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जब अयोध्या में मिठाई बाँट रहे किसान, राम मंडप सजा रहे अखिलेश यादव, तब ऑपइंडिया के सवालों से क्यों भाग खड़ा हुआ बाबरी का पैरोकार इकबाल

अयोध्या में सोमवार (22 जनवरी, 2024) को भगवान राम की प्रतिमा विधि-विधान से उनके निर्माणाधीन मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दी गई। इस अवसर पर देश-विदेश के अति विशिष्ट हस्तियों की मौजूदगी मंदिर परिसर में रही। दूसरी तरफ अयोध्या नगर की सीमाओं में लोगों का उत्साह अपने चरम पर था। देश के कोने-कोने से आए लोगों ने भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा भिन्न-भिन्न रूपों में प्रकट की। ग्राउंड पर मौजूद ऑपइंडिया की टीम ने इनमें से कुछ लोगों से बात की।

मुन्नन खाँ और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की बात सुन कर भागने लगे इक़बाल अंसारी

जब भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा में 1 दिन बचा था, तब ऑपइंडिया ने अदालत में बाबरी का खानदानी पक्षकार इक़बाल अंसारी से कुछ सवाल दागे। वह श्रीराम अस्पताल के पास मीडिया को इंटरव्यू दे रहा था। इक़बाल ने अयोध्या को भाईचारे वाली नगरी बताते हुए कभी हिन्दू-मुस्लिम विवाद न होने की बात कही। इसी दौरान हमने पूछा कि मुन्नन खाँ के बारे में आपका क्या कहना है जिस पर कारसेवकों के परिजन पुलिस की वर्दी पहन कर गोलियाँ बरसाने का आरोप लगा रहे हैं? हमारे इस सवाल को सुन कर इक़बाल अंसारी असहज हो गए और बोले, “वो सब हम नहीं जानते।”

इसी दौरान हमने अगला सवाल किया कि अगर भाईचारे की बात है तो क्या उसे मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर नहीं दिखानी चाहिए? इस सवाल के बाद इकबाल अंसारी ने तेज कदमों से भागना शुरू कर दिया। हम उनके साथ चलते हुए बार-बार अपने सवाल को दोहराते रहे। मौका देख कर इकबाल श्रीराम अस्पताल के अंदर बने एक लोहे के दरवाजे में घुस गए। उनके साथ चल रहे पुलिस के सुरक्षाकर्मी ने हमें आगे जाने से रोक दिया।

अयोध्या दर्शन सरदार गुरमीत और निहंग सुखदेव का सौभाग्य

ऑपइंडिया को प्राण प्रतिष्ठा के दौरान नयाघाट क्षेत्र में सरदार गुरमीत सिंह और निहंग सिख सुखदेव मिले। ये दोनों पंजाब के तरनतारन जिले से आए थे। इन्होंने बताया कि राम मंदिर बनने से वो बेहद खुश हैं और इस दौरान अयोध्या दर्शन उनका सौभाग्य है। गुरमीत के मुताबिक हिन्दू-सिख भाईचारा हमेशा से रहा है और उसी के चलते सरदारों ने अयोध्या में लंगर भी लगाया है। दोनों ने यह भी दावा किया कि राम की उनके मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पंजाब में ख़ुशी की लहर है।

सरदार गुरमीत और निहंग सुखदेव सिंह

हमने पूछा कि हिन्दू और सिखों में दरार डालने की साजिश रचने वालों के बारे में उनका क्या कहना है? इस पर सरदार गुरमीत सिंह ने जवाब दिया, “ये वो लोग हैं जो चुनाव में हार जाते हैं। हारे लोग कोई न कोई खुराफात करते रहते हैं सभी लोग एक जैसे नहीं होते। कुछ गद्दार भी होते हैं।”

‘हम तो रामभक्त अखिलेश यादव, उनका पता नहीं’

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले जन्मभूमि के पास हमें इलेक्ट्रीशियन अखिलेश यादव मिल गए। वो भगवान राम के स्वागत मंडप में लाइटिंग आदि सजाने का काम कर रहे थे। अखिलेश यादव अयोध्या जिले के ही बाहरी इलाके में आने वाले मिल्कीपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। खुद को पक्का रामभक्त बताते हुए अखिलेश ने कहा कि वो मंदिर बनने से बेहद खुश हैं। उन्होंने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया। जब हमने उनसे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के बारे में सवाल किया तो जवाब मिला, “उनका हमें नहीं पता।”

