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‘मेरे भाइयों को मार डाला… मैं धक्का देकर भागा’: बदायूँ में जो बच्चा बच गया उसे सुनिए, पीड़ित परिवार ने साजिद-जावेद के साथ ‘विवाद’ से किया इनकार

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में साजिद ने उस्तरे से गला रेत कर दो नाबालिग हिन्दू बच्चों की उनके घर में घुस कर हत्या कर दी। यह दोनों बच्चे मात्र 14 और 6 वर्ष की आयु के थे और आपस में भाई थे। हत्यारे साजिद के साथ उसका भाई जावेद भी मौजूद था। उन्होंने एक और हिन्दू बच्चे की भी हत्या करने की कोशिश की। हालाँकि, वह बच गया। वह इस नृशंस हत्याकांड का प्रत्यक्षदर्शी है।

साजिद के हमले से बचने वाले हिन्दू बच्चे ने मीडिया से इस घटना की भयावहता बताई है। उसने बताया, “वो जो सैलून वाले भैया थे, वह मेरे छोटे और बड़े भाई को ऊपर ले गए और पता नहीं क्यों मारा। मुझे भी मारने की कोशिश की लेकिन मैं उनका चाकू हटा कर भाग आया।”

बच्चे ने बताया कि उसे कुछ नहीं मालूम नहीं है कि साजिद ने क्यों उसके भाइयों को मार दिया। उसने बताया कि उसके भाई को दो लोगों ने मारा, जो कि उसके घर के सामने नाई की दुकान चलाते हैं। बच्चे ने यह भी बताया कि उसे कोई पुराना विवाद याद नहीं है। उसने बताया उसने मेरे सबसे बड़े भाई से पहले चाय मँगाई और छोटे भाई को पानी लेने भेजा। दोनों जब वापस आए तो मार दिया।

जिन दो हिन्दू बच्चों की हत्या हुई, उनके पिता विनोद ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “मुझे पता नहीं था कि उसका (साजिद) एनकाउंटर हुआ है। मैं 10-11 बजे के करीब आया था। उसके बाद साजिद को पुलिस ने पकड़ लिया। मैं यहाँ नहीं रहता था। कभी हमारी कोई बातचीत नहीं थी, मुझे नहीं मालूम कि उसने मेरे बच्चों को क्यों मार दिया। जो बच्चा बच गया उसकी हालत अभी ठीक है।”

विनोद ने बताया, “कल (19 मार्च, 2024) साजिद यहाँ आया था और ₹5000 माँगे थे कि उसकी पत्नी के बच्चा होने वाला है। मेरी पत्नी ने मुझे फ़ोन किया तो मैंने कह दिया कि पैसे दे दो। पत्नी पैसे लेकर आईं तब तक उसने मेरे बच्चों को ऊपर ले जाकर मार दिया।”

बच्चे की दादी ने भी घटना की यही जानकारी दी और बताया कि साजिद के लिए जब तक बच्चों की माँ चाय बनाने गई तब तक उसने उनके दो पोतों को मार दिया। इसके बाद छुरी लेकर नीचे आया। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने की भी कोशिश की गई।

बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने इस मामले में बताया, “साजिद पीड़ित परिवार घर में 7:30 बजे में घुसा और सीढ़ियों के माध्यम से सीधा छत पर चला गया। यहाँ उसने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया। दोनों बच्चों की हत्या कर दी, वहाँ से वह नीचे आकर भाग गया। उसे भीड़ ने पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भागने में कामयाब हुआ। इसके बाद उसकी तलाश की गई।”

आगे उन्होंने बताया “सूचना मिली थी कि एक आदमी को खून सने कपड़ों में देखा गया है। पुलिस ने जब घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और एक कट्टा भी बरामद हुआ है। इस मामले में परिजनों ने साजिद के भाई जावेद को भी नामित किया गया है। परिवार ने FIR में बताया है कि साजिद को ₹5000 रूपए भी पीड़ित परिवार ने दिए थे। पुरानी रंजिश के विषय में भी जानकारी नहीं मिली है।”

इस हत्याकांड के बाद बदायूँ में तनाव बना हुआ है। लोगों में काफी आक्रोश है। कानून व्यवस्था को सँभालने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई है। अभी मृतक बच्चों का पोस्टमॉर्टेम किया जाना बाकी है। पुलिस FIR दर्ज करके जावेद की तलाश में जुटी हुई है।

