Home Blog Page 1071

‘मंडी में भाव…’ पूछने वाली सुप्रिया श्रीनेत पर चुनाव आयोग एक्शन में, कहा – 29 मार्च तक जवाब दो: दिलीप घोष को BJP के बाद ECI ने भी थमाया नोटिस

चुनाव आयोग ने कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और पश्चिम बंगाल में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों पर महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान के विरुद्ध अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देने के आरोप हैं। ECI ने कहा है कि दोनों नेता शुक्रवार (29 मार्च, 2024) को शाम 5 बजे से पहले अपना जवाब दाखिल करें। सुप्रिया श्रीनेत जहाँ टीवी चैनलों पर कॉन्ग्रेस का पक्ष रखते हुए दिखती हैं, वहीं दिलीप घोष फ़िलहाल पश्चिमी मेदिनीपुर से भाजपा सांसद हैं।

अबकी पार्टी ने उन्हें वर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि सुप्रिया श्रीनेत ने अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ अपमानजनक व अश्लील टिप्पणी की थी। कंगना रनौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव 2024 में उतारा है। मंडी को हिमाचल की छोटी काशी भी कहा जाता है। कंगना रनौत के चुनावी मैदान में उतरने के बाद सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी तस्वीर के साथ आपत्तिजनक कैप्शन लिख कर पोस्ट डाला गया था। उन्होंने लिखा था, “क्या भाव चल रहा है मंडी में, कोई बताएगा?”

वहीं दिलीप घोष की बात करें तो ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सुप्रीमो व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी की थी। ममता बनर्जी ने खुद को ‘राज्य की बेटी’ बताया था, जिस पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा था कि उन्हें ये निर्णय लेना चाहिए कि उनके पिता कौन हैं। 59 वर्षीय सांसद ने तंज कसा था कि कैसे गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान भी ममता बनर्जी ने खुद को ‘गोवा की बेटी’ बताया था। त्रिपुरा में उन्होंने ऐसी ही बात की थी।

दिलीप घोष को भाजपा पहले ही उनके बयान को लेकर नोटिस जारी कर चुकी है, वहीं सुप्रिया श्रीनेत ने अपने कारनामे को लेकर अजीबोगरीब सफाई पेश की थी। उन्होंने दावा किया था कि उनका Meta हैंडल कई लोगों के पास है और उनमें से ही किसी ने कंगना रनौत को लेकर पोस्ट डाल दिया था। कंगना ने भी तगड़ा जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने रानी से लेकर वेश्या तक, जासूस से लेकर भूतनी तक और एक युवती से लेकर करिश्माई महिला नेता के किरदार पर्दे पर निभाए हैं और उन्हें इस पर गर्व है।

पत्नी को कहा ‘सेकंड हैंड’, गैर मर्दों से बताए संबंध, मारा-पीटा: हाई कोर्ट ने ₹3 करोड़ का जुर्माना लगाया, हर महीने ₹1.5 लाख देने को भी कहा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति पर लगाए गए ₹3 करोड़ के जुर्माने के निर्णय को बरकरार रखा है। कोर्ट ने इस व्यक्ति को आदेश दिया है कि उसे अपनी पूर्व पत्नी को ₹1.5 लाख हर महीने देने होंगे। इस व्यक्ति के विरुद्ध उसकी पत्नी ने उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था। महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया था कि वह उसे सेकंड हैंड कहता था।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को जारी रखते हुए कहा कि घरेलू उत्पीडन से इतनी पढ़ी लिखी और समाज के ऊँचे तबके से आने वाली महिला के आत्मसम्मान को ठेस पहुँची। कोर्ट ने महिला के पूर्व पति को आदेश दिया कि वह महिला को ₹75,000 प्रति माह फ्लैट के किराए के लिए भी दे।

दरअसल यह मामला एक दम्पति के आपसी विवाद से जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाली महिला की शादी वर्ष 1994 में हुई थी। उसके बाद यह दोनों अमेरिका चले गए और यहाँ शादी की रस्में पूरी की। दम्पति इसके कुछ वर्षों बाद 2005 में मुंबई वापस आया गए जहाँ वह माटुंगा में एक फ्लैट लेकर रहने लगे।

दोंनो के बीच शादी के बाद रिश्ते खट्टे हो गए, इस कारण 2008 में महिला अपने पत्नी का घर छोड़ कर अपनी माँ के पास रहने चली गई जबकि 2014 में वापस अमेरिका चला गया। दोनों के रिश्ते बिगड़ने के कारण पति ने अमेरिका में तलाक का मुकदमा दायर किया और 2018 में उसकी पत्नी से उससे तलाक भी दे दिया गया। हालाँकि, इसी दौरान उसकी पत्नी ने उस पर घरेलू हिंसा का एक मामला भारत में दर्ज करवा दिया। इस मामले में महिला ने काफी संगीन आरोप लगाए।

महिला ने हाई कोर्ट से कहा कि शादी के बाद उसका पति उसे ‘सेकंड हैंड’ कहता था क्योंकि उसकी एक सगाई पहले टूट चुकी थी। यह वाकया उसके हनीमून के दौरान नेपाल में हुआ था। उसका पति उस पर बेवफा होने के आरोप भी लगाता था और भद्दी बातें कहता था। उसका पति उसके घर वालों से भी उलटे सीधे रिश्ते रखने की बात कहता था। महिला ने आरोप लगाया कि 2005 में जब वह भारत वापस आ गए तो एक दिन उसके पति ने उसे तकिए से दबा के उसे मारने की कोशिश की। कोर्ट ने महिला की इन दलीलों को अपने फैसले से पहले सुना।

इस मामले में निचली अदालत ने दोनों लोगों के सामाजिक स्टेटस को देखते हुए आदेश दिया था कि महिला का पूर्व पति उसे महीने का ₹1.5 लाख रूपए खर्चे के रूप में दे। इसी के साथ कोर्ट ने महिला को मुआवजे के रूप में ₹3 करोड़ दिए जाने का आदेश भी दिया था। महिला के पति के इसके खिलाफ पहले सेशंस अदालत और फिर हाई कोर्ट में अपील की थी।

