अमेरिका के मीडिया टाइकून रूपर्ट मर्डोक पाँचवी दफा शादी करने जा रहे हैं। उन्होंने 92 वर्ष की उम्र में 67 साल की अपनी रिटायर हो चुकी वैज्ञानिक गर्लफ्रेंड एलेना झुकोवा से छठी बार सगाई की है। वह अमेरिका के कई मीडिया चैनल और पब्लिकेशन के मालिक हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार (7 मार्च 2024) को अमेरिकी अरबपति की शादी को लेकर घोषणा हुई। बताया गया कि ये शादी कैलिफोर्निया के मर्डोक के मोरागा वाइनयार्ड और एस्टेट में होगी। इस खबर के आने से पहले मर्डोग ने रेडियो होस्ट एन लेस्ली स्मिथ के साथ अपनी सगाई को तोड़ा था। इस सगाई के टूटने के 5 महीने बाद उन्होंने इस वाली सगाई की जानकारी दी।
इससे पहले रूपर्ट ऑस्ट्रेलियाई फ्लाइट अटेंडेंट पेट्रीसिया बुकर, स्कॉटिश मूल की पत्रकार अन्ना मान, वेंडी डेंग और अमेरिकी मॉडल और अभिनेत्री जेरी हॉल से शादी कर चुके हैं। वहीं झुकोवा की पहली शादी रूसी तेल अरबपति अलेक्जेंडर ज़ुकोव से शादी हुई थी। उनकी बेटी दशा, एक सोशलाइट और बिजनेसवुमन हैं, जो 2017 में सादी कर चुकी हैं।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में जन्मे मीडिया टाइकून रूपर्ट ने 1950 के दशक में ऑस्ट्रेलिया में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद 1969 में उन्होंने यूके में न्यूज ऑफ द वर्ल्ड और द सन अखबार खरीदे। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट और वॉल स्ट्रीट जर्नल सहित कई अमेरिकी प्रकाशन भी खरीदे और 1996 में जाकर उन्होंने फॉक्स न्यूज लॉन्च किया जो अब अमेरिका में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टीवी न्यूज चैनल है।
इसके बाद उन्होंने 2013 में न्यूज कॉर्प की स्थापना की, जिसके जरिए वह सैकड़ों स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट के मालिक बने। एक रिपोर्ट के अनुसार उनकी संपत्ति 8.96 अरब है। उनके इतने अमीर होने के साथ वो मीडिया में विवादों के कारण भी चर्चा में रहे। दरअल, 2011 में उनका ब्रिटिश अखबार, न्यूज ऑफ द वर्ल्ड, फोन हैकिंग घोटाले में फँस गया था, जिसके कारण उसे बंद करना पड़ा। उनके ऊपर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग जैसे आरोप लगे, उनकी आलोचनाएँ हुईं थीं।
आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड का वितरण किया। यह आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया था। यहाँ अलग अलग श्रेणियों में कंटेंट बनाने वाले 20 क्रिएटर्स को सम्मानित किया। इन्हीं में से एक ड्रयू हिक्स को भी सम्मानित किया गया। अब हिंदी और भोजपुरी में वीडियो बनाने वाले ड्रयू हिक्स की चारों तरफ चर्चा हो रही है।
हिक्स को रचनात्मकता वाले वीडियो बनाने के लिए पुरष्कार मिला। ड्रयू हिक्स ने पुरष्कार मिलने के बाद कहा कि वह भारत का नाम रोशन करना चाहते हैं। हिक्स ने इस दौरान कहा कि वह इतना नर्वस महसूस कर रहे थे कि वह सब भाषाएँ बोल देंगे। इस दौरान हिक्स ने अपनी कहानी भी बताई और पुरष्कार के लिए धन्यवाद किया।
#WATCH | Delhi: At the first ever National Creators Award, Prime Minister Narendra Modi presents the Best International Creator award to Drew Hicks at Bharat Mandapam. pic.twitter.com/WTWCeQnBRV
हिक्स के इन्स्टाग्राम पर लगभग 9 लाख फॉलोवर हैं। उनके लोगों को हंसाने वाले वीडियो काफी वायरल होते हैं। हिक्स के वीडियो को करोड़ों लोग देखते हैं। हिक्स के अधिकाँश वीडियो भारतीय समाज से सम्बंधित होते हैं और वह इससे लोगों को हंसाते हैं।
लोगों की यह जानने में उत्सुकता रहती है कि एक अमेरिकी अंग्रेज होने बाद भी हिक्स कैसे हिंदी और भोजपुरी में वीडियो बनाते हैं। उन्होंने अपनी कहानी एक बार इन्स्टाग्राम पर एक पोस्ट डाल कर शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उनका भारत से कैसे जुड़ाव हुआ।
हिक्स ने बताया कि जब वह पाँच वर्ष के थे तभी उनके माता-पिता वाराणसी आ गए थे। उनके पिता बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में थे। इसके बाद उनका परिवार बिहार चला गया। हिक्स ने बताया कि उन्होंने यहीं पर हिंदी सीखी। हिक्स ने बताया कि वह 11 वर्षों तक भारत में रहे। इस दौरान उनका भारत से जुड़ाव बढ़ता गया।
