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नायब सिंह सैनी बने हरियाणा के नए CM, खट्टर का पैर छूकर लिया आशीर्वाद: बनवारी लाल, रणजीत चौटाला सहित 4 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं कुरुक्षेत्र से सांसद नायब सिंह सैनी ने मंगलवार (12 मार्च 2024) को सीएम पद की शपथ ली। उन्होंने चंडीगढ़ में स्थित राजभवन में अपने कैबिनेट के साथ शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में खट्टर सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी (JJP) के भी चार विधायक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नायब सैनी ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। सीएम सैनी के साथ जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें डॉक्टर बनवारी लाल भी शामिल हैं। हरियाणा के बावल से विधायक बनवारी लाल खट्टर सरकार में सहकारिता एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और हरियाणा सरकार में अनुसूचित वर्ग के मुख्य चेहरा थे।

जगाधरी से विधायक कंवरपाल गुज्जर भी मंत्री बनाए गए हैं। हरियाणा के यमुनानगर जिले के रहने वाले कंवरपाल शिक्षा मंत्री और वन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा, वह हरियाणा विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं। लोहारू सीट से भाजपा विधायक जयप्रकाश दलाल भी मंत्री बने हैं। वे साल 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे और पूर्व में मंत्री रह चुके हैं।

खट्टर सरकार में परिवहन एवं खनन मंत्री रहे बल्लभगढ़ से भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वे दूसरी बार विधायक बने थे। इसके अलावा, खट्टर सरकार में ऊर्जा और बिजली मंत्री रहे रणजीत सिंह चौटाला ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वह रनिया सीट से निर्दलीय विधायक हैं। रणजीत पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के भाई हैं।

नायब सिंह सैनी का जन्म अम्बाला के छोटे से गाँव मिर्ज़ापुर में 25 जनवरी 1970 को हुआ। सैनी उनकी माँ पंजाबी और पिता हरियाणवी हैं। उनकी माँ का नाम कुलवंत कौर हैं और उनके पिता का नाम तेलु राम सैनी है। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद नायब सिंह ने बिहार के बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है।

ग्रेजुएशन के बाद नायब सिंह सैनी उत्तर प्रदेश आ गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे राजनीतिक की ओर बढ़े और RSS जुड़े। कुछ साल बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। साल 2014 में नायब सिंह सैनी ने अंबाला जिले की नारायणगढ़ सीट से पहली बार विधायक चुने गए।

उन्होंने लगभग 24 हजार वोटों से चुनाव जीता। इसके बाद साल 2019 में वे कुरुक्षेत्र सीट से लोकसभा सांसद के तौर पर संसद पहुँचे। इस चुनाव में उन्हें 6 लाख 88 हजार 629 वोट मिले थे। इसी दौरान अक्टूबर 2023 में उन्हें हरियाणा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। अब वे सीएम बन गए हैं।

अबसे कुछ देर पहले ही नायब सिंह सैनी और उनके मंत्रीमंडल के सदस्यों ने राजभवन में शपथ ली। कुल 90 सीटों वाले हरियाणा में भाजपा के 41 विधायक हैं और 6 निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिला है। इस तरह 10 विधायकों वाले जेजेपी से अलग होने के बाद भाजपा ने 47 विधायकों के साथ एक बार फिर से सरकार बनाई है। 

सनातन को करना होगा साफ… तमिलनाडु CM के मंत्री बेटे की टिप्पणी पर बिहार कोर्ट ने लिया संज्ञान, 1 अप्रैल को पेश होने को कहा

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे व द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के मंत्री उदयनिधि स्टालिन को सनातन पर की गई टिप्पणी के लिए बिहार के आरा जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने तलब किया है। आरा कोर्ट ने कहा है कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। उन्हें 1 अप्रैल को अदालत में पेश होना होगा। कोर्ट ने इस मामले में आईपीसी की धारा 298 के तहत संज्ञान लेकर कार्यवाही शुरू की है।

बता दें कि पिछले साल सितंबर में ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ में बोलते हुए डीएमके मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिन्हें हमें खत्म करना होगा और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सब ऐसी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें खत्म करना है। सनातनम् भी ऐसा ही है। इसका विरोध करने की बजाय इसे खत्म करना होगा क्योंकि यह लोगों को जातियों में बाँटता है।”

