवत: अब भी अनजान हैं। उन्होंने उमर खालिद का अन्य सेलिब्रिटी के साथ किए गए चैट के बारे में बताया, जो नैरेटिव बदलकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया था।

दिल्ली दंगों के तुरंत बाद एक अनुकूल कहानी बनाने के लिए उमर खालिद जिन लोगों से बात कर रहा था, उनमें अभिनेत्री स्वरा भास्कर, अभिनेता सुशांत सिंह, एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव, कॉन्ग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी, वामपंथी पत्रकार रघु कर्नाड, रसिका महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा स्वाति चतुर्वेदी, तीस्ता सीतलवाड, आकार पटेल, एमनेस्टी इंटरनेशनल, अज़हर खान और कौशिक राज से भी चैट की।

उमर खालिद अभिनेत्री स्वरा भास्कर के करीबी संपर्क में था। स्वरा के साथ अपनी चैट में उमर खालिद ने उनसे डॉक्टर कफील खान के पक्ष में एक कहानी बनाने के लिए कहा था। एक अन्य चैट में उसने स्वरा से कहा था कि कोलकाता के पार्क सर्कस में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी उनकी मौजूदगी चाहते हैं। अभिनेता जीशान अयूब की बीवी रसिका ने उमर खालिद को एक हिंदू के रूप में समर्थन दिया था।

जिस व्हाट्सएप चैट का उल्लेख उमर खालिद के वकील त्रिदीप पेस ने किया था, उसमें सुशांत सिंह ने 11 जून 2020 को उमर खालिद के निर्देशानुसार द क्विंट से लिंक साझा किया था। इसमें मीडिया पोर्टल ने दावा किया था कि पुलिस ने खालिद, ताहिर हुसैन और अन्य पर 8 जनवरी 2020 को एक बैठक के दौरान साजिश रचने का आरोप है। ऐसा ही लिंक पत्रकार कर्नाड को भी भेजा गया था।

इसके बाद उमर खालिद और योगेंद्र यादव के बीच हुए चैट को भी कोर्ट को साझा किया गया। बता दें कि पुलिस की चार्जशीट में इसकी साजिश रचने वालों में यादव भी शामिल हैं। CAA को लेकर जामियाी में भड़की हिंसा के बाद 7 दिसंबर को उमर खालिद और योगेन्द्र यादव ने शजरील इमाम से मुलाकात की थी। फिर अगले दिन जंगपुरा में इन तीनों की अन्य लोगों के साथ बैठक हुई।

चार्जशीट के मुताबिक, इस बैठक में इसी बैठक में चक्का जाम करने की योजना बनाई गई। शरजील इमाम को दिल्ली और उसके आसपास के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों को संगठित करने के लिए कहा गया। यह भी निर्णय लिया गया कि यूनाइटेड अगेंस्ट हेट और स्वराज्य अभियान जैसे संगठन इसमें हरसंभव तरीके से एक-दूसरे की मदद करेंगे।

सरकारी वकील ने इस दौरान उमर खालिद और मोहम्मद जुबैर की कंपनी AltNews के एक ‘पत्रकार’ के बीच हुई बातचीत को भी पढ़ा। AltNews ने पूछा कि क्या वे उमर खालिद को उद्धृत कर सकते हैं, लेकिन उमर खालिद ने कहा कि वह अपना नाम दिखाना चाहता है। AltNews ने उसकी बात मान ली। यह बातचीत इस बात पर थी कि उमर खालिद से जुड़ी कहानी किस तरह लिखी जानी चाहिए।

सरकारी वकील ने यह बताया कि जब उमर खालिद जेल में है तो मीडिया प्लेटफार्मों पर गलत सूचना फैलाकर उसके पक्ष में एक कहानी बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। एसपीपी ने बताया कि द वायर की अरफा खानम शेरवानी ने उमर खालिद के पिता और पूर्व सिमी आतंकवादी एसक्यूआर इलियास का एक साक्षात्कार चलाया। इससे पता चला कि कैसे इलियास नैरेटिव बनाकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए झूठ बोल रहा है।

सुनवाई के बाद उमर खालिद के कई समर्थकों ने दावा किया कि सरकारी वकील द्वारा उल्लेखित तथ्यों का कोई महत्व नहीं है, क्योंकि उमर खालिद लोगों से बात करने के लिए स्वतंत्र थे। तीस्ता, आकार आदि जैसे अन्य लोग जेल में रहने के दौरान उनका समर्थन करने के लिए स्वतंत्र थे। हालाँकि, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि वे बड़े मुद्दे से (शायद जानबूझकर) चूक गए।

इन लोगों से उमर खालिद के घनिष्ठ समन्वय था और यह बताता है कि दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचकर हिंसा की खबर को विश्व स्तर पर चलाई गई थी। यह साजिश को बताता है और किसी आरोपित की जमानत अर्जी पर फैसला करते समय एक महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।

(यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में नूपुर जे शर्मा ने लिखी है। आप इस लिंक पर क्लिक करके इसे विस्तार से पढ़ सकते हैं।)