हिक्स ने बताया कि उनका जीवन भी भारतीय बच्चों की तरह पतंग उड़ाते, क्रिकेट खेलते और भारतीय घरों की तरह दाल चावल खाते हुए गुजरा। उन्होंने कहा कि वह भारत में कई जगह घूमे हैं। उनके भारत में बहुत सारे दोस्त भी हैं। उन्होंने भारत में अपने पसंदीदा जगह की भी बात की थी।
हिक्स ने बताया कि भारत इतना सुंदर है कि किसी एक जगह को अपनी पसंदीदा बताना मुश्किल है। उन्होंने कहा था कि उन्हें सबसे अधिक केदारनाथ पसंद है। उन्होंने एक वीडियो में बताया था कि उनका पासपोर्ट जरुर अमेरिकी है लेकिन उनका दिल एक बिहारी का है।
एक अन्य वीडियो में हिक्स ने कहा कि अगर कोई उनसे यह कहे कि वह असली अमेरिकी नहीं हैं तो वह यह कहेंगे जो जिसका मन है वह सोच सकता है, लेकिन अगर कोई उन्हें असली बिहारी नहीं मानेगा तो वह गुस्से में आ जाएँगे। हिक्स अन्य कई देशों के यूट्यूबर के साथ वीडियो बनाते हैं, इनमें से अधिकाँश हिंदी में वीडियो बनाने वाले होते हैं।
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में पूछताछ के लिए जेल में बंद एक संदिग्ध आतंकी को हिरासत में ले लिया है। जिस संदिग्ध को NIA ने हिरासत में लिया है, उसका नाम मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान है। उसे पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में NIA की जाँच बल्लारी तक जा पहुँची है।
कर्नाटक के बल्लारी का रहने वाला मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान 26 साल का है और वह कपड़े का व्यापार करता था। उसे आतंकी गतिविधियों के मामले में 18 दिसंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था। रामेश्वर कैफे मामले में पूछताछ के लिए NIA ने विशेष अदालत से बॉडी वॉरंट की माँग की थी। इसके बाद अदालत ने सुलेमान को 9 मार्च 2024 तक NIA की हिरासत में भेज दिया।
मिन्हाज की NIA हिरासत की उस दिन सामने आई जब कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कैफे विस्फोट की जाँच कर रहे जाँचकर्ताओं को कुछ सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि संदिग्ध हमलावर ने तुमकुरु की ओर बस में यात्रा की थी और फिर अपने कपड़े बदले थे।
संदेह जताया जा रहा है कि कपड़े बदलने के बाद वह बस से बल्लारी निकल गया। परमेश्वर ने तुमकुरु में संवाददाताओं से कहा, “इस बात के सुराग मिले हैं कि संदिग्ध एक बस में यहाँ आया था। जाँचकर्ताओं ने फुटेज की जाँच की है और कुछ सुराग मिले हैं। वे तुमकुरु से बल्लारी तक के रास्ते की पुष्टि कर रहे हैं।”
इसके बाद राजधानी बेंगलुरु में संवाददाताओं से बात करते हुए जी परमेश्वर ने कहा, “घटना के बाद इस बात के विश्वसनीय सुराग मिले हैं कि संदिग्ध ने अपने कपड़े बदले और बस में यात्रा की थी। अभी पूरे मामले की जानकारी सामने नहीं आ सकी है। बहुत जल्द ही संदिग्ध को पकड़ लिया जाएगा।”
NIA को संदेह है कि सुलेमान उत्तरी कर्नाटक के बल्लारी में स्थित ISIS मॉड्यूल का प्रमुख है। इसके पहले वह प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़ा था। इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोटों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में पिछले साल दिसंबर में NIA ने उसके घर पर छापेमारी की थी।
इस छापेमारी में मिन्हाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान को चार अन्य संदिग्धों के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे बल्लारी के जेल में रखा गया था। रामेश्वर कैफे ब्लास्ट मामले में हमलावर का सुलेमान से संपर्क की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर NIA ने अपनी जाँच बल्लारी तक बढ़ा दी है।
दरअसल, NIA ने 14 दिसंबर 2023 को ‘आईएसआईएस के बल्लारी मॉड्यूल’ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मॉड्यूल आईईडी बम बनाने के लिए विस्फोटक कच्चे माल का उपयोग करने की योजना बनाई थी। इन बमों से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
