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रेप, बीफ खिलाया, कलमा पढ़वाया, ₹10 लाख और गहने लिए… सोहेल खान ने छिपकर बनाया छात्रा का नहाने का वीडियो, करने लगा ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के बरेली से लव जिहाद का डराने वाला मामला सामने आया है। मीरगंज में एक छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाकर सोहेल खान ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद उससे कई बार बलात्कार किया। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्तों से भी बलात्कार करवाया। इस दौरान वह जबरन कलमा पढ़वाकर उसका धर्मांतरण करवाया। आरोपित छात्रा को गोमांस खाने के लिए विवश करता था और मजार पर ले जाकर नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालता था।

इस संबंध में छात्रा ने पुलिस में शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सोहेल के अब्बू और अम्मी को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों से पूछताछ कर रही है। हालाँकि, आरोपित सोहेल खान फरार हो गया है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

मीरगंज थाना क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली 22 साल की छात्रा ने बताया कि वह अगस्त 2015 में अपने घर पर अकेली थी। उसके परिजन खेत पर काम के लिए गए थे। इसी तरह आरोपित सोहेल खान उसके घर में चुपके घुस गया और छिप गया। जब वह नहाने के लिए बाथरूम में गई तो वह छिपकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। जैसे ही छात्रा बाथरूम से निकली तो आरोपित ने उसे पकड़ लिया।

अपनी शिकायत में छात्रा में बताया कि सोहेल खान उसका नहाते हुए वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ रेप किया। इतना ही नहीं, सोहेल ब्लैकमेल करके उसके साथ लगातार बलात्कार करता रहा। छात्रा ने बताया कि आरोपित उसे जबरदस्ती लेकर मस्जिदों और दरगाहों में गया और वहाँ उससे जबरन कलमा और नमाज पढ़वाई।

पीड़िता का कहना है, “कलमा और नमाज पढ़वाने के बाद उसने मुझसे कहा कि अब तू मुसलमान बन गई है। इसके बाद सुहेल ने एक मौलवी को बुलाकर जबरन हम दोनों का निकाह पढ़वा लिया।” लड़की का आरोप है कि इसके बाद आरोपित उसे जबरन गौ मांस खिलाता था। वह जब भी ऐसा करने से मना करती तो वह बदनाम करने के साथ-साथ उसे और उसके पिता को जान से मारने की धमकी देता था।

पीड़िता ने बताया कि उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ समय पहले घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। पीड़िता का कहना है कि 30 जनवरी 2023 को सोहेल को पता चल गया कि उसके पिता ने 10 लाख रुपए की जमीन बेची है। इसके बाद सोहेल ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपए और पीड़िता के माँ के जेवर लेकर मिलने के लिए बुलाया। वहाँ उसने पीड़िता से नकदी और जेवर ले लिए और अपने दोस्त के साथ मिलकर उसका गैंगरेप भी किया।

जब पीड़िता के लिए यह सब असहनीय हो गया तो उसने आत्महत्या करने की कोशिश की। उसका कहना है कि पिता के गंभीर रूप से बीमार होने के कारण उसे आत्महत्या करने की हिम्मत नहीं हुई। इसके हिम्मत करके उसने एसएसपी से मुलाकात कर सारे मामले की जानकारी दी। इसके बाद इस संबंध में मामला दर्ज करके पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

अब्दुल मलिक, तसलीम, रईस, शकील… वांटेड दंगाइयों के लगे पोस्टर, अब तक 42 गिरफ्तार: हल्द्वानी में पुलिस पर किया था हमला

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी, हिंसा और आगजनी को लेकर पुलिस अब एक्शन मोड में है। पुलिस पर लाठी, पत्थर और पेट्रोल बम चलाने वालों की धर-पकड़ हो रही है। नैनीताल पुलिस फरार आरोपितों के पोस्टर शहर में लगवा रही है। इस बीच पाँच अन्य दंगाइयों को गिरफ्तार भी किया गया है।

नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक समेत 9 अन्य लोगों के पोस्टर शहर के अलग-अलग जगहों पर लगवाए हैं। इसमें कहा गया है कि आरोपितों के कहीं भी दिखने पर पुलिस को सूचित की जाए। इसमें पुलिस ने नंबर भी हैं। पुलिस को मलिक के अलावा तस्लीम, वसीम उर्फ़ हप्पा, अयाज अहमद, रईस, अब्दुल मोईद, शकील अंसारी, मौकिन सैफी और जिया उल रहमान की तलाश है।

