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पाकिस्तान को बधाईयाँ देना, 370 हटाने को काला दिन कहना गलत नहीं, सभी को है ये अधिकार: SC ने रद्द की प्रोफेसर के विरुद्ध FIR

सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रोफेसर के विरुद्ध दर्ज FIR रद्द कर दी। उसके खिलाफ यह FIR पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देने और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर काला दिन बताने को लेकर दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह बातें कहना अपराध नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट की अभय एस ओका और उज्जवल भुइयां वाली बेंच ने कहा कि देश के हर नागरिक को जम्मू कश्मीर की स्थिति में बदलाव करने वाले कानून को लेकर किए गए निर्णय की आलोचना करना का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने को काला दिन दिन कहना गुस्से और विरोध का प्रतीक है।

कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय की आलोचना करना किन्हीं धर्म या नस्लों के बीच दुश्मनी नहीं बढ़ाती। कोर्ट ने कहा कि यह केवल सरकार के 370 हटाने के निर्णय की साधारण आलोचना थी। कोर्ट ने प्रोफेसर के पाकिस्तान को बधाई देने को भी अपराध मानने से इंकार किया। कोर्ट ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को सरकार के 370 हटाने के निर्णय या और किसी भी निर्णय की आलोचना करने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगर भारत का कोई नागरिक 14 अगस्त, जो कि उनका स्वतंत्रता दिवस है, पर पाकिस्तान के नागरिकों को शुभकामनाएँ देता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह मेलजोल बढ़ाने का संकेत है। याचिकाकर्ता के उद्देश्यों को केवल इसलिए आशंका के दायरे में नहीं लाया जा सकता क्योंकि वह विशेष मजहब से है।”

दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस ने एक प्रोफेसर जावेद अहमद हजाम के विरुद्ध एक FIR दर्ज की थी। हजाम कोल्हापुर में रहता था और जम्मू कश्मीर के बारामूला से आया था। हजाम ने अपने व्हाट्सएप पर जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने को निर्णय वाली तारिख 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर के लिए काला दिन बताया था।

उसने 14 अगस्त (पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस) की बधाई दी थी। हजाम ने व्हाट्सएप पर स्टेट्स लगाकर यह दोनों बातें प्रकट की थी। इसके अलावा हजाम ने एक अन्य स्टेटस में कहा था कि वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने से खुश नहीं है।

इसी मामले को लेकर उसके विरुद्ध FIR दर्ज की गई थी। उसने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसने उसे राहत देने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसने उसके विरुद्ध दर्ज FIR रद्द कर दी।

PM मोदी ने 75 दिनों का रखा रिपोर्ट कार्ड: ₹9 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास एवं लोकार्पण, कई देशों के साल भर के कुल खर्च से भी है ज्यादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ये दशक भारत के निर्माण का दशक है। उन्होंने रिपब्लिक टीवी समिट में हिस्सा लेते हुए कहा कि अगले दशक की शुरुआत से पहले ही भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की अगुवाई करने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने पिछले 75 दिनों के कामों को गिनाया और बताया कि पिछले 75 दिनों में 9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, जो कई देशों के कुल साल भर के बजट से भी ज्यादा है।

पीएम मोदी ने कहा, “कुछ साल पहले मैंने कहा था कि आने वाला दशक भारत का है, तो कुछ लोगों ने बोला कि नेता लोग तो ये बोलते ही रहते हैं, लेकिन आज पूरी दुनिया कह रही है कि ये दशक भारत का है। मुझे खुशी है कि आपने एक कदम और आगे बढ़कर ‘भारत: द नेक्स्ट डैकेड’ की चर्चा शुरू हो गई है। ये दशक आजाद भारत का सबसे महत्वपूर्ण दशक है। मैंने लालकिले से कहा था, यही समय है, सही समय है।”

पीएम मोदी ने कहा, “ये दशक एक सक्षम, समर्थ और विकसित भारत बनाने की नींव को मजबूत करने वाला दशक है। ये दशक उन आकाँक्षाओं को पूरा करने का दशक है, जो कभी भारत के लोगों को असंभव लगती थी। मेंटल बैरियर तोड़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सपने भारत के हैं, सामर्थ्य भी भारत का ही है।”

