Home Blog Page 1162

‘चोर, च#@%… कीड़े से भी कम ताकत बाबा में’ : मुफ्ती सलमान अजहरी ने CM योगी का किया अपमान, पुरानी वीडियो वायरल

अपने भड़काऊ बयानों के लिए कुख्यात मुफ़्ती सलमान अज़हरी का एक और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सलमान अज़हरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक जाति विशेष का बताते हुए अपशब्द बोल रहा है। बरकाती नेटवर्क पर 5 नवंबर 2023 को शेयर हुए इस वीडियो में सलमान अज़हरी अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार के बुलडोजर ट्रीटमेंट पर नाराजगी दिखा रहा है। ये वीडियो पुराना है और सलमान अजहरी फिलहाल साबरमती जेल में है।

वायरल वीडियो 49 सेकेंड का है। वीडियो में अज़हरी बोला, “हिंदुस्तान की सरजमीं पर लोग अभी से घबराने लग गए, डरने लग गए। क्या होगा। अरे चोर च*र आए, जंगल में रहने वाले ऐसे जानवर, हुकूमतों में बैठ कर अगर किसी गरीब के घर पर बुलडोजर चलाते हैं तो तुम खौफ न खाना। ये कीड़ों से भी कम ताकत रखने वाले बाबा हैं। कीड़ों से भी कम ताकत जिनकी हैबत से तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं। डरने की जरूरत नहीं।”

इसी वीडियो में आगे मुफ़्ती सलमान अज़हरी खुद को सुन रहे लोगों को भड़काता दिखा। उसने आगे कहा, “उनको ललकार कर के कहो कि तुमने तो एक घर नष्ट किया है या किसी की दुकान पर बुलडोजर चलाया है। ये तो दीवारें हैं बन जाएँगी। जिस दिन तुम्हारा मन करे सीने पर चलाओ। उस दिन भी हम अपने नबी का नाम पुकारते रहेंगे।”

सलमान अजहरी ने अपने इस वीडियो के पीछे योगी आदित्यनाथ के साथ यति नरसिंहानंद की फोटो ग्राफिक में लगा रखी है। इस वीडियो को बरकाती नेटवर्क पर ही अब तक लगभग 14 लाख लोग देख चुके हैं। इसके नीचे ईशान खान, ज़ाहिद, वाहिद अंसारी और मदासिफ खान आदि ने माशाअल्लाह व लब्बैक लब्बैक आदि लिख कर सलमान अज़हरी का समर्थन किया है।

गौरतलब है कि सलमान अज़हरी विवादित बयानबाजी के लिए कुख्यात है। फरवरी 2024 को अज़हरी का एक अन्य वीडियो सोशल मीडिय पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में अज़हरी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के खिलाफ लोगों को भड़काता दिख रहा है। उससे साल 31 जनवरी को सलमान अज़हरी ने गुजरात के जूनागढ़ में भी आपत्तिजनक बयानबाजी की थी। इस बयानबाजी में उसने कुत्ता जैसे शब्द प्रयोग कर के हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला था। जून 2022 में मुफ़्ती सलमान अज़हरी ने उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपितों को क्लीन चिट दे डाली थी।

बताते चलें कि अपनी आपत्तिजनक बयानबाजी के चलते सलमान अज़हरी फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में हैं। बुधवार (21 फरवरी) को उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है। 12 फरवरी 2024 को उसे गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पहली गिरफ्तारी में सलमान को 24 घंटे में जमानत मिल गई थी। हालाँकि गुजरात पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। एक अन्य FIR में गुजरात पुलिस को सलमान अज़हरी की 5 दिनों की रिमांड मिल गई। रिमांड अवधि पूरी होने पर अज़हरी को जेल भेज दिया गया है।

दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में मर गए थे अशफाक और ज़ाकिर, जिन 4 हिन्दुओं पर लगा आरोप उन्हें कोर्ट ने किया बरी: नहीं मिला सबूत

दिल्ली की एक अदालत ने साल 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों में हत्या के एक मामले में 4 आरोपितों को बरी कर दिया है। बरी होने वाले आरोपितों के नाम अशोक, अजय, शुभम और जितेंद्र हैं। इन चारों पर अशफाक हुसैन और ज़ाकिर की हत्या करने का आरोप था। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि पुलिस इस बात के ठोस सबूत नहीं दे पाई कि चारों आरोपित दंगाई भीड़ का हिस्सा थे। यह फैसला शुक्रवार (16 फरवरी, 2024) को सुनाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला 25 फरवरी, 2020 का है। तब थाना क्षेत्र दयालपुर के अंतर्गत आने वाली बृजपुरी क्षेत्र में साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान अशफाक हुसैन और ज़ाकिर नाम के 2 युवकों की हत्या हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 2 अलग-अलग FIR दर्ज की थी। इन FIR में अशोक, अजय, शुभम और जितेंद्र को आरोपित किया गया। जाँच के बाद विवेचक ने भी इन्हीं 4 आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेजी। आखिरकार लगभग 4 साल बाद इस मामले की सुनवाई दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक कोर्ट में पूरी हुई।