‘ये गाय है और हम गाय का माँस खा सकते हैं’ : GD Goenka स्कूल बच्चों को दे रहा था ज्ञान, हिंदुओं के प्रदर्शन के बाद माफी माँगी

गुजरात के कच्छ के गाँधीधाम में जीडी गोएनका अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बच्चों को शिक्षा के नाम पर हिंदू विरोधी ज्ञान दिया जा रहा था। स्कूल द्वारा दी गई पाठन सामग्री में गाय के बारे में प्रकाशित जानकारी बता रही थी कि गाय का मीट खाना चाहिए। जब इसका पता हिंदू संगठनों को चला तो उन्होंने इसका विरोध किया और स्कूल को माफी माँगनी पड़ी। सोशल मीडिया पर भी नेटिजन्स स्कूल के इस हरकत की आलोचना कर रहे हैं।

सामने आए स्टडी मटेरियल की तस्वीर में देख सकते हैं लिखा है- “ये गाय है। ब्लैक एंड वहाइट। ये Mooo कहती है। घास खाती है। हमें इसका दूध पीना बहुत अच्छा लगता है। हम इसका माँस खा सकते हैं। इसके सिर पर दो सींघ होती है और इसे खेतों में रहना अच्छा लगता है।”

बच्चों को दी जा रही इस शिक्षा की जानकारी होने के बाद लोगों ने इसका विरोध शुरू किया। इसे शर्मनाक बताया गया और हैरानी जताई गई कि ये शिक्षा व्यवस्था को क्या होता जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर इस टेक्स्ट के पता चलने के बाद हिंदू संगठनों ने भी इसका जमकर विरोध किया और स्कूल से माँफी माँगने को कहा। इस बीच ऑपइंडिया ने भी स्कूल से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। हालाँकि इस बीच स्कूल की ओर से एक पत्र सामने आया।

इसमें उन्होंने सनातनियों से माफी माँगते हुए कहा कि स्कूल की सनातन धर्म को नीचा दिखाने की कोई मंशा नहीं थी। अपने पत्र में स्कूल ने बताया कि जो कंटेंट स्टडी मटेरियल में पब्लिश हुआ वो पिंटरेस्ट से लिया गया था।

उन्होंने कहा, “हम सनातन के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं और हमारे अभियान के कारण हुए किसी भी अपराध या गलतफहमी के लिए हम क्षमा चाहते हैं।” स्कूल के माफी पत्र में कहा गया है, “किसी भी आस्था या प्रथा का अनादर या अवहेलना करना हमारा इरादा नहीं था।”

जिससे बीवी की डिलिवरी के लिए ₹5000 लिए, उसके ही बच्चों को काट डाला: पीड़ित माँ ने बताया- भाभी चाय पिला दो कहते हुए घर में घुसा था साजिद

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में दो सगे भाइयों की निर्मम हत्या करने वाले साजिद का यूपी पुलिस ने एनकाउंटर कर डाला। साजिद ने मंगलवार (19 मार्च 2024) को बाबा कॉलोनी निवासी विनोद ठाकुर के दो बेटों- आयुष (13) और अहान (6) का घर में घुसकर गला रेता था। वहीं तीसरा बच्चा पीयूष उसके वार से बाल-बाल बचा था।

हत्या के दौरान साजिद पर इतनी हैवानियत सवार थी कि कुछ रिपोर्ट बता रही हैं कि हत्या के बाद साजिद के न केवल हाथ खून से सने थे बल्कि उसके मुँह पर भी खून लगा हुआ था जैसे उसने गला रेत उसे पिया हो। स्थानीयों ने इस घटना के बाद साजिद की हेयर सैलून की दुकान में रखे सामान को गुस्से में आग के हवाले कर दिया। वहीं घरवालों का अब भी रो-रोकर बुरा हाल है।

साजिद कैसे घुसा घर में, क्या बोला, क्या किया?