अगले दशक से पहले भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

पीएम मोदी ने कहा कि अगला दशक शुरू से होने से पहले हम भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनते देखेंगे। अगला दशक शुरू होने से पहले भारतीयों के पास घर, शौचालय, गैस, बिजली पानी, इंटरनेट, सड़क ..हर बुनियादी सुविधाएं उनके पास होगी। ये दशक भारत में वर्ल्ड क्लास एक्सप्रेस-वे, हाईस्पीड रेलवे जैसी चीजों के निर्माण का दशक होगा। इसी दशक में भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिलेगी। इसी दशक में भारत के बड़े शहर, नमो भारत के नेटवर्क से जुड़ चुके होंगे। ये दशक भारत की हाईस्पीड कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और प्रॉस्पिरिटी का दशक होगा।

भारत पूरी दुनिया के लिए विश्वास का किरण

पीएम मोदी ने कहा, “साथियों आप भी जानते हैं कि ये समय वैश्विक अनिश्चता का समय है। ये दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे अस्थिर समय प्रतीत हो रहा है। इसका असर पूरी दुनिया में हो रहा है। दुनिया की कई सरकारों को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। भारत एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में आशा नहीं, बल्कि विश्वास की किरण बना हुआ है। ये स्थितियाँ तब हैं, जब हमने देश में बहुत सारे रिफॉर्म किये हैं। हमनें देश की जरूरतें भी पूरी की और देश के सपने भी पूरे किए।”

विकसित भारत बनाने के लिए हमें अपने खोए हुए समय को भी रिकवर किया। आज देश के किसी भी दिशा में 25 किमी जाएँ, तो कोई न कोई विकास का कार्य होता दिखेगा। आज हर दिशा में कुछ न कुछ पहले से अच्छा हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ 75 दिन की बात करें तो मैंने 9 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। 110 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा होता है। दुनिया के कितने देशों के लिए ये साल भर के खर्च से भी ज्यादा है, लेकिन हमनें इतना खर्च कर दिया है।

पीएम मोदी ने पिछले 75 दिन के काम गिनाए

पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 75 दिन में देश में 7 नए एम्स, 4 मेडिकल और नर्सिग कॉलेज, 6 रिसर्च लैब, 3 आईआईएम, 10 आईआईटी, 5 एनआईटी के परमानेंट कैंपस, 3 ट्रिपल आईटी, 2 आईसीआर और 10 सेंट्र्ल इंस्ट्रीट्यूट का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। स्पेस इंफ्रा से जुड़ी 1800 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। 55 पॉवर प्रोजेक्ट का उद्घाटन-शिलान्यास हुआ है। काकरापार के 2 परमाणु उर्जा प्लांट के रिएक्टर राष्ट्र को समर्पित किए गए हैं। कलपकम में स्वदेशी रिएक्टर शुरू हो चुका है।

पीएम मोदी ने बताया कि तेलंगाना में 1600 मेगावाट, झारखंड में 1300 मेगावाट, यूपी में 1600, 300 सोलर प्लांट.. यूपी में ही अल्ट्रा पॉवर प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई है, देश में 33 नई ट्रेन, 1500 से ज्यादा रोड अंडरब्रिज, 4 शहरों में 7 मेट्रो, कोलकाता में अंडरवॉटर प्रोजेक्ट, पिछले 75 दिनों में किसानों के लिए सबसे बड़े भंडारण सुविधा की शुरुआत हुई है। 18 हजार को-ऑपरेटिव के डिजिटलीकरण के काम को पूरा कर लिया गया है। 21 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में पहुँचे। ये वो प्रोजेक्ट हैं, जिसमें मैं शामिल रहा हूँ। ये मैंने सिर्फ शिलान्यास और लोकार्पण की बात की, इसके अलावा भी बहुत काम हुआ है। अपनी सरकार के मंत्रियों, राज्यों की बीजेपी-एनडीए की सरकारों के अलग कामों की लिस्ट गिनाऊँगा तो सुबह हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने बजट में पीएम सूर्य योजना के तहत सोलर पैनल लगाने की बात की थी, सिर्फ 4 सप्ताह में कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। सर्वे भी शुरू हो गए हैं। आज देशवासी हमारी सरकार की स्पीड और स्केल को जनता महसूस कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि निगेटिव कैंपेन पर ध्यान देने लग गया, तो जो काम करने हैं, वो रह जाएँगे। मैंने 75 दिन का रिपोर्ट कार्ड सामने रखा है, लेकिन मैं अगले 25 साल का रोडमैप सामने लेकर चल रहा हूँ। पीएम मोदी ने कहा कि एक-एक सेकंड कीमती हैं।