महिला के पति का कहना था कि उसकी पत्नी ने सिर्फ इसलिए उस पर यह केस लगाया है क्योंकि उसने तलाक के लिए आवेदन दिया। उसने आरोप लगाया कि भारत में महिला ने तब केस दर्ज करवाया जब उसे अमेरिका में तलाक के मामले का पता चला। उसने आरोप लगाया कि महिला असल में उसका फ्लैट कब्जाना चाहती है। हालाँकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसकी दलीलों को खारिज करते हुए निचली अदालत का आदेश बरकरार रखा।

‘बाहर से आ रहे मुस्लिम, हैदराबाद में दो कमरों का फ्लैट दे रहे ओवैसी’: बांग्लादेशी हैं या पाकिस्तानी, सच का पता लगाएँगी माधवी लता

लोकसभा चुनाव 2024 में हैदराबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने अपनी डॉक्टर माधवी लता को चुनावी मैदान में उतारा है। अपने प्रचार के दौरान वह ओवैसी से जुड़े खुलासे कर रही है। हाल में उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि ओवैसी बाहर से आ रहे मुसलमानों को दो बेडरूम का फ्लैट दिला रहे हैं। ये मुसलमान कहाँ से आ रहे हैं कुछ नहीं पता, ये पाकिस्तानी या है या बांग्लादेशी ये भी नहीं पता, लेकिन सच्चाई सामने आकर रहेगी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, माधवी लता ने 25 मार्च को पुलिस द्वारा महिलाओं पर किए गए लाठीचार्ज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पुलिस एससी/ एसटी महिलाओं पर अत्याचार कर सकती है। हम उनके आंसू भी नहीं पूंछ सकते हैं? क्या यही लोकतंत्र है? यह कोई लोकतंत्र नहीं है। यह ब्रिटिश शासन से भी बदतर है, औरंगजेब शासन से भी बदतर है।”

बता दें कि माधवी लता इन दिनों चर्चित भाजपा प्रत्याशी हैं। हाल में वह स्मिता प्रकाश के शो में भी नजर आई थीं। उन्होंने यहाँ मुद्दा उठाया था कि किसी भी मजहबी संस्थान को ये अधिकार नहीं है कि वो किसी व्यक्ति के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करें, लेकिन हैदराबाद में ऐसा होता है। उन्होंने अपने हाथ में एक ऐसा कार्ड दिखाया जिसमें साफ तौर पर लिखा था कि या तो मजलिस पार्टी के सदस्यों को वोट दिया जाए वरना बीआरएस को।

इसके बाद माधवी लता और स्मिता प्रकाश के बीच इस पर बात होती है। माधवी कहती हैं कि जब कोई मजहबी उलेमा ऐसे वोट देने की बात करता है तो लोग प्रभावित होते हैं। स्मिता इसे सुन कहती हैं कि ऐसा तो कश्मीर में होता था। इस पर माधवी कहती हैं- “हमारा हैदराबाद कश्मीर से कम है क्या। हो सकता है इन सबमें कश्मीर का भी बाप निकले हैदराबाद।”

माधवी लता इस इंटरव्यू में अपनी जीत के प्रति निश्चिंत दिखीं। उन्होंने कहा कि पिछले बार ओवैसी 1 लाख वोटों से जीते थे और इस बार हारेंगे। उन्होंने कहा- “ओवैसी साहब के संसद से निकलते हुए और मेरे अंदर जाते हुए में हम एक दूसरे को आदाब और नमस्कार कहेंगे।” माधवी ने कहा- “भाजपा ने मुझे हैदराबाद में तैनात किया है, मैं तो बुलडोजर हूँ। ये लोग अब ओवैसी को बी टीम नहीं कह सकते।”

इस इंटरव्यू के दौरान माधवी लता ने कहा कि वह हजारों पसमांदा मुस्लिम महिलाओं के साथ काम कर चुकी हैं। उन्होंने ये भी कहा कि हिंदू होने के नाते हिंदुत्व के लिए खड़ा होना बड़ा मुश्किल है। वह बोलीं कि वो महिला राजनेता से पहले एक महिला और माँ हैं। उनसे उन बच्चों की हालत नहीं देखी जाती जिनके विकास के लिए बुनियादी जरूरत तक पूरी नहीं हो रही।

बता दें कि इससे पहले भी माधवी लता ने भाजपा प्रत्याशी घोषित होने पर बताया था कि जिस जगह उन्हें प्रचार करना है वो सीट बहुत खतरनाक है। उन्होंने कहा था, “50 फीसदी इलाकों में आप चुनावों के दौरान कैंपेन नहीं कर सकते, वहाँ कदम नहीं रख सकते। वो लोग पत्थर फेंकते हैं, सिर फोड़ते हैं… और मैं ये काम करने जा रही हूँ। मैं देखना चाहती हूँ कि मेरे देश में कैसे मुझे रोका जाएगा। अगर कोई मुझे रोकेगा भी तो मुझे पत्थर खाकर देखना है कि ये लोग और कितना ज्यादा गिर सकते हैं।”

महाराष्ट्र की जिन सीटों पर कॉन्ग्रेस का दावा उस पर भी उद्धव ने दिए उम्मीदवार, संजय निरुपम बोले- खिचड़ी चोर के लिए काम नहीं करूँगा: आंबेडकर भी अलग राह पर

लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को रोकने के लिए इंडी अलायंस बना, लेकिन वो विखर गया। महाराष्ट्र में एक महाविकास विकास आघाडी गठबंधन बना, वो भी खंड-खंड होता दिख रहा है। अलग-अलग पार्टियाँ अपने उम्मीदवार मैदान में उतार रहे हैं, तो एक-दूसरे को उनकी ‘औकात’ भी याद दिला रहे हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी ने अब तक 17 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, तो कॉन्ग्रेस नेता ने यूबीटी उम्मीदवार को खिचड़ीचोर कह दिया है। वहीं, अब तक MVA के साथ गठबंधन के लिए भागे-भागे फिर रहे प्रकाश आंबेडकर की VBA ने भी अलग राह पकड़ कर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया, साथ ही MVA को वंशवादी बताते हुए अपने नाम का ‘इस्तेमाल’ करने का भी आरोप लगा दिया।