पूरा मामला 19 मार्च 2024 का है। यूपी के बदायूँ में सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में बाबा कॉलोनी में रहने वाले ठेकेदार विनोद ठाकुर के तीनों बच्चे अपने घर पर थे। शाम को 6:30 बजे उनके यहाँ घर के पास ही एक हेयर सैलून चलाने वाले साजिद और जावेद आए। विनोद ठाकुर की पत्नी संगीता ने गेट खोला तो उन्होंने उनसे क्लैचर माँगा और उसके बाद वो 5000 रुपए माँगने लगे।

अमर उजाला पर मौजूद वीडियो में संगीता (पीड़ित माँ) बताती हैं कि साजिद ने उनसे कहा कि उसकी बीवी की डिलीवरी होने वाली है, डॉक्टर ने समय दिया है, पाँच बच्चे पहले ही खत्म हो चुके हैं, उसे पैसों की सख्त जरूरत है। इसके बाद संगीता ने अपने पति विनोद ठाकुर को फोन किया और सारी बात बताई। विनोद ने भी कहा कि वो साजिद को पैसे दे दें क्योंकि मुश्किल समय सबपर आता है मदद करनी चाहिए। इसके बाद संगीता ने साजिद को 5000 रुपए दे दिए।

पैसे लेकर साजिद ने बच्चों की माँ से चाय बनाने को कहा। वह बोला- “भाभी चाय बनाओ मैं अभी ऊपर से आ रहा हूँ।” संगीता को लगा कि शायद बीवी अस्पताल में है इसलिए उसे बेचैनी होगी। संगीता ने उसे छत पर जाने दिया। इसके बाद साजिद ने बच्चों को छत पर बुलाया। यहाँ उसने बड़े वाले लड़के को अपने पास रोककर छोटे वाले से कहा कि वो पानी ले आए और बीच वाले से कहा वो गुटका ले आए।

सबके इधर-उधर पर ही साजिद ने आयुष और अहान का गला रेता। वहीं पीयूष ने जब छत पर जाकर देकर देखा तो वो चाकू लेकर उसके पीछे भी भागा लेकिन पीयूष किसी तरह बचकर चिल्लाते हुए नीचे आ गया। उसकी आवाज सुन माँ-दादी दोनों घबरा गए। उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो सबके हाथ-पाँव फूल गए।

साजिद खून से सने हाथ लेकर उनके सामने खड़ा था और जावेद उसका नीचे इंतजार कर रहा था। माँ-दादी ने बच्चों का शव देख चिल्लाना शुरू किया तो पड़ोसी इकट्ठा हुए। उन्होंने संगीता और पीयूष किसी तरह बाहर खींचा और भीड़ जमाकर होकर मंडी समिति पुलिस चौकी गई। इस दौरान वहाँ आसपास के खोखों और कुर्सियों में तोड़फोड़ हुई।

पुलिस ने 3 घंटे में किया मुख्य आरोपित का एनकाउंटर

मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी, डीएम घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने आयुष और आहान के शव को निकाला। लोगों ने उन्हें बताया कि आरोपित खून से सने हाथ लेकर भागा है। इतनी जानकारी होते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली और मात्र घटना के तीन घंटे बाद ही खबर आई कि पुलिस ने मुख्य आरोपित साजिद को एनकाउंटर में मार दिया है। ये एनकाउंट शेखूपुर जंगल के पास हुआ।

दरअसल, पहले साजिद ने पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास किया था। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर किया। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई भी घायल हैं। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि बच्चों की हत्या के बाद पीड़ित माँ-बाप का रो रोकर बुरा हाल है। जब उन्हें पता चला कि पुलिस ने साजिद को मार गिराया है तो उन्होंने माँग की कि उन्हें साजिश के शव को दिखाया जाए वरना वो वहीं पर आत्मदाह कर लेंगे। माता-पिता की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें साजिद का शव दिखाने का आश्वासन दिया। वहीं ये भी कहा है कि मामले में जो साजिद द्वारा खून पीने की बात आ रही है, वो जाँच का विषय है, वो लोग उस पर जाँच कर रहे हैं। दूसरा आरोपित जावेद फरार है। पुलिस उसे ढूँढने की कोशिशों में लगी है।

‘मुझे यकीन नहीं है कि मुस्लिम ने मारा’: बदायूँ में हिंदू बच्चों को कसाई की तरह रेत दिया, सोशल मीडिया में इस्लामी-लिबरल बता रहे ‘विवाद-मनगढ़ंत कहानी’

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में कल शाम (19 मार्च, 2024) को साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और हनी की उनके ही घर में गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपित साजिद का एनकाउंटर हो गया है। इस घटना में जावेद नाम का आरोपित भी संलिप्त बताया जा रहा है। हालाँकि, अब इन हत्यारों के बचाव में भी इस्लामी कट्टरपंथी उतर आए हैं।

