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मुस्लिम फकीर ने महिला से दिलवाई बकरे की कुर्बानी, लूटा 230 ग्राम सोना और 7 लाख रुपए… हिंदुस्तान टाइम्स ने ‘तांत्रिक’ लिख पाठकों को किया भ्रमित

मुंबई के सेवरी में पुलिस ने अबूबकर मोहम्मद अली शेख नाम के एक फकीर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि अबूबकर मोहम्मद अली शेख लोगों की बीमारियाँ ठीक करने के नाम पर उन्हें झाँसा देता था, उनके नाम पर बकरे की कुर्बानी देता था, लाखों रुपए हड़पता था और फिर वो पैसे दरगाह में लुटाता था।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर में दिए नाम से साफ है कि ये धोखाधड़ी का काम ‘मुस्लिम फकीर’ करता था। लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी खबर में इसे ऐसे पेश किया है जैसे कोई ‘तांत्रिक’ इसे करता हो और उसी ने पीड़ितों को झूठ बोलकर उनसे धोखे से ‘बलि’ दिलवाई हो। हालाँकि, रिपोर्ट पढ़ेंगे तो साफ होगा कि हिंदुस्तान टाइम्स किस तरह से एक खबर में शब्दों की हेर-फेर से भ्रामक संदेश देने का प्रयास कर रहा है।

फोटो साभार: हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित विनय डालवी का स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट में दिए गए पुलिस वर्जन के अनुसार, आरोपित का पूरा नाम अबूबकर मोहम्मद अली शेख ही (32 वर्षीय) है। उसके खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की 406 धारा, 420 धारा और महाराष्ट्र रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा उसपर मानव कुर्बानी और अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाएँ और काला जादू अधिनियम, 2013 के तहत भी केस दर्ज हुआ है।

रिपोर्ट में पुलिस के पास दर्ज शिकायत के हवाले से लिखा गया कि एक महिला के शरीर में हमेशा दर्द रहता था। कई डॉक्टरों से दिखवाने के बाद भी जब उसे आराम नहीं पड़ा तो उसने फकीर से बात की। फकीर ने उसे कहा कि वो पारंपरिक तरीकों से उसकी बीमारी का इलाज कर सकता है लेकिन इसके लिए वो 4 लाख रुपए लेगा और सोने के जेवर लेगा। इस क्रम में उसने एक बकरी की कुर्बानी भी दी। साथ ही पैसे लेकर दरगाह के बाहर बाँटे। इसके बाद उसने महिला को एक ताबीज दिया और कहा उसने ताबीज में की झाड़-फूँक की है। यह उसके लिए अच्छी किस्मत लेकर आएगा।

फकीर से मिलने के बाद महिला ने उससे घरेलू क्लेशों पर भी संपर्क करना शुरू कर दिया। महिला ने अपने एक रिश्तेदार को भी उस फकीर के पास भेजा क्योंकि वो व्यक्ति अपने बेटे को संयुक्त राष्ट्र भेजना चाहता था। इसके लिए उस फकीर ने उसके रिश्तेदार से 1.70 लाख रुपए लिए। इतना ही नहीं, धोखेबाज फकीर ने तो महिला के एक मित्र से ये भी कहा था कि वो कैंसर ठीक कर सकता है। फकीर ने उसे ये कहकर फँसाया था कि वो 12 दिन में मर जाएगा अगर उसके कहे अनुसार काम नहीं किया। इसके अलावा उसने शिकायतकर्ता के एक दोस्त से इसलिए भी पैसे ऐंठे थे क्योंकि उसका बच्चा रो रहा था और वो उसे चुप करवाने के लिए फकीर के पास चली गई थी।

लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के बाद जब लोगों को अपनी परेशानियों का समाधान नहीं मिला तो उन्होंने उस फकीर से सवाल किए, लेकिन फकीर ने उन्हें जवाब देने की बजाय या पैसे लौटाने की बजाय नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस तक फकीर की हरकतों की जानकारी पहुँची। उन्होंने मार्च 2023 से जनवरी 2024 के बीच हुई धोखाधड़ी के मामलों को दर्ज किया और सबूत इकट्ठे करने शुरू किए। पुलिस को इस दौरान पता चला कि पीड़ितों ने अब तक इस फकीर को 230 ग्राम सोना दिया है और 7 लाख रुपए दिए हैं।

