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‘मनोज तोमर को बहाल करो’: दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर पर पढ़ी गई हनुमान चालीसा, सड़क के नमाजी पर बल-प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मी का समर्थन

दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में शुक्रवार (8 मार्च, 2024) को सड़क पर जबरन नमाज़ पढ़ने वाली भीड़ को सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर ने बल प्रयोग कर के रोकने का प्रयास किया था। इस दौरान वायरल हुए एक वीडियो के बाद उन्मादी भीड़ ने पुलिस पर हमले का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस के उच्चधिकारियों ने सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर को उसी दिन सस्पेंड कर दिया था। निलंबन की इस कार्रवाई पर अब विवाद बढ़ गया है। हिन्दू संगठनों ने मंगलवार (12 मार्च, 2024) को दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर हनुमान चालीसा का पाठ किया है। इस दौरान दरोगा मनोज तोमर का निलंबन वापस ले कर उन्हें सम्मानित किए जाने की माँग उठाई गई है।

दिल्ली मुख्यालय पर हनुमान चालीसा का यह आयोजन हिन्दू रक्षा दल की तरफ से किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी उर्फ़ पिंकी ने एक दिन पहले 11 मार्च को ही लोगों से आह्वान किया था कि वो अधिक से अधिक इस आयोजन में शामिल हों। 12 मार्च को सुबह से ही लोगों का जमावड़ा दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर लगना शुरू हो गया। भगवा वस्त्र पहन कर आए तमाम कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पास सड़क पर ही बैठ गए। जिस जगह पुलिस ने उन्हें रोका वहीं पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया।

इस पाठ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि सब इंस्पेक्टर मनोज तोमर को न सिर्फ बहाल बल्कि उनको सम्मानित भी किया जाए। कुछ ही देर बाद इन सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को बस में बिठा कर कहीं ले गई है।

इसके अलावा मंगलवार को इंद्रलोक मेट्रो के पास हनुमान चालीसा का भी एलान हुआ था जो बाद में हिन्दू संगठनों द्वारा वापस ले लिया गया था। सोशल मीडिया पर भी मनोज तोमर के समर्थन लगातार ट्रेंड चल रहा है। X प्लेटफॉर्म पर #ISupportManojTomar नाम से हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहा है।

पोखरण में 30+ देशों ने देखी ‘भारत शक्ति’, बोले PM मोदी – दुनिया देख रही स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण का दम, 8 गुना बढ़ा डिफेन्स निर्यात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (12 मार्च 2024) को 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ जैसलमेर के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में “भारत शक्ति” युद्धाभ्यास के साक्षी बने। इस युद्धाभ्यास में स्वदेशी हथियारों की मारक क्षमता और तीनों रक्षा बलों की ऑपरेशनल ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरंद्र मोदी ने कहा कि आज हमारा पोखरण एक बार फिर भारत की आत्मनिर्भरता, भारत के आत्मविश्वास और भारत के आत्मगौरव की त्रिवेणी का साक्षी बना है। उन्होंने कहा कि यही पोखरण है, जो भारत की परमाणु शक्ति का साक्षी रहा है और यहीं पर हम आज स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण का दम भी देख रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में हमने देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अथक प्रयास किये हैं और एमएसएमई और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आने वाले वर्षों में जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेंगे, तो भारत का सैन्य सामर्थ्य भी नई बुलंदी पर होगा। भारत को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने में राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। विकसित राजस्थान, विकसित सेना को भी उतनी ही ताकत देगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के डिफेंस सेक्टर की तारीफ की और कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि भविष्य में भारत की सेना और भारत का डिफेंस सेक्टर कितना बड़ा होने वाला है। इसमें युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के कितने अवसर बनने वाले हैं। कभी भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस इम्पोर्टर हुआ करता था, जबकि आज भारत डिफेंस सेक्टर में भी एक बड़ा निर्यातक बनता जा रहा है। आज भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 2014 की तुलना में 8 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “बीते 10 वर्षों में भारत ने अपना लड़ाकू हवाई जहाज बनाया है। भारत ने अपना एयरक्राफ्ट कैरियर बनाया है, सी295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भारत में बनाए जा रहे हैं। हवाई जहाजों के लिए आधुनिक इंजन का निर्माण भी भारत में होने वाला है। आज देश में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस कॉरीडोर बन रहे हैं। इनमें अब तक 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। आज हेलीकॉप्टर बनाने वाली एशिया की सबसे बड़ी फैक्टरी भारत में काम करना शुरू कर चुकी है।”