इस्लामी कट्टरपंथी और लिबरल इस मामले में जहाँ यह सिद्ध करने में जुटे हैं कि साजिद-जावेद और मृतक बच्चों के परिवार के बीच पुराना विवाद था। इसके जरिए वह इस हत्या को एक आपसी विवाद का रंग देना चाह रहे हैं। कुछ कट्टरपंथियों को यह चिंता है कि साजिद और जावेद की दुकान पर बदायूँ की आम जनता ने गुस्सा क्यों निकाला।

लगातार ट्विटर पर घृणा फैलाने और खुद को पीस पार्टी का प्रवक्ता बताने वाला शादाब चौहान इस मामले में इस बात से अधिक चिंतित दिखा कि साजिद और जावेद की दुकान पर आम जनता ने गुस्सा निकाला। शादाब ने इस बात पर जोर दिया कि जावेद और साजिद के खिलाफ गुस्सा ना दिखाया जाए।

उसने यह नैरेटिव भी बढ़ाने की कोशिश की कि दोनों परिवारों के बीच विवाद था इसीलिए हत्या हुई और फिर घर जलाया गया। हालाँकि, यह स्पष्ट है कि आरोपितों का घर नहीं जलाया गया बल्कि जहाँ वह सैलून चलाते थे वहाँ तोड़फोड़ हुई है। शादाब ने एक आरोपित साजिद के एनकाउंटर को भी गलत ठहराया।

वहीं एक और बाबू खान नाम के अकाउंट ने इस बात पर जोर दिया कि अमीर हत्या करके बचते हैं और बच्चों की गला रेत कर हत्या करने वाला गरीब मुस्लिम हैं। बाबू खान ने हत्या के प्रति संवेदनशीलता ना जता कर इस मामले में हिन्दू मुस्लिम एंगल देखा और बताया कि हत्यारे मुस्लिम हैं इसीलिए उनका एनकाउंटर हुआ है।

एक और अबरार हसन ने इस बात में मुस्लिम हत्यारों की बजाय मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दों का प्रलाप किया।

एक और व्यक्ति ने इस मामले पर बता डाला कि यह ‘संघ’ की साजिश है। उसने बताया कि बच्चों की उस्तरा से गला रेतने की हत्या पहले बनाई हुई कहानी है। उसने इसे चुनाव से भी जोड़ दिया।

उसने इस बात पर विश्वास करने से भी मना कर दिया कि हत्या मुस्लिम है।

समाचार चैनल आजतक द्वारा इस सम्बन्ध में चलाई गई खबर के कमेन्ट सेक्शन में कई मुस्लिम इसे झूठी खबर बताने लगे। उन्होंने इस बात जोर दिया कि आरोपित मुस्लिम है इसलिए एनकाउंटर हुआ है।

अभी इस मामले में पुलिस की जाँच चल रही है और जावेद नाम के आरोपित की तलाश हो रही है। बच्चों का पोस्टमार्टम अभी किया जाना बाकी है। बदायूँ में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी मात्रा में फ़ोर्स तैनात किया गया है।

साजिद ने 2 हिन्दू बच्चों को मार डाला, तीसरे की भी गर्दन पर वार: कमरे में बंद कर उस्तरे से बारी-बारी काटा, पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ हत्यारा

उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ 2 नाबालिग हिन्दू बच्चों का गला काट कर उनका क़त्ल किए जाने की खबर है। तीसरे बच्चे की भी गर्दन पर वार किया गया है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस स्टेशन पर मृतकों के परिजनों सहित हिन्दू संगठन के सदस्यों का जमावड़ा लगा हुआ है। ‘जय श्री राम’ के नारे भी गूँज रहे हैं। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि मृतक बच्चों का गला काट कर खून भी पिया गया है।

दोनों बच्चों की हत्या करने वाले आरोपित का नाम साजिद है। पुलिस ने भाग रहे साजिद को मुठभेड़ में मार गिराया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात कर दिए गए हैं। घटना मंगलवार (19 मार्च, 2024) की है।

यह घटना बदायूँ के सिविल लाइंस की बताई जा रही है। यहाँ बाबा कॉलोनी के एक मकान में विनोद का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता है। विनोद की पत्नी ब्यूटी पॉर्लर में काम करती हैं। विनोद गाजीपुर में पानी की टंकी की ठेकेदारी करते हैं। घटना के समय पति घर से बाहर थे। उनके 3 बच्चे घर पर ही मौजूद थे। मंगलवार की शाम 6 बजे उनके घर में साजिद पहुँचा। वो बच्चों को चीज खिलाने के बहाने घर के अंदर ले गया। कमरे में बंद कर के उसने सभी बच्चों की बारी-बारी से गर्दनें काटी। गर्दन काटने के लिए उस्तरे का प्रयोग किया गया है।