स्टालिन के इस बयान से आहत अधिवक्ता धरनीधर पांडेय ने परिवाद दायर किया था। इस मामले में आईपीसी की धारा 120 (बी), 153 (ए), 153 (बी), 295 (ए) और 298 के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता ने ही मामले की जानकारी देते हुए कहा- “मैं सनातन धर्म का अनुयायी हूँ और उदय निधि स्टालिन के द्वारा दिए गए घृणास्पद भाषण से मैं व्यथित हूँ। उदय निधि स्टालिन का भाषण समाज में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। उनका यह भाषण हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान किया है।”

शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उदयनिधि के भाषण ने न केवल हिंदू धर्म को मानने वालों का अपमान किया बल्कि धार्मिक समूहों के बीच भेदभाव को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने भाषण में भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया ताकि समुदायों में शत्रुता बढ़ाई जा सके और वर्गों के बीच कलपैदा हो सके, ताकि वह राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बने।

इसके बाद इस मामले में सिविल जज मनोरंजन झा की अध्यक्षता में सीजेएम अदालत ने मामले का संज्ञान लिया और कहा कि उदयनिधि को जमानत लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से या अपने वकील के माध्यम से उसके समक्ष उपस्थित होना आवश्यक है। केस की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी।

‘केरल को एकमुश्त बेलआउट पैकेज दे केंद्र’: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, राज्य सरकार के पास कर्मचारियों को देने के लिए पैसे नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मार्च 2024) को सुझाव दिया कि केंद्र सरकार केरल को मौजूदा वित्तीय संकट से निकालने के लिए 31 मार्च तक उसे एकमुश्त पैकेज दे। कोर्ट ने यह भी माना कि वह वित्तीय मामलों का विशेषज्ञ नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार और केरल सरकार बीच का रास्ता निकाल सकती हैं। इसको लेकर अब केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की बैठक होने की संभावना है।

केरल सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि यह पैकेज कड़ी शर्तों के साथ दिया जा सकता है। पीठ ने कहा, “आप थोड़ा उदार हो सकते हैं और एक विशेष मामले के रूप में एकमुश्त पैकेज दे सकते हैं। अन्य राज्यों की तुलना में कठोर शर्तें के साथ 31 मार्च से पहले विशेष पैकेज दें।”

इस मामले में केरल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (AG) आर वेंकटरमणि और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एन वेंकटरमन पेश हुए। याचिका दाखिल करके केरल सरकार ने दावा किया गया था कि केंद्र सरकार राज्य की उधार लेने और उसके वित्त को विनियमित करने की शक्ति में अनुचित हस्तक्षेप कर रही है।

सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने केंद्र से केरल का बकाया 19,000 करोड़ रुपए तत्काल जारी करने की माँग की। तब एएसजी ने कहा, “जैसे ही बिजली मंत्रालय कहेगा कि उन्होंने अनुपालन कर लिया है, इसे स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत बेलआउट पैकेज संभव नहीं है।” केंद्र ने कहा कि वह केरल के साथ विशेष व्यवहार नहीं कर सकता।

एएसजी ने जोर देकर कहा, “उनका मामला कोई विशेष नहीं है। हमने अन्य राज्यों को मना कर दिया है। वे व्यय का बजट भी नहीं रखते हैं। व्यय पैकेज की तुलना में 15 गुना अधिक बेलआउट मांँगा गया है।” केंद्र के हाथ बँधे होते हुए उन्होंने कहा, “उन्हें अदालत को बताना चाहिए कि वे भुगतान क्यों नहीं कर सकते। बाधाओं के बावजूद कोई रास्ता निकालने के लिए है।”

दरअसल, पिछले साल दिसंबर में दायर अपने मुकदमे में केरल सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्य की उधारी पर केंद्र सरकार द्वारा कुछ सीमाएँ लगाने से अवैतनिक बकाया राशि जमा हो गई है। इसके परिणामस्वरूप गंभीर वित्तीय संकट हो सकता है। इसके बाद केरल की सरकार फरवरी महीने से अपने कई कर्मचारियों को वेतन देने में विफल रहा है।