पोखरण में ‘भारत शक्ति 2024’ युद्धाभ्यास

पोखरण में भारतीय सेना के तीनों अंगों थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास में स्वदेशी हथियार प्रणालियों, अर्जुन टैंक, धनुष होवित्जर, तेजस लड़ाकू विमान और एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ के इस प्रदर्शन को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडेय भी मौजूद रहे।

इस युद्धाभ्यास में नौसेना के मार्कोस, वायुसेना के गरुड़ और थलसेना की स्पेशल फोर्सेस अभ्यास के लिए बनाए गए दुश्मन के इलाके में घुसकर ऑपेरशन किया। इस दौरान आसमान से ड्रोन और वायुसेना की मदद भी ली गई, तो लंबी दूरी के हथियारों और आर्टिलरी गन से लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाकर उन्हें नष्ट करने का भी अभ्यास किया गया।

‘BJP बंगाल में बनेगी अकेली सबसे बड़ी पार्टी, TMC के लिए आ रहा मुश्किल समय’: ममता बनर्जी के ‘रणनीतिकार’ ने ही कर दी भविष्यवाणी

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का आगामी लोकसभा चुनावों में क्या हाल होगा, इस पर ममता बनर्जी के चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने एक मीडिया संस्थान से बात की। प्रशांत किशोर ने इस बातचीत में अपना दावा किया कि भाजपा बंगाल में एक बड़ी पार्टी बनकर उभरने वाली है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के कार्यक्रम हैदराबाद डॉयलॉग्स में बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं अनुमान लगा रहा हूँ कि भाजपा हर मायने में बंगाल में टीएमसी से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर रही है। लोकसभा चुनाव में बंगाल से चौंकाने वाले नतीजे देखने के लिए तैयार रहिए जो कि भाजपा के पक्ष में होंगे। जब मैं कहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में बंगाल में सिंगल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी तो कुछ लोग कह देते हैं- अरे तुम तो भाजपा के एजेंट हो इसलिए ऐसा कहते हो। अगर मैं ऐसा नहीं कहूँगा तो प्रोफेशनली में ईमानदार नहीं कहलाऊँगा।”

प्रशांत किशोर आगे कहते हैं, “मैं कोई पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूँ कि मुझे वही कहना है जैसा पार्टी चाहती है। लेकिन ये तथ्य है। ये न्यूज जाते ही बंगाल में लोग मुझे भाजपा का पिट्ठू बोलेंगे। लेकिन आप नतीजे देखेंगे तो पता चलेगा। मैं देख पा रहा हूँ बीजेपी बहुत बड़ा कमबैक बंगाल में करने वाली है, जो कि टीएमसी समर्थकों के लिए बहुत ही निराशाजनक बात है। मैं टीएमसी का कठिन समय देख पा रहा हूँ।”

बता दें कि इससे पहले प्रशांत किशोर ने साल 2021 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उस समय कहा था कि पीएम मोदी का अनूठा अनुभव उनकी यूएसपी है। किशोर ने कहा था कि पीएम मोदी का विशाल राजनीतिक अनुभव उन्हें मतदाताओं की इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करता है। किशोर ने कहा कि वह अपने 40-45 साल के अनुभवों के कारण ‘दूसरे अनुमान (सेकंड गेस)’ लगाने में सक्षम होते हैं।

‘हिन्दू युवक से दोस्ती तोड़ो’: मुस्लिम लड़की को ज़ुबैर और यासीन ने मजहब का हवाला दे कर भड़काया, नहीं मानी तो प्राइवेट तस्वीरें कर दीं वायरल