मृतक बच्चों के नाम 14 वर्षीय आयुष और 6 वर्षीय हनी बताए जा रहे हैं। साजिद ने तीसरे बच्चे की भी गर्दन काटने का प्रयास किया। हालाँकि, वो खुद को जैसे-तैसे छुड़ा कर भाग निकला। घायल बच्चे का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बच्चों की चीख पुकार सुन का आसपास के लोग मौके पर जमा होने लगे। लोगों का जमावड़ा देख कर साजिद मौके से भाग निकला। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि कत्ल के बाद साजिद बच्चों का खून पी रहा था। IG रेंज का कहना है कि खून आदि पीने के आरोपों की जाँच करवाई जा रही है।

फरार आरोपित की पुलिस ने तलाश शुरू की। आखिरकार साजिद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस उसे अपने साथ ले जा रही थी। तभी साजिद ने पुलिस पर हमला करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने साजिद को आमने-सामने की मुठभेड़ में मार गिराया है। घटना से नाराज लोगों ने शहर के एक सैलून में भी तोड़फोड़ की है।

यह सैलून साजिद और उसके भाई जावेद का बताया जा रहा है। हालात संभालने के लिए पैरामिलिट्री फ़ोर्स को तैनात किया गया है। जब शवों को पुलिस कब्ज़े में ले कर जा रही थी, तब बच्चों की माँ सड़क पर गिर कर बेहोश हो गईं थी। कुछ ही देर में पुलिस चौकी पर हिन्दू संगठनों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पुलिस चौकी पर ‘जय श्री राम’ के नारे लगने शुरू हो गए हैं। लोगों ने पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार पर ही सख्ती करने का आरोप लगाया है। हालाँकि, पुलिस नाराज लोगों को समझाने में जुटी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने NCP की ‘घड़ी’ अजित पवार को सौंपी, लेकिन लगा दी एक शर्त: शरद पवार को मिला ‘तुरही बजाता आदमी’

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपी के चुनाव निशान को लेकर फैसला दिया है कि लोकसभा चुनाव में फिलहाल अजित पवार घड़ी सिंबल का ही इस्तेमाल करेंगे। कोर्ट ने शरद पवार गुट के लिए ‘तुरहा बजाता व्यक्ति’ चुनाव निशान निर्धारित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने शरद पवार की अजित पवार गुट को घड़ी सिंबल न देने की माँग नामंजूर कर दी।

सुप्रीम कोर्ट में एनसीपी के चुनाव निशान को लेकर आदेश आया है। इस आदेश से अजित पवार गुट को राहत मिली है, हालाँकि ये अस्थाई है। सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार गुट को एनसीपी के चुनाव निशान घड़ी के इस्तेमाल की इजाजत तो दे दी है, साथ ही कोर्ट ने अजित पवार गुट से ये भी कहा कि वो सार्वजनिक रूप से विज्ञापन देकर बताएं कि उनके चुनाव चिह्न घड़ी का मामला अदालत में है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि एनसीपी अजित पवार को अंग्रेजी, हिंदी, मराठी के अखबारों में विज्ञापन देकर बताएं कि उनके इलेक्शन सिंबल घड़ी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर अंतिम निर्णय कोर्ट में सुनवाई के बाद ही होगा। एनसीपी-अजित पवार को घड़ी चुनाव चिह्न के कोर्ट में विचाराधीन होने को हर टेम्प्लेट, ऐड, ऑडियो-वीडियो क्लिप में भी बताना होगा।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (19 मार्च 2024) को एनसीपी-शरद चंद्र पवार को चुनाव चिह्न ‘तुरही बजाता आदमी’ को मंजूरी दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने शरद गुट को लोकसभा चुनाव एनसीपी-शरदचंद्र पवार नाम से ही लड़ने की परमिशन दे दी। कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी निर्देश दिया कि वह लोकसभा-विधानसभा चुनावों के लिए दूसरों को तुरही बजाता आदमी चिह्न न दे।