पीठ ने 6 मार्च को कहा था कि राज्यों द्वारा राजकोषीय कुप्रबंधन एक ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में केंद्र सरकार को चिंतित होना होगा, क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों सरकारों से बातचीत कर मुद्दों को हल करने का आग्रह किया था। इसके बाद दोनों सरकारें बातचीत करने पर सहमत हुई थीं। इसके बाद केंद्र और राज्य के अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई।

‘मनोज तोमर को बहाल करो’: दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर पर पढ़ी गई हनुमान चालीसा, सड़क के नमाजी पर बल-प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मी का समर्थन

दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में शुक्रवार (8 मार्च, 2024) को सड़क पर जबरन नमाज़ पढ़ने वाली भीड़ को सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर ने बल प्रयोग कर के रोकने का प्रयास किया था। इस दौरान वायरल हुए एक वीडियो के बाद उन्मादी भीड़ ने पुलिस पर हमले का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस के उच्चधिकारियों ने सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर को उसी दिन सस्पेंड कर दिया था। निलंबन की इस कार्रवाई पर अब विवाद बढ़ गया है। हिन्दू संगठनों ने मंगलवार (12 मार्च, 2024) को दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर हनुमान चालीसा का पाठ किया है। इस दौरान दरोगा मनोज तोमर का निलंबन वापस ले कर उन्हें सम्मानित किए जाने की माँग उठाई गई है।

दिल्ली मुख्यालय पर हनुमान चालीसा का यह आयोजन हिन्दू रक्षा दल की तरफ से किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी उर्फ़ पिंकी ने एक दिन पहले 11 मार्च को ही लोगों से आह्वान किया था कि वो अधिक से अधिक इस आयोजन में शामिल हों। 12 मार्च को सुबह से ही लोगों का जमावड़ा दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर लगना शुरू हो गया। भगवा वस्त्र पहन कर आए तमाम कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पास सड़क पर ही बैठ गए। जिस जगह पुलिस ने उन्हें रोका वहीं पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया।

इस पाठ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर को न सिर्फ बहाल बल्कि उनको सम्मानित भी किया जाए। कुछ ही देर बाद इन सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को बस में बिठा कर कहीं ले गई है।

इसके अलावा मंगलवार को इंद्रलोक मेट्रो के पास हनुमान चालीसा का भी एलान हुआ था जो बाद में हिन्दू संगठनों द्वारा वापस ले लिया गया था। सोशल मीडिया पर भी मनोज तोमर के समर्थन लगातार ट्रेंड चल रहा है। X प्लेटफॉर्म पर #ISupportManojTomar नाम से हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहा है।

पोखरण में 30+ देशों ने देखी ‘भारत शक्ति’, बोले PM मोदी – दुनिया देख रही स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण का दम, 8 गुना बढ़ा डिफेन्स निर्यात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (12 मार्च 2024) को 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ जैसलमेर के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में “भारत शक्ति” युद्धाभ्यास के साक्षी बने। इस युद्धाभ्यास में स्वदेशी हथियारों की मारक क्षमता और तीनों रक्षा बलों की ऑपरेशनल ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरंद्र मोदी ने कहा कि आज हमारा पोखरण एक बार फिर भारत की आत्मनिर्भरता, भारत के आत्मविश्वास और भारत के आत्मगौरव की त्रिवेणी का साक्षी बना है। उन्होंने कहा कि यही पोखरण है, जो भारत की परमाणु शक्ति का साक्षी रहा है और यहीं पर हम आज स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण का दम भी देख रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में हमने देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अथक प्रयास किये हैं और एमएसएमई और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आने वाले वर्षों में जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेंगे, तो भारत का सैन्य सामर्थ्य भी नई बुलंदी पर होगा। भारत को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने में राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। विकसित राजस्थान, विकसित सेना को भी उतनी ही ताकत देगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के डिफेंस सेक्टर की तारीफ की और कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि भविष्य में भारत की सेना और भारत का डिफेंस सेक्टर कितना बड़ा होने वाला है। इसमें युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के कितने अवसर बनने वाले हैं। कभी भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस इम्पोर्टर हुआ करता था, जबकि आज भारत डिफेंस सेक्टर में भी एक बड़ा निर्यातक बनता जा रहा है। आज भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 2014 की तुलना में 8 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “बीते 10 वर्षों में भारत ने अपना लड़ाकू हवाई जहाज बनाया है। भारत ने अपना एयरक्राफ्ट कैरियर बनाया है, सी295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भारत में बनाए जा रहे हैं। हवाई जहाजों के लिए आधुनिक इंजन का निर्माण भी भारत में होने वाला है। आज देश में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस कॉरीडोर बन रहे हैं। इनमें अब तक 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। आज हेलीकॉप्टर बनाने वाली एशिया की सबसे बड़ी फैक्टरी भारत में काम करना शुरू कर चुकी है।”