देश की राजधानी दिल्ली में हिन्दू युवक से दोस्ती न तोड़ने पर एक मुस्लिम लड़की की पर्सनल तस्वीरें वायरल करने का मामला सामने आया है। इस हरकत का आरोप ज़ुबैर राव और यासीन मलिक नाम के 2 युवकों पर लगा है। ये दोनों युवक लड़की के पूर्व दोस्त बताए जा रहे हैं। तस्वीरें वायरल करते हुए इन दोनों ने पीड़िता पर मजहब के खिलाफ जाने जैसी बातें की हैं। पुलिस ने सोमवार (11 मार्च 2024) को जानकारी देते हुए बताया कि यासीन और जुबैर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने मेटा को पत्र लिख कर पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटाने के लिए कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना दिल्ली के थानाक्षेत्र किशनगढ़ की है। यहाँ एक 25 वर्षीया महिला ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया है कि उनकी प्राइवेट फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल संदेशों में पीड़िता पर हिन्दू लड़के से रिश्ता रखने और इस्लामी तौर-तरीकों के खिलाफ जाने जैसी बातें लिखी हुई थीं। पीड़िता ने इस हरकत का आरोप 23 वर्षीय यासीन मलिक और 22 वर्षीय जुबैर राव पर लगाया। पुलिस ने FIR दर्ज कर के दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता दक्षिणी दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में हाउस कीपिंग स्टाफ के तौर पर काम करती है। कोविड काल के दौरान साल 2019 में उसकी दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी जुबैर से हुई थी। लगभग 4 माह तक चली इस दोस्ती के बाद पीड़िता की जान पहचान बरेली के यासींन से हुई। पीड़िता और यासीन में दिसंबर 2023 तक बातचीत होती रही। इसी माह पीड़िता को दक्षिणी दिल्ली के एक 5 स्टार होटल में नौकरी मिल गई। यहाँ उसकी जान पहचान अपने एक हिन्दू सहकर्मी से हो गई।

जब यासीन को इसकी जानकारी हुई तो वह आग बबूला हो उठा। उसने पीड़िता को उसके हिन्दू सहकर्मी के खिलाफ खूब भड़काया। यासीन ने लड़की को बताया कि हिन्दू युवक को उसे अपने प्यार में फँसाने के लिए RSS की तरफ से 2 लाख रुपए मिले हैं। इसके अलावा यासीन ने धर्म भ्र्ष्ट होने और युवक के काफिर होने जैसी पट्टी भी पीड़िता को पढ़ाई। हालाँकि इसके बावजूद पीड़िता ने अपने हिन्दू सहकर्मी से रिश्ता खत्म नहीं किया। इस से नाराज हो कर यासीन ने पीड़िता के पूर्व दोस्त जुबैर को सम्पर्क किया।

पीड़िता का रिश्ता उसके हिन्दू सहकर्मी से तोड़ने के लिए जुबैर और यासीन एक हो गए। इन दोनों ने धमकी दी कि अगर उसने अपने सहकर्मी से बातचीत बंद नहीं की तो उसके प्राइवेट फोटो और वीडियो वायरल कर दिए जाएँगे। हालाँकि इस धमकी से भी पीड़िता नहीं डरी तो जुबैर ने उसके 10 फोटो लड़की के अब्बा को भेज दिए। इस से भी जब आरोपितों का मन नहीं भरा तो यासीन ने एक फर्जी इंस्टाग्राम हैंडल बनाया। इस हैंडल से उसने लड़की के रिश्तेदारों को जोड़ा और 10 प्राइवेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं।

यासीन ने यह तस्वीरें शेयर करते हए कैप्शन में पीड़िता को धर्म भ्र्ष्ट करने सहित अपनी कौम पर कलंक जैसी बातें लिखीं थीं। जब पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस में दी तब जुबैर ने उसे केस वापसी के लिए समझौता करने के लिए बुलवाया। मुलाकात दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर तय हुई जहाँ पहले से ही पुलिस तैनात थी। जुबैर के आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में दबिश दे कर यासीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मेटा को पत्र लिख कर पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें प्लेटफार्म से हटाने के लिए कहा है।

‘बिना NRC के एक भी आदमी असम में घुसा तो मैं इस्तीफा दे दूँगा’: CAA का विरोध करने वालों को असम CM सरमा का आश्वासन, घुसपैठियों पर सख्त