रामभक्त अखिलेश यादव

हम तो रामभक्त किसान, औरों का वो ही जानें

अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर हमें एक ट्रक के पास कुछ लोग जमा दिखे। जब हम पास गए तो पता चला कि किसानों की एक टोली वहाँ आ रहे श्रद्धालुओं को गुड़ बाँट रही थी। ट्रक पर ‘हिन्द मजदूर किसान समिति’ नाम से बैनर लगा था। सामने राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर पगड़ी पहने चंद्रमोहन की तस्वीर लगी थी। गुड़ बाँट रहे लोगों ने हमें बताया कि वो देश और राम के भक्त किसान हैं।

जब हमने दिल्ली को घेर कर हुए कथित किसान आंदोलन के बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने कहा, “उनका वो ही जानें। हमारा उनका आपस में कोई वास्ता नहीं।” इस दौरान श्रद्धालुओं के साथ किसान ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगा रहे थे। किसानों की यह टीम गुड़ बाँटने मेरठ और मुज़फ्फरनगर जिलों से आई थी।

श्रद्धालुओं को गुड़ बाँटते किसान

हर राज्य के कलाकार राम के अभिनय में

अयोध्या के तुलसी उद्यान में हमें एक नाट्य मंच पर अलग-अलग प्रदेशों के कलाकार दिखे। ये सभी किसी न किसी रूप में राम से जुड़े अभिनय कर रहे थे। इसमें कर्नाटक से आए कलाकारों में रावण बने पात्र ने ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया तो हनुमान ने गदा दिखा कर भगवान राम के दुश्मनों को चेतावनी दी। राजस्थानी कलाकारों में महिलाओं ने माँ सीता के उस संघर्ष को दिखाया कि कैसे उन्होंने अशोक वाटिका में अपनी गृहस्थी सजाई रही होगी।

इस संघर्ष में जंगल से लकड़ियाँ चुनना, फल आदि खोज कर लाना और पानी लेने नदी में जाना आदि काम शामिल था। राजस्थान के इन कलाकारों में भुट्टा खान भी शामिल थे जिन्होंने खुद को रामभक्त बताया। बकौल भुट्टा खान उन्हें लाखों रामभक्तों से भरी अयोध्या में सभी से सम्मान मिला।

कर्नाटक के कलाकार

हरियाणा से आए कलाकारों ने बताया कि उनके राज्य पर बजरंग बली की विशेष कृपा है इसीलिए वहाँ से पहलवान मेडल जीत कर जाते हैं। हरियाणा के कलाकारों ने भी राम के रूपों का अभिनय किया। उन्होंने बताया कि उनके कलाकारों में हिन्दू समाज की हर जाति के लोग हैं। ये लोग एक साथ रह कर काम करते हैं और एक साथ ही बैठ कर बिना किसी भेदभाव के खाना भी खाते हैं। सभी प्रदेशों से आई टीमों में एक खास बात ये थी कि उन्होंने सामूहिक रूप से स्वीकार किया कि उनके यहाँ महिला कलाकारों को श्रद्धालु सबसे अधिक सम्मान देते हैं।

मुस्लिम कलाकर भुट्टा खान

उज्जैन महाकाल मंदिर से पैदल चल कर आए 21 वर्षीय राज्यवर्धन

जब ऑपइंडिया की टीम अयोध्या के टेढ़ी बाजार इलाके में थी तब हमें एक युवक पैदल तेज कदमों से अयोध्या की तरफ बढ़ता दिखा। हमने उनका नाम पूछा तो उन्होंने परिचय राज्यवर्धन सिंह सिसोदिया के रूप में दिया। राज्यवर्धन ने बताया कि वो लगभग 13 दिसंबर, 2023 को ही अपने पैतृक जनपद उज्जैन से अयोध्या के लिए पैदल ही निकल पड़े थे। इस काम में राज्यवर्धन के परिजनों ने उनका उत्साह बढ़ाया। पीठ पर भगवा ध्वज बाँधे राज्यवर्धन ने कहा कि उनको अपने राम को देखने की बड़ी बेसब्री है।

