Home Blog Page 1193

सेना से रिटायर होने के बाद लश्कर का आतंकी बन गया मोहम्मद रियाज, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया: हमले की बना रहा था योजना, कुपवाड़ा माॅडल से जुड़े हैं तार

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इस्लामी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी रियाज अहमद को दबोचा है। रियाज अहमद जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने का काम कर रहा था और कुपवाड़ा मॉड्यूल का हिस्सा है। उसे आज सुबह यानी मंगलवार (6 फरवरी 2024) को गिरफ्तार किया गया रियाज 31 जनवरी 2023 को भारतीय सेना से रिटायर हुआ था।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर के कुछ आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने रियाज अहमद को दबोचा है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि आतंकी रियाज अहमद दो और आतंकियों- खुर्शीद अहमद राठेर और ग़ुलाम सरवर राठेर के साथ मिलकर ‘लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल’ के पार से हथियार और गोला-बारूद कश्मीर में लाने का काम कर रहा था।

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि रियाज सीमा पार बैठे हैंडलर्स से सम्पर्क में था और कश्मीर में आतंक को बढ़ावा दे रहा था। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया आतंकी रियाज अहमद सेना से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह कश्मीर के नया गबरा गाँव का रहने वाला है। यह गाँव कुपवाड़ा में है। उसके बारे में जानकारी कुपवाड़ा में आतंकियों की धर-पकड़ के बाद हुई।

गौरतलब है कि कुपवाड़ा में बीते दिनों पाँच लोगों को बड़ी संख्या में एके-47 राइफल और मैगजीन के साथ पकड़ा गया था। इन लोगों को हथियार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर मंज़ूर अहमद शेख और काजी मोहम्मद खुशाल द्वारा भेजे जाते थे। इन हथियारों के जरिए ये घाटी में आतंकवाद को फिर से जीवित करना चाह रहे थे। रियाज कुपवाड़ा आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा है, जो हमले की योजना बना रहा था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि 4 फरवरी 2024 को रियाज को लेकर विशेष सूचना मिली थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। वह कुपवाड़ा में हुई गिरफ्तारियों के बाद से फरार चल रहा था। उसके पास से पुलिस ने एक मोबाइल फ़ोन बरामद किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों को भी जानकारी दे दी है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि रियाज अहमद को भीड़ से ढूंढकर गिरफ्तार किया गया। वह स्टेशन के गेट नम्बर 1 से भागने की कोशिश कर रहा था। दिल्ली पुलिस रियाज से कड़ी पूछताछ की है। उसने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह 3 फरवरी को जबलपुर से महाकौशल एक्सप्रेस से हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुँचा था। उसके साथ उसका एक दोस्त अल्ताफ भी था। अल्ताफ भी सेना से सेवानिवृत्त है।

‘बॉस’ का आया वीडियो कॉल, कर्मचारी ने भेज दिए ₹212 करोड़: डीपफेक से मल्टीनेशनल कंपनी को लूटा, AI की मदद से की गई थी कॉन्फ्रेंस कॉल

दुनिया में डीपफेक धीरे-धीरे बड़ा खतरा बन रहा है। अभी तक आप जानी-मानी हस्तियों को इसका शिकार होते कई बार देख चुके हैं। लेकिन अब मामला चौंकाने वाला आया है। एक कंपनी इसके कारण वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुई है, जो इसी तकनीक के जरिए अंजाम दिया गया।

पूरा मामला हॉन्गकॉन्ग का है। वहाँ एक कंपनी को डीपफेक कॉल की मदद से एक मल्टीनेशनल कंपनी को 212 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीपफेक का इस्तेमाल कर फ्रॉड करने वाले ने कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का फोटो इस्तेमाल करके ऑफिस कर्मचारी को कॉन्फ्रेंस कॉल की और उसे पैसे भेजने को कहा। कर्मचारी ने भी वीडियो कॉल पर अपने सीएफओ को देख 2 फरवरी को इतना बड़ा अमाउंट ट्रांस्फर कर दिया।

बाद में पता चला कि उनके साथ कितना बड़ा फ्रॉड हुआ है। हॉन्गकॉन्ग का यह पहला मामला है इसलिए किसी ने सोचा भी नहीं था ऐसा हो सकता है। फ्रॉड के बाद कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि पैसों की माँग के लिए एक ईमेल जनवरी में आया था मगर तब उन लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

उन्हें लगा जो सीएफओ की ओर से कॉल आई है उसमें सभी लोग कंपनी के होंगे। कर्मचारी का कहना भी है कि कॉल पर जो लोग दिखाई दे रहे थे वो उनमें से कइयों के चेहरे जानता था इसलिए उसने आसानी से विश्वास कर लिया। उसे नहीं पता था वो सारे लोग डीपफेक की मदद से क्रिएट किए गए थे।

एम्प्लॉय ने बताया कि वीडियो कॉल पर उससे उसका परिचय माँगा गया जैसे आमतौर पर कोई सीनियर माँगता है। इसके बाद डीपफेक करने वाले फ्रॉड से एक हफ्ता ये सोचकर बात चली कि वो कंपनी के सीएफओ हैं। इस दौरान कर्मचारी से 200 मिलियन हॉन्गकॉन्ग डॉलर (25.6 मिलियन डॉलर/ 2 अरब 12 करोड़ 32 लाख 38 हजार रुपए) के 15 ट्रांजैक्शन करवाए गए।