शिवसेना और कॉन्ग्रेस में खिंची तलवार, संजय निरूपम ने कहा ‘खिचड़ी चोर’

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार (27 मार्च 2024) को 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी ने बुलढाणा से नरेंद्र खेडेकर, यवतमाळ-वाशिम से संजय देशमुख, मावळ से संजोग वाघेरे पाटील, सांगली से चंद्रहार पाटील, हिंगोली से नागेश पाटील आष्टीकर, संभाजीनगर से चंद्रकांत खैरे, धारशीव से ओमराजे निंबाळकर, शिर्डी से भाऊसाहेब वाघचौरे, नाशिक से राजाभाऊ वाजे, रायगड से अनंत गीते, सिंधुदुर्ग रत्नागिरी से विनायक राऊत, ठाणे से राजन विचारे, मुंबई ईशान्य से संजय दिना पाटील, मुंबई दक्षिण से अरविंद सावंत, मुंबई वायव्य से अमोल कीर्तिकर और परभणी सीट से संजय जाधव को टिकट दिया है। एक उम्मीदवार की घोषणा पहले ही कर दी गई थी।

शिवसेना यूबीटी की लिस्ट

शिवसेना के उद्धव ठाकरे ग्रुप की तरफ से घोषित सीटों में कई सीटें ऐसी हैं जिन पर कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारना चाहती थी, लेकिन इन पर उद्धव की शिवसेना ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। इन सीटों में सांगली और मुंबई दक्षिण मध्य लोकसभा सीट है। उद्धव ठाकरे ग्रुप ने मुंबई दक्षिण मध्य लोकसभा सीट से अनिल देसाई के नाम की घोषणा की है। कांग्रेस इस सीट से वर्षा गायकवाड़ को उतारना चाहती थी।

संजय निरुपम ने शिवसेना नेता को कहा खिचड़ी चोर, खुद मुकाबले में उतरने के दिए संकेत

शिवेसना (यूबीटी) द्वारा अपने उम्मीदवारों का ऐलान किए जाने के बाद अब कॉन्ग्रेस नेता संजय निरुपम ने उद्धव गुट पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि वो ‘खिचड़ी चोर’ उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। संजय निरुपम ने कहा, “आज सुबह शिवसेना (यूबीटी) ने मुम्बई की 4 सीटों पर घोषित कर दिए हैं और 5वीं सीट पर कल तक घोषित कर देगी। 1 सीट कॉन्ग्रेस को खैरात की तरह दे दी। मैं इसका विरोध करता हूँ। मैं शिवसेना और कॉन्ग्रेस की तरफ से जो बातचीत थी उसमें शामिल था। नार्थ वेस्ट का जो सेना का उम्मीदवार है उस पर भ्रष्टाचार का आरोप है। कोविड के समय खिचड़ी घोटाला किया ऐसे खिचड़ी चोर को उद्धव ठाकरे ने उमीदवार बनाया है। मैं ऐलान करता हूँ ऐसे खिचड़ी चोर का मैं प्रचार नहीं करूँगा।’

संजय निरुपम ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से भी उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है। वहीं, इसके पलटवार में शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी नेता अरविंद सावंत ने कहा, ‘कौन है संजय निरुपम? मुझे नहीं मालूम .. उद्धव ठाकरे ने एक बार सीट घोषित कर दी तो फिर बात खत्म हो गई।’

हालाँकि ये बात संजय निरुपम को पसंद नहीं आई। उन्होंने उन्हें खुद के बारे में तो याद दिलाया ही, साथ ही एक्स पर फ्रेंडली फाइट की तरफ भी इशारा करया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पहला विकल्प फ्रेंडली फाइट का है। लीडरशिप को इस पर तुरंत फैसला करना चाहिए। मैं तैयार हूँ।” उनका कहना है कि अगर पार्टी फैसला करती है, तो वो चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

प्रकाश आंबेडकर ने एमवीए पर बोला हमला, लगाया ये आरोप

वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया। आंबेडकर ने आरोप लगाया कि एमवीए के घटक दल-कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) वंशवादी राजनीति के प्रचार के लिए उनकी पार्टी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ बीआर आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने पहले चरण के चुनाव के लिए अपनी पार्टी के आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए, जिनमें उन्होंने अकोला से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। आंबेडकर ने कहा, ‘वे (एमवीए) वंशवादी राजनीति के प्रचार के लिए वीबीए का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं जिसका हमने विरोध करने की कोशिश की है।’

इस सबके बीच शरद पवार ने पार्टी की बैठक बुलाई है। उनकी तरफ से ये संकेत दिया गया कि शरद पवार की एनसीपी बैठक के बाद अपने उम्मीदवारों का ऐलान करेगी। प्रकाश आंबेडकर, शिवसेना यूबीटी और कॉन्ग्रेस की ओर से लगातार अलग-अलग बयानों, पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा के बीच अब शरद पवार क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

इस्लाम छोड़ जो बनी हिंदू, उसने दिखाए लड़की के कपड़े उतारते इमाम का Video… कहा – अल्लाह से करो तौबा वरना तुम्हें मुसलमान मार देंगे

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में साल भर पहले हिन्दू धर्म में घर वापसी करने वाली मुस्लिम लड़की ने अपने रिश्तेदारों पर गैंगरेप की FIR दर्ज करवाई है। इसी के साथ पीड़िता ने रामपुर शहर के बेगम बाग़ इलाके में पड़ने वाली एक मस्जिद की भी शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है। इस मस्जिद में न सिर्फ छोटी बच्चियों के गैंगरेप बल्कि हथियारों की तस्करी होने का भी आरोप लगाया गया है। मस्जिद का इमाम रईस बताया जा रहा है जिसके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

इन वीडियो में इमाम रईस कथित तौर पर न सिर्फ हथियारों और अश्लील किताबों के आगे बैठा नजर आ रहा है बल्कि वो ‘घर वापसी’ करने वाली लड़की को अल्लाह का डर भी दिखा रहा है।