अब इसी खबर की सारी जानकारी रिपोर्ट करते हुए हिंदुस्तान टाइम्स ने शब्दों का खेल खेला। जिसपर सोशल मीडिया पर भी आपत्ति उठाई गई। लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर ने रिपोर्ट लिखने वाले रिपोर्टर विनय दालवी से पूछा है कि आखिर कोई अली शेख तांत्रिक कैसे हो सकता है। तंत्र तो हिंदू ज्ञान परंपरा का भाग है। क्या अगली बार कोई ऐसी खबर होगी जिसमें मौलवी रेप करता पकड़ा जाएगा तो उसे पुजारी लिख दिया गया।

केरल में 62 साल के अब्दुल ने चौथी क्लास की बच्ची का किया रेप, मिली 111 साल की सजा: बलात्कारी नासिर (63 साल) और हुसैन (47 साल) को भी सजा

केरल की एक अदालत ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक बच्ची से बलात्कार करने और इसके बारे में किसी को बताने पर जाने से मारने की धमकी देने वाले अब्दुल नासिर को 111 साल की सजा सुनाई है। उसे यह सजा अलग-अलग आरोपों में मिलाकर सुनाई गई है। हालाँकि, ये सजा एक साथ ही चलेंगी। यह मामला केरल के कोझिकोड का है।

जानकारी के अनुसार, 62 वर्षीय वेटोराम्मल अब्दुल नासिर ने कक्षा 4 में पढ़ने वाली एक बच्ची से बलात्कार किया था। उसे गिरफ्तार करके उस पर POCSO के तहत मामला चलाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान एक गवाह भी अपने बयान से पलट गया। अपने बयान से पलटने वाला बच्ची का रिश्तेदार था। अब्दुल ने बचने के लिए कोई और गवाह पेश किए जाने की माँग की, लेकिन कोर्ट ने इस माँग को खारिज कर दिया।

बच्ची की तरफ से केस लड़ रहे वकील ने अदालत के सामने यह प्रमाणित कर दिया कि अब्दुल ही रेप का दोषी है। वकील ने DNA जाँच और बाकी सबूतों के आधार पर इसे साबित किया। कोर्ट ने 19 गवाहों को सुना और 27 अभिलेखों की जाँच की। उसने इसी आधार पर कोर्ट ने बुधवार (31 जनवरी 2024) को अब्दुल को 111 साल की कड़ी सजा सुनाई। हालाँकि, यह सजा 30 वर्ष में ही पूरी हो जाएगी, क्योंकि अलग-अलग मामलों में सुनाई गई ये सजा साथ-साथ चलेंगी।

कन्नूर में भी नाबालिग का बलात्कार, अब्दुल खादर को सजा

केरल के ही कन्नूर में भी 63 वर्षीय अब्दुल खादर नाम के एक व्यक्ति को एक सात वर्ष की नाबालिग बच्ची का यौन शोषण करने के लिए मंगलवार (30 जनवरी 2024) को 10 वर्ष की कड़ी सजा सुनाई है। उसके ऊपर ₹90,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। उसने नवम्बर 2022 में एक बच्ची का यौन शोषण अपनी दुकान में किया था। उसे कोर्ट ने POCSO के कई प्रावधानों के अंतर्गत दोषी पाया। यह निर्णय स्पेशल कोर्ट के जज अनिल जोसफ ने सुनाया।

वायनाड के चोलायिल हुसैन को भी बलात्कार के मामले में सजा

केरल के वायनाड में भी 47 साल के चोलायिल हुसैन नाम के एक व्यक्ति को 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का बलात्कार करने के मामले में एक अदालत ने पाँच वर्ष की कठोर सजा सुनाई है। उस पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। उसने जुलाई 2019 में नाबालिग लड़की के घर में घुसकर उसका बलात्कार किया था।

इस दौरान उसने विरोध करने या इस घटना के बारे में किसी को बताने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह मामला तब सामने आया, तब नाबालिग पेट दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती हुई। इसके बाद इसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने हुसैन को बाद में गिरफ्तार कर लिया था।

‘दक्षिण भारत बनेगा अलग देश’: कर्नाटक के डिप्टी सीएम के भाई एवं कॉन्ग्रेस सांसद का ‘भारत तोड़ो’ बयान, कहा- दक्षिण का पैसा हिंदी बेल्ट को जा रहा