उज्जैन से पैदल ही आ गए राजयवर्धन

राज्यवर्धन मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे हैं। भविष्य में वो IAS बनना चाहते हैं। जब हमने पूछा कि रास्ते में कोई दिक्कत तो नहीं हुई तो इसके जवाब में उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पुलिस का अपराधियों में इतना डर है कि कोई गलत आदमी आसपास भी नहीं फ़टका। राज्यवर्धन ने कहा कि आज या या भविष्य में कभी भी रामकाज करना होगा तो वो अपने सीने पर गोली खाने के लिए सबसे आगे खड़े मिलेंगे।

बलिदानी कारसेवकों का रथ 200 KM से खींच लाए वृद्ध हरिश्चंद्र

ऑपइंडिया की टीम को अयोध्या में रामघाट के पास एक वृद्ध मिले जो रथ को खींच रहे थे। लगभग 60 वर्ष की अवस्था वाले उन भगवाधारी वृद्ध का नाम हरिश्चंद्र विश्वकर्मा था। उन्होंने बताया कि वो रायबरेली जिले से लोहे का रथ ले कर अयोध्या के लिए निकले हैं। हरिश्चंद्र के एक पैर में चोट भी लगी थी। उनके रथ में ही उनके खाने-पीने और सोने का इंतजाम है। इस रथ पर कोठरी बंधुओं की तस्वीर बनी हुई थी जिन्हें मुलायम सरकार के आदेश पर सन 1990 में गोली मार दी गई थी।

हरिश्चंद्र विश्वकर्मा के मुताबिक वो महीने भर पहले रायबरेली से निकले थे और अयोध्या पहुँच कर उनकी यात्रा के साथ जीवन भी सफल हुआ।

बलिदानी कारसेवकों की तस्वीरों वाला रथ खींच कर लाए हरिश्चंद्र विश्वकर्मा

इन सभी के अलावा जगह-जगह पर भंडारे आयोजित किए गए थे जिसमें बिना कोई भेदभाव या किसी का नाम आदि पूछे बिना खाना परोसा जा रहा था। सभी यहाँ एक स्वर में एक साथ ‘भगवान राम की जय’ के नारे लगा रहे थे। कई लोग रामायण काल के पात्रों का वेश रख कर सड़कों पर घूमते दिखे।

अचानक राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुँचे CM नीतीश कुमार, माँझी ने ‘खेला होई’ कह कर बढ़ाया बिहार का राजनीतिक पारा: न्याय यात्रा पर कॉन्ग्रेस को जदयू का झटका

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार (23 जनवरी, 2024) को अचानक से राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने के लिए राजभवन पहुँच गए। इससे बिहार में सियासी हलचल तेज़ हो गई है। वहीं पूर्व सीएम और HAM पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम माँझी के ट्वीट ने राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया। माँझी ने लिखा, “बंगला में कहते हैं – ‘खेला होबे’, मगही में कहते हैं – ‘खेला होकतो’, भोजपुरी में कहते हैं – ‘खेला होखी’। बाकी तो आप खुद ही समझदार हैं।”

बता दें कि बिहार की राजनीति में विरोधियों द्वारा नीतीश कुमार को अक्सर ‘पलटूरम’ कह कर चिढ़ाया जाता है, क्योंकि वो कभी राजद तो कभी भाजपा के साथ जाते रहे हैं। राजभवन पहुँचे मुख्यमंत्री के साथ बिहार के वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी साथ में थे। विजय चौधरी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार का राजभवन जाने की पहले से कोई योजना नहीं थी, अचानक ये प्लान बना।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के बीच इस दौरान लगभग 40 मिनट तक बैठक हुई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के संबंध में दोनों की मुलाकात हुई है। बता दें कि राज्यपाल सरकारी यूनिवर्सिटीज के कुलाधिपति होते हैं। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि बजट सत्र के संबंध में ये चर्चा हुई है। वहीं गठबंधन साथी राजद ने इसे सामान्य मुलाकात बताते हुए गठबंधन को मजबूत करार दिया। पार्टी ने कहा कि विपक्ष एक साजिश के तहत इसे दूसरा मोड़ दे रहा है, लेकिन उसकी मंशा पूरी नहीं होगी।

विपक्ष के I.N.D.I. गठबंधन में संयोजक न बनाए जाने से नाराज़ नीतीश ने दबाव बनाने के लिए ललन सिंह को हटा कर खुद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सँभाल ली थी। उधर जदयू नेता खालिद अनवर ने कहा है कि राहुल गाँधी की न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए नीतीश कुमार को कोई आधिकारिक न्योता नहीं मिला है। कॉन्ग्रेस इससे पहले कह रही थी कि नीतीश यात्रा का स्वागत करेंगे। कई राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि महागठबंधन के स्थानीय नेता राजद-जदयू मेल से खुश नहीं हैं।