आरोप – अफसरों में औरतें सप्लाई करके कमाई

सोशल मीडिया के माध्यम से ऑपइंडिया को मिले कई वीडियो में से एक में कथित तौर पर रईस इमाम नग्न हालत में किसी लड़की से बात करता दिखाई दे रहा है। उसके आगे कुछ अवैध हथियार और कारतूस बिखरे दिखाई दे रहे हैं। सामने कंडोम और अश्लील किताबें भी दिखाई दे रहीं हैं जिसमें मॉडल्स की अधनंगी तस्वीरें छपी हुई हैं। इस वीडियो में मौलाना बोल रहा, “ये सप्लाई करते हैं औरतें। ले कर जाते हैं अफसरों में। इसी तरीके से ये पैसा कमा रहे हैं। बाकी इन्होंने ही मर्डर करा था ये तो सबको पता है। सारी दुनिया जानती है। मेरे कहने का काम है, मैं कह दूँगा। जिस जगह जरूरत पड़े वहाँ मुझ से कहलवा लियो।”

इसी दौरान स्पीकर पर चल रहे फोन में कोई पूछता है कि क्या इमाम रईस कोर्ट में बोलेगा? जवाब में रईस ने 2 बार कहा कि वह ये तमाम बातें कोर्ट में भी बोलने को तैयार है। एक अन्य वीडियो में मौलाना के आगे बैठी लड़की ने मस्जिद में बच्चियों के रेप की बात कही तो इमाम रईस ने कहा कि वो सब कुछ बताने को तैयार है। वह किसी चमरौआ गाँव में हुई हत्या और फिर जमीन कब्ज़े की बात भी उसके द्वारा कही जा रही है। रोते हुए वीडियो बना रही लड़की ने अपनी माँ के साथ 14 साल तक रेप की वजह पूछी तो इमाम रईस बोला, “पहले कह देती तो मैं सब बता देता। किस जगह मैंने साथ नहीं दिया तुम्हारा।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि मर्डर उसके सगे मामा का हुआ था। यह हत्या 350 बीघे जमीन को कब्ज़ा करने के लिए हुई थी। पीड़िता ने हत्या का आरोपित अपने मृतक मामा के चचेरे भाइयों पर लगा था जिसमें मुख्य आरोपित इम्तियाज है। आरोप है कि लड़की के मामा को मार कर फिर उसकी माँ को 14 वर्षों तक बंधक बनाए रखा गया। इस दौरान इमाम रईस वाली मस्जिद में ही लड़की की माँ का 5 साल तक बलात्कार किए जाने का आरोप है। पीड़िता के पिता की साल 2012 में ही मौत हो चुकी थी।

धमकी – ‘तौबा करो वरना मुसलमान मार देंगे तुम्हें’

ऑपइंडिया को मिले एक अन्य वीडियो में पीड़िता और इमाम रईस आमने-सामने बैठे हैं। पीड़िता ने पूछा कि क्या मुस्लिम उसे मार देंगे? इमाम ने कहा, “हाँ, बिलकुल मार देंगे। मकसद यही है कि अल्लाह से तौबा करो। ये करो कि अल्लाह मुझ से जो गलती हो गई उसे माफ़ कर देना। धोखे से या किसी डर की वजह से मैं बनी इसलिए अल्लाह मुझे माफ़ कर दे। कबर का अजीब बहुत सख्त है। अल्लाह बन्दों पर रहम करने वाला है।”

मुस्लिमों से छिप रहा वसीम रिज़वी

वीडियो बना रही लड़की ने आगे पूछा कि जो हिन्दू पैदा हुए हैं क्या अल्लाह उन्हें भी माफ़ नहीं करेगा? इस पर इमाम रईस ने जवाब दिया, “उन्हें क्यों करेगा माफ़? जो कलमे का शरीक नहीं है उसे कोई भी हो। ऐसे-ऐसे लोगों का क़त्ल कर दिया गया है जिनके डंके बजते थे।” इमाम रईस ने नाम लिए बिना वसीम रिज़वी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ का वो शिया मुस्लिमों के डर से छिपा फिर रहा है जो कहता था कि मैं तो हिन्दू हो गया। इमाम रईस इसी वीडियो में आगे बोला, “जो कलमा पढ़ा होगा वो दोजख (नरक) में ज़रूर जाएगा लेकिन अल्लाह निकाल देगा उसमें से उन्हें।”

लड़की ने सामने बैठे इमाम रईस से पूछा कि अगर वो पूजा कर ले तो क्या होगा? इस सवाल पर इमाम बोला, “जब अल्लाह ने मुसलमान बनाया है तो उसमें हर जगह फतवा दिया है कि कत्ल गैर-मुस्लिमों का क़त्ल कर दो। ये फतवा निकला हुआ है। ये हदीस है।”

दूर-दूर की बच्चियाँ हैं मदरसे में

इमाम रईस का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में इमाम किसी मदरसे का जिक्र कर रहा है। रईस बोला कि उसमें दूर-दूर से आईं 800-900 बच्चियाँ हैं। जब वीडियो बना रही लड़की पूछती है कि उन बच्चियों को बाहर क्यों नहीं निकलने दिया जाता तो रईस बोला कि अगर ये छूट मिली तो कई भाग जाएँगी। इमाम रईस ने यह भी दावा किया कि पहले एकाध केस भागने के हो गए तब से अंदर से बहुत सख्ती कर दी गई है। बकौल इमाम, लड़कियों को आपस में साथ बैठने और बोलने भर की छूट है लेकिन बाहर निकलने पर मनाही है।

इमाम रईस इसी वीडियो में आगे कह रहा है कि भारत में अलीगढ़ के बाद ऐसा दूसरा मदरसा यही है। उसने बताया कि यहाँ से फ़ाज़िला हो कर लड़कियों को अलीगढ़ भेजा जाता है। दावा किया गया कि रामपुर में बने इस मदरसे में कम से कम 200 कमरे हैं और सबमें लड़कियाँ भरी हैं। इमाम रईस ने विकल्प के तौर पर यह भी बताया कि अगर लड़की मदरसे न रहना चाहे और सिर्फ वहाँ पढ़ने के मकसद से आए तो वो किसी मकसूद भाई के यहाँ उसके रहने का इंतजाम करवा देगा। इमाम रईस ने अपनी फीस 6 हजार रुपए बताया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि यह मदरसा रामपुर जिले के सिविल लाइंस क्षेत्र में मौजूद है। पीड़िता ने यह भी कहा कि वह चाहती है कि वहाँ से बच्चियों को मुक्त करवाया जाए क्योंकि वो इमाम रईस जैसे कई लोगों के चंगुल में फँसी हुई हैं।