16 फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलों के साथ तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर सेशन जज पुलत्स्य प्रमाचला ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है जिस से यह साबित हो रहा हो कि घटना के समय चारों आरोपित वहाँ मौजूद थे। अदालत ने इस बात का भी जिक्र किया कि घटना के चश्मदीद गवाह ने भी बाद में आरोपों के विपरीत गवाही दी। हालाँकि, पुलिस ने कॉल डिटेल के साथ तलवारों व कपड़ों आदि की बरामदगी के आधार पर चारों आरोपितों को सजा देने की माँग की थी।

अदालत ने इन सबूतों को अजय, शुभम, अशोक और जितेंद्र को दंडित करने के लिए नाकाफी माना। टिप्पणी में कोर्ट ने यह कहा कि किसी के पास तलवार बरामद होने का अर्थ ये नहीं है कि उसी से मृतक की हत्या हुई हो। कपड़ों की बरामदगी के बारे में अदालत ने टिप्पणी में कहा कि अभियोजन पक्ष ने इन सबूतों की फॉरेंसिक जाँच नहीं करवाई थी। अंत में अदालत ने सभी 4 आरोपितों को पुलिस FIR में लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया।

मुस्लिम हैं विक्रांत मैसी के बड़े भैया, ’12वीं फेल’ हीरो ने बताया- 17 साल में कबूला था इस्लाम, पिता ने कुछ नहीं कहा

बॉलीवुड अभिनेता और ’12वीं फेल’ फिल्म के एक्टर विक्रांत मैसी ने हाल में समदीश के शो में इंटरव्यू देने के दौरान परिवार से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया। विक्रांत मैसी ने बताया कि उनके घर में अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। उनकी माँ सिख हैं, उनके पिता ईसाई धर्म को मानते हैं और उनका भाई मुसलमान बन गया है। विक्रांत ने यह खुलासा करते हुए बताया कि 17 साल की उम्र में उनके भाई ने इस्लाम कबूला था। उसका नाम मोइन है।

विक्रांत मैसी ने अनफिल्टर्ड बाय समदीश के इंटरव्यू में 1 घंटा 11 मिनट के स्लॉट के बाद धर्म पर बात करते हुए कहा, “मेरे भाई का नाम मोइन है, और मेरा नाम विक्रांत है। आपको आश्चर्य होगा कि मोइन नाम क्यों? उसने इस्लाम अपना लिया, मेरे परिवार ने उसे अपना धर्म बदलने दिया। उन्होंने कहा कि बेटा, अगर तुम्हें इसमें संतुष्टि मिलती है तो आगे बढ़ो। उसने 17 साल की उम्र में धर्म परिवर्तन किया, यह एक बड़ा कदम है। मेरी मां सिख हैं। मेरे पिता ईसाई हैं और चर्च जाते हैं। वह हफ्ते में दो बार चर्च जाते हैं। मैंने छोटी उम्र से ही धर्म और आध्यात्म को लेकर काफी तर्क सुने और बहस देखी है।”

विक्रांत मैसी कहते हैं कि जब उनके भाई ने इस्लाम कबूला था तब बहुत लोगों ने उनके पिता से सवाल किए थे लेकिन उन्होंने इसका जवाब दिया। विक्रांत बोले, “मेरे करीबी रिश्तेदारों ने मेरे पिता से सवाल किया कि तुम इसकी (भाई के धर्म परिवर्तन की) अनुमति कैसे दे सकते हो। इस पर पापा ने जवाब दिया कि यह सोचना उनका (रिश्तेदारों) का काम नहीं है। वो मेरा बेटा है। वो सिर्फ मेरे प्रति जवाबदेह है और उसे यह चुनने का पूरा अधिकार है कि वह क्या चाहता है। यह देखने के बाद, मैं अपनी खोज में लग गया और सोचने लगा कि आखिर धर्म क्या है? यह इंसान (Man-Made) की बनाई हुई चीज है।”