हल्द्वानी दंगा के मामले में पुलिस अब तक 42 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। नैनीताल पुलिस ने बताया है कि उसने बृहस्पतिवार (15 फरवरी 2024) को पाँच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- मोहम्मद इस्तकार उर्फ जब्बा, शरीफ उर्फ पाचा, आदी खान, मोहम्मद आसिफ और हुकुम रजा। इनमें से अधिकांश बनभूलपुरा के ही निवासी हैं।

हल्द्वानी पुलिस ने हिंसा करने वाले 42 दंगाई गिरफ्तार किए हैं।
नैनीताल पुलिस ने अब तक 42 दंगाई गिरफ्तार किए हैं।

जो दंगाई फरार हैं, उनकी पहचान के लिए पुलिस सबूत जुटा रही है। पुलिस दंगों के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ मोबाइल अथवा मीडिया द्वारा दिखाए गए वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर इन दंगाइयों की पहचान और फिर उनकी गिरफ्तारी कर रही है। इसके लिए पुलिस की विशेष टीमें लगाई गई हैं।

गौरतलब है कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और नगर निगम की टीम पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की दंगाई भीड़ ने हमला कर दिया था। इस दंगे में 6 लोगों की जान चली गई थी। दंगाइयों ने पुलिस को घेर कर उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के दौरान दंगाइयों ने बनभूलपुरा में जमकर उत्पात मचाया था। उन्होंने कई गाड़ियों को आग लगा दी थी। इतना ही नहीं, मुस्लिम दंगाइयों ने हिन्दू पत्रकारों को भी निशाना बनाया था। ऑपइंडिया ने इस मामले में ग्राउंड से दंगे की भयावहता बताई थी।

Haldwani violence police publishes posters of abdul malik and nine others

जबरन गाड़ी रुकवा रहे किसानों से डरी नहीं, भिड़ गईं लड़कियाँ: Video वायरल, कोई कर रहा ‘सैल्यूट’-कोई बता रहा ‘बहादुर’

किसानों के प्रदर्शन ने सामान्य जन जीवन को प्रभावित किया है। कोई जाम में फँस रहा है तो किसी का सड़कों पर विवाद हो रहा है। एक वीडियो ऐसी ही सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें कार में बैठी दो लड़कियों को प्रदर्शनकारी रोक रहे हैं मगर लड़कियाँ आगे बढ़ने पर अड़ी हैं, डटकर उन्हें जवाब दे रही हैं। लड़कियों की बहादुरी को देख लोग खुश हैं और उन्हें सलाम दे रहे हैं।

बता दें कि किसानों ने अपनी माँग मनवाने के लिए 16 फरवरी 2024 को भारत बंद का ऐलान किया था। हालाँकि जब पूरी तरह ऐसा नहीं हो सका तो वह सड़कों पर मनमानी करने लगे। आती-जाती जनता को रोका जाने लगा। इन लड़कियों के साथ भी इन प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने का प्रयास किया लेकिन लड़की ने ये बर्दाश्त करने की बजाय उन्हें जमकर सुनाई।

वीडियो में देख सकते हैं कि लड़कियाँ अपनी कार में बैठी हैं और उनकी वीडियो बनाई जा रही है। स्ट्येरिंग सीट पर बैठी लड़की रुककर उन्हें मिडल फिंगर दिखाती है और गाली-गलौच भी होता है। भीड़ लड़की को घेरकर खड़ी हो जाती है। उससे पूछा जाता है कि वो गाली क्यों दे रही है। इस पर लड़की कहती है- “आप हमें रोक क्यों रहे हो।”

लड़की इसके बाद कहती है- “आपने मुझे हाथ क्यों लगाया? आपने मुझे हरैस (शोषण) किया है। आपने मुझे छुआ है गलत तरीके से।” लेकिन प्रदर्शनकारी उसपर चिल्लाते रहते हैं। इतने में साइड में बैठी लड़की कहती है कि उनकी मजबूरी है आगे जाना। जाने दिया जाए।

इस पर प्रदर्शनकारी कहते हैं कि मजबूरी सबकी है लेकिन भारत बंद है तो बंद है। इस दौरान सीट पर बैठी लड़की प्रदर्शनकारियों की वीडियो बनाती रहती है और फिर उसे देखकर प्रदर्शनकारियों द्वारा वीडियो बंद कर देते हैं, इसके बाद क्या होता है ये नहीं पता लेकिन वीडियो देख लोग लड़की की तारीफ करते नहीं थक रहे।