विपक्ष के पास काम नहीं, सिर्फ स्लोगन

पीएम मोदी ने कहा कि चुनावी माहौल में हम अपने काम को लेकर जनता के पास लेकर जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष के पास न कोई मुद्दा है और न ही समाधान है। ऐसा इसलिए है कि क्योंकि इन पार्टियों ने सात दशक तक सिर्फ स्लोगन्स पर चुनाव लड़े। गरीबी हटाओ की बात करते रहे, लेकिन हटाया नहीं। वहीं इस सरकार में लोगों ने स्लोगन नहीं, बल्कि समस्याओं के सॉलुशन्स देखे हैं।

‘तुमको मुस्लिम बनना ही होगा’: गोंडा की हिंदू लड़की को साबिर भगाकर ले गया लखनऊ, बंधक बनाकर बनाया मुस्लिम, फिर किया निकाह

उत्तर प्रदेश के गोंडा से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ साबिर नाम का एक लड़का इलाके के ही एक हिंदू लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ लखनऊ ले गया और वहाँ मौलवी द्वारा उसे इस्लाम में धर्म परिवर्तन करा दिया। धर्मांतरण कराने के बाद उसने लड़की से निकाह कर लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

निकाह के बाद लखनऊ में उसके साथ मारपीट की गई। 20 साल की इस लड़की का कहना है कि जब वह ससुराल छपिया पहुँची तो उसके ससुराल के लोगों ने भी उसके साथ मारपीट की। वह भागकरइसके बाद पीड़िता ने गोंडा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर आरोपित पति और सास-ससुर के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

लड़की की शिकायत के बाद एसपी के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस जाँच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। छपिया पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर ही है।

छपिया थाना क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली एक 20 वर्षीय लड़की को करीब दो साल पहले 21 साल के साबिर ने अपने प्रेम जाल में फँसा लिया था। साबिर छपिया थाना क्षेत्र के नारायणपुर का रहने वाला है। प्रेम जाल में फँसाने के बाद वह लड़की को भागने के लिए बहकाया और लेकर लखनऊ लेकर चला गया।

लड़की का आरोप है कि उसे वहाँ कई दिनों एक कमरे में बंद करके रखा गया और मारपीट की जाती रही। इस दौरान लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता रहा। इस दौरान जबरन धर्म परिवर्तन कराकर करके उसका निकाह कराया गया है। धर्म परिवर्तन के बाद साबिर ने लड़की को साथ रखा।

लड़की का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की जाती रही। मारपीट करने वालों में उसका शौहर साबिर ही नहीं बल्कि ससुर अब्दुल और सास सिराजुल निशा शामिल थे। इनके द्वारा लगातार उसे परेशान किया जा रहा था। हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कबूल कराते वीडियो भी सामने आया है।

लड़की का कहना है कि जब निकाह धर्मांतरण के बाद जब उसका निकाह किया जा रहा था कि साबिर और उसके माँ-बाप ने कहा कि ‘अगर तुम्हें मेरे घर में रहना है तो तुमको मुस्लिम बनाना होगा। तभी तुम हमारे घर में रह सकती हो। तुमको अपना धर्म चेंज करना पड़ेगा, तभी हम तुमको रखेंगे।’ लड़की का आरोप है इन लोगों ने जबरदस्ती उसे मुस्लिम बना दिया।

किसी तरीके से लड़की लखनऊ से भागकर गोंडा पहुँची और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर अपने पति साबिर, ससुर अब्दुल और सास सिराजुल निशा के खिलाफ तहरीर देखकर के मारपीट कर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराए जाने का आरोप लगाया है। इसके बाद मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी गई है।

जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी और रिश्तेदारों के घर ED की रेड, कानपुर से लेकर मुंबई तक की छापेमारी में ₹50+ करोड़ काली कमाई का पता चला

समाजवादी पार्टी के जेल में बंद विधायक इरफान सोलंकी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की। ये छापेमारी गुरुवार (07 मार्च 2024) को यूपी से लेकर मुंबई तक चली। इरफान सोलंकी कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक हैं। इरफान सोलंकी साल 2012 से सीसामऊ विधानसभा सीट पर लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं।

ईडी ने पीएमएलए के तहत जाँच में ये छापेमारी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2016 से 2022 के बीच विधायक रहते हुए इरफान की संपत्ति में 282 प्रतिशत का इजाफा हुआ। पता चला है कि इरफान सोलंकी के पास ये बेहिसाब बेनामी संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग करके बनाई गई है। उसने फर्जी कंपनियों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2015-16 और 2022-23 के बीच इरफान के एकाउंट से पता चला है कि उनमें करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये कैश जमा किये गए। जबकि इनकम टैक्स रिटर्न्स महज 6 लाख रुपये पर भरी गई। इरफान और उसका भाई रिजवान दोनों ही इस समय जेल में बंद हैं।