दवाई लेने घर से निकली लड़की, फरहान करने लगा छेड़छाड़; विरोध करने पर भरे बाजार में मारी गोलीः मेरठ पुलिस तलाश में जुटी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोफिया नाम की एक युवती की फरहान नाम के युवक ने गोली मार कर हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या से पहले फरहान युवती से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था। हत्या करने के बाद वो फरार हो गया। पुलिस मौके पर पहुँच कर जाँच पड़ताल कर रही है।

जानकारी के अनुसार, मेरठ के थाना फलावदा क्षेत्र की रहने वाली एक युवती सोफिया सोमवार (22 जनवरी, 2024) सुबह अपने घर से दवाई लेने जा रही थी। इसी दौरान फरहान मलिक रास्ते में आकर उससे छेड़छाड़ करने लगा। वह उसका रास्ता रोकने लगा।

युवती ने जब इसका विरोध किया तो वह उसके साथ हिंसा पर उतारू हो गया और कुछ देर बार उसने तमंचा निकाल कर उसे गोली मार दी। गोली लगने से तुरंत ही युवती की मौत हो गई। हत्या का आरोपित फरहान गोली मारने के बाद घटनास्थल से फरार हो गया।

युवती के परिजन जब तक घटनास्थल पहुँचे तब उसकी मौत हो चुकी थी और फरहान वहाँ से गायब था। घटनास्थल पहुँची पुलिस ने जानकारी लेकर फरहान की तलाश चालू कर दी है। हालाँकि, युवती के परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और आरोपित के घर बुलडोजर चलाने की माँग कर रहे हैं।

घटनास्थल का मेरठ के देहात क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक ने भी दौरा किया है। उन्होंने मीडिया से की गई बातचीत में बताया, “थाना फलावदा के मोहल्ला भगत सिंह में 18 वर्षीय युवती सोफ़िया दवा लेने जा रही थी। युवती के पड़ोस में रहने वाले युवक फरहान पुत्र उस्मान ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी है। युवती के शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई है।”

मामले में पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है और फरहान की धरपकड़ का प्रयास कर रही है। जानकारी के सामने आई है कि फरहान का इस युवती के साथ पहले प्रेम प्रसंग था। परिजनों का कहना है कि फरहान उनकी बेटी के साथ कई दिनों से छेड़छाड़ कर रहा था। पुलिस के पहुँचने पर परिजनों के हंगामा करने की भी खबर है। एसपी देहात ने उन्हें मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

370 के लिए बिस्तर छोड़ा, राम मंदिर के लिए छोड़ी पुष्पमाला, अब मथुरा के लिए एक समय ही भोजन करने का लिया संकल्प: BJP के एक मंत्री ऐसे भी

वे छह बार के विधायक हैं। 3 बार के मंत्री। राजस्थान की मौजूदा बीजेपी सरकार में वे शिक्षा मंत्री हैं। उनका नाम है- मदन दिलावर। उन्होंने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण नहीं होने तक एक समय के अन्न का त्याग करने का संकल्प लिया है। इससे पहले आर्टिकल 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर भी वे इसी तरह का संकल्प ले चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदन दिलावर ने फरवरी 1990 में संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में मंदिर नहीं बनता वे फूलों की माला नहीं पहनेंगे। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद कोटा के रामगंज मंडी में अयोजित कार्यक्रम के दौरान जय श्री राम के उद्घोष के बीच समर्थकों ने उन्हें 108 फीट लंबी फूलों की माला पहनाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक वे रामलला का दर्शन नहीं करते माला नहीं पहनेंगे।

राम मंदिर का संकल्प पूरा होने के बाद बीजेपी नेता ने नई सौगंध ली है। उन्होंने कहा है कि जब तक मथुरा में भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर नहीं बन जाता, वे एक समय ही भोजन करेंगे। उन्होंने प्रभु में आस्था जताते हुए कहा कि जैसे अब तक सभी निश्चय पूरे हुए हैं, वैसे ही ये निश्चय भी पूरा होगा।