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (NRC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि NRC के लिए आवेदन किए बिना, अगर किसी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे। दरअसल, CAA को देश में लागू कर दिया गया है। वहीं, असम में इसका विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि इससे बाहरी लोग राज्य में भर जाएँगे।

सीएम सरमा ने यह बात शिवसागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा, “मैं असम का बेटा हूँ। अगर NRC के लिए आवेदन नहीं करने वाले एक भी व्यक्ति को नागरिकता मिलती है तो मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति होऊँगा।” दरअसल, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि CAA लागू होने पर लाखों लोग राज्य में घुस आएँगे।

इस पर सीएम सरमा ने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो सबसे पहले मैं विरोध करुँगा।” उन्होंने कहा कि CAA के बारे में कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि यह पहले लागू किया गया था और अब ‘पोर्टल पर आवेदन करने का समय है।’ सीएम सरमा ने कहा कि पोर्टल पर डेटा से साफ हो जाएगा कि कानून का विरोध करने वालों के दावे सही हैं या नहीं।

सीएम सरमा ने आगे कहा, “सीएए का समर्थन करने वाले भी असम में हैं और जो इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं, वे भी यहाँ हैं। जो भी सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे कोर्ट जा सकते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य में शांति बनाए रखना है। मैं सभी से अपील करना चाहता हूँ कि वे इस दिशा में आगे बढ़ें।”

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार (11 मार्च 2024) की रात को CAA लागू करने की अधिसूचना जारी की। इसके बाद असम में कई संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अखिल असम छात्रसंघ (ASU) और 30 स्वदेशी संगठनों ने सोमवार को गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और तेजपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में सीएए कानून की प्रतियाँ जलाईं।

इतना नही नहीं, इन संगठनों के अलावा असम में 16 दलों के संयुक्त विपक्ष (यूओएफए) ने राज्य भर में चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार (12 मार्च 2024) को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की। इस आंदोलन को देखते हुए ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने यह बात कही है।

दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक या उससे पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिमों- हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।

इससे पहले किसी भी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए उसे कम-से-कम 11 साल तक भारत में रहना जरूरी था। नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के अंतर्गत इस नियम को आसान बनाया गया है। नागरिकता हासिल करने की अवधि को 1 से 6 साल किया गया है।

छात्राओं से छेड़खानी करता था टीचर अब्दुल हमीद, कई बार टोकने के बाद भी नहीं सुधरा: अब भेजा गया जेल, शिकायत करने वाले अभिभावकों को मिल रही धमकियाँ

झारखंड में जामताड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़खानी का मामला सामने आया है। छेड़खानी का आरोप स्कूल के ही एक टीचर पर लगा है जिसका नाम अब्दुल हमीद है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने अब्दुल हमीद को बंधक बना लिया था। पुलिस ने अब्दुल को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। अब्दुल हमीद पर आरोप है कि वो कई बार छात्रों से छेड़खानी कर चुका है जिसकी बार-बार शिकायत के बावजूद वो सुधरने के लिए तैयार नहीं थे। घटना सोमवार (11 मार्च, 2024) की है।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक, घटना जामताड़ा जिले के थानाक्षेत्र करमाटांड़ की है। बारादाहा जिलिमटांड़ में नवीन प्राथमिक विद्यालय है जहाँ अब्दुल हमीद सहायक शिक्षक के तौर पर तैनात हैं। सोमवार को स्कूल में पढ़ने वाली कई छात्राओं के अभिभावक जमा हो कर हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि अब्दुल हमीद उनकी बच्चियों के साथ लम्बे समय से अश्लील हरकतें करता है। अभिभावकों ने बताया कि उनकी बेटियाँ घर पर अब्दुल हमीद की करतूत बताया करती थीं। कई बार अब्दुल हमीद को टोका भी गया लेकिन उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

सोमवार को स्कूल पहुँचे अभिभावक वहाँ सहायक टीचर अब्दुल हमीद को देख कर भड़क गए। उन्होंने अब्दुल को एक कमरे में बंद कर दिया। इसी हंगामे के बीच मामले की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने स्कूल पहुँच कर अब्दुल को छुड़वाया और अपने साथ ले कर थाने पहुँच गई। थाना प्रभारी करमाटांड़ ने ऑपइंडिया को बताया कि आरोपित के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। अब्दुल हमींद को पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।