कंपनी से इतना पैसा जाने के बाद जब इसका पता लगाया गया तो हेडक्वार्टर और कर्मचारी दोनों के बीच बात हुई। तब, पता चला कि इस तरीके से उस कर्मचारी पर डीपफेक कॉल आई थी जिसने सीएफओ के चेहरे का प्रयोग करके उससे पैसे माँग लिए।

इस घोटाले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया है कि तमाम लोगों के चेहरे लगाकर वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई थी, लेकिन वो सब डीपफेक थे। उन्होंने कर्मचारी को अपनी बात में फँसाकर कंपनी के पैसे लूट लिए।

अब मामले की जाँच की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि उन्होंने ऐसे फ्रॉड केसों में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित लोगों का आईडी चुराकर 90 लोन एप्लीकेशन 54 बैंक में दे चुके हैं। वहीं कम से कम 20 मामलों में AI डीपफेक के जरिए बेवकूफ बनाया गया था।

‘दिन में ऑटो से सफर, रात ₹10 लाख भाड़ा वाले होटल में गुजारते थे अरविंद केजरीवाल’: नवीन जिंदल का दावा, Video में दिखाए ठाठ वाला महाराजा सुईट

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ठाठ को लेकर एक चैंकाने वाला दावा नवीन जिंदल ने किया है। दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता जिंदल ने बताया है कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल दिन में ऑटो में घूमने का ड्रामा करते थे, जबकि ठहरते महाराजा सुईट में थे। उनके अनुसार इस सुईट का किराया 8-10 लाख रुपए प्रतिदिन आता है।

नवीन जिंदल ने यह दावा एक्स/ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर लगाया है। उन्होंने लिखा है, “भोली-भाली जनता के सामने ढीली सी शर्ट पहनकर अपने आप को ‘आम आदमी’ और ‘कट्टर ईमानदार’ कहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री की सच्चाई देखिए। गुजरात चुनाव में जनता के सामने ऑटो में घूमने वाले रात को पाँच सितारा होटलों के महाराजा सुईट में रुकते थे, जिसका एक दिन का किराया ₹8 से ₹10 लाख था।”

आगे उन्होंने लिखा है, ” शीशमहल में रहने वाले केजरीवाल जी दिल्ली के टैक्सपेयर के पैसों को अपनी मौज-मस्ती और ऐशोआराम पर उड़ाते हो और जनता से झूठ बोलते हो। मेरी अरविंद केजरीवाल जी को खुली चुनौती है अगर वे तनिक भी ईमानदार है तो किसी भी सार्वजनिक मंच आ जाइए या मुझको बुलाइए। मैं सारे दस्तावेज लेकर आऊँगा बहस के लिए।”

नवीन जिंदल ने वीडियो में बताया है कि ‘महाराजा सुईट’ में एक प्राइवेट स्वीमिंग पूल भी है और अरविंद केजरीवाल इसमें अपने ‘दोस्तों’ के साथ नहाना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक आम आदमी हूँ जिसके नाम पर अरविंद केजरीवाल जी टैक्स वसूल कर ₹8-10 लाख अपने और अपने निजी सचिव वैभव कुमार के लिए खर्च करते हैं।” उन्होंने केजरीवाल पर दोहरे चरित्र पर प्रश्न उठाते हुए कहा है, “₹10 लाख रुपए के कमरे में रुके और बाहर निकल कर बैठे ₹80 देकर थ्री व्हीलर में? देश की जनता को क्या समझते हो? अब समझ में आया कि आपने अपने घर में करोड़ों लाखों के परदे कैसे लगा लिए?”

नवीन जिंदल ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने 40 दिनों तक प्रचार किया और उस दौरान होटल में रुके। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों के पास खाने को नहीं है, सरकारी कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह नहीं मिल रही और स्कूल खस्ताहालत में है, क्योंकि पैसा नहीं है। नवीन जिंदल ने उनके आरोपों को गलत सिद्ध करने की चुनौती भी अरविन्द केजरीवाल को दी।

सामने आ चुका है केजरीवाल का शीशमहल

इससे पहले केजरीवाल के बंगले के बारे में सनसनीखेज जारी सामने आई थी। टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट बताती है कि केजरीवाल ने दिल्ली के सिविल लाइन्स एरिया स्थित अपने 13,000 स्क्वायर फीट बड़े बंगले की साज-सज्जा में लगभग ₹45 करोड़ खर्च किए। टाइम्स नाऊ ने इससे सम्बंधित दस्तावेज भी दिखाए थे। इससे पता चला था कि एक-एक परदे तक पर ₹5-8 लाख रुपए खर्च किए गए। बंगले में लगाने के लिए पत्थर वियतनाम से मँगाए गए थे। 6 अलमारियों पर ₹40 लाख खर्चे किए गए थे।

गौरतलब है कि 2013 में दिल्ली में सरकार बनाने के पहले केजरीवाल कहा करते थे कि वह स्वयं और उनके मंत्री सरकारी बंगले नहीं लेंगे और छोटे सरकारी फ्लैट में रहेंगे। दस वर्षों के बाद उनके वादे जमीन पर उतरते नहीं दिख रहे और केवल राजनीतिक बयानबाजी ही सिद्ध हो रहे हैं।