मधुर सिंह कहते हैं- इस बहादुर लड़की को सलाम जो इस भीड़ के खिलाफ खड़ी हुई।

कई लोग ये भी कह रहे हैं कि भले ही वो लड़की उन प्रदर्शनकारियों को जवाब दे रही है लेकिन ये मन की बात हर सामान्य जन इन लोगों से कहना चाहता है।

दीपक शर्मा लिखते हैं, “एक अकेली किसान की बेटी ने ख़ालिस्तानी आतंकियों का बीच सड़क मुर्गा बना दिया। बोला था न, असली किसान की औलाद से पाला पड़ेगा तो जुबान हलक में अटक जाएगी।”

मोहन पाठक सनातनी लिखते हैं- “मैंने पहले ही बोला था शैतान से लड़ने के लिए शैतान बनना पड़ता है। शरीफ में इतनी हिम्मत नहीं होती।”

4 टाइम बम के साथ पकड़ा गया जावेद, इमराना को देने जा रहा था डिलीवरी: मुजफ्फरनगर दंगों से भी कनेक्शन, नेपाल में हुई है परवरिश

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (UP STF) ने मुजफ्फरनगर से जावेद नाम के एक युवक को चार ज़िंदा टाइम बम के साथ पकड़ा है। जावेद का मुजफ्फरनगर दंगों से भी कनेक्शन सामने आया है। ये टाइम बम इमराना नाम की एक मुस्लिम महिला ने ऑर्डर देकर बनवाए थे। आरोपित से यूपी एसटीएफ, एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार, UP STF ने गुप्त सूचना के आधार मुजफ्फरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के काली नदी का पुल चरथावल रोड से जावेद पुत्र जरीफ अहमद को पकड़ा है। पुलिस ने उसे एक मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे पकड़ा है। उसके पास एक नीले रंग का बैग था, जिसके अंदर यह 4 टाइम बम रखे हुए थे। बैग के अंदर कैम्पस शूज का एक डब्बा था, जिसमें ये बम छुपाकर रखे गए थे।

पुलिस ने बताया है कि जावेद के पास से मिले बम IED टाइप के हैं। इनमें बड़ी सी ग्लूकोज की बोतल लगी हुई है, जिसके भीतर बारूद भरा हुआ है। बम के भीतर लोहे के छर्रे और अन्य विस्फोटक भी भरे हुए हैं। इसमें धमाके का टाइम सेट करने के लिए घड़ियाँ भी लगाई गई है। बम निरोधक दस्ते को बुलाकर इन बमों को निष्क्रिय करा दिया गया है।

पुलिस की पूछताछ में जावेद ने बताया है कि उसने यह बम इमराना नाम की एक महिला के कहने पर बनाए थे। उसने इन बम को बनाने के लिए उसे ₹50,000 देने का वादा किया था। इसके लिए इमराना ने उसे ₹10,000 पहले दिए गए थे और बम की डिलीवरी के बाद ₹40,000 का भुगतान करने को कहा था। इमराना शामली की रहने वाली है और वर्तमान में मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में ही रहती है।

जावेद से पूछताछ में सामने आया है कि उसने बम बनाना मुजफ्फरनगर में ही अपने चाचा और दादा से सीखा है। उसका चाचा मोहम्मद अर्शी मुजफ्फरनगर में पटाखे की दुकान चलाता है। उसने कुछ जानकारी यूट्यूब से इकट्ठा की है। कहा जा रहा है कि जावेद बम बनाने में माहिर है। इन बम का उपयोग कहाँ होना था, इसके बारे में जानकारी सिर्फ इमराना को ही है। इमराना फिलहाल फरार है।

जावेद की परवरिश नेपाल में हुई है। उसके पिता नेपाल घूमने गए थे और वहीं पर नीतू नाम की एक महिला से मुलाकात हुई और दोनों ने शादी कर ली थी। वह दो भाई और एक बहन है। सबका जन्म और परवरिश नेपाल में हुई है। उसकी बहन की शादी नेपाल में ही हुई है और भाई अमेरिका के शॉपिंग मॉल में काम करता है। 7वीं कक्षा के बाद जावेद अपने दादा के पास रहने के लिए मुजफ्फरनगर के मुस्लिम बहुल खालापार में आ गया।

उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया है, “मुजफ्फरनगर में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चार IED बरामद हुई है। ये रिमोट कंट्रोल से ट्रिगर की जा सकती हैं। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान ऐसे ही बम बाँटे थे।” उन्होंने कहा है कि इनके किसी संगठन से जुड़े होने को लेकर उनसे पूछताछ और जाँच की जा रही है।

