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शराब घोटाले का पैसा कहाँ गया, 28 मार्च को बताएँगे केजरीवाल: ‘CM की कुर्सी’ पर बैठ पत्नी सुनीता ने किया ऐलान, इधर कोर्ट ने AAP समर्थक वकीलों को प्रदर्शन पर रगड़ा

शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वो फ़िलहाल ED (प्रवर्तन निदेशालय) की कस्टडी में रिमांड पर हैं। AAP के लीगल सेल ने इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जो वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वो करें, लेकिन अपने जोखिम पर। बता दें कि बुधवार (27 मार्च, 2024) को AAP के लीगल सेल ने दिल्ली की सभी जिला अदालतों में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

इसी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कद कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने इस पर सवाल उठाया कि आखिर अदालत परिसर में कैसे विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा सकता है। दोनों जजों ने कहा कि अगर कोर्ट परिसर में प्रदर्शन किया जाता है तो इसके परिणाम काफी भयंकर होंगे। एक वकील ने AAP के लीगल सेल द्वारा प्रदर्शन के खिलाफ शिकायत का जिक्र किया था, जिस पर ये टिप्पणी आई।

अपने रिस्क पर प्रदर्शन करें वकील: दिल्ली हाईकोर्ट

उक्त वकील ने आधी रात को शिकायत की प्रति ईमेल की थी और इस पर त्वरित सुनवाई की माँग की थी। कोर्ट ने कहा कि 1 दिन बाद इस पर सुनवाई होगी, लेकिन साथ ही प्रदर्शनकारी वकीलों को चेताया भी। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित नियम का पालन किया जाएगा। साथ ही कहा कि अदालत को बाधित नहीं किया जा सकता है, कोर्ट को नहीं रोका जा सकता। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अदालत में रुकने से नहीं रोका जा सकता।

अधिवक्ता वैभव सिंह ने ये शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन को लेकर कहा, “आप कोर्ट तक पहुँचने के किसी के मूलभूत अधिकारों को नहीं छीन सकते। यही स्थापित कानून है। अगर कोई ऐसा करता है तो वो अपने जोखिम पर करेगा और ज़रूरत पड़ी तो हम कार्रवाई करेंगे।” BCI (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) भी AAP के लीगल सेल को आगाह कर चुका है कि वो प्रदर्शन न करें। संस्था ने कहा कि न्यायपालिका के फैसले का इंतज़ार करना चाहिए, तब तक विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।

केजरीवाल कोर्ट में बताएँगे कहाँ है तथाकथित शराब घोटाले का पैसा: पत्नी सुनीता

उधर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा है कि गुरुवार को उनके पति अदालत को बताएँगे कि दिल्ली शराब घोटाले का पैसा कहाँ लगा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने 2 दिन पहले ही जल मंत्री आतिशी को सन्देश भेजा था कि लोगों की सीवर की समस्या का समाधान हो, क्या गलत किया। सुनीता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इससे बेहद पीड़ा हुई है कि इस आदेश का विरोध हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस तथाकथित शराब घोटाले का एक पैसा किसी भी छापे में नहीं मिला है।

सुनीता केजरीवाल ने कहा, “इस तथाकथित शराब घोटाले का ये पैसा है कहाँ? अरविंद जी ने कहा है कि 28 मार्च को कोर्ट के सामने इसका खुलासा करेंगे, सारे देश को सच-सच बताएँगे और इसका सबूत भी देंगे। अरविंद जी सबसे सच्चे, देशभक्त, निडर और साहसी व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा है कि मेरा शरीर जेल में है लेकिन आत्मा आप सबके बीच है। आँखें बंद करो तो मुझे अपने आसपास महसूस करोगे।” सुनीता केजरीवाल ने एक बार फिर से अपने पति वाली कुर्सी पर बैठ कर ही ये संबोधन दिया।

दिल्ली में AAP नेता के ठिकानों पर ED की रेड, गोवा के प्रभारी हैं दीपक सिंगला: पंजाब के आबकारी कमिश्नर के चंडीगढ़ वाले घर पर भी छापा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (27 मार्च, 2024) को दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के गोवा प्रभारी दीपक सिंगला के ठिकानों पर छापेमारी की है। ED ने इसी के साथ पंजाब के वर्तमान आबकारी कमिश्नर वरुण रूजम के घर चंडीगढ़ में भी छापा मारा।

माना जा रहा है कि ED ने दीपक सिंगला के यहाँ यह छापेमारी दिल्ली शराब घोटाला मामले में की है। इसी मामले में दिल्ली के CM केजरीवाल गिरफ्तार हुए हैं। जिन दीपक सिंगला के यहाँ ED ने छापेमारी की है वह दिल्ली के विश्वास नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के सह प्रभारी भी हैं। वह पार्टी के गोवा और महाराष्ट्र के प्रभारी हैं।