रेप की कोशिश करता दिखा इमाम

ऑपइंडिया को 2 अन्य वीडियो भी मिले हैं। इन दोनों वीडियो में इमाम रईस किसी लड़की से रेप का प्रयास करता दिख रहा है। वह नींद में लग रही किसी लड़की के कपड़े उतार कर पहले उसे नंगा करता है और बाद में उस से रेप की कोशिश करता है। थोड़ी देर बाद एक अन्य वीडियो में इमाम रईस पाजामा बाँधने की कोशिश करता दिख रहा है। वह पॉलीथिन में कुछ छिपाने की भी कोशिश करता दिख रहा है। एक अन्य वीडियो में इमाम रईस को तमाम साम्प्रदायिक बातों वाली वीडियो भी स्क्रॉल कर के सुनते देखा जा सकता है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि उसकी माँ को इमाम रईस ने अपनी मस्जिद में लगभग 5 साल तक रखा था। आरोप है कि इस दौरान उसने कई लोगों के साथ मिल कर पीड़िता की माँ का गैंगरेप किया था। पीड़िता का दावा है कि ये तमाम वीडियो फरवरी 2024 महीने के हैं। बकौल पीड़िता वह रिश्तेदारों और इमाम की वजह से 14 साल तक बंधक बन कर गैंगरेप झेली अपनी माँ को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही है।

‘भारत ने किया हमला, 9/11 की तरह जवाब दें बायडेन’: जहाज टकराने से पुल हुआ ध्वस्त तो दिखाने लगे घृणा, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- भारतीयों ने बचाई जानें

बाल्टीमोर का फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज मंगलवार (26 मार्च, 2024) को तब ध्वस्त हो गया जब एक कंटेनर जहाज इसके एक पिलर से टकरा बैठा। इसके वीडियो भी सामने आए, जिनमें देखा जा सकता है कि कंटेनर शिप में आग लगी हुई है। वीडियो में ये भी देखा जा सकता है कि ऊपर का पुल हिलता है, टुकड़ों में बँट जाता है और फिर पानी में गिर जाता है। बाद में पता चला कि इस जहाज के क्रू में सभी 22 सदस्य भारतीय थे। स्थानीय पायलट्स इसे बाल्टीमोर बंदरगाह से दूर लेकर जा रहे थे।

हालाँकि, जैसे ही ये सामने आया कि जहाज के क्रू में सभी भारतीय सदस्य हैं, सोशल मीडिया पर नस्लवादी टिप्पणियाँ शुरू हो गईं। GBH रेमिलियो नामक शख्स ने लिखा कि वास्तव में भारत ने ही इस पुल को ध्वस्त किया है।

‘X’ ने दावे का किया फैक्ट-चेक

वहीं एक अन्य यूजर ट्रेवोर सटक्लिफ ने लिखा, “जिस जहाज ने बाल्टीमोर के महत्वपूर्ण पुल को ध्वस्त किया, ऐसा लगता है कि वो अधिकतर हिन्दू क्रू की ही भर्ती करती है। हालाँकि, जब जहाज पुल से टकराया तब शायद एक स्थानीय पायलट भी काम पर था। फिर भी जिम्मेदारी शिप के कैप्टन की ही होगी।” उसने कंपनी के ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर शेयर की, जिसमें क्रू के होली खेलने की जानकारी दी गई थी। साथ ही इसे विविधता का अंश बता कर पेश किया गया था।

हिन्दू धर्म को भी बनाया गया निशाना

पाकिस्तानी भी इसमें पीछे नहीं रहे। पाकिस्तानी हैंडल FM1947PAK ने इसे एक अलग ही दिशा दे दी। उसने लिखा, “मैं ये जान कर हैरान हूँ कि भारत ने अमेरिका की मुख्य भूमि पर हमला किया है। इसके लिए बाल्टीमोर ब्रिज को आत्मघाती बम हमले के तहत ध्वस्त कर दिया गया है। मैं आशा करता हूँ कि राष्ट्रपति जो बायडेन इसका वैसे ही जवाब देंगे जैसा तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 9/11 का दिया था।”

पाकिस्तानी ने दुर्घटना को बता दिया भारत का अमेरिका पर हमला

वहीं लॉरेन विंट्जके ने भारतीयों को ‘पजीत’ कह कर संबोधित किया। उसने दावा किया कि भारतीयों ने उस पुल का चूरन बना दिया, जिसे अमेरिका का राष्ट्रगान लिखने वाले व्यक्ति के नाम पर जाना जाता था। उसने इस घटना के जरिए भविष्य को लेकर भी आशंका जताई।

एक नस्लवादी शख्स ने भारतीयों को कहा ‘पजीत’

एक अन्य फॉक्सफोर्ड कॉमिक्स नामक सोशल मीडिया हैंडल ने एक फर्जी AI वीडियो के जरिए दावा किया कि पुल के टकराने से पहले कुछ ऐसा हुआ होगा। इसमें भारतीयों के लड़ने का ऑडियो डाला गया। साथ ही कुछ लोगों को बेचैन मुद्रा में दिखाया गया।

एक अन्य ट्वीट में DiogenestheD0G नामक यूजर ने सिखों को निशाना बनाया। उसने एक सिख पायलट की कार्टून वाली तस्वीर शेयर की।