सुप्रीम कोर्ट ने शरद गुट की उस याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें कहा गया था कि अजित गुट अपने फायदे के लिए शरद पवार का नाम और फोटो इस्तेमाल कर रहा है। हालाँकि अब अजित पवार ने साफ कर दिया है कि वो शरद पवार की जगह यशवंतराव चव्हाण का नाम और फोटो इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऑटो में बज रहा था भगवान राम का भजन, मदरसे के सामने घेर कर ड्राइवर उमेश यादव की पिटाई: भीड़ में धारदार हथियार लेकर वार्ड पार्षद भी शामिल, ऑटो भी तोड़ डाला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बेंगलुरु जैसा एक मामला सामने आया है। यहाँ मदरसे के आगे भगवान राम का भजन बजाने से नाराज मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने ऑटो ड्राइवर उमेश यादव की पिटाई कर दी। हमले में धारदार हथियारों का प्रयोग किया गया है। पीड़ित की ऑटो को भी पत्थर मार कर तोड़ डाला गया है। जान बचा कर भाग रहे ड्राइवर को जान से मारने की भी धमकी दी गई। आरोपितों के नाम दानिश, शफीक, शानू और शमीम हैं। घटना गुरुवार (14 मार्च 2024) की है। ड्राइवर द्वारा पुलिस में शिकायत करने के बाद आरोपितों द्वारा भी एक महिला के माध्यम से पीड़ित पर FIR दर्ज करवा दी गई है।

यह घटना लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी क्षेत्र में आने वाले थानाक्षेत्र इंटौजा की है। यहाँ 15 मार्च को शेख टोला निवासी पीड़ित उमेश यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उमेश ने बताया कि वो 14 मार्च (गुरुवार) को दर्शन के लिए अपनी ऑटो से पूर्वी देवी मंदिर गए थे। मंदिर से लौटते हुए जब उमेश शेख मोहल्ले के एक मदरसे के सामने पहुँचे तो उन्हें दानिश, शफीक और शमीम ने रोक लिया। ये तीनों मदरसे के अंदर से निकल कर बाहर आए थे। इन सभी ने उमेश यादव से भगवान राम का धार्मिक गाना बंद करने को कहा।

उमेश यादव ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया तो तीनों ने मिल कर हमला बोल दिया। आरोप है कि इस हमले में लाठी और डंडों का प्रयोग किया गया। इसी दौरान वार्ड का सभासद शानू भी वहाँ धारदार हथियार ले कर पहुँच गया। शानू ने भी उमेश पर हमला बोल दिया। इस हमले में उमेश घायल हो गए। हमलावरों ने पत्थरों से मार कर उनकी ऑटो को भी तोड़ डाला। एक वायरल वीडियो में ऑटो के टूटे शीशे और अंदर पड़े पत्थर साफ देखे जा सकते हैं।

शिकायत में उमेश ने आगे बताया है कि जब वो जान बचा कर भाग रहे थे तो आरोपितों द्वारा उनको जान से मार डालने की भी धमकी दी गई थी। पुलिस में शिकायत दे कर उन्होंने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने उमेश यादव की शिकायत पर IPC की धारा 427, 506 और 323 के तहत कार्रवाई की है। वहीं उमेश द्वारा FIR दर्ज करवाने के एक दिन बाद 16 मार्च को घटनास्थल पर खुद को मौजूद बता कर एक मुस्लिम महिला ने उमेश पर क्रॉस FIR दर्ज करवाई है।

इस FIR में मुस्लिम महिला ने उमेश पर शराब पी कर ऑटो में फूहड़ गाने बजाने का आरोप लगाया है। इस शिकायत पर भी पुलिस ने IPC की धारा 294 और 506 के तहत कार्रवाई की है। दोनों मामलों की जाँच सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र जैन को सौंपी गई है। ऑपइंडिया के पास दोनों FIR मौजूद है। बताते चलें कि कर्नाटक के बेंगलुरु में भी 17 मार्च 2024 (शुक्रवार) को अजान के समय अपनी दुकान में हनुमान चलीसा बजा रहे एक हिन्दू युवक पर हमला हुआ था। कर्नाटक पुलिस इस मामले में FIR दर्ज कर के कार्रवाई कर रही है।

यहाँ के मगरमच्छ हम हैं… जहाँगीर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) का टीजर आ गया, टुकड़े-टुकड़े का मंसूबा पालने वाले हो रहे बेनकाब

उर्वशी रौतेला और विनय शर्मा की फिल्म ‘जेएनयू: जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी’ काफी समय से चर्चा में बनी हुई है। अब इस फिल्म का मंगलवार (19 मार्च 2024) को टीजर रिलीज कर दिया गया है। इसके टीजर में छात्र राजनीति और यूनिवर्सिटी के अंदर चल रही राजनीति को दिखाने की कोशिश की गई है। इस फिल्म में कॉलेज जाने वाले छात्रों का वो चेहरा दिखाया जाएगा, जो रोमांस से दूर राजनीति के बारे में क्या सोचता है और क्या करना चाहता है। वहीं, जेएनयू जैसी यूनिवर्सिटी किस तरह से ‘देश विरोधी कामों’ का अड्डा बन चुकी है, उसका भी ताना-बाना इस फिल्म में दिखाया जाने वाला है।