जाकिर नाइक का फैन है मुन्नन खाँ का बेटा मोहम्मद कासिम, खौफ बाप जैसा ही: CAA विरोधी हिंसा में था शामिल, SDM की किडनैपिंग में हो चुकी है उम्रकैद; गैंगस्टर ऐक्ट में कई केस

अयोध्या के नवनिर्मित राममंदिर में 22 जनवरी 2024 को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। भगवान राम की जन्मभूमि को लेकर हिंदुओं द्वारा किए गए संघर्षों के कई अनजान पहलुओं से लोगों को ऑपइंडिया लगातार परिचित करवाता आ रहा है। इस क्रम में कारसेवकों के नरसंहार में तत्कालीन सांसद मुन्नन खाँ के नाम से जाना जाने वाला फसीउर रहमान की संदिग्ध भूमिका सामने आई।

इस मामले की तह में जाने पर हमें मुन्नन खाँ के काले कारनामों की जानकारी मिली, जिनमें हत्या की नियत से SDM का अपहरण और दंगों में हिन्दुओं पर अत्याचार शामिल है। मुन्नन खाँ के गृह जनमद गोंडा में हमारी पड़ताल के दौरान पता चला कि कासिम खाँ अपने अब्बू मुन्नन खाँ की आपराधिक विरासत को आगे बढ़ा रहा है। गोंडा पुलिस की लिस्ट में कासिम खाँ का नाम एक गैंगस्टर के तौर पर दर्ज है।

अब्बू के साथ ही शुरू किया था अपराध

मोहम्मद कासिम ने अपने अब्बू मुन्नन खाँ के साथ ही अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उस पर पहला केस आज से 35 साल पहले 1989 में दर्ज हुआ था। यह आपराधिक मुकदमा बलरामपुर जिले के थाना कोतवाली रेहरा बाजार में दर्ज हुआ था। अपराध संख्या 82/89 के तहत दर्ज हुई इस FIR में कासिम पर IPC की धारा 147, 149, 332, 307, 353, 368 और 506 के तहत कार्रवाई हुई थी।

इसी साल मोहम्मद कासिम खाँ ने अपना दूसरा अपराध बलरामपुर जिले के ही उतरौला कोतवाली क्षेत्र में किया था। तब उस पर FIR संख्या 225/89 में IPC की धारा 147, 149, 332, 307, 364, 504 और 506 के अलावा 7 सी एल एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी।

SDM अपहरण और पिटाई मामले में हुई थी उम्रकैद

मुन्नन खाँ के बेटे कासिम ने 18 नवंबर 1989 में बलरामपुर जिले के उतरौला SDM के अपहरण में अपने अब्बा की मदद की थी। तब मुन्नन खाँ गोंडा जिले के कटरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक था। लगभग 25 लोगों को लेकर मुन्नन और उसका बेटा कासिम SDM ऑफिस पहुँचा। यहाँ उसने उपजिलाधिकारी आरपी सिंह की बेरहमी से पिटाई की थी। फिर उन्हें अपनी जीप में लादकर साथ ले जाने लगा।

पुलिस ने घेराबंदी की तो मुन्नन खाँ और उसके साथी रेहरा थाने के पास मिल गए। SDM को अपने साथ ले जाने के लिए कासिम खाँ ने अपने अब्बू और गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस से भी हाथापाई की। आखिरकार SDM को बचा लिया गया। इस मामले पुलिस ने एक और FIR दर्ज कराई, जिसमें मुन्नन खाँ और उसके बेटे कासिम आरोपित बनाए गए। पुलिस से मारपीट का यह केस आज भी अदालत में है।

वहीं, SDM के अपहरण का मामला जिला अदालत में लगभग 26 वर्ष चला। इस बीच मुन्नन खाँ की मौत भी हो गई थी। आखिरकार बलरामपुर की जिला अदालत फैसला सुना दिया। सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा ने अगस्त 2016 में फैसला सुना दिया। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश शर्मा ने मुन्नन खाँ के बेटे कासिम सहित मोहम्मद बशीर, यार मोहम्मद और बशीर अहमद को उम्रकैद सजा सुनाई।

इसके साथ ही कोर्ट ने इन आरोपितों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। इस केस में एक और आरोपित था, जिसका नाम वलीउर्रहमान है। उसे कोर्ट ने 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माने का दंड दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वलीउर्रहमान खुद को बीमार बताता और बैसाखी लेकर कोर्ट आता था। SDM अपहरण मामले में वह हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा, रोकने पर गुंडागर्दी

कासिम खाँ सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि सरकारी जमीनों पर कब्जे आदि का काम भी करता था। कासिम खाँ ने गोंडा जिले में मौजूद नजूल भूमि (जिस भूमि पर किसी का मालिकाना हक ना हो) पर भी अवैध कब्ज़ा कर लिया था। इसको लेकर कासिम के खिलाफ जनवरी 2017 में FIR दर्ज हुई थी। यह FIR उससे संबंधित सरकारी विभाग के अधिकारी रघुनाथ तिवारी ने दर्ज करवाई थी।

इस सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करके कासिम खाँ एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण करवा रहा था। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कासिम को ऐसा करने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद नजूल अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उस पर अलग से गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया गया था।