दुर्घटना के बहाने सिखों को बनाया गया निशाना

भले ही नस्लवाद के कारण इस दुर्घटना के कारण भारतीयों को निशाना बनाया जा रहा हो, लेकिन वो भारतीय ही थे जिन्होंने स्थानीय प्रशासन को पॉवर आउटेज को लेकर त्वरित रूप से आगाह किया। इससे कई जानें बचीं। इसके बाद अन्य गाड़ियों को पुल की तरफ आने से समय रहते रोका जा सका। ‘Dali’ नामक ये जहाज श्रीलंका के कोलम्बो के लिए निकला था और इस पर सिंगापुर का झंडा था। बिजली चली जाने की वजह से जहाज कंट्रोल से बाहर हुआ था।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी भारतीय क्रू की तारीफ की है और कहा है कि त्वरित सूचना के कारण ब्रिज को शटडाउन किया गया और कई जानें बचीं। मैरीलैंड डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन को इस बारे में त्वरित सूचना दी गई थी। इसके बाद ट्रैफिक को बंद कर दिया गया। जो बायडेन ने स्पष्ट कहा कि ये एक त्रासद दुर्घटना है, जाँच में कुछ भी ऐसा सामने नहीं आया है कि कुछ भी जानबूझकर किया गया हो। वहीं स्थानीय गवर्नर ने क्रू को हीरो बताया है।

‘बंगाल में ED ने जब्त किए हैं ₹3000 करोड़, गरीबों को देना चाहता हूँ सारा पैसा’: PM मोदी ने ‘राजमाता’ से किया वादा, महुआ मोइत्रा के खिलाफ BJP ने उतारा है मैदान में

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर की लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी वहाँ की राजमाता अमृता रॉय को बनाया गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (27 मार्च 2024) को उन्हें कॉल करके उनके चुनावी प्रचार अभियान के बारे में जाना। कॉल उठते ही सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी राजमाता ने पीएम मोदी को आभार व्यक्त किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि टीएमसी वाले उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं और महाराजा कृष्णचंद्र के परिवार को ‘गद्दार’ दिखाने का प्रयास हो रहा है। पीएम ने उनकी सारी बात सुनने के बाद उन्हें समझाया कि ये सब वोटबैंक की राजनीति है वरना कृष्णचंद्र ने तो बंगाल में विकास का जो उल्लेखनीय काम किया था वो उनको (पीएम को) बचपन में ही पढ़ाया गया है।

पीएम ने ये भी कहा कि जब तक चुनाव हैं विरोधी ऐसे अनाप-शनाप आरोप लगाएँगे क्योंकि उन्हें अपने वर्तमान के पाप छिपाने हैं। ऐसे में इतना ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। पीएम मोदी ने यह भी कहा, “आज जो लोग कृष्णचंद्र पर सवाल उठा रहे हैं वहीं भगवान राम की बात आती हैं तो बोलते हैं कि सबूत कहाँ हैं। इतनी पुरानी बात क्यों निकालते हैं। इनके दोगुलापन के प्रेशर आप को नहीं लेना है। आप बंगाल का उज्जवल भविष्य हैं। आपका जीवन भी लोगों के लिए रहा है और आपके सामने बंगाल की विरासत को बचाने की चुनौती है।”

पीएम मोदी द्वारा हिम्मत मिलने के बाद राजमाता ने कहा, “हम आपको देखखर ही आगे आए हैं।” उन्होंने बंगाल के कृष्णानगर में लोगों की परेशानियों के बारे में पीएम मोदी को बताया। इस पर पीएम ने उन्हें बड़ी बात बताई।

पीएम ने राजमाता से कहा- “मैं इस चीज पर लीगल सलाह ले रहा हूँ कि बंगाल में ईडी वालों ने करीब 3 हजार करोड़ रुपयों को अटैच किया है। अब ये पैसा गरीब आदमी का पैसा है। किसी ने शिक्षक होने के लिए पैसा दिया किसी ने क्लर्क होने के लिए पैसा दिया। अगर नई सरकार बनती है तो चाहे जो भी बदलाव करने पड़ें। लीगल सलाह मिली तो मैं ये जो 3000 करोड़ रुपया है। वो सारा पैसा वापस करना चाहता हूँ।”

पीएम ने राजमाता से कहा- “आप पब्लिक में जरूर बताइए कि बंगाल के लोग विश्वास करें कि 3000 करोड़ रुपए गरीब जनता है वो उनको वापस करने के लिए मैं जरूर कोई रास्ता खोजूँगा।” राजमाता ने पीएम को ये भी बताया कि लोगों को पीएम के कामों पर भरोसा है और महुआ मोइत्रा को लेकर कहते हैं कि उन्हें तो जेल जाना ही जाना है।”

पीएम ने राजमाता की हिम्मत बढ़ाते हुए कहा – “आप जरूर दिल्ली आएँगी। आप कृष्णानगर में जीतने के बाद पहले 100 दिन में क्या करना है ये खाका बनाकर रहिए। मैं हर तरह से आपके साथ खड़ा रहूँगा। उनमें से जो भी काम उन्हें कराने होंगे वो जल्द से जल्द उसे करवाएँगे।”

महुआ मोइत्रा के खिलाफ खड़ी हैं राजमाता

बता दें कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से राजमाता अमृता रॉय को उम्मीदवार बनाया है। वह तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की उम्मीदवार महुआ मोइत्रा से मुकाबला करेंगी। महुआ को लोकसभा से कदाचार के कारण निकाल दिया गया था। अमृता रॉय को टिकट देकर भाजपा ने इस सीट पर बड़ा दांव खेला है।

अमृता रॉय का नाम भाजपा द्वारा रविवार (24 मार्च, 2024) को जारी की गई सूची में घोषित किया गया है। अमृता रॉय कृष्णा नगर के ही राजपरिवार से सम्बन्ध रखती हैं। वह वर्तमान में कृष्णा नगर की राजमाता हैं। कृष्णानगर सीट पर राजबाड़ी (राजपरिवार) का अच्छा प्रभाव है।

62 वर्षीय अमृता रॉय, सौमिष चन्द्र रॉय की पत्नी हैं। सौमिष चन्द्र रॉय कृष्णानगर की राजबाड़ी के 39वें वंशज हैं। यहाँ इस वंश के कृष्णचन्द्र रॉय का आज भी सम्मान है। वह 18वी शताब्दी में इस वंश के राजा थे। उनको प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है।

राजमाता अमृता रॉय ला मार्टिनियर स्कूल और लोरेटो कॉलेज से पढ़ी हुई हैं और पेशे से एक फैशन कंसल्टेंट रही हैं। अभी तक यहाँ का राजपरिवार राजनीति से दूर रहा है लेकिन अब राजमाता ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार उनके इस निर्णय में साथ है।

रेखा पात्रा को पीएम ने बताया- शक्ति स्वरूपा

इससे पहले पीएम मोदी ने बशीरहाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा/BJP) की प्रत्याशी रेखा पात्रा से बात की थी और उन्हें शक्ति स्वरूपा करार दिया था। कॉल पर हुई बातचीत में पीएम ने रेखा पात्रा से कहा था– “संदेशखाली में आपने इतनी बड़ी लड़ाई लड़ी है। आप एक प्रकार से शक्ति स्वरूपा हैं। आपने इतने ताकतवर लोगों को जेल भेज दिया। आपको अंदाजा है कि आपने कितने बड़े साहस का काम किया है?”