बताया जा रहा है कि सिंगला पर उनके गोवा कनेक्शन को लेकर ही छापेमारी की गई है। शराब घोटाले में ED ने कहा है कि दिल्ली में शराब नीति में की गई गड़बड़ी से जो पैसे मिले वह गोवा में विधानसभा चुनाव प्रचार में लगाए गए। बताया गया है सिंगला गोवा में AAP के चुनाव प्रभारी थे इसीलिए उन पर यह जाँच हो रही है।

दीपक सिंगला द्वारा 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में दायर किए गए हलफनामे के अनुसार, उनके पास ₹10 करोड़ की संपत्ति है। उनके ऊपर ₹250 करोड़ से अधिक का कर्ज भी था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास दिल्ली में मिठाई की दुकानें हैं।

सिंगला से पहले आम आदमी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह यादव पर भी ED ने छापेमारी की थी। यादव गुजरात के प्रभारी हैं। सिंगला के अलावा ED ने चंडीगढ़ में पंजाब के कर एवं आबकारी कमिश्नर वरुण रूजम के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। उनके ऊपर यह छापेमारी की गुआवा ऑर्चर्ड मामले में की गई है। बताया गया है कुछ लोगों ने पंजाब सरकार से अधिक मुआवजा लेने के लिए एक जमीन पर अमरुद के पेड़ लगाए और इससे सरकार को ₹130 करोड़ का चूना लगा।

गौरतलब है कि यह छापेमारियाँ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की शराब घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बाद हो रही हैं। अरविन्द केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने अपनी गिरफ्तारी और ED को मिली रिमांड को लेकर याचिका दायर की है। इस मामले पर सुनवाई हो रही है।

‘RSS ने कॉन्ग्रेस को दिया समर्थन, देश भर में मचा बवाल’: जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बता रहे ‘नागपुर से घोषणा’, जानिए क्या है उसका सच

लोकसभा चुनाव 2024 से कुछ दिनों पहले 2017 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ऑनलाइन ने INDI गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है। ‘RSS ऑनलाइन’ के मुखिया जनार्दन मून उसके चेले अब्दुल पाशा ने 25 मार्च, 2024 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि भाजपा को इन चुनावों में हराना है इसलिए वह INDI गठबंधन और कॉन्ग्रेस को समर्थन देंगे।

जनार्दन मून ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “भाजपा पिछले दस साल से देश की सत्ता में है लेकिन वह संविधान का अपमान कर रही है। इसके सभी फैसलों ने संविधान का अपमान किया है। कोई देश इस तरीके से नहीं चलता। सरकार जानबूझकर विपक्षी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाती है और उन्हें भ्रष्ट घोषित करती है। वह विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करती है। क्या केवल विपक्षी नेता ही भ्रष्ट हैं? कोई भी भाजपा नेता भ्रष्ट नहीं है?”

मून ने देश के संविधान को बचाने के लिए मतदाताओं से अपील की कि INDI गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दें। मून ने यह भी कहा कि RSS ऑनलाइन संगठन महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन का समर्थन करेगा। उन्होंने भाजपा नेताओं को भ्रष्ट बताया और कहा कि देश को इस पार्टी से बचाने की जरूरत है।

इस बीच, 2017 में बनाए गए RSS ऑनलाइन के उपप्रमुख अब्दुल गफूर ने दावा कर दिया कि देश में RSS ऑनलाइन एकमात्र RSS है। उसने दावा किया कि और कोई अन्य RSS उनके संगठन के बराबर महत्व नहीं रखता है। उसने इस दौरान रजिस्ट्रेशन के बारे में भी बात की।

बताया गया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र के नागपुर में हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि इसे असली RSS द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें दावा किया गया कि यह कॉन्फ्रेंस उस RSS की थी जो कि भाजपा सरकार का समर्थन करने वाला एक हिन्दू संगठन है।

आवाज़ टीवी इंडिया नाम के यूट्यूब चैनल ने इस कॉन्फ्रेंस को अपने चैनल पर लाइव प्रकाशित किया। उसने दावा किया कि और दावा किया कि RSS ने कॉन्ग्रेस पार्टी को अपना समर्थन दिया जिसके परिणामस्वरूप देश के राजनीतिक माहौल काफी उथल पुथल हुई है। इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन RSS ऑनलाइन द्वारा किया गया था, ना कि मूल RSS द्वारा जिसके सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत हैं।

ऑनलाइन RSS

इस मामले की सच्चाई यह है कि RSS और RSS ऑनलाइन दो अलग-अलग संगठन हैं, और इन दोनों में से RSS ऑनलाइन नया है। इसका कर्ता-धर्ता जनार्दन मून है। इसके एक्स हैंडल में मून ने खुद को RSS का मुखिया बताया है। हालाँकि, वह यह नहीं बताता कि वह RSS ऑनलाइन का मुखिया है जो कि नया संगठन है और इसका असली RSS से कोई लेना देना नहीं।

इन दोंनो संगठनों की आपस में ना केवल विचारधाराएँ बल्कि संगठन का लोगो, उनके संगठन का ढाँचा आदि भी अलग हैं। RSS ऑनलाइन के सदस्यों का मूल, पुराने, पारंपरिक हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कोई लेना-देना नहीं है। RSS ऑनलाइन दावा करता है कि मूल RSS पंजीकृत नहीं है। इस पर हमने असली RSS से बात की।

हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मीडिया प्रमुख राकेश पांडे से बात की, जिन्होंने पुराने संगठन के पंजीकृत ना होने के दावों को खारिज कर दिया। “RSS 90+ वर्ष पुराना संगठन है और देश की भलाई और विकास के लिए काम कर रहा है। इतने वर्षों से देश के लिए काम कर रही संस्था अप्रामाणिक कैसे हो सकती है? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष 1925 से काम कर रहा है, यह मूल संगठन है और मूल RSS के विषय में प्रामाणिकता पर जो दावे हो रहे हैं, वो पूरी तरह से झूठे हैं।”

द पैम्फलेट द्वारा दी गई एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, मून ने 2017 में नागपुर पुलिस से सुरक्षा की माँग की थी। उसने दावा किया था कि उनके नए RSS को पंजीकृत करने के प्रयास करने के बाद असली RSS के कार्यकर्ता उन्हें धमकी दे रहे थे। इस दौरान के RSS के डॉ. राजेंद्र गुंडलवार ने बताया कि उन्होंने RSS को एक NGO के रूप में पंजीकृत किया था, लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर जिले में नहीं, बल्कि चंद्रपुर में।

इसके बाद डॉ. गुंडलवार ने मून से यह भी कहा कि वह RSS के नाम का दुरुपयोग करना बंद करें क्योंकि वह एक जानामाना हिंदू संगठन है जो देश की भलाई के लिए लगातार काम कर रहा है। पैम्फलेट से उन्होंने कहा “RSS एक बहुत ही प्रतिष्ठित संगठन है जो बिना किसी से कुछ लिए निस्वार्थ भाव से काम करता है और दुनिया भर में लाखों स्वयंसेवक उसी RSS के लिए काम कर रहे हैं।”

गुंडलवार ने कहा कि जनार्दन मून की मंशा संदिग्ध है और वह ऐसा करके लोगों के बीच भ्रम पैदा करना चाहते हैं, जिससे भविष्य में धार्मिक दंगे भड़क सकते हैं। जनार्दन मून ने विक्टिम कार्ड खेलते हुए दावा किया कि गुंडलवार उनकी जान को खतरा पैदा कर रहे हैं। ऑनलाइन RSS से सम्बंधित यह दावे पैम्फलेट द्वारा किए गए हैं और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक कोई भी आधिकारिक स्रोत इसकी पुष्टि नहीं कर सका है। पुष्टि प्राप्त होते ही रिपोर्ट अपडेट कर दी जाएगी।

हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 में मून की एक याचिका खारिज कर दी थी। मून ने इस दौरान ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ या RSS नाम पर दावा किया था। मून ने इस नाम के एक NGO के पँजीकरण करने के लिए आवेदन किया था। हाई कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि इसी नाम से पहले से ही एक संस्था मौजूद है। मून ने इस बारे में कहा था कि RSS चैरिटी कमिश्नर के साथ पंजीकृत नहीं किया गया था और उसने अपनी संस्था को यह नाम आवंटित करने का अनुरोध किया था।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम पर नए संगठन के बनाने और पंजीकरण को लेकर दायर याचिका भी खारिज कर दी थी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मामले में कहा था, “क्या याचिकाकर्ता RSS के नाम पर एक और संगठन बनाकर समाज में भ्रम फैलाना चाहता है?” कोर्ट ने यह याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की नई संस्था को पहले से मौजूद संस्था के नाम पर पंजीकृत नहीं किया जा सकता।

रमजान में पॉजिटिव निकला मुनव्वर फारूकी, हुक्का बार पर रेड के बाद मुंबई पुलिस ने आधी रात को उठाया: पूछताछ के बाद छोड़ा

बिग बॉस के विनर मुनव्वर फारूकी रमजान के महीने में हुक्का बार में नशा करते पकड़े गए। पुलिस ने हुक्का बार में छापा मारकर उन्हें और 13 अन्य लोगों को हिरासत में लिया। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि पुलिस ने मुनव्वर फारूकी को पकड़ने के बाद जब उनका मेडिकल चेक अप कराया तो वो पॉजिटिव आया।

बता दें कि पूरी घटना 26 मार्च 2024 की रात की है। मुंबई पुलिस को टिप मिली थी कि एमआरए मार्ग के बोरा बाजार पर स्थित सबलान नाम का हुक्का बार अवैध रूप से चल रहा है। छापेमापी की गई तो वहाँ से 4 हजार 400 रुपए नकद और 13 हजार 500 रुपए के 9 हुक्का बर्तन जब्त किए गए।

पुलिस ने इस छापेमारी को लेकर कहा, “हमारी टीम ने प्राप्त सूचना पर हुक्का बार में छापा मारा जहाँ पाया गया कि हर्बल हुक्का की आड़ में तंबाकू आधारित हुक्का उपयोग कर रहे थे। जाँच में भी अगर ये बात पुष्टि हो जाती है तो केस को आगे बढ़ाया जाएगा।”