जिस किसान आंदोलन को हवा दे रहे केजरीवाल, उसी कारण 11 लोगों की मौत: दिल्ली सरकार के विभाग ने ही बताई असली वजह

देश की राजधानी दिल्ली के अलीपुर में गुरुवार (15 फरवरी 2024) की शाम को आग लग गई। ये आग एक पेंट फैक्ट्री में लगी, जिसमें 11 लोगों की जल कर मौत हो गई। इस हादसे की वजह जो भी रही हो, लेकिन राहत एवं बचाव कार्यों में देरी हुई, जिसके चलते इतना बड़ा नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दमकल विभाग को जब इसकी सूचना दी गई, तो दमकल विभाग की गाड़ियाँ काफी देरी से मौके पर पहुँची। अलीपुर अग्निकांड मामले में एक अधिकारी ने किसान आंदोलन की वजह से भारी बैरिकेटिंग को दमकल विभाग की गाड़ियों के पहुँचने में हुई देरी को वजह बताया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग के पहुँचने में देरी हो गई, क्योंकि इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई थी। ये बैरिकेडिंग किसान आंदोलन के चलते की गई है। अधिकारी ने कहा, “पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक था। इसलिए घटनास्थल तक पहुँचने में देरी हुई, क्योंकि कई जगहों पर ट्रैफिक को पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया गया था।”

दमकल के देरी से पहुँचने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जाँच के आदेश दिए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है, आग एक पेंट फैक्ट्री में लगी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई, तो 4 लोग घायल हो गए।” उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए के आर्थिक मदद की बात कही, साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख देने और मामूली रूप से घायल लोगों को 20-20 हजार रुपए देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा, “बताया जा रहा है कि दमकल की गाड़ियाँ देर से पहुँचीं, मैं इसकी जाँच के आदेश दूँगा। फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

अरविंद केजरीवाल ने भले ही जाँच की बात कही हो, लेकिन दिल्ली में किसी भी आपात स्थिति से निपटना काफी मुश्किल हो रहा है। एक तरफ उनकी सरकार किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है। पंजाब से किसानों को बिना किसी रोक-टोक के हरियाणा की सीमाओं को घेरने का मौका दिया जा रहा है, तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को नकार दिया, जिसमें केंद्र सरकार ने बवाना स्टेडियम को अस्थाई जेल में बदलने का अनुरोध किया था। यही नहीं, दिल्ली सरकार ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा था कि सभी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है।

AIIMS, मेट्रो, रेलवे… PM मोदी ने हरियाणा को दी ₹9750 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, कहा- अबकी बार 400 पार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को हरियाणा के रेवाड़ी पहुँचे। यहाँ उन्होंने हरियाणा के विकास को बढ़ावा देने वाले ₹9750 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान 2024 के चुनावों में NDA गठबंधन के 400 से अधिक सीटें मिलने से संबंधित नारा भी दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेवाड़ी में नए AIIMS का शिलान्यास किया। इसमें 720 बेड वाला अस्पताल, 100 सीटों वाला एक मेडिकल कॉलेज, 60 सीटों वाला एक नर्सिंग कॉलेज और 30 बिस्तरों वाला एक आयुष ब्लॉक होगा। इसको बनाने में ₹1650 करोड़ का खर्चा आएगा। इसे 203 एकड़ में बनाया जा रहा है। इसमें कर्मचारियों और छात्रों के लिए छात्रावास भी होंगे।

पीएम मोदी ने रोहतक-महम रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई है। लगभग 70 किलोमीटर लम्बी यह रेल लाइन रोहतक से हाँसी को जोड़ती है। इससे रोहतक और हिसार सीधे तौर पर जुड़ गए हैं। यह परियोजना लगभग 900 करोड़ रुपए की है। इससे हरियाणा और उसके आसपास के लोगों को आवागमन में आसानी होगी।

हरियाणा के गुरुग्राम के लिए नई मेट्रो लाइन का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया। यह मेट्रो प्रोजेक्ट 28.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 27 नए स्टेशन होंगेे। यह वर्तमान में दिल्ली से गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर जाने वाली येलो लाइन को आगे साइबर सिटी तक जुड़ेगा। इससे रोजाना सफ़र करने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह मेट्रो परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे के पास से होकर निकलेगी।