बता दें कि रामेश्वरम कैफे में यह धमाका 1 मार्च 2024 को हुआ था। इसके बाद मामले की जाँच NIA ने अपने हाथ में ले ली। तमाम जाँच एवं सीसीटीवी खंगालने के बाद हमलावर संदिग्ध की तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें उसका चेहरा भी स्पष्ट दिख रहा है। उसने जो टोपी पहनी थी, वह टोपी भी बरामद कर ली गई है।
रामेश्वरम कैफे में धमाका करने वाला संदिग्ध सुबह 10:45 मिनट पर एक सार्वजनिक बस से उतरा था। यह बस स्टॉप कैफे से मात्र 100 मीटर ही दूर है। इसके बाद वह घूमता हुआ 11:34 पर कैफे में घुसा और 8 मिनट बाद ही बाहर निकल गया। इस बीच ही उसने यहाँ बम रखा।
वह यहाँ से निकलने के बाद एक किलोमीटर दूर स्थित एक बस स्टॉप पर गया और वहाँ से बस पकड़ ली। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संदिग्ध अपने इस रास्ते में एक मुस्लिम मजहबी केंद्र पर भी रुका था। यहाँ उसने अपना भेष बदला था और टोपी भी छोड़ दी थी। इसके सिर पर 10 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी काफी अहम मानी जा रही है। इस मामले में 2022 में शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय को गिरफ्तार किया गया था। वो अभी तक जेल में हैं। ईडी की ताजी छापेमारी पारा शिक्षकों के ठिकानों पर हो रही है, जो कोलकाता से लेकर उत्तर 24 परगना तक फैले हैं।
जानकारी के मुताबिक, 5 अधिकारियों की टीम पारा शिक्षकों के घर पर छापेमारी कर रही है। इसी घोटाले में इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय समेत शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि ईडी की पाँच सदस्यीय टीम कोलकाता से सटे न्यू टाउन के पथरघाटा मजार शरीफ इलाके में एक पूर्व पैरा-शिक्षक के आवास पर तलाशी ले रही थी, जो कथित तौर पर गिरफ्तार पूर्व राज्य शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का करीबी सहयोगी था। आरोप है कि मोटी रकम लेकर पसंदीदा लोगों को नौकरियाँ दी गई। ये मामला काफी चर्चित रहा था।
शिक्षका भर्ती घोटाला मामले में पिछले दिनों घोटाले से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यापारियों और अन्य लोगों सहित कई व्यक्तियों के आवासों और कार्यालयों की तलाशी ली गई थी। इस घोटाले में कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईडी और सीबीआई दोनों कथित अनियमितताओं की जांच कर रही हैं। पिछले साल 22 जुलाई को ईडी ने पार्थ चटर्जी के आवास सहित 14 जगहों पर छापेमारी की थी।
#WATCH | West Bengal: ED conducts raids at multiple locations in connection with teacher recruitment corruption case.
गौरतलब है कि इससे पहले 15 फरवरी को पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और जेल में बंद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी के करीबी सहयोगी पर कोलकाता में छापेमारी की गई थी। उस समय पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई थी। वहीं, साल 2022 में ईडी ने पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था।
एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है और एक बार फिर से वही बातें दोहराई जाएँगी कि भारत में स्त्रियों का शोषण होता रहा है और सदा से ही उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है। मगर एक बार फिर से उनका वह समृद्ध इतिहास दबा दिया जाएगा, जिसे स्मरण करने की हमेशा आवश्यकता होती है। एक एजेंडा के अंतर्गत उनका पूरा का पूरा इतिहास कहीं कोठरी में दबा दिया जाता है और वह एजेंडा क्या है, उसे अभी तक समझा नहीं जा सका है।
वैदिक काल की ऋषिकाओं से लेकर वर्तमान में मंगलयान की वैज्ञानिकों तक महिलाओं का ऐसा इतिहास रहा है, जिस पर समूची सभ्यता को गर्व होना चाहिए। जब हम वैदिक काल में झाँकते हैं तो पाते हैं कि गार्गी, अपाला, घोषा ही नहीं बल्कि लोपामुद्रा, विवाह सूक्त रचने वाली सूर्या सावित्री जैसी ऋषिकाओं की गाथाएँ प्राप्त होती हैं। रामायण काल में भी सीता माता, कौशल्या, कैकई, तारा एवं मंदोदरी जैसी महिलाओं की कहानियाँ तो हैं ही, परन्तु सबसे अचंभित करने वाली कहानी ज्ञानी शबरी की है, जिसने भक्ति और ज्ञान को स्वयं में समाहित कर लिया है।