कॉन्ग्रेस एक बार फिर भारत को तोड़ने की बात करने लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार (1 फरवरी 2024) को पेश किए गए अंतरिम बजट को कॉन्ग्रेस के सांसद डीके सुरेश ने पक्षपाती बताया है। केंद्र पर दक्षिण भारतीय राज्यों को धन जारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने धमकी दी कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो एक अलग देश की माँग उठाई जाएगी।

बेंगलुरु ग्रामीण संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने यह बयान बजट 2024 की आलोचना करते हुए संसद भवन के बाहर दिया। अलगाववाद को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों का पैसा उत्तर भारतीय राज्यों को दिया जा रहा है और उन पर हिंदी थोपी जा रही है। यह बात उन्होंने कन्नड़ में कही।

सुरेश ने कहा, “केंद्र दक्षिण भारतीय राज्यों को जीएसटी और प्रत्यक्ष करों का उचित हिस्सा नहीं दे रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी राज्यों से इकट्ठा किया गया पैसा उत्तर भारतीय राज्यों, हिंदी बेल्ट को दिया जा रहा है। हम पर हिंदी थोपी जा रही है। हमें इस पर सवाल उठाना होगा। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम अलग देश की माँग करने पर मजबूर हो जाएँगे।”

कॉन्ग्रेस सांसद ने आगे कहा, “अगर हम देखें कि देश के विभिन्न राज्यों में पैसा कैसे वितरित किया जाता है तो यह स्पष्ट है कि हमारे राज्यों का धन उत्तरी राज्यों में भेजा जा रहा है। यह हमारे साथ अन्याय है। केंद्र को हमसे 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक मिल रहे हैं और बदले में हमें जो मिल रहा है वह कुछ नहीं है। अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो सभी दक्षिण राज्यों को अलग राष्ट्र की माँग के लिए आवाज उठानी होगी।”

कॉन्ग्रेस सांसद सांसद ने आगे कहा कि विभिन्न राज्यों को धन का वर्तमान वितरण सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान नहीं मिला है। इसे चुनावी बजट बताते हुए उन्होंने कहा, “यह चुनावी बजट है। अंतरिम बजट में सिर्फ नाम बदले गए हैं। उन्होंने कुछ संस्कृत नाम पेश किए हैं और योजनाएँ पेश की हैं।”

बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK ने भी कुछ ऐसी ही धमकी दी थी। डीएमके के सांसद ए राजा ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को और अधिकार दे, वरना अगला स्टेज अलग राष्ट्र के लिए लड़ाई होगा। राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए यह बात कही थी।

डीएमके सांसद ने कहा था, “मैं पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से विनम्रता से कह रहा हूँ कि हमारे मुख्यमंत्री अन्ना (पूर्व मुख्यमंत्री और DMK के संस्थापक) के रास्ते पर चले रहे हैं। हमें पेरियार के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर ना करें। हमें अलग देश की माँग करने के लिए मजबूर मत कीजिए। हमारे राज्य को स्वायत्तता दीजिए और इसे पाने तक हम चुप नहीं बैठेंगे।”

मोदी सरकार ने मालदीव को दिया झटका, सहायता राशि ₹170 करोड़ घटाई: पिछले साल की थी ₹770 करोड़ की मदद, अब श्रीलंका को देंगे ज्यादा पैसा

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को भारत विरोधी बयानों के चलते अब तगड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। भारत ने मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को घटा दिया है। इसका ऐलान अंतरिम बजट 2024-25 में किया गया है। वहीं नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसियों को दी जाने वाली सहायता बढ़ा दी गई है।

वित्त मंत्रालय ने बजट 2024-25 में भारत द्वारा मित्र देशों को दी जाने वाली सहायता की जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार 2024-25 में मालदीव को ₹600 करोड़ की सहायता देगी। वर्ष 2024-25 में मोदी सरकार ने मालदीव को दी जाने वाली सहायता को 22% घटा दिया है।

मालदीव को वित्त वर्ष 2023-24 ₹770 करोड़ की सहायता दी गई थी। इस बार के बजट में मालदीव को ₹600 करोड़ की सहायता देने का ऐलान किया गया है। इससे पहले लगातार सरकार मालदीव को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा रही थी। ऐसा तीन वर्षों में पहली बार हुआ है कि मालदीव की सहायता को घटाया गया है।

मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में चार गुने से भी अधिक कर दी गई थी। मालदीव को 2022-23 में जहाँ ₹183 करोड़ की सहायता दी गई थी तो वहीं यह 2023-24 में बढ़ कर ₹770 करोड़ हो गई। अब इसे सरकार ने घटाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के पीछे मालदीव की नई नवेली मुइज्जू सरकार के भारत विरोधी रवैये को कारण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत विरोधी भावनाओं को भड़का रहे हैं। हाल ही में उनकी सरकार में शामिल मंत्रियों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध अपमानजनक बातें कही थी। इसको लेकर दोनों देशों के बीच कई दिनों तक कूटनीतिक स्तर पर तनातनी चली थी। मोहम्मद मुइज्जू खुद भी भारत विरोधी भावनाओं को भड़का कर सत्ता में आए हैं। उन्होंने हाल ही में भारत के सैनिकों को भी 15 मार्च तक वापस जाने को कहा था।

इन्हीं सब रवैयों को देखते हुए भारत ने मालदीव की सहायता से हाथ खींचने चालू कर दिए हैं। वरना भारत अपने पड़ोस के देशों को लगातार आर्थिक सहायता उनके विकास के लिए देता आया है। मालदीव को भारत ने इसी नीयत से सहायता दी थी। जिस दौरान सहयता बढ़ाई गई, तब यहाँ पर इब्राहिम मोहम्मद सोलिह राष्ट्रपति थे जो कि भारत के समर्थक माने जाते थे। अब मालदीव को भारत के इस कदम से तगड़ा झटका लगेगा क्योंकि भारत जो सहायता देता है, वह मालदीव के बजट का लगभग 1.5% है।

भारत ने 2024-25 में नेपाल और श्रीलंका को दी जाने वाली सहायता को बढ़ाने का निर्णय लिया है। नेपाल को 2023-24 के दौरान ₹650 करोड़ की सहायता दी गई थी। अब 2024-25 में नेपाल को ₹700 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं श्रीलंका को अब ₹60 करोड़ की जगह ₹75 करोड़ की सहायता भारत देगा।

विभिन्न देशों को दी जाने आर्थिक सहायता का ब्यौरा मालदीव
विभिन्न देशों को दी जाने आर्थिक सहायता का ब्यौरा

बांग्लादेश और म्यांमार को भी भारत ने क्रमशः ₹120 करोड़ और ₹250 करोड़ की सहायता देने का निर्णय लिया है। भारत अपने पड़ोसी भूटान को ₹2068 करोड़ की सहायता और लोन देगा। इसके अलावा ईरान में बन रहे चाबहार पोर्ट के लिए भी भारत ने ₹100 करोड़ देने का ऐलान किया है। अफगानिस्तान को ₹200 करोड़ की सहायता दी जाएगी।

किराए पर रहने वाले लोगों एवं मिडिल क्लास के लिए आवास योजना शुरू करेगी मोदी सरकार: वित्त मंत्री ने बजट 2024 में किया ऐलान

केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुुरुवार (1 फरवरी 2024) को अंतरिम बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के साथ-साथ किराए पर रहने वालों की मदद के लिए योजनाएँ शुरू करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत 2 करोड़ और घर देगी। सरकार के लक्ष्य को बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “कोविड के बावजूद हमने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा किया है। परिवारों की संख्या में वृद्धि से उत्पन्न आवास की माँग को पूरा करने के लिए अगले पाँच वर्षों में 2 करोड़ और घर बनाए जाएँगे।”

मध्य वर्ग के लिए आवास योजना के बारे में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार पात्रता रखने वाले मध्यम वर्ग के लिए अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवास योजना शुरू करेगी। इतना ही नहीं, किराए पर रहने वाले लोगों की मदद करने और उन्हें अपना घर खरीदने या बनाने में सक्षम बनाने के लिए भी योजनाएँ शुरू करेगी। कुछ ऐसी ही योजना झुग्गी में रहने वाले लोगों के लिए सरकार शुरू करेगी।