बता दें कि विक्रांत मैसी पहले टीवी कलाकार हुआ करते थे, लेकिन बाद उन्होंने फिल्मों में स्विच किया और अच्छा खासा नाम कमाया। अभी हाल में उनकी 12th fail फिल्म भी लोगों को खूब पसंद आई है। परिवार की बात करें तो वह उनका उनके पिता का नाम जॉली है और माँ का नाम मीना मैसी है। उन्होंने 2022 में अपनी गर्लफ्रेंड शीतल ठाकुर से शादी की थी। 7 फरवरी 2024 को दोनों के एक बेटा हुआ। अब जल्द ही वह एकता कपूर की फिल्म साबरमती रिपोर्ट में नजर आएँगे।

तीर से ड्रोन गिराने का दावा करने वाले निहंग ने दी बैसाखी पर खून-खराबे की धमकी, दीप सिद्धू को मानता है कहा – ‘बंदी सिंहों’ को छुड़ाने को एजेंडा बनाएँ किसान

सोमवार (19 फरवरी, 2024) को पंजाबी यूट्यूब समाचार चैनल ‘रोजाना स्पोक्समैन’ का एक निहंग सिख के साथ बातचीत का वीडियो सामने आया। निहंग सिख का नाम गुरवंत सिंह है और वह अपनी तीरंदाजी को लेकर जाना जाता है। उसने इस वीडियो पर काफी विवादास्पद बयान दिए। सिंह किसानों के आंदोलन में भाग ले रहा है। उसने पंजाब के बड़े त्यौहार बैसाखी पर खून-खराबे की धमकी दी और कहा कि सरकार को इसके परिणाम झेलने होगे। उसने यहाँ तक कहा कि यदि सिख धर्मगुरु आंदोलन में पहुँच गए तो बैरिकेड मिनटों में हट जाएँगे।

उसने हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आँसू गैस के गोले छोड़ने को लेकर भी प्रश्न किए। उसने कहा कि जो लोग लंगर बाँटते हैं उन पर आँसू गैस नहीं चलाई जानी चाहिए। हालाँकि, यह अब एक नयन शगल बन गया है कि सेवा को प्रदर्शन के लिए ढाल की तरह उपयोग किया जाए। जहाँ असल में यह लोग सेवाभाव से करते हैं तो वहीं प्रदर्शनकारी इसे अपनी एक विशेषता के तौर पर दर्शाते हैं।

गुरवंत सिंह ने किसानों के प्रदर्शन को छोड़ कर और भी कई आपत्तिजनक बातें की। उसने कहा कि निहंग सिख भी प्रदर्शन में जाएँगे लेकिन उनकी माँग है कि किसान अपने एजेंडा में ‘बंदी सिंह’ को छुड़वाने को लेकर वादा करें। ‘बंदी सिंह’ उन खालिस्तान सिख समर्थकों को कहा जाता है जो आतंक के किसी मामले में जेल काट रहे हैं। इनको छोड़ने की माँग लम्बे समय से हो रही है। गुरवंत सिंह ने भी यही बात दोहराई।

इसके बाद वह अपनी तीरंदाजी के गुर बताने लगा। निहंग गुरवंत ने कहा कि वह ड्रोन को भी तीर का निशाना लगाकर नीचे गिरा सकता है। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि अम्बाला के शम्भू बॉर्डर पर डटे प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने और उनको नियंत्रित करने के लिए हरियाणा पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। उसने इसके साथ ही कहा कि अगर ड्रोन गिराने के कारण वह किसी कानूनी पचड़े में फँसता है तो उसकी विधिक सहायता कौन करेगा, इसकी उसे चिंता है। उसने यहाँ अपनी तुलना ‘बंदी सिंहों’ के साथ की।

उसने यहाँ CRPF की आलोचना भी की, उसने कहा कि CRPF वालों को ब्रेनवॉश किया गया है कि वह प्रदर्शनकारियों को दिल्ली जाने से रोकें। उसने दावा किया कि इन्हें मेडल देने का वादा किया जा रहा है। साथ ही गुरवंत ने खालिस्तान की विचारधारा को लेकर भी बात की। उसने यहाँ दीप सिद्धू का नाम लिया। दीप सिद्धू पहले एक अभिनेता था जो कि किसान आन्दोलन 1.0 के समय नेतागिरी करने में आ गया था। गुरवंत ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वह निशान साहिब के तले दिल्ली की तरफ कूच करें।

उसने ये भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को टिड्डियो की तरह एक साथ चलना चाहिए ना कि मेढकों की तरह इधर-उधर कूदना चाहिए। इसके बाद उसने बैसाखी त्योहार पर खून-खराबे की धमकी भी दी। गुरवंत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों में ‘चंडी दा वार’ का उपयोग करके और भी ताकत भरी जानी चाहिए। उसका यह वीडियो यूट्यूब पर लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे लोगों पर नजर रखने की जरूरत है। उसकी खून-खराबे वाली धमकी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को जाँच करनी चाहिए।

यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि रोज कोई ना कोई कैमरा पर आकर सिखों को भड़काने का काम करता रहता है, ऐसे में लोगों को संभल कर कैमरा पर बोलना चाहिए क्योंकि इससे समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं और भड़काऊ भाषणों से कानून व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है।

एक और संदेशखाली: TMC नेता खलील अहमद के खिलाफ हावड़ा में महिलाओं ने खोला मोर्चा, जिस तालाब में करते है विसर्जन उस पर कर रहा कब्जा

बंगाल के संदेशखाली के बाद अब हावड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले पंचला कस्बे में महिलाओं के एक बड़े समूह ने सड़क पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन सोमवार (19 फरवरी, 2024) को हुआ। महिलाएँ स्थानीय तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता शेख खलील अहमद के जमीनों को कब्जाने को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं। बड़ी संख्या में महिला यहाँ झाड़ू और लाठियों के साथ प्रदर्शन करने उतरीं।

प्रदर्शनकारी महिलाएँ आरोप लगा रही हैं कि यहाँ का सबसे बड़े तालाब, जो कि 360 बीघा में फैला हुआ है, में रेत भरी जा रही है। इस तरीके से तालाब को पाट देने की योजना है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के स्थानीय नेता शेख खलील अहमद पर किसानों की जमीन जोर जबरदस्ती से कब्जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा है कि अहमद बहुत ही कम कीमत पर यह जमीनें खरीद रहा है।

इस मामले में बंगाली समाचार चैनल ABP आनंद की एक रिपोर्ट बताती है कि जब यहाँ के लोगों ने अहमद के अवैध कामों को लेकर प्रश्न उठाया तो उसके गुडों ने लोगों पर हमला बोल दिया। उसके गुंडों ने यह हमला 18 फरवरी को किया। इस मामले में स्थानीय पुलिस थाने में एक शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।

हालाँकि, सही कार्रवाई ना होते देख पंचाल की महिलाओं ने मामला अपने हाथ में लिया और सोमवार (19 फरवरी, 2024) को झाड़ू-लाठी लेकर सड़कों पर आ गईं। उन्होंने यहाँ प्रदर्शन करते हुए उन वाहनों को भी रोका जिनमें रेत भर कर इस तालाब में डालने के लिए ले जाई रही थी।

इस प्रदर्शन के बाद काफी अफरा तफरी माहौल बन गया। यहाँ पुलिस भी इन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहुँची। महिलाओं का प्रदर्शन रोकने के लिए ममता सरकार ने यहाँ त्वरित कार्य बल (Rapid Action Force) की तैनाती भी कर दी है।

हालाँकि, इस महिला प्रदर्शन के बाद TMC नेता बैकफुट पर आ गए हैं। स्थानीय तृणमूल MLA गुलशन मलिक ने इस मामले को लेकर कहा कि यह भाजपा की साजिश है। उन्होंने इस मामले के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। मलिक ने कहा कि महिलाओं को सड़कों पर उतरने के लिए भाजपा ने कहा है।

NEWS18 बांग्ला से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया, “यहाँ एक जलाशय हुआ करता था, अब उसको पाटा जा रहा है। उन्होंने हमारी जमीन लेकर उसको भी पाट दिया है, हमारे पास खाने को भी कुछ नहीं है।”

महिला ने बताया कि इस जलाशय का उपयोग स्थानीय लोग नहाने और मूर्तियाँ विसर्जित करने के लिए करते हैं। महिला ने यह आरोप लगाया कि यह जमीन बिना खरीदे ही इसमें रेत भरी जा रही है जिसके कारण प्रदर्शन हो रहा है।

एक स्थानीय भाजपा नेता पौलोमी अदक ने कहा, “यहाँ पर लोग खेतीबाड़ी करके गुजारा करते हैं, लोगों का कामधंधा खत्म करने के लिए TMC के गुंडों ने तालाब में रेत भरने का काम किया है। ऐसे में अब यहाँ जब बरसात होगी तो बाढ़ आएगी। यहाँ का प्रशासन, पंचायत और सरकारी अधिकारी एकदम निष्क्रिय हैं। यह सब खलील के इशारे पर रहा है जो कि यहाँ पंचायत का उप मुखिया है।”