2017 में लगा था गैंगस्टर एक्ट

भले ही मुन्नन खाँ की मौत साल 2009 में हो गई थी, लेकिन उसकी दहशत को बनाए रखने की कोशिश उसके बेटे कासिम खाँ ने पूरी शिद्दत से की। कासिम के खिलाफ 1 फरवरी 2017 को गोंडा पुलिस ने FIR दर्ज की थी। यह FIR गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुई थी। इस FIR में मोहम्मद कासिम खाँ और उसके साथी मोहम्मद राशिद को नामजद किया गया है।

FIR में पुलिस ने लिखा था कि ऐसे पेशेवर अपराधी का बेरोकटोक घूमना सुरक्षित समाज के लिए खतरा है। रिपोर्ट में कासिम और उसके साथी राशिद की हरकतें आम आदमी के जीवन को नकारात्मक रूप में प्रभावित करने वाली बताई गईं थीं। कोतवाली नगर पुलिस ने मुन्नन के बेटे कासिम खाँ पर FIR संख्या- 152/2017 के अंतर्गत गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की थी।

इलाके में खौफ, हत्या के लिए अपहरण

पुलिस ने अपनी FIR में कहा था कि कासिम खाँ अपनी गैंग को लेकर लॉ एन्ड ऑर्डर के लिए खतरा पैदा करता रहता है। कासिम अवैध तौर पर सरकारी जमीनों पर कब्ज़ा और हत्या के लिए अपहरण करने जैसे अपराधों से मिलने वाले पैसों से अपनी गैंग को चलाता है। FIR में पुलिस ने खुद माना था कि कासिम का इतना आतंक है कि लोग उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने से कतराते हैं।

कासिम के खिलाफ दर्ज मुकदमे का हिस्सा

जुलाई 2019 में कासिम को भू-माफिया भी घोषित कर दिया गया था। उसके बाद उसकी बेनामी सम्पत्तियों की जाँच शुरू की गई। हालाँकि, SDM अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा होने और गैंगस्टर एक्ट लगने तथा भू-माफिया घोषित होने के बावजूद मुन्नन खाँ के बेटे कासिम खाँ की आपराधिक हरकतें बदस्तूर जारी रहीं और उस पर दर्ज FIR की संख्या बढ़ती रहीं।

CAA विरोधी हिंसा में पुलिस की गाड़ियाँ जलाने का प्रयास

कासिम पर पुलिस ने 20 दिसंबर 2019 में एक FIR करवाई। तब पुलिस ने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज़ के बाद कासिम और उसके कई साथी गोंडा कोतवाली क्षेत्र के फारुखी मस्जिद के आगे CAA विरोधी प्रदर्शन किए और सरकार विरोधी नारे लगाए। मौके पर तैनात सब-इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबलों ने कासिम को धारा 144 लागू होने की बात बताते हुए उसे घर लौटने की हिदायत दी।

पुलिस की हिदायत का मोहम्मद कासिम और उसके साथियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। वो उत्तेजक नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने गालियाँ देते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इसी दौरान हमलावरों ने कहा, “सालों की गाड़ियों में आग लगा दो।” भीड़ को पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए उकसाया जाने लगा। आखिरकार पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

इस कार्रवाई से कानून व्यवस्था बिगड़ने से बची और आखिरकार अंत में सामान्य हो पाई थी। इस मामले में पुलिस ने हाजी शोएबुद्दीन, हाजी महमूद, हमज़ा हुसैन, सिराज अहमद, शाहिद हलवा पराठे वाले, मेराज अहमद, मशकूर अहमद, मुन्नू सुपारी, नबी खान, नदीम, फबी, असद गंजेड़ी के बेटे, कासिम, वजी, फसी आदि पर नामजद मामला दर्ज कराया।

इन लोगों के अलावा, मामले में भूर्रे फल वाले का लड़का, हाजी अंडा वाले का बेटा, मुन्ना, तहसीन, जावेद, महमूद, बाबू, चाँद, अब्दुल्ला,आरिफ, हारून और जाफर आदि को भी नामजद आरोपित किया गया था। अज्ञात में 210 आरोपितों को रखा गया था। इन सभी पर IPC की धारा 143, 188, 353, 117, 504 और 506 के तहत कार्रवाई हुई थी। ऑपइंडिया के पास इस FIR की कॉपी मौजूद है।

ओवैसी की पार्टी के नेता संग काटा था बवाल

CAA विरोध में गोंडा में हुए हिंसक प्रदर्शन में कासिम के सहयोगी के तौर पर हाजी महमूद भी नामजद हुआ था। हाजी महमूद ओवैसी ब्रदर्स की पार्टी (AIMIM) का गोंडा से तत्कालीन नगर अध्यक्ष था। बताया जा रहा है कि इस हिंसक प्रदर्शन के लिए हाजी महमूद और कासिम ने मिलपर पैसे भी जुटाए थे।

AMU का छात्र, ज़ाकिर नाइक और अरविन्द केजरीवाल समर्थक

साल 1989 में SDM के अपहरण में नामजद होने के लगभग 6 साल बाद कासिम खान ने पढ़ाई के नाम पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में दाखिला लिया और यहाँ पोस्ट ग्रेजुएशन किया। कासिम खुद को इंजीनियरिंग डिग्रीधारक बताता है। उसके साथी उसे इंजीनियर कासिम भाई कहते हैं। फ़िलहाल कासिम खाँ ने अपने पैतृक गाँव गोंडा के हलधर मऊ में ‘यूनिटी पब्लिक स्कूल’ खोल रखा है।