वित्त ने द्वारा गुरुवार को गई यह घोषणा सरकार की ‘सभी के लिए आवास’ योजना के तहत की गई है। इसमें चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण या ग्रामीण आवास योजनाएँ भी शामिल हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत मकान महिलाओं के नाम या फिर संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं।

शहरी और किफायती आवास पर ध्यान देने के पिछले बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 79,590 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई थी। इसमें से 25,103 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को आवंटित किए गए थे और शेष पीएमएवाई-ग्रामीण योजना के लिए थे। इस बार इस बजट में 1.35 प्रतिशत वृद्धि करके 80,671 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समावेशी एवं अभिनव बताया है। उन्होंने कहा, यह बजट विकसित भारत के चार स्तंभ – युवा, गरीब, महिला और किसान… सभी को सशक्त करेगा। यह बजट देश के भविष्य का निर्माण करेगा। यह 2047 तक भारत को विकसित बनाने का नींव है।” उन्होंने कहा कि देश में अब तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के ग्रामीण और शहरों इलाकों में सरकार ने गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक मकान बनवाए। उन्होंने कहा कि अब अगले पाँच साल में यह 2 करोड़ और मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में गरीब और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए आय के नए अवसर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

ट्रेन में भीड़ घटाने के लिए अलग कॉरिडोर, बिजनेस को बढ़ाने और बंदरगाहों को जोड़ने के लिए भी 2 अलग कॉरिडोर: बजट 2024 रेलवे के लिए खास

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (1 फरवरी 2024) को संसद में अंतरिम बजट-2024 पेश किया। इस बजट में रेलवे क्षेत्र को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। इन घोषणाओं से करोड़ों लोगों को फायदा होगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में तीन नए रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की। इन कॉरिडोर के निर्माण से देश के कई हिस्सों को रेल से जोड़ा जाएगा और लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि रेलवे वाले तीन नए रेल कॉरिडोर शुरू किए जाएँगे। इसके तहत ऊर्जा-खनिज-सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और अधिक पैसेंजर घनत्व वाले कॉरिडोर बनाए जाएँगे। इसके साथ ही पूरे देश में यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार किया जाएगा। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए पीएम गतिशक्ति के तहत परियोजनाओं की पहचान की गई है। माला-भाड़ा परियोजना को भी विकसित किया जाएगा।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि भारतीय रेलवे के 40000 सामान्य डिब्बों को वंदे भारत में बदल दिया जाएगा। इससे आम ट्रेनों में यात्रा करने वाले करोड़ों भारतीयों को फायदा होगा। ये नए डिब्बे देश के हर रूट और हर ट्रेन में लगाए जाएँगे।

वित्तमंत्री ने नमो भारत ट्रेनों के विस्तार की बात भी कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेट्रो कनेक्टिविटी को भी बढ़ाया जा रहा है। चूँकि ये बजट अंतरिम बजट है, ऐसे में चुनाव के बाद संसद में रखे जाने वाले अनुपूरक बजट पर अब सबकी निगाहें रहेंगी।

नई संसद में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश किया गया। ये बजट पूर्ण नहीं, बल्कि अंतरिम है, जो चार माह के लिए है। वित्तमंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने छठीं बार बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने 57 मिनट के भाषण के माध्यम से ये बजट सामने रखा।

बजट 2024 में रेलवे के लिए की गई घोषणाएँ देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। तीन नए रेल कॉरिडोर के निर्माण से देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार से यात्रियों को सुविधा होगी। समय पर चलने वाली ट्रेनों से लोगों की यात्रा में आसानी होगी। इन घोषणाओं से रेलवे का बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

₹15,000 की बचत हर साल, मोदी सरकार लगाएगी आपके घर में सोलर प्लांट: बजट 2024 से हर घर को फायदा, जानिए क्या है प्रोसेस

मोदी सरकार का अंतिम और अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के एक करोड़ घरों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान किया है। यह मुफ्त बिजली सोलर माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए देश में घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का अभियान चलाया जाएगा। इससे देश के मध्यमवर्ग को बड़ा फायदा होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ऐलान किया है कि घरों की छतों पर सोलर ऊर्जा पैदा करने के लिए प्लांट लगाए जाएँगे। यह प्लांट सरकार लगाएगी। बिजली पैदा करने वाले इन प्लांट से मकान का मालिक 300 यूनिट बिजली मुफ्त हर माह ले सकेगा।