संदेशखाली में भी महिला प्रदर्शन में जमीन का मामला

बंगाल के ही संदेशखाली से महिलाओं के यौन उत्पीड़न के अलावा जमीन कब्जाने के मामले भी सामने आए हैं। इसका आरोप TMC नेता शेख शाहजहाँ और उसके दो गुर्गों शिबू हाजरा, उत्तम सरदार पर लगा है। यहाँ भी महिलाओं ने इनके खिलाफ उतर कर प्रदर्शन किया और उसकी संपत्तियों को तहस नहस किया। इन महिलाओं पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं ने हमला भी किया लेकिन पुलिस ने बीचबचाव करने की जहमत नहीं उठाई। इसके बाद यहाँ धारा 144 लगा दी गई। अभी संदेशखाली मामला पूरे देश की नजरों में है।

कॉन्ग्रेस के डोनेशन अभियान में सबसे ज्यादा दान अल्पसंख्यक विभाग को, इसके आधे में भी नहीं OBC या किसान प्रकोष्ठ: ‘न्याय यात्रा’ में राहुल गाँधी ने माँगा और चंदा

राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ निकाल रहे हैं। इस दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी लगातार अपना डोनेशन अभियान भी चला रही है। खबर लिखे जाने तक पार्टी 22.59 करोड़ रुपए इकट्ठी भी कर चुकी है। इसमें से 5.68 करोड़ रुपए मौजूदा यात्रा के दौरान आए हैं। सबसे अधिक 1.07 करोड़ रुपए का दान आंध्र प्रदेश से आया है, जिसके बाद राजस्थान (88.65 लाख रुपए) का स्थान है। 12% दानदाता अकेले इसी राज्य से हैं, वहीं 11.9% उत्तर प्रदेश से हैं।

अब एक खास बात आपको बताते हैं। कॉन्ग्रेस को दान देते समय ये पूछा जाता है कि आप पार्टी के किस विभाग को रुपए डोनेट करना चाहते हैं। जैसे प्रोफेशनल्स कॉन्ग्रेस, यूथ कॉन्ग्रेस, सेवा दल या फिर OBC डिपार्टमेंट। लेकिन ठहरिए, अभी आपको हम ये बताते हैं कि सबसे ज्यादा दान कॉन्ग्रेस के किस विभाग को मिल रहा है। प्रोफेशनल्स, यूथ, सेवा, किसान, SC, जनजातीय, छात्र (NSUI) या OBC नहीं, बल्कि माइनॉरिटी डिपार्टमेंट इन सबसे आगे है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग को सबसे अधिक डोनेशन मिल रहा है। खबर लिखे जाने तक पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग को 90.82 लाख रुपए का दान मिल चुका है। दूसरे स्थान पर प्रोफेशनल्स प्रकोष्ठ है, लेकिन उसका आँकड़ा अल्पसंख्यक वाले का आधा भी नहीं है। उसे 39.34 लाख रुपए का डोनेशन मिला है। ये आँकड़ा ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का है। राहुल गाँधी ने एक ट्वीट के जरिए डोनेशन की माँग की है और वेबसाइट का लिंक साझा किया है, जिस पर ये आँकड़े मौजूद हैं।

ये चौंकाने वाला है, क्योंकि राहुल गाँधी कभी केंद्रीय सचिवों की नियुक्ति में OBC को प्रतनिधित्व न दिए जाने के आरोप लगाते हैं, तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नकली OBC’ बताते हैं। राहुल गाँधी ने कई भाषणों में ओबीसी-ओबीसी का रट्टा लगाया, लेकिन पार्टी के दानदाता ओबीसी प्रकोष्ठ को पैसे दे ही नहीं रहे हैं। संसद में भी राहुल गाँधी ने ओबीसी वाला मुद्दा उठाया था। अब उन्हें अपील करनी चाहिए कि सिर्फ अल्पसंख्यक ही नहीं, पार्टी की ओबीसी यूनिट को भी लोग दान दें।

‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान कॉन्ग्रेस के माइनॉरिटी डिपार्टमेंट को सबसे ज्यादा डोनेशन

इससे पहले जब कॉन्ग्रेस ने डोनेशन अभियान चलाया था तब अजबोगरीब गड़बड़झाला हुआ था। असल में कॉन्ग्रेस पार्टी ने समर्थकों से चंदा इकट्ठा करने के लिए ‘डोनेट फॉर देश’ नाम का अभियान शुरू किया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने जिस नाम का अभियान शुरू किया था उस नाम का डोमेन नेम किसी और ने रजिस्टर कर लिया था। न सिर्फ रजिस्टर कर लिया था, बल्कि वहाँ भाजपा को डोनेट करने का लिंक भी डाल दिया गया था। इसके बाद समर्थकों ने ही पार्टी को गालियों से नवाजा था।