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार की शुरुआत उन्होंने यहीं से की थी। उन्होंने कहा कि पिछली बार 272 सीट मिली थी और अब रेवाड़ी वालों के आशीर्वाद से NDA को 400 सीटें मिलेंगी। पीएम ने कहा कि उन्होंने ₹10,000 करोड़ की परियोजनाओं कि सौगात हरियाणा को दी है। यह प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेवाड़ी में कॉन्ग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के लोग पहले भगवान राम को काल्पनिक बताते थे और अब जय सियाराम का नारा लगाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस देश के लोगों को छोटी-छोटी सुविधाओं से दूर रखती है। प्रधानमंत्री ने कॉन्ग्रेस को परिवार मोह में फँसा बताया। प्रधानमंत्री ने रेवाड़ी से पहले राजस्थान को भी ₹17,000 करोड़ की सौगात भी दी।

साध्वी प्रज्ञा का इमरान एंड गैंग ने झटका था व्हीलचेयर, किया दुर्व्यवहार: MP ने बताया षड्यंत्र, अकासा एयर ने कहा- तकलीफ के लिए माफ करें

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ने अकासा एयर के ड्यूटी मैनेजर पर नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया और इस मामले की शिकायत उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की। उनके इस ट्वीट के बाद एयरलाइन्स ने यह मामला अपने संज्ञान में लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अब साध्वी प्रज्ञा के साथ फ्लाइट में हुआ क्या ये ट्वीट में स्पष्ट नहीं है। लेकिन उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है कि वो इस पूरे मामले के बारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया को विस्तार से शिकायत करेंगी।

दैनिक भास्कर को सांसद प्रज्ञा ने कहा, “वे मुंबई से दिल्ली के लिए अकासा एयर की फ्लाइट से रवाना हुई थीं। रात करीब 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के ड्यूटी मैनेजर इमरान और उसकी पूरी गैंग ने उन्हें नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। ये पूरा गैंग है जो सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है। इसके बारे में पूरी विस्तार से एक शिकायत लिखकर सिंधिया जी को दे रही हूँ।”

वहीं भाजपा सांसद की प्रज्ञा के करीबियों ने बताया कि साध्वी प्रज्ञा की रीढ़ की हड्‌डी में गंभीर समस्या है। ऐसे में एयरपोर्ट से फ्लाइट तक जाने, चढ़ने-उतरने के दौरान व्हीलचेयर की जरूरत पड़ती है। जब सांसद दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरीं तो उन्हें रिसीव करने वाले एयरलाइंस के ऑन ड्यूटी मैनेजर और स्टाफ ने उनके साथ ना केवल दुर्व्यवहार किया। बल्कि नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से उनकी व्हीलचेयर को झटक दिया। इससे उनकी पीठ में समस्या आई है।

साध्वी प्रज्ञा की शिकायतों के बाद अकासा एयर ने भी इस पर टिप्पणी की है। उनके प्रवक्ता ने इस मामले पर बयान जारी कर कहा, “हमें माननीय संसद सदस्य सुश्री प्रज्ञा ठाकुर के डी-बोर्डिंग अनुभव पर खेद है जो उन्हें 15 फरवरी, 2024 को हमारी उड़ान QP1120 पर हुआ। किसी भी असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं। हम घटना की विस्तार से जाँच करेंगे, हम इससे सीखने और खुद की सेवाओं में सुधार की कोशिशों को जारी रखेंगे।”

इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने ट्वीट में लिखा था, “मा.उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुंबई से दिल्ली अकासा एयर की फ्लाइट नंबर QP1120 से दिल्ली आने पर ड्यूटी मैनेजर इमरान और उसके साथियों द्वारा षड्यंत्र कर मुझे बड़ी हानि पहुँचाने का प्रयास किया। अपेक्षा करती हूँ आप कार्रवाई अवश्य करेंगे। जय श्री राम।” इस पर भी अकासा एयर ने कहा था- “हम आपके अनुभव से बहुत चिंतित हैं। आपके फीडबैक को रिव्यू के लिए टीम के साथ शेयर किया जाएगा और जरूरी एक्शन भी लेंगे।”

दरभंगा में पत्थरबाजी के पीछे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ ग्रुप, 200+ पर FIR: फैजान-तबरेज जैसे 14 गिरफ्तार, कसाई टोला में सरस्वती विसर्जन जुलूस पर हुआ था हमला

बिहार के दरभंगा में इस्लामिक कट्टरपंथियों के गुट ने माँ सरस्वती की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए निकाले गए जुलूस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार (15 फरवरी 2024) की शाम को 5 बजे मूर्ति विसर्जन करने जा रहे हिंदुओं का जुलूस अपने तय रास्ते से आगे बढ़ रहा था। तभी रास्ते में कट्टरपंथी इस्लामिक भीड़ ने पूरी यात्रा को रोक लिया और उन पर पत्थरबाजी कर दी। देखते ही देखते काफी लोगों को चोटें आई। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने माँ सरस्वती की मूर्ति भी खंडित कर दी।