मंच से श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर प्रतिज्ञा

रामगंज मंडी में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दिलावर ने बताया कि डॉ. किरोडीलाल मीना के साथ उन्होंने लंबा प्रदर्शन किया था। उसी दौरान फरवरी 1990 में भी कसम खाई थी कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वह माला नहीं पहनेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह समाप्त के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की तो उन्होंने रोक दिया। उन्होंने कहा कि वे माला तब पहनेंगे, जब 31 जनवरी को रामलला के दर्शन कर लेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से प्रतिज्ञा ली कि जब तक भगवान कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वह दिन में केवल एक बार भोजन करेंगे।

साल 1990 से 2019 तक जमीन पर सोए मदन दिलावर

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने फरवरी 1990 में एक और कसम खाई थी। ये कसम थी कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 निरस्त नहीं होता, तब तक वह बिस्तर पर नहीं सोएँगे। साल 2019 में जब अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया, तब जाकर वे बिस्तर पर सोए थे।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में सुष्मिता सेन को दिखी ‘घृणा की राजनीति’, इंस्टाग्राम पर शेयर की संविधान के प्रस्तावना की फोटो: लोग बोले – मूर्खता में की है Ph.D

अयोध्या में सोमवार (22 जनवरी, 2024) को एक भव्य कार्यक्रम में निर्माणाधीन मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरोहितों ने ये प्रक्रिया संपन्न कराई। पीएम मोदी इसके लिए 11 दिनों के अनुष्ठान पर थे। इस अवसर पर उद्योग, राजनीति, मनोरंजन एवं खेल जगत की कई बड़ी हस्तियाँ मौजूद रहीं। जहाँ देशवासी राम के आगमन की खुशियाँ मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुष्मिता सेन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से भड़क गई हैं।

सुष्मिता सेन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में भारत के संविधान की प्रस्तावना की तस्वीर शेयर की। इसे मूल रूप से एक्टिंग वर्कशॉप चलाने वाले अतुल मोंगिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट बना कर शेयर किया था। अतुल मोंगिया कई बड़ी फिल्मों में एक्टिंग वर्कशॉप एवं कास्टिंग डायरेक्टर रहे हैं। उन्होंने इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था, “मैं अपने देश से प्यार करता हूँ। और, घृणा की किसी भी प्रकार की राजनीति इसे बदल नहीं सकती।” साथ ही उन्होंने AR रहमान का ‘ये जो देश है मेरा’ गाना भी लगाया।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद सुष्मिता सेन की इंस्टाग्राम स्टोरी

अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने इसे हूबहू अपनी स्टोरी में शेयर कर दिया और हैशटैग लगाया – ‘मातृभूमि’। साथ ही उन्होंने ‘प्रणाम’, दिल और मुस्कुराने वाली इमोजी भी लगाई। सुष्मिता सेन के इस कदम की आलोचना हो रही है। फिल्म जगत से सुपरस्टार रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, रणबीर कपूर, उनकी पत्नी आलिया भट्ट, आयुष्मान खुराना, विक्की कौशल, उनकी पत्नी कैटरीना कैफ, मेगास्टार चिरंजीव, उनके बेटे रामचरण तेजा, रोहित शेट्टी, राजकुमार हिरानी और धनुष समेत कई हस्तियाँ मौजूद रहीं।

सुष्मिता सेन की आलोचना करते हुए यूजर्स पूछ रहे हैं कि भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में घृणास्पद क्या हो गया? एक यूजर ने कहा कि मूर्खता में Ph.D की डिग्री लेने वाले व्यक्ति ही इस तरह की बातें कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद ही नफरत से भरे पड़े हैं, वो भला जनभावनाओं को क्या ही समझेंगे। वहीं कॉन्ग्रेस समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स सुष्मिता सेन की तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि बॉलीवुड कभी नहीं बदलेगा।

जहाँ लोग रामलला की प्रतिमा की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, वहीं सुष्मिता सेन को इससे चिढ़ है। सुष्मिता सेन 1994 में ‘मिस यूनिवर्स’ रहीं सुष्मिता सेन ‘बीवी नंबर वन’ (1999), ‘सिर्फ तुम’ (1999), ‘फिलहाल’ (2002) और ‘मैं हूँ ना’ (2004) जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग अभिनेत्री का किरदार अदा कर कई अवॉर्ड बटोर चुकी हैं। कुछ महीनों पहले IPL के पूर्व अध्यक्ष और भगोड़े ललित मोदी के साथ रिलेशनशिप को लेकर वो चर्चा में आई थीं। फ़िलहाल सुष्मिता सेन 18 साल छोटे मॉडल रोहमन शॉल के साथ रिलेशनशिप में हैं।

भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बकवास, एलन मस्क ने में UNSC में सुधारों की उठाई आवाजः नीयत में खोट को लेकर शक्तिशाली देशों को घेरा

टेस्ला, स्पेस एक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने भारत के लिए आवाज उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरा है। उन्होंने कहा है कि यूएन के निकायों की समय-समय पर समीक्षा होती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है लेकिन इसके बावजूद सिक्योरिटी काउंसिल में भारत को जगह नहीं दी गई।

एलन मस्क ने ऐसा तब कहा जब अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सदस्यता देने की माँग संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने की। उस पर एक यूजर ने भारत की स्थायी जगह की बात छेड़ी और फिर एलन मस्क ने अपना मत रखा।

सबसे पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव ने ट्वीट करके कहा था, “हम इसे कैसे स्‍वीकार कर सकते हैं कि अफ्रीका एक भी स्‍थायी सदस्‍य सुरक्षा परिषद में नहीं है? संस्‍थानों को आज की दुनिया को द‍िखाना चाहिए न कि 80 साल पहले की दुनिया। सितंबर में होने वाले शिखर सम्‍मेलन में वैश्विक प्रशासन पर फिर से विचार करने और विश्‍वास को फिर से बहाल करने का अवसर होगा।”

उनके इस ट्वीट पर माइकेल इसनबर्ग नाम के यूजर का ट्वीट आया। उन्होंने पूछा, “और भारत का क्या? अच्छा यही है कि इस UN को तोड़कर नए नेतृत्व के साथ कुछ बनाया जाए।”

एलन मस्‍क ने एक्‍स पर ट्वीट किया, “संयुक्‍त राष्‍ट्र के निकायों की समीक्षा करने की जरूरत है। समस्‍या यह है कि जिन (देशों) के पास बहुत ज्‍यादा ताकत है, वे इसे छोड़ना नहीं चाहते हैं। धरती पर सबसे ज्‍यादा आबादी होने के बाद भी भारत को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता नहीं दिया जाना एकदम बेतुका है। अफ्रीका को भी सामूहिक रूप से एक सीट संयुक्‍त राष्‍ट सुरक्षा परिषद में दिया जाना चाहिए।”

इसी ट्वीट के जवाब में एलन को भारत का पक्ष रखते देख कई भारतीय खुश हैं और उन्हें धन्यवाद कह रहे हैं। वहीं कुछ उन्हें नरेंद्र मोदी का फैन बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि पहले तो रूस, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देश ही भारत के समर्थन में आवाज उठाते थे अब दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने भी भारत को सपोर्ट कर दिया है।

प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नंगे पैर गए अयोध्या, नंगे पैर ही मुंबई लौटे: हाथों में राम दरबार-मुख पर जय श्रीराम, जैकी श्रॉफ का Video वायरल

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ की एक वीडियो सामने आई है इसमें वह भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति लेकर नंगे पाँव चलते दिख रहे हैं। उनके साथ इस वीडियो में विवेक ऑबरॉय भी हैं जो पैपराजियों को बता रहे हैं कि जैकी श्रॉफ पूरा रास्ते नंगे पैर गए थे और नंगे ही पैर वापस भी आए हैं। इस दौरान वह जय श्रीराम का नारा देते भी कई बार दिखते हैं और हाथ से कसके राम परिवार को पकड़े रहते हैं।

इससे पहले वो उन्होंने राम मंदिर पहुँचकर मीडिया से बात करते हुए कहा था- “ये मेरा नसीब है। मेरे जैसे चाली का लड़का जो आज इस मुकाम पर आकर खड़ा है। इतने बड़े लोगों के साथ मुझको बुला लिया ये भी मेरे लिए बड़ी बात है। आशीर्वाद मिला है क्योंकि हम भक्त है। भक्त तो भक्त ही रहता है।”

बता दें कि बॉलीवुड में कुछ अभिनेता समय-समय पर अपनी भगवान के प्रति आस्था को जाहिर करते रहे हैं। जैकी श्रॉफ उन्हीं में से एक हैं। पिछले दिनों जब प्रधानमंत्री मोदी ने धार्मिक स्थलों की सफाई की बात कही थी तो जैकी श्रॉफ ने महाराष्ट्र के एक मंदिर में अपने हाथ से जाकर पोंछा मारा था।