कासिम खान का पोस्ट

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कासिम फ़िलहाल कोई राजनैतिक पोस्ट शेयर नहीं कर रहा है। हालाँकि, 10 वर्ष पहले वह AAP और अरविंद केजरीवाल के समर्थन में पोस्ट डालता था। 27 नवंबर 2013 को कासिम ने भगोड़े ज़ाकिर नाइक की पोस्ट भी शेयर की थी और लोगों से शेयर करने की अपील भी की थी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी अक्सर फोटो आदि शेयर किया था।

मुन्नन खाँ का भतीजा है सपा महासचिव

मुन्नन खाँ भले ही अपनी आपराधिक विरासत अपने बेटे कासिम को दे दिया हो, लेकिन उनकी राजनैतिक विरासत भतीजे महफूज खान ने संभाली है। मुन्नन के भतीजे महफूज खान समाजवादी पार्टी के टिकट पर MLC भी बने। सितंबर 2023 में पूर्व MLC महफूज खान की ताजपोशी समाजवादी पार्टी ने महासचिव के पद पर की है। कहा जाता है कि 1985 में जब मुन्नन पहली बार कटरा विधानसभा से चुनाव लड़े थे तब प्रचार और पोलिंग मैनेजमेंट का पूरा जिम्मा महफूज ने उठाया था।

‘जय श्रीराम’ और ‘वन्दे मातरम्’ की गूँज के बीच उत्तराखंड विधानसभा में आया UCC पर बिल, हलाला-बहुविवाह पर लगेगी रोक

समान नागरिक संहिता (UCC) को उत्तराखंड विधानसभा में पेश कर दिया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC विधेयक को सदन के पटल पर रखा। अब उत्तराखंड विधानसभा इस पर चर्चा करेगी जिसके बाद इसे यहाँ से पारित किया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी के विधानसभा में UCC पेश करते ही यहाँ मौजूद विधायकों ने वन्दे मातरम और जय श्रीराम के नारे लगाए। इस विधेयक पर चर्चा के लिए दोपहर के भोजन के बाद का समय तय किया गया है। विधानसभा में इस पर अब दोपहर 2 बजे से चर्चा होगी। इसे पहले मुख्यमंत्री अपने घर से भारत के संविधान की एक प्रति लेकर निकले थे।

इस विधेयक को उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया गया है। यह सत्र सोमवार (5 फरवरी, 2024) से चालू हुआ है और इसका अवसान बृहस्पतिवार( 8 फरवरी, 2024) को होगा। इस विधेयक को रविवार (4 फरवरी, 2024) को उत्तराखंड की कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की थी।

विधेयक का ड्राफ्ट एक पाँच सदस्यीय पैनल ने 2 फरवरी को उत्तराखंड सरकार को सौंपा था। यह पाँच सदस्यीय पैनल इस विधेयक की बारीकियों को समझने और उसे मूर्त रूप देने के लिए बनाया गया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई कर रहीं थीं।

इस विधेयक को पेश करने के साथ ही उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ विधानसभा में UCC कानून लाया जा रहा है।

जानिए क्या होगा UCC का उत्तराखंड में प्रभाव?

समान नागरिक संहिता लागू होने से बहुविवाह पर रोक लगेगी। महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा एवं बच्चों को गोद लेने का भी अधिकार मिल सकता है। सभी धर्मों में लड़की की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होगी। वर्तमान में मुस्लिम समाज शरिया पर आधारित पर्सनल लॉ के तहत संचालित होता है। इसमें मुस्लिम पुरुषों को चार विवाह की इजाजत है। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद मुस्लिम लड़कियों को भी लड़कों के बराबर अधिकार दिया जाएगा।

यूसीसी लागू होने से मुस्लिम समुदाय में इद्दत और हलाला जैसी प्रथा पर प्रतिबंध लग सकता है। तलाक के मामले में शौहर और बीवी को बराबर अधिकार मिलेगा। समान नागरिक संहिता में सभी धर्म के लोगों को लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए पंजीकरण कराना जरूरी किया जाएगा। इसमें महिला और पुरुष की पूरी जानकारी होगी। ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोगों को अपने माता-पिता को भी जानकारी देनी होगी।

समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद विवाह का पंजीकरण कराना भी अनिवार्य किया जा सकता है। बिना रजिस्ट्रेशन विवाह अमान्य माने जाएँगे। समान नागरिक संहिता में नौकरीपेशा बेटे की मृत्यु की स्थिति में पत्नी को मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही बेटे के बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पत्नी पर होगी। अगर पति की मृत्यु के बाद पत्नी दोबारा शादी करती है तो उसे मिला हुआ मुआवजा माता-पिता को दिया जाएगा। पत्नी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके माता-पिता की देखरेख की जिम्मेदारी पति पर होगी।

यूसीसी के तहत अनाथ बच्चों के लिए संरक्षण की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है। पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति में बच्चों की कस्टडी उसके दादा-दादी को दिए जाने का प्रावधान किया जा सकता है।