बीहड़ की जमीन पर किया कब्जा, फिर शुरू की बीफ मंडी: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, 70 बीघा जमीन से हटाया कब्जा; रोज काटते थे 20 गाय

राजस्थान के अलवर में बीफ मंडी के खुलासे के बाद प्रशासन एक्शन के मोड में है। यह मंडी किशनगढ़बास में रूंध गिदावड़ा के बीहड़ों में चल रही थी। करीब 20 गाय रोजाना खुलेआम काटी जाती थी। 50 गाँवों और लगभग 300 दुकानों में गोमांस की सप्लाई होती थी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बीहड़ की लगभग 500 बीघे जमीन पर पहले कब्जा किया गया और फिर बीफ मंडी शुरू की गई। कब्जे की 70 बीघे जमीन पर गेहूँ और सरसों की फसल लगाई गई थी। अवैध निर्माण भी थे। सोमवार (19 फरवरी 2024) को प्रशासन ने फसल रौंदकर इस जमीन को मुक्त कराया। साथ ही गोकशी से जुड़े लोगों के करीब दर्जनभर निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।

खैरथल-तिजारा के कार्यवाहक एसपी अनिल बेनीवाल के हवाले से बताया गया है कि पुलिस काे बीहड़ में गोकशी के लिए लाई गई एक दर्जन गाय मिली हैं। इन्हें बचाकर गोशाला भेजा गया है। 18 फरवरी को बीहड़ के आसपास के गाँवों में दबिश के बाद 35 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए करीब 300 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को राजस्थान के वनमंत्री संजय शर्मा ने अलवर के बास थाना क्षेत्र में उन बीहड़ों का दौरा किया, जहाँ गौमांस की मंडी चलने की शिकायत मिली थी। इस दौरान रुंध गिदावड़ा गाँव में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। गोतस्करी में शामिल लोगों को चोरी की बिजली किसके माध्यम से मिली, इसके जाँच के उन्होंने आदेश दिए हैं। वहीं SDM को फटकार लगाते हुए कब्ज़ा की गई सरकारी भूमि को भी फ़ौरन मुक्त कराने का आदेश दिया है।

इस बीच पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बीफ मंडी को लेकर 25 लोगों को नामजद किया गया है। केस दर्ज होने के बाद से ये सभी फरार हैं। आरोपितों में कई ऐसे भी हैं जिन पर पहले से ही गोकशी और गोतस्करी जैसे मामले दर्ज हैं। मामले का खुलासा होने के बाद पूरे बास थाना को लाइन हाजिर कर दिया गया था। 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड भी किए गए हैं।

दैनिक भास्कर ने रविवार (18 फरवरी 2024) को अलवर के बास थाना क्षेत्र में चल रही बीफ मंडी का खुलासा किया था। खुलासे में ऐसे वीडियो सामने आए थे जिसमें बिरसंगपुर के पास रुंध गिदवडा के बीहड़ों में गायों को बेरहमी से मार कर उनकी खाल उतारी जा रही थी। व्हाट्सएप पर मांस के ऑर्डर लेकर घर तक सप्लाई की जाती थी। इस मंडी में सैकड़ों की तादाद में खरीदार भी आते थे।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि बीफ मंडी की जानकारी होने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। खुलासे के बाद जयपुर रेंज के IG उमेश चंद्र दत्त के नेतृत्व में बास इलाके के उन बीहड़ों में छापेमारी की गई, जहाँ गोकशी होने का दावा किया गया था। सूचना सही पाई गई। पुलिस को देखकर गोतस्कर अपने वाहन छोड़ फरार हो गए थे।

अब तक क्यों नहीं किया शेख शाहजहाँ को गिरफ्तार: संदेशखाली पर कलकत्ता HC ने लगाई ममता सरकार को फटकार, TMC के गुंडों पर था यौन शोषण का आरोप

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पीड़िताओं ने अपने बयान में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शेख शाहजहाँ का नाम आरोपितों के तौर पर स्पष्ट ढंग से लिया है, लेकिन फिर भी वह आजाद है। ऐसे में कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि शाहजहाँ को इस तरह राज्य से बढ़ावा नहीं मिल सकता। प्रथम दृष्ट्या में पता चलता है कि उसने लोगों का नुकसान किया है।

पीठ ने कहा, “यह चौंकाने वाला है कि समस्या की जड़ वाला व्यक्ति अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है और वो फरार है। अगर उसके खिलाफ हजारों झूठे आरोप हैं, लेकिन इनमें अगर एक भी आरोप सही है तो आपको उसकी जाँच करनी चाहिए। आप बेवजह लोगों को परेशान कर रहे हैं।”