जिन लोगों के घरों पर यह सोलर ऊर्जा पैदा करने वाले प्लांट लगेंगे, उन्हें इसके बाद कोई बिल नहीं देना होगा। इससे प्रत्येक परिवार को बड़ी बचत होगी। एक रिपोर्ट बताती है कि देश में एक औसत घर महीने में लगभग 250 यूनिट बिजली खर्च करता है। भारत में एक यूनिट बिजली का औसत भाव 5 रुपए है। ऐसे में ₹15,000 की बचत एक परिवार एक वर्ष में कर सकेगा। यदि किसी परिवार का बिजली खर्च इससे ज्यादा भी होता है तो भी उसे बड़ा फायदा होगा।

जो योजना बजट 2024-25 में मोदी सरकार लेकर आई है, इसके अंतर्गत वही व्यक्ति मुफ्त बिजली पाएगा जो खुद की छत पर सोलर प्लांट लगाएगा। इसके अलावा जो बिजली उसे मिलेगी, उसको पैदा करने की लागत भी नहीं लगेगी। सरकार को इस स्थिति में सिर्फ सोलर प्लांट लगाने होंगे। ऐसे में सब्सिडी का भी पैसा बचेगा और साथ ही लोगों को मुफ्त बिजली भी मिल जाएगी। इसके अलावा कोयले से पैदा होने वाली बिजली में भी कमी की जा सकेगी, जिससे पर्यावरण पर काम आगे बढ़ सकेगा।

लोगों को मुफ्त बिजली देने के लिए घरों की छतों पर यह सोलर प्लांट केंद्र सरकार की एक योजना के तहत लगाए जाएँगे। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक योजना का ऐलान किया था। इसका नाम ‘सूर्योदय योजना‘ रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना का ऐलान 22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से लौटने के बाद किया था। प्रधानमंत्री ने इसकी जानकारी एक्स (पहले ट्विटर) पर दी थी।

गौरतलब है कि कई विपक्षी दल देश में चुनावों के समय मुफ्त बिजली का वादा करते आए हैं। पंजाब और दिल्ली जैसे राज्य मुफ्त बिजली दे भी रहे हैं। हालाँकि, यह वादा जमीन पर उतारने के बाद बड़े नुकसान होते हैं। भारत में अधिकांश बिजली कोयले से बनती है। इस बिजली की उत्पादन लागत भी सौर ऊर्जा के मुकाबले अधिक है। ऐसे में कोयले से पैदा की गई बिजली को मुफ्त देने पर सरकार को बड़ी सब्सिडी देनी पड़ती है। अकेले पंजाब में ही इस समय इस सब्सिडी का भार लगभग ₹20,000 करोड़ है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 25 करोड़ घरों पर ऐसे रूफटॉप सोलर लगाए जा सकते हैं। इनके ऊपर 637 गीगावॉट तक की ऊर्जा पैदा कर सकती है। हालाँकि, यही रिपोर्ट दिखाती है कि देश में मात्र 11 गीगावॉट क्षमता के ही रूफटॉप सोलर लगाए गए हैं अभी।

भले ही भारत ने घरों पर सोलर क्षमता लगाने में अभी आशातीत सफलता नहीं पाई हो, लेकिन उसने बीते कुछ वर्षों में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी प्रगति हासिल की है। रिपोर्ट बताती है देश में अभी लगभग 75 गीगावॉट की सोलर क्षमता है। यह 2014 में लगभग 2 गीगावॉट ही थी। ऐसे में 2014 से अब तक इसमें लगभग 35 गुने की वृद्धि हुई है।

नारी शक्ति का बजट 2024: लड़कियों को मुफ्त टीका, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयुष्मान भारत वाला इंश्योरेंस