यही नहीं, हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए पत्थरबाजी के साथ ही उन पर तेजाब से भी हमले की जानकारी सामने आई। इस हमले में कई लोग घायल हो गए, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इस हमले के बाद बाद डीएम, एसएसपी समेत भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुँची और किसी तरह से हालात पर काबू पाया। अब इस घटनाक्रम से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चल रहा है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पूरी प्लानिंग करके हिंदुओं को निशाना बनाया।

जानकारी के मुताबिक, ये मामला भालपट्टी ओपी थाना इलाके के मुरिया में हुआ, जहाँ हाटगाछी में कसाई मोहल्ला के कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर हमला किया। इस भीड़ की अगुवाई फैजान, महताब आलम, अब्दुल बारीक, मोहम्मद अब्दुल्ला, अमजद जैसे लोग कर रहे थे। इन्होंने हिंदुओं पर हमला बोल दिया। इस पूरे घटनाक्रम के एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है, जिसमें विस्तार से इस्लामिक कट्टरपंथियों की साजिश की जानकारी दी गई है। पुलिस ने बताया है कि अब तक 14 दंगाइयों को गिफ्तार किया जा चुका है, तो बाकियों की धरपकड़ की जा रही है।

वॉट्सऐप ग्रुप में छिपे हमले के राज?

एफआईआर के मुताबिक, टाली गुमटी और मुरिया में स्थापित की गई माँ सरस्वती की मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए 15 फरवरी 2024 को जुलूस निकला था। ये जुलूस हाटगाछी से मुड़कर जीवछ घाट जा रहा था। शाम करीब 5 बजे हाटगाछी में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एकजुट होकर जुलूस को रोक दिया। उन्होंने विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी करने शुरू कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मौके पर वरीय अधिकारी पहुँचे और भीड़ की हिंसा को किसी तरह से थामा। इस हिंसा के बाद कई लोगों को हिरासत में मिला गया, जिसमें एस व्यक्ति की पहचान मोहम्मद फैजान के रूप में हुई। उसके वॉट्सऐप की जाँच की गई, तो ‘ऑन टॉप इस्लाम जिंदाबाद’ ग्रुप बना पाया गया। इस ग्रुप के 7 एडमिन मिले हैं। पुलिस को इस वॉट्सऐप ग्रुप की जाँच में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और हिंसा की सुनियोजित साजिश के सबूत मिले हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने 61 नामजद, 7 मोबाइल नंबर (वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन) और अज्ञात 150 लोगों के खिलाफ रोड़बाजी-पत्थरबाजी, विधि-व्यवस्था को भंग करने, सांप्रदायिक दंगा भड़काने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, पुलिस एवं प्रशासन पर हमला करने, संपत्ति का नुकसान करने और नेशनल हाइवे को जाम करने के आरोपों में धारा 147, 148, 149, 341, 323, 324, 325, 307, 332, 333, 353, 427, 153(A), 295(A), 120(B), 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज की अपील की, जिसके बाद शुक्रवार (16 फरवरी 2024) को एफआईआर नंबर 86/2024 दर्ज की गई है। इस मामले की जाँच ध्रुव कुमार चौधरी को सौंपी गई है।

जुलूस पर हमला करने वाले 14 गिरफ्तार

पुलिस ने बताया है कि अभी तक 14 लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है, जिसमें अलाउद्दीन (उम्र 40 वर्ष), मोहम्मद सरताज (उम्र 45 वर्ष), मोहम्मद अलाउद्दीन (उम्र 40 वर्ष), मोहम्मद समीर (उम्र 20 वर्ष), मोहम्मद तबरेज (उम्र 25 वर्ष), मोहम्मद परवेज (उम्र 25 वर्ष), मोहम्मज निजाम (उम्र 22 वर्ष), मोहम्मद नसीम (उम्र 35 वर्ष), मोहम्मद नौसाद (उम्र 40 वर्ष), रहमान कुरैशी (उम्र 28 वर्ष), मोहम्मद अब्दुल्ला (उम्र 21 वर्ष), मोहम्मद फैजान (उम्र 20 वर्ष), अब्दुल बारीक (उम्र 45 वर्ष) और मोहम्मद महताब (उम्र 23 वर्ष) शामिल हैं।