कॉन्ग्रेस नेताओं ने मंदिर गिरा जमीन कब्जाए, युवाओं की नौकरी में तलाशे लूट के मौके: राजस्थान में बोले PM मोदी, कहा- इनका इतिहास ही नहीं इरादे भी खतरनाक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के करौली में कॉन्ग्रेस पर बड़ा हमला किया है। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने राजस्थान में तुष्टिकरण की गन्दी राजनीति की है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने मंदिर गिरा कर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। यहाँ रामनवमी की शोभा यात्रा पर पत्थर बरसाए गए।

प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान के करौली धौलपुर से लोकसभा उम्मीदवार इंदु देवी जाटव के प्रचार के लिए पहुँचे थे। उन्होंने यहाँ कहा है कि राजस्थान ही नहीं बल्कि देश में भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है इसलिए INDI गठबंधन के लोग मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन भ्रष्टाचार बचाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों को जेल जाना पड़ेगा, यह मोदी की गारंटी है।

पीएम मोदी ने राजस्थान में कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान नौकरियों के पेपर लीक का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने युवाओं के रोजगार में भी भ्रष्टाचार के मौके खोज लिए थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेपर उद्योग का एक पूरा कारोबार खड़ा हुआ। उन्होंने इस मामले में भाजपा सरकार की कार्रवाई के विषय में भी बताया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहाँ कॉन्ग्रेस नेताओं एक बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राजस्थान की धरती से मैं कॉन्ग्रेस का एक महापाप बताता हूँ, इसकी कोई माफ़ी या कोई प्रायश्चित नहीं है। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान में वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण का गंदा खेल खेला। कॉन्ग्रेसी नेताओं ने यहाँ मंदिर तोड़ कर जमीनें कब्जा की है।” आप पीएम मोदी के भाषण का यह हिस्सा नीचे लगे वीडियो में 30 मिनट के बाद सुन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस राजस्थान के धौलपुर ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर के लिए पत्थर भेजे, उसी की प्राण प्रतिष्ठा का कॉन्ग्रेस ने बहिष्कार किया। पीएम मोदी ने हमला बोलते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस नेता सनातन के खिलाफ बोलने वालों के साथ खड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस बात की कॉन्ग्रेस को सजा मिलनी चाहिए।

करौली की इस रैली में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विदेश में कॉन्ग्रेस के शहजादे बोलते हैं कि भारत कोई राष्ट्र नहीं है, देश सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो सेना से सबूत माँगते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस टुकड़े टुकड़े गैंग के पीछे खड़ी होती है। PM मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का इतिहास ही नहीं बल्कि इरादे भी खतरनाक हैं।

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कच्चातिवु द्वीप का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा, “यह वही कॉन्ग्रेस है, जिसने तमिलनाडु के पास के एक द्वीप कच्चातिवु को श्रीलंका को दे दिया था। अब इस देशविरोधी कुकृत्य को कॉन्ग्रेस बेशर्मी से जायज ठहरा रही है। कल ही कॉन्ग्रेस ने कहा है कि कच्चातिवु पर कोई रहता है क्या। रहता नहीं है तो क्या दे दोगे? ऐसे होती है देशसेवा? ये है इनकी मानसिकता। इनके लिए देश का खाली हिस्सा सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा है।”

पीएम मोदी ने करौली धौलपुर की इस जनसभा में किसानों की दी जाने वाली सम्मान निधि और श्रीअन्न को प्रमोट करने की बात भी की। उन्होंने यहाँ पशुधन को लेकर किए गए काम भी गिनाए।

‘जिनके नाम में राम है, वे सनातन के अपमान पर चुप रहने को कहते थे’: BJP में आते ही रोहन गुप्ता ने कॉन्ग्रेस की पोल-पट्टी खोली, टिकट मिलने के बाद भी छोड़ दिया था हाथ का साथ

कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और आईटी सेल के मुखिया रहे रोहन गुप्ता भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने गुरुवार (11 अप्रैल, 2024) को दिल्ली स्थित भाजपा दफ्तर में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने पार्टी की सदस्यता लेने के बाद कहा कि कॉन्ग्रेस में उन्हें सनातन के अपमान पर चुप रहने को कहा जाता था।

रोहन गुप्ता ने भाजपा की सदस्यता लेने के बाद कहा, “एक जगह कितना विरोधाभास हो सकता है, हमारे एक कम्युनिकेशन इंचार्ज जिनके नाम में राम है, वह हमें सनातन के अपमान पर चुप रहने को कहते थे। देश के नाम का एक गठबंधन बनाया गया लेकिन उसमें देश विरोधी ताकतों को जोड़ा गया। कॉन्ग्रेस ने केजरीवाल को खालिस्तान के साथ जुड़े होने का आक्षेप किया था। अब ऐसी क्या मज़बूरी है कि उनके भ्रष्टाचार के लिए लड़ रहे हैं।”