फिलहाल ये मामला मुनव्वर फारूकी पर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 या सीओटीपीए, 2003 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापे के दौरान फारूकी वहीं मौजूद था। उसके साथ 13 लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

बताया गया है कि पुलिस ने छापे के बाद पकड़े लोगों का जब मेडिकल टेस्ट कराया तो वो मुनव्वर फारूकी का पॉजिटिव निकला, मगर पुलिस ने उसे फिलहाल के लिए छोड़ दिया है। वहीं फारूकी की ओर से इस संबंध में अभी कोई बयान नहीं आया है। लेकिन उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक एयरपोर्ट तस्वीर को शेयर किया है। इसमें भी उन्होंने हुक्का बार से जुड़ी घटना पर कोई खास जानकारी नहीं दी है। लेकिन मीडिया में उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात हर जगह है।

AFSPA हटाने पर विचार, सेना की वापसी… अमित शाह ने बता दिया जम्मू-कश्मीर पर मोदी 3.O का एजेंडा, कहा- जल्द होंगे विधानसभा चुनाव

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर को लेकर कहा है कि सरकार राज्य से सेनाओं को विशेष शक्तियाँ देने वाला AFSPA हटाने के विषय में विचार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य में अनुच्छेद 370 को लेकर भ्रांतियाँ फैलाई गईं थी, जिसका फायदा उठाकर पाकिस्तान ने आतंकियों की भर्ती की।

गृह मंत्री अमित शाह ने जेके मीडिया को दिए इंटरव्यू में जम्मू-कश्मीर को लेकर सरकार की नीतियों, भविष्य के कदमों और 370 हटने के बाद आए बदलावों को लेकर बात की। उन्होंने इस दौरान पहले के हालात भी बताए। लगभग 50 मिनट लम्बे इस इंटरव्यू में गृह मंत्री शाह ने कई महत्वपूर्ण बातें कही।

गृह मंत्री ने अनुच्छेद 370 पर कहा कि इसको लेकर घाटी की जनता में भ्रांतियाँ फैलाई गईं। इसके हटने के बाद भी यहाँ की संस्कृति जस की तस है। 370 के हटने से बाहर के लोगों के यहाँ बसने को लेकर जो झूठ फैलाया गया था वह भी ध्वस्त हो चुका है। कश्मीर की कश्मीरियत बची हुई है।

उन्होंने कहा कि 370 के आड़ में आतंक बढ़ाया गया और इसके कारण 40,000 युवा आतंकी बन कर मारे गए। गृह मंत्री शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कॉन्ग्रेस, PDP और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने परिवारवाद को बढ़ा कर राज्य के विकास को रोका। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में राज्य से तीनों पार्टियाँ साफ़ हो जाएँगी।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य में अब तक केंद्र सरकार अलग अलग योजनाओं के तहत ₹45,000 करोड़ खर्च कर चुकी है। राज्य में पीएम आवास, जल जीवन और ग्राम सड़क योजना का कवरेज बढ़ा है। उन्होंने कहा है इससे कश्मीरियों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 2022-23 में ₹2100 करोड़, 2023-24 में ₹2300 करोड़ का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीडीपी 2015 में ₹1 लाख करोड़ थी जो कि अब बढ़ कर ₹2.3 लाख करोड़ हो चुका है।

कश्मीर में आगे के कामों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि डल झील को दुनिया की सबसे सुंदर झील में बदला जाएगा। जम्मू कश्मीर में चुनावों को लेकर भी उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमने यहाँ ग्राम पंचायत और जिला पंचायत चुनाव करवाए हैं, जिनके परिणाम काफी सुखद रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर भी गृह मंत्री ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है 31 सितम्बर, 2024 से पहले विधानसभा चुनाव करवाए जाएँ। हम उस आदेश को टाल नहीं सकते। ऐसे में वह हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र स्थापित करने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि फारुक अब्दुल्लाह की सरकार के दौरान राज्य में जितने फर्जी एनकाउंटर हुए, उतने कभी नहीं हुए। गृह मंत्री शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के जो संगठन अलगाववादी रवैया अपनाते हैं उनके साथ कोई बातचीत नहीं होगी, राज्य के युवाओं से बातचीत होगी। ऐसे संगठन राज्य में 40,000 लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं। गृह मंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर को लेकर कहा कि उसे वापस लेना मात्र गृह मंत्री ही नहीं बल्कि हर भारतीय और हर कश्मीरी का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वह भूमि और वहाँ की जनता हमारी है।

जम्मू कश्मीर में आतंक के शून्य होने पर कहा कि राज्य के युवाओं को पाकिस्तान के मुगालते से बाहर आना होगा। यह पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा है कि कश्मीर आजाद होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों को कश्मीर आज स्वर्ग प्रतीत होता है।

गृह मंत्री ने बताया कि आतंक से लड़ते हुए शहीद हुए जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों के घरवालों को नौकरी देने का काम पूरा हो गया है। पहले यह 10 वर्षों तक लटका रह जाता था। राज्य से सेना और अर्धसैनिक बलों को हटाने को लेकर कहा कि हमने इसको लेकर ब्लूप्रिंट बना लिया है और इसको लेकर चुनावों के बाद काम भी चालू होने की उम्मीद है।