ईडी की जाँच में पता चला है कि कानपुर में इरफान और उसका भाई रिजवान जिस 1000 स्क्वायर मीटर के बंगले में रहते हैं, उसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। ये दौलत भी अवैध तरीके से बनाई गई है। ईडी की छापेमारी में कुछ डायरियां बरामद हुई हैं, जिनमें करीब 40 से 50 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा मुंबई में 5 करोड़ की जमीन के कागजात भी मिले हैं। यही नहीं, छापेमारी के दौरान नकदी के साथ ही डिजिटल डिवाइस भी बरामद की गई हैं, जिसकी जाँच की जा रही है।

कानपुर दंगों के मुख्य आरोपित से भी लिंक

इरफान सोलंकी और उसके साथियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में जबरन उगाही, सरकारी और निजी जमीन पर कब्जे, अवैध निर्माण जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं। इरफान सोलंकी की बिल्डर शौकत अली और हाजी वासी खान के साथ साठगाँठ की खबरें भी आती रही हैं। हावी वासी खान साल 2022 के कानपुर दंगों की फंडिंग का आरोपित है। उस पर बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से कानपुर में बसाने के आरोप हैं। इस मामले में हाजी वासी खान और उसके गुर्पों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी मामला दर्ज है।

असम के मोरीगाँव में बाल विवाह के मामले में आमिर अली को उम्रकैद, फिरदौस आलम को मिली 20 साल की कठोर सजा

असम के मोरीगाँव की जिला अदालत ने बाल विवाह मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य आरोपित को 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश ने इस केस के आरोपित अमीर अली को आजीवन कारावास तथा आरोपि फिरदौस आलम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

मोरीगाँव जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीरन बैश्य ने कहा कि यह फैसला 6 मार्च को मोइराबारी पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर-182/21 के संबंध में आई है। इसमें IPC की धारा 120(B)/376DA, पॉक्सो की धारा R/W-Sec 6 और बाल विवाह निषेध अधिनियम की आर/डब्ल्यू धारा 9/10/11 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

बैश्य ने कहा, “यहाँ यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि मुकदमे की प्रक्रिया की निगरानी के दौरान यह पता चला है कि मेराजुल इस्लाम नाम के एक व्यक्ति ने पीड़ित और अन्य गवाहों को आरोपित के पक्ष में सबूत देने के लिए धमकी दी थी। इसके साथ ही उसे रिश्वत की भी पेशकश की थी। उसे अदालत परिसर से गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।”

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली राज्य की भाजपा सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की थी। इस मामले में पुलिस ने राज्य भर में 4000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में असम सरकार ने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को भी निरस्त कर दिया था।

इस बीच सीएम सरमा ने प्रतिज्ञा की है कि जब तक वे जीवित हैं, असम में बाल विवाह नहीं होने देंगे। इससे पहले विधानसभा में एक जोशीले भाषण में उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा था, “मैं आपको राजनीतिक रूप से चुनौती देना चाहता हूँ। मैं इस दुकान को 2026 से पहले बंद कर दूँगा।”

उन्होंने आगे कहा था, “मेरी बात ध्यान से सुनो जब तक मैं जीवित हूँ, मैं असम में बाल विवाह नहीं होने दूँगा। जब तक हिमंता बिस्वा सरमा जीवित है, तब तक ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। मैं आपको राजनीतिक रूप से चुनौती देना चाहता हूँ कि मैं 2026 से पहले इस दुकान को बंद कर दूँगा।”

मोदीजी अगले 10 साल तक रहेंगे PM: गृहमंत्री अमित शाह बोले- ‘देश का चौतरफा विकास, विदेश में बनी साख’

गृहमंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 10 साल देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। रिपब्लिक समिट में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के काम को पूरा देश बेहद पसंद करता है। हमारी सरकार ने पिछले 10 सालों में बेहतरीन काम किया है। हमने देश को आगे ले जाने के लिए पिछले 10 सालों में जितना काम किया है, उसे देखते हुए अगले 10 सालों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले। वो देश की अगुवाई करते रहेंगे और अगले 10 साल तक वो प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