पोखरण में ‘भारत शक्ति 2024’ युद्धाभ्यास

पोखरण में भारतीय सेना के तीनों अंगों थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास में स्वदेशी हथियार प्रणालियों, अर्जुन टैंक, धनुष होवित्जर, तेजस लड़ाकू विमान और एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ के इस प्रदर्शन को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडेय भी मौजूद रहे।

इस युद्धाभ्यास में नौसेना के मार्कोस, वायुसेना के गरुड़ और थलसेना की स्पेशल फोर्सेस अभ्यास के लिए बनाए गए दुश्मन के इलाके में घुसकर ऑपेरशन किया। इस दौरान आसमान से ड्रोन और वायुसेना की मदद भी ली गई, तो लंबी दूरी के हथियारों और आर्टिलरी गन से लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाकर उन्हें नष्ट करने का भी अभ्यास किया गया।

‘BJP बंगाल में बनेगी अकेली सबसे बड़ी पार्टी, TMC के लिए आ रहा मुश्किल समय’: ममता बनर्जी के ‘रणनीतिकार’ ने ही कर दी भविष्यवाणी

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का आगामी लोकसभा चुनावों में क्या हाल होगा, इस पर ममता बनर्जी के चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने एक मीडिया संस्थान से बात की। प्रशांत किशोर ने इस बातचीत में अपना दावा किया कि भाजपा बंगाल में एक बड़ी पार्टी बनकर उभरने वाली है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के कार्यक्रम हैदराबाद डॉयलॉग्स में बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं अनुमान लगा रहा हूँ कि भाजपा हर मायने में बंगाल में टीएमसी से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर रही है। लोकसभा चुनाव में बंगाल से चौंकाने वाले नतीजे देखने के लिए तैयार रहिए जो कि भाजपा के पक्ष में होंगे। जब मैं कहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में बंगाल में सिंगल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी तो कुछ लोग कह देते हैं- अरे तुम तो भाजपा के एजेंट हो इसलिए ऐसा कहते हो। अगर मैं ऐसा नहीं कहूँगा तो प्रोफेशनली में ईमानदार नहीं कहलाऊँगा।”

प्रशांत किशोर आगे कहते हैं, “मैं कोई पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूँ कि मुझे वही कहना है जैसा पार्टी चाहती है। लेकिन ये तथ्य है। ये न्यूज जाते ही बंगाल में लोग मुझे भाजपा का पिट्ठू बोलेंगे। लेकिन आप नतीजे देखेंगे तो पता चलेगा। मैं देख पा रहा हूँ बीजेपी बहुत बड़ा कमबैक बंगाल में करने वाली है, जो कि टीएमसी समर्थकों के लिए बहुत ही निराशाजनक बात है। मैं टीएमसी का कठिन समय देख पा रहा हूँ।”

बता दें कि इससे पहले प्रशांत किशोर ने साल 2021 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उस समय कहा था कि पीएम मोदी का अनूठा अनुभव उनकी यूएसपी है। किशोर ने कहा था कि पीएम मोदी का विशाल राजनीतिक अनुभव उन्हें मतदाताओं की इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करता है। किशोर ने कहा कि वह अपने 40-45 साल के अनुभवों के कारण ‘दूसरे अनुमान (सेकंड गेस)’ लगाने में सक्षम होते हैं।