जम्मू कश्मीर से सेना को विशेष शक्तियाँ देने वाला एक्ट AFSPA हटाने को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस पर काम हो रहा है कि सेना बैरकों में वापस जाए और जम्मू कश्मीर की पुलिस के हवाले राज्य की कानून व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में अब आतंक विरोधी ऑपरेशन में पुलिस ही आगे रहती है। जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि भाजपा जम्मू क्षेत्र में अकेले चुनाव लड़ेगी और कश्मीर क्षेत्र पर अभी विचार चल रहा है।

अयोध्या राम मंदिर में PAC जवान के सीने के आर-पार हुई AK-47 की गोली, श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप: नली साफ करते हुए दब गया था ट्रिगर

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में गोली चलने की खबर है। बताया जा रहा है कि वहाँ तैनात पीएसी के प्लातून कमांडर को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी, जो उनके सीने के आर-पार हो गई। अब उनकी हालत नाजुक है और उनको लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया है जहाँ वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार ने बताया कि गोली दुर्घटनावश चली थी। जवान उस समय अपनी बंदूक की नली साफ कर रहे थे तभी उनसे गलती से उसका ट्रिगर दब गया और गोली निकलकर सीने के आर-पार हो गई। पुलिस अब इस मामले में जाँच कर रही है। घटनास्थल पर तैनात अन्य जवानों से भी घटना के बारे में पूछा जाएगा।

जवान के बारे में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, 32वीं वाहिनी PAC के जवान का नाम राम प्रसाद है। 53 वर्षीय राम प्रसाद अमेठी के निवासी हैं। वर्तमान में वह श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात थे।

मंगलवार को शाम 5:45 पर जब उनकी एके-47 से अचानक से गोली चली और इसकी आवाज अन्य जवानों व परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को सुनाई दी तो हड़कंप मच गया। हालाँकि, इस बीच कुछ सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को पैनिक होने से रोका और कुछ ने जाकर फौरन राम प्रसाद को मंडलीय हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।

इसके बाद मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद गंभीरावस्था में उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ फौरन उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर डाल दिया गया। अभी उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। कुछ जगह बताया जा रहा है कि गोली आर-पार हो जाने से उनके शरीर के कई अंदरूनी हिस्सों का नुकसान हुआ है।

उजमा ने इस्लाम त्यागकर घर वापसी की, मीरा बनकर दलित युवक अनिल वाल्मीकि संग रचाया ब्याह: 6 साल से चल रहा था दोनों का प्रेम प्रसंग

देश की राजधानी दिल्ली में एक मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म में घर वापसी की है। सनातन अपनाने वाली लड़की का नाम उजमा है, जो अब मीरा नाम से जानी जाएगी। मंगलवार (26 मार्च 2024) को मीरा ने विधि-विधान से आर्य समाज मंदिर में अनिल नाम के युवक से शादी भी कर ली। अनिल दलित समुदाय से आते हैं। इस शादी और घर वापसी में में हिन्दू मोर्चा के पदाधिकारियों ने सहयोग किया और नव विवाहित दम्पति को सम्मान और सुरक्षा देने का भी संकल्प लिया।

घर वापसी करने वाली लड़की उजमा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले की रहने वाली हैं। उनके अब्बा का नाम जनाब अहमद खान है। वहीं, उनके पति अनिल दिल्ली के टैगोर गार्डन इलाके के निवासी हैं। उजमा ने खुद को बालिग बताया और कहा कि अनिल से शादी और घर वापसी का फैसला उनका अपना फैसला है और इसके लिए किसी ने जोर जबरदस्ती नहीं की। वहीं, अनिल ने भी खुद के बालिग होने का प्रमाण पत्र दिया। इन दोनों का विवाह दिल्ली के सनातन वैदिक समाज कल्याण संस्था के माध्यम से हुआ।

दोनों के विवाह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार हुआ। विधि-विधान से उजमा ने मीरा बनकर हवन पूजन किया। दम्पति ने अग्नि के 7 फेरे लिए और हमेशा एक-दूसरे के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस मौके पर हिन्दू मोर्चा के पदाधिकारियों के अलावा अनिल वाल्मीकि के परिजन भी मौजूद थे। उन्होंने वर-वधू को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उजमा अपनी शादी से बेहद ख़ुश हैं। शादी के बाद वो अपने पति के साथ चली गईं। हिन्दू मोर्चा के सदस्यों ने इस अवसर पर जय श्री राम का उद्घोष भी किया। ऑपइंडिया के पास विवाह प्रमाण पत्र मौजूद है।