एफआईआर में इस्लामिक कट्टरपंथियों के नाम

इस मामले में पुलिस ने फैजान पिता मो परवेज, महताब आलम पिता अंसार अहमद, अब्दुल बारीक पिता स्व मो खखन, अब्दुल्ला पिता मो हीरा को पकड़ा और फिर अन्य आरोपितों की पहचान की। इन दंगाइयों के माध्यम से पुलिस ने हमले में शामिल, मैनाज खातून पति मो सलीम ऑटो वाला, अदजद उर्फ गोलू पिता मो राजा शेख, मो राशीद पिता अज्ञात, फैयाज, नूर आलम, इजहार कुरैशी, चाँद कुरैशी, राजू बिजली मिस्त्री, शमीर, छोटू पिता जुबैर, निजाम पिता बसीर, निशान पिता नौशाद, हप्पू कुरैशी, फैजान पिता मंसूर शेख, नौशी पिता मो कलाम, तवरेज, जबुल्ला, फैजान पिता मो. आलमगीर, अरजू, मोहम्मद उजाले, मोहम्मद नाजिर, मोहम्मद आदारी, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद अमन, अरसलान, अफताब, मोहम्मद कोनेन, मोहम्मब गुलाब, मोहम्मद नूरेआलम समेत 61 नामजदों और 150 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

गौरतलब है कि कसाई टोला में जिस जगह पर हिंदुओं के जुलूस पर हमला हुआ, उसी मूर्ति विसर्जन के रास्ते से दो ट्रैक्टरों को पहले भी लौटाया जा चुका था, लेकिन पाँच बजे इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने फिर से हमला किया। पत्थरबाजी शुरू होते ही अचानक भगदड़ मच गयी, लोग प्रतिमा को छोड़कर वहाँ से भागे। इस दौरान सरस्वती प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया, जिसके बाद लोग भड़क उठे। इसके बाद भीड़ ने घरों-दुकानों में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान कई गाड़ियों को भी निशाना बनाने की बात आई।

भालपट्टी थाना में तैनात प्रिंस कुमार यादव ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “यात्रा के मार्ग परिवर्तन को लेकर अचानक तनाव हो गया। यात्रा कसाई मोहल्ले से होकर गुजर रही थी, तभी पत्थरबाजी की जाने लगी।” जब ये पूछा गया कि क्या यात्रा किसी मस्जिद के पास से होकर गुजर रही थी, तो उन्होंने साफ तौर पर इस बात को नकारा। उन्होंने कहा, “लोग मस्जिद के पास पहुँचे नहीं थे, फिर भी ये हमला हुआ।”

वक्फ बोर्ड को ₹100 करोड़, ईसाइयों के लिए ₹200 करोड़: कर्नाटक की काॅन्ग्रेस सरकार ने पेश किया बजट, रेवड़ी बाँटने के लिए ₹52 हजार करोड़

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश कर दिया है। ₹3.71 लाख करोड़ के इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में सामने आया है कि सरकार इस साल ₹1 लाख करोड़ से अधिक उधार लेने वाली है। चुनावी वादों को पूरा करने के लिए बड़ी धनराशि खर्च की जाएगी। सिद्दारमैया ने वक्फ बोर्ड और ईसाइयों के लिए भी बड़ी धनराशि देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पास वित्त मंत्रालय भी है। उन्होंने आज (16 फरवरी 2024) कर्नाटक विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि ₹52,000 करोड़ की राशि गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, युवा निधि समेत पाँच योजनाओं के लिए दी गई है। इन योजनाओं का ऐलान कॉन्ग्रेस ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान किया था। वहीं, राज्य सरकार 33.19 लाख किसानों को एकमुश्त ₹2000 देगी।

सिद्दारमैया ने कर्नाटक वक्फ बोर्ड के लिए ₹100 करोड़ और राज्य के ईसाइयों के विकास के लिए ₹200 करोड़ की व्यवस्था इस बजट में की गई है। राज्य में 100 मौलाना अबुल कलाम आजाद स्कूल खोले जाएँगे, जबकि ₹10 करोड़ से मैंगलूरू में एक हज हाउस बनाया जाएगा। सिद्धारमैया ने कहा कि 393 करोड़ रुपए की लागत से अल्पसंख्यक विकास निगमों के माध्यम से कार्यक्रम तैयार और कार्यान्वित किए जाएँगे।