इस पर रेखा पात्रा ने मीडिया में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “PM मोदी ने बशीरहाट से मुझ जैसी एक गरीब महिला को टिकट देकर जो जिम्मेदारी दी है उसे हम निभाएँगे… संदेशखाली में जो माताओं, बहनों के साथ अत्याचार हो रहा है उसके लिए हम लड़ेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि हम उनकी लड़ाई को आगे तक लेकर जाएँ।”

फिर एक हुआ Microsoft Windows और सरफेस, IIT मद्रास से पढ़े पवन दावुलुरी को मिली कमान: राजेश झा को करेंगे रिपोर्ट

भारतीय मूल के अमेरिकी पवन दावुलुरी को मल्टीनेशनल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईआईटी मद्रास से पढ़े पवन दावुलुरी को माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और सरफेस (Windows & Surface) का हेड बनाया गया है। ये जिम्मेदारी पहले पानोस पनय संभाल रहे थे, लेकिन उन्होंने अमेजन में शामिल होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट की सारी जिम्मेदारियाँ छोड़ दी थी। ऐसे में अब पवन के पास विंडोज और सरफेस दोनों की ही जिम्मेदारी आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब वो राजेश झा को रिपोर्ट करेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट में विंडोज और सरफेस ग्रुप्स को अलग-अलग रखा गया था, लेकिन अब उन्हें फिर से एक कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पवन दावुलुरी 23 साल से माइक्रोसॉफ्ट में काम कर रहे हैं। उन्होंने मद्रास आईआईटी से पढ़ाई की है। उन्होंने बी.टेक के बाद अमेरिका की मेरीलैंड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की औऱ तभी से माइक्रोसॉफ्ट के साथ जुड़ गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पवन दावुलुरी राजेश झा को रिपोर्ट करेंगे। राजेश झा माइक्रोसॉफ्ट के एक्सपीरियंस एंड डिवाइसेस के हेड हैं। पवन दावुलुरी की नियुक्ति के बारे में राजेश झा के इंटरनल मेल से ही पता चला था। उन्होंने ही माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को भेजे इंटरनल मेल में इस बात की जानकारी दी थी कि अब विंडोज-सरफेज डिवीजन के हेड पवन दावुलुरी होंगे। विंडोज टीम एआई, सिलिकॉन और माइक्रोसॉफ्ट एआई टीम के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी।

पवन दावुलुरी अब वैश्विक कंपनियों में लीडरशिप के उस ग्रुप में शामिल हो गए हैं, जिसमें गिने-चुने भारतीय अमेरिकी कंपनी में लीडरशिप के रोल में हैं। इसमें सत्या नडेला और सुंदर पिचाई जैसे नाम शामिल हैं। पवन को माइक्रोसॉफ्ट के विंडो और सरफेस में हेड बनने के बाद कितनी सैलरी मिलेगी अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर महेश पंचाग्नुला ने ईटी से बातचीत में कहा, “हमें पवन जैसे पूर्व छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों में नेतृत्व के पदों पर काम करते हुए देखकर खुशी हो रही है, जो हमारे दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह देखना सौभाग्य की बात है कि जो छात्र यहाँ से निकले हैं, वो वैश्विक कंपनियों में लीडरशिप पोस्ट पर हैं।”

नेपाल के रास्ते हो रही थी भारत में घुसपैठ, SSB-यूपी पुलिस ने 1 महिला सहित 2 चीनियों को दबोचा: मोबाइल, सिम सहित अन्य कागजात बरामद

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में नेपाल सीमा के पास से सशत्र सीमा बल (SSB) और पुलिस ने 2 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अवैध तौर पर भारत में घुसने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार चीनियों में एक महिला और दूसरा पुरुष है। दोनों के पास से चीन और नेपाली सिम के अलावा कई अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर के जेल भेज दिया है। मामले की जाँच की जा रही है। यह गिरफ्तारी मंगलवार (26 मार्च, 2024) को हुई है।

पुलिस के मुताबिक, यह मामला सिद्धार्थनगर के थानाक्षेत्र मोहाना का है। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत टीम गश्त कर रही थी। इस गश्ती दल में पैरामिलिट्री SSB के जवान भी शामिल थे। तभी बभनी तिराहे के पास से 1 महिला सहित 2 संदिग्ध लोग नेपाल के रास्ते भारत की सीमा में घुसते नजर आए। पुलिस ने इन्हे रोक कर पूछताछ की तो पुरुष का नाम झोउ पुलिन (ZHOU PULIN) और महिला का नाम युवान युहान (YUAN, YUHAN) निकला। झोउ पुलिन चीन के सिचुआन प्रांत का निवासी है जबकि युआन युहान जोंगकिंग जिले की रहने वाली है।

पुलिस ने इनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान इनके पास से 1-1 चीनी पासपोर्ट, नेपाल के 2 वीजा, एप्पल और हॉनर कम्पनी के 2 मोबाइल फोन, नेपाल और चीन के 2-2 सिम, 2 बैगों में कुल 9 कार्ड बरामद हुए। पुलिस टीम ने इन दोनों से पूछताछ की। बाद में इन पर मोहाना थाने में धारा 14 (A) के तहत FIR दर्ज कर ली गई। दोनों को गिरफ्तार कर के कोर्ट में पेश किया गया है जहाँ से इन्हे जेल भेज दिया गया है। सिद्धार्थनगर के एडिशनल एसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया है कि दोनों चीनियों के पास भारत में इंट्री करने का कोई वैध कागज नहीं था। पुलिस आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