कोर्ट ने कहा- “राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या तो है। वह जनप्रतिनिधि है। वह कानून का अपमान नहीं कर सकता। देखते हैं कि वो कोर्ट के आगे पेश होगा या नहीं।” कोर्ट ने कहा कि स्वत: संज्ञान मामले में हम उन्हें सरेंडर करने को कहेंगे।”

अदालत ने कहा- “पूरे 18 दिन हो गए हैं। एक आदमी जो पूरी समस्या की जड़ है वो अब भी फरार है। हमें ये भी नहीं पता कि उसे संरक्षण मिला है या नहीं लेकिन उसे नहीं पकड़ा जा सका है ये पक्का है।”

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक ओर जहाँ टीएमसी नेता की गिरफ्तारी न करने पर बंगाल सरकार को फटकारा है, वहीं कोर्ट की डिविजन बेंच ने आज (20 फरवरी 2024) बंगाल के प्रतिपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी को हिंसा प्रभावित संदेशखाली में जाने की इजाजत दी, जिसके बाद बीजेपी नेता संदेशखाली पहुँचे। अब वह वहाँ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।

लाल मोहम्मद से शाहीना बेगम तक, सब हुए PM मोदी के कायल, जम्मू को PM मोदी ने दी ₹32000 करोड़ की सौगात, बोले – ‘आर्टिकल 370’ फिल्म से सामने आएगी सच्चाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (20 फरवरी, 2024) को जम्मू का दौरा किया। उन्होंने न सिर्फ जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की, बल्कि मौलाना आज़ाद मैदान में एक विशाल रैली को भी संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान 32,000 करोड़ रुपए से भी अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदेश को दी। आवास योजना के लाभार्थी पुँछ के लाल मोहम्मद से लेकर सेल्फ-हेल्प ग्रुप की लाभार्थी बाँदीपोरा की शाहीना बेगम तक, सबने एक सुर से पीएम मोदी की तारीफ़ की।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वो लखपति दीदी की बात करते हैं, तो दिल्ली के AC कमरों में बैठकर जो दुनियाभर की गंध उछालते रहते हैं, उनके गले से उतरता ही नहीं हैं कि कोई गाँव में लखपति दीदी बन सकता है। लाभार्थियों से बात करने के बाद उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अब समझ आएगा कि ये हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि अब हमने विकसित जम्मू-कश्मीर का संकल्प लिया है। उन्होंने वहाँ की जनता पर विश्वास जताते हुए कहा कि हम सब विकसित जम्मू-कश्मीर बनाकर रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 70-70 साल से अधूरे आपके सपने आने वाले कुछ ही वर्षों में मोदी पूरे करके देगा। पीएम मोदी ने याद किया कि एक वो दिन भी थे, जब जम्मू-कश्मीर से सिर्फ निराशा की खबरें आती थीं – बम, बंदूक, अपहरण, अलगाव… ऐसी ही बातें जम्मू-कश्मीर का दुर्भाग्य बना दी गई थीं, लेकिन आज जम्मू-कश्मीर विकसित होने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। बकौल पीएम मोदी, जम्मू-कश्मीर बहुत दशकों तक परिवारवाद की राजनीति का शिकार रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद की राजनीति करने वालों ने हमेशा सिर्फ अपना स्वार्थ देखा है, आपके हितों की चिंता नहीं की है। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति का सबसे ज्यादा अगर कोई नुकसान उठाता है, तो हमारे युवा उठाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो सरकारें सिर्फ एक परिवार को आगे बढ़ाने में जुटी रहती हैं, वो सरकारें अपने राज्य के दूसरे युवाओं का भविष्य ताक पर रख देती हैं और ऐसी परिवारवादी सरकारें युवाओं के लिए योजनाएँ बनाने पर भी प्राथमिकता नहीं देती।

पीएम मोदी ने कहा, “सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचने वाले लोग कभी आपके परिवार की चिंता नहीं करेंगे। मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर को इस परिवार राजनीति से मुक्ति मिल रही है। नया भारत अपनी वर्तमान पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा खर्च कर रहा है। बीते 10 साल में देश में रिकॉर्ड संख्या में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज का निर्माण हुआ है। आज हम एक नया जम्मू-कश्मीर बनते हुए देख रहे हैं। प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी दीवार अनुच्छेद-370 की थी, इस दीवार को भाजपा सरकार ने हटा दिया है। अब जम्मू कश्मीर संतुलित विकास की ओर बढ़ रहा है।”