महाभारत काल में भी हमें कई स्त्रियों की अद्भुत कहानियाँ प्राप्त होती हैं, जो बार-बार यह बताती हैं कि महिलाओं के साथ भेदभाव की जो कहानियाँ हमें आज सुनाई जाती हैं, वह कहीं न कहीं झूठ हैं। रानी सत्यवती के राजा शांतनु के साथ विवाह के लिए तो एक पुरुष अर्थात देवव्रत ने सबसे बड़ा त्याग किया था और उसी त्याग के कारण उनका नाम भीष्म पड़ गया था। सावित्री की कहानी एक पुरुष अर्थात पिता द्वारा उस स्वतंत्रता की कहानी बताती है, जिसे अभी तक कल्पना करना ही करना असंभव है।
मद्र नरेश को जब तपस्या उपरान्त पुत्री की प्राप्ति हुई थी तो उन्होंने अपनी पुत्री का नाम सावित्री रखा था। सावित्री जब विवाह योग्य हुई तो उन्हें उनके पिता ने उनसे कहा कि वह उनके योग्य वर नहीं चुन सकते हैं, अत: सावित्री स्वयं ही अपने योग्य वर का चयन करें। सावित्री सत्यवान को चुनती हैं और जिनकी आयु मात्र एक वर्ष ही शेष होती है।
ऐसे में मद्र नरेश जब विवाह से इंकार करते हैं, तो सावित्री अपने पिता से सत्यवान से ही विवाह करने की बात करती हैं एवं मद्र नरेश अपनी पुत्री की इच्छा का मान रखते हैं। यह अद्भुत कथा, एक पिता के अपनी पुत्री के प्रति प्रेम की कथा बहुत अद्भुत है। और इसी कथा को तोड़-मरोड़ कर स्त्री शोषण की कहानी बता दिया गया, जबकि यह स्त्री की स्वतन्त्रता की अद्भुत कहानी है।
इसी प्रकार जैसे जैसे हम काल खंड में आगे बढ़ते जाते हैं, हमारे पास उन स्त्रियों की कहानियाँ पन्ने दर पन्ने इकट्ठी होती जाती हैं, जिन्होनें अपने जीवन के पुरुषों के साथ मिलकर सफलता की कहानियाँ रच दीं। यदि उनके जीवन के पुरुषों ने उनका साथ नहीं दिया होता तो क्या वह सफल हो पातीं? यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसका उत्तर आज सभी को खोजना है कि आखिर स्त्री विमर्श को पुरुष विरोध क्यों बना दिया गया है?
आज जब हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की बात करेंगे तो क्या यह बातें नहीं होनी चाहिए कि आखिर इन स्त्रियों की सफलता में पुरुषों का कितना योगदान रहा? यदि एक पुरुष ने गलत किया तो कितने और पुरुष थे, जो उस स्त्री के साथ आए? यदि रावण ने सीता माता का हरण किया तो उनकी रक्षा के लिए भी तो असंख्य पुरुषों ने अपना योगदान दिया?
यदि मीराबाई की भक्ति के चलते उन्हें उनके परिवार ने नकारा तो वहीं एक वृहद समाज ने उनका आदर किया था। यदि स्त्रियों ने जौहर किया था तो साका भी तो हजारों पुरुषों ने किया था? स्त्री और पुरुष के साझे संघर्ष एवं साझी सफलता को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पुरुष विरोधी बनाकर प्रस्तुत किया जाना कितना घातक है, वह आज समझ में आता है, जब समूचे पुरुष समाज को उन अपराधों का दोषी ठहरा दिया जाता है, जो दरअसल उसने उस सीमा तक नहीं किए थे, जितना बताया जाता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि एक संपूरक विमर्श बनाया जाए, एक पूरकता की बात की जाए न कि खंडित विमर्श सभी पुरुषों को कटघरे में खड़ा कर दे।
पुरुष आयोग की अध्यक्ष होने के नाते मैं उन तमाम स्त्रियों का आदर करती हूँ, जिन्होंने अपने जीवन में सफलताओं को अर्जित किया है, जिन्होनें श्रम किया है, जिन्होनें मूल्यों का संरक्षण किया है और समय-समय पर उस विमर्श को सामने लाती रहती हैं, जो पूरी तरह से भारतीय है, जो हमारा है, जो संपूरक है, जो परस्पर एक दूसरे को पूर्ण करने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज (8 मार्च, 2024) दिल्ली के भारत मंडपम पहुँचे। पीएम मोदी ने यहाँ नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड बाँटे। यह पुरष्कार पहली बार दिए गए हैं। पीएम मोदी 20 क्षेत्रों में यह अवार्ड दे रहे हैं। यह अवार्ड यूट्यूब समेत सोशल मीडिया पर लोगों के लिए कंटेंट बनाने वालों को दिए जा रहे हैं।