राहुल गाँधी की क्षमताओं पर उठाए सवाल तो चिदंबरम के बेटे को टिकट का काॅन्ग्रेस में विरोध, प्रणब की बेटी का क्या होगा: बोलीं शर्मिष्ठा- परिवार से बाहर देखें

मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली जिस यूपीए सरकार को सोनिया गाँधी पर्दे के पीछे से हाँकती थीं, उसके दो प्रमुख चेहरे थे। एक, पी चिदंबरम जिन्होंने गृह और वित्त मंत्रालय जैसे महकमे सँभाले। दूसरे, प्रणब मुखर्जी जो बाद में राष्ट्रपति भी बने। अब इन्हीं चिदंबरम के बेटे को लोकसभा चुनाव में टिकट देने का विरोध हो रहा है, क्योंकि उन्होंने राहुल गाँधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि काॅन्ग्रेस में प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा का क्या भविष्य होगा, क्योंकि उन्होंने भी राहुल पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पार्टी को परिवार से बाहर देखने की जरूरत है।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा है कि कॉन्ग्रेस को नेहरू-गाँधी परिवार के बाहर भी नेतृत्व के लिए देखना चाहिए। साथ ही कॉन्ग्रेस की आलोचना करने पर हाशिए पर धकेले जाने को लेकर भी प्रश्न उठाए हैं।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में कहा, “कॉन्ग्रेस के लिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि राहुल गाँधी 2014 और 2019 में बुरी तरीके से हारे। वे कॉन्ग्रेस का चेहरा थे। दो लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, किसी भी और पार्टी में ऐसा होता क्या? भाजपा में ऐसा होता क्या? किसी नेता के नेतृत्व में पार्टी हार रही है तो पार्टी के लोगों के लिए सोचना जरूरी है कि उनका चेहरा कौन हो।”

उन्होंने कहा, “मैं एक जिम्मेदार नागरिक और कॉन्ग्रेस समर्थक होने के नाते पार्टी के लिए चिंतित हूँ। निश्चित रूप से समय आ गया है कि नेतृत्व के लिए नेहरू-गाँधी परिवार से बाहर भी देखा जाए।” इस दौरान शर्मिष्ठा मुखर्जी ने खुद को कॉन्ग्रेस की पक्की समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि लोग भले ही विश्वास ना करें, लेकिन वह कॉन्ग्रेस की समर्थक हैं।

उन्होंने कॉन्ग्रेस में विरोध के स्वरों को उठाने पर किनारे किए जाने को लेकर कहा, “बोलने की आजादी का यह मतलब नहीं कि आप सिर्फ अपने नेता की ही बड़ाई करें और जैसे ही आप नेतृत्व की आलोचना करें, पूरा इकोसिस्टम आपको हाशिए पर धकेल दे। क्या यह बोलने की आजादी है?”

उन्होंने अपने पिता प्रणब मुखर्जी के विषय में बात करते हुए कहा, “मेरे पिताजी का कहना था कि लोकतंत्र में अलग अलग विचारधाराएँ होती हैं, आप दूसरे से असहमत हो सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हो कि उनका अस्तित्व ही गलत है, यह लोकतंत्र के खिलाफ है। इसलिए वार्तालाप होना जरूरी है। इसलिए मेरे पिता को आपसी सहमति तैयार करने वाला व्यक्ति माना जाता था। लोकतंत्र में कहना ही नहीं, बल्कि सुनना भी बहुत जरूरी है। जिस आरएसएस प्रचारक को देश की जनता ने भारी बहुमत के साथ जिताया है आप उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।”

कार्ति चिदंबरम के टिकट का विरोध

पी चिदंबरम के बेटे और लोकसभा सांसद कार्ति चिदंबरम को राहुल गाँधी की क्षमताओं पर प्रश्न उठाने के लिए अब विरोध झेलना पड़ रहा है। उनको आगामी लोकसभा चुनावों में टिकट ना दिए जाने की माँग की जा रही है। उनकी लोकसभा सीट शिवगंगा की कॉन्ग्रेस कमेटी ने एक प्रस्ताव पास करके यह माँग की है।

उन्होंने बीते महीने एक इंटरव्यू में राहुल गाँधी की क्षमताओं पर प्रश्न उठाए थे। अब उनके खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री EM सुदर्शन नातिचप्पन और वरिष्ठ नेता केआर रामासामी ने भी यलगार का ऐलान किया है। इससे पहले कार्ति को इस मामले में नोटिस भेजा गया था।

शराब के बाद अब पानी पर घिरी AAP: 10 ठिकानों पर ED की दबिश, CM केजरीवाल के निजी सचिव और सांसद एनडी गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी

जल बोर्ड टेंडर केस में आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता के घर आज (6 फरवरी 2024) प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रही है। ये रेड दिल्ली के 10 ठिकानों पर मारी गई है। इसमें सीएम केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार और आप से जुड़े अन्य लोगों के ठिकाने भी शामिल है। इन सबके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी हो रही है।

रेड की खबर आने के बाद दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सुनने में आया है कि मुख्यमंत्री के पीए सहित पार्टी के कई नेताओं के घर पर रेड हो रही है। ये हमें डराने धमकाने की कोशिश है। लेकिन मैं पीएम मोदी से कहना चाहती हूँ कि हम डरने वाले नहीं है।”