पीएम मोदी ने इस दौरान यामी गौतम की आने वाली फिल्म ‘आर्टिकल 370’ का भी जिक्र किया और जम्मू की जनता से कहा कि पूरे देश में आपकी जय जयकार होने वाली है। उन्होंने कहा कि ये अच्छा है, लोगों को सही जानकारी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि अब जम्मू-कश्मीर का कोई भी इलाका पीछे नहीं रहेगा, सब मिलकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग दशकों तक अभाव में जी रहे थे, उन्हें भी आज सरकार के होने का एहसास हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा, “भारत के संविधान में जिस सामाजिक न्याय का भरोसा दिया गया है, वो भरोसा पहली बार जम्मू-कश्मीर के सामान्य जन को भी मिला है। हमारे शरणार्थी परिवार हों, वाल्मीकि समुदाय हो, सफाई कर्मचारी हों, उनको लोकतांत्रिक हक मिला है। आज जब दुनिया, जम्मू-कश्मीर में G-20 का आयोजन होते देखती है, तो इसकी गूँज बहुत दूर तक पहुँचती है। पूरी दुनिया, जम्मू-कश्मीर की सुंदरता, यहाँ की परंपरा-संस्कृति और आप सभी के स्वागत से बहुत प्रभावित हुई है। आज हर कोई जम्मू-कश्मीर आने के लिए तत्पर है।”

मैं भी बन सकता था विराट-रोहित पर… ममता के मंत्री ने MSD से पूछा सवाल, आखिरी घरेलू मैच के बाद मनोज तिवारी ने धोनी को बनाया ‘विलेन’

पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा है कि अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें भारतीय टीम में उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इसके लिए टीम प्रबन्धन और तत्कालीन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को जिम्मेदार ठहराया है और उनसे सवाल पूछने की बात कही है। तिवारी ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी की आलोचना की थी, जिसके कारण उन्हें BCCI का जुर्माना झेलना पड़ा है।

मनोज तिवारी ने हाल ही में अपना अंतिम घरेलू मैच खेला। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इसी दौरान यह बात कही। जब उनसे भारतीय टीम में मौके ना मिलने की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा, “जब भी मौका मिलेगा, मैं धोनी से पूछना चाहूँगा कि मुझे अंतिम 11 में क्यों नहीं लिया गया जबकि मैंने शतक बनाया था? मुझमें भी विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसा प्रदर्शन करने की क्षमता थी लेकिन मैं नहीं बन सका। आज जब मैं खिलाड़ियों को मौके पाते हुए देखता हूँ तो मुझे दुख होता है।”

मनोज ने अपने प्रदर्शन को लेकर भी इस दौरान बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे भारतीय टीम से टेस्ट खेलने का मौक़ा नहीं दिया गया जबकि तब प्रथम श्रेणी में मेरा औसत 65 का था। उन्होंने कहा कि उनके अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उनकी जगह युवराज सिंह को टीम में लिया गया, इसके बाद जब उन्होंने शतक बनाया तब भी अगले 14 मैच तक उन्हें जगह नहीं दी गई। मनोज ने कहा कि उन्हें लगातार 14 मैच के लिए टीम में नहीं लिया गया जिससे उनका आत्मविश्वास टूट गया।

गौरतलब है कि 38 वर्षीय तिवारी ने बंगाल से आते हैं। वह बंगाल के लिए अब तक घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन 2008 में हुआ था। उन्हें 12 एकदिवसीय जबकि 3 टी20 मैच खेलने का मौक़ा BCCI द्वारा दिया गया था। उन्हें टेस्ट टीम में कभी जगह नहीं दी गई। हालाँकि, प्रथम श्रेणी के क्रिकेट में उन्होंने 148 मैच खेले हैं। इसमें उनके 10,000 से अधिक रन हैं। वह बंगाल टीम के कप्तान भी रहे हैं। उन्होंने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लिया है। उन्होंने अपना अंतिम मैच 2015 में खेला था।

मनोज तिवारी का धोनी को लेकर यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में मनोज तिवारी पर BCCI ने जुर्माना भी लगाया था। उन पर भारत में सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी की आलोचना करने को लेकर यह जुर्माना लगाया गया था। दरअसल, मनोज तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करके कहा था कि रणजी ट्रॉफी में काफी गड़बड़ियाँ हैं और अगले साल से इसे बंद कर देना चाहिए। इसको लेकर उन पर मैच शुल्क का 20% जुर्माना BCCI ने लगाया था।

उन्होंने हाल ही में नए खिलाडियों के आईपीएल पर अधिक ध्यान देने और रणजी ना खेलने को लेकर भी प्रश्न उठाए थे। मनोज तिवारी वर्तमान में बंगाल की ममता सरकार में खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री हैं। वह हावड़ा की शिबपुरी सीट से 2021 में विधायक चुने गए थे।