इन पुरुष्कारों के लिए 20 श्रेणियों में 1.5 लाख से अधिक नामांकन हुए थे। इसमें विजेताओं के चुनाव के लिए 10 लाख से अधिक वोट डाले गए थे। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय कंटेंट क्रिएटर्स को भी 3 पुरष्कार दिए जाएँगे। पीएम ने यहाँ पुरष्कार देने के साथ ही इन कंटेंट क्रिएटर्स की कहानियाँ भी सुनी।
इसमें सबसे पहला पुरष्कार न्यू इंडिया चैंपियन श्रेणी में दिया गया। यह अवार्ड अभी एंड नियू को दिया गया। यह दोनों पति-पत्नी हैं और भारत के विषय में सकारात्मक कहानियाँ सोशल मीडिया पर डालते हैं। उन्होंने पुरष्कार पाने के बाद कहा कि हमने सोचा कि नई पीढ़ी के सामने नया भारत रखा जाए।
दूसरी श्रेणी बेस्ट स्टोरीटेलर अवार्ड कीर्तिका गोविन्दासामी को दिया गया। वह भारत के इतिहास के सम्बन्ध में जानकारियों को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर डालती हैं। उन्होंने पुरष्कार पाने के पहले पीएम मोदी के पैर छुए तो पीएम ने कहा कि बेटियों के पैर छूने से वह असहज हो जाते हैं।
— Prakash (Modi Ka Parivar) (@Gujju_Er) March 8, 2024
लीक से हटकर नए तरीके से लोगों को कंटेंट देने वाली श्रेणी डिसरप्टर ऑफ़ द इयर पुरष्कार रणवीर इलाहाबादिया को दिया गया। वह फिटनेस सम्बन्धी वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही वह अपने पॉडकास्ट पर लोगों को बुला कर बातचीत करते हैं।
प्रकृति और पर्यावरण के लिए काम करने के क्षेत्र में ग्रीन चैंपियन अवार्ड पंक्ति पांडेय को दिया गया। वह अहमदाबाद की रहने वाली हैं। वह लोगों को कम से कम कूड़ा फेंकने को लेकर प्रेरित करती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने लोगों से अपील की कि वह कितना कम कूड़ा फेंक सकते हैं।
सामाजिक बदलाव के दिए जाना वाला पुरष्कार क्रिएटर फॉर सोशल चेंज आध्यात्मिक कथाकार जया किशोरी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक बातचीत बुढ़ापे का काम नहीं है, उन्होंने युवाओं को ऐसा बताने का काम किया है।
मोस्ट इम्पैक्टफुल एग्री क्रिएटर क्षेत्र में अवार्ड लक्ष्य डबास को दिया गया है। वह जैविक तरीके से खेती को लेकर वीडियो बनाते हैं। वह इसके लिए किसानों को शिक्षित भी करते हैं। वह साथ ही भारतीय नस्ल की गायों को बढ़ावा देने का काम भी करते हैं। पीएम मोदी ने लक्ष्य डबास को गुजरात राज्यपाल आचर्य देवव्रत के साथ मिलकर जैविक खेती को लेकर बातचीत करने की बात कही। पीएम मोदी ने इस दौरान जैविक खेती को लेकर सन्देश भी दिया।
जानी मानी गायिका मैथिली ठाकुर को सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करने के लिए कल्चरल एम्बेसडर का पुरष्कार दिया गया। पीएम ने उनसे कुछ गाने के लिए कहा। मैथिलि ठाकुर ने महाशिवरात्रि के मौके पर शिव भजन गाकर सुनाया। पीएम मोदी ने इस दौरान हाल ही में एक बालिका द्वारा तमिल भजन सुनाने को लेकर संगीत की शक्ति के विषय में बात की।
नेशनल क्रिएटर अवार्ड में तीन अंतरराष्ट्रीय लोगों को पुरष्कार दिए जाने हैं। इनमें से एक पुरष्कार ड्रियू हिक्स को दिया गया। वह एक अमेरिकी हैं लेकिन भोजपुरी और हिंदी में वीडियो बनाते हैं। उनके वीडियो मुख्यतः कॉमेडी से सम्बंधित होते हैं। उन्होंने अपने बनारस और पटना से जुड़ाव को बताया।
विख्यात ट्रेवल कंटेंट क्रिएटर कामिया जानी को बेस्ट ट्रैवल क्रिएटर क्षेत्र में पुरष्कार दिया गया। वह भारत के अलग अलग जगहों के वीडियो बनाती हैं। वह लोगों को भारत के अलग अलग स्थानों पर घूमने के लिए प्रेरित करती हैं। कामिया ने कहा कि वह देश को दुनिया के नक़्शे पर नम्बर 1 देखना चाहती हैं। पीएम ने इस दौरान टूरिस्ट जगहों पर लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। कामिया ने इस सरकार में मंदिरों को संवारने को लेकर धन्यवाद किया।
तकनीक से जुड़े हुए वीडियो बनाने वाले टेक्निकल गुरूजी के गौरव चौधरी को टेक श्रेणी में पुरष्कार दिया गया। पीएम मोदी ने इस दौरान डिजिटल इंडिया का जिक्र किया। पीएम ने इस दौरान UPI का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के लोकतांत्रिकरण की जरूरत है।