वहीं ग्रामीण अब अब्दुल हमीद पर विभागीय कार्रवाई की भी माँग कर रहे है। आरोप यह भी है कि अब्दुल की शिकायत करने वाले बच्ची के अभिभावकों को धमकियाँ भी मिल रहीं हैं। इन तमाम आरोपों का संज्ञान प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने लिया है। उन्होंने बताया कि जाँच के साथ जरूरी कार्रवाई की जा रही है। फ़िलहाल कुछ समय की अफरातफरी के बाद अब स्कूल में पढ़ाई-लिखाई फिर से सामान्य रूप से शुरू हो गई है।

एक्टर जोसेफ विजय को CAA तमिलनाडु में स्वीकार्य नहीं, लोगों ने पूछा- तुम्हें क्या दिक्कत है भटके अभिनेता?

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act 2024) को तमिल हीरो जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने किसी भी कीमत पर स्वीकार्य करने से इनकार किया। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि इस कानून को लागू न किया जाए। उन्होंने ये अपील अपनी राजनैतिक पार्टी के एक्स अकॉउंट से की है।

जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक आधिकारिक बयान साझा किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें उन्होंने तमिल में लिखा, “भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) जैसे किसी भी कानून को ऐसे माहौल में लागू करना स्वीकार्य नहीं है, जहाँ देश के सभी नागरिक सामाजिक सद्भाव के साथ रहते हैं।”

इस पत्र में आगे अभिनेता से राजनेता बने विजय ने तमिलनाडु सरकार से सीएए न लागू करने की अपील करते हुए यह भी कहा, “नेताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कानून तमिलनाडु में लागू न हो।”

गौरतलब है कि 2 फरवरी को थलापति विजय ने आधिकारिक तौर पर अपनी राजनीतिक पार्टी का नाम तमिलगा वेट्री कजम की घोषणा की थी। उन्होंने इस पार्टी का ऐलान करने के साथ कहा था, “हम 2024 का चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं और हम किसी पार्टी में नहीं जा रहे हैं। हमने सामान्य और कार्यकारी परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया है।”

उनकी इस घोषणा के एक महीने बाद सीएए पर ऐसा बयान सामने आया है। ये पोस्ट देख लोग उनसे पूछने लगे कि इससे उन्हें क्या दिक्कत है अगर पड़ोसी मुल्क के प्रताड़ित लोगों को भारत सरकार नागरिकता दें। लोगों ने उन्हें एक भटका हुआ अभिनेता बताया है जो मुस्लिमों को खुश करने के लिए प्रताड़ित हिंदुओं, ईसाइयों, सिख, जैन और पारसियों के खिलाफ खड़ा है।

बता दें कि एक ओर जहाँ तमिल एक्टर ने ऐसी अपील की है तो वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसे केंद्र का विभाजनकारी एजेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि सीएए को हथियार बनाया जा रहा है। मुस्लिमों और श्रीलंकाई तमिलों को धोखा देकर विभाजन के बीज बोए गए।

उन्होंने कहा कि DMK के कड़े विरोध के बावजूद AIDMK की मदद से सीएए पास हुआ। लोगों ने विरोध किया तो इसे ठंडे बस्ते में रख दिया गया। लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं पीएम मोदी राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल चाहते हैं। लेकिन भारत के लोग इस विभाजनकारी नागरिकता संशोधन अधिनियम के लिए उनको कभी माफ नहीं करेंगे और उनको एक कड़ा सबक सिखाएँगे।

नायाब सिंह सैनी होंगे हरियाणा के नए CM, कुरुक्षेत्र से हैं सांसद: JJP से गठबंधन टूटने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद से दे दिया था इस्तीफा

हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन टूटने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार (12 मार्च 2024) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद भाजपा निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है। भाजपा के विधायक दल की बैठक में नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया है। अब वे राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे।