आतिशी ने यह भी कहा कि ईडी रेड के बाद दावा किया जाता है कि करोड़ों रुपयों की रिकवरी हो रही है। लेकिन दो साल और कई रेड के बाद भी कोई रुपया नहीं मिला है। दूसरी महत्वपूर्ण चीज है गवाही, लेकिन इन्हें कोई गवाही भी नहीं मिली है।

आप मंत्री ने दावा किया, “आज मैं खुलासा करूँगी कैसे ईडी ने सारी स्टेटमेंट में फर्जीवाड़ा किया है। कई विटनेस सामने आए, जिन्होंने कहा उनसे स्टेटमेंट दबावपूर्वक लिया गया है।”

आतिशी ने आरोप लगाए कि एक विटनेस ने उन्हें बताया है कि उसके कान पर जोर से थप्पड़ मारा गया। वहीं दूसरे विटनेस कहा गया, “तेरी बेटी कॉलेज कैसे जाएगी जबकि तीसरे को कहा गया कि तेरी बीवी को देख लेंगे।”

इंस्टाग्राम से दोस्ती, कैफे के बहाने घर ले जाकर NSUI नेता ने किया रेप: खुद को पूर्व CM भूपेश बघेल का ‘भतीजा’ बताता है निखिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन NSUI के प्रदेश सचिव निखिल बघेल पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि आरोपित कैफे ले जाने के बहाने उसे अपने घर ले गया और बलात्कार किया। रिपोर्टों के अनुसार आरोपित खुद को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताता है। दोनों की साथ की कई तस्वीरें भी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार NSUI के प्रदेश सचिव निखिल बघेल के विरुद्ध रायपुर के डीडीनगर थाने में एक 20 वर्षीय युवती ने मामला दर्ज करवाया है। पीड़िता BBA की पढ़ाई करती है और NEET की तैयारी में जुटी हुई है। उसने बताया है कि आरोपित निखिल बघेल से उसका परिचय एक माह पहले इन्स्टाग्राम के माध्यम से हुआ था।

युवती के अनुसार जान-पहचान होने के बाद निखिल रायपुर की उसी जिम में आने लगा जिसमें युवती भी जाती थी। कथित तौर पर 1 फरवरी 2024 को निखिल बघेल ने उसे व्हाट्सएप पर मैसेज कर जिम के बाहर बुलाया और कैफे ले जाने की जिद करने लगा। रायपुर के सुंदरनगर में आरोपित का खुद का कैफे है।

आरोपों के अनुसार जब युवती कैफे जाने को राजी हो गई तो निखिल ने उसे अपने घर चलने को मनाया। युवती से यह भी कहा कि उसकी माँ भी घर पर ही हैं। लेकिन जब युवती उसके घर पहुँची तो वहाँ कोई नहीं था। इसके बाद आरोपित निखिल बघेल उसको अपने बेडरूम में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती से निखिल बघेल ने बाद में शादी का वादा भी किया। लेकिन, युवती ने 3 फरवरी को उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया।

निखिल बघेल ने आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि युवती ब्लैकमेल कर रही है। कथित तौर पर युवती ने उससे शादी करने को कहा और मना करने पर धमकियाँ देने लगी। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले साल इसी युवती ने रायपुर के एक डॉक्टर के खिलाफ भी दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि निखिल बघेल खुद को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा भी बताता है। उसके कैफे का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2018 में किया था। उद्धघाटन की तस्वीरों में वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ नजर आ रहा है। यह कैफे रायपुर में ‘द बज’ नाम से है।

राम मंदिर के लिए कॉन्ग्रेस- AAP ने PM मोदी को दिया धन्यवाद: गुजरात विधानसभा में आया सराहना प्रस्ताव, सर्वसम्मति से हुआ पारित

गुजरात विधानसभा में सोमवार (5 फरवरी 2023) को बजट सत्र के दौरान अयोध्या में बने नए राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करने वाला एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। खास बात यह थी कि इस प्रस्ताव को आम आदमी पार्टी के अलावा कॉन्ग्रेस ने भी समर्थन दिया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस संबंध में कहा, “हम सभी जानते हैं कि एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री के कारण, समर्पित हिंदू समुदाय, जिसने 500 से अधिक वर्षों तक इंतजार किया, अयोध्या में एक भव्य मंदिर में राम लला का अभिषेक कर सका।”

उन्होंने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को ऐतिहासिक बताया और हिंदुओं की तरफ से पीएम मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “…22 जनवरी को गुजरात के लोग भावुक हो गए, जब गुजरात के एक बेटे और इस प्रतिष्ठित सदन के पूर्व नेता नरेंद्रभाई मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा किया।”

अपने भाषा में सीएम पटेल ने पीएम मोदी के साथ इस मंदिर के निर्माण में अपना योगदान देने वाले दिग्गज नेताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने बालासाहेब देओरा, विष्णु हरि डालमिया, रज्जू भैया, आचार्य गिरिराज किशोर और अशोक सिंगल जैसे आरएसएस/वीएचपी नेताओं का समर्थन किया।

कॉन्ग्रेस की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पार्टी के वरिष्ठ विधायक अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि यह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ही थे, जिन्होंने 1989 में उस स्थान पर शिलान्यास समारोह की इजाजत दी थी, जहाँ आज मंदिर बना है।