हिन्दू मोर्चा के अध्यक्ष दीपक मलिक ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने हमें बताया कि शाहजहाँपुर की मूल निवासी लड़की का परिवार फ़िलहाल पश्चिमी दिल्ली में रहता है। यहीं पर लड़की की 6 साल पहले अनिल वाल्मीकि से मुलाकात हुई थी। कुछ ही दिनों की दोस्ती में दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। आखिरकार अलग-अलग मजहबों से होने के बावजूद उजमा और अनिल ने एक दूसरे से शादी करने का फैसला कर लिया। अनिल ने अपने परिजनों को इस रिश्ते के लिए मना लिया, लेकिन उजमा के परिजन तैयार नहीं हुए।

मलिक ने आगे कहा कि उजमा के परिजनों ने उसकी निकाह के लिए एक मुस्लिम लड़का देख भी लिया था। इसके बाद अनिल और उजमा ने अपनी शादी में सहयोग के लिए हिन्दू मोर्चा को सम्पर्क किया। आखिरकार 26 मार्च 2024 को उजमा घर से बाहर निकली और सीधे आर्य समाज मंदिर पहुँची। यहाँ उजमा ने पहले विधि-विधान से सनातन स्वीकार करके मीरा बनीं और उसके बाद अनिल से विवाह किया।

‘मस्जिद में रेप, हथियारों एवं महिलाओं की तस्करी’: प्रताड़ित होकर इस्लाम छोड़ चुकी लड़की ने CM योगी को लिखी चिट्ठी, कहा- जुमे की नमाज के बाद होती है बच्चियों की सेक्स पार्टी

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 21 मार्च 2024 को एक मौलाना और एक हाजी सहित कुल 8 लोगों पर गैंगरेप की FIR दर्ज हुई है। एक साल पहले घर वापसी करके हिन्दू बनी पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बलात्कारियों में से 4 लोग रिश्ते में उसके मामा हैं। इस पीड़िता का एक और पत्र सामने आया है। इसमें वह एक मस्जिद के अंदर होने वाली गैरकानूनी हरकतों की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।

यह पत्र 12 मार्च 2024 को लिखा गया है, जिसमें मस्जिद के अंदर जुमे की नमाज़ के बाद लड़कियों से रेप उनकी सप्लाई जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला यूपी के रामपुर जिले के थानाक्षेत्र शहजाद नगर का है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता ने रामपुर शहर के बेगम बाग़ इलाके में आने वाली एक मस्जिद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, उस मस्जिद में पीड़िता की माँ का साल 1992 के बाद 5 वर्षों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता का कहना है कि मस्जिद में लगातार रेप होने की वजह से उसकी अम्मी को अब पैड पहनना पड़ता है। पीड़िता ने माँ को 24 घंटों में महज एक बार खाना दिए जाने का भी आरोप लगाया। इस मस्जिद का इमाम रईस नाम का शख्स है।

पीड़िता ने इम्तियाज हुसैन, बरेलवी जमात के मौलाना लतीफ़, वाहिद रज़ा, लईक, ताहिरा, अरमाना, इरफ़ान हाजी, असरार हुसैन, रईस मौलाना और इरफ़ान मौलाना पर उसकी माँ को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने आगे कहा कि इनका एक गैंग है, जो लड़कियों की सप्लाई भी करता है। उसका आरोप है कि जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद में बहुत बड़ी पार्टी की जाती है।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इस पार्टी में छोटी-छोटी बच्चियों को नशा देकर उनके साथ रेप किया जाता है। इम्तियाज, मौलाना रईस और उसका पूरा गैंग जामिया मदरसा रामपुर, बरेली और अलीगढ़ में लड़कियों को जेहादी भी बनाता है। कुछ लड़कियों को बेचे जाने का भी जिक्र शिकायती पत्र में है। इस गैंग पर चरस, अफीम और अवैध हथियार भी सप्लाई करने के आरोप लगाए गए हैं।

बकौल शिकायतकर्ता, मस्जिद में न सिर्फ उसकी माँ के साथ लगातार रेप हुआ, बल्कि उसकी एक बहन को के साथ भी आरोपितों ने रेप किया और बाद में उसे लापता कर दिया। उसकी बहन का आजतक पता नहीं चला है। शिकायत के अंत में पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मस्जिद और मदरसों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है और कहा है कि वहाँ बक्सों में हथियार रखे रहते हैं।

मुँह काला करने के लिए खुले मरदसे

पीड़िता का एक वीडियो बयान भी ऑपइंडिया के पास है। इसमें पीड़िता ने सवाल किया है कि अगर मस्जिद में महिलाओं का जाना मना है तो वहाँ इतनी लड़कियाँ कैसे पहुँच गईं। पीड़िता का दावा है कि इस मस्जिद में कुरान का अपमान भी किया जाता है। इसका वीडियो भी उसके पास है। वीडियो में यह भी सवाल किया गया है कि क्या मस्जिद के अंदर किसी लड़की से सेक्स जायज है?

