Thursday, July 25, 2024
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‘मस्जिद में बुत रखने से बुतखाना नहीं बन जाती… आज कुत्तों का वक्त है’ – जहर उगल रहा था मुफ्ती सलमान, ऑपइंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पर FIR दर्ज

मुफ्ती सलमान अज़हरी अपने भाषण में कहता है - “मस्जिद में बुत रखने से मस्जिद बुतखाना नहीं बन जाती। तुमने एक रखा है, काबा में 360 रखे थे, फिर भी काबा तो काबा ही रहा, न तवाफ रुका, न हज रुका।”

जूनागढ़ पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुफ्ती सलमान अज़हरी और दो आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में जूनागढ़ बी डिविजन पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर मुफ्ती अज़हरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वीडियो में अजहरी कहता है, “अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है…कुछ देर की खामोशी है, फिर किनारा आएगा…आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

31 जनवरी 2024 को जूनागढ़ कोर्ट के पास नरसिंह विद्या मंदिर के मैदान में मुस्लिम समुदाय का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मुफ्ती सलमान अज़हरी ने बहुत ही भड़काऊ भाषण दिया था। उस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अब पुलिस ने इस मामले में 2 आयोजकों और मुफ्ती के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में आयोजक मुहम्मद यूसुफ मालेक और अजीम हबीब ओडेदरा के साथ-साथ मुफ्ती सलमान अज़हरी को आरोपी बनाया गया है। तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153(बी), 505(2), 188 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने के साथ-साथ अनुमति के बिना देर तक कार्यक्रम जारी रखने पर उल्लंघन संबंधी धाराएँ जोड़ी गई हैं। इस मामले में फिलहाल जाँच चल रही है।

मुफ्ती सलमान अज़हरी के वीडियो में क्या-क्या

ऑपइंडिया ने सबसे पहले इस मामले की रिपोर्ट की। 20 सेकंड के वायरल वीडियो को सर्च करने पर हमें मुफ्ती सलमान अज़हरी का वो भाषण मिला, जो 53 मिनट का था। वायरल वीडियो इसी भाषण का एक छोटा सा हिस्सा है।

इस भाषण में मुफ्ती ने कई जगह भड़काऊ बातें कही हैं। इस वीडियो को इस्लामिक चैनल ने पोस्ट किया है। इसमें वक्ता के तौर पर मुफ्ती सलमान अजहरी मंच पर है। यह कार्यक्रम गुजरात के जूनागढ़ में किया गया। कार्यक्रम 31 जनवरी को हुआ था जबकि वीडियो 1 फरवरी 2024 को अपलोड किया गया।

मुफ्ती सलमान अज़हरी अपने भाषण में कहता है – “मस्जिद में बुत रखने से मस्जिद बुतखाना नहीं बन जाती। तुमने एक रखा है, काबा में 360 रखे थे, फिर भी काबा तो काबा ही रहा, न तवाफ रुका, न हज रुका।”

अपने भाषण में मुफ्ती ने कहा, “इंकलाब आपके घर से होगा। उनमें मस्जिदों को बुतखाना बनाने की हिम्मत नहीं है। आपने मस्जिदों को वीरान छोड़ दिया है और हमारे यहाँ मुहावरा है कि जब मैदान खुला होता है तो कुत्तों का राज होता है। यदि तुम मैदान में घूमते रहोगे तो कोई कुत्ते नहीं होंगे।”

भाषण के अंत में उसने कहा, ”मुसलमानों घबराओ मत, अभी खुदा की शान बाकी है। अभी इस्लाम जिंदा है, अभी कुरान बाकी है, ऐ जालिम काफिर क्या समझता है जो रोज हमसे उलझता है, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, किनारा आएगा… आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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