कर्नाटक सरकार हनुमान जी के जन्मस्थान के विकास के लिए भी ₹100 करोड़ खर्च करेगी। वहीं, जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित की जाएगी। बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘त्रिपिटक’ का कन्नड़ में अनुवाद के लिए भी आवश्यक अनुदान आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य तीर्थ स्थलों के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए का भी आवंटन किया गया है।

सिद्दारमैया ने ऐलान किया है कि वह एक कानून के जरिए राज्य के सभी साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ भाषा अनिवार्य करेंगे। राज्य सरकार के इस बजट में नई क्षमताएँ (इन्फ्रा जैसी सुविधाएँ) बनाने को लेकर ₹55,000 करोड़ खर्च किए जाएँगे। ₹24,000 करोड़ कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च होंगे। राज्य सरकार ने एक फैक्ट चेक यूनिट बनाने की भी घोषणा की है। ऐसे ही प्रयास पहले तमिलनाडु में हो चुके हैं।

जहाँ इस बजट को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने समृद्धि को लक्षित बजट बताया है, वहीं कर्नाटक भाजपा के नेताओं ने इसे जनविरोधी और किसान विरोधी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई नई योजना नहीं लाई गई है और राज्य को 20 साल पीछे धकेला जा रहा है। भाजपा विधायकों ने बजट के दौरान कर्नाटक विधानसभा में प्रदर्शन भी किया है।

नोएडा की जिस रेव पार्टी को लेकर एल्विश यादव से हुई थी पूछताछ, उसमें परोसा गया था कोबरा-करैत का विष: FSL रिपोर्ट से खुलासा

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस के विनर एल्विश यादव के माध्यम से रेव पार्टियों में साँपों के जहर सप्लाई मामले में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की रिपोर्ट आ गई है। दावा किया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में सामने आया है कि रेव पार्टी से जो सैंपल कलेक्ट हुए थे वो किसी और के नहीं बल्कि कोबरा-करैत प्रजाति के साँपों के जहर थे।

एल्विश यादव पर साँप के जहर सप्लाई करने का आरोप पिछले साल नवंबर में लगा था। उनके और कुछ सपेरों के खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 थाने में केस दर्ज हुआ था। ये केस मेनका गाँधी के एनजीओ पीपल फॉर एनिमल की ओर से कराया गया था।

बाद में पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी और उन्हें छोड़ दिया था जबकि अन्य आरोपित जो गिरफ्तार हुए थे उनके पास से पुलिस को जहर और 9 साँप मिले थे जिनमें 5 कोबरा थे।

पुलिस ने इस जहर की जाँच के लिए इसे एफएसएल को भेजा और अपनी पूछचाछ करती रही। आरोपितों ने बताया कि एल्विश यादव की पार्टियों में बदरपुर से साँप लाए जा रहे थे। धरपकड़ में एक राहुल नाम का आरोपित भी पकड़ा गया था जिसका काम ही रेव पार्टियों में जहर को उपलब्ध करवाना था।

डिमांड के अनुसार वह जहर के लिए सपेरे, ट्रेनर और बाकी चीजें उपलब्ध करवाता था। राहुल ने ही उन लोगों का नाम बताया था जो रेव पार्टियों में बीन प्रोग्राम आदि करवाते हैं, उसके बाद उन्हीं के कनेक्शन कथिततौर पर एल्विश यादव से निकले और उनपर केस हुआ।

बता दें कि एक ओर जहाँ मीडिया दावा कर रही है कि एल्विश यादव इस एफएसएल रिपोर्ट के आने से मुश्किल में पड़ सकते हैं, उन्होंने इस मामले में बयान जारी कर कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

एल्विश ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, “मैंने देखा कि कैसे न्यूज फैल रही है, मेरे खिलाफ मीडिया में बात चल रही है कि मैं अरेस्ट हो गया। मैं नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया। ये जितने भी आरोप मेरे खिलाफ लगे हैं, सब बेबुनियाद हैं। सारे फेक हैं, एक फीसदी भी इसमें सच्चाई नहीं हैं।” एल्विश ने मेनका गाँधी के लिए भी लिखा था कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ऊँचे पदों पर कैसे-कैसे लोग बैठे हुए हैं। इसके अलावा एल्विश ने यह भी लिखा- “जिस हिसाब से इल्जाम लगाया है मैडम ने, उस हिसाब की माफी भी तैयार रखें।”

गौरतलब है कि हाल में एल्विश यादव एक रेस्टोरेंट में एक शख्स को झापड़ मारने के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने मामले की सफाई में कहा था कि उस व्यक्ति ने उनके परिवार वालों को गाली दी थी इसलिए उन्होंने उसे झापड़ मारा।