‘हिन्दू युवक से दोस्ती तोड़ो’: मुस्लिम लड़की को ज़ुबैर और यासीन ने मजहब का हवाला दे कर भड़काया, नहीं मानी तो प्राइवेट तस्वीरें कर दीं वायरल

देश की राजधानी दिल्ली में हिन्दू युवक से दोस्ती न तोड़ने पर एक मुस्लिम लड़की की पर्सनल तस्वीरें वायरल करने का मामला सामने आया है। इस हरकत का आरोप ज़ुबैर राव और यासीन मलिक नाम के 2 युवकों पर लगा है। ये दोनों युवक लड़की के पूर्व दोस्त बताए जा रहे हैं। तस्वीरें वायरल करते हुए इन दोनों ने पीड़िता पर मजहब के खिलाफ जाने जैसी बातें की हैं। पुलिस ने सोमवार (11 मार्च 2024) को जानकारी देते हुए बताया कि यासीन और जुबैर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने मेटा को पत्र लिख कर पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटाने के लिए कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना दिल्ली के थानाक्षेत्र किशनगढ़ की है। यहाँ एक 25 वर्षीया महिला ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया है कि उनकी प्राइवेट फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल संदेशों में पीड़िता पर हिन्दू लड़के से रिश्ता रखने और इस्लामी तौर-तरीकों के खिलाफ जाने जैसी बातें लिखी हुई थीं। पीड़िता ने इस हरकत का आरोप 23 वर्षीय यासीन मलिक और 22 वर्षीय जुबैर राव पर लगाया। पुलिस ने FIR दर्ज कर के दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता दक्षिणी दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में हाउस कीपिंग स्टाफ के तौर पर काम करती है। कोविड काल के दौरान साल 2019 में उसकी दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी जुबैर से हुई थी। लगभग 4 माह तक चली इस दोस्ती के बाद पीड़िता की जान पहचान बरेली के यासींन से हुई। पीड़िता और यासीन में दिसंबर 2023 तक बातचीत होती रही। इसी माह पीड़िता को दक्षिणी दिल्ली के एक 5 स्टार होटल में नौकरी मिल गई। यहाँ उसकी जान पहचान अपने एक हिन्दू सहकर्मी से हो गई।

जब यासीन को इसकी जानकारी हुई तो वह आग बबूला हो उठा। उसने पीड़िता को उसके हिन्दू सहकर्मी के खिलाफ खूब भड़काया। यासीन ने लड़की को बताया कि हिन्दू युवक को उसे अपने प्यार में फँसाने के लिए RSS की तरफ से 2 लाख रुपए मिले हैं। इसके अलावा यासीन ने धर्म भ्र्ष्ट होने और युवक के काफिर होने जैसी पट्टी भी पीड़िता को पढ़ाई। हालाँकि इसके बावजूद पीड़िता ने अपने हिन्दू सहकर्मी से रिश्ता खत्म नहीं किया। इस से नाराज हो कर यासीन ने पीड़िता के पूर्व दोस्त जुबैर को सम्पर्क किया।

पीड़िता का रिश्ता उसके हिन्दू सहकर्मी से तोड़ने के लिए जुबैर और यासीन एक हो गए। इन दोनों ने धमकी दी कि अगर उसने अपने सहकर्मी से बातचीत बंद नहीं की तो उसके प्राइवेट फोटो और वीडियो वायरल कर दिए जाएँगे। हालाँकि इस धमकी से भी पीड़िता नहीं डरी तो जुबैर ने उसके 10 फोटो लड़की के अब्बा को भेज दिए। इस से भी जब आरोपितों का मन नहीं भरा तो यासीन ने एक फर्जी इंस्टाग्राम हैंडल बनाया। इस हैंडल से उसने लड़की के रिश्तेदारों को जोड़ा और 10 प्राइवेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं।

यासीन ने यह तस्वीरें शेयर करते हए कैप्शन में पीड़िता को धर्म भ्र्ष्ट करने सहित अपनी कौम पर कलंक जैसी बातें लिखीं थीं। जब पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस में दी तब जुबैर ने उसे केस वापसी के लिए समझौता करने के लिए बुलवाया। मुलाकात दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर तय हुई जहाँ पहले से ही पुलिस तैनात थी। जुबैर के आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में दबिश दे कर यासीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मेटा को पत्र लिख कर पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें प्लेटफार्म से हटाने के लिए कहा है।