स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने वाले वीडियो बनाने को लेकर स्वच्छ भारत श्रेणी में वीडियो बनाने वाले मल्हार कलाम्बे को पुरष्कार दिया गया। वह मुंबई में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। वह मुंबई में लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक करते हैं। पीएम ने उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा इस चुनाव में भी सफाई ही होने वाली है।
भारत के पारम्परिक फैशन को बढ़ावा देने वाली कंटेंट क्रिएटर जानवी सिंह को भी पुरष्कार दिया गया। वह भारत की पारम्परिक वेशभूषाओं को नए फैशन के अनुसार दिखाती हैं। पीएम ने इस दौरान कहा कि भारत फैशन में नेतृत्व करता रहा है। पीएम ने इस दौरान कहा कि भारत में फैशन की जानकारी यहाँ पत्थर तराशने वालों तक को थी।
अय्यो श्रद्धा के नाम से हास्य वीडियो बनाने वाली श्रद्धा को क्रिएटिव पुरष्कार (महिला) मिला। वह इन्स्टा पर काफी फेमस हैं। वह हास्य के साथ कई मुद्दों को लोगों को रखती हैं। पीएम ने कहा कि हास्य की चीजें जीवन में तड़के का काम करती हैं। इसी श्रेणी में पुरुष पुरुष्कार रेडियो जॉकी रौनक को दिया गया। उन्होंने कहा कि पीएम ने रेडियो को फेमस कर दिया।
खाने पीने से सम्बंधित वीडियो बनाने वाली कबिता किचन को फ़ूड श्रेणी में पुरुष्कार दिया। कबिता ने कहा कि वह चाहती हैं घर के हर व्यक्ति को खाना बनाना आए, स्कूलों में भी लोगों को कृषि सम्बन्धित चीजें सिखाई जाएँ। पीएम ने इस दौरान मिलेट्स खाने को लेकर बातचीत की।
नमन देशमुख को लोगों को शिक्षित करने के क्षेत्र में पुरष्कार दिया गया। नमन सामान्य भाषा में लोगों को तकनीक के विषय बताते हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान अटल टिंकरिंग लैब्स नाम की योजना के विषय में वीडियो बनाने कि अपील की। पीएम ने इस दौरान चंद्रयान से आए प्रभाव को लेकर बात की।
लोगों को फिटनेस के मामले में प्रेरित करने को लेकर वीडियो बनाने वाले अंकित बैयानपुरिया बेस्ट फिटनेस क्रिएटर श्रेणी में पुरष्कार दिया गया। गेमिंग श्रेणी में ट्रिगर्ड इंसान नाम से यूट्यूब चलाने वाले निश्चय को पुरष्कार दिया गया।
धर्मशास्त्रों से सम्बंधित वीडियो बनाने वाले अरिदमन को माइक्रो कैटेगरी में पुरष्कार दिया गया। पीएम ने बताया वह पहले ट्रेन में सीट पाने के लिए हाथ देखने लगते थे। अरिदमन ने बताया कि वह 12वीं कक्षा में हैं और भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
नैनो श्रेणी में पीयूष पुरोहित को पुरष्कार दिया गया। वह उत्तराखंड के चमोली से हैं और अपने राज्य की पुरानी परम्पराओं को लोगों को सामने रखते हैं। पीएम ने इस दौरान पीयूष का मनोबल भी बढ़ाया। बेस्ट सेलिब्रिटी श्रेणी में अमन गुप्ता को पुरष्कार दिया गया। अमन बोट ब्रांड के फाउंडर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कम्पनी स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया के बाद चालू हुई थी और वह अब अपनी श्रेणी में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कम्पनी हैं। वह मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि यह आयोजन नए दौर को समय से पहले पहचान देने का आयोजन है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का राज है कि वह समय से पहले समय को भांपते हैं और इसीलिए यह पहला ऐसा अवार्ड है जो आने वाले समय में प्रमुख स्थान लेगा। पीएम मोदी ने कहा कि इससे युवाओं की रचनात्मकता की प्रशंसा होती है।
PM Modi distributes national creator awards to content creators in bharat mandapam
राखी सांवत के एक्स शौहर आदिल खान दुर्रानी ने फिर से निकाह कर लिया है। आदिल ने दूसरा निकाह अभिनेत्री सोमी खान से किया है। तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि ये निकाह सादे ढंग से सुंदर समारोह में हुआ।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम। हमें बहुत खुशी हो रही है यह बताते हुए कि अल्लाह की दुआ से हमने एक सिंपल और सुंदर समारोह में निकाह किया है। हम अपने परिवार और दोस्तों का शुक्रिया करते हैं, जिन्होंने हमें प्यार दिया और हमारा सपोर्ट किया। हम शौहर-बीवी के रूप में अपनी नई जर्नी को शुरू करने के लिए काफी खुश हैं। प्लीज हमें दुआओं में याद करना कि हमारी मैरिड लाइफ अच्छी हो”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आदिल और सोमी के निकाह पर अभी ज्यादा जानकारी नहीं आई हैं लेकिन आदिल ने कहा है कि वो जल्द ही इस बारे में सबको बताएँगे। बताया जा रहा है कि ये निकाह 2 मार्च 2024 को जयपुर में हुआ है।