वहाँ की मूर्तियों को रगड़-रगड़ कर साफ किया था। ये सब ऐसा नहीं था कि सिर्फ कैमरे के लिए हो क्योंकि वीडियोज में गंदगी साफ होते भी साफ दिखी थी। इस कार्य के दौरान वो सबको साफ-सफाई के लिए प्रेरित करते भी नजर आए थे।

गौरतलब है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बॉलीवुड के कई चर्चित नाम पहुँचे थे। इनमें विकी कौशल-कटरीना कैफ, रणबीर कपूर-आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, अनुपम खेर, रोहित शेट्टी, आयुष्मान खुराना, कंगना रनौत, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन शामिल थे। सबकी एक साथ वीडियोज भी आईं। अभिनेत्रियों ने जहाँ इस कार्यक्रम में साड़ी पहनी वहीं सारे अभिनेता धोती कुर्ता और पजामा कुर्ते में आए।

वहाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया, जामिया में लगे बाबरी के नारे: कही पथराव-कहीं भगवा फाड़ा, दरभंगा से बाड़मेर तक घृणा की कई घटनाएँ

राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई है। अयोध्या राम मंदिर को लेकर जहाँ चारों ओर हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है, वहीं हिंदू और राम नाम से घृणा करने वाले भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते को रामनामी पहनाकर पूरे मोहल्ले में घुमाया तो दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में बाबरी के नारे लगाए गए। राजस्थान के बाड़मेर में भगवा झंडे को फाड़ा गया तो बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव हुआ। गुजरात के वडोदरा में भी शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया।

गाजियाबाद में शादाब ने कुत्ते को रामनामी पहनाया

दिल्ली से सटे जिले गाजियाबाद में वहाब ने अपने कुत्ते के गले में भगवान राम के नाम की पटका डाली और उसे पूरे मोहल्ले में घुमाया। इस घटना पर स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) स्वतंत्र कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वैशाली सेक्टर तीन में मजहब विशेष के युवक ने ऐसा काम किया। कौशांबी पुलिस ने जाँच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वहाब के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

बिहार के दरभंगा में शोभा यात्रा पर पथराव

बिहार के दरभंगा में रामलला की शोभा यात्रा पर पथराव किया गया। ये मामला सिंहवाड़ा थाने के भपुरा गाँव का है। सोमवार (22 जनवरी 2024) को श्रीराम शोभा यात्रा के दौरान पथराव किया गया। उपद्रवियों ने दो बाइक सहित डीजे वाहन को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हमले से शोभायात्रा में शामिल रामभक्तों में अफरातफरी की स्थिति हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

राजस्थान में फाड़ा भगवा झंडा

राजस्थान के बाड़मेर में एक पोल पर लगे भगवा झंडा को फाड़ दिया गया, जिसके बाद लोग गुस्से में आ गए। गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। मामला बाड़मेर के ग्रामीण कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपित को भाडखा कस्बे से गिरफ्तार कर लिया है। घटना 22 जनवरी के शाम की है।

जामिया में बाबरी की गूँज, पुलिस बल की तैनाती

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बाबरी मस्जिद के समर्थन में नारे लगाए गए। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नारेबाजी में कुछेक छात्र शामिल थे। इन्होंने ‘स्ट्राइक फॉर बाबरी’ जैसे नारे लगाए। हालाँकि शैक्षणिक गतिविधि पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

वडोदरा में शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी

गुजरात के वडोदरा में भी शोभायात्रा निकाल रही टोली पर पत्थरों से हमला किया गया। वडोदरा के पडरा में जब शोभा यात्रा चल रही थी तो अचानक पत्थरों की बारिश होने लगी। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अफरातफरी का माहौल दिख रहा है। पास ही एक मस्जिद भी नजर आ रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं।

बता दें कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले भी कई जगहों से हिंसा की खबरें सामने आई थी। कहीं मुस्लिम भीड़ ने छतों से पत्थरबाजी की, तो कहीं पर चलती सड़क पर हिंदुओं को निशाना बनाया। एक जगह तो तिलमिलाहट में इस्लामी कट्टरपंथी ने अयोध्या के राम मंदिर को ही उड़ा डालने की धमकी दी है। गुजरात के मेहसाना में प्राण प्रतिष्ठा से पहले निकाली गई शोभा यात्रा पर छतों से पत्थरबाजी हुई। पुलिस को स्थिति काबू करने के लिए आँसू गैस के छोड़ने पड़े। इलाके में पुलिस बल तैनात है और पत्थरबाजों पर कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें महिलाएँ भी शामिल हैं। इसी तरह मुंबई के मीरा रोड में भी सनातन यात्रा पर भीड़ ने हमला किया है