‘जेएनयू’ के टीजर में यूनिवर्सिटी के छात्रों की कहानी दिखाई जा रही है, जो क्लासरूम से ज्यादा समाचारों में छाए रहते हैं। ये फिल्म ‘जेएनयू’ में पढ़ाई के नाम पर हो रही राजनीति को उजागर करेगी। इसके साथ ही टीजर में इलेक्शन के दौरान के माहौल को दिखाया गया है। इस फिल्म के टीजर के एक सीन में टीवी की बहू रश्मि देसाई भी दिख रही हैं, जो ये कहती नजर आ रही हैं कि इलेक्शन जीतने के लिए जो जरूरत पड़े वो करें। इतना ही नहीं फिल्म के एक सीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा होर्डिंग भी नजर आ रहा है। कुल मिलाकर यह फिल्म ‘जेएनयू’ और भारतीय राजनीति में उसके महत्व पर केंद्रित है।

इस फिल्म टीजर में रवि किशन भी पुलिस के रोल में काफी धांसू दिख रहे हैं। इसके अलावा टीजर में उर्वशी रौतेला की भी एक झलक देखने को मिली है, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है फिल्म में वो रिपोर्टर के किरदार में नजर आने वाली हैं। खास बात ये है कि जेएनयू की पहचान जिन गलत चीजों के लिए बनती जा रही थी, उन्हीं मुद्दों को इस फिल्म में दिखाया जाने वाला है, जिसमें बॉलीवुड के मंझे कलाकार नजर आएँगे। ये फिल्म 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

बता दें कि इस फिल्म का पोस्टर 12 मार्च 2024 को जारी किया था। जिसमें एक हाथ भारत के नक्शे को पकड़े हुए दिखाई दे रहा था। फिल्म का पोस्टर जारी होते ही वायरल हो गया। वहीं फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया गया है, जिसने आते ही सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है।

‘जेएनयू: जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी’ फिल्म को महाकाल मूवीज के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म का निर्देशन विनय शर्मा ने किया है। वहीं इसका निर्माण प्रतिमा दत्ता ने किया है। यह फिल्म इस साल पांच अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म की शूटिंग का शेड्यूल पूरा हो चुका है। पार्थ नवले ने सिनेमैटोग्राफी और संजय सांकला ने एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली है। कलाकारों में उर्वशी रौतेला, सिद्धार्थ बोडके, रवि किशन, पीयूष मिश्रा, विजय राज, रश्मि देसाई, सोनाली सहगल और कई अन्य नाम शामिल हैं। इस फिल्म के टीजर को सोशल मीडिया पर भी जोरदार प्रतिक्रिया मिल रही है।

Ustaad Bhagat Singh Teaser: जबरदस्त एक्शन अवतार में दिखे ‘पॉवर स्टार’ पवन कल्याण, बॉक्स ऑफिस पर नोट के साथ चुनावी वोट पर भी नजर

तेलुगु सिनेमा के पॉवर स्टार कहे जाने वाले पवन कल्याण राजनीति की दुनिया में तहलका मचा रहे हैं, तो एक बार फिर से बड़े पर्दे पर भी आने को तैयार हैं। पवन कल्याण की फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ का टीजर रिलीज हुआ है, जिसमें वो दमदार पुलिस वाले के किरदार में दिख रहे हैं। इस फिल्म में वो भरपूर एक्शन करते नजर आएँगे, जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।

उस्ताद भगत सिंह का टीजर 1.02 मिनट का है और इसमें पवन कल्याण को पुलिस वाले की वर्दी में एक्शन करते हुए दिखाया गया है। टीजर फिल्म की कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं देता है। टीजर में कुछ एक्शन सीन्स भी हैं जो दर्शकों को उत्साहित करते हैं। इनमें पवन कल्याण खलनायकों से लड़ते हुए और गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पवन कल्याण टीजर में दमदार दिख रहे हैं। उनका डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज प्रभावशाली है। टीजर को दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