दरअसल, 90 सीटों वाले हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक हैं। वहीं, 6 निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ जेजेपी के 4-5 विधायकों का भी समर्थन भी उसे मिलने की बात कही जा रही है। विधानसभा में बहुमत के लिए 46 का आँकड़ा चाहिए। ऐसे में भाजपा के पास बहुमत हासिल हो जाएगा। नायब सिंह नागर आज शाम 5 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे।

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय से आने वाले नायब सिंह सैनी वर्तमान में हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। उन्हें पिछले साल अक्टूबर में हरियाणा भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सैनी साल 1996 में भाजपा के संगठन से जुड़े थे और साल 2000 तक राज्य के महासचिव के रूप में काम किया था। आगे चलकर वे अलग-अलग पदों पर रहे।

साल 2002 में उन्हें अंबाला के भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महासचिव चुना गया। इसके बाद साल 2009 में उन्हें हरियाणा के भाजपा किसान मोर्चा का महासचिव नियुक्त किया गया। इसके बाद साल 2012 में अंबाला जिला भाजपा का अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद वे अलग-अलग पदों पर रहे।

नायब सिंह सैनी साल 2014 में पहली बार विधायक बने। उन्हें भाजपा ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली। इसके बाद साल 2016 में उन्हें हरियाणा सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया। साल 2019 के लोकसभा चुनावों में इन्हें कुरुक्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने यहाँ से जीत हासिल की।

नायब सिंह सैनी संसद के श्रम संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी हैं। उन्हें अक्टूबर 2023 में प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी। नायब सिंह सैनी को मनोहर लाल खट्टर का नजदीकी माना जाता है। वे अक्सर उनके कार्यक्रमों में साथ देखे जाते रहे थे।

बताते चलें कि हरियाणा में भाजपा और दुष्यंत चौटाला की अगुवाई वाली जननायक जनता पार्टी (JJP) की सरकार थी। लोकसभा चुनाव 2024 में दोनों दलों के बीच गठबंधन नहीं होने के बाद यह स्थिति आई है। हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सोमवार (11 मार्च) को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई थी। लगभग 45 मिनट चली इस मुलाकात में उन्होंने लोकसभा चुनावों में भाजपा से 2 लोकसभा सीटों की माँग की थी। उन्होंने भिवानी-महेंद्रगढ़ और हिसार सीट पर दावा किया था।

हालाँकि, नड्डा ने दुष्यंत की बात मानने से इनकार कर दिया था। नड्डा ने कहा था कि भाजपा राज्य में अपने दम पर राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटें जीतने में सक्षम है। इसके बाद दुष्यंत चौटाला राज्य के गठबंधन से भी अलग हो गए। अब, उनकी पार्टी में भी टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि JJP के देवेंद्र बबली समेत 5 से 6 विधायक भाजपा के साथ जा सकते हैं।

CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई मुस्लिम लीग, कहा – ‘ये कानून ही असंवैधानिक, मुस्लिमों के खिलाफ कोई कदम न उठाए जाएँ’: स्टे ऑर्डर की माँग

सीएए के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML ) सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है। मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट से इस कानून पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है। आईयूएमएल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट ऐप्लिकेशन देकर कहा है कि यह कानून असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण है। यह मुस्लिमों के खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि मुस्लिमों के खिलाफ किसी तरह का एक्शन न लिया जाए।

बता दें कि जब ये कानून बनाया गया था, तब भी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ही सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट पहुँची थी। इस कानून को 11 दिसंबर 2019 को संसद ने पास किया था और अगले दिन इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी और उसी दिन इंडियन यूनियम मुस्लिम लीग सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई थी।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने नए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नियम 2024 पर रोक लगाने की माँग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की है। याचिका में नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 और नागरिकता संशोधन नियम 2024 के विवादित प्रावधानों के निरंतर संचालन पर रोक लगाने की माँग की गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कहा है कि इस विषय पर पहले ही याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में इस आदेश को अभी लागू करने से रोका जाए।