रोहन गुप्ता ने कॉन्ग्रेस को दोहरे चरित्र वाली पार्टी बताते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा,”जिस EVM के कारण आप दो चुनाव जीते, आप उस पर सवाल उठा रहे हैं। कॉन्ग्रेस हर जगह विरोधाभासी नीति अपना रही है। यह लेफ्ट पार्टियों के साथ है जो देश विरोधी हैं। CAA का भी विरोध कर रही है जो कि कॉन्ग्रेस ने खुद ही माँगा था।” उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस को अब अहंकारी लोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कॉन्ग्रेस में अपमानित होते थे।

रोहन गुप्ता ने कहा कि 60 सालों तक लोगों ने कॉन्ग्रेस को इसीलिए सत्ता दी क्योंकि यह राष्ट्रवाद, औद्योगीकरण और सनातन धर्म का सम्मान करने वाली पार्टी थी। पिछले 2 सालों से पार्टी अहंकारी लोगों के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता आज की नीतियों से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने इसीलिए 15 वर्ष कॉन्ग्रेस में रहने के बाद अब साफ़ छवि के साथ भाजपा में आने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि रोहन गुप्ता ने कॉन्ग्रेस की सदस्यता से 22 मार्च, 2024 को ही इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बताया था कि उनका कॉन्ग्रेस के कम्यूनिकेशन विभाग से जुड़े एक बड़े पदाधिकारी ने अपमान किया और उनका चरित्रहनन किया। उन्होंने अपने खिलाफ अभियान चलाए जाने की बात भी कही थी।

उन्होंने बताया था कि वह अपने पिता के साथ अस्पताल में हैं इसीलिए वह पार्टी छोड़ रहे हैं। इसे पहले उन्होंने गुजरात की अहमदाबाद उत्तर सीट से कॉन्ग्रेस का टिकट वापस करते हुए चुनाव लड़ने से भी मना कर दिया था। रोहन गुप्ता से पहले कॉन्ग्रेस के एक और प्रवक्ता गौरव वल्लभ भी पार्टी छोड़ कर भाजपा में आ चुके हैं।

‘कैसे मुस्लिम हो हिंदू से इस्लाम नहीं कबूल करवा पाए’: पूर्व क्रिकेटर जहीर खान को गुड़ी पड़वा मनाता देख इस्लामी कट्टरपंथियों ने भेजी लानत

हिंदू त्योहार को धूमधाम से मनाने पर या हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति के आगे हाथ जोड़ने पर अक्सर जानी-मानी मुस्लिम हस्तियों को इस्लामी कट्टरपंथी गाली देते रहते हैं। इस बार उन्होंने ऐसा भारत के पूर्व क्रिकेटर जहीर खान के साथ ऐसा किया है।

जहीर की गलती ये थी कि उन्होंने अपनी हिंदू पत्नी सागरिका घाटगे के साथ मिलकर 9 अप्रैल 2024 को गुड़ी पड़वा का त्योहार मना लिया और इसकी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कर दीं। अब इसी पोस्ट के नीचे उन्हें गालियाँ पड़ रही हैं।

जहीर खान और सागरिका घाटगे की फोटो पर इस्लामी कट्टरपंथी लानतें भेज रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि जहीर खान कैसे मुसलमान हैं कि वो अपनी पत्नी को मुस्लिम नहीं बना पाए।

एक यूजर उन्हें गाली देकर कहता है गुड़ी पड़वा की फोटो डाल ली है तो अब दोनों नमाज पढ़ते हुए भी फोटो खींचो। हसीब नाम का यूजर कहता है- “अल्लाह हिदायत दे इन्हें। समझाए कि अल्लाह शिर्क को हरगिज माफ नहीं करेगा। अभी वक्त हैं इन्हें अपने शिर्क से तौबा कर लेनी चाहिए।”

वहीं, मुजफ्फर खान का कमेंट देखें उसने जहीर खान को गुड़ी पड़वा मनाने के लिए अंधभक्त कहा हुआ है। उसने जहीर को कहा है- “क्या मिलता है तुम्हें पत्थरों को पूजकर और गुनाह में शामिल होकर।”

राहिल खान नाम का यूजर जहीर खान को बेवकूफ कहता है और कहता है कि ऐसे लोगों की इस्लाम को कोई जरूरत नहीं है। इस्लाम सबसे तेज फैलने वाला मजहब है और उसके मुताबिक अब तो पॉपुलर सेलिब्रिटिज भी इस्लाम को स्वीकार कर रही हैं। इसी तरह मदीहा नाम की यूजर कहती है- “देखते हैं ईद पर कितने लोग तुम्हें मुबारकबाद देंगे। तुम मुस्लिम होने में फेल हो चुके हो।”

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी मुस्लिम हस्ती को हिंदू त्योहार मनाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस प्रकार से सोशल मीडिया पर घेरा हो। सारा अली खान से लेकर शाहरुख खान तक को देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए अक्सर अनाप-शनाप कहा जाता है। उन्हें उनके नाम बदलने की नसीहतें दी जाती हैं।