बकौल पीड़िता, आरोपितों का आपराधिक इतिहास है और उन्होंने पहले कई हिन्दुओं की हत्याएँ भी की हैं। खुद को भी रेप पीड़िता बताते हुए लड़की ने कहा कि आरोपितों का संगठन नैनीताल तक एक्टिव है। आरोप है कि मस्जिद में रात की अंतिम नमाज़ के बाद लड़कियों का आना-जाना शुरू हो जाता है जिन्हें सुबह की नमाज़ से पहले ही निकाल दिया जाता है।

पीड़िता ने अपने वीडियो बयान में आरोप लगाया है कि मौलानाओं ने अपना मुँह काला करने के लिए ही मदरसों को खोल रखा है। साथ ही लड़की ने यह भी कहा कि ये तमाम खुलासे करने की वजह से उसकी जान खतरे में है। लड़की ने कभी भी अपनी हत्या हो जाने की आशंका जताई है। पीड़िता ने सीएम योगी और पीएम मोदी से न्याय की उम्मीद जताई है।

कमरे में कंडोम और सेक्सवर्धक दवाएँ

पीड़िता के वकील की तरफ से ऑपइंडिया को कई वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। इन वीडियो में लड़की अपने और उसकी अम्मी के साथ घटी वारदात के बारे में जानकारी देती है। वहीं, इनमें से कुछ वीडियो मस्जिद के अंदर के भी हैं। इन वीडियो में कई हथियार और कारतूस इमाम के बिस्तर पर पड़े नजर आ रहे हैं। कुछ अश्लील किताबें भी बिस्तर पर बिखरी हुई हैं।

एक अन्य वीडियो में एक लड़की मस्जिद के इमाम रईस से पॉलीथिन खोलने के लिए कहती थी। तब पॉलीथिन से कंडोम बाहर निकल कर गिरे। पीछे से आ रही आवाज में बताया जा रहा है कि इमाम की पॉलीथिन में सेक्सवर्धक दवाएँ भी हैं। लड़की द्वारा बनाए गए विजुअल में कुछ ऐसे कमरों का भी दावा किया जा रहा है, जहाँ लड़कियों का यौन शोषण किया जाता है।

‘मेरा काम निकल गया…’: खुद को लव जिहाद पीड़िता बताने वाली लड़की का वीडियो वायरल, बोली- सूफ़ियान ने किया रेप और ब्लैकमेल, इस्लाम अपनाने का डाला दबाव

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की खुद को लव जिहाद का पीड़ित बता रही है। वीडियो में वह सुसाइड करने की भी बात कह रही है। लड़की सूफियान शेख नाम के एक मुस्लिम युवक पर एक साल तक रिलेशन में रखने और बाद में धोखा देने एवं ब्लैकमेल करने का आरोप लगा रही है। लड़की ने सूफियान नाम के शख्स के अलावा इस मामले में उसके अम्मी-अब्बू और बहनों को भी शामिल बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह वीडियो महाराष्ट्र का बताया जा रहा है। हालाँकि, ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ibc24 की रिपोर्ट में यह वीडियो महाराष्ट्र के एक शहर का बताया जा रहा है। इसी रिपोर्ट में हैशटैग के तौर पर #JusticeForMaharashtraGirl प्रयोग किया गया है। वहीं 8 मिनट के वायरल वीडियो में 18 वर्षीया पीड़िता ने सबसे पहले शुरुआत में ही बताया कि जब तक यह वीडियो लोगों के पास पहुँचेगा तब तक वो शायद जिन्दा न रहे। पीड़िता ने खुद हिन्दू परिवार का बताया और कहा कि उसके साथ भी लव जिहाद की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने कहा कि सूफियान उसके साथ लिव-इन रिलेशन में रहा और उसके बाद उसका शारीरिक और आर्थिक शोषण किया।

लड़की ने आगे दावा किया है कि उसके और सूफियान के रिश्ते के बारे में लड़के की अम्मी, अब्बू और 3 बहनें भी जानती थीं। कुछ दिनों बाद सूफियान पीड़िता से पैसों की माँग करने लगा। न देने पर वो प्राइवेट फोटो और वीडियो को वायरल करने की भी धमकी देने लगा। पीड़िता ने कहा कि सूफियान ना सिर्फ उसके साथ रेप करता था, बल्कि मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था और इसमें उसके घरवाले भी उसका साथ देते थे। जब सूफियान के परिजनों को पता चला कि वह कार्रवाई करने जा रही है तो उसके घर वालों ने सूफियान को नागपुर भेज दिया।

पीड़िता ने आगे बताया कि सूफियान उससे बोला, “मेरा तेरे से काम निकल गया है। अब मैं जो भी बोलूँगा वो तुझे करना पड़ेगा।” लड़की का यह भी दावा है कि सूफियान के चंगुल में उसकी तरह कई और लड़कियाँ भी फँसी हुई हैं। पीड़िता ने इस बात के लिए भी दुःख जताया कि उसने सूफियान के चक्कर में अपने परिवार के बारे में भी नहीं सोचा। सूफियान के घर वालों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। लड़की ने इसके लिए हामी भी भर दी थी। इसके बावजूद सूफियान ने ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।