इस कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब भारत देश में डायनमिक डेमोक्रेसी है। देश की जनता काम को देखकर फैसले करती है। पहले जाति-धर्म पर वोटिंग होती थी, लेकिन मोदी जी ने परफॉर्मेंस बेस्ड डेमोक्रेसी को बढ़ाया है। अब देश की जनता ही हमारे काम को देखकर फैसला करेगी। हम पैदा हो रही बुराइयों को कंट्रोल नहीं कर पाएँगे, तो हम भी विपक्ष में बैठेंगे, लेकिन अगले दस साल तक तो मोदी जी हैं।

देश को विकसित बनाना पूरे देश का सामूहिक लक्ष्य

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “ये समय देश की आजादी का अमृत महोत्सव का मौका है। जब पीएम मोदी सत्ता में आए, तो उन्होंने देश अमृत महोत्सव का उपयोग बहुत ही विजनरी तरीके से किया है। एक युगदृष्टा नेता ही ऐसा सोच सकता है। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को आजादी के आंदोलन की याद दिलाई। उन्होंने पार्टी पॉलिटिक्स से हटकर सभी स्वतंत्रता सेनानियों का महिमामंडन किया।”

गृहमंत्री ने आगे कहा, “हमारा देश 2047 में विकसित देश बनेगा, इसके लिए देश की जनता को संकल्प दिलाकर देश के विकास में सहभागी बनाया है। 25 वर्ष के बाद शायद हम तो नही होंगे, लेकिन देश के युवा देख पाएँगे कि भारत सबसे आगे होगा। पूरी दुनिया हमारा लोहा मानेगी। हमारा धर्म, हमारी भाषा सम्मान के साथ देखी जाएगी। ये हम पूरे देश का सामूहिक लक्ष्य है।”

बीजेपी प्राप्त करेगी 370 सीटों का लक्ष्य

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने 370 सीटों का लक्ष्य ऐसे ही तय नहीं किया है, बल्कि काफी काम करने के बाद इस लक्ष्य को निर्धारित किया गया है। अमित शाह ने कहा, “बीजेपी राजनीति में विजय प्राप्त करके सिर्फ सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम नहीं करते। जब से हमारी पार्टी बनी है, हमारी पार्टी का मकसद सिर्फ भारत देश को बेहतर बनाने और भारत को विश्व का सिरमौर बनाना ही रहा है। आजादी का आंदोलन सशक्त, समृद्ध, सुरक्षित, शिक्षित और विश्वगुरु के स्थान पर बैठे भारत की रचना के लिए लड़ा गया था, उसी लक्ष्य के लिए हम राजनीति में हैं और उसी लक्ष्य के लिए हम काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सीटों की बात है कि 1950 से आज तक हमने जनता के सामने जो एजेंडे रखे, उसके लिए मोदी जी के नेतृत्व में जनता ने 2 टर्म पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, हमने उसी दिशा में काम किए। इन 10 सालों में हमने भारत के विकास के लिए, भारत की सुरक्षा की दृष्टि से और भारत के विश्व में गौरव बढ़ाने के दृष्टि से ये भारत का स्वर्णिम काल रहा है। ये शुरुआत है। अच्छा समय आने वाला है। इसके लिए हमने जो प्रयास 10 सालों में किए हैं, जिसके लिए 10 साल से पूर्ण समर्थन पूरे देश से एनडीए-बीजेपी को मिल रहा है। मैंने अभी तक 136 सीटों का विजिट किया है। मैं आपको बता सकता हूँ कि देश की जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी है, इसीलिए हमने 370 और 200 का लक्ष्य रखा है। ये हकीकत है।

प्रधानमंत्री पर कभी नहीं लगा एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से सत्ता के शीर्ष पर हैं। लेकिन उन पर कभी एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। लोकतंत्र में जहाँ देश में हर सवाल सरकार के खिलाफ होता है, उस देश में जहाँ नेताओं पर जनता को लूटने का आरोप लगता है। उसी देश में पिछले 23 सालों में गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर रहे प्रधानमंत्री पर कभी भ्रष्टाचार का आरोप तक नहीं लगा। उनके खिलाफ विपक्ष एक भी आरोप नहीं ढूँढ़ सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतनी इमानदारी और पारदर्शिता से काम करते हैं। इसी लिए देश की जनता उन्हें पसंद करती है।