सोमी खान को हम सबने बिग बॉस 12 सीजन में टीवी पर उनकी बहन सबा खान के साथ देखा था। इस सीजन की विनर दीपिका कक्कड़ इब्राहिम बनीं थीं। वहीं आदिल खान की बात करें तो आदिल पिछले साल तक राखी सावंत के कारण चर्चा में थे। राखी ने उनपर आरोप लगाया था कि उन्होंने धर्म बदलकर आदिल से निकाह किया फिर भी आदिल ने उनकी कदर नहीं की। इसके अलावा उनपर रेप के आरोप लगे थे।
काफी विवाद के बाद आदिल और राखी सावंत एक दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद गानों के जरिए दोनों ने अपनी-अपनी कहानी दुनिया को दिखाने की कोशिश की थी। इस विवाद के चलते आदिल 7 फरवरी 2023 को गिरफ्तार भी हुए थे। उन्हें 5 महीने तक जेल में रहना पड़ा था। राखी सावंत ने आदिल पर प्रताड़ित करने के आरोप लगा ए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2024) पर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने नारी शक्ति को लाभ देने के लिए ऐलान किया कि सरकार एलपीजी सिलेंडर पर अब से 100 रुपए कम करती है।
Today, on Women's Day, our Government has decided to reduce LPG cylinder prices by Rs. 100. This will significantly ease the financial burden on millions of households across the country, especially benefiting our Nari Shakti.
By making cooking gas more affordable, we also aim…
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “महिला दिवस के अवसर पर आज हमने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपए की छूट का बड़ा फैसला किया है। इससे नारी शक्ति का जीवन आसान होने के साथ ही करोड़ों परिवारों का आर्थिक बोझ भी कम होगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार बनेगा, जिससे पूरे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।”
उन्होंने कहा, “रसोई गैस को और अधिक किफायती बनाकर, हमारा लक्ष्य परिवारों की भलाई का समर्थन करना और एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना भी है। यह महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके लिए ‘जीवनयापन में आसानी’ सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”
महिला दिवस के अवसर पर आज हमने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की छूट का बड़ा फैसला किया है। इससे नारी शक्ति का जीवन आसान होने के साथ ही करोड़ों परिवारों का आर्थिक बोझ भी कम होगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार बनेगा, जिससे पूरे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया फैसला अब देश भर के सिलेंडर धारकों पर लागू होगा। इससे पहले मोदी सरकार की कैबिनेट ने फैसला लिया था कि उज्जवला योजना के तहत सिलेंडर की कीमतों पर 300 रुपए की छूट को एक साल तक आगे बढ़ाया जाएगा। उसके बाद अब 100 रुपए की छूट भी सभी सिलेंडर ग्राहकों पर लागू होगी। एक जानकारी के मुताबिक देश भर में 32.5 करोड़ एलपीजी के कनेक्शन हैं जिसमें से पीएम उज्जवला योजना के तहत करीब पौन दस करोड़ सिलेंडर सिर्फ पिछले 10 सालों में मोदी सरकार द्वारा दिए गए हैं।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के एक नेता ने कहा है कि चीन के भीतर इस्लाम का चीनीकरण होना बहुत जरूरी है और यह होकर रहेगा। उसने यह बात चीन के मुस्लिम आबादी वाले राज्य शिनजियांग को लेकर कही जहाँ चीन लम्बे समय से दमनकारी नीतियाँ अपनाता आया है।
चीन के शिनजियांग प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया मा शिंगरुई (Ma Xingrui) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, “शिनजियांग के भीतर इस्लाम का चीनीकरण होना अवश्यंभावी है, यह बात सभी जानते हैं।” उन्होंने कहा कि शिनजियांग में अब भी कट्टरपंथ और आतंक मौजूद है।