लड़की ने सूफियान के परिवार के साथ अपनी प्रताड़ना में उसके कुछ रिश्तेदारों और 7-8 दोस्तों को भी शामिल बताया है। पीड़िता ने गुजारिश की है कि उसकी मौत को आत्महत्या के बजाय सूफियान और उसके परिजनों द्वारा की गई हत्या माना जाए। पीड़िता ने अपनी पुरानी सोच के बारे में बताते हुए कहा कि उसे किसी जाति-धर्म आदि से कोई मतलब नहीं होता था। उसे लगता था कि 3 बहनों का भाई सूफियान कभी उसके साथ गलत नहीं करेगा। हालाँकि वीडियो बनाते हुए पीड़िता की यह सोच बदल चुकी है।

लड़की ने आगे बताया कि अगर वो अपने परिवार से ये बात बताती तो शायद घर की इज्जत देखते हुए यह बात बाहर न जाती। हालाँकि पीड़िता ने अपनी तरफ से आरोपितों को सजा दिलाने के लिए खुद को तैयार बताया। उसने बाकी लोगों से भी अपने वीडियो को शेयर करने की और अपना साथ देने की भी अपील की है। यह वीडियो कब का और कहाँ का है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। उस लड़की अथवा आरोपितों का क्या हुआ, इसकी भी जानकारी नहीं मिली है। फ़िलहाल ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

तारक मेहता का उल्टा चश्मा के प्रोड्यूसर यौन उत्पीड़न के दोषी: ‘रोशन भाभी’ से कहा था- बड़ी सुंदर लग रही हो… पकड़कर किस कर लूँ

पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी को छोटे परदे की अभिनेत्री जेनिफ़र मिस्त्री को ₹5 लाख और उनका बकाया देने का आदेश दिया गया है। यह जेनिफ़र ने मोदी पर मई 2023 में यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद इस मामले में यह कार्रवाई सामने आई है।

महाराष्ट्र सरकार की स्थानीय शिकायत कमिटी ने इस मामले को सुनते हुए असित मोदी को आदेश दिया है कि वह जेनिफ़र मिस्त्री को ₹5 लाख दें। इसके साथ ही वह उनका काम का बकाया पैसा दें। उन्हें इस पैसे पर ब्याज देने को भी कहा गया है। यह धनराशि कुल मिलाकर लगभग ₹25 लाख होती है। असित मोदी को महिला उत्पीड़न का दोषी पाया गया है।

जेनिफ़र ने ई-टाइम्स से कहा कि उनके पक्ष में यह आदेश 15 फरवरी, 2024 को मिल गया था। उन्हें अपने काम से जुड़ा पैसा अभी तक नहीं मिला है, इसलिए वह इस बात को मीडिया में ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पैसे की बात हो गई लेकिन कोई दंड नहीं दिया गया। उन्होंने पुलिस पर भी काम ना करने का आरोप लगाया।

इस निर्णय को लेकर उन्होंने जहाँ पैसे को लकर आए आदेश को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की तो वहीं प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी पर कोई कार्रवाई ना होने को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मेरे हक़ में इसीलिए फैसला आया है क्योंकि मैं सही थी।

जेनिफ़र मिस्त्री बन्सीवाल सब टीवी चैनल के पॉपुलर शो तारक मेहता शो में रोहन सोढ़ी उर्फ़ रोहन भाभी का रोल निभाती थी। उन्होंने मई 2024 में शो के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। जेनिफर ने असित मोदी के अलावा शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी के खिलाफ भी आरोप लगाए थे। जेनिफर ने कहा था कि सोहेल रमानी और जतिन बजाज के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा था।

उन्होंने कहा था कि शो के निर्माता असित मोदी ने कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया है। उन्होंने कहा था कि 2019 में टीम शूटिंग के सिलसिले में सिंगापुर गई थी। उस वक्त असित बार-बार कॉल कर अपने कमरे में बुलाते थे। शादी की सालगिरह वाली रात भी असित ने फोन किया था और कहा था कि अब सालगिरह मनाया जा चुका है कोई गिल्ट भी नहीं होगी। आज तक के अनुसार जेनिफर से एक बार असित मोदी ने कहा था कि तुम बहुत सुंदर लगती हो। मन करता है कि तुम्हें पकड़कर किस कर लूँ।

एक्ट्रेस ने बताय था, “एक बार असित मोदी ने कहा- रात को तुम्हारी रूम पार्टनर नहीं है तो आ जाओ मेरे रूम में व्हिस्की पीते हैं। जब लगा कि दाल नहीं गलने वाली, तो मुझे कम स्क्रीन स्पेस मिलने लगी। पिछले साल भी असित मोदी को जब मैंने छुट्टी के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा रो मत, पास होती तो हग करता, फ्लर्ट करता।” बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए।

जेनिफर के अनुसार एक बार असित ने सेट पर ही गेट बंद कर उन्हें रोकने की कोशिश की थी। यह आरोप लगाने के कुछ दिन बाद जेनिफ़र ने कहा था कि उनके साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाए गए थे। उन्होंने कहा था, “कुछ मीडिया वाले ऐसी खबरें फैला रहे हैं कि असित ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए थे, ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा,”जो लोग बोल रहे हैं कि असित मोदी ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए हैं, मैं कहना चाहती हूँ कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बस मेरे से ऐसी चीजें बोली हैं। पुलिस जाँच कर रही है।”