भारत जोड़ो बैनर के नाम तहत ‘भारत तोड़ने’ की एक्सरसाइज

अमित शाह ने कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी के भारत जोड़ो यात्रा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, “भारत जोड़ो बैनर के तहत भारत को तोड़ने की एक्सरसाइज चल रही है। मुझे मालूम नहीं है कि कॉन्ग्रेस पार्टी को क्या हो गया है। उनकी पार्टी का बड़ा नेता कहता है कि देश के नॉर्थ-साउथ दो टुकड़े कर दो। इनके सहयोगी सनातन धर्म के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस रोकती नहीं। यात्रा लेकर निकलते हैं भारत जोड़ो की, लेकिन इनका एकमात्र लक्ष्य है तुष्टिकरण कर सत्ता प्राप्त करने की। जिन लोगों ने भारत को तोड़ने की बात कही है, जिन लोगों ने विश्व की सबसे पुरानी संस्कृति-परंपरा को अपमानित करने की कोशिश की, जनता को उन्हें पहचानने और दंडित करने की जरूरत है। मैं चैलेंज देता हूँ कि ये लोग ऐसी बातें चुनावी मंच से कहें। इनके मुँह से अगर कोई बात गलती से निकली, तो भी ये उसकी माफी तक नहीं माँगते।”

अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने सीनियर पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर दे दी थी जान, अब सुप्रीम कोर्ट रद्द किया केस, एससी/एसटी एक्ट भी किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए 22 साल पुराने आपराधिक मामले को रद्द कर दिया। यह आरोप कन्नौज जिले में जिला बचत अधिकारी के रूप में कार्यरत प्रभात मिश्रा नाम के एक व्यक्ति पर लगा था। मृतक प्रभात मिश्रा का जूनियर था। इसके साथ ही आरोपित पर से कोर्ट ने ST-SC कानून की धाराएँ भी हटा दीं।

दरअसल, दाता राम ने 3 अक्टूबर 2002 को एक सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी। इस सुसाइड नोट में उन्होंने आरोपित मिश्रा पर उत्पीड़न करने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि मृतक को आरोपित द्वारा उत्पीड़न और अपमानित किया था, क्योंकि वह एससी-एसटी समुदाय से था। इस मामले को रद्द कराने के लिए आरोपित हाई कोर्ट गया, लेकिन वहाँ उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इसके बाद जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई कर इसे रद्द कर दिया।

सुसाइड नोट पर गौर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मृतक काम के दबाव के कारण निराश था और आरोपित द्वारा सौंपे गए अपने आधिकारिक कर्तव्यों को लेकर आशंकित था। सुसाइड नोट में व्यक्त की गई आशंकाएँ किसी भी कल्पना से आरोपित को आत्महत्या के लिए उकसाने के तत्वों के रूप में कार्य करने के लिए जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इसमें एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत कोई मामला नहीं बनता है। यदि आरोपित द्वारा आईपीसी के तहत अपराध नहीं किया गया है तो इसे जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने मासूमशा हसनशा मुसलमान बनाम महाराष्ट्र राज्य का भी हवाला दिया।

कोर्ट ने कहा, “सबसे पहले हम इस तथ्य पर ध्यान दे सकते हैं कि एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध के लिए अपीलकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाना प्रथम दृष्टया अवैध और अनुचित है, क्योंकि यह मामला है ही नहीं। पूरे आरोप-पत्र में अभियोजन पक्ष ने कहा कि आईपीसी के तहत अपराध अपीलकर्ता द्वारा उसकी जाति के आधार पर मृतक पर किया गया था।”

मासूमशा हसनशा मुसलमान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एसटी-एससी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अनिवार्य शर्त पीड़ित का अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का होना है और यह अपराध उस व्यक्ति की जाति के आधार पर किया गया होना चाहिए। इसके अभाव में इस अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत कोई अपराध नहीं बनता है।

इसके बाद कोर्ट ने कहा, “हमें यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध की आवश्यक सामग्री आरोप पत्र से नहीं बनाई गई है। इसलिए इसलिए दंडनीय अपराधों के लिए अपीलकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देना पूरी तरह से अवैध है। आईपीसी की धारा 306 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत यह कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है।”

‘300 साल में भी कोई मियाँ लोगों को गुवाहाटी से नहीं निकाल पाएगा’: AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने दी चुनौती

AIUDF के मुखिया और धुबरी सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि कोई भी 3 साल क्या 300 साल में भी मियाँ (असम में बंगाली मुस्लिमों का संबोधन) को गुवाहाटी से बाहर नहीं निकाल पाएगा। उन्होंने कहा कि है मियाँ नहीं होंगे तो राज्य में काम-धाम रुक जाएगा।

बदरुद्दीन अजमल ने असम के नौगाँव के रुपाहीहाट में आयोजित एक सभा में यह विवादित बयान दिया। वह यह बयान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाना बना कर दे रहे थे। अजमल ने कहा, “इतना मियाँ-मियाँ करने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हें चुनौती देता हूँ कि अगर गुवाहाटी में मियाँ लोग ना हों तो तीन दिन तक खाना नहीं मिलेगा। कंस्ट्रक्शन का काम बंद हो जाएगा। सब्जियाँ कहाँ से आएंगी?”