शिंगरुई ने यह बात शिनजियांग को लेकर की गई विशेष मीडिया ब्रीफिंग में कही जहाँ इस प्रान्त के लिए किए गए कामों को बताया जा रहा था। रायटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से तय बातें दोहराई गईं और इसी प्रांत में उइगर मुस्लिमो पर होने वाले अत्याचारों को छुपाया गया।
हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस्लाम को लेकर ऐसी बात कही हो। इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस्लाम के चीनीकरण की बात कही थी। वह मात्र इस्लाम ही नहीं बल्कि ईसाइयत और बौद्ध धर्म के चीनीकरण की बात दोहराते आए हैं।
इसका तात्पर्य इस्लाम या अन्य धर्म को इस तरीके से डिजाइन करना है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के हित प्रभावित ना हों। कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि लोग धर्म से ऊपर पार्टी को रखें।
गौरतलब है कि शिनजियांग प्रांत में चीन लम्बे समय से अत्याचार करता आया है। यहाँ लगभग 16,000 मस्जिदों को ढहाया जा चुका है या उनके रूप में बदलाव कर दिया गया है। यहाँ मुस्लिमों को उनकी धार्मिक मान्याताओं को मानने की भी पूरी इजाजत नहीं है।
उन्हें उनकी मजहबी मान्यता के विरुद्ध सुअर का मांस खिलाया जाता है। यह सब कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार और पदाधिकारियों की देखरेख में होता है। चीन पर आरोप है कि उसने इस राज्य में 10 लाख से अधिक मुस्लिमों को बंदी बनाया हुआ है। इसके अलावा मुस्लिमों को यहाँ सजाएँ दी जा रही हैं। उनके पहनावे और जीवनशैली को बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें रमजान के महीने में रोजा नहीं रखने दिया जाता है।
कोलकाता हाईकोर्ट ने गुरुवार (7 मार्च 2024) को संदेशखाली महिलाओं को कोर्ट के आगे उनकी शिकायत दर्ज कराने की अनुमति दे दी। कोर्ट में याचिकाकर्ता प्रियंका टिबरेवाला ने बताया था कि संदेशखाली की 80 ऐसी महिलाएँ हैं जो अपना अनुभव साझा करना चाहती हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने उनकी बात पर गौर करते हुए कहा कि ये शिकायतें आवेदन या हलफनामे के जरिए दाखिल की जा सकती हैं।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि सभी 80 शिकायतकर्ता महिलाओं को अदालत में लाना थोड़ा मुश्किल होगा इसलिए टिबरेवाला इसे एक आवेदन या पूरक हलफनामा के जरिए दायर करवा सकती हैं और उनकी पीड़िता अदालत के रिकॉर्ड में आ सकती है।
कोर्ट ने इस निर्देश के साथ ये भी कहा कि पीड़िताओं के बयान दर्ज होने से पहले उचित तरीके से सत्यापित किए जाने चाहिए और महिलाओं की पहचान भी साफ होनी चाहिए। पीठ ने ये भी कहा कि स्थानीय महिलाएँ अगर अपनी भाषा में बयान देंगे तो उसकी अनुवादित कॉपी भी उनके समक्ष रखी जाए। इसके अलावा कोर्ट ने इन महिलाओं को सुरक्षा देने की अनुमति भी प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बंगाल पुलिस को कोलकाता हाई कोर्ट ने पक्षपाती कहकर उनकी आलोचना की थी। बंगाल पुलिस ने कहा था कि टीएमसी नेता शाहजहाँ को संरक्षित करने का काम पुलिस ने किया वो भी तब जब वो ईडी पर हमला करके भाग गया था। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जाँच बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी।
बता दें कि एक माह पहले शुरू हुआ संदेशखाली का विवाद अब तक थमा नहीं हैं। शेख शाहजहाँ गिरफ्तार हो चुका है। सीबीआई उसकी कस्टडी ले चुकी है और अब अपनी जाँच कर रही है। मगर, विपक्षी पार्टी के लोगों को अब भी स्थानीय महिलाओं से मिलने से रोका जा रहा है। 7 मार्च को संदेशखाली जाते समय बंगाल पुलिस ने भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी और विधायक अग्निमित्रा पॉल को हिरासत में ले लिया था। इस दौरान भाजपा की महिला नेताओं और पुलिस में थोड़ी बहस भी हुई थी, जिसकी वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर भी आई।