उस्ताद भगत सिंह फिल्म का निर्देशन हरीश शंकर ने किया है और इसे नवीन यरनेनी और वाई. रविशंकर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म का संगीत देवी श्री प्रसाद ने दिया है। इसका बीजीएम (बैक ग्राउंड म्यूजिक) भी शानदार है, जो फिल्म के मूड को सेट करता है और दर्शकों को उत्साहित करता है। टीजर की सिनेमाटोग्राफी अच्छी है। एक्शन सीन्स अच्छी तरह से शूट किए गए हैं।

इस फिल्म में पवन कल्याण के अलावा श्रीलीला, आशुतोष राणा, नवाब शाह, बी.एस. अविनाश, गौतमी और छम्मक चंद्रा भी हैं, जो काफी प्रभावशाली दिख रहे हैं। फिल्म की कहानी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन टीजर से पता चलता है कि यह एक एक्शन फिल्म होगी। इस फिल्म को साल 2016 में आई तमिल फिल्म ‘Theri’ की रीमेक बताया जा रहा है।

“उस्ताद भगत सिंह” एक बहुप्रतीक्षित फिल्म है। जिसमें पवन कल्याण एक बार फिर एक्शन अवतार में नजर आएंगे। टीजर से पता चलता है कि फिल्म एक हाई-ऑक्टेन एक्शन एंटरटेनर होगी। फिल्म में कई धमाकेदार दृश्य और संवाद होंगे। फिल्म का टीजर दर्शकों को पसंद आया है और फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। ये फिल्म 2024 में रिलीज होगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना अच्छा प्रदर्शन करती है।

बता दें कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में पवन कल्याण का सिक्का चलता है। उन्हें पावर स्टार कहा जाता है। वो तीन दशकों से तेलुगु इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं। पवन कल्याण सिर्फ शानदार एक्टर ही नहीं बल्कि सक्सेसफुल प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने अपने करियर में शोहरत के साथ-साथ दौलत भी खूब कमाई है। उनकी नेट वर्थ 110 करोड़ रुपए से अधिक की है। उन्होंने जनसेना नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई है। इस लोकसभा चुनाव में उन्होंने एनडीए के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है और वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी मंच साझा कर चुके हैं।

कई बार रेप के बाद कक्षा 6 की छात्रा हुई गर्भवती, आदिल ने दी मुँह खोलने पर हत्या की धमकी: शिकायत करने गए पिता से भी परिवार ने की अभद्रता

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप आदिल नाम के युवक पर लगा है। लगातार बलात्कार किए जाने की वजह से 14 वर्षीया पीड़िता गर्भवती हो गई थी। आदिल ने किसी से बताने पर पीड़िता को जान से मार डालने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने सोमवार (18 मार्च 2024) को FIR दर्ज कर के आदिल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना क्षेत्र मुरादनगर का है। यहाँ 18 मार्च को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि वह परिवार सहित मुरादनगर में रहता है। पीड़िता की उम्र 13-14 साल बताई जा रही है जो पिछले कई दिनों से पेट में दर्द होने की शिकायत कर रही थी। 18 मार्च को लड़की के पिता ने अपनी बेटी को डॉक्टर को दिखाया। रिपोर्ट में पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। मामला सामने आने पर खुद पीड़िता काफी डर सी गई थी।

पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी को हिम्मत दी तो लड़की ने आदिल का नाम लिया। शौक़ीन का बेटा आदिल मुरादनगर का ही निवासी है। पीड़िता ने बताया कि कई दिनों पहले वह आदिल के घर गई थी। यहाँ आदिल ने उस से बलात्कार किया था। इसके बाद आदिल ने पीड़िता को कहीं भी मुँह खोलने पर डराया-धमकाया और कई बार रेप किया। लगातार हुए रेप की वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई। पीड़िता और आदिल एक ही समुदाय से हैं। पीड़िता के अब्बा ने आदिल पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। लड़की के अब्बा की शिकायत पर पुलिस ने 18 मार्च को ही आदिल पर FIR दर्ज कर ली।

यह FIR IPC की धारा 376 (2) और 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने 18 मार्च को ही रात में दबिश दे कर आदिल को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता कक्षा 6 की छात्रा है। उसके अब्बा मेहनत-मजदूरी कर के परिवार पालते हैं। जब लड़की के अब्बा आरोपित के घर शिकायत ले कर पहुँचे तो उनसे भी अभद्रता की गई। फ़िलहाल पीड़िता का मेडिकल परीक्षा और काउंसिलिंग करवाई जा रही है। मामले में जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।