अजमल ने अपना बयान आगे जारी रखा और कहा, “तुमको लगता होगा कि मियाँ लोगों से तीन दिन में गुवाहाटी खाली हो जाएगी, लेकिन 3 दिन क्या 300 साल में तुम गुवाहाटी को मियाँ लोग से खाली नहीं करवा पाओगे।”

बदरुद्दीन अजमल ने यहाँ यह भी कहा कि अगर CM सरमा यह दिखा दें कि राज्य में 8 वर्ष की मुस्लिम बच्चियों की शादी हो रही है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। गौरतलब है कि हाल ही में असम में मुस्लिम मैरिज एक्ट को समाप्त किया गया था। इसे बाल विवाह रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया था।

मुख्यमंत्री सरमा ने इस पर विधानसभा में कहा था कि जब तक वह जीवित हैं तब तक राज्य में बाल विवाह नहीं होने देंगे। यह बात उन्होंने कॉन्ग्रेस और AIUDF के विधायकों को संबोधित करते हुए कही थी। इससे पहले भी CM सरमा और अजमल में जुबानी जंग का दौर चलता आया है।

CM सरमा ने असम के लखीमपुर में कहा कि अजमल को अपना जादुई इलाज बंद करना होगा वरना वह कानून का उल्लंघन करने के मामले में गिरफ्तार किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि अजमल जादुई इलाज का दावा करते हैं और वह ऐसा रैलियों में भी कर चुके हैं।

उन्होंने हाल ही में पास किए गए कानून के तहत अजमल पर कार्रवाई होने की बात कही। गौरतलब है कि असम में हाल ही में एक ऐसा कानून पास हुआ है जो ऐसी अंधविश्वासी तकनीकों से इलाज का दावा करता है। CM सरमा ने कहा कि अजमल उनकी ना सुनें लेकिन उन्हें विधानसभा की बात माननी पड़ेगी।

इस कानून के तहत पहला अपराध करने पर ₹50,000 का जुरमाना और 1 वर्ष की जेल हो सकती है। इस जेल अवधि को तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। अगर दुबारा कोई इसका दोषी पाया जाता है जो तो जुर्माना ₹1 लाख और सजा पाँच वर्ष तक की हो सकती है। गौरतलब है कि अजमल फूंक डाल कर पानी देते देखे गए हैं। बड़ी संख्या में मुस्लिम उनके पास इसके लिए आते भी हैं। उनका मानना है कि इससे पानी की ठीक करने की शक्ति बढ़ती है।

अंकित सक्सेना हत्याकांड: अकबर, शहनाज और सलीम को उम्रकैद, बकरा काटने वाले चाकू से भरे बाजार काट डाला था, मृतक की माँ बोली-होनी चाहिए थी फाँसी

दिल्ली के बहुचर्चित अंकित सक्सेना मर्डर केस में गुरुवार (7 मार्च 2024) को तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 23 साल अंकित की फरवरी 2018 में पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर में हत्या कर दी गई थी। अंकित की गर्लफ्रेंड शहजादी के माता-पिता और चाचा ने सरे बाजार बकरा काटने वाले चाकुओं से गोदकर अंकित को मौत के घाट उतार दिया था। अब कोर्ट ने अकबर अली (लड़की के पिता), शहनाज़ बेगम (लड़की की मां) और मोहम्मद सलीम (लड़की के चाचा) को उम्रकैद की सजा के साथ ही सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार शर्मा ने तीनों को उम्रकैद की सजा दी। उन्होंने अंकित सक्सेना की हत्या करने वाले अकबर अली और मोहम्मद सलीम को उम्रकैद की सजा दी, साथ ही शहनाज बेगम को हत्या में सहयोग देने और अंकित की माँ पर हमला करने के मामले में उम्रकैद की सजा दी। इस मामले में कोर्ट ने तीनों को दोषी पाते हुए 23 दिसंबर 2018 को सुनवाई पूरी कर ली थी फैसले को सुरक्षित रख दिया था। इसके बाद अब तीनों को सजा सुनाई गई है।

कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302 और 34 के तहत हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, अंकित की माँ कमलेश सक्सेना पर जानलेवा हमला करने के मामले में शहनाज बेहद को धारा 323 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अंकित की माँ उस हत्याकांड के समय अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रही थीं

अंकित की माँ ने माँगी फाँसी की सजा

इस मामले में अंकित की माँ कमलेश सक्सेना ने दोषियों के लिए फाँसी की सजा की माँग की। अंकित की माँ ने कहा कि इन लोगों ने जिस बेदर्दी से मेरे बेटे को मार डाला, उन लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।

गौरतलब है कि 1 फरवरी 2018 को 23 वर्षीय फोटोग्राफर अंकित को उसकी 20 वर्षीय प्रेमिका के परिवार ने पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर में खुलेआम मार डाला था। पुलिस ने कहा था कि अंकित को अकबर अली, शहनाज बेगम, उनके नाबालिग बेटे और चाचा मोहम्मद सलीम ने 10-15 मिनट तक पीटा था। पुलिस ने यह भी कहा कि जब ये लोग अंकित के साथ बहस कर रहे थे, अंकित के माता-पिता और दोस्त उसके बचाव में आए, पर इन लोगों ने अंकित की माँ के साथ भी मारपीट की। उन्होंने अंकित को बकरा काटने वाले बड़े चाकू से गोद डाला। इसके बाद जब अंकित को ई-रिक्शा के माध्यम से अस्पताल पहुँचाया गया, तो डॉक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया था।

किसी की पूरी उड़ी गद्दी, किसी को मिली टूटी सीट- : Indigo फ्लाइट की हालत देख महिला पैसेंजर ने पूछा- ‘मैं सुरक्षित लैंड कर जाऊँगी?’

बीते दिनों फ्लाइट से आने वाली अजीबोगरीब घटनाएँ बहुत चर्चा में थीं। अब एक बार फिर ऐसा एक मामला सामने आया है। ये मामला इंडिगो फ्लाइट का है। वहाँ एक यात्री को एक ऐसी सीट मिली जिसके ऊपर से उसकी गद्दी ही उड़ी हुई थी। वहीं एक अन्य यात्री को जो सीट मिली उसकी सीट से गद्दी बिलकुल निकलने वाली थी।

पहला मामला 6 मार्च को बेंगलुरु से भोपाल तक जाने वाली इंडिगो फ्लाइट से सामने आया। उसी में उजड़ी सीट का नजारा देखने को मिला। इसकी तस्वीरें एक्स यूजर यवनिका राज शाह ने अपने एक्स अकॉउंट पर शेयर की। उन्होंने लिखा- बहुत सुंदर इंडिगो, उम्मीद है मैं सुरक्षित लैंड कर जाऊँ। ये तुम्हारी फ्लाइट है बेंगलुरु से भोपाल की 6E 6465।

महिला यात्री के पोस्ट के बाद एयरलाइंस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। इंडिगो ने ट्वीट में लिखा, “मैडम, हमसे बात करने के लिए धन्यवाद। सफाई के उद्देश्य से उड़ान से पहले सीट कुशन बदल दिए गए। हमारे केबिन क्रू ने तुरंत उन ग्राहकों को सूचित किया जिन्हें ये सीटें आवंटित की गई थीं। आवश्यकता पड़ने पर पारगमन के दौरान सफाई के लिए यह एक मानक अभ्यास है। हम अपने ग्राहकों को स्वच्छता और साफ-सफाई के उच्चतम मानक प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बता दें कि ये उक्त मामला 6 मार्च का है और आज पिर एक पैसेंजर ने एक फ्लाइट की डिटेल शेयर करते हुए शिकायत की है। अजीज शेख ने टूटी सीट की फोटो खींचकर डाली और कहा कि इस सीट को या तो फिक्स कर लो या रिपेयर ताकि अगले किसी यात्री को दिक्कत न हो।

एयरलाइन की सफाई के बाद भी ये मामला थमा नहीं। एक शख्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने भी पिछले हफ्ते मुंबई से इंदौर के लिए इंडिगो की फ्लाइट में ऐसी ही सीट देखी थी। यात्री ने बताया कि सीट पर बैठने वाला यात्री आने के बाद ही सीट को ठीक किया गया।

लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि जिस हिसाब से पिछले कुछ दिनों में एयरलाइन से घटनाएँ आई हैं, उससे लगता है कि एयरलाइन कुशन की कमी से जूझ रहा है और केवल माँगने पर ही यात्रियों को गद्दी दी जा रही है।