‘बिना NRC के एक भी आदमी असम में घुसा तो मैं इस्तीफा दे दूँगा’: CAA का विरोध करने वालों को असम CM सरमा का आश्वासन, घुसपैठियों पर सख्त

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (NRC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि NRC के लिए आवेदन किए बिना, अगर किसी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे। दरअसल, CAA को देश में लागू कर दिया गया है। वहीं, असम में इसका विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि इससे बाहरी लोग राज्य में भर जाएँगे।

सीएम सरमा ने यह बात शिवसागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा, “मैं असम का बेटा हूँ। अगर NRC के लिए आवेदन नहीं करने वाले एक भी व्यक्ति को नागरिकता मिलती है तो मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति होऊँगा।” दरअसल, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि CAA लागू होने पर लाखों लोग राज्य में घुस आएँगे।

इस पर सीएम सरमा ने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो सबसे पहले मैं विरोध करुँगा।” उन्होंने कहा कि CAA के बारे में कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि यह पहले लागू किया गया था और अब ‘पोर्टल पर आवेदन करने का समय है।’ सीएम सरमा ने कहा कि पोर्टल पर डेटा से साफ हो जाएगा कि कानून का विरोध करने वालों के दावे सही हैं या नहीं।

सीएम सरमा ने आगे कहा, “सीएए का समर्थन करने वाले भी असम में हैं और जो इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं, वे भी यहाँ हैं। जो भी सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे कोर्ट जा सकते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य में शांति बनाए रखना है। मैं सभी से अपील करना चाहता हूँ कि वे इस दिशा में आगे बढ़ें।”

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार (11 मार्च 2024) की रात को CAA लागू करने की अधिसूचना जारी की। इसके बाद असम में कई संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अखिल असम छात्रसंघ (ASU) और 30 स्वदेशी संगठनों ने सोमवार को गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और तेजपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में सीएए कानून की प्रतियाँ जलाईं।

इतना नही नहीं, इन संगठनों के अलावा असम में 16 दलों के संयुक्त विपक्ष (यूओएफए) ने राज्य भर में चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार (12 मार्च 2024) को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की। इस आंदोलन को देखते हुए ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने यह बात कही है।

दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक या उससे पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिमों- हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।

इससे पहले किसी भी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए उसे कम-से-कम 11 साल तक भारत में रहना जरूरी था। नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के अंतर्गत इस नियम को आसान बनाया गया है। नागरिकता हासिल करने की अवधि को 1 से 6 साल किया गया है।

छात्राओं से छेड़खानी करता था टीचर अब्दुल हमीद, कई बार टोकने के बाद भी नहीं सुधरा: अब भेजा गया जेल, शिकायत करने वाले अभिभावकों को मिल रही धमकियाँ

झारखंड में जामताड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़खानी का मामला सामने आया है। छेड़खानी का आरोप स्कूल के ही एक टीचर पर लगा है जिसका नाम अब्दुल हमीद है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने अब्दुल हमीद को बंधक बना लिया था। पुलिस ने अब्दुल को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। अब्दुल हमीद पर आरोप है कि वो कई बार छात्रों से छेड़खानी कर चुका है जिसकी बार-बार शिकायत के बावजूद वो सुधरने के लिए तैयार नहीं थे। घटना सोमवार (11 मार्च, 2024) की है।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक, घटना जामताड़ा जिले के थानाक्षेत्र करमाटांड़ की है। बारादाहा जिलिमटांड़ में नवीन प्राथमिक विद्यालय है जहाँ अब्दुल हमीद सहायक शिक्षक के तौर पर तैनात हैं। सोमवार को स्कूल में पढ़ने वाली कई छात्राओं के अभिभावक जमा हो कर हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि अब्दुल हमीद उनकी बच्चियों के साथ लम्बे समय से अश्लील हरकतें करता है। अभिभावकों ने बताया कि उनकी बेटियाँ घर पर अब्दुल हमीद की करतूत बताया करती थीं। कई बार अब्दुल हमीद को टोका भी गया लेकिन उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