‘PM मोदी का करता हूँ समर्थन इसलिए लंदन यूनिवर्सिटी में हो रहा भेदभाव’ : LSE के सत्यम सुराणा के खिलाफ चल रहा नफरती अभियान, तिरंगा उठाकर बचाई थी भारत की शान

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र सत्यम सुराणा के खिलाफ स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन के दौरान नफरती अभियान चलाया जा रहा है। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि वो पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में हो रहे विकास की पैरवी करते हैं। सत्यम सुराणा वही भारतीय छात्र हैं जो पिछले साल खालिस्तानियों द्वारा फेंके गए तिरंगे को उठाने की वजह से चर्चा में आए थे और अब वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में चल रही घृणित राजनीति के शिकार हैं।

हाल में सत्यम ने इसकी जानकारी अपने एक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने 26 मार्च को जारी एक वीडियो में बताया कि वो जनरल सेक्रेट्री पद का चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ नफरती और बदनामी भरा कैंपेन चलाया जाना शुरू हो गया है। उनके अनुसार, ऐसा अभियान चुनाव वोटिंग से ठीक 12 घंटे पहले बहुत ही सुनियोजित ढंग से शुरू हुई है। इस दौरान उन्हें बीजेपी से जुड़ा बताया गया और फासीवादी तक कहा गया है।

सत्यम सुराणा ने इसकी जानकारी अपने ट्वीट में दी। उन्होंने लिखा, “आजकल लोग भारत विरोधी इसलिए हैं क्योंकि वो मोदी विरोधी ह,। इन लोगों ने मुझे प्रताड़ित करने का प्रयास किया। मुझे खारिज किया क्यों मैं पीएम मोदी और भाजपा को सपोर्ट करता हूँ, राम मंदिर के लिए आवाज उठाता हूँ। भारत में पीएम मोदी के नेतृत्व में हुए विकास की बात करता हूँ, आतंकवाद के खिलाफ बोलता हूँ और भारत के पक्ष में बात रखता हूँ।”

उन्होंने पोस्ट में अपने खिलाफ चलाए जा रहे नफरती अभियान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एलएसई चुनाव फरवरी और मार्च की शुरुआत में घोषित किए गए थे। इस दौरान उन्होंने अपना नामांकन महासचिव पद के लिए दाखिल किया। लेकिन, जब बारी कैंपेन की आई तो उन्होंने देखा कि 14-15 मार्च को, उनके पोस्टरों को फाड़ दिया गया था। उन्होंने इस हरकत की शिकायत अधिकारियों से की। बाद में उनके पोस्टर में उनके चेहरे पर क्रॉस के निशान लगा दिए गए और लिखा गया- “सत्यम के अलावा कोई भी।”

सत्यम बताते हैं कि इस तरह से उनका चुनावों में बहिष्कार करवाया जा रहा है। 17 मार्च को LEC के सभी ग्रुपों में मैसेज सर्कुलेट किए गए। दावा किया गया कि वह भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं और फासीवादी, इस्लामोफोबिक, ट्रांसफोबिक हैं। इसके अलावा मैसेजों में ये भी लिखा था कि भारत सरकार और मौजूदा प्रतिष्ठान बहुत देशद्रोही और विवादस्पद हैं।

सत्यम कहते हैं कि उन्हें शुरू में उनके घोषणापत्र के कारण बहुत समर्थन मिला था क्योंकि उसमें सारी जरूरी मुद्दे उठाए गए थे और वो बिलकुल राजनीतिक नहीं था, लेकिन उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण एजेंडे के साथ उनकी बदनामी करने वालों ने सारी मेहनत को बर्बाद कर दिया।

सत्यम कहते हैं कि उनकी वाली पोस्ट पर तीन लोग खड़े हैं लेकिन ऐसा अभियान सिर्फ उनके खिलाफ शुरू हुआ। वह बताते हैं कि जब मैसेज आने शुरू हुए तो टीम की पूरी नैतिक चेतना चकनाचूर हो गई। उन्होंने अपने साथ हुई पिछली घटना का भी जिक्र किया।

सत्यम ने भारतीय उच्चायोग के सामने हुए तिरंगा प्रकरण को याद करते हुए बताया, “अक्टूबर की शुरुआत में, मैं खबरों में था क्योंकि मैंने खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों के बीच भारतीय उच्चायोग के बाहर राष्ट्रीय ध्वज उठाया था। मुझे मीडिया कवरेज पाने का सौभाग्य मिला। राष्ट्रीय मीडिया चैनलों ने मेरा इंटरव्यू भी लिया था।” लेकिन उसकी दौरान सत्यम द्वारा खालिस्तानियों पर किया गया पोस्ट अब उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है।

ऐसे में सत्यम कहते हैं, “देखिए, भारत मेरा देश है। मैं अपने देश की वकालत करूँगा। ब्रिटेन में छात्र संघ चुनावों के लिए भारतीय राजनीति कैसे प्रांसगित है? मेरे विचार और मेरी सरकार का समर्थन पूरी तरह से मेरी निजी राय का मसला है।”

उन्होंने बताया कि उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के साथ उसकी एक फोटो का इस्तेमाल उन्हें भाजपा से जुड़ा दिखाने के लिए फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ये एक सुनियोजित हमला है जिसे वो लोग चला रहे हैं जो भारत में मौजूद बीजेपी सरकार के खिलाफ हैं। सत्यम कहते हैं कि जिन लोगों ने उन्हें निशाना बनाया, वे उस समूह का हिस्सा हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं और इसलिए इस तरह का झूठा और दुर्भावनापूर्ण प्रचार फैला रहे हैं।

बता दें कि ये कोई पहला मामला नीं है जब भारतीय छात्र के साथ ऐसा नफरती अभियान विदेश में चलाया गया हो। इससे पहले करण कटारिया ने भी नस्लीय भेजभाव लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में झेला था और उससे पहले रश्मि सामंत को भी ऑक्सफोर्ड में ऐसे तत्वों द्वारा निशाना बनाया गया था।