उन्होंने कहा कि रामानंद सागर की रामायण भी कॉन्ग्रेस काल में दूरदर्शन पर आई थी जिसके कारण भगवान राम के जीवन को लेकर लोग जान पाए। हम कॉन्ग्रेसी राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के निर्माण का स्वागत करते हैं। मोदी खुशकिस्मत हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जब अंतिम निर्णय दिया तो वो पीएम थे।”

वहीं आम आदमी पार्टी के उमेश मकवाना ने भी भाजपा का समर्थन किया। हालाँकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में एक अस्पताल और कॉलेज भी बनाया जाना चाहिए।

हिरोइन के जूता चाटने से व्यथित हुए जावेद अख्तर, गले पड़ी बेटे की ‘मिर्जापुर’ की गालियाँ: ‘एनिमल’ के डायरेक्टर ने आमिर खान की पूर्व बीवी को भी धोया

एनिमल और कबीर सिंह जैसी फिल्मों के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने गीतकार जावेद अख्तर को लताड़ लगाई है। एनिमल की आलोचना को लेकर उन्होंने कहा है कि जावेद अख्तर अपने बेटे की बनाई फिल्मों को क्यों नहीं देखते हैं। उसमें तो भर-भर कर गालियाँ होती हैं।

संदीप रेड्डी वांगा ने एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर को करारा जवाब दिया है। जावेद अख्तर ने हाल ही में उनकी फिल्मों को लेकर कुछ टिप्पणियाँ की थीं। विशेष तौर पर उस सीन को लेकर जिसमें हिरोइन को हीरो के जूते चाटते दिखाया गया है।

इसका जवाब देते हुए संदीप रेड्डी ने कहा, “यह तो साफ़ है कि जावेद अख्तर ने पूरी फिल्म नहीं देखी। अब जो बिना फिल्म देखे हुए बात करता है उसके बारे में क्या बात करना। वो कोई भी बेस्ट क्रिटिक (आलोचक) हो या फिर लेखक, वो मेरी फिल्म के बारे में बात कर रहे हैं ना, इससे आपको खराब लगता है।”

आगे उन्होंने कहा, “ऐसे में जो भी किसी की कलाकारी पर बात कर रहा है, वह पहले अपने आसपास की चीजों को क्योंकि नहीं चेक करते? अगर ये बातें महिला विरोधी चीजों को लेकर हैं, तो मैं नित्या मेनन जैसी अभिनेत्रियों की बात को सुनता भी, लेकिन जावेद जी ने यही बात अपने बेटे फरहान अख्तर को नहीं बताई जब वह मिर्जापुर बना रहे थे। पूरी दुनिया भर में जितनी गालियाँ हैं वो मिर्जापुर में है। वह भी 2 मिनट के सीन में। वे अपने बेटे का काम क्यों नहीं देखते।”

रेड्डी ने कहा कि वे चाहें तो जावेद अख्तर की 100 फिल्मों की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन वे उनके पैदा होने से पहले रिलीज हुईं तो क्या मतलब है। उन्होंने अपनी फिल्मों की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘कबीर सिंह’ के साथ भी ऐसा ही हुआ था। कबीर सिंह और एनिमल के बीच कई फिल्में आईं। लेकिन उन्हें जिस तरह से निशाना बनाया जा रहा है, क्या यह किसी साजिश का हिस्सा है?

एनिमल के डायरेक्टर ने कहा कि फिल्म देखने के लिए लोगों को सिनेमाघर तक जाना पड़ता है, लेकिन मिर्जापुर जैसी सीरिज तो घर में घुस गई। हिंदी इंडस्ट्री में जितनी गालियाँ हैं, वह मिर्जापुर में डाल दी गई हैं। आप यह बातचीत 10:20 मिनट के बाद सुन सकते हैं।

गौरतलब है कि जावेद अख्तर ने एनिमल के एक सीन को लेकर कहा था, “मुझे लगता है कि यह नए फिल्म निर्माताओं के लिए बड़ा ही कठिन समय है, क्योंकि ना जाने वो कैसे पात्र अपनी फिल्मों में दिखाना चाहते हैं जिनकी समाज प्रशंसा करेगा। उदहारण के लिए, अगर एक ऐसी फिल्म है जिसमें एक पुरुष एक महिला से उसका जूता चाटने को कहता है और एक महिला को थप्पड़ मारना सही है और फिल्म भी सुपरडुपर हिट है तो यह बड़ा खतरनाक है।”

संदीप रेड्डी ने हाल ही में आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव को भी आइना दिखाया था। किरण राव ने बाहुबली और एनिमल फिल्म को लेकर टिप्पणियाँ की थी और उन्हें स्त्री विरोधी बताया था। इसका जवाब देते हुए वांगा ने राव से पूछा था कि क्या उन्हें आमिर खान की फ़िल्में और गाने नहीं देखे हैं।

उन्होंने आमिर के गाने ‘खम्भे जैसी खड़ी है, लड़की है या फुलझड़ी है’ को लेकर प्रश्न पूछे और कहा कि उनको इसमें स्त्री विरोध क्यों नहीं दिखा। उन्होंने आमिर खान की फिल्म ‘दिल’ के एक सीन को लेकर भी प्रश्न उठाए जिसमें आमिर खान हिरोइन का बलात्कार करने की कोशिश करते हैं और बाद में दोनों के बीच प्रेम हो जाता है।