साल 2024 के अंतरिम बजट में देश के विकास को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएँ कीं। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति पर भी बात की। उन्होंने बताया कि कैसे समाज में महिलाओं की भूमिका मजबूत हो रही है और सरकार भी उनके स्वास्थ्य, शिक्षा स्तर में परिवर्तन के लिए कदम उठा रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पढ़ते हुए जानकारी दी कि पिछले सालों में महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत 30 करोड़ रुपए का लोन दिया गया है। उन्होंने कहा, उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण, जीवनयापन में आसानी और उनके लिए सम्मान ने इन 10 वर्षों में गति पकड़ी है। महिला उद्यमियों को 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण दिए गए हैं।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने ये भी बताया कि उनकी सरकार माताओं एवं उनके शिशुओं की स्वास्थ्य के देखभाल को व्यापक कार्यक्रम के तहत लेकर आएगी। उनके बेहतर पोषण वितरण, प्रारंभित बचपन की देखभाल और विकास के लिए सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन में तेजी लाई जाएगी। टीकाकरण के प्रबंधन और गहनता के लिए नए डिजाइन किए गए यू-विन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। मिशन इंद्रधनुष के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसी तरह महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा देने के क्रम में कहा गया है कि आयुष्मान भारत में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कवर होंगी। इसके लिए उन्हें सब सुविधा दी जाएगी। सर्वाइकल कैंसल से भी लड़कियों को मुक्त रखने के लिए मुफ्त टीकाकरण सरकार ने शुरू किया है।

बता दें कि मोदी सरकार की योजनाओं के चलते पिछले 10 सालों में उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन 28 फीसद बढ़ा है। उनकी उद्यमशीलता में भी विकास हुआ है। करीबन 9 करोड़ महिलाओं की जिंदगी इन योजनाओं से बदली है। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं को सशक्त करने पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने अब तक 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनया हैं, अब लक्ष्य 2 करोड़ का नहीं, बल्कि 3 करोड़ का रखा गया है।

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’: अंतरिम बजट में 2 करोड़ का लक्ष्य अब बढ़कर 3 करोड़, 1 करोड़ महिलाएँ बन चुकी हैं लखपति

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुुरुवार (1 फरवरी 2023) को संसद में अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं के लिए कई घोषणाओं की गईं। सीतारमण ने इस दौरान ‘लखपति दीदी योजना’ का भी जिक्र किया। यह महत्वाकांक्षी योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई है।

इस अंतरिम बजट में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ‘लखपति दीदी योजना’ का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का फैसला किया है। सीतारमण ने कहा कि अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। अब इसे बढ़ावा दिया जाएगा और इसे 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का निर्णय लिया है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि महिला केंद्रित योजनाओं से अब तक करीब 9 करोड़ महिलाओं को महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। बजट भाषण के तुरंत पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी लखपति दीदी योजना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार 2 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का अभियान चला रही है। अब सरकार ने इसके लक्ष्य को बढ़ा दिया है।

क्या है लखपति दीदी योजना?

देश की महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल एक महत्वपूर्ण पहल की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र ने 15 अगस्त 2023 को लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए ‘लखपति दीदी योजना’ की घोषणा की थी। उस दौरान देश भर की 2 करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षण एवं ऋण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

इस योजना के लागू होने से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इन स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। जैसे कि बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी आदि। इस योजना में इन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कई तरह के पहल किए गए हैं।

लखपति दीदी योजना इन महिलाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण का कार्यक्रम है। इसमें उन्हें स्किल ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे पैसा कमाने योग्य बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस ट्रेनिंग में बिजनेस शुरू करने के तरीके बताए जाते हैं। इस योजना के तहत बिजनेस शुरू कर ने वाली महिलाओं को बिजनेस प्लान, मार्केटिंग और बाजार तक पहुँच के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सहायता की जाती है।

समय-समय पर उन्हें तकनीक एवं वित्त से संबंधी जानकारी देने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है। इससे महिलाएँ बिजनेस के लिए बजट, बचत और निवेश के बारे में जानकारी हासिल करती हैं। इसके साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में सिखाया जाता है। इसके अलावा उन्हें डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल वॉलेट एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करना सीखा जाता है।

महिलाओं को प्लंबिंग, एलईडी बल्ब बनाने व ड्रोन के संचालन और मरम्मत जैसे कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को बिजनेस शुरू करने, शिक्षा या अन्य जरूरतों के लिए छोटे स्तर पर लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। महिलाओं की सहायता के लिए इसमें उन्हें कम खर्च में बीमा भी उपलब्ध कराई जाती है।

इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए महिला को संबंधित राज्य का स्थायी निवासी और महिला का स्वयं सहायता समूहों से जुड़ा होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत उन महिलाओं को शामिल किया जाता है, जिनकी प्रति परिवार सालाना इनकम कम-से-कम 1 लाख रुपए होती है।

मोदी सरकार गरीबों को देगी 2 करोड़ आवास, 300 यूनिट बिजली भी मुफ्त… बजट 2024 में जानें और क्या है खास, ₹1 लाख करोड़ युवाओं के नाम

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट प्रस्तुत किया है। यह मोदी सरकार 2.0 का अंतिम बजट है। यह प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का 12वाँ बजट है। इसकी शुरुआत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की दशा में 2014 के बाद आए बदलाव के उल्लेख से की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी चुनावों में वर्तमान सरकार को भारी बहुमत मिलेगा। उन्होंने मोदी सरकार की मुफ्त राशन, आवास योजनाओं और जन-धन योजना को गिनाया है।

वित्त मंत्री ने बताया है कि मोदी सरकार की योजनाओं के कारण देश में 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ सके हैं। उन्होंने किसान सम्मान निधि और स्वनिधि जैसी योजनाओं से पहुँचे लाभ को भी बताया है। उन्होंने खेल के सम्बन्ध में हुई प्रगति को भी उल्लेखित किया है।

2 करोड़ और नए घर, 300 यूनिट मुफ्त बिजली

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले समय में अधिक विकास के लिए आसानी से वित्त सहायता उपलब्ध करवाने के लिए योजना बनाएगी। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2 करोड़ घर अगले 5 वर्षों में बनाए जाएँगे। अब तक 3 करोड़ घर बन चुके हैं।

वित्त मंत्री ने बताया है कि सरकार 1 करोड़ लोगों के घरों पर सूर्योदय योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर 300 यूनिट की मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाएगी। वित्त मंत्री ने स्लम और किराए के घरों में रहने वालों के लिए भी घरों का ऐलान किया है।

बच्चियों को कैंसर से बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि 9-14 वर्ष की बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने आयुष्मान योजना को सभी आशा बहनों तक बढ़ाने का ऐलान किया है। मेडिकल सम्बन्धी समस्याओं को सुलझाने के लिए एक कमिटी बनाई जाएगी।

नैनो यूरिया के बाद नैनो डीएपी

वित्त मंत्री ने कहा है कि नैनो यूरिया के सफल प्रयोग के बाद अब नैनो डीएपी पर काम होगा। उन्होंने स्थानीय फसल बीजों पर भी काम करने का ऐलान किया है जो अधिक फसल पैदा करेंगे।

उन्होंने पशुपालकों के लिए भी नए प्रयास करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि यह नया प्रयास पहले से चल रही योजनाओं के आधार पर किया जाएगा। वित्त मंत्री ने मछलीपालकों के लिए भी नए प्रयास करने का ऐलान किया है।

₹1 लाख करोड़ का नया फंड युवाओं के लिए

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि सरकार ₹1 लाख करोड़ का एक नया फंड रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए बनाएगी। डीप टेक टेक्नोलॉजी और रक्षा मामलों में अनुसन्धान के लिए नई योजना लाई जाएगी।

इन्फ्रा और रेलवे पर फंड की बरसात, दिए गए 11 लाख करोड़ रुपए

देश में नया इन्फ्रा बनाने के लिए ₹11.1 लाख करोड़ का कैपिटल आउटले इस बार के बजट में रखा गया है। वित्त मंत्री ने तीन नए रेलवे इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इससे माल के आवाजाही की लागत घटेगी। वित्त मंत्री ने बताया है कि पहले से 40,000 डिब्बों को वन्दे भारत में बदला जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया है कि उड़ान योजना के तहत अब 1.3 करोड़ यात्री उड़ान भर रहे हैं। नए एयरपोर्ट का निर्माण जारी रहेगा। वित्त मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐलान किया है कि पवन ऊर्जा के लिए 1 गीगावाट की क्षमता स्थापित की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा है कि देश में ई बसों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

राज्यों को टूरिस्ट केन्द्रों के विकास करने के लिए कहा जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगी। वित्त मंत्री ने बताया है कि लक्षद्वीप समेत अन्य द्वीपों में टूरिस्ट गतिविधि बढ़ाने के लिए विशेष विकास किया जाएगा।