सोमवार को स्कूल पहुँचे अभिभावक वहाँ सहायक टीचर अब्दुल हमीद को देख कर भड़क गए। उन्होंने अब्दुल को एक कमरे में बंद कर दिया। इसी हंगामे के बीच मामले की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने स्कूल पहुँच कर अब्दुल को छुड़वाया और अपने साथ ले कर थाने पहुँच गई। थाना प्रभारी करमाटांड़ ने ऑपइंडिया को बताया कि आरोपित के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। अब्दुल हमींद को पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।

वहीं ग्रामीण अब अब्दुल हमीद पर विभागीय कार्रवाई की भी माँग कर रहे है। आरोप यह भी है कि अब्दुल की शिकायत करने वाले बच्ची के अभिभावकों को धमकियाँ भी मिल रहीं हैं। इन तमाम आरोपों का संज्ञान प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने लिया है। उन्होंने बताया कि जाँच के साथ जरूरी कार्रवाई की जा रही है। फ़िलहाल कुछ समय की अफरातफरी के बाद अब स्कूल में पढ़ाई-लिखाई फिर से सामान्य रूप से शुरू हो गई है।

एक्टर जोसेफ विजय को CAA तमिलनाडु में स्वीकार्य नहीं, लोगों ने पूछा- तुम्हें क्या दिक्कत है भटके अभिनेता?

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act 2024) को तमिल हीरो जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने किसी भी कीमत पर स्वीकार्य करने से इनकार किया। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि इस कानून को लागू न किया जाए। उन्होंने ये अपील अपनी राजनैतिक पार्टी के एक्स अकॉउंट से की है।

जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक आधिकारिक बयान साझा किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें उन्होंने तमिल में लिखा, “भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) जैसे किसी भी कानून को ऐसे माहौल में लागू करना स्वीकार्य नहीं है, जहाँ देश के सभी नागरिक सामाजिक सद्भाव के साथ रहते हैं।”

इस पत्र में आगे अभिनेता से राजनेता बने विजय ने तमिलनाडु सरकार से सीएए न लागू करने की अपील करते हुए यह भी कहा, “नेताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कानून तमिलनाडु में लागू न हो।”

गौरतलब है कि 2 फरवरी को थलापति विजय ने आधिकारिक तौर पर अपनी राजनीतिक पार्टी का नाम तमिलगा वेट्री कजम की घोषणा की थी। उन्होंने इस पार्टी का ऐलान करने के साथ कहा था, “हम 2024 का चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं और हम किसी पार्टी में नहीं जा रहे हैं। हमने सामान्य और कार्यकारी परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया है।”

उनकी इस घोषणा के एक महीने बाद सीएए पर ऐसा बयान सामने आया है। ये पोस्ट देख लोग उनसे पूछने लगे कि इससे उन्हें क्या दिक्कत है अगर पड़ोसी मुल्क के प्रताड़ित लोगों को भारत सरकार नागरिकता दें। लोगों ने उन्हें एक भटका हुआ अभिनेता बताया है जो मुस्लिमों को खुश करने के लिए प्रताड़ित हिंदुओं, ईसाइयों, सिख, जैन और पारसियों के खिलाफ खड़ा है।

बता दें कि एक ओर जहाँ तमिल एक्टर ने ऐसी अपील की है तो वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसे केंद्र का विभाजनकारी एजेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि सीएए को हथियार बनाया जा रहा है। मुस्लिमों और श्रीलंकाई तमिलों को धोखा देकर विभाजन के बीज बोए गए।

उन्होंने कहा कि DMK के कड़े विरोध के बावजूद AIDMK की मदद से सीएए पास हुआ। लोगों ने विरोध किया तो इसे ठंडे बस्ते में रख दिया गया। लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं पीएम मोदी राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल चाहते हैं। लेकिन भारत के लोग इस विभाजनकारी नागरिकता संशोधन अधिनियम के लिए उनको कभी माफ नहीं करेंगे और उनको एक कड़ा सबक सिखाएँगे।