प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, रात से ही लगी कतारें; ‘जय श्रीराम’ से गूँजा अयोध्या धाम, सरयू घाट से लेकर मुख्य द्वार तक का देखें दृश्य

अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के बाहर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जैसी वीडियोज सामने आई हैं उन्हें देख पता चल रहा है कि सभी भक्त अपने प्रभु की एक झलक पाने को बेताब हैं। राम मंदिर के बाहर रात 3 बजे से ही ताँता लगा हुआ है।

स्थानीय प्रशासन सभी भक्तों का स्वागत कर रहा है लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। चारों ओर से सिर्फ प्रभु श्री राम की जय जयकार सुनाई पड़ रही है। सारा माहौल भक्तिमय हो रखा है। हर कोई रामधुन में मग्न है।

एएनआई ने सुबह का वीडियो जारी किया है, जिसमें राम मंदिर के मुख्य द्वार के पास हजारों लोग जमा हैं। ये हजारों लोग रामलला के दर्शन को लालायित हो रहे हैं।

रामलला के दर्शन से पहले भक्त सरयू में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि रात तीन बजे से ही राम मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

इस बीच अयोध्या में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। हालाँकि ये भी ध्यान दिया जा रहा है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

राम लला के दर्शन के लिए आधी रात से ही मंदिर के द्वार पर पहुँचने लगे थे। वीआईपी प्रोटोकॉल हटने के साथ ही आम भक्तों को अयोध्या में आने की अनुमति मिल गई थी।

बता दें कि सोमवार (22 जनवरी 2024) को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में यह अनुष्ठान पूरा हुआ। इस मौके पर खुद को धन्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राम मंदिर को भारतीय चेतना का मंदिर बताया।

अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे राम आ गए। सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए। सदियों के त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं।” वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आत्मा इस बात से प्रफुल्लित है कि मंदिर वहीं बना है, जहाँ बनाने का संकल्प लिया था।

मेक्सिको में भी विराजे प्रभु श्रीराम, खुला पहला मंदिर: अमेरिकी पुजारियों ने कराई प्राण-प्रतिष्ठा, भारत से गई मूर्ति की होगी पूजा

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले रविवार (21 जनवरी 2024) को मेक्सिको को अपना पहला भगवान राम का मंदिर मिल गया। मंदिर को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी पुजारियों ने ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद खोला। इस मंदिर में रखी गई मूर्तियों को भारत से मँगाया गया है।

मेक्सिको के भीतर ये राम मंदिर क्वेरेटारो शहर में खुला है। भारतीय प्रवासियों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों के बीच आयोजित भगवान का अभिषेक समारोह, मैक्सिकन मेजबानों के साथ एक अमेरिकी पुजारी द्वारा किया गया, बाद में मंदिर का उद्घाटन किया गया और इसके द्वारा को भक्तों के लिए खोल दिया गया।

भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

मेक्सिको स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की जानकारी दी। इस पोस्ट में लिखा, “अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह की पूर्व संध्या पर, मेक्सिको के क्वेरेटारो शहर को पहला भगवान राम मंदिर मिला। मेक्सिको में हनुमान जी का पहला मंदिर भी क्वेरेटारो में ही स्थित है। ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह एक अमेरिकी पुजारी द्वारा मैक्सिकन मेजबानों और भारत से लाई गई मूर्तियों के साथ किया गया था। पूरे हॉल में प्रवासी भारतीयों द्वारा गाए गए भजनों और गीतों की गूँज से वातावरण दिव्य ऊर्जा से भर गया।”

अयोध्या में आए राम

बता दें कि सोमवार (22 जनवरी 2024) को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में यह अनुष्ठान पूरा हुआ। इस मौके पर खुद को धन्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर को भारतीय चेतना का मंदिर बताया।

अयोध्या में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे राम आ गए। सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए। सदियों के त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं।” वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आत्मा इस बात से प्रफुल्लित है कि मंदिर वहीं बना है, जहाँ बनाने का संकल्प लिया था।