याचिका के मुताबिक, सीएए के तहत फास्ट ट्रैक तरीके से ये पहचान किया जाए गा कि कौन से लोगों को ‘अवैध प्रवासी’ नहीं घोषित किया जाए, चूँकि इस कानून में साफ शब्दों में धार्मिक आधार पर विभाजन की बात है, जिससे धार्मिक पहचान के आधार पर व्यक्तियों के एक वर्ग के पक्ष में अनुचित लाभ पैदा करता है। ये भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत सही नहीं है। ऐसे में ये कानून असंवैधानिक है।

याचिका में ये भी माँग की गई है कि “चूँकि सीएए धर्म के आधार पर भेदभाव करता है, यह धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा की जड़ पर हमला करता है, जो संविधान की मूल संरचना है। इसलिए इसमें बदलाव किया जाए इसे धर्म तटस्थ बनाया जाए, ताकि सभी प्रवासियों को उनकी धार्मिक स्थिति को देखे बगैर एक बराबर मूल्यों के आधार पर नागरिकता प्रदान की जाए।”

गौरतलब है कि भारत सरकार ने सोमवार (11 मार्च, 2024) को CAA (नागरिकता संशोधन कानून) को देश भर में लागू करते हुए इसके नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित हुए अल्पसंख्यकों (हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी) को भारत की स्थायी नागरिकता मिलेगी। जो 31 दिसंबर, 2014 तक विस्थापित होकर भारत आ गए थे, ये कानून उनके लिए है।

2019 के इस कानून को लागू करते हुए एक ऑनलाइन पोर्टल भी जारी किया गया है, जिसका इस्तेमाल कर के आवेदन दाखिल किया जा सकेगा। लोकसभा चुनाव के लिए अचार संहिता लागू होने से पहले ये कदम उठाया गया है। जिन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता चाहिए, उन्हें ‘https://indiancitizenshiponline.nic.in/‘ वेबसाइट पर जाना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि इसके लिए सारे आईदान पूर्णरूपेण ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकृत किए जाएँगे। इस लेख के माध्यम से जानें कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किस तरह से किया जा सकता है।

‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग, कई बार बता दिया’: PM मोदी के दौरे पर जताई आपत्ति तो चीन को भारत ने सुनाई खरी-खरी, S जयशंकर बोले – सीमा विवाद से किसी का फायदा नहीं

केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने भारत-चीन सीमा विवाद पर बात करते हुए कहा कि इससे दोनों ही देशों को कोई फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ये हमारे हित में है कि LAC के आसपास कई तरह की ताकतें न हों। उन्होंने कहा कि पिछले 4 साल से इससे न तो भारत और न ही चीन को फायदा हुआ है। एक पैनल चर्चा में उन्होंने ये बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल दौरे पर चीन ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद भारत ने खरी-खरी सुनाई।

केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन, दोनों का साझा हित इसी में है कि दोनों देशों के बीच जिन करारों पर हस्ताक्षर हुए हैं उनका पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सीमा विवाद का स्वच्छ एवं युक्तियुक्त समाधान चाहता है, जो पिछले करारों के अनुरूप हो और बिना यथास्थिति को चुनौती दिए LAC को मान्यता दे। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी इसका समाधान होगा, दोनों देशों के लिए उतना ही अच्छा है। उन्होंने ये भी कहा कि वो इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।

बता दें कि जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके 4 साल होने को हैं। भारत की सेना चीन द्वारा भारतीय जमीन पर कब्जे की कोशिशों का पुरजोर जवाब दिया था। दोनों देशों के बीच उसके बाद कई स्तरों पर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। S जयशंकर ने कहा कि भारत की अमेरिका को लेकर नीति और रूस-चीन के बीच बढ़ती दोस्ती के बीच कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस के प्रति हमारी नीति स्वच्छ है, उद्देश्यपूर्ण है।

पाकिस्तान से बातचीत को लेकर S जयशंकर ने कहा कि हमने कभी अपने दरवाजे बंद नहीं किए, लेकिन आतंकवाद के रहते ये संभव नहीं है। इधर केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने चीन की आपत्ति को नकारते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमारे देश का अटूट हिस्सा था, है, और रहेगा। चीन ने कहा था कि उसने भारत के समक्ष राजनयिक आपत्ति दर्ज कराई है और इससे सीमा विवाद और जटिल होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत के रुख से चीन को कई बार अवगत कराया जा चुका है।